तेंदुकोना/महासमुंद गुरूघासीदास जयंती की रात खूनी संघर्ष में बदली, नीम चौक बना रणभूमि — पुरानी रंजिश में गांव के ही लोगों ने किया जानलेवा हमला
महासमुंद | ग्राम तेन्दवाही में गुरूघासीदास जयंती के शांतिपूर्ण कार्यक्रम के बाद हालात अचानक बेकाबू हो गए। कार्यक्रम समाप्त कर जब ग्रामीण अपने घर लौट रहे थे, तभी गांव के सतनामी पारा नीम चौक के पास पुरानी रंजिश ने हिंसक रूप ले लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 25 दिसंबर की सुबह करीब 6:30 बजे ग्राम तेन्दवाही निवासी मजदूर अपने परिजनों — बहन लता कोसले एवं हिरा कोसले के साथ घर लौट रहे थे। इसी दौरान गांव के ही लल्लू जांगड़े, राजा मारकण्डे, रवि बघेल, सुशील बघेल सहित अन्य लोगों ने एकजुट होकर रास्ता रोक लिया।
आरोप है कि आरोपियों ने मां-बहन की गंदी गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी और देखते ही देखते ईंट-पत्थर, डंडा व हाथ-मुक्कों से हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे विजय कोसले, हितेश कोसले, शत्रुघन कोसले एवं चम्मन कोसले के साथ भी बेरहमी से मारपीट की गई।
हमले में पीड़ित के सिर, दोनों हाथों और शरीर में गंभीर चोटें आईं, वहीं चम्मन कोसले के नाक में गंभीर चोट लगी है। बीच-बचाव करने आए अन्य ग्रामीणों को भी चोटें आईं हैं।
घटना की सूचना पर पीड़ित ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। मामले में धारा 115(2), 296, 3(5), 351(3) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। गांव में घटना के बाद तनाव का माहौल बना हुआ है, वहीं ग्रामीणों में दहशत और आक्रोश व्याप्त है।



