बसना/छत्तीसगढ़ प्रदेश गाँड़ा समाज पंजीयन क्रमांक 5322 विकास खण्ड बसना से परिक्षेत्र क्रमांक 03 साल्हेझरिया में परिक्षेत्र पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी का शांतिपूर्वक निर्वाचन। 

बसना/छत्तीसगढ़ प्रदेश गाँड़ा समाज पंजीयन क्रमांक 5322 विकास खण्ड बसना से परिक्षेत्र क्रमांक 03 साल्हेझरिया में परिक्षेत्र पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी का शांतिपूर्वक निर्वाचन।

छत्तीसगढ़ प्रदेश गाँड़ा समाज पंजीयन क्रमांक 5322 विकास खण्ड बसना से परिक्षेत्र क्रमांक 03 साल्हेझरिया में परिक्षेत्र पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों का चयन सर्वसम्मति से शांतिपूर्वक मनोनीत किया गया।

निर्वाचन अधिकारी प्रहल्लाद सागर, पदुम चौहान पर्यवेक्षक बंशी तांडी एवं ब्लॉक अध्यक्ष गौतम चौहान ब्लॉक सचिव आनंद प्रभाकर, परिक्षेत्र अध्यक्ष फिरतराम चौहान के उपस्तिथि में सम्पूर्ण पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी का निर्विवाद मनोनयन किया गया, जिसमे क्रमशः सरंक्षक के लिए गंगाराम चौहान, अध्यक्ष हेतु गोकुलानंद चौहान, उपाध्यक्ष के लिए अंतराम चौहान, सचिव हेतु निरंजन सागर, कोषाध्यक्ष दयाराम चौहान, एवं सह सचिव कांतिलाल नंद, सहकोषाध्यक्ष श्यामलाल चौहान, सलाहकार सहदेव चौहान, और मिडिया प्रभारी खीरसागर चौहान को सर्वसम्मति से परिक्षेत्र क्रमांक 03 साल्हेझरिया के लिए मनोनीत हुए। साथ ही परिक्षेत्र के प्रत्येक गांव से कार्यकारिणी सदस्य चुना गया जिसमे बालमकुन्द चौहान,मन्नू चौहान,निर्मल लोहक, सरोज रणबीरा तिहारु चौहान सुरेश जगत, ज्योतिप्रकाश सागर,जयकुमारसागर, सुरेन्द्र चौहान, किशन सोनवानी लालाराम ग्वाल,मनोहर चौहान, परदेशी चौहान,श्यामलाल चौहान, धनेश्वर चौहान, रविलाल चौहान, खेदूराम चौहान, गंगाराम चौहान, सदस्य मनोनीत हुए. उक्त कार्यक्रम परिक्षेत्र में सम्पन्न हुआ जिसमें कार्यक्रम को सफल बनाने जेवरा, कपड़खूंटा, आमपाली, बरोली, केँवटापाली, हाड़ापथरा, कुदारीबहरा, इंदरपुर, बिरसिंगपाली, केरमुड़ा, कटेल, चोरभट्टी, एवं साल्हेझरिया के सामाजिक बंधुओं का विशेष योगदान एवं उपस्थित रही।

बसना/*1200 किलोमीटर,10 दिन और स्पीति की घाटियां : अमित अग्रवाल और दोस्तों की साहसिक बाइक यात्रा बनी मिसाल*

बसना/*1200 किलोमीटर,10 दिन और स्पीति की घाटियां : अमित अग्रवाल और दोस्तों की साहसिक बाइक यात्रा बनी मिसाल*

*बसना से स्पीति, और हर मोड़ पर एक नई कहानी,बाइक की हर गूंज कहती रही, “रुकना मना है”*

*सपनों की कोई सीमा नहीं होती… बस गियर बदलते जाओ और आगे बढ़ते जाओ*

*गियर बदले, हौसले नहीं: अमित अग्रवाल की तीसरी एडवेंचरस यात्रा ने रचा नया कीर्तिमान*

*स्पीति की वादियों में साहस की गूंज: 1200 KM का बाइक सफर बना जज्बे की पहचान*

*सन्नाटे की घुमावदार वादियाँ, ठंडी हवाओं के बीच गरजते इंजन की आवाज़ और दिलों में बस एक ही धुन,मंज़िल चाहे जितनी दूर हो, रुके बिना चलना है। यह कोई फिल्म नहीं, बल्कि वास्तविक जीवन का साहसिक दृश्य था । रोमांच, जुनून और हौसले का ऐसा संगम कम ही देखने को मिलता है, जैसा कि बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल के सुपुत्र अमित अग्रवाल ने अपने मित्रों संग पेश किया।

*सपनों की कोई सीमा नहीं होती… बस गियर बदलते जाओ और आगे बढ़ते जाओ*  पेशे से व्यवसायी अमित अग्रवाल (38) ने कामेश बंजारा, राहुल गोयल एवं श्रेणिक पारेख के साथ हिमाचल की दुर्गम वादियों में 1200 किलोमीटर लंबी बाइक यात्रा पूरी कर एक प्रेरक मिसाल कायम की। 7 जून से शुरू हुआ सफर 17 जून को बसना में समाप्त हुआ।

*10 दिन, 1200 KM, स्पीति की साँसें रोक देने वाली वादियाँ और चार दोस्तों की बेमिसाल जर्नी*

यह रोमांचकारी यात्रा बसना से शुरू होकर मनाली, जीभी, सांगला, कल्पा, काजा, चिचम ब्रिज, चंद्रताल व अटल टनल होते हुए वापस मनाली से बसना तक सम्पन्न हुई। इन सात दिनों में न केवल कठिन ऊंचाईयों से जूझना पड़ा, बल्कि बदलते मौसम और सर्पिल सड़कों ने हर मोड़ पर इनकी परीक्षा ली। पर इन चारों के जुनून और दृढ़ संकल्प ने हर चुनौती को पीछे छोड़ दिया।

*चेहरे पर धूल, मगर आंखों में जीत की चमक*

जब मंज़िल बसना लौटी, तब उनके चेहरे पर धूल थी, मगर आंखों में जीत की चमक। यात्रा की समाप्ति पर अमित ने अपनी यात्रा को साझा करते हुए बताया कि कई बार राह मुश्किल लगी, लेकिन मन में ठान लिया था कि इस साहसिक सफर को हर हाल में पूरा करना है। माता-पिता का आशीर्वाद और मित्रों का साथ ही हमारी असली ताकत था।

*विधायक डॉ संपत अग्रवाल को भेट किया हिमाचली परिधान* यात्रा के उपरांत उन्होंने हिमाचली टोपी, गमछा और गौतम बुद्ध की मूर्ति विधायक डॉ. संपत अग्रवाल को भेंट कर उन्हें सम्मानित किया। इस पर विधायक ने कहा कि हिमाचल जैसे दुर्गम पर्वतीय रास्तों पर मोटरसाइकिल से 1200 किलोमीटर की यात्रा कर पाना साहस, ऊर्जा और समर्पण का प्रतीक है। इन युवाओं की यह यात्रा निश्चित ही दूसरों को प्रेरणा देगी।

अगर दिल में हिम्मत हो, तो रास्ते खुद झुक जाते है: डॉ संपत अग्रवाल, विधायक डॉ. अग्रवाल ने गर्व के साथ कहा, ऐसी साहसिक यात्राएँ समाज को सिखाती हैं कि अगर दिल में हिम्मत हो, तो रास्ते खुद झुक जाते हैं। उन्होंने सभी युवाओं को शुभकामनाएँ दीं और कहा कि ऐसे ही जुनून से भरी यात्राएं ही साबित करती हैं कि जब इरादे बुलंद हों, तो मंज़िल खुद पास चली आती है।

आपको बता दें कि अमित अग्रवाल की यह तीसरी बाइक यात्रा थी। इसके पहले भी अमित अग्रवाल बाइक से लंबी दूरी की यात्रा कर चुके हैं। उनकी पहली बाइक यात्रा भूटान, दूसरी लद्दाख और अब तीसरी यात्रा स्पीति रही।

रायपुर : धान के बदले मक्का की खेती से किसान ने कमाया दुगुना मुनाफा

रायपुर : धान के बदले मक्का की खेती से किसान ने कमाया दुगुना मुनाफा

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुसार जशपुर जिले में जल सरंक्षण और किसानों की आय बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित है। जिसका फायदा पत्थलगांव विकासखण्ड के ग्राम काडरो के कृषक श्री मालती मोहन उठा रहे हैं। पहले ग्रीष्मकालीन धान की खेती करने वाले कृषक श्री मालती ने कृषि विभाग के मार्गदर्शन से इस बार 2 एकड़ की भूमि में मक्का फसल की खेती की। जिससे उनको 88,200 रूपये की शुद्व आमदनी प्राप्त हुई। जो कि धान फसल की तुलना में दोगुनी थी।

किसान मालती मोहन ने बताया कि विभाग से संपर्क कर मक्का फसल लेकर खेतों में लगाया एवं उत्पादन पर कुल 11,800 रुपये का खर्च आया, जिसमें खाद, बीज एवं अन्य व्यवस्थाएं शामिल हैें। मक्का की बिक्री से 1 लाख रुपये की आमदनी हुई, जिससे उन्हें 88,200 रू. की शुद्व मुनाफा मिला। इसके विपरीत गर्मी के मौसम में धान की खेती में ज्यादा लागत और पानी भी अधिक लगता है जिसकी तुलना में लाभ भी कम होता हेै।

कृषक मालती मोहन ने मुख्यमंत्री श्री साय और जिला प्रशासन की सराहना करते हुए धान के स्थान पर अन्य फसलों की खेती के लिए प्रेरित हुए हैं। जिसका फायदा उन्हे मिला। साथ ही इनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई और जल सरंक्षण से पर्यावरण सरंक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

 

रायपुर : गेल इंडिया लिमिटेड द्वारा सीबीजी जागरूकता बैठक सम्पन्न

रायपुर : गेल इंडिया लिमिटेड द्वारा सीबीजी जागरूकता बैठक सम्पन्न

हरित ऊर्जा की दिशा में नवीन पहल करने प्रोत्साहित किया जाए

छत्तीसगढ़ में निवेश के अवसरों पर हुई चर्चा गेल इंडिया लिमिटेड द्वारा सतत् योजना के अंतर्गत कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) पर आधारित एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन नया रायपुर के निजी होटल में किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य CBG-CGD सिंक्रो स्कीम एवं छत्तीसगढ़ में CBG संयंत्र स्थापना के प्रति उद्यमियों को जागरूक करना रहा। इस संवाद के माध्यम से उद्यमियों को हरित ऊर्जा की दिशा में पहल करने और राज्य में टिकाऊ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु प्रेरित किया गया।

इस अवसर पर गेल इंडिया लिमिटेड तथा भारत सरकार के अधिकारियों ने CBG नीतियों एवं कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी गई। बैठक में सीबीडीए (CBDA) के सीईओ श्री सुमित सरकार ने छत्तीसगढ़ राज्य में संचालित सीबीजी परियोजनाओं की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि राज्य में सीबीजी निवेश की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति के अंतर्गत CBG परियोजनाओं को दिए जा रहे विशेष प्रोत्साहन एवं कर छूट की जानकारी भी साझा की।

बैठक में गेल इंडिया लिमिटेड वरिष्ठ अधिकारी सीजीएम श्री रंजन कुमार एवं मो. नजीब कुरैशी  सहित कई उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

 

रायपुर : शिक्षा विकास का आधार, जीवन में लक्ष्य प्राप्त करने के लिए मेहनत जरूरी है :- राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा

रायपुर : शिक्षा विकास का आधार, जीवन में लक्ष्य प्राप्त करने के लिए मेहनत जरूरी है :- राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा

  सरस्वती सायकिल योजना अंतर्गत 80 छात्राओं क़ो वितरित किए सायकिल

राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा आज रायपुर जिले के तिल्दा विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला टोहड़ा में आयोजित विकासखंड स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं क़ो तिलक लगाकर व मुंह मीठा कर अभिनन्दन किया। नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं को  पाठ्य सामग्री का वितरण किया गया। इसके सथ ही सरस्वती सायकल योजना अंतर्गत 80 छात्राओं क़ो सायकिल वितरित किए गए।

राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने सभी नवप्रवेशी बच्चों क़ो शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा हमारे विकास का आधार है। जीवन के सभी क्षेत्र मे लक्ष्य प्राप्त करने के लिए मेहनत जरूरी है। विद्यार्थी अपनी पूरी क्षमता के साथ अध्ययन कर अपने भविष्य को गढ़ सकते हैं। वर्तमान  सोशल मीडिया के दौर में विद्यार्थियों को  इसके दुष्प्रभाव से बचना है। केवल पढ़ाई के लिए ही इसका उपयोग करें। विद्यार्थी  निष्ठा और लगन के साथ मेहनत करें।  उन्होंने कहा कि  माता-पिता बच्चों का पालन पोषण कर सभी जरूरतों क़ो पूरा करते हैं। विद्यार्थियों को सही दिशा और व्यक्तित्व का निर्माण स्कूल में ही होता है। विद्यार्थी ईमानदारी से मेहनत करें और भविष्य को उज्ज्वल बनाएं।  कार्यक्रम क़ो  विधायक धरसींवा श्री अनुज शर्मा ने भी सम्बोधित किया।इस अवसर पर राजस्व मंत्री ने सात अतिरिक्त कक्ष तथा 12 लाख रुपए से निर्मित प्रार्थना शेड का लोकार्पण किया। टोहड़ा स्कूल में शौचालय निर्माण, सायकल स्टैंड,प्रार्थना शेड और रंगमंच निर्माण की घोषणा के साथ ही एक पेड़ माँ के नाम से पौधरोपण किया।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष  श्री नवीन अग्रवाल,जिला पंचायत के सदस्यगण सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी,प्राचार्य श्रीमती रमुला एकता,वरिष्ठ व्याख्याता श्री दिनेश आडिल एवं बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थी उपस्थित थे।

रायपुर : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अर्पित की श्रद्धांजलि

रायपुर : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अर्पित की श्रद्धांजलि

उनका बलिदान राष्ट्रभक्ति और एकता की अमिट प्रेरणा है – मंत्री श्रीमती राजवाड़े

‘एक राष्ट्र, एक विधान, एक निशान’ के प्रबल पक्षधर और भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर आज महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का जीवन और उनका बलिदान राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता के लिए सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने अपने सिद्धांतों और विचारों के लिए अतुलनीय संघर्ष किया और जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे राष्ट्रनायकों की तपस्या और त्याग आज की पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक हैं। उनका बलिदान हमें यह सिखाता है कि राष्ट्रहित सर्वाेपरि है।

इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी पुष्प अर्पित कर डॉ. मुखर्जी को नमन किया।

 

रायपुर : चिरायु योजना से सुरेखा को मिला नया जीवन: गंभीर हृदय रोग से उबरी बालिका, विशेषज्ञों ने की पूर्ण स्वस्थ होने की पुष्टि

रायपुर : चिरायु योजना से सुरेखा को मिला नया जीवन: गंभीर हृदय रोग से उबरी बालिका, विशेषज्ञों ने की पूर्ण स्वस्थ होने की पुष्टि

शासन की महत्वाकांक्षी ‘चिरायु योजना’ एक बार फिर जरूरतमंद बच्चों के लिए संजीवनी साबित हुई है। बलरामपुर जिले के ग्राम महाराजगंज की रहने वाली छोटी बच्ची सुरेखा को गंभीर हृदय रोग से जूझने के बाद अब नया जीवन मिला है। स्वास्थ्य शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सुरेखा की पूर्णतः स्वस्थ होने की पुष्टि की है।

सुरेखा के हृदय में जन्म से ही छेद था, जिसकी पहचान स्कूल में आयोजित स्वास्थ्य परीक्षण शिविर के दौरान हुई। इस जानकारी से सुरेखा के माता-पिता बेहद चिंतित हो गए, लेकिन चिरायु योजना ने उनके लिए उम्मीद की किरण दिखाई। योजना के तहत सुरेखा को श्री सत्य साईं अस्पताल रायपुर में भेजा गया, जहां उसका निःशुल्क सफल ऑपरेशन किया गया। इस दौरान समस्त जांच, सर्जरी, दवाइयां और देखभाल का खर्च योजना से ही उपलब्ध हुआ।

दो दिवसीय वृहद स्वास्थ्य शिविर में जब सुरेखा को पुनः परीक्षण हेतु लाया गया, तो सत्य साईं अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने उसे पूरी तरह से स्वस्थ घोषित किया और स्वास्थ्य प्रमाण पत्र भी प्रदान किया।

सुरेखा के पिता श्री कुन्दलेश ने भावुक होकर बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे बेटी का इलाज बड़े शहर में नहीं करवा सकते थे। लेकिन जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की सहायता से न केवल सुरेखा का इलाज संभव हुआ, बल्कि अब वह पूरी तरह स्वस्थ होकर सामान्य बच्चों की तरह खेलकूद सकती है।

उन्होंने कहा – “चिरायु योजना ने न सिर्फ मेरी बेटी की जान बचाई, बल्कि उसका बचपन भी लौटा दिया। यह हम जैसे आम लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय , स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल,जिला प्रशासन और चिकित्सा टीम का आभार व्यक्त करता हूँ।”

गौरतलब है कि चिरायु योजना के अंतर्गत प्रदेशभर में अब तक हजारों बच्चों को गंभीर बीमारियों से राहत दिलाई जा चुकी है। सरकार की यह पहल बच्चों के स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक सार्थक कदम है।

 

रायपुर : केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने रायपुर में नक्सलवाद पर छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, झारखंड और ओडिशा के DGP/ADGP एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की

रायपुर : केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने रायपुर में नक्सलवाद पर छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, झारखंड और ओडिशा के DGP/ADGP एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नक्सलियों से अपील है कि वे समर्पण नीति का लाभ उठाएं और हथियार डालकर मुख्यधारा में शामिल हों

हर वर्ष बारिश के मौसम में आराम करने वाले नक्सली इस बरसात में चैन की नींद नहीं सो पाएँगे, सुरक्षा बलों का जारी रहेगा ऑपरेशन – गृह मंत्री श्री अमित शाह

गृह मंत्री ने कहा कि मैं विश्वास के साथ फिर से दोहराता हूँ कि 31 मार्च 2026 तक देश नक्सलवादमुक्त होकर रहेगा केंद्रीय  गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने नक्सलवाद पर छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, झारखंड और ओडिशा के डीजीपी/एडीजीपी एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रायपुर में समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पिछले डेढ़ साल में श्री विष्णुदेव जी की सरकार और उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा जी की सबसे बड़ी उपलब्धि है कि उन्होंने एक रुके हुए नक्सल विरोधी अभियान को द्रुत गति से चलाया और राज्य को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में आगे बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि श्री विष्णुदेव जी और श्री विजय शर्मा जी ने नक्सलविरोधी अभियानों को न सिर्फ धार दी, बल्कि समय-समय पर इस अभियान का मार्गदर्शन किया, सुरक्षाबलों का हौंसला भी बढ़ाया और संपूर्णता के साथ इस लड़ाई में बहुत बड़ा योगदान दिया है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने विश्वास के साथ दोहराया कि 31 मार्च, 2026 तक देश नक्सलवाद से पूरी तरह से मुक्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से हमारे सुरक्षाबलों ने पराक्रम दिखाया है और सूचना एजेंसियों ने सटीक रणनीति बनाई है, उसके आधार पर हम इस लक्ष्य को अवश्य प्राप्त कर लेंगे। उन्होंने कहा कि हर वर्ष बारिश के मौसम में आराम करने वाले नक्सली इस बरसात में चैन की नींद नहीं सो पाएँगे क्योंकि हमारे सुरक्षाबलों का ऑपरेशन जारी रहेगा।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने नक्सलवाद के रास्ते पर भटक कर गए सभी युवाओं से हथियार डालकर राज्य सरकार की आत्मसमर्पण नीति का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि उन्हें विकास यात्रा में जुड़ने का इससे अच्छा मौका नहीं मिंलेगा। श्री शाह ने कहा कि हिंसा के रास्ते पर चल रहे युवा सरकार पर भरोसा करें और समाज की मुख्यधारा में शामिल हों। इस तरह वे अपने आप देश की विकास यात्रा के साथ जुड़ जाएंगे। श्री शाह ने कहा कि सरकार ने सरेंडर करने वाले नक्सलियों से जो वायदा किया है, उसे पूरा किया जाएगा औऱ उससे अधिक सहायता करने का प्रयास भी किया जाएगा।

 

Chhattisgarh Ka Mausam: दो दिन में मानसून पकड़ेगा रफ्तार, 27 जून में राज्य में अच्छी बारिश की संभावना

Chhattisgarh Ka Mausam: दो दिन में मानसून पकड़ेगा रफ्तार, 27 जून में राज्य में अच्छी बारिश की संभावना

: मौसम विभाग ने 27 जून से राजधानी सहित प्रदेशभर में अच्छी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार इस साल मानसून की हवा सामान्य गति से नहीं बढ़ रही है। इसलिए दक्षिण में बारिश के आसार कम हैं। वहीं एक सिस्टम गंगेटिक पश्चिम बंगाल और उसके आसपास 25 जून को बनने की संभावना है।

इससे मानसून रफ्तार पकड़ेगा और इसके बाद 27 जून से पूरे प्रदेश में अच्छी बारिश की संभावना है। इसके अलावा मौसम वैज्ञानियों के मुताबिक, अगले 48 घंटे तक प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में एक निम्न दाब का क्षेत्र सक्रिय है। इससे जुड़ा ऊपरी हवा का चक्रवाती घेरा समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई तक फैला हुआ है। यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा में धीरे-धीरे बढ़ते हुए कमजोर हो सकता है। इसके अतिरिक्त एक पूर्व-पश्चिम द्रोणिका गुजरात से होते हुए बांग्लादेश तक 3.1 किमी की ऊंचाई पर स्थित है।

वहीं एक और द्रोणिका उत्तर पंजाब से उत्तर बिहार तक 0.9 किमी ऊंचाई तक विस्तारित है। मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि 25 जून को गंगेटिक पश्चिम बंगाल और उससे लगे क्षेत्रों में एक नया चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है, जिससे बारिश की गतिविधियों में फिर से तेजी आएगी।

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा बारिश रघुनाथ नगर में पांच सेमी हुई, जबकि वाड्रफनगर में चार सेमी और दोरनापाल व दौरा कोचली में तीन सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

सुकमा और घरघोड़ा में दो सेमी जबकि जनकपुर, रामानुजनगर, भरतपुर सहित अन्य क्षेत्रों में एक सेमी बारिश दर्ज की गई। प्रदेश का अधिकतम तापमान दुर्ग में 34.4 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री पेण्ड्रारोड और जगदलपुर में दर्ज किया गया।

छत्तीसगढ़ के लिए क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम को आधुनिक और वैज्ञानिक बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक दिन-केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह

छत्तीसगढ़ के लिए क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम को आधुनिक और वैज्ञानिक बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक दिन-केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह

केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने आज नवा रायपुर स्थित राष्ट्रीय न्यायालयिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) के अस्थायी परिसर तथा आई-हब रायपुर का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया।

इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ के लिए क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम को आधुनिक और वैज्ञानिक बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक दिन है। एनएफएसयू के अस्थायी परिसर के साथ-साथ नवा रायपुर में स्थायी परिसर के लिए भूमि पूजन एवं केंद्रीय फॉरेंसिक साइंस लैब की स्थापना की भी शुरुआत की गई है। कुल 268 करोड़ रुपये की लागत से ये संस्थान विकसित किए जा रहे हैं। अस्थायी परिसर में सत्र 2025-26 से बीएससी, एमएससी फॉरेंसिक साइंस, साइबर सिक्योरिटी, मनोविज्ञान, डिजिटल फॉरेंसिक एवं प्रोफेशनल डिप्लोमा कोर्सेस प्रारंभ हो जाएंगे। लगभग 180 छात्र पहले बैच में प्रवेश लेंगे।

केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि इन संस्थानों के निर्माण से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे मध्य भारत को आधुनिक न्याय प्रणाली और अपराध जांच में सशक्त आधार मिलेगा। नई फॉरेंसिक टेक्नोलॉजी, जैसे डीएनए फिंगरप्रिंटिंग, एलएसडी साइंस, साइबर सिक्योरिटी, बायोटेक्नोलॉजी और डिजिटल फॉरेंसिक अब स्थानीय स्तर पर सुलभ होंगी, जिससे जाँच प्रक्रिया तेज और सटीक होगी। उन्होंने बताया कि अब फॉरेंसिक जांच के लिए राजधानी या दिल्ली की आवश्यकता नहीं होगी, सारी जांच अटल नगर, नवा रायपुर में ही संभव होगी।

आई-हब की स्थापना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म छत्तीसगढ़ के युवाओं को स्टार्टअप कल्चर से जोड़ने, तकनीकी सहायता देने, फंडिंग मुहैया कराने और मार्केटिंग एवं अनुबंध जैसी प्रोफेशनल सेवाएं देने में सहायक होगा। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे खुद उद्योगपति बनें, स्टार्टअप शुरू करें और राज्य के औद्योगिक विकास में भागीदार बनें। यह आई-हब, गुजरात के मॉडल पर आधारित है, और भविष्य में रायपुर से भी कई वैश्विक स्टार्टअप उभरने की संभावना है।

केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि एनएफएसयू का स्थायी परिसर तीन वर्षों में पूर्ण रूप से विकसित होगा, जिससे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए फॉरेंसिक क्षेत्र में करियर की असीम संभावनाएं खुलेंगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मोदी सरकार के तहत एनएफएसयू से स्नातक करना रोजगार की गारंटी बनेगा। साथ ही देशभर में लागू हुए नए तीन आपराधिक कानूनों के संदर्भ में श्री शाह ने कहा कि इनका उद्देश्य है – तीन वर्षों के भीतर न्याय सुनिश्चित करना, और विज्ञान आधारित साक्ष्यों पर आधारित आधुनिक आपराधिक न्याय प्रणाली की स्थापना करना। उन्होंने बताया कि अब 7 वर्ष से अधिक की सजा वाले अपराधों में फॉरेंसिक जांच अनिवार्य कर दी गई है। सभी पुलिस थानों को सीसीटीएनएस से जोड़ दिया गया है, जिससे राज्य सरकारें जांच और निगरानी की प्रक्रिया में तकनीकी रूप से दक्ष हो सकेंगी। यह बदलाव न केवल न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत करेगा, बल्कि भारत को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सजा सुनिश्चित करने वाले देशों की अग्रिम पंक्ति में ले आएगा।

केंद्रीय गृहमंत्री श्री शाह ने यह भी बताया कि देशभर में एनएफएसयू के 16 परिसरों की स्थापना हो चुकी है और 10 अन्य प्रस्तावित हैं। भारत को आत्मनिर्भर बनाने में फॉरेंसिक टेक्नोलॉजी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। एक हालिया सर्वेक्षण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 तक फॉरेंसिक टेक्नोलॉजी का वैश्विक बाजार 55 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाएगा और उसमें भारत की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह दिन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक है क्योंकि आज एक साथ तीन महत्वपूर्ण संस्थानों की नींव रखी गई है जो प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि एनएफएसयू विश्व का पहला और एकमात्र विश्वविद्यालय है जो फॉरेंसिक साइंस, साइबर सुरक्षा, व्यवहार विज्ञान जैसे विषयों के अध्ययन के लिए पूर्णतः समर्पित है। इसका रायपुर परिसर नवा रायपुर को एक उभरते हुए राष्ट्रीय शैक्षणिक केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। यह संस्थान न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे मध्य भारत के लिए कानून व्यवस्था, न्यायिक प्रक्रिया और फॉरेंसिक अनुसंधान का सशक्त आधार बनेगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में देश में लगभग एक सदी बाद तीन नए आपराधिक कानून लागू किए गए हैं। एनएफएसयू जैसे संस्थान इन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। छत्तीसगढ़ सरकार इन कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने हेतु पुलिस बल एवं जांच एजेंसियों को आवश्यक प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध करा रही है, जिसकी सतत निगरानी भी की जा रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने आई-हब छत्तीसगढ़ के शुभारंभ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह संस्थान राज्य के युवाओं को स्टार्टअप और नवाचार की दुनिया से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा। इसमें को-वर्किंग स्पेस की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जो नवाचार को प्रोत्साहित करेंगी।

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि एनएफएसयू का रायपुर परिसर न केवल प्रशिक्षण बल्कि फॉरेंसिक अनुसंधान और इन्वेस्टिगेशन में भी क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि यह संस्थान न केवल पढ़ाई, शोध, प्रशिक्षण और परामर्श का केंद्र बनेगा बल्कि भारत में ही फॉरेंसिक साइंस से जुड़े उपकरणों के नवाचार और निर्माण में भी अग्रणी भूमिका निभाएगा। यह सपना माननीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में साकार हो रहा है। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने एनएफएसयू के लिए जमीन आवंटित की है और निर्माण कार्य भी शीघ्र आरंभ होने वाला है। उन्होंने कहा कि इस परिसर में सभी अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी, और यह फॉरेंसिक साइंस, डिजिटल फॉरेंसिक, साइकोलॉजी एवं विभिन्न शॉर्ट टर्म कोर्सेस में युवाओं को दक्ष बनाएगा।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा लागू किए गए तीन नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम और भारतीय नागरिका सुरक्षा संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन में फॉरेंसिक प्रणाली की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ उन अग्रणी राज्यों में शामिल है जहाँ एनएफएसयू की स्थापना की जा रही है, जबकि उड़ीसा, बिहार, राजस्थान और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में अभी इसकी शुरुआत नहीं हुई है। यह राज्य के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 33 जिलों में मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट स्थापित करने के लिए राज्य सरकार को केंद्र से 24 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई है। हर जिले में मोबाइल वाहन, आधुनिक उपकरण और प्रशिक्षित टीम होगी ताकि मौके पर ही घटनाओं की सटीक जांच संभव हो सके।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं श्री अरुण साव, केंद्रीय गृह सचिव श्री गोविंद मोहन, निदेशक आसूचना ब्यूरो श्री तपन कुमार डेका, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, परिसर निदेशक एनएफएसयू गांधीनगर के प्रोफेसर डॉ एसओ जुनारे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।