भंवरपुर/ मरीज की जान से खिलवाड़ एक्सपायरी बोतल चढ़ा कर डॉ साहब घंटों गायब महिला की जान खतरे से……………….…..
महाजनपद न्यूज हेमन्त वैष्णव बसना। महासमुंद जिले के बसना ब्लॉक अंतर्गत भंवरपुर स्वास्थ्य केंद्र से लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां दस्त की शिकायत पर भर्ती कराई गई एक महिला मरीज को कथित तौर पर एक्सपायरी डेट खत्म हो चुकी एनएस (नॉर्मल सलाइन) की बोतल चढ़ा दी गई। आरोप है कि मार्च महीने में ही एक्सपायर हो चुकी बोतल पूरी तरह चढ़ जाने के बाद इस बात का खुलासा हुआ।
जानकारी के मुताबिक, अहिल्या राणा को दस्त की शिकायत होने पर परिजनों ने भंवरपुर स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया था। पीड़ित महिला के पति हार लाल राणा ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉ. मुकेश पटेल द्वारा महिला को एनएस की बोतल चढ़ाई गई। बोतल पूरी तरह खत्म होने के बाद परिजनों की नजर उसकी एक्सपायरी डेट पर पड़ी, जो मार्च माह में ही समाप्त हो चुकी थी।
हार लाल राणा का आरोप है कि बोतल चढ़ाने के बाद डॉ. मुकेश पटेल ने थोड़ी देर में वापस आकर देखने की बात कही और वहां से चले गए। इसी दौरान जब उन्होंने बोतल को ध्यान से देखा तो पाया कि उसकी वैधता अवधि समाप्त हो चुकी है। इसके बाद उन्होंने तत्काल इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग के ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) डॉ. नारायण साहू को दी।
परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते यह बात सामने नहीं आती तो महिला की जान को गंभीर खतरा हो सकता था। सवाल यह भी उठ रहा है कि जिस एक्सपायरी डेट को परिजनों ने देख लिया, वह अस्पताल के जिम्मेदार कर्मचारियों और चिकित्सकों की नजर से कैसे चूक गई।
वहीं, इस मामले में बीएमओ डॉ. नारायण साहू ने महाजनपद न्यूज से से चर्चा करते हुए बताया कि घटना की जानकारी मिली है और इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बीएमओ ने यह भी बताया कि संबंधित महिला की तबीयत अब सामान्य है और वह स्वस्थ है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को दी जाने वाली दवाइयों और जीवनरक्षक तरल पदार्थों की गुणवत्ता जांच की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? यदि एक्सपायरी सामग्री का उपयोग हो रहा है तो यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि मरीजों की जान के साथ गंभीर खिलवाड़ माना जा सकता है।



