तीजा तिहार में छत्तीसगढ़ी संस्कृति की दिखी भव्य झलक, मुख्यमंत्री ने की महत्वपूर्ण घोषणाएं
बहतराई स्टेडियम में झूले, मेहंदी, गीत-संगीत और पारंपरिक व्यंजनों ने बढ़ाई उत्सव की रौनक
बिलासपुर, 6 सितंबर 2026।
बहतराई स्टेडियम में आयोजित भव्य तीजा तिहार कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और पारिवारिक आत्मीयता की मनमोहक झलक देखने को मिली। माताओं और बहनों ने उत्साहपूर्वक तीजा पर्व मनाया। कार्यक्रम में झूले, मेहंदी, भोजन और उपहार विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। बच्चों ने भी विभिन्न गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। गीत-संगीत, पारंपरिक वेशभूषा और उत्सवी माहौल से पूरा स्टेडियम छत्तीसगढ़ी संस्कृति और तीजा की खुशियों से सराबोर रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि विकास की सुविधाएं गांव और घर के नजदीक पहुंचें। वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि खनिज और वन संपदा से समृद्ध छत्तीसगढ़ में विकास की अपार संभावनाएं हैं। इन संभावनाओं का लाभ प्रदेश के हर वर्ग तक पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने की दो बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान बिल्हा विकासखंड के चोरहादेवरी गांव का नाम बदलकर ‘रामदेवरी’ किए जाने की घोषणा की। इसके साथ ही माघी पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होने वाले बेलतरा महोत्सव के आयोजन के लिए 30 लाख रुपए की राशि प्रदान करने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं का कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
तीजा छत्तीसगढ़ की संस्कृति और आस्था का पर्व : उप मुख्यमंत्री
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह माताओं और बहनों की आस्था, प्रेम और पारिवारिक समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कमल सखी परिवार द्वारा आयोजित कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हमारी संस्कृति और परंपराओं को सहेजने के साथ–साथ समाज में आत्मीयता और भाईचारे को बढ़ावा देते हैं।
महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए सरकार प्रतिबद्ध : लक्ष्मी राजवाड़े
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि तीजा तिहार छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक है। महिलाओं के जीवन में इस पर्व का विशेष महत्व है। राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सशक्तिकरण और उनके सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि तीजा जैसे पारंपरिक पर्व हमारी संस्कृति और सामाजिक एकता को सहेजने तथा नई पीढ़ी तक अपनी परंपराओं को पहुंचाने का संदेश देते हैं।
नई पीढ़ी को परंपराओं से जोड़ने का माध्यम : विधायक सुशांत शुक्ला
बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की माटी और संस्कृति से गहराई से जुड़ा पर्व है। इसमें माताओं और बहनों की आस्था, त्याग और पारिवारिक प्रेम की सुंदर झलक देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं।
अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में संभागायुक्त श्री सुनील जैन, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह, नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे तथा जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
तीजा तिहार के इस भव्य आयोजन ने महिलाओं, बच्चों और परिवारों को एक साथ उत्सव मनाने का अवसर दिया। पारंपरिक गीत-संगीत, वेशभूषा, मेहंदी, झूले और स्वादिष्ट व्यंजनों के बीच बहतराई स्टेडियम में देर तक उत्साह और उल्लास का माहौल बना रहा।



