बसना में पटवारियों पर गंभीर आरोप: अवैध धान गाड़ी छोड़ने के बदले घूस लेने का दावा
बसना | महासमुंद
छत्तीसगढ़ सरकार जहां अवैध धान परिवहन पर रोक लगाने और किसानों से पारदर्शी खरीदी सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाती है, वहीं अब उन्हीं पर नियमों की अनदेखी कर घूस लेकर मामला रफा-दफा करने के आरोप सामने आए हैं।
महासमुंद जिले में अवैध धान पर कार्रवाई के मामले में प्रदेश में अग्रणी माने जाने के बावजूद, भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को लेकर भी समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। ताजा मामला बसना के भंवरपुर क्षेत्र अंतर्गत ढालम-चनाट इलाके से सामने आया है, जहां दो पटवारियों पर अवैध धान से भरी गाड़ी को रोकने के बाद धान डीलर से मोटी रकम लेकर वाहन छोड़ने का आरोप लगाया गया है। उल्लेखनीय है कि यही क्षेत्र पूर्व में अवैध धान परिवहन को लेकर विवादों और गोली चलने जैसी घटनाओं के कारण चर्चा में रह चुका है।
धान डीलर ने लगाया आरोप
आरोप लगाने वाले चंदन पटेल, जो सारंगढ़-बिलाईगढ़ क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं और अवैध धान परिवहन के काम से जुड़े हैं, ने महाजनपद न्यूज को फोन पर बताया कि बसना क्षेत्र के पटवारी उदय राजपूत और योगेंद्र कुमार ने भारी रकम लेकर अवैध धान से भरी गाड़ी को छोड़ दिया।
चंदन पटेल का कहना है कि वह इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने स्वयं बसना एसडीएम से चर्चा की है, जहां लिखित शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। साथ ही भंवरपुर क्षेत्र में भी शिकायत दर्ज कराने की बात कही गई है।
संपर्क का प्रयास
मामले में दोनों पटवारियों से उनका पक्ष जानने के लिए कई बार फोन के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक किसी भी पटवारी ने कॉल रिसीव नहीं किया।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर आरोप पर कितनी तत्परता से जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करता है, ताकि अवैध धान परिवहन और भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लग सके।



