डॉ. कनी दयाल खरे की मौजूदगी में श्री श्याम हॉस्पिटल भंवरपुर में 22 फरवरी को नि:शुल्क यूरोलॉजी कैंप

डॉ. कनी दयाल खरे की मौजूदगी में श्री श्याम हॉस्पिटल भंवरपुर में 22 फरवरी को नि:शुल्क यूरोलॉजी कैंप

भंवरपुर (बसना)। श्री श्याम हॉस्पिटल भंवरपुर द्वारा रविवार 22 फरवरी 2026 को नि:शुल्क यूरोलॉजी कैंप का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में गुर्दे व मूत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. कन्नी दयाल खरे मरीजों की जांच कर उन्हें उचित उपचार व परामर्श देंगे। कैंप में किडनी, मूत्र एवं पथरी से संबंधित सभी प्रकार की बीमारियों की जांच निःशुल्क की जाएगी।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार शिविर में किडनी की पथरी, किडनी फेल्योर, पेशाब में जलन या रुक-रुक कर आना, बार-बार यूरिन इंफेक्शन, रात में बार-बार पेशाब लगना, प्रोस्टेट संबंधी समस्याएं, मूत्र नली का संक्रमण व सिकुड़न, किडनी में सूजन-सिकुड़न तथा ब्लड प्रेशर से जुड़ी किडनी बीमारियों का परीक्षण किया जाएगा। इसके अलावा ऑपरेशन की आवश्यकता वाले मरीजों के लिए सर्जरी की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

ऑपरेशन के इच्छुक मरीजों को अपनी सभी जांच रिपोर्ट के साथ एक दिन पूर्व अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी गई है। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि शिविर में भाग लेने के लिए अग्रिम पंजीयन अनिवार्य है।

अधिक जानकारी एवं रजिस्ट्रेशन के लिए मोबाइल नंबर 7772056711 एवं 7772056655 पर संपर्क किया जा सकता है। यह शिविर श्री श्याम हॉस्पिटल, भंवरपुर (सरायपाली रोड), तहसील बसना, जिला महासमुंद में आयोजित है।

बसना के सरस्वती शिशु मंदिर में “शिशु नगरी” कार्यक्रम सम्पन्न, नन्हें बच्चों की झांकियों ने मोहा मन

बसना के सरस्वती शिशु मंदिर में “शिशु नगरी” कार्यक्रम सम्पन्न, नन्हें बच्चों की झांकियों ने मोहा मन

बसना। सरस्वती शिशु मंदिर शिशु वाटिका, बसना में “शिशु नगरी” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा और संस्कारों की मनमोहक प्रस्तुति देकर सभी का दिल जीत लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वार्ड क्रमांक 12 की पार्षद श्रीमती विनीता अग्रवाल एवं विशिष्ट अतिथि मारवाड़ी युवा मंच की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी अग्रवाल उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम का शुभारंभ देव प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन, दीप मंत्र एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। विद्यालय के समन्वयक श्री रमेश कर ने शिशु वाटिका के 12 आयामों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि विद्यालय में बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ संस्कार निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

मुख्य अतिथि श्रीमती विनीता अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कारों की पाठशाला है। यहां बच्चों को बड़ों का सम्मान करना, प्रणाम करना तथा भारतीय संस्कृति से जुड़ना सिखाया जाता है। विशिष्ट अतिथि श्रीमती शालिनी अग्रवाल ने भी विद्यालय की कार्यप्रणाली और बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना की।

कक्षा अरुण से द्वितीय तक के भैया-बहनों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। विभिन्न आकर्षक झांकियों में “ऑपरेशन सिंदूर”, “श्री राम दरबार”, “श्री कृष्ण लीला” एवं “शिव-पार्वती” विशेष आकर्षण का केंद्र रहे, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा।

इस अवसर पर नरसिंह शिक्षा समिति के अध्यक्ष श्री रामचंद्र अग्रवाल, सचिव श्री धनेश्वर साहू, शिशु वाटिका के संरक्षक श्री सुभाष शर्मा, सदस्य कुमारी पुष्पा साव, श्री सांवरमल अग्रवाल, श्री सुभाष कुमार प्रधान, डॉ. केशव साहू, प्राचार्य श्री धनुर्जय साहू, वरिष्ठ आचार्य श्री अभिमन्यु दास सहित विद्यालय के समस्त दीदी-आचार्य, भैया-बहन एवं लगभग 115 अभिभावक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। पूरे आयोजन ने यह संदेश दिया कि शिक्षा के साथ संस्कारों का समन्वय ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है।

महासमुंद जिले में नई गाइडलाइन जारी, 20 फरवरी से लागू

महासमुंद जिले में नई गाइडलाइन जारी, 20 फरवरी से लागू

महासमुंद/ स्थावर संपत्ति के गाइडलाइन दरों के पुनरीक्षण के संबंध में छत्तीसगढ़ गाइडलाइन दरों का निर्धारण नियम, 2000 के प्रावधानों के तहत केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला मूल्यांकन समितियों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों पर विचार करते हुए रायगढ़, महासमुंद एवं बालोद जिलों से प्राप्त स्थावर संपत्ति की गाइडलाइन दरों के वर्ष 2025-26 हेतु पुनरीक्षण प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान किया गया।

केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा स्वीकृत गाइडलाइन दरों की प्रति संबंधित कलेक्टर को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित की गई है। यह पुनरीक्षित गाइडलाइन दरें 20 फरवरी 2026 से प्रभावशील होंगी।उल्लेखनीय है कि इन दरों के लागू होने से संपत्ति पंजीयन, राजस्व संकलन तथा प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता एवं सुगमता सुनिश्चित होगी। कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने जारी नवीन गाइड लाइन के तहत आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश उपंजीयक रजिस्टार को दिए हैं।

महासमुंद/विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी 2026 को

महासमुंद/विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी 2026 को

महासमुंद/ भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के संदर्भ में प्रदेश में मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी एवं त्रुटि रहित बनाने के उद्देश्य से विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 की प्रक्रिया तीव्र गति से संचालित की जा रही है। एसआईआर के अंतर्गत ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन दिनांक 23 दिसंबर 2025 को किया गया था। इसके उपरांत दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करने की प्रक्रिया 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक पूर्ण की गई। वर्तमान में प्राप्त दावों एवं आपत्तियों पर सुनवाई तथा दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया 14 फरवरी 2026 तक की गई।

एसआईआर की गणना चरण के दौरान प्राप्त गणना प्रपत्रों के आधार पर, जिन मतदाताओं का मिलान वर्ष 2003 की विशेष गहन पुनरीक्षण (एआईआर) मतदाता सूची से नहीं हो पाया, उन्हें संबंधित विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा नियमानुसार दस्तावेज प्रस्तुत करने हेतु नोटिस जारी किए गए। सभी संबंधित मतदाताओं को सुनवाई का पूर्ण अवसर प्रदान किया गया। सुनवाई के दौरान भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य 13 निर्धारित दस्तावेजों में से आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद दावा-आपत्ति अवधि के दौरान जिन वैध मतदाताओं का नाम सूची में शामिल नहीं था, उन्होंने नाम जोड़ने के लिए प्रपत्र-6, मतदाता विवरण में सुधार हेतु घोषणा पत्र सहित प्रपत्र-8 तथा नाम विलोपन अथवा आपत्ति के लिए घोषणा पत्र सहित प्रपत्र-7 प्रस्तुत किए।

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दावा-आपत्ति अवधि (23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026) के दौरान विधानसभा स्तर पर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा साप्ताहिक बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में प्रति सप्ताह प्राप्त दावों एवं आपत्तियों की सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ साझा की गई, ताकि राजनीतिक दलों द्वारा सूचियों का अवलोकन कर पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने एवं अपात्र मतदाताओं के नाम विलोपन की प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा सके।

दावों एवं आपत्तियों की सुनवाई तथा सत्यापन प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात पात्र पाए गए आवेदनों का विधिवत निस्तारण किया जा रहा है तथा 21 फरवरी 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान प्राप्त सभी दावा-आपत्तियों की सूची मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ की आधिकारिक वेबसाइट https://ceocg.gov.in पर उपलब्ध है, जिसका अवलोकन राज्य का कोई भी नागरिक कर सकता है।

मतदाता सूची से नाम विलोपन को लेकर फैलाए जा रहे दावे भ्रामक हैं। मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 22 के अंतर्गत, किसी भी मतदाता का नाम केवल निम्नलिखित तीन विशेष परिस्थितियों में ही हटाया जा सकता है मतदाता की मृत्यु होने पर, मतदाता के निवास स्थान का स्थायी रूप से अन्यत्र स्थानांतरण होने पर और मतदाता का नाम दोहरा दर्ज होने की स्थिति में। विशेष गहन पुनरीक्षण एक नियमित, निष्पक्ष एवं विधि सम्मत प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य किसी भी पात्र मतदाता को वंचित करना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को अधिक विश्वसनीय एवं पारदर्शी बनाना है।

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम 2025-26 जिले के अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं एवं उद्यमियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम 2025-26 जिले के अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं एवं उद्यमियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित

महासमुंद/ जिले में अनुसूचित जनजाति वर्ग के बरोजगार युवाओं एवं उद्यमियों का स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत आॅनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक ने बताया कि योजना के तहत सेवा क्षेत्र में अधिकतम 20 लाख रुपये तथा निर्माण क्षेत्र में 50 लाख रुपये तक का ऋण बैंको के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। बैंको के ऋण स्वीकृति के पश्चात ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित उद्योगांे को 35 प्रतिशत तथा शहरी क्षेत्र में स्थापित उद्योगों को 25 प्रतिशत अनुदान का लाभ प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आवेदन के लिए पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, जाति प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र, अनापत्ति प्रमाणपत्र, परियोजना प्रतिवेदन, शैक्षणिक योग्यता 8 अंकसूची जैसे दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना का आवेदन www.kvic.in/pmegponline पर ऑनलाइन जमा किया जा सकता है।

पात्र उद्योग में निर्माण क्षेत्र अंतर्गत फ्लाई ऐश ब्रिक्स, अगरबत्ती, साबुन, वाशिंग पाउडर, फर्नीचर, स्टील रैक, कूलर, नोटबुक-रजिस्टर निर्माण, प्लास्टिक आइटम, सीमेंट टाइल्स, वर्मी कम्पोस्ट, बैग, जूता-चप्पल, रजाई-गद्दा निर्माण सहित अन्य उद्योग पात्र हैं। इसी तरह सेवा क्षेत्र अंतर्गत टेंट हाउस, होटलध्ढाबा, रिपेयरिंग सेंटर, मोबाइल रिपेयरिंग, ड्राई क्लीनिंग, एसी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन रिपेयरिंग, च्वाइस सेंटर, ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग, यात्री वाहन, मुर्गी पालन, मछली पालन सहित अन्य सेवाएं शामिल हैं। इच्छुक आवेदक अपने समस्त दस्तावेजों के साथ कार्यालय जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, बीटीआई रोड, जेके सीमेंट के पास, महासमुंद में कार्यालयीन समय में संपर्क कर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 98063-87523, 75877-24731, 79873-79574 पर संपर्क किया जा सकता है। विभाग द्वारा किसी भी गैर शासकीय व्यक्ति को आवेदन प्रक्रिया के लिए अधिकृत नहीं किया गया है।

महासमुंद/प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना वर्ष 2025-26 के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित

महासमुंद/प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना वर्ष 2025-26 के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित

महासमुंद/ प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने के लिए इच्छुक व्यक्तियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। महाप्रबंधक जिला व्यापार एव उद्योग केन्द्र ने बताया कि इस योजना के तहत राइस मिल, दाल मिल, आटा, बेसन, मैदा निर्माण, मसाला, बेकरी उत्पाद, दूध एवं दुग्ध उत्पाद, पापड़-बड़ी, नमकीन-मिक्चर, अचार, सॉस, जैम, जेली, गुड़, चॉकलेट, कन्फेक्शनरी, मिठाई उत्पाद, आइसक्रीम, पशु आहार, मछली आहार, मशरूम उत्पाद, मुर्गी आहार, चटनी, जूस, साबुदाना, घी, पोहा निर्माण, लहसुन-प्याज एवं अदरक पेस्ट, पेठा, तिलकुट सहित अन्य खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित की जा सकती हैं।

योजना अंतर्गत सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के लिए नवीन इकाई की स्थापना के साथ-साथ पूर्व में स्थापित इकाइयों के विस्तार एवं अपग्रेडेशन भी पात्र होंगे। व्यक्तिगत सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को मान्य परियोजना लागत का 35 प्रतिशत की दर से क्रेडिट लिंक्ड पूंजीगत अनुदान प्रदान किया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये होगी। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है। लाभार्थी को परियोजना लागत का न्यूनतम 10 प्रतिशत अंशदान स्वयं करना होगा, जबकि शेष राशि बैंक ऋण के माध्यम से प्राप्त की जाएगी।

इकाई स्थापित करने के इच्छुक व्यक्ति योजना की वेबसाइट https://pmfme.mofpi.gov.in/pmfme/#/login पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी एवं सहायता के लिए जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, बीटीआई रोड, इंदिरा गांधी महिला जिम के सामने, जे.के. सीमेंट के बाजू गली, पंचवटी विहार, महासमुंद में संपर्क किया जा सकता है। साथ ही मोबाइल नंबर 9806387523, 7587724731 एवं 7987379574 पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। जिले के डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स पर्सन सौरभ जैन (महासमुंद) मोबाइल 9444424220, चिराग गंडेचा (बागबाहरा), मनीष सोनी (बसना) मोबाइल 7697973720 तथा सचिन अग्रवाल (सरायपाली) मोबाइल 7509447771 से संपर्क कर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूर्ण की जा सकती है।

महासमुंद /धूम्रपान मुक्त ग्राम पंचायत बनाने बेलसोंडा में ग्राम स्तरीय समन्वय समिति का गठन व बैठक आयोजित

महासमुंद /धूम्रपान मुक्त ग्राम पंचायत बनाने बेलसोंडा में ग्राम स्तरीय समन्वय समिति का गठन व बैठक आयोजित

महासमुंद /‎मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई नागेश्वर राव के निर्देशन में ग्राम पंचायत बेलसोंडा को धूम्रपान मुक्त ग्राम पंचायत बनाने के उद्देश्य से बेलसोंडा में ग्राम स्तरीय समन्वय समिति का गठन व बैठक आयोजित की गई। जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती नीलू घृतलहरे एवं जिला नोडल अधिकारी एन टी सी पी डॉक्टर छत्रपाल चंद्राकर की उपस्थिति में बैठक संपन्न की गई। बैठक में सरपंच, उपसरपंच, पंच, शिक्षा विभाग के संकुल समन्वयक, शिक्षक गण, मितानिन, आँगनबाड़ी कार्यकर्ता, ग्रामीण व छात्र- छात्राएं मौजूद थे।

बैठक में पीपीटी के माध्यम से धूम्रपान के दुष्प्रभाव के प्रति जागरूक किया गया व नशा मुक्ति केंद्र व कोटपा अधिनियम के समस्त धाराओं के बारे में विस्तार से समझाया गया। तथा मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, टी बी मुक्त पंचायत विषय पर चर्चा की गई। साथ ही ग्राम पंचायत को धूम्रपान मुक्त करने के मापदंडों को विस्तार से समझाया गया व उससे संबंधित आईईसी वितरित की गई। विद्यालय के प्राचार्य व शिक्षकों को शैक्षणिक संस्थानों को तंबाकू मुक्त करने के मापदंडों को विस्तार से समझाया गया व tofei की प्रक्रिया पूर्ण की गई। तत्पश्चात मितानिनों के द्वारा दीवार लेखन का कार्य पूर्ण किया गया व विद्यार्थियों के साथ रैली का आयोजन किया गया।

बसना सभापति प्रकाश ने दिखाई हरी झंडी, 12 SHG के 40 सदस्य हुए पूरी रवाना

बसना सभापति प्रकाश ने दिखाई हरी झंडी, 12 SHG के 40 सदस्य हुए पूरी रवाना

सभापति प्रकाश ने दिखाई हरी झंडी, 40 महिलाएँ पूरी भ्रमण पर रवाना 12 स्व सहायता समूहों के 40 सदस्य दिशा-दर्शन यात्रा पर रवाना, सभापति प्रकाश ने दिखाई हरी झंडी महिला सशक्तिकरण की दिशा में पहल – स्व सहायता समूहों को मिलेगा नया अनुभव

बसना। एकीकृत बाल विकास परियोजना बसना अंतर्गत आयोजित दिशा-दर्शन भ्रमण कार्यक्रम के तहत बसना ब्लॉक के 12 स्व सहायता समूहों के 40 सदस्यों को जनपद पंचायत बसना के सभापति प्रकाश सिन्हा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

यह भ्रमण कार्यक्रम महिला स्व सहायता समूहों के सशक्तिकरण एवं आयवर्धन गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। भ्रमण के दौरान समूह की माताएँ-बहनें विभिन्न सफल मॉडलों का अध्ययन कर आत्मनिर्भरता, प्रबंधन कौशल एवं आजीविका संवर्धन के नए आयाम सीखेंगी।

भ्रमण पर जा रही माताओं-बहनों को सफल एवं मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएँ देते हुए श्री सिन्हा ने कहा कि यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु निरंतर प्रतिबद्ध है और ऐसे कार्यक्रम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होंगे।

इस अवसर पर परियोजना अधिकारी श्री रामसिंह मिरी, पर्यवेक्षक श्रीमती उमादेवी पटेल, श्रीमती चंद्रिका कुमार सहित विभागीय अधिकारी एवं स्व सहायता समूह की महिलाएँ उपस्थित रहीं।

महासमुंद/प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण 105 ग्राम पंचायतों में सामूहिक रूप से आवास तिहार का आयोजन 611 हितग्राहियों ने किया भूमि पूजन

महासमुंद/प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण 105 ग्राम पंचायतों में सामूहिक रूप से आवास तिहार का आयोजन 611 हितग्राहियों ने किया भूमि पूजन

महासमुंद/ जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार आवास निर्माण को गति देने के लिए आवास तिहार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत कुल 13,754 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से प्रथम किस्त जारी होने के बावजूद 3,274 आवास अब तक अप्रारंभ थे।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री हेमंत नंदनवार द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष अभियान चलाकर अप्रारंभ आवासों का ले-आउट कर निर्माण प्रारंभ कराने के निर्देश दिए गए। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत महासमुंद श्री बरनसिंग मंडावी के नेतृत्व में महासमुंद विकासखंड के 105 ग्राम पंचायतों में सामूहिक रूप से आवास तिहार का आयोजन किया गया। इसके अंतर्गत 19 फरवरी को जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में स्वीकृत अप्रारंभ आवासों का शुभारंभ करते हुए 611 हितग्राहियों से भूमि पूजन एवं नींव खुदाई कराई गई।

जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत भोरिंग में आयोजित जन चौपाल में श्री मंडावी द्वारा शासन की महत्वाकांक्षी योजना को समय-सीमा में पूर्ण करने हेतु हितग्राहियों को प्रोत्साहित किया गया। उन्होंने हितग्राहियों से निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने का आह्वान किया। इस अवसर पर विकासखंड समन्वयक, तकनीकी सहायक, सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक एवं आवास मित्र सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता रही।

महासमुंद/निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम के डाटा एंट्री ऑपरेटरों का एक दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न आर सी एच 2.0 , एच एम आई एस एवं पी सी एन डी टी पोर्टल पर हुआ प्रशिक्षण

महासमुंद/निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम के डाटा एंट्री ऑपरेटरों का एक दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न आर सी एच 2.0 , एच एम आई एस एवं पी सी एन डी टी पोर्टल पर हुआ प्रशिक्षण

महासमुंद/ जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के अंतर्गत ऑनलाइन रिपोर्टिंग एवं प्रविष्टि प्रणाली को सुदृढ़ करने हेतु जिले के समस्त निजी नर्सिंग होम, हॉस्पिटल में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटरों का एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह प्रशिक्षण मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के निर्देशानुसार होटल स्वर्ण में आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण में आरसीएच 2.0 पोर्टल, पी.पी.एन.डी.टी. पोर्टल, एचएमआईएस पोर्टल, इ-कल्याणी तथा ऑनलाइन फॉर्म एंट्री सहित विभिन्न मॉड्यूल पर विस्तृत तकनीकी जानकारी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम में आरएमएनसीएच ए सलाहकार श्री संदीप चंद्राकर मास्टर ट्रेनर द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को मार्गदर्शन दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान ऑनलाइन प्रविष्टि से संबंधित सामान्य त्रुटियों, समयबद्ध रिपोर्टिंग तथा पोर्टल संचालन के आवश्यक बिंदुओं पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया।

नोडल अधिकारी डॉ. छत्रपाल चंद्राकर ने बताया कि आरसीएच 2.0 पोर्टल के माध्यम से गर्भवती माताओं को प्रदायित की जाने सेवाओं जैसे कि गर्भावस्था जांच, सोनोग्राफी, विशेष लैब जांच, सिजेरियन ऑपरेशन आदि की जानकारी सेवा प्रदायगी संस्थाओं से पोर्टल में प्रविष्ट की जाएगी, जिसे किसी भी संस्था स्तर पर उनके आभा – आईडी या मोबाइल नंबर के माध्यम से पूरे देश में कही पर भी पोर्टल से प्राप्त किया जा सकता है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा बताया गया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से निजी स्वास्थ्य संस्थानों में राष्ट्रीय कार्यक्रमों की ऑनलाइन रिपोर्टिंग अधिक सटीक, पारदर्शी एवं समयबद्ध होगी, जिससे जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी एवं योजना निर्माण में भी सहायता मिलेगी। प्रशिक्षण में श्री हरिशंकर साहू, श्री शेखर निर्मलकर, श्री विजय भान आदि का विशेष सहयोग रहा।