बसना सरायपाली : ढाबों में मिला दूषित बासी आटा,उपयोग रोटियां बनाने में मेडिकल स्टोर्स और पानी प्लांटों की भी जांच
सही दवा-शुद्ध आहार अभियान के तहत प्रशासन की सख्ती, कई जगहों से लिए गए सैंपल
महासमुंद। जिले में चलाए जा रहे “सही दवा-शुद्ध आहार अभियान” के तहत प्रशासन ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और दवाइयों की जांच को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। पुलिस, स्वास्थ्य और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा शहर सहित बसना, पिथौरा और सरायपाली क्षेत्र में ढाबों, मेडिकल स्टोर्स और पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर प्लांटों का निरीक्षण किया गया।
जांच के दौरान कई ढाबों में बासी खाद्य सामग्री मिलने पर कार्रवाई की गई। बसना क्षेत्र के एक ढाबे में
करीब 10 किलो बासी आटा बरामद हुआ, जिसका उपयोग रोटियां बनाने में किया जा रहा था। टीम ने मौके पर ही आटे को जब्त कर नष्ट कराया। वहीं कुछ अन्य स्थानों से चावल और चावल के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने होटल संचालकों को साफ-सफाई बनाए रखने, नियमित मेडिकल फिटनेस जांच कराने और रसोई घर में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

महासमुंद 06 मई 2026/ राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के निर्देशन में विकासखंड बागबाहरा के तेंदुकोना क्षेत्र में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस विभाग के संयुक्त प्रवर्तन दल द्वारा कोटपा एक्ट 2003 (सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम 2003) के तहत चालानी कार्यवाही की गई। कार्रवाई डीपीएम श्रीमती नीलू घृतलहरे के मार्गदर्शन एवं जिला नोडल अधिकारी एनटीसीपी डॉ. छत्रपाल चंद्राकर के सहयोग से किया गया।
कार्यवाही के दौरान औषधि निरीक्षक श्री अवधेश भारद्वाज द्वारा शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में आने वाले दुकानों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कोटपा एक्ट 2003 की धारा 04 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध, धारा 06 (अ) के तहत नाबालिगों को तंबाकू उत्पाद की बिक्री एवं उपयोग पर प्रतिबंध तथा धारा 06 (ब) के तहत शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के भीतर तंबाकू उत्पाद बिक्री प्रतिबंध का उल्लंघन पाए जाने पर कुल 14 चालान काटे गए।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने कहा कि तंबाकू सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। विशेष रूप से बच्चों एवं युवाओं को तंबाकू की लत से बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। कोटपा एक्ट 2003 का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने हेतु जिले में लगातार निरीक्षण एवं चालानी कार्यवाही जारी रहेगी। आमजन से अपील है कि सार्वजनिक स्थलों एवं शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तंबाकू उत्पादों का उपयोग एवं बिक्री न करें तथा स्वस्थ समाज निर्माण में सहयोग प्रदान करें।



