बलौदाबाजार / करोड़ों रूपयों की ठगी आज 06 और आरोपियों को किया गया गिरफ्तार / सोनाखान, चंदखुरी, सांकरा, शिवरीनारायण आदि में कई एकड़ जमीन भी है आरोपियों द्वारा खरीदा गया 70 नग हेली मशीन खरीदा गया!

बलौदाबाजार / कई एकड़ जमीन करोड़ों रूपयों की ठगी आज 06 और आरोपियों को किया गया गिरफ्तार द्वारा कुल ₹1,75,00,000 कीमत मूल्य का 70 नग हेली मशीन खरीदा गया!

 

करने वाले प्रकरण में की जा रही है आरोपियों की लगातार गिरफ्तारी
● पुलिस द्वारा प्रकरण में
● आरोपियों द्वारा शेयर मार्केट में निवेश कर दोगुना रकम वापस करने का झांसा देकर की गई ठगी
● आरोपियों द्वारा करोड़ों रुपए की रकम शेयर मार्केट में किया गया खर्च
● ठगी की गई रकम में से आरोपियों द्वारा कुल ₹1,75,00,000 कीमत मूल्य का 70 नग हेली मशीन खरीदा गया
● साथ ही सोनाखान, चंदखुरी, सांकरा, शिवरीनारायण आदि में कई एकड़ जमीन भी है आरोपियों द्वारा खरीदा गया
● पुलिस द्वारा आरोपियों से विभिन्न बैंक खाता, एटीएम, नगदी रकम ₹81000 मोटरसाइकिल 01 एवं 01 ब्रेजा कार किया गया जप्त
● अभी तक की जांच कार्यवाही में आरोपियों के विरुद्ध थाना कसडोल में 04 अपराधिक प्रकरण दर्ज कर शासकीय शिक्षक आरोपी रामनारायण साहू सहित 10 आरोपियों को किया जा चुका है गिरफ्तार
● प्रकरण में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु, उनकी सरगर्मी से की जा रही है पता तलाश

गिरफ्तार आरोपियों के नाम
1. अनीता साहू उम्र 43 वर्ष निवासी ग्राम महकम चौकी सोनाखान
2. कुसुम रानी साहू उम्र 23 वर्ष निवासी ग्राम महकम चौकी सोनाखान
3. अनिल शंकर साहू उम्र 34 वर्ष निवासी ग्राम लक्ष्मणपुर जिला जांजगीर-चांपा
4. राम नारायण साहू उम्र 48 वर्षग्राम बिलारी थाना शिवरीनारायण जिला जांजगीर-चांपा
5. जानकी साहू उम्र 40 वर्ष निवासी ग्राम महकम थाना कसडोल
6. देवनारायण साहू उम्र 45 वर्ष निवासी ग्राम महकम थाना कसडोल

छत्तीसगढ़ / गाय और बकरी के शेड बनाने के लिए क्या कुछ सहायता मिलती है

छत्तीसगढ़ / गाय और बकरी के शेड बनाने के लिए क्या कुछ सहायता मिलती है

मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) के तहत व्यक्तिगत हितग्राही मूलक कार्य के रूप में आवेदन किया जा सकता है. मनरेगा योजना में, ग्राम पंचायत में बकरी पालन शेड के लिए आवेदन किया जा सकता है. इसके अतिरिक्त, पशुधन विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के तहत भी सहायता प्राप्त की जा सकती है, जैसे कि राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना.
मनरेगा के तहत, यदि आप बकरी पालन शेड बनवाना चाहते हैं, तो आप अपने ग्राम पंचायत में आवेदन कर सकते हैं. आवेदन की स्वीकृति के बाद, आपको शेड बनाने के लिए वित्तीय सहायता मिल सकती है.

पशुधन विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के तहत, आपको बकरी पालन के लिए अन्य प्रकार की सहायता भी मिल सकती है, जैसे कि अनुदान पर बकरा या नर सुअर का वितरण. इसके लिए, आपको विभाग द्वारा निर्धारित आवेदन पत्र भरकर जमा करना होगा.
इसके अलावा, आप राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना या नाबार्ड (NABARD) द्वारा पोषित उद्यमिता विकास योजना के तहत भी सहायता प्राप्त कर सकते हैं.

बसना / मिडिल स्कूल बिजराभांठा से कु. आंचल राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा में चयनित जिला पंचायत सीईओ श्री एस. आलोक एवं शाला परिवार ने दी शुभकामनाएं / 2018-19 से अब तक 39 बच्चों का एनएमएमएसई में,23 बच्चों का प्रयास विद्यालय में, 5 बच्चों का श्रेष्ठा में तथा 3 बच्चों का विवेकानंद विद्यापीठ चयन

बसना / मिडिल स्कूल बिजराभांठा से कु. आंचल राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा में चयनित जिला पंचायत सीईओ श्री एस. आलोक एवं शाला परिवार ने दी शुभकामनाएं / 2018-19 से अब तक 39 बच्चों का एनएमएमएसई में,23 बच्चों का प्रयास विद्यालय में, 5 बच्चों का श्रेष्ठा में तथा 3 बच्चों का विवेकानंद विद्यापीठ चयन

महासमुंद  मिडिल स्कूल बिजराभांठा से लगातार तीसरे वर्ष भी सत्र 2024 -25 में एनटीए द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षा श्रेष्ठा परीक्षा में कुमारी आंचल का चयन हुआ है। एनटीए द्वारा ऑनलाइन काउंसलिंग के फर्स्ट राउंड में ही कु. आंचल कुमार को उनके चॉइस फिलिंग फॉर्म के आधार पर रूंगटा पब्लिक स्कूल भिलाई आबंटित किया गया है। जहां उन्हें कक्षा नवमी से बारहवीं तक निःशुल्क आवासीय शिक्षा प्रदान की जाएगी। उनके इस उपलब्धि के लिए जिला पंचायत सीईओ श्री एस. आलोक, अपर कलेक्टर श्री रवि कुमार साहू, जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय लहरे, डीएमसी श्री रेखराज शर्मा द्वारा जिला कार्यालय के सभाकक्ष में सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सीईओ श्री एस. आलोक ने उनकी कड़ी मेहनत और लगन को दूसरे छात्रों के लिए भी प्रेरणादायक बताया। कु. आंचल के चयन होने पर मिडिल स्कूल बिजराभांठा के शिक्षक स्टाफ, अरुण कुमार निषाद, अनिल सिंह साव, उत्तरा कुमार चौधरी, गुण निधि सिदार, हरिहर पटेल, शिवचरण चौधरी ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।

विदित हो कि मिडिल स्कूल बिजराभांठा से सत्र 2018-19 से अब तक 39 बच्चों का एनएमएमएसई में,23 बच्चों का प्रयास विद्यालय में, 5 बच्चों का श्रेष्ठा में तथा 3 बच्चों का विवेकानंद विद्यापीठ चयन परीक्षा में चयन हो चुका है। श्रेष्ठा (स्कीम फॉर रेजिडेंशियल एजुकेशन फॉर स्टूडेंट्स इन टार्गेटेड हाई स्कूल) जिसका हिंदी में अर्थ है “लक्षित क्षेत्रों में उच्च विद्यालयों में छात्रों के लिए आवासीय शिक्षा“. यह योजना अनुसूचित जाति के छात्रों को उत्कृष्ट निजी आवासीय विद्यालयों में शिक्षा प्रदान करने के लिए है।

महासमुंद / अब तीन माह का राशन 31 जुलाई तक मिलेगा / खाद-बीज के वितरण के लिए पर्याप्त भंडारण रखें / मौसम को देखते हुए डायरिया एवं अन्य मौसमी बीमारियों के लिए स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं

महासमुंद / अब तीन माह का राशन 31 जुलाई तक मिलेगा / खाद-बीज के वितरण के लिए पर्याप्त भंडारण रखें / मौसम को देखते हुए डायरिया एवं अन्य मौसमी बीमारियों के लिए स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं

 

महासमुंद कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार आज जिला पंचायत सीईओ श्री एस. आलोक ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा बैठक लेकर जिले के विभिन्न विभागों की योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा की। बैठक में अपर कलेक्टर श्री रवि कुमार साहू एवं श्री रविराज ठाकुर एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

सीईओ श्री एस. आलोक ने वर्षा ऋतु के चलते जिले में संभावित बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति को लेकर निर्देश दिए कि जिले के निचले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए, जहाँ जलभराव या बाढ़ की संभावना अधिक है। इन क्षेत्रों की सूची तैयार कर राहत एवं बचाव दल तैनात किए जाएं। जिला प्रशासन द्वारा पंचायतों और नगरीय निकायों को निर्देशित किया गया है कि जल निकासी व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त किया जाए तथा नालियों की समय पर सफाई सुनिश्चित हो।

वर्षा के कारण कई स्थानों पर गंदे पानी का जमाव होने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। गंदे पानी के सेवन से डायरिया, टाइफाइड, हैजा, पीलिया जैसी बीमारियाँ फैल सकती हैं। मौसम को देखते हुए डायरिया एवं अन्य मौसमी बीमारियों के लिए स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। लोगों से अपील की गई है कि उबालकर या फिल्टर किए हुए पानी का ही सेवन करें। जिला आपदा प्रबंधन समिति को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। आपात की स्थिति में जिला कंट्रोल रूम से दूरभाष क्रमांक 07723-223505 पर संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने बारिश सर्पदंश की संभावित खतरों को देखते हुए सभी उप स्वास्थ्य केन्द्रों में एंटी वेनम वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में रखने के निर्देश दिए।

बैठक में सीईओ श्री आलोक ने जिले में मुख्यमंत्री घोषणाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए कार्य एजेंसियों को समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए गए। उन्होंने सभी निर्माण एजेंसियों को त्वरित कार्य करने के निर्देश दिए हैं तथा प्रगति की नियमित रूप से जानकारी देने कहा गया। उन्होंने पीएम श्री स्कूलों में मरम्मत एवं निर्माण कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। धरती आबा जनजाति उत्कर्ष अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए हितग्राहियों द्वारा किए गए पंजीयन का विभिन्न विभागों द्वारा आगामी एक सप्ताह के भीतर निराकरण करने कहा गया है। मोर गांव मोर पानी अभियान अंतर्गत डबरी निर्माण और जनभागीदारी से सोख्ता गड्ढा निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। अभी तक लगभग 04 हजार सोख्ता गड्ढा और 103 इंजेक्शन वेल के माध्यम से जल संचयन का कार्य किया गया है।

सीईओ श्री आलोक ने खाद-बीज वितरण की समीक्षा करते हुए कहा कि जिले में खाद का पर्याप्त स्टॉक है। वर्तमान में 18520 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है। इसका समय पर वितरण सुनिश्चित किया जाए। निजी दुकानों में नियमित निरीक्षण करने के निर्देश एसडीएम को दिए गए। उन्होंने कहा कि हितग्राहियों को तीन माह का एकमुश्त राशन सुरक्षित तरीके से वितरित किया जाए। खाद्य अधिकारी ने बताया कि राशन वितरण का कार्य अब 31 जुलाई तक बढ़ा दिया गया है। सड़कों में बैठे मवेशियों के उचित व्यवस्थापन के निर्देश दिए हैं और सीएमओ को एवं ग्रामीण क्षेत्र में पंचायत सचिवों को मुख्य मार्ग से मवेशियों को हटाने के निर्देश दिए।

बैठक में सभी कार्यालय प्रमुखों को ई-ऑफिस के माध्यम से पत्राचार एवं शासकीय कार्यां को संचालन करने के निर्देश दिए इस संबंध में बैठक के दौरान ही हैंड्स ऑन ट्रेनिंग दिए। पीएम जनमन, स्वामित्व योजना, भू-अर्जन, नक्शा अपडेशन, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की गई। राजस्व एवं खनिज विभाग को अवैध रेत उत्खनन, भण्डारण एवं परिवहन पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों का शीघ्र और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

महासमुंद/ सरायपाली मे आवास की राशि जारी करने हेतु सचिव द्वारा पैसे लिए / मंदिर पर अतिक्रमण जिला पंचायत सीईओ एस आलोक ने जन उक्त मामलों में प्राथमिकता से जाँच करने हेतु निर्देशित किया!

महासमुंद/ सरायपाली मे आवास की राशि जारी करने हेतु सचिव द्वारा पैसे लिए / मंदिर पर अतिक्रमण जिला पंचायत सीईओ एस आलोक ने जन उक्त मामलों में प्राथमिकता से जाँच करने हेतु निर्देशित किया!

 

सुनी आम जनों की समस्याएं अधिकारियों को शीघ्र निराकरण के दिए निर्देश

कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिला पंचायत सीईओ श्री एस आलोक ने आज मंगलवार को जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित जन चौपाल में जिले के विभिन्न स्थानों से आए नागरिकों की समस्याएं एवं शिकायतें सुनी। उन्होंने संबंधित विभाग को आवेदनों का अवलोकन कर नियमानुसार पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए कहा। आज ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के 26 आवेदकों ने आवेदन प्रस्तुत किए। सीईओ ने सभी आवेदकों की समस्याएं बारी-बारी सुनी। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री रवि कुमार साहू एवं रविराज ठाकुर, एसडीएम सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

जन चौपाल में सरायपाली के हितग्राही श्री तिलक राम ने पीएम आवास की राशि जारी करने हेतु सचिव द्वारा पैसे लिए जाने के संबंध में शिकायत प्रस्तुत किया, इसी क्रम में श्री दीनबंधु सोना ने भी शिकायत किया जिस पर सीईओ ने उक्त मामलों में प्राथमिकता से जाँच करने हेतु निर्देशित किया। इसके अलावा श्री सेवक राम साहू पोटापारा पिथौरा द्वारा त्रुटि सुधार हेतु आवेदन, ग्राम पंचायत छांदनपुर के शिव मंदिर में अतिक्रमण श्री वेणुधर थानापति द्वारा आवेदन, झलप में शासकीय भूमि अतिक्रमण संबंधी आवेदन, श्री परमेश्वर यादव साराडीह महासमुंद द्वारा बैंक की ग़लत एंट्री के संबंध में आवेदन, श्री राजकुमार भोई झगरेनडीह पिथौरा द्वारा सीमांकन हेतु आवेदन किया गया। जन चौपाल में इसके अलावा पीएम आवास योजना, अवैध अतिक्रमण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, धान खरीदी, मुआवजा राशि, साथ ही अन्य माँग एवं शिकायत संबंधी आवेदन प्राप्त हुए, जिस पर शीघ्र निराकरण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।

रायपुर : प्रदेश में मानसून के साथ खेती-किसानी का कार्य जोरों पर 

रायपुर : प्रदेश में मानसून के साथ खेती-किसानी का कार्य जोरों पर

राज्य में अब तक 24.07 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों की हो चुकी है बोनी जो लक्ष्य का 49 प्रतिशत

इस खरीफ सीजन में 48.85 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का है लक्ष्य

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश: किसानों को उनकी मांग के अनुरूप सुगमता से मिले खाद-बीज

किसानों को 8.35 लाख मीट्रिक टन खाद और 5.76 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित

अब तक 291.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज: प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 1238.7 मि.

प्रदेश में मानसून के साथ ही खेती-किसानी का काम जोरों पर है। प्रदेश में अब तक 24.07 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी हो चुकी है जो लक्ष्य का 49 प्रतिशत है। इस खरीफ सीजन में 48.85 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किसानों को खेती-किसानी में सहुलियतें प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक सहयोग करने संबंधित अधिकारियों निर्देशित किए गए हैं। उन्होंने किसानों को उनकी मांग के अनुसार सुगमता के साथ प्रमाणित खाद-बीज का वितरण करने के निर्देश दिए हैं। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा इन पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। प्रदेश के किसानों को अब तक 8.35 लाख मीट्रिक टन खाद और 5.76 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया जा चुका है।

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में मानसून की बौछारों के साथ शुरू हुए खेती-किसानी में बोनी का रकबा भी निरंतर बढ़ते जा रहा है। राज्य में अब तक 24.07 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों की बोनी हो चुकी है। राज्य सरकार द्वारा इस खरीफ सीजन में 48.85 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों की बोनी का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों ने बताया कि 07 जुलाई 2025 की स्थिति में प्रदेश में अब तक 291.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 1238.7 मिमी है।

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष खरीफ 2025 के लिए प्रदेश में 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें समस्त स्त्रोतों से 7.22 लाख क्विंटल बीज का भंडारण कर अब तक 5.76 लाख क्विंटल बीज का वितरण किसानों को किया गया है, जो मांग का 116 प्रतिशत है। जबकि खरीफ वर्ष 2024 में राज्य में बीज निगम से 4.64 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया गया था।

इसी प्रकार प्रदेश में इस खरीफ सीजन में 14.62 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उक्त लक्ष्य के विरूद्ध 12.60 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में भंडारण किया गया है। उक्त भंडारण के विरूद्ध 8.35 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 57 प्रतिशत है।

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खाद-बीज वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर कड़ी कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही सोसायटियों में पर्याप्त खाद-बीज का भण्डारण कर सतत निगरानी करने को कहा गया है।

 

सरायपाली/ग्राम दूधिपाली टाटा ट्रक ने मोटरसाइकल को सामने से ठोकर मारकर किया एक्सीडेंट रिपोर्ट दर्ज।

सरायपाली/ग्राम दूधिपाली टाटा ट्रक ने मोटरसाइकल को सामने से ठोकर मारकर किया एक्सीडेंट रिपोर्ट दर्ज।

ग्राम सरायपाली का रहने वाला हूं कक्षा 08 वीं तक पढा लिखा हूं सांई ट्रेवल्स में कन्डेक्ट्री का काम करता हूं दिनांक 07/07/2025 को मेरे जीजा महेन्द्र कोसरिया उर्फ मोनू अपने मोटर सायकल पल्सर R1 क्र CG28R1151 में बसना के सुभाष सहिस के साथ काम से उडिसा गया था और वहां से दिनांक 08/07/2025 को रात्रि में वापस बसना आ रहे थे वापस आते समय ग्राम दुधीपाली पुलिया के पास बसना की ओर से आ रही टाटा मिनी ट्रक क्र ODZ7769 का चालक बृहस्पति सेठ द्वारा अपने वाहन को तेजी एवं लापरवाही पूर्वक खतरनाक ढंग से चलाते हुए सामने से ठोकर मारकर एक्सीडेंट करने से आयी चोंट के कारण मृत्यु हो गया है एवं सुभाष सहिस को हाथ पैर में चोंट लगा है जिसे रायपुर रिफर किया गया है

रिपोर्ट धारा 106(1)-BNS, 125(a)-BNS, 281-BNS के तहत्  कार्यवाही की जाये।

रायपुर : ’मोर गांव, मोर पानी‘ महाभियान से जल संरक्षण को मिली नई दिशा

रायपुर : ’मोर गांव, मोर पानी‘ महाभियान से जल संरक्षण को मिली नई दिशा

जन सहयोग बना स्थायी जल सुरक्षा की आधारशिला

जल संकट से स्थायी निजात दिलाने एवं भू-जल स्तर को बढ़ाने के उद्देश्य से मोर गांव, मोर पानी महाभियान के तहत व्यापक जल संरक्षण के कार्य किए जा रहे हैं। वर्षा ऋतु से पूर्व नालों की सफाई कर जल प्रवाह को सुचारू किया गया जिससे जलभराव एवं जलजनित रोगों की समस्या में कमी आई है। पर्यावरण संरक्षण को दृष्टिगत रखते हुए पंचायत भवनों, विद्यालय परिसरों, सड़कों एवं खाली स्थानों पर स्थानीय प्रजातियों जैसे नीम, पीपल, करंज एवं बांस के पौधों का वृक्षारोपण किया गया है। भू-जल स्तर में वृद्धि एवं मिट्टी कटाव की समस्या पर नियंत्रण जैसे सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से सामने आने लगे हैं, जिससे यह महाभियान जिले की जल सुरक्षा के लिए मील का पत्थर सिद्ध हो रहा है।

जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में महाअभियान का शुभारंभ कर इसे प्रभावशाली ढंग से क्रियान्वित किया जा रहा है। जिला एवं जनपद स्तर पर सीईओ को नोडल अधिकारी नियुक्त कर, ब्लॉक रिसोर्स पर्सन का चयन किया गया तथा मैदानी अमलों को ग्राम, जनपद एवं जिला स्तर पर प्रशिक्षण प्रदान दिया गया। सूरजपुर जिले में इस महाअभियान में 64 नालों का सर्वे किया गया, जिसमें 18 मॉडल नालों का चयन कर क्षेत्रवार कार्य योजना बनाई गई है। पार्टिसिपेट्री रूरल अप्रैज़ल पद्धति से ग्रामों में प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन योजना तैयार कर उसे ग्राम पंचायत विकास योजना में समाहित किया गया एवं शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ा गया। मनरेगा के श्रम बजट में समाहित कर रोजगार सृजन करते हुए कार्यों की स्वीकृति ’सिक्योर’ पोर्टल के माध्यम से दी गई। इस महाभियान के तहत कंटूर ट्रेंच 55, वृक्षारोपण 34 स्थल, गली प्लग 2520, लूज बोल्डर चेक डेम 855, कूप 12, गैबियन स्ट्रक्चर 43, अंडरग्राउंड डाइक 20, फार्म पोंड 1289, मिट्टी बांध 67, चेक डेम 09 एवं अमृत सरोवर 28 कुल 4932  संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है, जिनका उद्देश्य बरसात में बहकर व्यर्थ जाने वाले जल को संरक्षित कर भू-जल स्तर को बढ़ाना है।

कार्ययोजना निर्माण में आधुनिक (जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम) तकनीक का उपयोग करते हुए पहाड़ी से घाटी तक (रिज टू वैली) सिद्धांत पर आधारित संरचनाओं की योजना बनाई गई है जिससे वर्षा जल को संरचित ढंग से रोककर अधिकतम जल संचयन सुनिश्चित किया जा सके, साथ ही जनसहयोग एवं श्रमदान के माध्यम से जल संरक्षण एवं स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियों को भी गति दी गई है, जिसमें स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, शासकीय कर्मचारियों एवं स्वयंसेवी संगठनों की सक्रिय भागीदारी रही है। घरेलू अपशिष्ट जल के समुचित निपटान हेतु परिवारों एवं सार्वजनिक स्थलों पर सोख्ता गड्ढों का निर्माण कर जल पुनर्भरण की दिशा में सकारात्मक पहल की गई है। इन समस्त प्रयासों में जनभागीदारी से जनकल्याण की भावना स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रही है, जिससे जिले में न केवल जल संरक्षण को मजबूती मिली है बल्कि स्थानीय समुदाय की आजीविका को भी स्थायित्व मिला है।

 

रायपुर : जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज का भंडारण

रायपुर : जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज का भंडारण

जिले में 31070.7 मीट्रिक टन रासायनिक खाद का भंडारण, किसानों को 26836.9 मीट्रिक टन रासायनिक खाद का वितरण

जिले में 10648.70 क्विंटल बीज का भंडारण, किसानों को 9681.60 क्विंटल बीज का किया गया वितरण

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश एवं कलेक्टर के मार्गदर्शन में किसानों के लिए खाद-बीज की सतत् आपूर्ति की जा रही है। जिले में खेती-किसानी का कार्य से जारी है। किसान सहकारी समितियों में खाद-बीज लेने के लिए प्रतिदिन आ रहे है। जिले में किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज का भंडारण है। कलेक्टर ने किसानों को समय पर खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। सभी समितियों में खाद-बीज की निरंतर आपूर्ति होते रहे इसके लिए सभी अधिकारियों को समन्वय बनाने के निर्देश दिए है।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित राजनांदगांव श्री प्रभात मिश्रा ने बताया कि जिले में खरीफ 2025 अंतर्गत 31070.7 मीट्रिक टन रासायनिक खाद का भंडारण किया गया है, जो कुल भंडारण का 61.86 प्रतिशत है। अब तक किसानों को 26836.9 मीट्रिक टन रासायनिक खाद का वितरण किया जा चुका है। जिसमें यूरिया 9050.3 मीट्रिक टन, सुपर फास्ट 4466 मीट्रिक टन, डीएपी 2516.5 मीट्रिक टन, एनपीके 8445.3 पोटाश 2358.9 मीट्रिक टन है। किसानों को 4233.8 मीट्रिक टन रासायनिक खाद का वितरण किया जाना शेष है। जिसमें यूरिया 359.1 मीट्रिक टन, सुपर फास्ट 1650.7 मीट्रिक टन, डीएपी 404.9 मीट्रिक टन, एनपीके 806.6 मीट्रिक टन, पोटाश 1012.5 मीट्रिक टन है। इसी तरह जिले में 10648.70 क्विंटल बीज का भंडारण किया गया है और किसानों को 9681.60 क्विंटल बीज का वितरण किया गया है एवं 967.10 क्विंटल बीज का वितरण शेष है। इसके तहत जिले में 10625.10 क्विंटल धान का भंडारण किया गया है और किसानों को 9668.88 क्विंटल धान का वितरण किया गया है एवं 956.22 क्विंटल धान का वितरण शेष है।

 

रायपुर : नैनो डीएपी किसानों के लिए ठोस डीएपी उर्वरक का स्मार्ट विकल्प

रायपुर : नैनो डीएपी किसानों के लिए ठोस डीएपी उर्वरक का स्मार्ट विकल्प

छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को रासायनिक उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। खरीफ 2025 के दौरान डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) की कमी को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन ने इसके व्यवहारिक विकल्प के रूप में नैनो डीएपी के भंडारण एवं वितरण की विशेष व्यवस्था की है। इसके साथ ही एनपीके और एसएसपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों का भी लक्ष्य से अधिक मात्रा में भंडारण कराया गया है। खेती में ठोस डीएपी उर्वरक की कमी को पूरा करने के लिए किसानों को उसके विकल्प के अनुरूप कृषि वैज्ञानिकों के सुझाव के अनुरूप नैनो डीएपी अथवा एनपीके और सिंगल सुपर फास्फेट खाद की मात्रा का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है।

नैनो डीएपी एक आधुनिक, किफायती और प्रभावशाली तरल उर्वरक है, जो पारंपरिक डीएपी की तुलना में कहीं अधिक उपयोगी और पोषक तत्वों से भरपूर है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के वैज्ञानिकों ने नैनो डीएपी का समर्थन करते हुए कहा है कि इसके उपयोग से खेती की लागत में कमी आती है। नैनो डीएपी खेत में पोषण की कमी को प्रभावी ढंग से पूरा करता है और उत्पादन की गुणवत्ता को भी बढ़ाता है। नैनो डीएपी पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित है। एक एकड़ धान की फसल के लिए एक बोरी ठोस डीएपी का उपयोग होता है। जिसकी लागत 1350 रूपए होती हैै, जबकि एक एकड़ में 25 किलो ठोस डीएपी और 500 मिली नैनो डीएपी के मिश्रण का उपयोग किया जाए तो इसकी लागत घटकर 1275 रूपए आती है।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों ने एक एकड़ धान की खेती के लिए नैनो डीएपी की उपयोग की विधि की विस्तार से जानकारी दी है। इसके अनुसार नैनो डीएपी की मात्र साढ़े 600 मिली मात्रा एक एकड़ धान की खेती में लगती है। धान की बुआई से पहले एक एकड़ के लिए 30 किलो बीज को 150 मिली नैनो डीएपी को तीन लीटर पानी में घोलकर उसमें बीज उपचारित कर आधा घंटा छाव में सुखाने के बाद बुआई की जाती है। रोपा के समय 50 लीटर पानी में 250 मिली नैनो डीएपी को मिलाकर उसमें थरहा की जड़ों को आधा घंटा डूबाकर रखने के बाद रोपाई तथा फसल बोआई के तीस दिन बाद 125 लीटर पानी में 250 मिली नैनो डीएपी को घोलकर खड़ी फसल पर इसका छिड़काव करना होता है। इससे फसलों को पोषक तत्व मिल जाते है।

नैनो डीएपी फसलों को भरपूर मात्रा में पोषक तत्व प्रदान करने के लिए बेहतर विकल्प है। यह पारंपरिक डीएपी के मुकाबले लागत कम और प्रभाव अधिक है। पारंपरिक डीएपी की एक बोरी की कीमत लगभग 1350 रूपए होती है, वहीं नैनो डीएपी की एक बोतल से कई एकड़ भूमि को लाभ पहुंचाया जा सकता है। यह स्प्रे के माध्यम से सीधे पौधों पर छिड़का जाता है, जिससे पोषक तत्वों का त्वरित अवशोषण होता है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश के अनुरूप राज्य शासन द्वारा किसानों को डीएपी उर्वरक के विकल्प के रूप में नैनो डीएपी सहित वैकल्पिक उर्वरकों का पर्याप्त भण्डारण समितियों में किया जा रहा है। किसानों को इसके उपयोग के लिए प्रशिक्षण एवं जागरूकता शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं। कृषि विभाग ने किसानों से नैनो डीएपी तथा एनपीके, एसएसपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों का उपयोग करने की अपील की है।