शिक्षक सिर्फ पाठ्यक्रम नहीं, पीढ़ी का चरित्र गढ़ते हैं : मंत्री नेताम
बलरामपुर में जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह, 21 उत्कृष्ट शिक्षक हुए सम्मानित
बलरामपुर, 6 सितंबर 2026।
आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरी पीढ़ी के चरित्र, सोच और भविष्य का निर्माता होता है। राष्ट्र के भविष्य निर्माण में गुरुजनों का योगदान अमूल्य है। शिक्षक अपने ज्ञान, संस्कार और मार्गदर्शन से विद्यार्थियों के जीवन को नई दिशा देते हैं।मंत्री श्री नेताम ने शिक्षक दिवस के अवसर पर बलरामपुर-रामानुजगंज जिला मुख्यालय स्थित ऑडिटोरियम भवन में आयोजित जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में यह विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशानुरूप जिले में युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रयास विद्यालय और नर्सिंग महाविद्यालय की स्थापना की जा रही है।
शिक्षक बच्चों में जगाते हैं नई सोच और जिज्ञासा
मंत्री श्री नेताम ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनमें नैतिक मूल्य, अनुशासन और अच्छे संस्कार विकसित करते हैं। वे बच्चों में स्वतंत्र सोच, रचनात्मकता और कुछ नया सीखने की जिज्ञासा को बढ़ावा देते हैं। शिक्षक समाज और राष्ट्र की भावी पीढ़ी के सच्चे निर्माता हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण की धुरी बताया। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों का इस प्रकार मार्गदर्शन करने का आह्वान किया कि वे आगे चलकर समाज के लिए मिसाल बन सकें।
21 उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान
समारोह में जिले के 21 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इनमें ज्ञानदीप पुरस्कार से श्री श्याम सुंदर चौरगे, शिक्षक शासकीय माध्यमिक शाला कोरवापारा राजपुर, श्रीमती नीलीमा एक्का, शिक्षिका शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला डौरा तथा श्री जवाहर लाल पैकरा, प्रधान पाठक शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चिरई, शंकरगढ़ को सम्मानित किया गया।
इसी प्रकार जिले के विभिन्न विकासखंडों के 18 शिक्षकों को शिक्षादूत पुरस्कार से उत्कृष्ट शैक्षणिक सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा नेताम, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती बबली देवी, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री दिलीप सोनी, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं और विद्यार्थी उपस्थित रहे।



