रायपुर : छावा फिल्म का स्कूली बच्चों ने लिया आनंद, छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष ने की सराहना

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा टैक्स फ्री की गई मराठा योद्धा छत्रपति संभाजी महाराज पर आधारित फिल्म छावा को आज वनवासी कल्याण समिति आश्रम के स्कूली बच्चों ने बड़े उत्साह के साथ देखा। ये बच्चे उत्तर-पूर्व के असम और नागालैंड से हैं, जिन्हें छत्तीसगढ़ योग आयोग के माननीय अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा के मार्गदर्शन में फिल्म दिखाने के लिए रायपुर के सिटी सेंटर मॉल, पंडरी लाया गया। इस अवसर पर श्री गौरव देवांगन (सहायक लेखाधिकारी) एवं श्री रविकांत कुंभकार (परिवीक्षा अधिकारी) भी उपस्थित रहे।

फिल्म देखने के बाद बच्चों ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि छावा एक वीर योद्धा की प्रेरणादायक गाथा है, जिसने अपने राज्य, पिता के सपनों और प्रजा के लिए हंसते-हंसते बलिदान दे दिया। उन्होंने फिल्म की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह इतिहास को करीब से समझने का एक शानदार अवसर है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ योग आयोग के माननीय अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को छावा फिल्म को टैक्स फ्री करने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, हमारे देश का इतिहास बेहद गौरवशाली रहा है, जहां छत्रपति संभाजी महाराज जैसे वीर योद्धा जन्मे। मुगलों की लाखों की सेना के सामने कुछ हजार सैनिकों के साथ लड़ना नामुमकिन सा लगता है, लेकिन छत्रपति संभाजी महाराज ने इसे कर दिखाया। यह फिल्म वीरता और राष्ट्रभक्ति का संदेश देती है।

फिल्म प्रदर्शन के बाद बच्चों ने सिटी सेंटर मॉल का भी भ्रमण किया और इस अवसर के लिए माननीय अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा का आभार व्यक्त किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा टैक्स फ्री की गई मराठा योद्धा छत्रपति संभाजी महाराज पर आधारित फिल्म छावा को आज वनवासी कल्याण समिति आश्रम के स्कूली बच्चों ने बड़े उत्साह के साथ देखा। ये बच्चे उत्तर-पूर्व के असम और नागालैंड से हैं, जिन्हें छत्तीसगढ़ योग आयोग के माननीय अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा के मार्गदर्शन में फिल्म दिखाने के लिए रायपुर के सिटी सेंटर मॉल, पंडरी लाया गया। इस अवसर पर श्री गौरव देवांगन (सहायक लेखाधिकारी) एवं श्री रविकांत कुंभकार (परिवीक्षा अधिकारी) भी उपस्थित रहे।

फिल्म देखने के बाद बच्चों ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि छावा एक वीर योद्धा की प्रेरणादायक गाथा है, जिसने अपने राज्य, पिता के सपनों और प्रजा के लिए हंसते-हंसते बलिदान दे दिया। उन्होंने फिल्म की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह इतिहास को करीब से समझने का एक शानदार अवसर है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ योग आयोग के माननीय अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को छावा फिल्म को टैक्स फ्री करने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, हमारे देश का इतिहास बेहद गौरवशाली रहा है, जहां छत्रपति संभाजी महाराज जैसे वीर योद्धा जन्मे। मुगलों की लाखों की सेना के सामने कुछ हजार सैनिकों के साथ लड़ना नामुमकिन सा लगता है, लेकिन छत्रपति संभाजी महाराज ने इसे कर दिखाया। यह फिल्म वीरता और राष्ट्रभक्ति का संदेश देती है।

फिल्म प्रदर्शन के बाद बच्चों ने सिटी सेंटर मॉल का भी भ्रमण किया और इस अवसर के लिए माननीय अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा का आभार व्यक्त किया।

रायपुर : सौर सुजला योजना बनी किसानों के लिए वरदान

आजादी के दशकों बाद भी परंपरागत बिजली से वंचित रहे  बलौदाबाजार जिले के बारनवापारा क्षेत्र के किसानों के लिए छत्तीसगढ़ शासन की सौर सुजला योजना वरदान साबित हो रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साथ के नेतृत्व में क्रेडा विभाग द्वारा अब तक बारनवापारा क्षेत्र में 1222 किसानों के खेतों में सौर सिंचाई पम्प स्थापित किए गए हैं, जिससे अब किसान बिना किसी चिंता के सिंचाई सुविधा का लाभ उठाकर लाभकारी खेती कर रहे हैं।

सौर सुजला योजना के तहत  बारनवापारा क्षेत्र में 2 हार्स पावर के 03, तीन हार्स पावर के 615 और 5 हार्स पावर के 604 सोलर पम्प स्थापित किए गए हैं। यह योजना उन किसानों के लिए वरदान साबित हुई है, जिनके खेतों तक बिजली नहीं पहुंची थी या जिनके पास सिंचाई के अन्य संसाधन नहीं थे।

ग्राम डेबी के किसान नित्यानंद बताते हैं कि पहले सिंचाई की सुविधा न होने के कारण उनकी सालाना आमदनी मात्र 25 से 30 हजार रुपये थी। लेकिन सोलर पम्प लगने के बाद अब वे धान के साथ सब्जियां जैसे आलू, टमाटर और बरबटी उगाकर तीन से चार गुना अधिक आय प्राप्त कर रहे हैं। इसी तरह, बंशराम चौहान, बसंत कुमार कैवर्त्य, अमरू राम, धनीराम बिंझवार और गौरी बाई दीवान सहित कई अन्य किसानों की आमदनी में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

पहले किसान नदी-नालों से डीजल पम्प के जरिए सिंचाई करते थे, जिससे उनकी आय का बड़ा हिस्सा ईंधन पर खर्च हो जाता था। लेकिन सौर सुजला योजना के तहत मात्र 24,800 रुपये में सोलर पम्प मिलने से अब उनकी यह समस्या समाप्त हो गई है। छत्तीसगढ़ शासन किसानों को बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर सौर पम्प उपलब्ध करा रही है। तीन हार्स पावर के पम्प के लिए अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के किसानों को मात्र 10,000 रुपये, अन्य पिछड़ा वर्ग के किसानों को 15,000 रुपये, सामान्य वर्ग के किसानों को 21,000 रुपये का अंशदान देना होता है, जबकि 5 हार्स पावर के पम्प के लिए अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के किसानों को 15,000 रुपये, अन्य पिछड़ा वर्ग को 20,000 रुपये तथा सामान्य वर्ग के कृषक को 25,000 रुपये का अंशदान देना होता है।बलौदाबाजार जिले में अब तक 5198 सौर पम्प लगाए जा चुके हैं।

सौर सुजला योजना का लाभ लेने के लिए कृषि विभाग, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी और क्रेडा विभाग के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। सिंचाई के लिए नदी, नाले, कुएं और नलकूप प्राथमिकता से चिन्हांकित किए जाते हैं।छत्तीसगढ़ शासन की यह योजना किसानों के लिए कम लागत में सिंचाई की बेहतर और स्थायी व्यवस्था है।आजादी के दशकों बाद भी परंपरागत बिजली से वंचित रहे  बलौदाबाजार जिले के बारनवापारा क्षेत्र के किसानों के लिए छत्तीसगढ़ शासन की सौर सुजला योजना वरदान साबित हो रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साथ के नेतृत्व में क्रेडा विभाग द्वारा अब तक बारनवापारा क्षेत्र में 1222 किसानों के खेतों में सौर सिंचाई पम्प स्थापित किए गए हैं, जिससे अब किसान बिना किसी चिंता के सिंचाई सुविधा का लाभ उठाकर लाभकारी खेती कर रहे हैं।

सौर सुजला योजना के तहत  बारनवापारा क्षेत्र में 2 हार्स पावर के 03, तीन हार्स पावर के 615 और 5 हार्स पावर के 604 सोलर पम्प स्थापित किए गए हैं। यह योजना उन किसानों के लिए वरदान साबित हुई है, जिनके खेतों तक बिजली नहीं पहुंची थी या जिनके पास सिंचाई के अन्य संसाधन नहीं थे।

ग्राम डेबी के किसान नित्यानंद बताते हैं कि पहले सिंचाई की सुविधा न होने के कारण उनकी सालाना आमदनी मात्र 25 से 30 हजार रुपये थी। लेकिन सोलर पम्प लगने के बाद अब वे धान के साथ सब्जियां जैसे आलू, टमाटर और बरबटी उगाकर तीन से चार गुना अधिक आय प्राप्त कर रहे हैं। इसी तरह, बंशराम चौहान, बसंत कुमार कैवर्त्य, अमरू राम, धनीराम बिंझवार और गौरी बाई दीवान सहित कई अन्य किसानों की आमदनी में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

पहले किसान नदी-नालों से डीजल पम्प के जरिए सिंचाई करते थे, जिससे उनकी आय का बड़ा हिस्सा ईंधन पर खर्च हो जाता था। लेकिन सौर सुजला योजना के तहत मात्र 24,800 रुपये में सोलर पम्प मिलने से अब उनकी यह समस्या समाप्त हो गई है। छत्तीसगढ़ शासन किसानों को बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर सौर पम्प उपलब्ध करा रही है। तीन हार्स पावर के पम्प के लिए अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के किसानों को मात्र 10,000 रुपये, अन्य पिछड़ा वर्ग के किसानों को 15,000 रुपये, सामान्य वर्ग के किसानों को 21,000 रुपये का अंशदान देना होता है, जबकि 5 हार्स पावर के पम्प के लिए अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के किसानों को 15,000 रुपये, अन्य पिछड़ा वर्ग को 20,000 रुपये तथा सामान्य वर्ग के कृषक को 25,000 रुपये का अंशदान देना होता है।बलौदाबाजार जिले में अब तक 5198 सौर पम्प लगाए जा चुके हैं।

सौर सुजला योजना का लाभ लेने के लिए कृषि विभाग, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी और क्रेडा विभाग के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। सिंचाई के लिए नदी, नाले, कुएं और नलकूप प्राथमिकता से चिन्हांकित किए जाते हैं।छत्तीसगढ़ शासन की यह योजना किसानों के लिए कम लागत में सिंचाई की बेहतर और स्थायी व्यवस्था है।

रायपुर : राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) ने बचाई नन्हे मयंक की जिंदगी

शासन की चिरायु योजना एक बार फिर मासूम के जीवन में नई रोशनी लेकर आई। जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित दो वर्षीय मयंक सतनामी को चिरायु योजना के तहत समय पर उपचार मिला, जिससे उसकी जान बच गई। अब वह पूरी तरह स्वस्थ है और उसके परिवार में खुशियां लौट आई हैं।

रायगढ़ जिले के विकासखंड पुसौर अंतर्गत ग्राम कोतासुरा निवासी मयंक सतनामी के जन्म के बाद से ही दिल में छेद था। इस समस्या का पता तब चला जब राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) की टीम नियमित जांच के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र में पहुंची। टीम ने तुरंत मयंक के स्वास्थ्य की गंभीरता को समझते हुए उसे विशेषज्ञ जांच के लिए सत्य साईं अस्पताल, रायपुर रेफर किया। 9 नवंबर 2024 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घरघोड़ा में आयोजित धड़कन शिविर में सत्य साईं अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञों ने मयंक की विस्तृत जांच की और उसे सर्जरी की सलाह दी। 30 जनवरी 2025 को मयंक को सत्य साईं अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां 10 फरवरी को उसकी हृदय की सफल सर्जरी हुई। गहन चिकित्सा देखभाल के बाद 17 फरवरी को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और 19 फरवरी को चिरायु वाहन से सुरक्षित घर पहुंचाया गया।

20 फरवरी को चिरायु टीम ने मयंक के घर जाकर उसकी स्थिति का पुनः मूल्यांकन किया, जिसमें वह पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। मयंक के पिता श्री पदमन सतनामी एवं उनके परिवार ने चिरायु टीम, सत्य साईं अस्पताल के डॉक्टरों और शासन को तहेदिल से धन्यवाद दिया।

इस नेक कार्य में पुसौर विकासखंड के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विनोद नायक, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक श्री नवीन शर्मा, चिरायु टीम के डॉ. संदीप भोई एवं डॉ. मंजू पटेल सहित पूरी टीम का विशेष योगदान रहा। उनके समर्पण से नन्हे मयंक को नया जीवन मिला और उसके परिवार का भविष्य फिर से उज्ज्वल हो गया।शासन की चिरायु योजना एक बार फिर मासूम के जीवन में नई रोशनी लेकर आई। जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित दो वर्षीय मयंक सतनामी को चिरायु योजना के तहत समय पर उपचार मिला, जिससे उसकी जान बच गई। अब वह पूरी तरह स्वस्थ है और उसके परिवार में खुशियां लौट आई हैं।

रायगढ़ जिले के विकासखंड पुसौर अंतर्गत ग्राम कोतासुरा निवासी मयंक सतनामी के जन्म के बाद से ही दिल में छेद था। इस समस्या का पता तब चला जब राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) की टीम नियमित जांच के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र में पहुंची। टीम ने तुरंत मयंक के स्वास्थ्य की गंभीरता को समझते हुए उसे विशेषज्ञ जांच के लिए सत्य साईं अस्पताल, रायपुर रेफर किया। 9 नवंबर 2024 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घरघोड़ा में आयोजित धड़कन शिविर में सत्य साईं अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञों ने मयंक की विस्तृत जांच की और उसे सर्जरी की सलाह दी। 30 जनवरी 2025 को मयंक को सत्य साईं अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां 10 फरवरी को उसकी हृदय की सफल सर्जरी हुई। गहन चिकित्सा देखभाल के बाद 17 फरवरी को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और 19 फरवरी को चिरायु वाहन से सुरक्षित घर पहुंचाया गया।

20 फरवरी को चिरायु टीम ने मयंक के घर जाकर उसकी स्थिति का पुनः मूल्यांकन किया, जिसमें वह पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। मयंक के पिता श्री पदमन सतनामी एवं उनके परिवार ने चिरायु टीम, सत्य साईं अस्पताल के डॉक्टरों और शासन को तहेदिल से धन्यवाद दिया।

इस नेक कार्य में पुसौर विकासखंड के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विनोद नायक, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक श्री नवीन शर्मा, चिरायु टीम के डॉ. संदीप भोई एवं डॉ. मंजू पटेल सहित पूरी टीम का विशेष योगदान रहा। उनके समर्पण से नन्हे मयंक को नया जीवन मिला और उसके परिवार का भविष्य फिर से उज्ज्वल हो गया।

रायपुर : ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मनरेगा की है महत्वपूर्ण भूमिका मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज छत्तीसगढ़ ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद की बैठक विधानसभा परिसर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत चल रही परियोजनाओं की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में मनरेगा कार्यों को सर्वोच्च गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि अधिकतम ग्रामीण परिवारों को इस योजना का लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विशेष रूप से गांवों में धरसा पहुंच मार्ग निर्माण और अमृत सरोवर परियोजनाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए, जिससे ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूती मिले और जल संरक्षण को बढ़ावा मिले।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य केवल रोजगार देना नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों को आत्मनिर्भर बनाना है। मनरेगा के तहत चल रही योजनाओं को दीर्घकालिक दृष्टिकोण से लागू किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, ताकि यह योजना गरीबों के सशक्तिकरण में एक मजबूत आधार बने। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मनरेगा को अन्य योजनाओं से जोड़कर ग्रामीण विकास की गति तेज करने पर जोर दिया जा रहा है।

राज्य में मनरेगा के प्रभावशाली क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा

बैठक में वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 की प्रगति, लेबर बजट 2025-26, योजना के प्रमुख इंडिकेटर्स और अभिसरण (कॉन्वर्जेंस) मॉडल पर गहन समीक्षा की गई। वर्ष 2019-20 से 2023-24 तक की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई।

मनरेगा आयुक्त श्री रजत बंसल ने जानकारी दी कि प्रदेश में कुल 38.52 लाख पंजीकृत परिवारों में से 24.89 लाख परिवारों को रोजगार प्रदान किया गया है।अमृत सरोवर योजना के तहत 2,902 जलाशयों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से 1,095 स्वीकृत हो चुके हैं, 299 पूर्ण हो चुके हैं, और 472 पर कार्य प्रगति पर है।

बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजू एस, श्री पी. दयानंद, श्री राहुल भगत, मनरेगा आयुक्त श्री रजत बंसल एवं छत्तीसगढ़ ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद के सदस्यगण उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज छत्तीसगढ़ ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद की बैठक विधानसभा परिसर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत चल रही परियोजनाओं की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में मनरेगा कार्यों को सर्वोच्च गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि अधिकतम ग्रामीण परिवारों को इस योजना का लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विशेष रूप से गांवों में धरसा पहुंच मार्ग निर्माण और अमृत सरोवर परियोजनाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए, जिससे ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूती मिले और जल संरक्षण को बढ़ावा मिले।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य केवल रोजगार देना नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों को आत्मनिर्भर बनाना है। मनरेगा के तहत चल रही योजनाओं को दीर्घकालिक दृष्टिकोण से लागू किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, ताकि यह योजना गरीबों के सशक्तिकरण में एक मजबूत आधार बने। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मनरेगा को अन्य योजनाओं से जोड़कर ग्रामीण विकास की गति तेज करने पर जोर दिया जा रहा है।

राज्य में मनरेगा के प्रभावशाली क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा

बैठक में वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 की प्रगति, लेबर बजट 2025-26, योजना के प्रमुख इंडिकेटर्स और अभिसरण (कॉन्वर्जेंस) मॉडल पर गहन समीक्षा की गई। वर्ष 2019-20 से 2023-24 तक की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई।

मनरेगा आयुक्त श्री रजत बंसल ने जानकारी दी कि प्रदेश में कुल 38.52 लाख पंजीकृत परिवारों में से 24.89 लाख परिवारों को रोजगार प्रदान किया गया है।अमृत सरोवर योजना के तहत 2,902 जलाशयों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से 1,095 स्वीकृत हो चुके हैं, 299 पूर्ण हो चुके हैं, और 472 पर कार्य प्रगति पर है।

बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजू एस, श्री पी. दयानंद, श्री राहुल भगत, मनरेगा आयुक्त श्री रजत बंसल एवं छत्तीसगढ़ ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद के सदस्यगण उपस्थित थे।

रायपुर : मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने सड़क पर जन्मदिन मनाने और सार्वजनिक यातायात को बाधित करने वालों पर कड़ी कार्यवाही करने के दिए निर्देश

मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के मुख्य समिति कक्ष में आज आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में सड़कों पर जन्मदिन मनाने, पंडाल लगाने, भंडारा आयोजित करने की प्रवृतियों को हतोत्साहित करने एवं सार्वजनिक यातायात को बाधित करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

सार्वजनिक मार्गों पर अवरोध पर कठोर कार्रवाई

मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी व्यक्ति यदि सार्वजनिक मार्ग को अवरुद्ध करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सार्वजनिक मार्ग को अवरुद्ध करने वालों पर एंटी-एन्क्रोचमेंट एक्ट, मोटर व्हीकल एक्ट, नगर पालिका अधिनियम एवं अन्य सुसंगत अधिनियमों तथा भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत दंडात्मक कार्यवाही करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

मुख्य सचिव श्री जैन ने बैठक में कहा कि सड़कें केवल आवागमन के लिए हैं, निजी आयोजनों के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि जन्मदिन, पार्टियां तथा अन्य कोई भी निजी कार्यक्रम सार्वजनिक सड़कों पर आयोजित करने वालों के  खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई होगी। उन्होंने ऐसे आयोजनों में शामिल वाहनों को जब्त करने और आयोजकों पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि जिम्मेदार व्यक्तियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत उत्तरदायी ठहराया जाएगा।

मुख्य सचिव श्री जैन ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे किसी भी अवैध आयोजन को तुरंत रोकें और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करें। मुख्य सचिव श्री जैन ने इस तरह की अवांछित गतिविधियों को रोकने और संबंधितों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित करने एसओपी तैयार करने के निर्देश पुलिस विभाग के अधिकारियों को दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों को रोकने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, जिससे नागरिकों को स्पष्ट संदेश मिले कि सार्वजनिक मार्गों पर अवैध आयोजन पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। उन्होंने जनसंपर्क विभाग को विभिन्न प्रचार माध्यमों का उपयोग करते हुए आमजन को इस सम्बन्ध में  जागरूक करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि यदि किसी क्षेत्र में इस प्रकार की घटनाएँ दोबारा होती हैं, तो संबंधित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों  को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इस सम्बन्ध में सख्त निगरानी रखें। मुख्य सचिव ने कहा  कि वे विशेष सतर्कता दल (विजिलेंस टीम) गठित करें, जो ऐसी घटनाओं पर नजर रखेंगे और तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने कहा कि सार्वजनिक व्यवस्था को बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे आपसी समन्वय से कार्य करें और सुनिश्चित करें कि सार्वजनिक मार्गों का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में न हो।

बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह श्री मनोज पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, रायपुर एवं बिलासपुर के पुलिस महानिरीक्षक, रायपुर एवं बिलासपुर के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक, परिवहन, नगरीय प्रशासन, विधि विभाग और जनसंपर्क विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थेमुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के मुख्य समिति कक्ष में आज आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में सड़कों पर जन्मदिन मनाने, पंडाल लगाने, भंडारा आयोजित करने की प्रवृतियों को हतोत्साहित करने एवं सार्वजनिक यातायात को बाधित करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

सार्वजनिक मार्गों पर अवरोध पर कठोर कार्रवाई

मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी व्यक्ति यदि सार्वजनिक मार्ग को अवरुद्ध करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सार्वजनिक मार्ग को अवरुद्ध करने वालों पर एंटी-एन्क्रोचमेंट एक्ट, मोटर व्हीकल एक्ट, नगर पालिका अधिनियम एवं अन्य सुसंगत अधिनियमों तथा भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत दंडात्मक कार्यवाही करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

मुख्य सचिव श्री जैन ने बैठक में कहा कि सड़कें केवल आवागमन के लिए हैं, निजी आयोजनों के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि जन्मदिन, पार्टियां तथा अन्य कोई भी निजी कार्यक्रम सार्वजनिक सड़कों पर आयोजित करने वालों के  खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई होगी। उन्होंने ऐसे आयोजनों में शामिल वाहनों को जब्त करने और आयोजकों पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि जिम्मेदार व्यक्तियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत उत्तरदायी ठहराया जाएगा।

मुख्य सचिव श्री जैन ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे किसी भी अवैध आयोजन को तुरंत रोकें और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करें। मुख्य सचिव श्री जैन ने इस तरह की अवांछित गतिविधियों को रोकने और संबंधितों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित करने एसओपी तैयार करने के निर्देश पुलिस विभाग के अधिकारियों को दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों को रोकने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, जिससे नागरिकों को स्पष्ट संदेश मिले कि सार्वजनिक मार्गों पर अवैध आयोजन पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। उन्होंने जनसंपर्क विभाग को विभिन्न प्रचार माध्यमों का उपयोग करते हुए आमजन को इस सम्बन्ध में  जागरूक करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि यदि किसी क्षेत्र में इस प्रकार की घटनाएँ दोबारा होती हैं, तो संबंधित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों  को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इस सम्बन्ध में सख्त निगरानी रखें। मुख्य सचिव ने कहा  कि वे विशेष सतर्कता दल (विजिलेंस टीम) गठित करें, जो ऐसी घटनाओं पर नजर रखेंगे और तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने कहा कि सार्वजनिक व्यवस्था को बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे आपसी समन्वय से कार्य करें और सुनिश्चित करें कि सार्वजनिक मार्गों का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में न हो।

बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह श्री मनोज पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, रायपुर एवं बिलासपुर के पुलिस महानिरीक्षक, रायपुर एवं बिलासपुर के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक, परिवहन, नगरीय प्रशासन, विधि विभाग और जनसंपर्क विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे

औद्योगिक क्षेत्र बिरकोनी में ड्राइकेम इंडिया प्रा. लि. का संयुक्त टीम द्वारा निरीक्षण

महासमुंद 27 फरवरी 2025/ कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी के आदेशानुसार गठित संयुक्त टीम द्वारा औद्योगिक क्षेत्र बिरकोनी में स्थित उद्योगों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान वालप्लास्ट प्रोडक्ट प्रा. लि. का कारखाना बंद पाया गया, जबकि ड्राइकेम इंडिया प्रा. लि. में विभिन्न विभागों द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण दल में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा बलौदाबाजार के सहायक संचालक श्री मनीष कुमार कुंजाम, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र महासमुंद के प्रबंधक श्री शशिकांत सिंह, श्रम विभाग के श्रम पदाधिकारी श्री डी.एन. पात्र, जिला परिवहन अधिकारी श्री राम कुमार ध्रुव एवं पर्यावरण विभाग के प्रभारी केमिस्ट श्री बी.पी. मिश्रा उपस्थित रहे।

औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा कारखाना अधिनियम 1948 एवं छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली 1962 के उल्लंघन पाए जाने पर कारखाना प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएग। परिवहन विभाग ने कारखाना प्रबंधन से तौल कांटा (वे-ब्रिज) का एक महीने का डेटा एवं वाहनों की सूची तलब की है। श्रम विभाग ने निरीक्षण के दौरान न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976, वेतन भुगतान अधिनियम 1936, संविदा श्रमिक अधिनियम 1970 एवं बोनस भुगतान अधिनियम 1965 के उल्लंघन की जांच की। ओवरटाइम से संबंधित जानकारी प्रस्तुत नहीं करने पर प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। सूचनाओं का प्रदर्शन नहीं पाए जाने पर भी प्रबंधक को नोटिस जारी किया जाएगा। अन्य आवश्यक दस्तावेजों की अनुपलब्धता पर 7 दिन के भीतर त्रुटि सुधार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।  पर्यावरण विभाग की जांच में स्थितियां सामान्य पाई गईं। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा जांच में कारखाने में कोई विशेष कमी नहीं पाई गई। निरीक्षण के बाद संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक कार्यवाही की जा रही है एवं उद्योगों को नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।महासमुंद 27 फरवरी 2025/ कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी के आदेशानुसार गठित संयुक्त टीम द्वारा औद्योगिक क्षेत्र बिरकोनी में स्थित उद्योगों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान वालप्लास्ट प्रोडक्ट प्रा. लि. का कारखाना बंद पाया गया, जबकि ड्राइकेम इंडिया प्रा. लि. में विभिन्न विभागों द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण दल में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा बलौदाबाजार के सहायक संचालक श्री मनीष कुमार कुंजाम, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र महासमुंद के प्रबंधक श्री शशिकांत सिंह, श्रम विभाग के श्रम पदाधिकारी श्री डी.एन. पात्र, जिला परिवहन अधिकारी श्री राम कुमार ध्रुव एवं पर्यावरण विभाग के प्रभारी केमिस्ट श्री बी.पी. मिश्रा उपस्थित रहे।
औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा कारखाना अधिनियम 1948 एवं छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली 1962 के उल्लंघन पाए जाने पर कारखाना प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएग। परिवहन विभाग ने कारखाना प्रबंधन से तौल कांटा (वे-ब्रिज) का एक महीने का डेटा एवं वाहनों की सूची तलब की है। श्रम विभाग ने निरीक्षण के दौरान न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976, वेतन भुगतान अधिनियम 1936, संविदा श्रमिक अधिनियम 1970 एवं बोनस भुगतान अधिनियम 1965 के उल्लंघन की जांच की। ओवरटाइम से संबंधित जानकारी प्रस्तुत नहीं करने पर प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। सूचनाओं का प्रदर्शन नहीं पाए जाने पर भी प्रबंधक को नोटिस जारी किया जाएगा। अन्य आवश्यक दस्तावेजों की अनुपलब्धता पर 7 दिन के भीतर त्रुटि सुधार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। पर्यावरण विभाग की जांच में स्थितियां सामान्य पाई गईं। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा जांच में कारखाने में कोई विशेष कमी नहीं पाई गई। निरीक्षण के बाद संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक कार्यवाही की जा रही है एवं उद्योगों को नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने फाइलेरिया उन्मूलन हेतु सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम का किया शुभारंभ

महासमुन्द 27 फरवरी 2025/  विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने आज शासकीय वल्लभाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मचेवा में सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम के तहत फाइलेरिया उन्मूलन की दवाई सेवन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर पार्षदगण श्री पवन पटेल, श्री रमेश साहू, श्री देवीचन्द राठी एवं श्री धमेन्द्र डड्सेना सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

 

कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं स्टाफ ने भी फाइलेरिया उन्मूलन की दवा का सेवन किया। विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने जिलेवासियों से अपील की कि सभी लोग दवाई अवश्य सेवन करें और महासमुन्द को फाइलेरिया मुक्त बनाने में सहयोग दें।

 

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पी. कुदेशिया ने जानकारी दी कि 27 फरवरी से 13 मार्च 2025 तक सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम का क्रियान्वयन किया जाएगा। इसमें 27 फरवरी से 02 मार्च तक आंगनबाड़ी, स्कूल, कॉलेज एवं विभिन्न संस्थानों में बूथ लगाकर दवा सेवन कराया जाएगा। इसी तरह 3 मार्च से 10 मार्च तक मितानिन एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर दवा खिलाएंगे तथा 11 मार्च से 13 मार्च छूटे हुए व्यक्तियों को मॉप-अप राउंड के तहत दवा दी जाएगी।

 

एमडीए कार्यक्रम के तहत डी.ई.सी., एलबेंडाजॉल एवं आईवरमेक्टिन की दवाइयां उम्र के अनुसार दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि यह दवाई खाली पेट नहीं खानी है, भोजन करने के बाद ही इसका सेवन करना है। 4,582 स्वास्थ्यकर्मी अभियान में जुटेंगे। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. व्ही.पी. सिंह ने बताया कि पूरे महासमुन्द जिले में 4,582 मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी घर-घर जाकर दवाई खिलाएंगे।

महासमुन्द 27 फरवरी 2025/ विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने आज शासकीय वल्लभाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मचेवा में सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम के तहत फाइलेरिया उन्मूलन की दवाई सेवन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर पार्षदगण श्री पवन पटेल, श्री रमेश साहू, श्री देवीचन्द राठी एवं श्री धमेन्द्र डड्सेना सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं स्टाफ ने भी फाइलेरिया उन्मूलन की दवा का सेवन किया। विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने जिलेवासियों से अपील की कि सभी लोग दवाई अवश्य सेवन करें और महासमुन्द को फाइलेरिया मुक्त बनाने में सहयोग दें।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पी. कुदेशिया ने जानकारी दी कि 27 फरवरी से 13 मार्च 2025 तक सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम का क्रियान्वयन किया जाएगा। इसमें 27 फरवरी से 02 मार्च तक आंगनबाड़ी, स्कूल, कॉलेज एवं विभिन्न संस्थानों में बूथ लगाकर दवा सेवन कराया जाएगा। इसी तरह 3 मार्च से 10 मार्च तक मितानिन एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर दवा खिलाएंगे तथा 11 मार्च से 13 मार्च छूटे हुए व्यक्तियों को मॉप-अप राउंड के तहत दवा दी जाएगी।

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पेट, आँत एवं

लीवर से संबंधित सभी

बिमारियों एवं समस्याओं

की जाँच एवं ईलाज

• पेट में छाले एवं घाव (अल्सर)

• आमाशय एवं अग्नाशय की बिमारियाँ

• खून की उल्टी एवं पेट में पानी भरना

• पेट और आँत में कैंसर एवं टी. बी. रोग

• लीवर की जटिल बिमारियों का इलाज

• पित्ताशय एवं पित्त नली की पथरी

• छोटी एवं बड़ी आँत की बिमारियाँ

• फंगल इंफेक्सन एवं आँतों का सूजन

• पीलिया एवं हेपेटायटिस जनित समस्याएँ

• पेट में गैस एवं एसिडिटी की समस्या

एंडोस्कोपी एवं कोलोनोस्कोपी

की सुविधा उपलब्ध

डॉ. साकेत अग्रवाल

MD, DNB GARTROENTEROLOGY

Consultant Gartroenterologist

Hepatologist, Endoscopist

Ramkrishna Care Hospital, Raipur

प्रदेश के प्रख्यात

पेट एवं लिवर रोग विशेषज्ञ

302025

उपलब्ध : 01 मार्च 2025 *अग्रिम पंजीयन अनिवार्य

सुबह 11 से दोप. 2 बजे तक

* पुरानी रिपोर्ट साथ अवश्य लाएं

अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल

• बसना, जिला-महासमुंद (छ.ग.)84618-11000, 77708-68473, 77730-86100पेट, आँत एवं
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60 टी.बी मरीजों के लिए निःक्षय मित्र बने राज्यपाल श्री डेका

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने राज्य के धमतरी, राजनांदगांव, गरियाबंद और बस्तर जिलों के 60 टी.बी. मरीजों के लिए निःक्षय मित्र बनकर उनको पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने हेतु 2 लाख 25 हजार रूपए की राशि प्रदान की है। श्री डेका ने आज उक्त राशि संबंधित जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को प्रदान की।
इस अवसर पर राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि भारत सरकार की फ्लैगशिप योजना प्रधानमंत्री टी.बी मुक्त भारत अभियान के तहत देश एवं  प्रदेश को वर्ष 2025 तक टी.बी मुक्त करने का लक्ष्य है। इसके लिए जो राशि दी जा रही है उससे टी.बी मरीजों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। श्री डेका ने टी.बी मरीजों के लिए हरसंभव मदद की बात कही। उन्होंने निर्देशित किया कि राज्य को टी.बी. मुक्त बनाने के लिए समुदाय को भी जोड़ने का प्रयास करें।
श्री डेका ने कहा कि राजभवन आमजनता के साथ जुड़े यह हमारी प्राथमिकता है। जनता के हित के लिए अच्छा कार्य करने वाली संस्थाओं की जानकारी लेकर उन्हें स्वेच्छानुदान उपलब्ध कराया जा रहा है।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर प्रसन्ना ने श्री डेका को प्रधानमंत्री टी.बी मुक्त भारत अभियान के तहत भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रदत्त निःक्षय मित्र पंजीयन प्रमाण पत्र प्रदान किया।
इस अवसर पर राज्यपाल की संयुक्त सचिव श्रीमती हिना अनिमेष नेताम, राजभवन के अन्य अधिकारी तथा संबंधित जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।राज्यपाल श्री रमेन डेका ने राज्य के धमतरी, राजनांदगांव, गरियाबंद और बस्तर जिलों के 60 टी.बी. मरीजों के लिए निःक्षय मित्र बनकर उनको पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने हेतु 2 लाख 25 हजार रूपए की राशि प्रदान की है। श्री डेका ने आज उक्त राशि संबंधित जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को प्रदान की।

इस अवसर पर राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि भारत सरकार की फ्लैगशिप योजना प्रधानमंत्री टी.बी मुक्त भारत अभियान के तहत देश एवं  प्रदेश को वर्ष 2025 तक टी.बी मुक्त करने का लक्ष्य है। इसके लिए जो राशि दी जा रही है उससे टी.बी मरीजों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। श्री डेका ने टी.बी मरीजों के लिए हरसंभव मदद की बात कही। उन्होंने निर्देशित किया कि राज्य को टी.बी. मुक्त बनाने के लिए समुदाय को भी जोड़ने का प्रयास करें।  
श्री डेका ने कहा कि राजभवन आमजनता के साथ जुड़े यह हमारी प्राथमिकता है। जनता के हित के लिए अच्छा कार्य करने वाली संस्थाओं की जानकारी लेकर उन्हें स्वेच्छानुदान उपलब्ध कराया जा रहा है।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर प्रसन्ना ने श्री डेका को प्रधानमंत्री टी.बी मुक्त भारत अभियान के तहत भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रदत्त निःक्षय मित्र पंजीयन प्रमाण पत्र प्रदान किया।
इस अवसर पर राज्यपाल की संयुक्त सचिव श्रीमती हिना अनिमेष नेताम, राजभवन के अन्य अधिकारी तथा संबंधित जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

नगर निगम रायपुर के नव निर्वाचित महापौर एवं पार्षदों का शपथ ग्रहण सम्पन्न

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में नगर पालिक निगम, रायपुर के नव निर्वाचित महापौर एवं पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह आज बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम रायपुर में संपन्न हुआ। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने महापौर एवं सभी पार्षदों को वार्डवार शपथ दिलाई।

महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में शपथ ग्रहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी नव-निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि नवनिर्वाचित महापौर और पार्षदगण अटल विश्वास पत्र में किए गए प्रत्येक वादे को पूरा कर रायपुर को स्वच्छ, सुव्यवस्थित एवं समृद्ध शहर बनाने की दिशा में दृढ़ संकल्प के साथ कार्य करेंगे।

शपथ ग्रहण उपरांत महापौर मीनल चौबे ने मुख्यमंत्री श्री साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा, मंत्रीगण, पूर्व महापौर एवं विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

समारोह में वन मंत्री श्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री राजेश मूणत, श्री किरण देव, श्री सुनील सोनी, श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री अनुज शर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।नगर निगम आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा ने सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों एवं शहरवासियों का आभार व्यक्त किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में नगर पालिक निगम, रायपुर के नव निर्वाचित महापौर एवं पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह आज बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम रायपुर में संपन्न हुआ। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने महापौर एवं सभी पार्षदों को वार्डवार शपथ दिलाई।

महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में शपथ ग्रहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी नव-निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि नवनिर्वाचित महापौर और पार्षदगण अटल विश्वास पत्र में किए गए प्रत्येक वादे को पूरा कर रायपुर को स्वच्छ, सुव्यवस्थित एवं समृद्ध शहर बनाने की दिशा में दृढ़ संकल्प के साथ कार्य करेंगे।

शपथ ग्रहण उपरांत महापौर मीनल चौबे ने मुख्यमंत्री श्री साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा, मंत्रीगण, पूर्व महापौर एवं विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

समारोह में वन मंत्री श्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री राजेश मूणत, श्री किरण देव, श्री सुनील सोनी, श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री अनुज शर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।नगर निगम आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा ने सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों एवं शहरवासियों का आभार व्यक्त किया।