सांकरा थाना : ग्राम सल्डीह शिशु मंदिर के सामने प्रधानाचार्य को मां बहन की गंदी गंदी गाली गलौच कर जान से मारने की धमकी देने पर मामला दर्ज
मैं रविकिशोर बेहरा ग्राम सल्डीह का निवासी हूं । बी.ए तक पढाई किया हूं । वर्तमान में सरस्वती शिशु मंदिर सल्डीह में प्रधानाचार्य के पद पर पदस्थ हूं । आज दिनांक 17.03.2024 को शाम करीब 06.30 बजे मै पारिवारिक काम से पदमपुर उडीसा से वापस अपने घर ग्राम सल्डीह आ रहा था ग्राम सल्डीह शिशु मंदिर के सामने पहूंचा था कि उसी समय गांव का संजय सिदार आकर मुझे बेवजह मां बहन की गंदी गंदी गाली गलौच कर जान से मारने की धमकी दे रहा था मै भय के कारण वापस अपने घर जाकर गांव के सरपंच एवं वरिष्ठ नागरिको को घटना के संबंध में बताया जिनके द्वारा मुझे सलाह दिया गया कि थाना जाकर रिपोर्ट दर्ज कराओ मै थाना आकर रिपोर्ट दर्ज करा रहा हूं । रिपोर्ट करता हूं । रिपोर्ट पढकर देखा मेरा बताये अनुसार लिखा गया है । कार्यवाही चाहता हूं । मामले को धारा 294-IPC, 506-IPC पर मामला दर्ज किया गया।
सांकरा थाना : ग्राम सल्डीह शिशु मंदिर के सामने प्रधानाचार्य को मां बहन की गंदी गंदी गाली गलौच कर जान से मारने की धमकी देने पर मामला दर्ज
पिथौरा थाना : ग्राम डुमरपाली कलमीडीपापारा में एक व्यक्ति को अवैध रूप से शराब बिक्री के लिए ले जाते हुए पकड़े।जिसपर हुई कार्यवाही
पिथौरा थाना : ग्राम डुमरपाली कलमीडीपापारा में एक व्यक्ति को अवैध रूप से शराब बिक्री के लिए ले जाते हुए पकड़े।जिसपर हुई कार्यवाही थाना पिथौरा में सउनि के अनुसार दिनांक 18.03.2024 को हमराह स्टाफ आरक्षक 923, 907, 555 के मुखबीर सूचना मिला कि ग्राम डुमरपाली में एक व्यक्ति अवैध रूप से शराब बिक्री हेतु लेकर जा रहे है कि मुखबीर सूचना तस्दीकी हेतु हमराह स्टाफ के ग्राम डुमरपाली में गवाह पीला बाबू यादव, देवराज यादव को धारा 160 जाफौ. का नोटिस देकर साथ लेकर ग्राम डुमरपाली कलमीडीपापारा पहूंचकर मुखबीर के बताये जगह पर एक व्यक्ति को पकडे जिसे नाम पता पूछने पर वह व्यक्ति अपना नाम चरण यादव पिता अजरंग यादव उम्र 53 वर्ष साकिन डुमरपाली थाना पिथौरा जिला महासमुंद का रहने वाला बताया एवं पूछताछ करने पर अपने पास रखे एक पीला रंग की 05 लीटर वाली जरीकेन में करीब 04 लीटर हाथ भट्टी से निर्मित महुआ शराब मिला जिसे मौके पर ही समक्ष गवाहान आरोपी के पेश करने पर बरामद कर बरामदगी पंचनामा तैयार कर उक्त शराब को रखने एवं बिक्री करने के संबंध में वैध कागजात पेश करने हेतु धारा 91 जाफौ. का नोटिस दिया जो कोई कागजात नही होना लिखित में दिया, उक्त शराब को आरोपी के कब्जे से जप्त कर मौके पर ही शीलबंद कर कब्जा पुलिस लिया गया । आरोपी का कृत्य अपराध धारा 34(1)(क) आबकारी एक्ट का पाये जाने से आरोपी को मुताबिक गिरफ्तारी पत्रक के दिनांक 18.03.24 के 08.00 बजे गिरप्तार किया गया, मामला जमानतीय होने एवं सक्षम जमानतदार पेश करने पर जमानत मुचलका पर रिहा किया गया बिना नंबरी देहाती नालसी कायम किया गया ।
भंवरपुर चौकी : ग्राम बुटीपाली में गाली गलौज और मारपीट से सिर में चोट लगने पर हुई कार्यवाही
भंवरपुर चौकी : ग्राम बुटीपाली में गाली गलौज और मारपीट से सिर में चोट लगने पर हुई कार्यवाही
मैं आर0 क्र0 509 देवेन्द्र साव चौकी भंवरपुर के अनुसार दिनांक 17/03/2024 को चौंकी भंवरपुर के अपराध क्रमांक 0/24 धारा 294,323,506,34 भादवि की नालसी नंबरी वास्ते थाना बसना भेजा गया है जिसे लाकर पेश कर रहा हूं, असल नंबरी कायम किया जाए, नालसी नकल जैल है । फार्म नंबर 1 प्रथम सूचना प्रतिवेदन (धारा 154 दं. प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत) जिला महासमुन्द, थाना बसना, वर्ष 2024 प्र.सू.प.क्र. 0/2024 दिनांक 16.03.2024 विधान एवं धारा 294,323,506,34 भादवि0, घटना का दिन शनिवार, दिनांक 16.03.2024 के 18.00, थाने पर सूचना प्राप्त होने का दिनांक 16.03.2024 के 21.00 बजे,
मैं कन्हैया लाल साहू ग्राम तौलिडीह थाना सरसींवा जिला सारंगढ का निवासी हूं। खेती किसानी का काम करता हूं कि दिनांक 16.03.24 को ग्राम बुटीपाली अपने साढू भाई के नातिन चुनेश्वरी साहू की शादी में शामिल होने आया था कि करीब 06 बजे के आसपास ग्राम सोढाडीह के बाराती आया
शाम हो जाने के कारण बरातियों को खाना खाने कहा गया बाराती 1. गीता प्रसाद साहू 2. लालमणी साहू 3. हरिशंकर साहू ग्राम नूनपानी थाना कोसीर एवं 4. राजेश साहू ग्राम मुडपार थाना सरसींवा के द्वारा खाना खाने के नाम पर जबरन शराब के नशे में मां बहन की गंदी गंदी गाली गलौज कर रहा था जिसे भतीजा युवराज साहू व मेरे ससुर रामसिंग साहू द्वारा गाली गलौज करने से मना किया तो चारों लडकों द्वारा और गाली देते हुये हाथ मुक्का, लात एवं डंडा से मारपीट किया मारपीट से मेरे भतीजा युवराज साहू के सिर में चोट लगकर खून निकला है मारपीट कर चारों लडके जान से मारने की धमकी भी दे रहे थे। रिपोर्ट करता हूं । रिपोर्ट पढकर देखा मेरे बतायेनुसार लिखी गई है। कार्यवाही की जाए। दिनांक 17/03/2024 को चौंकी भंवरपुर के अपराध क्रमांक 0/24 धारा 294,323,506,34 भादवि की नालसी नंबरी वास्ते थाना बसना भेजा गया है जिसे लाकर पेश कर रहा हूं, असल नंबरी कायम किया जाए, नालसी नकल जैल है । फार्म नंबर 1 प्रथम सूचना प्रतिवेदन (धारा 154 दं. प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत) जिला महासमुन्द, थाना बसना, वर्ष 2024 प्र.सू.प.क्र. 0/2024 दिनांक 16.03.2024 विधान एवं धारा 294,323,506,34 भादवि0, घटना का दिन शनिवार, दिनांक 16.03.2024 के 18.00, थाने पर सूचना प्राप्त होने का दिनांक 16.03.2024 के 21.00 बजे,
छत्तीसगढ़ में पांच लोकसभा सीटों पर कांग्रेस आज घोषित कर सकती है अपने प्रत्याशी
छत्तीसगढ़ में पांच लोकसभा सीटों पर कांग्रेस आज घोषित कर सकती है अपने प्रत्याशी। कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक सोमवार को होगी। बैठक के बाद सूची के बारे में निर्णय लिया जा सकता है। लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के पांच प्रत्याशियों की सूची 18 मार्च को जारी हो सकती है। कांग्रेस की पहली सूची में छह प्रत्याशियों के नामों की घोषणा के बाद अब दूसरी सूची का इंतजार बेसब्री से किया जा रहा है । कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज ने भी संभावना जताई है कि कांग्रेस की दूसरी सूची सोमवार को आ सकती है। कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक सोमवार को होगी। बैठक के बाद सूची के बारे में निर्णय लिया जा सकता है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य राज्यों से भी प्रत्याशी घोषित होने बाकी है। प्रदेश में कांग्रेस के छह प्रत्याशी पूर्व में ही घोषित हो चुके हैं। इनमें भूपेश बघेल राजनादगांव से पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ेंगे,वहीं ताम्रध्वज साहू महासमुंद से, वरिष्ठ नेता डा. शिवकुमार डहरिया जांजगीर-चांपा (एससी सीट) से, ज्योत्सना महंत कोरबा से, दुर्ग से राजेंद्र साहू और रायपुर से विकास उपाध्याय प्रत्याशी बनाए गए हैं। कांग्रेस के जिन पांच प्रत्याशियों के नामों की घोषणा नहीं की जा सकी है। इनमें प्रदेश कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज की टिकट भी फंसी हुई है। इसके अलावा सरगुजा, बिलासपुर, रायगढ़ व कांकेर से भी प्रत्याशी घोषित होना बाकी है।
छत्तीसगढ़ में अगले 3 दिन बारिश, आंधी-तूफान का अलर्ट:तेज हवाओं के साथ गिर सकते हैं ओले; 5 दिनों तक कम रहेगा तापमान
छत्तीसगढ़ में अगले 3 दिन बारिश, आंधी-तूफान का अलर्ट:तेज हवाओं के साथ गिर सकते हैं ओले; 5 दिनों तक कम रहेगा तापमान
। राजधानी सहित प्रदेश में दिन का तापमान बढ़ने से गर्मी का अहसास होने लगा है। कुछ दिनों से रात में तेज आंधी और तापमान में गिरावट के बाद हल्की ठंडक बनी हुई है। मौसम विभाग की माने तो 20 मार्च तक छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों में गरज चमक के साथ बारिश होने की संभावना हैं। वहीं, रायपुर में हल्की बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग की माने तो उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और इससे जुड़े इलाके पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। वहीं,एक और चक्रवाती परिसंरचना दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर है। इन्हीं कारणों की वजह से देश के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है।
आज के लिए कबीरधाम राजनांदगांव और बालोद के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं,गौरेला पेंड्रा मरवाही, बिलासपुर, मुंगेली, बेमेतरा, रायपुर, धमतरी, बलौदाबाजार, दुर्ग, धमतरी, कांकेर,महासमुंद, धमतरी, कांकेर, नारायणपुर, बीजापुर के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
येलो अलर्ट लोगों को मौसम के प्रति सतर्क रहने और ऑरेंज अलर्ट किसी भी समस्या के लिए तैयार रहने के लिए जारी किया जाता है। ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने का मतलब है कि 115.6 मिमी से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है। दूसरे शब्दों में कहें तो ऑरेंज अलर्ट के दौरान बहुत भारी बारिश हो सकती है।
18 मार्च मौसम कोरबा,गौरेला पेंड्रा मरवाही, बिलासपुर, कबीरधाम,बेमेतरा, मुंगेली के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। सूरजपुर, जशपुर, रायगढ़, जांजगीर, बलौदाबाजार, महासमुंद, रायपुर, राजनांदगांव के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
19 मार्च मौसम कोरिया, कोरबा,गौरेला पेंड्रा मरवाही, बिलासपुर, के लिए ऑरेंज अलर्ट और सूरजपुर, बलरामपुर, सरगुजा, जशपुर, रायगढ़, जांजगीर चांपा, बलौदाबाजार, महासमुंद, रायपुर, गरियाबंद, दुर्ग, बेमेतरा, मुंगेली, कबीरधाम, राजनांदगांव, बालोद के लिए येलो अलर्ट की चेतावनी जारी की है।
20 मार्च का मौसम गरियाबंद, धमतरी, कांकेर, बालोद, राजनंदगांव, कांकेर के लिए ऑरेंज अलर्ट बाकी सभी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
वहीँ, केंद्रीय मौसम विभाग की मानें तो 17 से 20 मार्च के बीच मध्य प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल, विदर्भ, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं। वहीं पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना भी जताई गई है।
खल्लारी थाना : ग्राम खम्हारमुडा में मकान के कमरे में रखे 24 कटटा धान से 12 कटटा धान की अज्ञात चोर द्वारा चोरी
खल्लारी थाना : ग्राम खम्हारमुडा में मकान के कमरे में रखे 24 कटटा धान से 12 कटटा धान की अज्ञात चोर द्वारा चोरी। मै मोहन लाल साहू ग्राम खम्हारमुडा में रहता हुं खेती किसानी का काम करता हुं। मै अपने खरीफ सीजन का बीज एवं खाने हेतु बचाकर रखे धान को पुनित गुरूजी के खाली मकान मे रखा था। पुनित गुरूजी के घर विवाह कार्यक्रम रहने से मकान को मेहमानो के रहने के लिए खोलकर रखे थे दिनांक 11.03.24 के रात्रि सब बारात चले गये घर खुला एवं सुना रह गया। दिनांक 12.03.24 को बारात से लौटने बाद घर जाने से ज्ञात हुआ कि गुरूजी के मकान के कमरे में रखे 24 कटटा धान से 12 कटटा धान नही था। आस पास वालों को पुछने एवं गुरूजी से पुछने पर भी धान के संबंध में कोई जानकारी प्राप्त नही हुआ इस दौरान ग्राम स्तर पर पंचायत कर गुम हुये धान का तलाश करते रहे परंतु कोई पता नही चला कोई अज्ञात चोर दिनांक 11.03.24 से 12.03.24 के मध्य रात्रि खुले मकान के कमरे का कुंदा खोलकर भीतर प्रवेश कर अंदर रखे 12 कटटा धान किमती 10600रू. को चोरी कर ले गया है। चोरी के संबंध में मुझे गांव के रिमांशु गिरी के उपर संदेह है। रिपोर्ट करता हूं। कार्यवाही चाहता हूं। रिपोर्ट पढाकर सुना मेरे बताये अनुसार लिखा गया है।मामले को धारा 380-IPC पर दर्ज किया गया।
तुमगांव थाना : ग्राम कोडार में दो व्यक्तियों के बिच गाली गलौज और मार पीट से एक व्यक्ति का सिर फटने पर मामला दर्ज
तुमगांव थाना : ग्राम कोडार में दो व्यक्तियों के बिच गाली गलौज और मार पीट से एक व्यक्ति का सिर फटने पर मामला दर्ज मैं दुर्गा प्रसाद दीवान ग्राम कोडार में रहता हुं। मजदूरी काम करता हुं रात्रि में शादी कार्यक्रम होने के कारण देर रात तक जगने से दिनांक 14.03.2024 के 11.00 बजे खाना खाकर घर में सोया था , घर में मेरी पत्नी देवकुमारी, बहु सावित्री दीवान , राजेश्वरी दीवान , पुत्र सदाराम दीवान थे। उसी समय गांव के गब्बर निषाद घर में 02-03 बार आया तब मेरी बहु राजेश्वरी दीवान ने मुझे उठाई । तब मैं गब्बर निषाद को घर में बार बार क्यों आ रहा है कहकर पकडकर गांव के दुर्गा चौक के पास छोड कर वापस घर आने लगा। तभी गब्बर निषाद द्वारा गंदी गंदी मां बहन की गाली देते हुए पीछे से आकर लकडी से सिर में मार कर चोट पहुंचाया। चोट पहुंचाने से सिर से खून बहने लगा। तब आरोपी द्वारा जाते जाते पुलिस के पास रिपोर्ट दर्ज कराने जायेगा तो जान से मारने की धमकी दिया। बाद इस समय मैं अपनी पत्नी देवकुमारी पुत्र सदाशिव के साथ थाना आकर रिपोर्ट दर्ज करा रहा हुं, रिपोर्ट मेरे बताये अनुसार लिखी गई है कार्यवाही चाहता हूं।
पटेवा थाना : बावनकेरा चौक में दशरथ सिन्हा के घर सामने मोटर सायकल खड़ी कर डियूटी गए 112 वाहन के चालक का मोटर सायकल चोरी
पटेवा थाना : बावनकेरा चौक में दशरथ सिन्हा के घर सामने मोटर सायकल खड़ी कर डियूटी गए 112 वाहन के चालक का मोटर सायकल चोरी मैं भगतराम विश्वकर्मा ग्राम छिन्दौली थाना पटेवा जिला महासमुंद (छ.ग.) का निवासी हूं । डायल 112 वाहन पटेवा में चालक हूं । दिनांक 28/02/2024 को मैं रात्रि डियूटी में जाने के लिए अपने मोटर सायकल प्लेटिना क्रमां क CG 06 GN 2315 से बावनकेरा चौक आया तथा रात्रि करीबन 08.00 बजे बावनकेरा चौक में दशरथ सिन्हा के घर सामने में अपनी प्लेटिना मोटर सायकल को खड़ी कर डियूटी में चला गया, दूसरे दिन दिनांक 29/02/2024 को सुबह करीबन 06.00 बजे डियूटी से वापस आया तो मेरा मोटर सायकल प्लेटिना क्रमांक CG 06 GN 2315 वहां पर नहीं था । आसपास पता तलाश किया नहीं मिला । मेरी मोटर सायकल प्लेटिना क्रमांक CG 06 GN 2315 कीमती करीबन 20,000 रूपये कोई अज्ञात चोर द्वारा चोरी कर ले गया है । मेरी मोटर सायकल को आज दिनांक तक पता तलाश करते रहा, नहीं मिलने से दिनांक 15.03.2024 को थाना पटेवा रिपोर्ट दर्ज कराने आया हूं रिपोर्ट करता हूं कार्यवाही किया जाए, रिपोर्ट पढकर देखा मेरे बताये अनुसार लिखा गया है । Dhara 379-IPC par mamla drj
पटेवा थाना : बावनकेरा में उर्स मेला घुमने के लिये आया एक व्यक्ति का मोटर सायकल चोरी। अज्ञात चोरों खिलाफ मामला दर्ज
पटेवा थाना : बावनकेरा में उर्स मेला घुमने के लिये आया एक व्यक्ति का मोटर सायकल चोरी। अज्ञात चोरों खिलाफ मामला दर्ज मैं श्याम लाल नायक ग्राम लाखागढ (पिथौरा) में रहता हूं, इंडियन आयल पेट्रोल पंप पिथौरा में मैनेजर हूं । दिनांक 01.03.2024 को मेरी मोटर सायकल सुपर स्पलेण्डर क्रमांक CG 06 GE 1706 से मेरा लडका मोहन कुमार बावनकेरा में उर्स मेला घुमने के लिये आया था । मोटर सायकल को मजिस्जद के पास तालाब किनारे रात्रि करीब 09 बजे खडी कर उर्स मेला घुम रहा था उर्स मेला घुमने के बाद करीब रात्रि 11.30 बजे वापस आया तो मोटर सायकल CG 06 GE 1706 वहां पर नहीं था । आसपास पता तलाश किया नहीं मिला । मेरी मोटर सायकल सुपर स्पलेण्डर क्रमांक CG 06 GE 1706 कीमती करीबन 20,000 रूपये कोई अज्ञात चोर चोरी कर ले गया था । मेरी मोटर सायकल को आज तक पता तलाश करते रहा नहीं मिलने दिनांक 14.03.2024 को थाना पटेवा रिपोर्ट दर्ज कराने आया हूं रिपोर्ट करता हूं कार्यवाही की जाये रिपोर्ट पढकर देखा मेरे बताये अनुसार लिखा गया है । धारा 379-IPC पर मामला दर्ज किया गया
नृसिंहनाथ मंदिर का रहस्य बहुत कम लोगो को है पता ओ घटना माना जाता है कि पहाड़ को हनुमान जी हिमालय से ले आए थे, सातवीं शताब्दी के चीनी यात्री ह्वेनसांग ने भी यहां का दौरा किया था
नृसिंहनाथ मंदिर का रहस्य बहुत कम लोगो को है पता ओ घटना माना जाता है कि पहाड़ को हनुमान जी हिमालय से ले आए थे, सातवीं शताब्दी के चीनी यात्री ह्वेनसांग ने भी यहां का दौरा किया था
संबलपुर से 64 किमी दूर स्थित नृसिंहनाथ पश्चिमी ओडिशा की गंधमर्दन पहाड़ियों के उत्तरी किनारे पर पदमपुर उपखंड में एक तीर्थ स्थान है ।छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के सरायपाली बसना होते हुए भी लगभग 70 किलोमीटर मे पंहुचा जा सकता है नृसिंहनाथ विदाला-नृसिंहनाथ के मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। उड़िया और देवनागरी शिलालेखों के अनुसार, ऐसा माना जाता है कि मंदिर का निर्माण 14वीं शताब्दी में बैजल देव द्वारा किया गया था, हालांकि इसका पुराना स्वरूप नौवीं शताब्दी से अस्तित्व में था।
सातवीं शताब्दी के चीनी यात्री ह्वेनसांग ने भी यहां का दौरा किया था और विदाला-नृसिंघनाथ मंदिर की सुंदरता से मंत्रमुग्ध हो गए थे। त्सांग के अनुसार, परिमल गिरी का एक बौद्ध विश्वविद्यालय था जो गंधमर्दन की पहाड़ियों के पास ही स्थित था। पहाड़ी के दूसरी ओर हरिशंकर मंदिर है जो भी उतना ही प्रसिद्ध है। दोनों मंदिरों के बीच 16 किमी लंबा पठार है, जहां माना जाता है कि परिमलगिरि का बौद्ध विश्वविद्यालय कभी अस्तित्व में था। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस क्षेत्र की पहाड़ियों को बहुत पवित्र माना जाता है, और माना जाता है कि इन्हें हनुमान हिमालय से ले आए थे, जब वह इंद्रजीत के हमले से घायल हुए लक्ष्मण की जान बचाने के लिए आगे बढ़ रहे थे। 
विदाला-नृसिंघनाथ का मंदिर बरगढ़ शहर से 113 किमी की दूरी पर स्थित है जो संबलपुर से सड़क मार्ग द्वारा भी अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। नृसिंहनाथ का झरना राज्य के मंत्रमुग्ध कर देने वाले झरनों में से एक है, जो गंधमर्दन पहाड़ियों की तलहटी में स्थित है। ऐसा माना जाता है कि उत्कृष्ट नक्काशीदार राहत नक्काशी को एक दूरस्थ परिक्षेत्र में संरक्षित किया गया है जहां वर्तमान में झरना स्थित है। भगवान नृसिंहनाथ ओडिशा के बहुत पूजनीय देवता हैं और उनके सम्मान में नृसिंहनाथ मंदिर में वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष के 14वें दिन एक विशाल मेला लगता है, नृसिंघन चतुर्दशी जो मुख्य रूप से मई के महीने में आती है, जहां पूरे देश से हजारों तीर्थयात्री इस स्थान पर आते हैं।
नृसिंहनाथ मंदिर का इतिहास
ऐतिहासिक साक्ष्यों के अनुसार, लगभग 600 साल पहले जमुना कंधुनी नाम की एक महिला, जिसका उल्लेख “नृसिंह चरित्र” की पुस्तकों में भी किया गया है, ने एक काव्य की रचना की, जो अत्याचार और अत्याचार के दमन के संबंध में मार्जारा केशरी की महिमा गाती है। संगीत दैत्य. ऐसा माना जाता है कि जब मुसिका दैत्य, जिसे पौराणिक कथाओं के अनुसार मूषक दानव का अवतार कहा जाता है, बहुत आक्रामक हो गया और मानव जाति के प्रति उसके कृत्य बहुत क्रूर हो गए, तो विष्णु मणि मार्जारा केशरी के अवतार में प्रकट हुए। यह भी कहा जाता है कि मार्जारा केशरी के डर से राक्षस सुरंग के नीचे अपने घर में भाग गया और फिर कभी वापस नहीं आया। उस दिन तक मरजारा केशरी उसके घर से बाहर आने का इंतजार करती है और उसे नष्ट कर सकती है। इस ऐतिहासिक घटना की याद में नृसिंहनाथ मंदिर बनाया गया है जहाँ भगवान नृसिंहनाथ की मूर्ति स्थापित की गई है, जो सभी राक्षसों से मनुष्यों की रक्षा करने वाले माने जाते हैं। 
नृसिंहनाथ मंदिर संरचना
यह मंदिर पहाड़ी की तलहटी में स्थित है और लगभग सभी तरफ से मध्य प्रांत के सबसे घने जंगलों में से एक से घिरा हुआ है। पापहरिणी नाम की एक जलधारा मंदिर के करीब स्थित है और इसका पानी बहुत पवित्र माना जाता है। पापहरिणी मंदिर में पांच अलग-अलग स्थानों पर पांच कुंडों में एकत्रित हो जाती है, जिन्हें कुंड के नाम से जाना जाता है। यह पहाड़ी अनेक ऊँचे-ऊँचे पेड़ों और झाड़ियों से इतनी ऊँची है कि सूरज की रोशनी उनमें प्रवेश नहीं कर पाती है। पहले कुंड के पास दक्षिण-पूर्व की ओर पहाड़ी पर ऊंची चट्टान को काटकर बनाई गई चार विशाल आकृतियाँ हैं। उन्हें पाँच पांडव भाइयों में से पहले चार के रूप में दिखाया गया है।
मंदिर के उत्तरी दरवाजे के पास चट्टान को काटकर एक और आकृति बनाई गई है, जो पांचवें पांडव भाई सहदेव की बताई गई है। उसके पास ही गणपति की एक और विशाल आकृति भी बनी हुई है। इसके सामने सात घोड़ों के साथ एक अच्छी तराशी हुई चौकी भी है, जो टूटी हुई मूर्तियों के पास खुदी हुई है जो शिथिल रूप से फैली हुई हैं। इस पर जो छवि स्थापित की गई थी वह मूल रूप से भगवान सूर्य की थी।
नृसिंहनाथ का मंदिर पूर्व की ओर है और इसमें एक मंदिर के साथ एक हॉल भी है जिसे जगमोहन कहा जाता है। मंदिर के ठीक सामने एक स्तंभ है जिसे गरुड़ स्तंभ के नाम से जाना जाता है, जिसके शीर्ष पर एक छोटा सा स्थान है जहां दिवाली त्योहार के दौरान एक दीपक जलाया जाता है। जगमोहन की जो दीवारें अब देखी जा सकती हैं, उन्हें पहले वाली दीवारें क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण फिर से बनाया गया है। ऐसा माना जाता है कि चौखटों का निर्माण 11वीं शताब्दी में किया गया था। इसमें मूल रूप से पूर्व, उत्तर और दक्षिण की ओर तीन दरवाजे थे, लेकिन अब केवल पहले दो ही खुले हैं और तीसरे को बंद कर दिया गया है और उसकी जगह चिनाई का काम किया जा रहा है। सभी दरवाज़ों के चौखट गहरे रंग के पत्थर के हैं और उन पर सुंदर नक्काशी भी की गई है।
नृसिंहनाथ मंदिर में मूर्तियाँ
मंदिर के पास कई अच्छी तरह से संरक्षित राहत मूर्तियां मिली हैं जिनमें देवी गंगा और यमुना, नंदी, जय-विजय, हनुमान, कार्तिक और शिव-पार्वती, भगवान विष्णु के तीन अवतार, बरहा, नृसिंह और बामन, आठ हाथ वाले गणेश शामिल हैं। और ग्वाला सहदेव. मंदिर के अंदर मार्जरकेसरी की एक छोटी सी छवि स्थित है, जिसके बारे में कहा जाता है कि यह बिल्ली के सिर और शेर के शरीर के साथ विष्णु का रूप है। यह मोटे कपड़ों में लिपटा हुआ है और इसकी नाक, आंखें और मुंह पीतल से बने हैं। विष्णु के इस अवतार की उत्पत्ति का एक लंबा वर्णन एक स्थानीय महात्म्य में दिया गया है जो उड़िया में लिखा जा रहा है। मंदिर में काले पत्थर के एक टीले पर प्रोटो-उड़िया लिपि और उड़िया भाषा में एक शिलालेख भी है।
नृसिंहनाथ मंदिर के आसपास के आकर्षण
नृसिंहनाथ मंदिर के पास कई अन्य पर्यटक आकर्षण भी हैं। चल धार, सीता कुंड, भीम धार, पन्हुपांडव, कपिल धार, सुप्ता धार, सत्यांब, भीम मडुआ और हैप्पी प्वाइंट नृसिंहनाथ के पास कुछ प्रसिद्ध पर्यटक आकर्षण हैं। हाल के वर्षों में गंधमर्दन पहाड़ियों के आसपास पर्यटन का विकास हुआ है। नृसिंह-चतुर्दशी पर आयोजित होने वाला वार्षिक मेला भी दूर-दूर से कई तीर्थयात्रियों को आकर्षित करता है। मंदिर के ठीक पास एक सुंदर बगीचा भी बनाया गया है, जहां भगवान कृष्ण के विभिन्न अवतार दिखाए गए हैं और बगीचे के केंद्र के अंदर 28 फीट की हनुमान प्रतिमा भी बनाई गई है।
नृसिंहनाथ मंदिर तक कैसे पहुंचे?
प्रसिद्ध नृसिंहनाथ मंदिर बारागढ़ से लगभग 110 किमी पश्चिम और संबलपुर से 64 किमी दूर स्थित है। खरियार रोड रेलवे स्टेशन निकटतम रेलवे स्टेशन है। बरगढ़ शहर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 6 पर है। संबलपुर और बरगड़ दोनों राज्य के अन्य प्रमुख शहरों जैसे भुवनेश्वर, बेरहामपुर, राउरकेला और कटक से बस द्वारा अच्छी तरह से जुड़े हुए हैं ।
