75 लाख की गांजा बरामद, तस्करों के भागने की कोशिश को महासमुंद पुलिस ने किया नाकाम

गरियाबंद। जिले की देवभोग पुलिस ने फिल्मी अंदाज में घेराबंदी कर दो स्विफ्ट कारों से करीब 75 लाख रुपये कीमत का डेढ़ क्विंटल गांजा बरामद किया है। इस मामले में एक नाबालिग समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े जाने के डर से तस्करों ने पुलिसकर्मियों पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की, लेकिन कार दुर्घटना ग्रस्त हो गई और पुलिस ने आरोपियों को धर दबोचा। मिली जानकारी के अनुसार, तस्करों ने ओडिशा से गांजा भरने के बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए अपनी गाड़ियों की मध्य प्रदेश (MP) की नंबर प्लेट निकालकर छत्तीसगढ़ (CG) की नंबर प्लेट लगा दी थी, लेकिन देवभोग पुलिस को इसकी पुख्ता सूचना पहले ही मिल चुकी थी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने तत्काल नाकाबंदी की।आरोपियों को भनक लग गई और उन्होंने भागने की कोशिश की। इस दौरान रोकने का प्रयास कर रहे पुलिसकर्मियों के ऊपर ही तस्करों ने गाड़ी चढ़ाने की कोशिश भी की। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पीछा करने के लिए अलग-अलग टीमें बनाईं। पुलिस से बचने के लिए तेज रफ्तार में भाग रही तस्करों की दोनों स्विफ्ट कारें अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गईं, जिसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर पांचों को हिरासत में ले लिया। कारों की तलाशी लेने पर उसमें से डेढ़ क्विंटल गांजा बरामद हुआ, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 75 लाख रुपये आंकी गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपी मध्य प्रदेश के गांधी नगर और साजनाबाद जिले के रहने वाले हैं। पकड़े गए तस्करों में एक नाबालिग है, जबकि अन्य 4 आरोपियों की उम्र 22 से 26 साल के बीच है। पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि वे हमेशा की तरह इस बार भी एक बड़े नेटवर्क के इशारे पर मोटी मजदूरी के चक्कर में गांजा सप्लाई करने जा रहे थे।

 

तेंदूपत्ता लोड ट्रक में लगी आग, अंतागढ़ के पास घटना

कांकेर। जिले के अंतागढ़ इलाके में तेंदूपत्ता से भरा एक ट्रक बिजली के हाईटेंशन तार की चपेट में आने के बाद आग का गोला बन गया। देखते ही देखते ट्रक धू-धू कर जल उठा और लाखों रुपये का तेंदूपत्ता समेत पूरा वाहन जलकर खाक हो गया। राहत की बात यह रही कि ड्राइवर और हेल्पर ने समय रहते ट्रक से कूदकर अपनी जान बचा ली। पूरा मामला अंतागढ़ – सोनपुर वन परिक्षेत्र का बताया जा रहा है जहां ट्रक में हेटारकसा और बोगान फड़ का तेंदूपत्ता लोड था। जैसे ही ट्रक खरीदी केंद्र के पास पहुंचा, वह ऊपर से गुजर रहे बिजली के तारों की चपेट में आ गया। सूखी पत्तियां होने के कारण आग ने पल भर में विकराल रूप ले लिया। गनीमत रही कि करंट और आग का एहसास होते ही ड्राइवर और हेल्पर ने फौरन ट्रक से कूदकर अपनी जान बचा ली। इस हादसे में लाखों रुपये का तेंदूपत्ता और ट्रक पूरी तरह जलकर खाक हो चुका है। वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर मामले की जांच में जुट गई है

मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0 के तहत जनभागीदारी सप्ताह का आयोजन

महासमुंद। आज “मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0” अंतर्गत जिले में आयोजित जनभागीदारी सप्ताह के प्रथम दिवस पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री हेमंत नंदनवार द्वारा विभिन्न ग्राम पंचायतों का निरीक्षण कर जनभागीदारी से निर्मित जल संरक्षण संरचनाओं का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों से संवाद करते हुए प्रत्येक घर में सोखता गड्ढा निर्माण कराने तथा ग्राम पंचायतों में उपयुक्त स्थलों पर जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से संबंधित लघु संरचनाओं का निर्माण कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल शासन का कार्य नहीं, बल्कि जनसहभागिता से जुड़ा जनआंदोलन है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।  मुख्य कार्यपालन अधिकारी नंदनवार ने जिले के सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनभागीदारी सप्ताह अंतर्गत सभी ग्राम पंचायतों में जल संवर्धन हेतु विविध प्रकार की संरचनाओं का निर्माण जनसहभागिता से कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्य मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना एवं स्वच्छ भारत मिशन के नियमित निर्माण कार्यों से पृथक होंगे। उन्होंने सरपंच, पंच एवं जनप्रतिनिधियों से गांवों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने, चौपाल आयोजित कर जल संरक्षण पर चर्चा करने तथा अधिक से अधिक लोगों को श्रमदान हेतु प्रेरित करने के निर्देश दिए। साथ ही गांव की आवश्यकता के अनुरूप जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण पर विशेष जोर दिया गया। उल्लेखनीय है कि “मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0” अंतर्गत आगामी 27 मई तक जिले की सभी ग्राम पंचायतों में लगभग 400 जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कलेक्टर विनय लंगेह ने सभी निर्मित संरचनाओं की पोर्टल में अनिवार्य रूप से एंट्री सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सुशासन तिहार में शामिल होने बस से रवाना हुए अधिकारी

महासमुंद। सुशासन तिहार अंतर्गत आज कलेक्ट्रेट परिसर से कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम को समाधान शिविर हेतु बस के माध्यम से रवाना किया। इस अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा सामूहिक बस यात्रा के जरिए ईंधन संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा एवं शासकीय कार्यों में मितव्ययिता का संदेश दिया गया। कलेक्टर लंगेह ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री द्वारा पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत एवं संसाधनों के समुचित उपयोग को लेकर लगातार अपील की जा रही है। इसी के मद्देनजर जिला प्रशासन महासमुंद द्वारा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सामूहिक रूप से बस के माध्यम से शिविर स्थल तक भेजने की पहल की गई है। इस दौरान अधिकारियों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए भविष्य में भी सुशासन तिहार एवं अन्य शासकीय कार्यक्रमों में सामूहिक बस यात्रा को प्राथमिकता देने की बात कही।

ब्रेकिंग न्यूज़ : गृहमंत्री अमित शाह से बोली बस्तर की बच्ची…

बस्तर। गृह मंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ के दौरे पर थे, जहां उन्होंने कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। उन्होंने मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक की अध्यक्षता की। इसके बाद, कभी नक्सलियों के गढ़ के रूप में प्रसिद्ध बस्तर में आदिवासी समुदाय के लोगों से मुलाकात की। इस दौरान एक बच्ची के साथ हुए संवाद का जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने इसे आनंददायक पल बताया। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जगदलपुर के नेतानार गांव में गुंडा धुर सेवा डेरा का जब उद्घाटन किया गया, वहां आदिवासी भाई-बहनों के चेहरे पर आशा की किरण देखी। राजनीति में मैं संवेदनशीलता के साथ काम करने वाला इंसान हूं। लाखों की भीड़ को भाषण देने से जितना आत्मसंतोष नहीं मिलता, उससे ज्यादा आत्मसंतोष 400 आदिवासी भाई-बहनों के बीच में मिला है।  कि इस दौरान एक बच्ची के मुंह से ‘अब हम बच गए’ चलते-चलते सुनकर इतना आनंद हुआ कि शब्दों में वर्णन करना बहुत कठिन है। गृह मंत्री के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के अकाउंट से इस वीडियो को शेयर किया गया है, साथ में लिखा गया है, “बस्तर के नक्सलमुक्त होने के बाद जब वहां की एक छोटी बच्ची मुझे बोलती है कि ‘हम बच गए,’ तो वह खुशी लाखों खुशियों से ऊपर होती है।” बता दें कि गृह मंत्री अमित शाह मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में हिस्सा लेने के लिए बस्तर पहुंचे थे। इस बैठक के आयोजन को लेकर उन्होंने कहा कि जिस बस्तर में कभी लाल आतंक का साया था, आज वहीं जगदलपुर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक होना सभी के लिए गौरव का विषय है। मध्य क्षेत्रीय परिषद के सदस्य राज्यों के बीच आज किसी भी प्रकार का विवाद शेष नहीं रह गया है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। आज यह पूरा क्षेत्र न केवल नक्सलमुक्त हुआ है, बल्कि विवादों से भी मुक्त है। बैठक में कुपोषण उन्मूलन, स्कूल ड्रॉपआउट में कमी लाने, यौन अपराधों में शत-प्रतिशत दोषसिद्धि सुनिश्चित करने एवं राज्य-स्तरीय साइबर हेल्पलाइन जैसे अहम विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।

छत्तीसगढ़ में नवतपा की शुरुआत से पहले ही भीषण गर्मी का प्रकोप, गर्म हवाओं (लू) से थमी रफ्तार

रायपुर. छत्तीसगढ़ में नवतपा से पहले से सूरज आग उगल रहा है. रायपुर में गुरुवार को भीषण गर्मी का कहर देखने को मिला. पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया. वहीं माना में सबसे ज्यादा 45 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ. रात तक गर्म हवाएं चलती रही. दोपहर में सूरज की तपन और गर्म हवाओं के चलते कूलर भी ठंडा हवा नहीं दे पा रही थी. एक मिनट भी घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था. मौसम विभाग ने शुक्रवार को रायपुर में ग्रीष्म लहर को लेकर आरेंज अलर्ट जारी किया है. आज राजधानी में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है.  बिलासपुर, रायगढ़, सारंगढ़- बिलाईगढ़, सक्ती, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, बलोदा बाजार, रायपुर, धमतरी, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव जिलों में एक-दो पॉकेट में ग्रीष्म लहर चलने को लेकर ऑरेंज अलर्ट है. वहीं मौसम विभाग ने कोरबा, गरियाबंद, महासमुंद, बालोद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों में एक-दो पॉकेट में हीटवेव चलने की संभावना जताई है. यहां यलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने ग्रीष्म लहर मद्देनजर एडवायजरी जारी की है. मौसम विभाग का कहना है कि अनावश्यक रूप से धूप में ना निकलें, विशेषकर दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच. पानी और उपयुक्त तरल पदार्थ का सेवन करते रहें. धूप में निकल रहे हैं तो हल्के रंग के कॉटन कपड़े पहनें व पूरे शरीर को ढंककर रखें.

सरायपाली: खाद दुकान में स्टॉक कम पाए जाने पर जप्ती की कार्रवाई / 2 कृषि अधिकारी को कलेक्टर ने सस्पेंड कर दिया है सरायपाली बागबाहरा के कृषि दुकानों से जुड़ा है मामला/

सरायपाली: खाद दुकान में स्टॉक कम पाए जाने पर जप्ती की कार्रवाई / 2 कृषि अधिकारी को कलेक्टर ने सस्पेंड कर दिया है सरायपाली बागबाहरा के कृषि दुकानों से जुड़ा है मामला/

महासमुंद 21 मई 2026/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिले में कृषि आदानों की सतत निगरानी एवं निरीक्षण की कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में टीम द्वारा सरायपाली एवं महासमुंद विकासखण्ड में औचक निरीक्षण किया गया।
सरायपाली विकासखण्ड अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनुपमा आनंद एवं तहसीलदार श्रीधर पंडा के नेतृत्व में ओम फर्टिलाइज़र प्रतिष्ठान में भौतिक सत्यापन किए जाने पर स्टॉक में 298 बोरी कम पाई गई। अनियमितता पाए जाने पर भौतिक रूप से उपलब्ध स्टॉक को जप्त करने की कार्रवाई की गई है। साथ ही अग्रिम वैधानिक कार्रवाई हेतु प्रस्ताव कृषि विभाग को प्रेषित किया जा रहा है। इसी तरह महासमुंद में गत दिवस तहसीलदार श्री जुगल किशोर पटेल के नेतृत्व में बग्गा कृषि सेवा केंद्र के दुकान एवं गोदाम तथा मार्कफेड खाद गोदाम तुमाडबरी का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान खाद एवं उर्वरकों के भंडारण, वितरण तथा अभिलेखों का परीक्षण किया गया। प्रशासन द्वारा किसानों को गुणवत्तायुक्त कृषि उर्वरक उपलब्ध कराने एवं कालाबाजारी पर रोक लगाने के उद्देश्य से लगातार निरीक्षण एवं कार्रवाई की जा रही है।

 

 

महासमुंद बस स्टैंड में आरटीओ द्वारा बसों का औचक निरीक्षण
बसों में चालक वर्दी, फिटनेस और मेडिकल जांच के दिए निर्देश महासमुंद, 21 मई 2026/ जिला परिवहन अधिकारी श्री प्रतीक शुक्ला द्वारा मंगलवार को महासमुंद बस स्टैंड में आर.टी.ओ. टीम एवं यातायात पुलिस अधिकारियों के साथ बसों का औचक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान बसों की फिटनेस, चालक-परिचालकों की वर्दी तथा वाहनों की सड़क पर चलने योग्य स्थिति का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान जिला परिवहन अधिकारी ने वाहन चालकों को अनिवार्य रूप से वर्दी पहनने, बसों को तकनीकी रूप से फिट एवं सुरक्षित रखने तथा वाहन चालकों की प्रारंभिक मेडिकल जांच कराने के निर्देश दिए। इस दौरान उपस्थित वाहन स्वामियों एवं चालकों ने विभाग द्वारा दिए गए निर्देशों का निःशर्त पालन करने की सहमति जताई। जिला परिवहन अधिकारी ने कहा कि इस प्रकार की जांच कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी। यदि किसी वाहन में खामी पाई जाती है अथवा नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित वाहन, वाहन स्वामी एवं चालक के विरुद्ध चालानी एवं वाहन जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।

छत्तीसगढ़ में 2 कृषि अधिकारी को कलेक्टर ने सस्पेंड कर दिया है सरायपाली बागबाहरा के कृषि दुकानों से जुड़ा है मामला छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले अंतर्गत सरायपाली और दूसरा बागबहार क्षेत्र के है दोनों पर नियमों के विपरीत अधिक मात्रा में खाद वितरण को रोकने किया जा रहा था महासमुंद में कृषि विभाग पर कलेक्टर की बड़ी कार्रवाई…!
यूरिया खाद वितरण में गड़बड़ी की शिकायत के बाद दो वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी निलंबित…!
महासमुंद कलेक्टर विनय लंगेह ने सख्त रुख अपनाते हुए कृषि विभाग के दो अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई की है। मामला जुड़ा है अक्रियाशील फसल अवधि में अनियमित और अधिक मात्रा में यूरिया खाद वितरण से।
सरायपाली के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सुंदरलाल मिर्धा पर आरोप है कि मेसर्स राजेश अग्रवाल और ओम फर्टिलाइजर सरायपाली द्वारा अधिक मात्रा में यूरिया वितरण के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई और विभागीय निर्देशों की अनदेखी की गई।

वहीं बागबाहरा के प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी गंगा प्रसाद शरणागत पर भी आर.एस. ट्रेडर्स बागबाहरा और जय मां भीमेश्वरी ट्रेडर्स सुनसुनिया के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने और आदेशों का पालन नहीं करने के आरोप लगे।
कलेक्टर के आदेश के बाद दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
निलंबन अवधि में गंगा प्रसाद शरणागत का मुख्यालय सरायपाली, जबकि सुंदरलाल मिर्धा का मुख्यालय महासमुंद निर्धारित किया गया है। दोनों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
सवाल बड़ा है… आखिर अक्रियाशील सीजन में इतनी मात्रा में यूरिया किसके लिए और कैसे वितरित हुआ…?
क्या यह कार्रवाई यहीं रुकेगी या जिम्मेदार कारोबारियों पर भी होगा कार्यवाही

यूरिया वितरण में धांधली पर बड़ी कार्रवाई: महासमुंद कलेक्टर ने दो सीनियर कृषि अधिकारियों को किया निलंबित

महासमुंद। जिले में यूरिया वितरण में गड़बड़ी को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर विनय लंगेह ने कृषि विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश जारी किया है। कार्रवाई के बाद कृषि विभाग में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सुंदरलाल मिर्धा और प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी गंगा प्रसाद शरणागत पर अनियमित खाद वितरण और विभागीय निर्देशों की अनदेखी करने के आरोप लगे हैं।

बताया जा रहा है कि सरायपाली और बागबाहरा क्षेत्र में अक्रियाशील फसल अवधि के दौरान किसानों को अधिक मात्रा में यूरिया का वितरण किया गया। मामले में किसानों की शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने जांच कराई, जिसमें लापरवाही सामने आने पर यह कार्रवाई की गई।

कलेक्टर ने अधिकारियों पर खाद वितरण व्यवस्था की निगरानी नहीं करने और समय पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। इस कार्रवाई के बाद जिले में कृषि विभाग की कार्यप्रणाली और खाद वितरण व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 

बार अभ्यारण्य के पास बायसन का तांडव; तीन गांवों में हमला कर एक ग्रामीण को उतारा मौत के घाट, दो महिलाएं गंभीर

पिथौरा। बार अभ्यारण्य के समीप स्थित गांवों में एक बायसन (गौर) रे हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई है, वहीं दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हैं। यह घटना मंगलवार सुबह 8 से 9 बजे के बीच तीन अलग-अलग गांवों गजराडीह, मुरुमडीह और रवान में हुई। जिससे इलाके में दहशत का माहौल है।

गजराडीह में देवेंद्र साहू पर बायसन ने अचानक हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान महासमुंद के एक निजी अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई।

मुरुमडीह में बायसन नेपंचबाई ठाकुर पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। वहीं रवान में  गायत्री यादव पर बायसन ने हमला किया, जिससे उनके पैर में गहरे घाव आए और टांके लगाने पड़े।

दोनों घायल महिलाओं को कसडोल स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है। वहीं  वन विभाग द्वारा घायलों को प्रारंभिक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है।  ग्रामीणों ने मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने, घायलों का नि:शुल्क इलाज करने और वन विभाग द्वारा हिंसक बायसन को आबादी क्षेत्र से दूर खदेडऩे की मांग की है।

वन्य प्राणी पानी की तलाश में रिहायशी इलाकों की ओर

भीषण गर्मी और जंगलों में पानी की कमी के कारण वन्य प्राणी पानी की तलाश में रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे उनके हिंसक होने की संभावना बढ़ गई है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि वन्यजीव की मौजूदगी को लेकर समय पर चेतावनी या अलर्ट जारी नहीं किया गया, जिससे यह दुखद घटना हुई।

कसेकेरा पहाड़ी में आपस में भिड़े भालू, खूनी संघर्ष में एक मादा भालू की मौत

महासमुंद। कोमाखान क्षेत्र स्थित कसेकेरा पहाड़ी में सोमवार की रात भालुओं के मध्य हुई आपसी लड़ाई में एक मादा भालू की मौत हो गई। वन विभाग ने मृत भालू के शव को कोमाखान डिपो ले जाकर पीएम पश्चात जलाया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कसेकेरा के कोटवार को ग्रामीणों ने मंगलवार की सुबह बताया कि कसेकेरा पहाड़ी में एक भालू मृत पड़ा है। इसकी सूचना उसने वन विभाग को दी।
सूचना मलते पर वनकर्मी तुरंत घटना स्थल पहुंचे। एसडीओ फॉरेस्ट जीएस ठाकुर एवं रेंजर एलएन ध्रुव भी वहां पहुंचे।  पंचनामा के बाद शव को कोमाखान वन डिपो लाया गया जहां अपरान्ह उसका तीस सदस्यीय पशु चिकित्सक की टीम ने उसका पोस्टमार्टम किया। उसके बाद डिपो में ही शव को जलाया गया।

चिकित्सकों से मिली जानकारी के अनुसार मृत मादा भालू का उम्र लगभग 10 वर्ष है। उसके सामने के दोनों पंजों में जख्म था। आपसी लड़ाई के जख्म भी थे। पेट में चोट लगी दिखी। वहीं पूंछ पर भी जख्म के निशान थे।
उल्लेखनीय है कि कसेकेरा पहाड़ी गांव के साथ लगभग लगी हुई है। इस पहाड़ी क्षेत्र में भालुओं बसेरा है। आए दिन भालुओं का गांव के घरों में तेल पीने आदि की खबरें मिलती है। गांव की गली में उनकी आवाजाही भी लगी रहती है। ग्रामवासियों में चर्चा के अनुसार बीती रात पहाड़ी पर भालुओं की आवाजें आ रही थी। जिससे ऐसा लग रहा था कि उनमें किसी प्रकार की लड़ाई हो रही है और सुबह एक मादा भालू का शव पहाड़ी पर मिला।
एसडीओ फॉरेस्ट महासमुंद ने बताया कि भालुओं की आपसी लड़ाई में मौत होने का अनुमान लगाया जा रहा है। आपसी लड़ाई में पहाड़ी से 20 फुट की ऊंचाई से गिर गयी थी। शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे कोमाखान डिपो में जला दिया गया। कहा कि पीएम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद अन्य सारी जानकारियां मिल जाएगी।