सिंघनपुर शबरी मेला: विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने ‘कंस’ फेम हृषिकेश भोई का किया सम्मान, कला और संस्कृति के संरक्षण का दिया संदेश
सिंघनपुर शबरी मेला में विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने बढ़ाया कलाकारों का मान, विश्व प्रसिद्ध ‘कंस’ फेम हृषिकेश भोई का किया भव्य नागरिक अभिनंदन लोक संस्कृति के संरक्षण का दिया संदेश, बोले – हमारी सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है यह महोत्सव शबरी मेले के भव्य कंस दरबार में उमड़ा जनसैलाब, विधायक ने मोमेंटो और अंगवस्त्र भेंट कर कलाकार हृषिकेश भोई को सराहा भक्ति, कला और विजय के संगम ‘शबरी मेला’ में विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने दोहराया संस्कृति संरक्षण का संकल्प
बसना/सिंघनपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरा सिंघनपुर में आयोजित शबरी मेला महोत्सव इस वर्ष भव्यता की नई ऊँचाइयों को छू गया। महोत्सव के मुख्य आकर्षण के रूप में आयोजित भव्य कंस दरबार एवं धनु जात्रा ने जनमानस को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस गौरवशाली अवसर पर क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने विशेष रूप से शिरकत की और आयोजन की भव्यता की सराहना की।
कार्यक्रम के गौरवशाली क्षणों के दौरान, विश्व प्रसिद्ध धनु जात्रा में अपने सशक्त अभिनय से करोड़ों दर्शकों के हृदय में अमिट छाप छोड़ने वाले एवं ‘कंस महाराज’ की ऐतिहासिक भूमिका को जीवंत करने वाले प्रख्यात कलाकार हृषिकेश भोई का भव्य नागरिक अभिनंदन किया गया। विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने मंच पर उपस्थित होकर उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट किया, साथ ही स्मृति चिन्ह (मोमेंटो) प्रदान कर एवं अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया।
विधायक डॉ. अग्रवाल ने कहा कि हृषिकेश भोई जैसे कलाकार हमारी लोक संस्कृति के सच्चे संवाहक हैं, जिन्होंने अपनी कला के माध्यम से हमारी परंपराओं को वैश्विक पटल पर पहचान दिलाई है। ऐसे कलाकारों का सम्मान समाज के लिए प्रेरणादायक है और आने वाली पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करता है।
उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने कहा कि सिंघनपुर का शबरी मेला महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। ऐसे उत्सव हमें अपनी परंपराओं, लोककला और गौरवशाली इतिहास से जोड़ते हैं। उन्होंने आधुनिक दौर में लोककला और संस्कृति के संरक्षण के लिए समाज के हर वर्ग को एकजुट होने का आह्वान किया।
विधायक ने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि सिंघनपुर का कंस दरबार और धनु जात्रा का यह स्वरूप भक्ति, कला और विजय के अद्भुत संगम को दर्शाता है, जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को और अधिक सशक्त बनाता है।
इस अवसर पर कंस महाराज हृषिकेश भोई, मोहित पटेल, भाजपा कार्यकर्ता (ग्राम गौटिया) टीकाराम कश्यप, सरपंच प्रतिनिधि संजीव कश्यप, पूर्व सरपंच बंशीधर मुखर्जी, डोलामणि कश्यप, पूर्व सरपंच तपन भोई, गम्मू नायक, पूर्व सोसायटी अध्यक्ष शिवकिशोर साहू, अनिल नाग, सी. के. विशाल, महासचिव पृथ्वीराज भोई, समाज संरक्षक जयदेव भोई, पंथी वाले वीरेंद्र पटेल, सूर्यकांती भोई, शौकीलाल भोई, लक्ष्मण विशाल, गज्जु सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे और आयोजन को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाया।



