महासमुंद। पेट्रोल की कमी का असर जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित करने लगा है। महासमुंद शहर में ईंधन की किल्लत कल भी यथावत रही। जिससे आम जनता के साथ-साथ विशेष रूप से फील्ड वर्क से जुड़े लोग परेशान हैं।
शहर के कोतवाली पुलिस पेट्रोल पंप सहित इक्का-दुक्का खुले पंपों पर नजारा बेहद चिंताजनक है। बीती रात घंटों लाइन में लगने के बाद भी जिन लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा था, वे आज सुबह 4 बजे ही पंपों पर पहुंच गए। स्थिति यह है कि लोग अपने जरूरी कामकाज छोडक़र सिर्फ कुछ लीटर ईंधन की जुगाड़ में पूरा दिन खपा रहे हैं। पुलिस पेट्रोल पंप क ो छोडक़र शहर के अन्य लगभग सभी 7-8 पंपों पर कल भी टैंकर नहीं पहुंचने के कारण सन्नाटा पसरा रहा। सप्लाई चेन पूरी तरह बाधित होने से जो पंप खुले भी हैं, वहां दबाव क्षमता से कहीं अधिक है। सूत्रों से पता चला है कि कल शहर के कुछ पेट्रोल पंपों में टैंकर पहुंचा भी है और सुबह वितरण किया गया। लेकिन अब उन पंपों की बिजली बंद कर वहां पेट्रोल नहीं है का बोर्ड चस्पा कर दिया गया है।
अन्य पंपों में पेट्रोल नहीं का बोर्ड चस्पा होने की वजह से एक बड़ी भीड़ सीधे पुलिस पंप में पहुंच रही है। कल रात 9 बजे यहां भी पेट्रोल नहीं का बोर्ड लटक गया।
डीजल-पेट्रोल की दैनिक आवश्यकता, उपलब्धता एवं वितरण के संबंध में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कल शाम जिले के पेट्रोल-डीजल वितरकों की समीक्षा बैठक ली।
बैठक में पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा बताया गया कि नागरिकों में पेट्रोल डीजल की उपलब्धता में कमी संबंधी भ्रम के कारण अचानक पेट्रोल एवं डीजल की मांग बढ़ गयी है, जो हितग्राही वाहन में 100-200 रुपए का पेट्रोल डलवाते थे, वही लोग टैंक फुल कराना चाह रहे हैं। जिससे किसी एक पंप में ड्राई की स्थिति निर्मित होने पर निकटस्थ के पंप में लोगों की भीड़ बढ़ जा रही है।
ऑयल कंपनी के विक्रय अधिकारियों से प्राप्त जानकारी अनुसार जिले में वर्तमान में 7लाख, 18 हजार लीटर पेट्रोल एवं 7 लाख, 33 हजार लीटर डीजल उपलब्ध है, जो कि जिले के औसत दैनिक खपत के हिसाब से आगामी पेट्रोल 5 दिवस एवं डीजल 2 दिवस हेतु पर्याप्त है और ऑयल कंपनी द्वारा लगातार आपूर्ति जारी है। लोगों में पैनिक की स्थिति निर्मित नहीं होगी तो स्थिति पूरी तरह से सामान्य हो जाएगी।
बहरहाल, दूध विक्रेताओं को घरों तक दूध पहुंचाने में देरी हो रही है। मीडिया कर्मियों को कवरेज और समाचार संकलन के लिए आवाजाही करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। एलआईसी एजेंट को क्लाइंट्स से मिलना और फील्ड विजिट पूरी तरह ठप है। सेल्स और डिलीवरी से जुड़े कर्मचारी अपनी ड्यूटी पूरी नहीं कर पा रहे हैं।



