महासमुंद। जिला मुख्यालय सहित पूरे महासमुंद रूट पर पेट्रोल और डीजल की कमी के कारण परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई है। पिछले चार दिनों से जारी इस संकट के कारण रूट पर चलने वाली बसों का संचालन कम हो गया है, जिससे बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ देखी जा रही है। ईंधन न मिलने के कारण कई यात्री अपनी यात्रा स्थगित या निरस्त कर रहे हैं।
परिवहन प्रभावित होने से मालवाहक वाहनों, टैक्सियों और ऑटो के चालकों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। वाहनों का संचालन रुकने से स्थानीय आवागमन पर भी असर पड़ा है। शहर के पुलिस वेलफेयर पेट्रोल पंप सहित अन्य पंपों पर ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड लगे हुए हैं।
ई-वाहनों की मांग में वृद्धि
पेट्रोल-डीजल के संकट के बीच ऑटोमोबाइल सेक्टर में इलेक्ट्रॉनिक वाहनों (ई-वाहनों) की मांग में वृद्धि देखी जा रही है। रायपुर मार्ग स्थित भवानी चेतन इलेक्ट्रॉनिक शोरूम के ब्रांच मैनेजर सागर यादव ने बताया कि उनके शोरूम से सामान्यत: प्रति माह 15 से 17 इलेक्ट्रॉनिक बाइक की बिक्री होती थी, लेकिन इस संकट के दौरान पिछले दो दिनों में 25 गाडिय़ों की बिक्री हो चुकी है और वाहनों की बुकिंग जारी है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कुछ पेट्रोल पंपों पर स्टॉक होने के बावजूद आम उपभोक्ताओं को ईंधन नहीं दिया जा रहा है। रायपुर मार्ग स्थित एक पेट्रोल पंप पर सुबह 10 बजे कुछ लोगों को पेट्रोल देने के बाद अन्य ग्राहकों को स्टॉक खत्म होने की बात कहकर लौटा दिया गया। नागरिकों का कहना है कि खाद्य विभाग द्वारा पेट्रोल पंपों के स्टॉक की भौतिक जांच नहीं की जा रही है और न ही उपलब्धता का हिसाब-किताब लिया जा रहा है।
जय अंबे ट्रेवल्स के संचालक दिलीप चंद्राकर का कहना है कि डीजल की अनुपलब्धता के कारण परिवहन व्यवसाय प्रभावित हुआ है। रूट पर चलने वाली कुल 70 बसों में से वर्तमान में केवल 40 बसें ही चल पा रही हैं। ईंधन न मिलने से गाडिय़ां खड़ी करनी पड़ रही हैं, जिससे यात्रियों को असुविधा हो रही है।
डिप्टी कलेक्टर तरुण नायक का कहना है कि कंपनी स्तर पर आपूर्ति (सप्लाई) की समस्या के कारण यह दिक्कत हो रही है। कंपनी से इस संबंध में निरंतर चर्चा की जा रही है। सभी पंपों को औसत तेल आपूर्ति सुनिश्चित करने पर बात हुई है। आगामी 2 से 3 दिनों में स्थिति में सुधार हो जाएगा, नागरिकों को पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है।



