बसना : शराब दुकानें खाली, लेकिन माफियाओं के पास पेटी-पेटी शराब! बसना-भंवरपुर में 4 बड़ी कार्रवाई, 89 लीटर से ज्यादा शराब जब्त
महासमुंद जिले के बसना एवं चौकी भंवरपुर क्षेत्र में इन दिनों एक तरफ शराब दुकानों में स्टॉक खत्म होने की शिकायतें सामने आ रही हैं, वहीं दूसरी ओर अवैध शराब कारोबारियों के पास से पेटी-पेटी शराब जब्त होने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। गुरुवार को पुलिस ने अलग-अलग चार बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 89.580 बल्क लीटर से अधिक अंग्रेजी एवं महुआ शराब जब्त कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
सबसे बड़ी कार्रवाई चौकी भंवरपुर क्षेत्र के ग्राम पुरुषोत्तमपुर में हुई, जहां पुलिस ने नवीन चौहान, अतुल साहु और राजेश पटेल के कब्जे से 39.600 बल्क लीटर अंग्रेजी शराब जब्त की। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि घर बाड़ी में भारी मात्रा में शराब छिपाकर बिक्री की जा रही है। रेड कार्रवाई में 220 नग अंग्रेजी गोवा शराब की शीशियां और 1800 रुपये बिक्री रकम बरामद हुई।
इसी तरह थाना बसना क्षेत्र के रसोड़ा-जगदीशपुर रोड स्थित एक मुर्गा दुकान के पीछे पुलिस ने बड़ी मात्रा में शराब का जखीरा पकड़ा। आरोपी राजा बंजारा द्वारा पैरा ढेरी में छिपाकर रखी गई 64.980 लीटर अंग्रेजी एवं देशी शराब जब्त की गई। पुलिस ने पांच प्लास्टिक बोरियों से 336 पौवा अंग्रेजी जीप्सी शराब एवं 25 पौवा देशी शराब बरामद की।
वहीं चौकी भंवरपुर क्षेत्र के खोक्सा गांव में बिहारी लाल राठिया नामक आरोपी के कब्जे से 10 लीटर हाथ भट्ठी निर्मित महुआ शराब जब्त की गई। दूसरी ओर NH-53 स्थित सिंह ढाबा के सामने ग्राहक का इंतजार कर रहे ओम प्रकाश चौहान से 15 लीटर महुआ शराब बरामद हुई।
चारों मामलों में पुलिस ने आरोपियों से शराब रखने संबंधी वैध दस्तावेज मांगे, लेकिन कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इसके बाद सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किया गया।
लगातार सामने आ रही इन कार्रवाइयों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र में आम लोग चर्चा कर रहे हैं कि जब सरकारी शराब दुकानों में कई बार “स्टॉक खत्म” का बोर्ड लगा रहता है, तब अवैध कारोबारियों तक पेटी-पेटी शराब आखिर पहुंच कैसे रही है? क्या कहीं न कहीं सप्लाई चैन में मिलीभगत है या फिर अवैध नेटवर्क खुलेआम सक्रिय है? पुलिस की लगातार कार्रवाई के बाद अब आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।



