छत्तीसगढ़ / शिक्षक भर्ती के संबंध में सोशल मीडिया में अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को आरक्षण का पूरा लाभ न मिलने की झूठी अफवाह फैलाई जा रही है। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय के द्वारा वस्तुस्थिति स्पष्ट किया गया ।

छत्तीसगढ़ / शिक्षक भर्ती के संबंध में सोशल मीडिया में अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को आरक्षण का पूरा लाभ न मिलने की झूठी अफवाह फैलाई जा रही है। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय के द्वारा वस्तुस्थिति स्पष्ट किया गया ।

रायपुर : शिक्षक भर्ती में आरक्षण नियमों का पूरी तरह हुआ पालन
रायपुर 22 सितंबर 2023

प्रदेश में वर्तमान में शिक्षकों की भर्ती की कार्यवाही प्रकियाधीन है, शिक्षक भर्ती के संबंध में सोशल मीडिया में अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को आरक्षण का पूरा लाभ न मिलने की झूठी अफवाह फैलाई जा रही है। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय के द्वारा वस्तुस्थिति स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान में शिक्षक संवर्ग के कुल 5090 पदों पर भर्ती की कार्यवाही की जा रही है। जिनमें से अनारक्षित वर्ग के कुल 905 पद है।

 


उल्लेखनीय है कि नियमानुसार मेरिट में उपर आने पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को भी अनारक्षित श्रेणी में नियुक्ति की पात्रता होती है। इस नियम का पालन करते हुये जिन 895 अभ्यर्थियों को अनारक्षित श्रेणी में नियुक्ति पत्र जारी किया गया/किया जा रहा है, उनमें से 48 अनुसूचित जाति, 04 अनुसूचित जनजाति, 623 अन्य पिछड़ा वर्ग, तथा 220 अभ्यर्थी सामान्य श्रेणी के है। इन तथ्यों से यह स्पष्ट है कि शिक्षक भर्ती में आरक्षण नियमों का पूरी तरह से पालन किया गया है और किसी भी वर्ग के अभ्यर्थी के साथ अन्याय नही किया गया है। इसके बाद भी यदि किसी अभ्यर्थी का दावा है कि मेरिट में उसके नीचे के किसी व्यक्ति को अनारक्षित श्रेणी में नियुक्ति दी गई है तो वह तत्काल संचालक लोक शिक्षण को आवेदन दे सकता है। संचालक द्वारा समय-सीमा में ऐसे आवेदनों का निराकरण किया जायेगा।


यह भी उल्लेखनीय है कि शिक्षक भर्ती में काउंसलिंग एवं दस्तावेज सत्यापन की प्रकिया अभी भी जारी है और आरक्षित वर्ग के अनेक अभ्यर्थियों को तृतीय चरण के दस्तावेज सत्यापन हेतु दिनांक 29 एवं 30 सितम्बर 2023 को बुलाया गया है।

ऊंट पर निकली सवारी, प्लास्टिक को मिली अनोखी की विदाई प्लास्टिक रूपी दानव को विदा करते वक्त लोगों ने की जूते-चप्पलों से पिटाई

ऊंट पर निकली सवारी, प्लास्टिक को मिली अनोखी की विदाई प्लास्टिक रूपी दानव को विदा करते वक्त लोगों ने की जूते-चप्पलों से पिटाई

 

कहते हैं … हथौड़ा इतना वजनदार चलाओ कि चोट का असरदार हो, जो लोहे का भी आकार बदल सके। जागरूकता अभियान तो बहुत चलाए जाते हैं पर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में जो हुआ, ऐसा जुलूस शायद ही कभी कहीं निकाला गया हो। यहां खुशरू बाग लीडर रोड पर जल कल विभाग नगर निगम प्रयागराज की ओर से एक निराली विदाई यात्रा निकाली गई। यह थी ‘प्लास्टिक की विदाई यात्रा’, जो कि स्वच्छता पखवाड़ा – स्वच्छता ही सेवा के अंतर्गत निकाली गई थी। लोगों तक प्लास्टिक की विदाई करने के लिए प्रेरित करने का यह अंदाज भले ही व्यंग्य से भरपूर रहा, मगर मामला बहुत गंभीर और उद्देश्य बेहद नेक था। व्यंग्य में दिया गया संदेश ज्यादा से ज्यादा लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचता है, बस यही वजह रही कि प्रयागराज नगर निगम ने यह तरीका अपनाया।

 

अब मन में सवाल आएगा कि प्लास्टिक की विदाई यात्रा में खास क्या है, तो भैया विदाई यात्राएं तो तमाम तरह की निकलती हैं, राजनीतिक रैलियों में तो कई बार विरोध स्वरूप किसी जिंदा आदमी की शव यात्रा तक निकाल दी जाती है। खैर, अभी तक तो आपने प्लास्टिक के बैन होने, उसके खिलाफ एक्शन और रिकवरी होने, बैन हो चुकी प्लास्टिक के इस्तेमाल पर चालान या ‘सिंगल यूज प्लास्टिक को ना’ कहने के लिए प्रेरित करने वाले जागरूकता अभियान के बारे में ही देखा या सुना होगा। पर, सभी मामलों में प्लास्टिक निर्जीव होती है, कहने का मतलब जिंदा नहीं होती। सुनकर भले ही हैरानी हो, मगर प्रयागराज में जो विदाई यात्रा निकाली गई उसमें प्लास्टिक जिंदा नजर आई। इस अनोखी विदाई यात्रा में कई बातें निराली थीं, क्योंकि यहां प्लास्टिक जिंदा ही नहीं, बल्कि काफी भयानक और हिंसक प्रवृत्ति की दिखाई दी, जिसके हाथ में तलवार भी थी।

दरअसल इस विदाई यात्रा में प्लास्टिक रूपी दानव दिखाया गया, तो तलवार लेकर मजाकिया अंदाज में ही सही लोगों की जान लेने को तैयार बैठा था। बाकायदा एक बग्गी के आगे प्लास्टिक की विदाई यात्रा का बैनर लेकर निगमकर्मी चल रहे थे। किसी बारात की तरह ढोल नगाड़े बजाए गए और दूल्हे की तरह प्लास्टिक के वेश में एक व्यक्ति ऊंट पर बैठा हुआ था। अच्छी खासी संख्या में बाराती, या कहें क्षेत्रीय लोग, निगम अधिकारी और कर्मचारी इस विदाई यात्रा में शामिल हुए। भले ही विदाई यात्रा निकल रही थी, पर सजे-धजे ऊंट पर सवार प्लास्टिक रूपी दानव मस्ती से झूमता और नाचता दिखाई दिया। एक अन्य ऊंट पर प्लास्टिक को अलविदा कहने के लिए विकल्प सुझाने के संदेश दिए गए। प्लास्टिक के खिलाफ नारेबाजी हो रही थी, पर इस विदाई यात्रा में आए बाराती दुखी नहीं थे, बल्कि प्लास्टिक की विदाई पर नाचते हुए नारे लगा रहे थे।

जैसा कि संदेश देने का अंदाज अनोखा था, तो हर किसी का ध्यान वास्तव में इस विदाई यात्रा पर जा रहा था, कोई हैरान, तो कोई परेशान था कि यह भला कैसी यात्रा है। पर संदेश बिल्कुल साफ था इसलिए किसी को समझने में ज्यादा देर नहीं लगी कि यहां प्लास्टिक को हमेशा के लिए अपनी जिंदगी से दूर करने की बात चल रही है। यह यात्रा बाजारों, कॉलोनियों और गली मोहल्लों से गुजरी और लोगों के दिमाग पर उसी जोरदार हथौड़े की वार करते हुए जागरूकता फैलाने का काम किया, जिसकी चोट से लोग सोचने को मजबूर हो जाएं और प्लास्टिक इस्तेमाल करने के प्रति अपने व्यवहार में परिवर्तन लाएं। अंत में चार कंधों पर लोगों ने प्लास्टिक रूपी हैवान को उठाकर कचरा ढोने वाले वाहन में फेंक दिया और फिर उसकी जूते-चप्पलों से पिटाई की गई। यह दानव अपनी विदाई के दौरान कभी तड़पता दिखा, तो कभी मरने और खत्म होने का नाटक करता दिखा, जिसे देख लोगों की हंसी छूट गई। इस तरह हंसते-हंसाते, पिटते-पिटाते प्लास्टिक रूपी दानव तो वहां से चला गया, पर सभी के दिलो-दिमाग पर यह असर छोड़ गया कि अब हमेशा के लिए प्लास्टिक का इस्तेमाल बंद करना है। क्योंकि यह प्लास्टिक हमारे ही नहीं, बल्कि हमारी पूरी प्रकृति के लिए नुकसानदायक है। जहां हमें कैंसर जैसी बीमारियां दे रही है, वहीं लंबे समय तक नष्ट नहीं होने वाली यह प्लास्टिक धरती को भी बंजर बना सकती है।

महासमुन्द -/ 2 करोड़ रु की प्राचीनतम मूर्ति की तस्करी करते 03 अंतरर्राज्जीय तस्कर गिरफ्तार मूर्ति की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 2,50,00000₹(दो करोड़ पचास लाख रुपये)

महासमुन्द -/ 2 करोड़ रु की प्राचीनतम मूर्ति की तस्करी करते 03 अंतरर्राज्जीय तस्कर गिरफ्तार मूर्ति की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 2,50,00000₹(दो करोड़ पचास लाख रुपये)

महासमुन्द

मूर्ति की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 2,50,00000 दो करोड़ पचास लाख रुपये

पुलिस अधीक्षक महासमुंद श्री धर्मेन्द्र सिंह (IPS) के मार्गदर्शन में प्राचीनकालीन मूर्ति की तस्करी पर महासमुन्द पुलिस की बडी कार्यवाही।
मारूति स्वीफ्ट कार से 02 नग छोटा, बडा,बौद्ध धर्म के देवता अवलोकितेश्वर पद्मपाणी की प्रतिमा तस्करी करते 03 अन्तर्राज्जीय तस्कर गिरफ्तार।
जिला अंगूल, ओडिसा के क्षेत्र के मंदिर से दोनो मूर्ति को चुराकर ले जा रहे थे तस्कर।

02 नग छोटा, बडा बौद्ध धर्म के देवता अवलोकितेश्वर पद्मपाणी प्रतिमा कीमती 2,50,00000 रूपये।

अवलोकितेश्वर पद्मपाणि की प्रतिमा 10वीं-11वीं सदी की होने की पुष्टि की गई पुरात्तव विभाग द्वारा कला एवं पुरातत्व की दृष्टी से पुरात्तव विभाग ने माना महत्वपूर्ण प्रतिमा
थाना सिंघोडा एवं सायबर सेल पुलिस की संयुक्त कार्यवाही।

पुलिस महानिरीक्षक रायपुर क्षेत्र रायपुर श्री शेख आरिफ हुसैन (IPS) के मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक महासमुन्द श्री धर्मेन्द्र सिंह (IPS) के द्वारा अगामी विधान सभा चुनाव के मद्देनजर रखते हुये जिलें के समस्त थाना/चौकी प्रभारियों को दीगर प्रान्त से आने वाली अवैध शराब, अवैध मादक पदार्थ, संदिग्ध गतिविधियों एवं अवैध परिवहन पर नजर रख कर कड़ी कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया है।

जिसके तहत थाना/चौकी प्रभारी व सायबर सेल की टीम को दीगर प्रांतों से आने वाले सभी चेक पोस्ट पर संदिग्ध गतिविधियों एवं अवैध परिवहन पर नजर रखी हुई थी।
इसी दौरान दिनांक 23.09.2023 को सिंघोडा थाना क्षेत्र के अंतर्गत अन्तर्राजीय चेक पोस्ट रेहटीखोल (छ0ग0 ओड़िसा बॉर्डर) के पास पुलिस पार्टी द्वारा संदिग्ध वाहनो की चेकिंग की जा रही थी तभी बरगढ़ ओडिसा की तरफ से एक सफेद रंग की मारूति स्वीफ्ट कार क्रमांक MP 09 TB 5054 तेज रफ्तार बरगढ, ओडिशा से छत्तीसगढ़ की ओर आ रही थी। जो पुलिस पार्टी को वाहन चेकिंग करते खडा देख वाहन को चेक पोस्ट से पहले छोडकर भागने लगे। जिसे पुलिस की टीम द्वारा दौडाकर घेराबंदी कर 03 व्यक्ति को पकडा गया।

जिसमें 01 व्यक्ति मौके पर से फरार हो गया। जिनसे नाम पता पूछने पर अपना नाम (01) बलराम यादव पिता लक्ष्मण सिंग उम्र 48 वर्ष सा. ग्राम कलौदहाला थाना लवुडिया जिला इंदौर, मध्य प्रदेश (02) सुरेन्द्र पाल पिता रामप्रसाद पाल उम्र 40 वर्ष सा. वार्ड नं. 16 म.न. 122 रूवमी नगर छोटा बागडण थाना एरोड्रम जिला इंदौर, मध्य प्रदेश तथा (03) सुधीर अहीर पिता वासुदेव अहीर उम्र 18 वर्ष सा. कृष्णबाग कॉलोनी पटेल दूध डेयरी के पास विजय नगर इंदौर, मध्य प्रदेश का निवासी होना बताये।


जिनसे पुलिस पार्टी को देख भागने का कारण पूछे जाने पर टाल मटोल व गोलमोल जवाब देने लगे जवाबो में भिन्नता एवं असमानता पाये जाने पर संदेह प्रतीत हुआ है जिसके आधार पर कार की तलाशी ली गई। पुलिस टीम के द्वारा वाहन के तलाशी दौरान पीछे डिक्की से 02 नग छोटा, बडा मूर्ति मिला।

जिसे बाहर निकालकर देखने पर प्राचाीनकालीन मूर्ति मिला। जिसके संबंध में पूछताछ करने पर उक्त व्यक्तियों के द्वारा पुलिस टीम को गोलमोल जवाब देकर गुमराह करते रहे। टीम के द्वारा कडाई से पूछताछ करने पर अततः टूट गये और बताया कि दिनांक 18.09.2023 को इंदौर से ओडिसा जाने के लिए निकले थे दिनांक 21.09.2023 को जिला अंगूल ओडिसा के 60-70 किमी. आगे पहुंचे जहां पर एक मंदिर था उक्त मंदिर में स्थापित छोटा, बडा 02 नग मूर्ति को चोरी कर कार के डिक्की में रखकर वापस इंदौर, मध्य प्रदेश जा रहे।

पुलिस टीम के द्वारा आरोपीयों से दोनो मूर्ति को जप्त कर पुरातत्व विभाग, रायपुर को उक्त दोनो मूर्ति के संबंध में पृथक से सूचना दिया गया। पुरातत्व विभाग के द्वारा यह मूर्ति 10वीं-11वीं सदी की प्रतीत होना एवं पद्मपाणी प्रतिमा (बौध्द धर्म से संबंधित मूर्ति) होना बताया एवं मूर्ति का आकार (01) बड़ी मूर्ति की ऊंचाई 49 सेमी ,चौडाई 34 सेमी,मोटाई 13 सेमी (02) छोटा मूर्ति की ऊंचाई 10 सेमी, चौडाई 09 सेमी, मोटाई 06 सेमी होना बताया जिसकी अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लगभग 2,50,00,000 रूपये का होना बताये।


पुलिस की टीम के द्वारा 03 आरोपियों के पास से 02 नग छोटा, बडा पद्मपाणी प्रतिमा (बौध्द धर्म से संबंधित मूर्ति) जिसका अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में मुल्य 2,50,00000 रूपये एवं 01 स्वीफ्ट डीजायर वाहन क्रमांक MP 09 TB 5054 कीमती करीबन 4,00,000 रूपये एवं 03 नग विभिन्न कंपनी के मोबाईल कुल जुमला कीमती 2,54,00,000 रूपये जप्त कर थाना सिंघोडा में अपराध/धारा 41(1+4) जा.फौ., 379 भादवि के तहत् कार्यवाही कर गिरफ्तार किया गया तथा फरार आरोपी हासीम खान पिता सलीम खान की पतासाजी की जा रही है।

यह सम्पूर्ण कार्यवाही पुलिस अधीक्षक महासमुन्द धर्मेन्द्र सिंह (IPS) के मार्गदर्शन मे अति0 पुलिस अधीक्षक श्री आकाश राव एवं अनु0अधिकारी (पु) सरायपाली श्री अभिषेक केसरी के निर्देशन में थाना सिंघोडा प्रभारी उप निरीक्षक उमेश वर्मा, साइबर सेल प्रभारी नसीम उद्दीन खान, प्रआर. जितेन्द्र कुमार आर. संदीप भोई, हेमन्त नायक, जैकी प्रधान, शुसान्त बेहरा, बिरेन्द्र बाघ, बिरेन्द्र कर, रोहित सिदार, जिवर्धन बरिहा, बसंत कुमार, मनोहर साहू, डिग्री मेहेर, यश ठाकुर के द्वारा की गई।

छत्तीसगढ़ -/ मामा भाचा मेला तो सब जानते है लेकिन क्या है इसके पीछे का कारण की मामा भाचा और मुनि पहाड़ पर्वत के रूप में परिवर्तित हो गए कुछ सालों तक प्रेमी जोड़ा भागने को लेकर भी यह स्थान मशहूर हुवा था ?

छत्तीसगढ़ -/ मामा भाचा मेला तो सब जानते है लेकिन क्या है इसके पीछे का कारण की मामा भाचा और मुनि पहाड़ पर्वत के रूप में परिवर्तित हो गए कुछ सालों तक प्रेमी जोड़ा भागने को लेकर भी यह स्थान मशहूर हुवा था ?

छत्तीसगढ़ में एक से एक जगह है और हर जगह का अलग अलग मान्यताएं है आस्था इतना ज्यादा है कि आज भी सालों बीत जाने के बाद भी आस्था पर कोई कमी नही आई है बात कर रहे है हम छत्तीसगढ़ के महासमुन्द जिले अंतर्गत आने वाले बसना ब्लॉक के भंवरपुर क्षेत्र में आता है खोखसा लोहड़ी पुर और आस पास के कई गांव के मध्य एक पहाड़ है जिसका नाम है मामा भाचा जंगल यहां पर मामा भाचा के नाम से हर साल

 

सरदपूर्णिमा पर यहाँ मेला लगता है कई हजार के संख्या में लोग यहां आते है रात भर कार्यक्रम और पूजा पाठ होता है रात को लोग पहाड़ मे चढते है चांदनी रात में पहाड़ों पर हजारो के संख्या में दिखाई देते है बताया तो यह भी जाता है कि मामा भाचा जंगलों में भालू और अन्य हिंसक जानवर भी है लेकिन इस दिन ये दिखाई नही देते और आज तक किसी को नुकसान नही पहुचाया यह बात तो सभी को पता है लेकिन मामा भाचा नाम कैसे विख्यात हुवा यह एक बड़ा सलाल है बता दें आस पास के गांव वाले मिलकर इस मेले को आयोजीत करते है और कानून व्यवस्था बनाने पुलिस प्रशासन का भी सहायता मिलता है ।


स्थानीय लोगो मे कई सालों में यह मान्यता है की इस जंगल में तीन पहाड़ हैं, जिसे मामा, भांजा और शीत बाबा के रूप में जाना जाता है यहां के लोगों के मुताबिक ये तीनों कभी आदमी थे, लेकिन बाद में वे पहाड़ पर्वत डोंगरी के रूप में परिवर्तित हो गए. लोग इन्हें देवओ के रूप में पूजते हैं और हर साल यहां सरदपूर्णिमा पर बड़े मेले का आयोजन किया जाता है हालांकि, इस घटना का कहीं कोई लिखित प्रमाण नहीं है,

 

लेकिन गांववालों की वर्षों पुरानी मान्यताएं इस जंगल को भी हरा-भरा किए हुए हैं और आस्था आज भी जीवित है ।

मामा-भांजा जंगलों के आस पास रह रहे ग्रामीणों के अनुसार कई सालों पहले मामा-भांजा दो शिकारी खोकसा गांव के पास अपनी फसल की रखवाली कर रहे थे वहीं पर, शीत बाबा जंगली सुअर का रूप धारण कर मामा-भांजा के खेत में लगी फसलों को खाने लगे कहा जाता है की शिकारी मामा-भांजा जंगली सुअर का पीछा करते हुए एक स्थान पर पहुंचे, जैसे ही मामा-भांजा ने जंगली सुअर को मारना चाहा तो वह अपने अपने असली रूप (शीत बाबा) के रूप में आ गए बाबा ने मामा-भांजा से कहा कि तुम शिकारी का काम छोड़ दो और हम तीनों यहां एक साथ रहेंगे बाबा ने मामा-भांजा से कहा कि लोग हमारी पूजा करेंगे और मामा-भांजा का नाम लेकर कोई मनोकामना मांगेगा तो उसकी मनोकामना पूरी होगी. फिर तीनों अलग-अलग पहाड़ के रूप में हमेशा के लिए वहीं खड़े हो गए और यह मान्यता आज भी चली आ रही है

गौरतलब है कि ये मेला केवल 24 घंटे ही लगता है जिसमें शामिल होने बहुत दूर दूर से लोग बड़ी संख्या मेंआते हैं जिस जगह ये मेला लगता है उस जगह को प्राचीन काल के ऋषियों की तपोभूमि कहते हैं जहाँ आज भी ऋषियों के कुछ अवशेष मौजूद हैं जैसे ऋषि सरोवर ,ऋषि गुफा, मुनि धुनि ,वराह शीला, चूल्हा ,बारस पीपल ,भीम बाँध इत्यादि बड़े बुजुर्ग बताते हैं के यहाँ डोंगरी के अंदर में झरना है झील के जैसा छोटा तालाब है हरा भरा मैदान है जो हर समय ठण्ड और ताजगी से भरा रहता है ।

 

यहाँ शिव का प्राचीन मंदिर है और लंबी लंबी अथाह सुरंगें हैं जहाँ पत्थरों को हाथ से रगड़ने पर आज भी भभूत मिल जाती है यही नहीं इस डोंगरी पर आयुर्वेदिक औषधियों का भी भंडार है. जहाँ आज भी वैद्यो को कई दुर्लभ प्रजाति की औषधियों तथा जड़ी बुटी के पौधे आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं और डोगरी के बाहर विशाल जलाशय है जो बारह महीने पानी से भरा रहता है. जो कि नहाने वाले को ताजगी से भर देता है कहते हैं की इस जगह पर रात को जाने और डोंगर पर चढ़कर मामा भांचा मंदिर के दर्शन कर आशिर्वाद लेने वाले को बहुत ही आत्मिक शान्ति की अनुभूति होती है.

 

चांदनी रात में बिना किसी लाइट के इस पहाड़ी की बड़ी बड़ी चट्टानों को पार करते हुए इसकी चोटी पर चढ़ना किसी रोमांच से कम नहीं है. और चोटी पर चढ़कर वहां से आस पास के क्षेत्रो का नजारा तो रोंगटे खड़े करने के लिए काफी है ये मेला इसलिए भी प्रसिद्ध है क्योंकि इस मेले से हर वर्ष अनेक प्रेमी युगल अन्यत्र पलायन कर जाते हैं जिसे छत्तीसगढ़ी भाषा में उढ़रिया भाग जाना कहते हैं और इसलिए इस मेले को जंगल में मंगल भी कहते हैं.

 

बता दें कि सालों पहले मामा भाचा मेला से प्रेमी जोड़ा भागने का भी प्रचलन जोरो था ऐसा किसी के पास अभी पुख्ता प्रमाण तो नही है लेकिन सालों पहले मामा भाचा मेला से प्रेमी जोड़ा भागने का अफवाह हर साल रहता था लेकिन अब ऐसा सुनने को नही मिलता है ।


सरकार की उदासीनता..

इस जगह को ऐतिहासिक स्थल घोषित कर इसका संरक्षण करने तथा यहाँ सुविधाएं विकसित करने की मांग आस पास की जनता के द्वारा सरकार से कई वर्षों से की जा रही है तथा हर वर्ष मेले के वक़्त आस पास के जन प्रतिनिधियों को यहां मुख्य अतिथि के रूप में बुलाकर उनसे भी विनती की जाती है. पर उसे आश्वासन के अलावा कुछ भी नहीं मिला है यदि यहाँ जाने हेतु पहुँच मार्ग तथा ऊपर चढ़ने हेतु सीढ़ियों का निर्माण करवा दिया जाए तो यहाँ पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं जो इस क्षेत्र के विकास में काफी मदद गार हो सकती हैं

 

कैसे पहुंचे.

ये जगह जिला मुख्यालय महासमुंद से 130 KM ब्लाक मुख्यालय बसना से 20 KM जबकि भंवरपुर से 5 KM की दुरी पर उत्तर में स्थित है वैसे तो इस जगह पर पंहुचने के लिए चारों तरफ से रास्ता है मगर भंवरपुर से बनडबरी पतरापाली जाने वाले रास्ते पर तथा भंवरपुर से बरतियाभाँटा होते हुए संतपाली जाने वाले रास्ते पर जाना ज्यादा बेहतर है भंवरपुर लोहड़ीपुर मार्ग जो थोडा दुर्गम तो है मगर ठीक है.

सरायपाली विधानसभा टिकट के प्रबल दावेदार को बलात्कार का आरोपी बताते हुए सोसल मीडिया पर छवि धुमिल करने षडयंत्र का आरोप पर क्या कही इस नेत्री ने ।

सरायपाली विधानसभा टिकट के दावेदार को बलात्कार का आरोपी बताते हुए सोसल मीडिया पर छवि धुमिल करने षडयंत्र का आरोप पर क्या कही इस नेत्री ने ।

 

जैसे जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आते जा रहे है दावेदारों के ऊपर एक से एक आरोप लग रहे है ताजा मामला सरायपाली विधानसभा सीट का है जहां एक कांग्रेस के नेता को बलात्कार के आरोपी जैसे सब्दो से उनका छवि धूमिल किया गया दरसअल रतन बंजारे सरायपाली विधानसभा सभा सीट से प्रबल दावेदार है वही इनके पत्नी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि


मैं गीता रतन बंजारे जिला पंचायत सदस्य क्षेत्र क्रमांक 13, मेरे पति रतन बंजारे के एक पुराने मामले को लेकर कुछ लोगों के द्वारा सोशल मीडिया में गलत ढंग से प्रस्तुत किया गया एवं उन्हें बलात्कार का आरोपी बताते हुए विधानसभा टिकट के लिए एक आरोपी को दावेदार कहा गया है।

सोशल मीडिया में उनके पति के विरूद्ध लगाया गया आरोप सर्वथा निराधार है। कई वर्षों पहले जमीन विवाद के चलते एक महिला के द्वारा उनके पति के विरूद्ध झूठा आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज करवाया गया था।

जबकि न्यायालय में उक्त आरोप निराधार साबित हुआ और श्री बंजारे को दोषमुक्त करार दिया गया। उन्होंने कहा कि उनके पति कांग्रेस के समर्पित कार्यकर्ता है और वे स्वयं भी जिला पंचायत सदस्य हैं।

क्षेत्र की जनता उनके साथ है, जिसके कारण विरोधी इसे हजम नहीं कर पा रहे हैं और उनकी छवि को धुमिल करने के लिए इस तरह का षडयंत्र रचा जा रहा है। उनका पूरा परिवार कांग्रेस के प्रति समर्पित है और क्षेत्र की जनता भी उन्हें चाहती है। जिसके कारण विरोधियों के द्वारा यह द्वेषपूर्ण कार्य किया गया है।

उन्होंने इसकी शिकायत कांग्रेस के उच्चाधिकारियों से भी की है तथा आने वाले दिनों में सोशल मीडिया में इस तरह उनकी छवि को धुमिल करने वालों के खिलाफ मानहानी का भी दावा करने की बात कही है।

महासमुन्द : राज्य स्तरीय छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का आयोजन रायपुर में 25 से 27 सितंबर को जिले से 13 खेलों में 71 विजेता खिलाड़ी शामिल होंगे

महासमुन्द : राज्य स्तरीय छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का आयोजन रायपुर में 25 से 27 सितंबर को
जिले से 13 खेलों में 71 विजेता खिलाड़ी शामिल होंगे

महासमुन्द 22 सितंबर 2023

राज्य स्तरीय छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेलों का आयोजन रायपुर में 25 से 25 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा हैं। जिसमें सभी संभाग के विजेता खिलाड़ी शामिल होंगे। महासमुंद जिले से 13 खेलों में संभाग स्तरीय छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में प्रथम स्थान प्राप्त खिलाडी रायपुर संभाग की दल से प्रतिनिधित्व करेंगे।

जिले से 13 खेल खो- खो, कबड्डी, लंगड़ी दौड़, रस्साकसी, पिट्टूल, गिल्ली डंडा, बिल्लस, फुगड़ी, गेड़ी दौड़, भंवरा, लंबीकूद, कुश्ती, रस्सीकूद में शामिल होंगे। जिले का दल 24 को दोपहर रवाना होगी।
खो खो 18 से कम महिला वर्ग में जान्हवी कैवर्त्य, उमा साहू, अंजना निषाद, जमुना कैवर्त्य, रानू कैवर्त्य, खुशबू कैवर्त्य, तनुजा राणा, गीताजंली, कुमुदनी, मनीषा राणा, गीता कैवर्त्य, किरण कैवर्त्य शामिल हैं, खो खो 40 वर्ष से अधिक पुरुष वर्ग में हेमसागार कैवर्त्य, क्षीरसागर कैवर्त्य, रति राम, भागीरथी, दुखीश्याम, मदन राणा, गंगाधर, संजय, ताराचंद, दिलीप, लक्ष्मीधर, नंद किशोर शामिल हैं।

कबड्डी 18 से 40 वर्ष महिला वर्ग में प्रीति सवर, डिगेश्वरी ध्रुव, अंजली ध्रुव, सीमा सवर, रामेश्वरी, ललिता सवर, धनेश्वरी ध्रुव, चांदनी सवर, रामेश्वरी ध्रुव, ऋतु सवर शामिल हैं। रस्साकसी 40 वर्ष से अधिक पुरुष वर्ग में बिहारी लाल पटेल, गजेंद्र बरिहा, प्रमोद चौधरी, शिवकुमार चौधरी, चैन कुमार पटेल, मदन चौधरी, हरिराम पटेल, केशव कुमार पटेल, चंद्र कुमार चौधरी शामिल है।

रस्साकसी 18 से 40 पुरुष वर्ग में घनश्याम पटेल, पुरषोत्तम पटेल, शिवकुमार ठाकुर, लकेश्वर ठाकुर, मोहन लाल पटेल, तिरीत पटेल, महेंद्र ठाकुर, हृदय लाल बरीहा, सेवक राम ठाकुर शामिल हैं। गिल्ली डंडा 18 वर्ष से कम पुरुष वर्ग में एवन बंजारे, मानव सेन, टाकेश साहू, तुषार निर्मलकर, पुष्कर साहू शामिल हैं, पिट्टूल 18 से 40 वर्ष महिला वर्ग में दिव्या साहू, लक्ष्मी निषाद, प्रमिला दीवान शामिल हैं, लंगड़ी दौड़ 18 वर्ष से कम पुरुष वर्ग में देवेंद्र नेताम, करण धृतलहरे शामिल हैं, लंगड़ी दौड़ 40 वर्ष से अधिक पुरुष वर्ग में केशव राम, शशिभूषण शामिल हैं।


इसी प्रकार बिल्लस 40 वर्ष से अधिक पुरुष वर्ग में साधुराम ध्रुव, फुगड़ी 18 वर्ष से कम महिला वर्ग में तुलसी, गेड़ी दौड़ 18 वर्ष से कम महिला वर्ग में तिर्ती बारिहा, भंवरा 18 से 40 वर्ष पुरुष वर्ग में अभिषेक नेहरू, लम्बी कूद 40 वर्ष से अधिक पुरुष वर्ग में ज्योतिष साहू, रस्सीकूद 18 वर्ष से कम महिला वर्ग में कुसुम चौधरी व कुश्ती 40 वर्ष से अधिक पुरुष वर्ग में चंद्रकांत सेन 80 किलो से अधिक भार वर्ग में शामिल हैं। खेल अधिकारी मनोज धृतलहरे ने बताया कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिता हेतु 04 आयोजन स्थल का चयन किया गया हैं जिसमें सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम रायपुर में कबड्डी प्रतियोगिता, बिल्लस, फुगड़ी, भंवरा, आउटडोर स्टेडियम बूढ़ातालाब रायपुर में पिट्टूल, संखली, लंगड़ी दौड़, रस्साकसी, बांटी, गेड़ी दौड़, स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा रायपुर में 100 मीटर दौड़, लंबीकूद, कुश्ती, रस्सीकूद, खेल परिसर माधव राव सप्रे उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रायपुर में खो खो, गिल्ली डंडा आयोजित होंगे।

महासमुन्द-/ चुनाव संबंधी तैयारियो व कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस अधीक्षक महासमुन्द ने समस्त अधिकारियो को क्या क्या निर्देश दिए

महासमुन्द-/ पुलिस अधीक्षक महासमुन्द ने समस्त अधिकारियो को चुनाव संबंधी तैयारियो व कानून व्यवस्था को लेकर क्या क्या निर्देश दिए

 

महासमुन्द पुलिस दिनांक 22.09.2023
पुलिस अधीक्षक महासमुन्द श्री धर्मेन्द्र सिंह (IPS) के मार्गदर्शन मे जिले के समस्त अधिकारियो को चुनाव संबंधी तैयारियो व कानून व्यवस्था को लेकर दिए गए निर्देश.
आगामी चुनाव के मद्देनजर प्रभावी नाकाबन्दी कार्यवाही, अंतराजयीय व जिला बॉर्डर मे 24 घंटे लगातार चेकिंग को लेकर दिए निर्देश
प्रतिबंधत्मक व लघु अधिनियम की प्रभावी कार्यवाही व वारंटीयो की प्रभावी धरपकड़ को लेकर दिए गए दिशा निर्देश फ़ोर्स के डिम्प्लॉयमेंट व आवास व बंदोबस्त की पूर्व तैयारियो की समीक्षा की गयी


पुलिस अधीक्षक महासमुंद श्री धर्मेंद्र सिंह के द्वारा आज जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना तथा चौकी प्रभारी की आगामी चुनाव की तैयारी व कार्यवाहियो की समीक्षा हेतु बैठक ली गई.

उक्त बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश राव गिरेपुंजे के अतिरिक्त जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारी एवं थाना प्रभारी शामिल हुए.

पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा जिले में कानून व्यवस्था तथा VIP ड्यूटी के दौरान लगातार सतर्कता एवं सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए तथा प्रतिबंधात्मक एवं लघु अधिनियम कार्यवाहियों को लगातार किए जाने हेतु भी निर्देशित किया गया.

थानों में लंबित स्थाई और गिरफ्तारी वारंट की लगातार तामिल हेतु निर्देश दिए गए तथा जिले की सरहदी सीमाओं पर लगातार नाकाबंदी कर अवैध धन एवं नशीली सामग्रियों पर रोकथाम हेतु प्रभावी कार्यवाही हेतु भी निर्देश दिए गए.

चुनाव के दौरान बाहर से आने वाली फ़ोर्स के ठहरने की व्यवस्था उनके उचित बंदोबस्त तथा उनके डेप्लॉयमेंट को लेकर भी पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा आवश्यक निर्देश दिए गए.

आचार संहिता के दौरान तथा चुनाव के दौरान व EVM सुरक्षा के सबंध मे पुलिस को किन-किन बातों का पालन करना चाहिए तथा किस प्रकार का आचरण करना चाहिए इसको लेकर भी मास्टर ट्रेनर तथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा सभी आए प्रभारी को प्रशिक्षण भी दिया गया.

पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा सभी को अनुभाग तथा थाना स्तर पर भी सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों को इस संबंध में सतर्क एवं सावधान तथा प्रशिक्षित करने हेतु निर्देशित किया गया0

Chhattigarh ‘अधिरकारी और नेताओं के बच्चों को मिले बड़े पद’ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने PSC 2021 में चयनित 16 अभ्यर्थियों के नियुक्ति पर लगाई रोक, बीजेपी ने लगाये ये आरोप

Chhattigarh ‘अधिरकारी और नेताओं के बच्चों को मिले बड़े पद’
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने PSC 2021 में चयनित 16 अभ्यर्थियों के नियुक्ति पर लगाई रोक, बीजेपी ने लगाये ये आरोप

 

CG PSC 2021 result Controversy: छत्तीसगढ़ में राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षा में बीजेपी ने गड़बड़ी का आरोप लगाया है. सीजी पीएससी 2021 के रिजल्ट में गड़बड़ी की जांच के लिए बीजेपी हाईकोर्ट पहुंच गई है. बिलासपुर हाईकोर्ट ने बीजेपी नेता ननकी राम कंवर याचिका को स्वीकार कर लिया है. इसके अलावा इस मामले में 18 लोगों की लिस्ट भी चर्चा का विषय बन गई है. कोर्ट में पेश किए गए 2021 पीएससी में चयनित 18 अभ्यर्थियों के नियुक्ति को रोकने का कोर्ट ने आदेश भी जारी कर दिया है. इससे पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया है.

दरअसल, मंगलवार (19 सितंबर) को ननकी राम कंवर की याचिका पर चीफ जस्टिस रमेहा कुमार सिन्हा की डिविजन बेंच में सुनवाई हुई. शुरुआती सुनवाई के दौरान ही चीफ जस्टिस ने इस नियुक्ति पर हैरानी जताई है. उन्होंने केस पर बहस के दौरान कहा कि पीएससी सहित दूसरी संस्थानों में अधिकारी के बच्चों का चयन स्वाभाविक है, लेकिन ऐसा क्या संयोग है कि पीएससी के चेयरमैन के करीबी रिश्तेदारों का चयन हुआ है. यह बहुत गलत बात है. कोर्ट ने कहा कि इनकी नियुक्ति रोक दीजिए. डिविजन बेंच ने चेयरमैन, अधिकारी और रूलिंग पार्टी के नेताओं के रिश्तेदारों को 18 पदों पर मिली नियुक्ति पर जांच के आदेश दिए हैं.

‘अधिरकारी और नेताओं के बच्चों को मिले बड़े पद’

पूर्व गृहमंत्री और बीजेपी ने नेता ननकी राम कंवर ने एडवोकेट संजय अग्रवाल के माध्यम से हाईकोर्ट में दायर याचिका में पीएससी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, ‘पीएससी में अधिकारी और नेताओं के बेटे-बेटियों सहित रिश्तेदारों को डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी जैसे पद दिए गए है. भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी पर सवाल उठाते हुए कहा कि होनहार बच्चों को दरकिनार किया जा रहा है. अफसरों के रिश्तेदारों को अच्छा पद बांटा गया है, जिसका असर दूसरे प्रतियोगियों पर हुआ और उन्हें छोटे पद दिए गए है.

पीएससी 2021 के रिजल्ट में गड़बड़ी की होगी जांच

इस मामले में बुधवार (20 सितंबर) हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है. इस पर पीएससी की तरफ से भी अपना पक्ष रखा जाएगा. इसके बाद हाईकोर्ट मामले में अपना फैसला सुनाएगी. इसलिए राज्य के लाखों अभ्यर्थियों की नजर हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हुई है. बीजेपी के नेता हाईकोर्ट में सुनवाई ले बाद 18 लोगों की नियुक्ति को संदेह के घेरे में लेने को अपनी जीत मान रहे हैं. बीजेपी नेता उज्ज्वल दीपक ने कहा सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं. हाईकोर्ट ने 18 लोगों की नियुक्ति रोकने का आदेश दिया है, अब पीएससी घोटाले की जांच होकर ही रहेगी. वहीं कांग्रेस लगातार कहती आ रही है नियुक्ति में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है, उसने बीजेपी के आरोपों को मनगढ़ंत बताया है.


इन लोगों के नियुक्ति पर उठ रहे हैं सवाल

कोर्ट में पेश आरोप पत्र के मुताबिक चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी के पांच रिश्तेदारों की नियुक्ति सूची सौंपी गई है. इसमें बेटे नितेश की डिप्टी कलेक्टर के पद पर नियुक्ति हुई है. रिजल्ट में सरनेम छुपाया गया था. उनकी बहू निशा कोशले का भी डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयन हुआ है. उनके बड़े भाई के बेटे साहिल का चयन डीएसपी के पद पर हुआ है. इनका भी चयन सूची में सरनेम नहीं लिखा गया था. उनके भाई की बहु दीपा अजगले की नियुक्ति जिला आबकारी और बहन की बेटी सुनीता जोशी को श्रम अधिकारी बनाया गया है.


इसी तरह राज्यपाल के सचिव अमृत खलको की बेटी नेहा खलको और बेटे निखिल खलको को भी डिप्टी कलेक्टर के पद पर नियुक्त किया गया है. कांग्रेस नेता के ओएसडी के रिश्तेदार की बेटी प्रज्ञा नायक और बेटे प्रखर नायक को डिप्टी कलेक्टर के पद पर नियुक्त किया गया है. कांग्रेस के नेता सुधीर कटियार के दामाद शशांक गोयल और बहु भूमिका कटियार को डिप्टी कलेक्टर के पद पर नियुक्ति दी गई है. इसके अलावा कांग्रेस नेता के ओएसडी के साढू भाई की बेटी खुशबू बिजौरी को भी डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित किया गया है. कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला की बेटी स्वर्णिम शुक्ला को डिप्टी कलेक्टर का पद मिला है. इन सभी नियुक्तियों को लेकर हाईकोर्ट में बीजेपी ने गड़बड़ी का आरोप लगाया है.

 

पीएससी 2021 के रिजल्ट पर विवाद जारी
गौरतलब है कि पीएससी 2021 का अंतिम परिणाम 11 मई को जारी हुआ. इसमें 171 पदों पर पीएससी ने भर्ती की है और इसमें से 15 लोगों का चयन डिप्टी कलेक्टर के लिए हुआ है. मेरिट लिस्ट में पीएससी चेयरमैन के रिश्तेदारों और कांग्रेस पार्टी के नेताओं के करीबियों को जगह मिली. इसके बाद से विवाद शुरू हो गया है. बीजेपी ने दावा किया है कि साल 2019-2023 तक छत्तीसगढ़ की सभी भर्तियां विवादित रही हैं. इसके बाद से अब लोक सेवा आयोग आरोपों के घेरे में है.

महासमुंद : मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना : स्वरोजगार ऋण हेतु आवेदन जमा करने के लिए इतने दिन ही बाकी

महासमुंद : मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना : स्वरोजगार ऋण हेतु आवेदन
जमा करने के लिए इतने दिन ही बाकी

महासमुंद 21 सितम्बर 2023

प्रदेश के युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत अधिकतम रूपये 25 लाख तक विनिर्माण क्षेत्र में, अधिकतम 10 लाख तक सेवा क्षेत्र में एवं अधिकतम 2 लाख तक व्यवसाय क्षेत्र में वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।

महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र ने बताया कि ऐसे इच्छुक आवेदक कार्यालय, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र महासमुंद में निःशुल्क निर्धारित प्रपत्र में आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते है। आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 27 सितम्बर 2023 तक है।

ऐसे आवेदक जिनकी आयु 18 से 35 वर्ष (आरक्षित वर्ग के लिए 05 वर्ष की छूट) एवं न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 8वीं कक्षा उत्तीर्ण है तथा छत्तीसगढ़ राज्य के मूल निवासी है आवेदन कर सकते है। लेकिन उनके परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपए से अधिक न हो।

 

इसके साथ वह किसी भी बैंक का ऋण चूककर्ता न हो। भारत/राज्य शासन के योजनांतर्गत पूर्व में अनुदान का लाभ न लिया हो।
आवेदन के साथ परियोजना प्रतिवेदन, फोटो राशन कार्ड/स्थायी निवास प्रमाण पत्र/मतदाता पहचान पत्र/ड्राइविंग लाइसेंस (कोई भी एक) सहित शैक्षणिक योग्यता सहित अन्य चाहे गए दस्तावेज संलग्न करना होगा।

अधिक जानकारी के लिए आवेदक कार्यालय जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र महासमुंद, पुराना तहसील परिसर, महासमुंद में उपस्थित होकर जानकारी प्राप्त कर सकते है।

सरायपाली_ सरला कोसारिया ने सरकारी अधिकारियों और सत्ताधारी दल के नेताओं के परिवारों से कुछ उम्मीदवारों के चयन पर सवाल उठाया और कहा कि

सरायपाली_ सरला कोसारिया ने सरकारी अधिकारियों और सत्ताधारी दल के नेताओं के परिवारों से कुछ उम्मीदवारों के चयन पर सवाल उठाया और कहा कि

सरायपाली हेमन्त वैष्णव

सीजीपीएससी देश का सबसे खराब और सबसे भ्रष्ट आयोग

छत्तीसगढ़ के प्रतिभाशाली युवाओं के भविष्य के साथ किया गया खिलवाड़_,सरला

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष और सरायपाली विधान सभा भाजपा प्रत्याशी श्रीमती सरला कोसरिया ने पीएससी घोटाले पर हमला करते हुए कहा कि साढे़ चार सालों में पीएससी को कमीशन राज बना दिया गया है ।

श्रीमती कोसारिया ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में कथित घोटाले को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सीजीपीएससी टामन सिंह,राज्यपाल के सचिव अमृत खलको सहित कांग्रेस नेताओं के रिश्तेदारी में , सीजीपीएससी में चयनित अठारह अभ्यर्थियों के विरुद्ध भाजपा पूर्व विधायक ननकी राम कंवर के याचिका पर न्यायालय द्वारा चयन को रोकते हुए इसकी जांच किए जाने का आदेश प्रमाणित करता है कि बघेल सरकार ने छत्तीसगढ़ के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है,, श्रीमती कोसारिया ने कहा कि इसकी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराए जाने की मांग उनके द्वारा माननीय प्रधान मंत्री जी से की जा रही है ।

श्रीमती कोसारिया ने कहा कि भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली सरकार ने परीक्षा लेने वाली संस्था को पैसा संग्रह करने वाली कंपनी में बदल दिया है। उन्होंने कहा कि राज्यों में पीएससी अपनी पारदर्शी चयन प्रक्रिया के लिए जाना जाता है, लेकिन छत्तीसगढ़ में पिछले तीन-चार वर्षों में उम्मीदवारों के चयन को देखकर मैं कह सकता हूं कि सीजीपीएससी देश का सबसे खराब और सबसे भ्रष्ट आयोग बन गया है।

 

सरायपाली भाजपा प्रत्याशी ने बघेल पर निशाना साधते हुए कहा कि सीजीपीएससी में अनियमितता और भ्रष्टाचार ‘कमीशन राज’ को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सीजीपीएससी 2021 की प्रक्रिया तीन साल में पूरी की गई। इसकी प्रारंभिक परीक्षा 2021 और मुख्य परीक्षा 2022 में हुई थी, जबकि साक्षात्कार का परिणाम इस साल यानी 2023 में जारी किया गया। उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि घोटाला कैसे हुआ है

अध्यक्ष पर साधा निशाना
श्रीमती कोसारिया ने सरकारी अधिकारियों और सत्ताधारी दल के नेताओं के परिवारों से कुछ उम्मीदवारों के चयन पर सवाल उठाया और कहा कि सीजीपीएससी के अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी के दत्तक पुत्र को सीजीपीएससी-2021 की परीक्षा में सातवां स्थान मिला है। उन्होंने कहा कि सोनवानी के बेटे का नाम प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा में पूरी तरह से सरनेम के साथ उल्लेख किया गया था, लेकिन परिणाम में उसका नाम बिना सरनेम के लिखा गया


उन्होंने उन उम्मीदवारों के नामों का भी हवाला दिया, जिन्होंने परीक्षा पास की है और वह कांग्रेस नेताओं के परिवारों से हैं। भाजपा प्रत्याशी ने कहा कि बघेल सरकार में राजनेताओं और नौकरशाहों का बेटा ना होना अपराध है। उन्होंने कहा कि बघेल के नेतृत्व में लोक सेवा आयोग पैसे वसूल करने वाली कंपनी की तरह काम कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार में विश्व कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। श्रीमती कोसारिया ने वादा किया कि यदि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा सत्ता में आती है तो पिछले तीन वर्षों के दौरान सीजीपीएससी में हुए कथित घोटाले की सीबीआई जांच की सिफारिश उनके द्वारा की जाएगी।