महासमुंद/ इरादे मजबूत हों, तो उम्र, संसाधन और सीमाएं कभी भी सपनों की उड़ान नहीं रोक सकतीं इन महिला समूहों के उत्पादों की मांग अब सिर्फ गांवों तक सीमित नहीं है. दिल्ली, पुणे जैसे महानगरों से भी ऑर्डर आ रहे हैं

महासमुंद/ इरादे मजबूत हों, तो उम्र, संसाधन और सीमाएं कभी भी सपनों की उड़ान नहीं रोक सकतीं इन महिला समूहों के उत्पादों की मांग अब सिर्फ गांवों तक सीमित नहीं है. दिल्ली, पुणे जैसे महानगरों से भी ऑर्डर आ रहे हैं

 

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले की एक साधारण महिला ने गांव की सीमाओं को पार कर आत्मनिर्भरता की ऐसी मिसाल पेश की है, जो अब राज्य की हजारों महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है. हम बात कर रहे हैं 73 वर्षीय निरंजना चंद्राकर की, जो ‘जागृति महिला स्व सहायता समूह’ की अध्यक्ष हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में गांव की 10 महिलाओं के साथ मिलकर इस समूह की शुरुआत की थी. तब किसी को अंदाजा नहीं था कि यह छोटा प्रयास एक दिन छत्तीसगढ़ी स्वाद को राष्ट्रीय पहचान दिलाएगा.

महिला बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक की मदद से बैंक में खाता खोलकर समूह की औपचारिक शुरुआत हुई. शुरुआत में छत्तीसगढ़ महिला कोष से सिर्फ पांच हजार रुपये का ऋण मिला, जिसे चुकाने के बाद समूह को दस हजार रुपये और मिले, धीरे-धीरे महिलाओं ने घर की चारदीवारी से निकलकर सामाजिक और आर्थिक मोर्चे पर अपने कदम मजबूत किए.

पहले ये महिलाएं कृषि, विवाह या पारिवारिक जरूरतों के लिए स्थानीय साहूकारों से ऊंचे ब्याज दर पर कर्ज लेने को मजबूर थीं. लेकिन समूह बनने के बाद महिलाओं ने हर महीने पैसे जमा करने की व्यवस्था शुरू की और जरूरतमंदों को बिना ब्याज के ऋण उपलब्ध कराया. यह पहल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित हुई.

समूह को ‘रेडी टू ईट’ योजना के तहत सरायपाली, बसना, बागबाहरा, पिथौरा और महासमुंद जैसे पांच ब्लॉकों में काम मिला. इस प्रोजेक्ट ने महिलाओं को न सिर्फ आय का साधन दिया बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ाया. इसके बाद समूह को छत्तीसगढ़ महिला कोष से चार लाख रुपये का लोन मिला, जिससे उन्होंने पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजनों को व्यवसाय के रूप में विकसित किया. आज यह समूह ठेठरी, खुरमी, पूरन लड्डू, लाई बड़ी, रखिया बड़ी, अरसा, देसी पापड़, अचार और मुरकु जैसे उत्पाद तैयार कर बड़े आयोजनों में स्टॉल लगाता है.

सिरपुर मेला, राज्योत्सव और महिला मड़ई जैसे आयोजनों में इनकी उपस्थिति खास होती है. इन उत्पादों की कीमतें भी गुणवत्ता के अनुसार तय हैं. जैसे पूरन लड्डू की 35 नग की पैकिंग लगभग 1100 रुपये में मिलती है. रखिया बड़ी की कीमत करीब 600 रुपए प्रति किलो, लाई बड़ी 500 रुपए प्रति किलो, अरसा 700 रुपए प्रति किलो, जबकि ठेठरी 600 और छोटी बड़ी लगभग 400 रुपए प्रति किलो में बिक रही हैं.।

इनकी खास बात यह है कि इन उत्पादों की मांग अब सिर्फ गांवों तक सीमित नहीं है. दिल्ली, पुणे जैसे महानगरों से भी ऑर्डर आ रहे हैं. वहीं, शादियों और विशेष आयोजनों में भी इन व्यंजनों की जबरदस्त डिमांड बनी रहती है. इस समय समूह में 10 महिलाएं सक्रिय हैं, जो अपनी मेहनत और लगन से न केवल अपने घर की आर्थिक स्थिति सुधार रही हैं, बल्कि स्थानीय संस्कृति और स्वाद को भी जिंदा रखे हुए हैं.

समूह की अध्यक्ष निरंजना चंद्राकर बताती हैं कि आज महिलाएं आत्मनिर्भर हैं और गांव की अन्य महिलाओं को भी जागरूक कर रही हैं. ‘जागृति महिला स्व सहायता समूह’ की यह यात्रा बताती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो उम्र, संसाधन और सीमाएं कभी भी सपनों की उड़ान नहीं रोक सकतीं ।

सारंगढ़ / चाकू बाजी के आरोपी क़ो चंद घण्टे मे सारंगढ़ पुलिस के द्वारा गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा जेल

  रिपोर्टर राजू चौहान /   चाकू बाजी के आरोपी क़ो चंद घण्टे मे सारंगढ़ पुलिस के द्वारा गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा जेल

 

श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय श्री आंजनेय वार्ष्णेय, अति0 पुलिस अधीक्षक श्रीमती निमिषा पाण्डेय एवं एसडीओपी श्रीमति स्नेहिल साहू के द्वारा चाकू बाजी करने वालो के ऊपर त्वरित कार्यवाही हेतु निर्देशित किये जाने पर थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक कामिल हक के कुशल मार्ग दर्शन में थाना सिटी कोतवाली सारंगढ़ क़ो चाकूबाजी के आरोपी तो त्वरित गिरफ्तार करने मे सफलता प्राप्त हुई ।

अप0 क्र0 294/2025 धारा- 109 (1) बी०एन०एस० मे दिनांक 21.06.2025 को प्रार्थी ललित बरेठ साकिन नवरंगपुर थाना कोतवाली सांरगढ़ थाना उपस्थित आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि इसके बड़े भाई लखन बरेठ गांव के संजू नंदे के पान ठेला के पास समान लेने गया था। उसी समय गांव के जितेन्द्र सिदार पीछे तरफ से लखन बरेठ को जान से मारने की नियत से गले पर धारदार चाकू से वार कर दिया जो गंभीर रुप से घायल होने पर ईलाज के लिए राधाकृष्ण अस्पताल सांरगढ़ मे गंभीर अवस्था में भर्ती किया गया ।रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

विवेचना के दौरान आरोपी की सूचना मिलने पर आरोपी जितेन्द्र सिदार पिता चमरा सिदार उम्र 22 वर्ष साकिन नवरंगपुर क़ो अभिरक्षा मे लेकर घटना में प्रयुक्त चाकू को गवाहो के समक्ष जप्त कर आरोपी को विधिवत् गिर. कर दिनांक 22.06.2025 क़ो न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेजा गया है।

उपरोक्त कार्यवाही में निरीक्षक थाना प्रभारी कामिल हक, सउनि नीलाकर सेठ, प्र0आर0-19 धनेश्वर उरांव, प्र0 आर0- 14 अर्जुन पटेल, आरक्षक- ओमचंद साहू, सुरेन्द्र पटेल, पुरषोत्तम राठौर, सुरेश आनंद एवं समस्त स्टाफ की प्रमुख भूमिका रही।

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सरायपाली / ग्राम पंचायत लमकेनी में माननीय प्रधानमंत्री के संकल्प से सिद्धि तक 11 वर्ष पूर्ण होने पर हितग्राहियों को योजनाओं का जानकारी दिया गया

आज ग्राम पंचायत लमकेनी में माननीय प्रधानमंत्री जी के संकल्प से सिद्धि तक 11 वर्ष पूर्ण होने पर विकसित भारत के अमृत काल सेवा सुशासन गरीब कल्याणकारी योजनाओं को लेकर भाजपा मंडल बलौदा द्वारा ग्राम पंचायत चौपाल का आयोजन शक्ति केंद्र प्रभारी मनोरंजन साहू व ग्राम के सरपंच के सहयोग से किया गया। मुख्य वक्ता मंडल अध्यक्ष-बलौदा माननीय श्री नीलाम्बर तांडी जी द्वारा 11 वर्ष के संकल्प से सिद्धि तक जो भी योजनाएं चलाई जा रही है सब की जानकारी हितग्राहियों को प्रदान करते हुए उनसे लाभान्वित होने वाले हितग्राहियों को उसे योजनाओं से किस प्रकार लंबित हो रहे हैं उनकी जानकारी लिया गया।

जिसमें ग्रामीणों के समक्ष मोदी जी के योजनाओं का प्रचार प्रसार किया गया तथा माताओं,बहनों,बड़े बुजुर्गों तथा युवा साथियों को मोदी जी के कौन कौन से योजनाओं से लाभान्वित हुए है कई महिलाएं जनधन योजना,शौचालय निर्माण, आवास योजना,प्रधानमंत्री उज्वला योजना तथा कई लोग किसान सम्मान निधि योजना, फसल बीमा योजना,इत्यादि के बारे में लाभान्वित होना बताया गया। कुछ योजना से कुछ लोग वंचित है जो कि मंडल अध्यक्ष तांडी जी के समक्ष साझा किए जिसका तांडी जी निराकरण करने का आश्वासन दिया गया।

इस जन चौपाल में मुख्य रूप से बलौदा मंडल अध्यक्ष श्री नीलाम्बर तांडी जी,मंडल उपाध्यक्ष श्री सुभाष प्रधान जी, बलौदा मंडल मीडिया प्रभारी श्री झनकराम मिरी एवं ग्राम पंचायत लमकेनी सरपंच श्री जगदीश सिदार जी, मनोरंजन साहू भाजपा वरिष्ठ कार्यकर्ता,श्रीराम प्रधान,तरुण आचार्य,शिवो नेताम,बिरंचि प्रधान,राजेश साहू,वासुदेव सिदार,शरद नायक,संतोष भोई,शौक़िलाल बेहरा,गौरी साहू,यशोदा नेताम,मानशी पटेल,अवरावती यादव,अमरीका सिदार,मालती सिदार,उमा साहू,अनिल सिदार,दुर्गाचरण आचार्य,मदना नाग आदि लोग उपस्थित रहे।

बसना, सरायपाली क्षेत्र के 44 स्कूल बसों की जांच की गई, जांच में 04 बसों में कमी पाए जाने पर शमन शुल्क वसूल किया गया।

44 स्कूल बसों की सघन जांच की गई

आज दिनांक 22/06/2025 को जिला परिवहन अधिकारी महासमुंद और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम के द्वारा जिले में आने वाले बसना, सरायपाली क्षेत्र के 44 स्कूल बसों की जांच की गई, जांच में 04 बसों में कमी पाए जाने पर 6500/ शमन शुल्क वसूल किया गया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से उपस्थित सभी चालकों का शुगर,बी पी और आंखो की जांच किया गया ।
साथ ही सभी स्कूल बसों को बताया गया कि बस चालक एवं परिचालक दोनों को वाहन संचालन के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना होने पर तत्काल फस्टेड बॉक्स, अग्निशमन एवं

इमरजेंसी डोर का उपयोग करने बतलाया गया। इसके अलावा स्कूली बसों में आने जाने वाले बच्चों को चढ़ते एवं उतरते समय हमेशा सावधानी के साथ बच्चों उतारने व चढ़ाने बताया गया। साथ ही स्कूली बसों के संचालन के दौरान किसी प्रकार का शराब सेवन नहीं व नशे की हालत में वाहन नही चलाने और हमेशा यातायात नियमों का पालन करने समझाया गया।
उक्त स्कूल बस भौतिक परीक्षण शिविर कार्यक्रम में परिवहन कार्यालय से जिला परिवहन अधिकारी श्री राम कुमार ध्रुव, रामभरोसा निर्मलकर , हेमचंद कंवर लखन पटेल , मेघू राम उपस्थित रहे।

रायपुर : केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने राष्ट्रीय न्यायालयिक विज्ञान विश्वविद्यालय के अस्थायी परिसर एवं आई-हब रायपुर का किया वर्चुअली उद्घाटन

रायपुर : केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने राष्ट्रीय न्यायालयिक विज्ञान विश्वविद्यालय के अस्थायी परिसर एवं आई-हब रायपुर का किया वर्चुअली उद्घाटन

छत्तीसगढ़ के लिए क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम को आधुनिक और वैज्ञानिक बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक दिन-केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह

नक्सल विरोधी अभियान में सफलता के लिए केंद्रीय गृह मंत्री ने छत्तीसगढ़ सरकार की तारीफ की

पहली बार वर्षा ऋतु में भी चलेगा नक्सल विरोधी अभियान-केंद्रीय गृहमंत्री श्री शाह

केंद्रीय गृह मंत्री ने नक्सलियों से आत्मसमर्पण करने और छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में शामिल होने की की अपील

केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने आज नवा रायपुर स्थित राष्ट्रीय न्यायालयिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) के अस्थायी परिसर तथा आई-हब रायपुर का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया।

इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ के लिए क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम को आधुनिक और वैज्ञानिक बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक दिन है। एनएफएसयू के अस्थायी परिसर के साथ-साथ नवा रायपुर में स्थायी परिसर के लिए भूमि पूजन एवं केंद्रीय फॉरेंसिक साइंस लैब की स्थापना की भी शुरुआत की गई है। कुल 268 करोड़ रुपये की लागत से ये संस्थान विकसित किए जा रहे हैं। अस्थायी परिसर में सत्र 2025-26 से बीएससी, एमएससी फॉरेंसिक साइंस, साइबर सिक्योरिटी, मनोविज्ञान, डिजिटल फॉरेंसिक एवं प्रोफेशनल डिप्लोमा कोर्सेस प्रारंभ हो जाएंगे। लगभग 180 छात्र पहले बैच में प्रवेश लेंगे।

केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि इन संस्थानों के निर्माण से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे मध्य भारत को आधुनिक न्याय प्रणाली और अपराध जांच में सशक्त आधार मिलेगा। नई फॉरेंसिक टेक्नोलॉजी, जैसे डीएनए फिंगरप्रिंटिंग, एलएसडी साइंस, साइबर सिक्योरिटी, बायोटेक्नोलॉजी और डिजिटल फॉरेंसिक अब स्थानीय स्तर पर सुलभ होंगी, जिससे जाँच प्रक्रिया तेज और सटीक होगी। उन्होंने बताया कि अब फॉरेंसिक जांच के लिए राजधानी या दिल्ली की आवश्यकता नहीं होगी, सारी जांच अटल नगर, नवा रायपुर में ही संभव होगी।

आई-हब की स्थापना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म छत्तीसगढ़ के युवाओं को स्टार्टअप कल्चर से जोड़ने, तकनीकी सहायता देने, फंडिंग मुहैया कराने और मार्केटिंग एवं अनुबंध जैसी प्रोफेशनल सेवाएं देने में सहायक होगा। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे खुद उद्योगपति बनें, स्टार्टअप शुरू करें और राज्य के औद्योगिक विकास में भागीदार बनें। यह आई-हब, गुजरात के मॉडल पर आधारित है, और भविष्य में रायपुर से भी कई वैश्विक स्टार्टअप उभरने की संभावना है। केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नई सरकार बनने के बाद 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर एमओयू हुए हैं, जिससे रोजगार, राजस्व और औद्योगिक संस्कृति को बल मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और गृह मंत्री श्री विजय शर्मा के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि इन दोनों ने नक्सल विरोधी अभियान को निर्णायक गति दी है। पहली बार ऐसा हुआ है कि वर्षा ऋतु में भी सुरक्षा बल सक्रिय हैं और नक्सलियों को चैन से रहने नहीं दे रहे। उन्होंने नक्सलियों से आत्मसमर्पण करने और छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में शामिल होने की अपील की।

 

केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि एनएफएसयू का स्थायी परिसर तीन वर्षों में पूर्ण रूप से विकसित होगा, जिससे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए फॉरेंसिक क्षेत्र में करियर की असीम संभावनाएं खुलेंगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मोदी सरकार के तहत एनएफएसयू से स्नातक करना रोजगार की गारंटी बनेगा। साथ ही देशभर में लागू हुए नए तीन आपराधिक कानूनों के संदर्भ में श्री शाह ने कहा कि इनका उद्देश्य है – तीन वर्षों के भीतर न्याय सुनिश्चित करना, और विज्ञान आधारित साक्ष्यों पर आधारित आधुनिक आपराधिक न्याय प्रणाली की स्थापना करना। उन्होंने बताया कि अब 7 वर्ष से अधिक की सजा वाले अपराधों में फॉरेंसिक जांच अनिवार्य कर दी गई है। सभी पुलिस थानों को सीसीटीएनएस से जोड़ दिया गया है, जिससे राज्य सरकारें जांच और निगरानी की प्रक्रिया में तकनीकी रूप से दक्ष हो सकेंगी। यह बदलाव न केवल न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत करेगा, बल्कि भारत को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सजा सुनिश्चित करने वाले देशों की अग्रिम पंक्ति में ले आएगा।

केंद्रीय गृहमंत्री श्री शाह ने यह भी बताया कि देशभर में एनएफएसयू के 16 परिसरों की स्थापना हो चुकी है और 10 अन्य प्रस्तावित हैं। भारत को आत्मनिर्भर बनाने में फॉरेंसिक टेक्नोलॉजी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। एक हालिया सर्वेक्षण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 तक फॉरेंसिक टेक्नोलॉजी का वैश्विक बाजार 55 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाएगा और उसमें भारत की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह दिन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक है क्योंकि आज एक साथ तीन महत्वपूर्ण संस्थानों की नींव रखी गई है जो प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि एनएफएसयू विश्व का पहला और एकमात्र विश्वविद्यालय है जो फॉरेंसिक साइंस, साइबर सुरक्षा, व्यवहार विज्ञान जैसे विषयों के अध्ययन के लिए पूर्णतः समर्पित है। इसका रायपुर परिसर नवा रायपुर को एक उभरते हुए राष्ट्रीय शैक्षणिक केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। यह संस्थान न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे मध्य भारत के लिए कानून व्यवस्था, न्यायिक प्रक्रिया और फॉरेंसिक अनुसंधान का सशक्त आधार बनेगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बंजारी, नवा रायपुर में विश्वविद्यालय के लिए 40 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई है और ट्रांजिट कैंपस को समय पर तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस कैंपस में फॉरेंसिक साइंस, डिजिटल फॉरेंसिक, साइकोलॉजी सहित विभिन्न विषयों में स्नातक, स्नातकोत्तर और अल्पकालिक पाठ्यक्रम संचालित होंगे। साइबर क्राइम, सड़क दुर्घटना विश्लेषण, मादक पदार्थों की जांच जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण से राज्य की कानून व्यवस्था को बल मिलेगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में देश में लगभग एक सदी बाद तीन नए आपराधिक कानून लागू किए गए हैं। एनएफएसयू जैसे संस्थान इन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। छत्तीसगढ़ सरकार इन कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने हेतु पुलिस बल एवं जांच एजेंसियों को आवश्यक प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध करा रही है, जिसकी सतत निगरानी भी की जा रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने आई-हब छत्तीसगढ़ के शुभारंभ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह संस्थान राज्य के युवाओं को स्टार्टअप और नवाचार की दुनिया से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा। इसमें को-वर्किंग स्पेस की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जो नवाचार को प्रोत्साहित करेंगी।

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि एनएफएसयू का रायपुर परिसर न केवल प्रशिक्षण बल्कि फॉरेंसिक अनुसंधान और इन्वेस्टिगेशन में भी क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि यह संस्थान न केवल पढ़ाई, शोध, प्रशिक्षण और परामर्श का केंद्र बनेगा बल्कि भारत में ही फॉरेंसिक साइंस से जुड़े उपकरणों के नवाचार और निर्माण में भी अग्रणी भूमिका निभाएगा। यह सपना माननीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में साकार हो रहा है। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने एनएफएसयू के लिए जमीन आवंटित की है और निर्माण कार्य भी शीघ्र आरंभ होने वाला है। उन्होंने कहा कि इस परिसर में सभी अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी, और यह फॉरेंसिक साइंस, डिजिटल फॉरेंसिक, साइकोलॉजी एवं विभिन्न शॉर्ट टर्म कोर्सेस में युवाओं को दक्ष बनाएगा।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा लागू किए गए तीन नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम  और भारतीय नागरिका सुरक्षा संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन में फॉरेंसिक प्रणाली की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।  उपमुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ उन अग्रणी राज्यों में शामिल है जहाँ एनएफएसयू की स्थापना की जा रही है, जबकि उड़ीसा, बिहार, राजस्थान और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में अभी इसकी शुरुआत नहीं हुई है। यह राज्य के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 33 जिलों में मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट स्थापित करने के लिए राज्य सरकार को केंद्र से 24 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई है। हर जिले में मोबाइल वाहन, आधुनिक उपकरण और प्रशिक्षित टीम होगी ताकि मौके पर ही घटनाओं की सटीक जांच संभव हो सके।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं श्री अरुण साव, केंद्रीय गृह सचिव श्री गोविंद मोहन, निदेशक आसूचना ब्यूरो श्री तपन कुमार डेका, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, परिसर निदेशक एनएफएसयू गांधीनगर के प्रोफेसर डॉ एसओ जुनारे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित

रायपुऱ : युक्तियुक्तकरण से शिक्षा को मिली नई गति, पालकों का बढ़ा विश्वास

रायपुऱ : युक्तियुक्तकरण से शिक्षा को मिली नई गति, पालकों का बढ़ा विश्वास

तमनार के प्राथमिक शाला गुडग़ुड़ में दिखा सकारात्मक बदलाव

ग्रामीणों ने व्यक्त की खुशी, होगा शिक्षा में सुधार

शासन द्वारा शालाओं के युक्तियुक्तकरण की पहल ने एकल व शिक्षक विहीन शालाओं में नए शिक्षकों की पदस्थापना कर शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाया है। इस पहल से दूरदराज के क्षेत्रों में अब नियमित कक्षाएं संचालित हो रही हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई फिर से गति पकड़ी है। शिक्षकों की उपस्थिति से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आया है, साथ ही पालकों के चेहरों पर बच्चों के उज्जवल भविष्य के प्रति निश्चित दिखाई दे रहे है।

युक्तियुक्तकरण के पश्चात एकल शिक्षकीय शालाओं को शिक्षक मिलने की खुशी बच्चों के साथ पालकों मे भी साफ दिखाई दे रही है। जिसका स्पष्ट उदाहरण देखने को मिला रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक के प्राथमिक शाला गुडग़ुड़ में, जहां युक्तियुक्तकरण पश्चात एक शिक्षिका की पदस्थापना हुई है। जहां वर्तमान में 32 बच्चे स्कूल एवं 05 बच्चे बालवाड़ी में अध्ययनरत है। इस तरह कुल 37 बच्चे अध्यनरत है, लेकिन एक शिक्षक होने से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। एक शिक्षक द्वारा सभी कक्षाओं में समान समय देना संभव नहीं था, जिससे पढ़ाई की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही थी। लेकिन युक्तियुक्तकरण से सुचारू रूप से सभी कक्षाएं संचालित हो रही है।

गांव के श्री रामुदास महंत ने कहा कि युक्तियुक्तकरण पश्चात गांव के स्कूल में शिक्षिका की नियुक्ति हुई है, जिससे उनके साथ पालक भी खुश है, इससे अब बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता में निश्चित ही सुधार होगा। शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष श्री महेंद्र दास महंत ने कहा कि शासन के द्वारा किए गए युक्तियुक्तकरण से क्षेत्र की शालाओं को काफी फायदा हुआ है, नए शिक्षक मिले है। जिसमें उनका गांव का स्कूल भी शामिल है, जो गत दो वर्षों से एकल शिक्षकीय था। वर्तमान में युक्तियुक्तकरण पश्चात एक और शिक्षिका की पदस्थापना हुई है।

 

महासमुंद,/  शनिवार की रात सरायपाली-रायपुर हाइवे पर दर्दनाक हादसा हो गया, जब झिलमिला (सरायपाली) से मरीज को लेकर आ रही 108 एंबुलेंस अनियंत्रित होकर कोडार काष्ठागार के पास पलट गई। इस हादसे में वाहन सवार 9 लोगों को चोटें आईं,

महासमुंद, 22 जून। शनिवार की रात सरायपाली-रायपुर हाइवे पर दर्दनाक हादसा हो गया, जब झिलमिला (सरायपाली) से मरीज को लेकर  रही 108 एंबुलेंस अनियंत्रित होकर कोडार काष्ठागार के पास पलट गई। इस हादसे में वाहन सवार 9 लोगों को चोटें आईं, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।

घायलों की पहचान इस प्रकार की गई है:

सद्दाम हुसैन (35 वर्ष)

कुसमुन (30 वर्ष)

साजिया,

शामिया (3 वर्ष)

हुसैन (25 वर्ष)

जासमीन (20 वर्ष)

नवजात शिशु

चालक – सचिन पटेल,

चिकित्सक – डॉ. ओमप्रकाश भी वाहन में सवार थे।

हादसे के बाद 112 पुलिस वाहन की सहायता से सभी घायलों को महासमुंद जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंच गया। प्राथमिक जांच में पता चला है कि वाहन चालक का नियंत्रण अचानक बिगड़ गया, जिससे एंबुलेंस पलट गई।

जांच जारी, जिम्मेदारी तय होगी

प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। यह देखा जा रहा है कि दुर्घटना का कारण तेज रफ्तार, तकनीकी खराबी या लापरवाही तो नहीं है।

रायपुर : जब उम्मीद की डोर थमने लगी… मुख्यमंत्री बने संबल: मुख्यमंत्री की मदद बनी शालू के सपनों की सीढ़ी

रायपुर : जब उम्मीद की डोर थमने लगी… मुख्यमंत्री बने संबल: मुख्यमंत्री की मदद बनी शालू के सपनों की सीढ़ी

“बेटी, तुम आगे बढ़ो… हम सब तुम्हारे साथ हैं” – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अंतरराष्ट्रीय सॉफ्टबॉल खिलाड़ी शालू डहरिया को दी वीडियो कॉल पर शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री श्री साय की संवेदनशील पहल: एशिया यूथ सॉफ्टबॉल चैंपियनशिप में भागीदारी के लिए ₹1.70 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की

छत्तीसगढ़ की बेटी और 12 बार राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुकी सॉफ्टबॉल खिलाड़ी शालू डहरिया के चेहरे पर उस वक्त मुस्कान की लहर दौड़ गई, जब स्वयं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उन्हें वीडियो कॉल कर न सिर्फ शुभकामनाएं दीं, बल्कि उनके सपने को पूरा करने के लिए जरूरी आर्थिक मदद भी प्रदान किया ।

शालू डहरिया का चयन 14 से 20 जुलाई, 2025 को चीन के सिआन में होने वाली एशिया यूथ सॉफ्टबॉल चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में हुआ है।छत्तीसगढ़ से इस ओपन टूर्नामेंट के लिए केवल दो महिला खिलाड़ियों का चयन हुआ है, जिनमें शालू डहरिया भी शामिल हैं। लेकिन इस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भागीदारी के लिए आवश्यक ₹1.70 लाख की फीस उनके लिए एक बड़ी बाधा बन गई थी।

आर्थिक रूप से साधारण परिवार से आने वाली शालू के पिता प्राइवेट सुरक्षा गार्ड हैं और माँ एक छोटे से ब्यूटी पार्लर का संचालन करती हैं। बावजूद इसके शालू ने आठवीं कक्षा से सॉफ्टबॉल खेलना शुरू किया और अब तक एक गोल्ड मेडल सहित 12 बार राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने शालू डहरिया को वीडियो कॉल कर कहा “बेटी, तुम आगे बढ़ो… हम सब तुम्हारे साथ हैं। छत्तीसगढ़ को तुम पर गर्व है। अच्छा खेलो, मेरी शुभकामनाएं तुम्हारे साथ हैं। देश और प्रदेश का नाम रोशन करो।”

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार बेटियों को केवल प्रोत्साहित नहीं करती, बल्कि ज़रूरत पड़ने पर उनके सपनों को पंख देने के लिए भी हमेशा तत्पर रहती है।

संवेदनशीलता की मिसाल बनी यह पहल

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दिशानिर्देश पर त्वरित अमल करते हुए जांजगीर चांपा कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने शालू को ₹1.70 लाख की सहायता राशि का चेक सौंपा और प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं।

शालू की माता श्रीमती अल्का डहरिया ने मुख्यमंत्री श्री साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी की संवेदनशील पहल और आर्थिक सहायता से मेरी बेटी को अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिता में शामिल होने का सुअवसर प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय की यह पहल बताती है कि सरकार सिर्फ योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं,  ज़रूरत की घड़ी में हाथ पकड़कर साथ निभाने वाली साथी है। बेटियों के सपनों को साकार करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।

 

रायपुर : प्रदेश में अब तक 55 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

रायपुर : प्रदेश में अब तक 55 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 55.0 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक जशपुर जिले में सर्वाधिक 188.4 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। नारायणपुर जिले में सबसे कम 13.5 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।

राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार सरगुजा में 74.4 मि.मी., सूरजपुर में 86.4 मि.मी., बलरामपुर में 187.7 मि.मी., कोरिया में 127.0 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 55.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर जिले में 38.6 मि.मी. बलौदाबाजार में 41.9 मि.मी., गरियाबंद में 47.5 मि.मी., महासमुंद में 30.4 मि.मी. और धमतरी में 24.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर में 23.1 मि.मी., मुंगेली में 14.8 मि.मी. रायगढ़ में 112.7 मि.मी., सारंगढ़ बिलाईगढ़ में 40.6 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 42.5 मि.मी., सक्ती में 47.6 मि.मी. कोरबा में 63.9 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 49.6 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड हुई है। दुर्ग जिले में 42.0 मि.मी., कबीरधाम में 32.9 मि.मी., राजनांदगांव में 25.9 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 21.5 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 42.9 मि.मी., बालोद में 38.7 मि.मी. और बेमेतरा में 14.6 मि.मी. वर्षा रिकार्ड हुई है। बस्तर जिले में 63.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। कोंडागांव में 26.9 मि.मी., कांकेर में 35.8 मि.मी., दंतेवाड़ा में 73.8 मि.मी., सुकमा में 20.8 मि.मी. और बीजापुर में 67.3 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है