सरायपाली/महासमुंद कलेक्टर लगातार कर रहे धान खरीदी केन्द्रों का निरीक्षण रिशेकला धान उपार्जन केंद्र में किसानों से हुए रूबरू

सरायपाली/महासमुंद कलेक्टर लगातार कर रहे धान खरीदी केन्द्रों का निरीक्षण रिशेकला धान उपार्जन केंद्र में किसानों से हुए रूबरू

सरायपाली/ महासमुंद कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह द्वारा धान खरीदी उपार्जन केन्द्रों का लगातार निरीक्षण कर धान उपार्जन की स्थिति, केंद्र में किए जा रहे व्यवस्थाओं, तौल प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था तथा किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया जा रहा है। इसी क्रम में आज कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने सरायपाली विकासखंड अंतर्गत रिशेकला धान उपार्जन केंद्र का निरीक्षण किया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री रवि कुमार साहू तथा एसडीएम श्रीमती अनुपमा आनंद, नोडल अधिकारी एवं समिति प्रबंधक उपस्थित थे।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि धान खरीदी प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी, सुव्यवस्थित और समयबद्ध होनी चाहिए। किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएँ। उन्होंने उपार्जन केंद्र में रखे धान के स्टॉक, तौल-कांटा, बारदानों की उपलब्धता, टैगिंग व्यवस्था और परिवहन प्रक्रिया की भी समीक्षा की। कलेक्टर ने मौके पर उपस्थित किसानों के धान की तौलाई कराते हुए समिति प्रबंधक को निर्देश देते हुए कहा कि धान तौलाई 40 किलो 700 ग्राम निर्धारित मानक के अनुसार ही हो। निर्धारित मात्रा से अधिक तौल पाए जाने पर संबंधित समिति प्रबंधक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से चर्चा कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने तथा संबंधित अधिकारियों को समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिले में धान खरीदी कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान केंद्र के प्रभारी एवं कर्मचारियों को उपार्जन कार्य को और अधिक सुचारू बनाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।

बसना विकासखंड के कुदारी बाहरा में पशुधन विभाग का टीकाकरण एवं उपचार शिविर संपन्न

बसना विकासखंड के कुदारी बाहरा में पशुधन विभाग का टीकाकरण एवं उपचार शिविर संपन्न

महासमुंद/ विकासखंड बसना के ग्राम कुदारी बाहरा में पशुधन विकास विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के पशुपालकों को बेहतर पशु-चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु टीकाकरण एवं उपचार शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में पशुपालकों ने अपने मवेशियों के साथ पहुंचकर सेवाओं का लाभ लिया।

शिविर के दौरान कुल 26 बड़े पशुओं तथा 45 भेड़-बकरियों का उपचार किया गया। इसके साथ ही 65 पशुओं में जू-किलनी नाशक दवा पिलाई गई, जिससे मौसमी परजीवी संक्रमणों से राहत मिल सके। पशुओं के स्वास्थ्य संरक्षण के मद्देनजर 22 पशुओं में कृमिनाशक दवा का सेवन कराया गया।

पशुधन बढ़ोतरी और पशु प्रजनन की गुणवत्ता सुधार हेतु विशेषज्ञ टीम द्वारा गर्भाधान संबंधी उपचार भी प्रदान किया गया। साथ ही 7 पशुओं का गर्भ परीक्षण कर उनकी स्वास्थ्य स्थिति का मूल्यांकन किया गया। शिविर के आयोजन से ग्राम के पशुपालकों में उत्साह देखा गया और विभाग द्वारा समय-समय पर ऐसे शिविर आयोजित किए जाने की मांग भी की गई, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के पशुओं को समय पर चिकित्सा एवं टीकाकरण की सुविधा मिलती रहे।

महासमुंद कलेक्टर श्री लंगेह ने सेन्ट्रल लाइब्रेरी का किया निरीक्षण शीघ्र पूर्ण करने के दिए निर्देश

महासमुंद कलेक्टर श्री लंगेह ने सेन्ट्रल लाइब्रेरी का किया निरीक्षण शीघ्र पूर्ण करने के दिए निर्देश

महासमुंद/ महासमुंद के हृदय स्थल में निर्माणाधीन सेन्ट्रल लाइब्रेरी का निरीक्षण आज कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह द्वारा किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार मौजूद थे। कलेक्टर ने इस दौरान उपस्थित कार्यपालन अभियंता गृह निर्माण मण्डल, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला ग्रंथपाल एवं अन्य अधिकारियों को ग्रंथालय के समुचित व सुव्यवस्थित संचालन हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

कलेक्टर श्री लंगेह ने केन्द्रीय ग्रंथालय के संचालन के लिए नयी समिति का गठन, के साथ साथ समुचित संचालन के लिए अन्य समितियों जैसे क्रय समिति, प्रचालन समिति, भर्ती समिति आदि के निर्माण के लिए जिला ग्रंथपाल को निर्देश दिए। निर्माणाधीन भवन में केन्द्रित ए0सी0 की व्यवस्था, विद्यार्थियों के लिए शौचालय की सुविधा, वाई-फाई कनेक्शन, कम्प्यूटर कमरा के साथ साथ ग्रंथालय के सुरक्षा के मद्देनजर गार्ड रूम निर्माण की बात कही।

समिति में कलेक्टर अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी होंगे। ग्रंथालय का नोडल प्रभारी अधिकारी अपर कलेक्टर महासमुन्द होंगे जबकि अन्य कर्मचारियों की व्यवस्था, भर्ती जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के द्वारा किया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी समिति के सदस्य सचिव होंगे। साधारण समिति, शिकायत समिति, कार्यकारिणी समिति, वित्तीय समिति आदि के रूप में समितियां गठित की जाएगी जिसके माध्यम से ग्रंथालय का संचालन किया जाएगा। कलेक्टर ने भवन में अन्य आधारभूत अधोसंरचना के लिए वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। ग्रंथालय में साप्ताहिक एवं मासिक पत्र-पत्रिका के अलावा संघ लोक सेवा आयोग, राज्य लोक सेवा आयोग, व्यापम के साथ साथ अन्य परीक्षाओ से सम्बन्धित पुस्तकों की खरीद के साथ साथ साहित्यिक किताबों की भी खरीदी समिति के द्वारा किया जाएगा। इसके लिए पुस्तकों की मांग आधारित सूची का अनुमोदन क्रय समिति से लेकर पुस्तक खरीदी हेतु नियमानुसार कार्यवाही किया जाएगा।

ज्ञातव्य हो कि जिला मुख्यालय में केंद्रीय ग्रंथालय के अतिरिक्त शासकीय जिला ग्रंथालय संचालित है, जिसका संचालन भी जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद के द्वारा किया जा रहा है। ग्रंथालय का संचालन आठ-आठ घंटे के दो पालियों में किया जाएगा। सुबह 06 बजे से दोपहर 02 बजे तक प्रातःकालीन स्लॉट जबकि दोपहर दो बजे से रात्रि 10 बजे तक सायंकालीन स्लॉट निर्धारित रहेगी। ग्रंथालय में वाचनालय की भी सुविधा होगी जो पूर्णतः निशुल्क रहेगा, कोई भी पाठक वाचनालय में दैनिक पत्र-पत्रिका, अखबार आदि का पाठन कर सकेंगे जबकि ग्रंथालय का संचालन केवल प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे पंजीकृत विद्यार्थियां के लिए होगी। सदस्यता आदि हेतु नियमावली का निर्धारण साधारण सभा समिति के माध्यम से की जाएगी।

ग्रंथालय पूर्णतः स्ववित्तपोषित होगी। भवन के बने 13 दुकानों एवं कैफेटेरियॉ के किराया से ग्रंथालय का संचालन प्रस्तावित है। साथ ही साथ धरोहर राशि एवं विद्यार्थियों के लिए निर्धारित मासिक शुल्क से ग्रंथालय का संचालन होगा। ग्रंथालय में दो अनुभाग प्रस्तावित है जिसमें बाल अनुभाग 15 वर्ष आयु के लिए जबकि ग्रंथालय अनुभाग में अन्य समस्त पाठक होंगे। सीनियर सिटीजन एवं स्थानीय साहित्यकार कोना एवं छोटे बच्चों के लिए चिल्ड्रन कॉर्नर का निर्माण किया जाएगा। कलेक्टर ने ग्रंथालय भवन में बने दुकानों को नीलाम करने के लिए एवं मासिक किराया निर्धारित करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश उपस्थित अधिकारियों को दिए हैं।

कोमाखान पुलिस की लगातार दो रेड में दो आरोपी गिरफ्तार, अवैध शराबखोरी पर बड़ी कार्रवाई

कोमाखान पुलिस की लगातार दो रेड में दो आरोपी गिरफ्तार, अवैध शराबखोरी पर बड़ी कार्रवाई

कोमाखान। अवैध शराब पिलाने–पिलवाने के गुप्त ठिकानों के खिलाफ कोमाखान पुलिस ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी। रेलवे स्टेशन के पास झोपड़ी से लेकर सुवरमाल मोड़ तक चल रहे दो अवैध अड्डों का भंडाफोड़ किया गया। दोनों मामलों में पुलिस ने अलग-अलग व्यक्तियों को गिरफ्तार किया, जिनके पास से शराब पिलाने के उपयोग की सामग्री जप्त की गई।

पहली कार्रवाई : रेलवे स्टेशन के पास नीम पेड़ की झोपड़ी पर छापा

निरीक्षक, थाना कोमाखान की टीम — आरक्षक 835 प्रमोद ध्रुव व 708 कौशल ध्रुव के साथ टाउन पेट्रोलिंग पर थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि रेलवे स्टेशन के पास नीम पेड़ के नीचे बनी झोपड़ी में अवैध रूप से शराब पिलाने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

तुरंत गवाह कन्हैया धीवर व राकेश जोसफ को साथ लेकर पुलिस ने रेड की। पुलिस को देखते ही शराब पीने वाले लोग भाग निकले, लेकिन शराब पिलाने वाला आरोपी पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपी — हेमलाल साहू पिता बिसम्भर साहू, उम्र 40 वर्ष, निवासी लिटियादादर, थाना बागबाहरा।

आरोपी के पास से मिले— 03 डिस्पोजल गिलास जिनसे शराब की गंध आ रही थी 02 खाली देशी प्लेन शराब की खाली शीशियां (180 एमएल) 03 फटे पोपट मिक्चर पैकेट

लाइसेंस न होने पर मौके पर ही धारा 94 BNSS का नोटिस देकर कार्रवाई की गई। आरोपी को धारा 36(C) आबकारी एक्ट के तहत 19:15 बजे गिरफ्तार किया गया और जमानतीय अपराध होने पर मुचलका पर रिहा किया गया।

दूसरी कार्रवाई : सुवरमाल–भटगाँव मोड़ के पास चल रहा था दूसरा अवैध अड्डा

इसी दिन पुलिस देहात पेट्रोलिंग पर ग्राम सुवरमाल–चंदरपुर–पटपरपाली की ओर थी। मुखबिर की सूचना पर टीम ने सुवरमाल चौक से मिले गवाहों को साथ लेकर मोड़ के पास रेड की। यहाँ भी पुलिस को देखते ही शराब पीने वाले लोग फरार हो गए, लेकिन शराब पिलाने वाला व्यक्ति पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपी — ✔ देवालाल निराला पिता गैतन निराला, उम्र 30 वर्ष, निवासी भटगांव, थाना कोमाखान।

आरोपी के कब्जे से— 03 प्लास्टिक डिस्पोजल गिलास (शराब की गंध सहित) 02 देशी प्लेन शराब की खाली शीशी (180 एमएल) 03 पोपट मिक्चर के फटे पैकेट लाइसेंस के अभाव में आरोपी को धारा 94 BNSS का नोटिस दिया गया। धारा 36(C) आबकारी एक्ट के तहत 17:15 बजे गिरफ्तार कर लिया गया। जमानतदार प्रस्तुत करने पर उसे मुचलका पर रिहा किया गया।

पुलिस की कार्रवाई से हड़कंप — कोमाखान क्षेत्र में अवैध शराब अड्डों पर अब बढ़ेगी सख्ती दोनों मामलों में अपराध दर्ज कर आगे की विवेचना शुरू कर दी गई है। लगातार दो रेड के बाद क्षेत्र में अवैध मदिरा गतिविधियों पर पुलिस की कड़ी निगरानी का संदेश गया है।

 

राजधानी में सरायपाली का बस ड्राइवर शराब के नशे में पकड़ा गया, यात्रियों की जान से खिलवाड़

राजधानी में सरायपाली का बस ड्राइवर शराब के नशे में पकड़ा गया, यात्रियों की जान से खिलवाड़

छत्तीसगढ़ की राजधानी में सरायपाली रूट की एक निजी बस के ड्राइवर को पुलिस ने शराब के नशे में पकड़ा। जांच के दौरान ड्राइवर के शरीर में अधिक मात्रा में अल्कोहल पाए जाने की पुष्टि हुई,

पुलिस के अनुसार, नशे की स्थिति में बस चलाना न केवल कानूनन अपराध है बल्कि यात्रियों की जान के लिए सीधा खतरा है। जिस बस में रोज़ सैकड़ों लोग सफर करते हैं, उसी बस का ड्राइवर अगर शराब के नशे में हो तो किसी भी बड़ी दुर्घटना की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

सोशल मीडिया में वायरल हुआ वीडियो

घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि बस ड्राइवर नशे की हालत में  पुलिस के हाथों पकड़ा जा रहा है। यह वीडियो लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर रहा है कि आखिर जिस वाहन में वे सफर कर रहे होते हैं, क्या उसके ड्राइवर जिम्मेदार है या नहीं।

यात्रियों के लिए चेतावनी

यह घटना एक गंभीर चेतावनी है कि यात्रा शुरू करने से पहले यात्रियों को भी सतर्क रहना चाहिए। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी भी बस या वाहन का ड्राइवर संदिग्ध अवस्था में दिखे तो तुरंत इसकी सूचना दें, ताकि संभावित दुर्घटना को रोका जा सके।

मानव जीवन को खतरे में डालना—कानून सख्त

शराब पीकर वाहन चलाना मानव जीवन को खतरे में डालने की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में पुलिस कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश पर काम कर रही है। राजधानी में पकड़े गए इस बस ड्राइवर का मामला भी इसी श्रेणी में दर्ज किया गया है।

पटेवा/ गांव चौकबेड़ा गली में आग तापते समय अचानक हमला! जमीन विवाद पर भड़की रंजिश? 

पटेवा/गांव चौकबेड़ा गली में आग तापते समय अचानक हमला! जमीन विवाद पर भड़की रंजिश?

पटेवा/ गांव चौकबेड़ा में बुधवार देर शाम आग ताप रहे एक किसान पर अचानक हुए हमले से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना ज़मीन खरीदी के विवाद से जुड़ी बताई जा रही है, हालांकि पुलिस जांच में ही इसकी पुष्टि होगी।

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, पीड़ित ग्रामीण, जो खेती-किसानी करता है,10 दिसम्बर रात करीब 7 बजे अपने घर के सामने गली में आग ताप रहा था, उसके साथ गांव के महेश महेश्वरी, धनेश महेश्वरी और रेशकुमार बंजारे भी मौजूद थे। इसी दौरान गांव का भुनेश्वर जोगी वहां आया और जमीन संबंधी बात पर कहासुनी करते हुए अचानक मां-बहन की गाली गलौज करने लगा।

आरोपी ने देखते ही देखते हाथ-मुक्कों से हमला कर दिया, जिससे पीड़ित के नाक में चोट आने पर खून बहने लगा। पूरी घटना को आसपास मौजूद लोगों ने देखा और सुना, जिसकी पुष्टि वे भी करेंगे।पीड़ित ने मामले की रिपोर्ट थाना पटेवा में दर्ज कराई है। प्रकरण धारा 115(2)-BNS, 296-BNS के तहत लिया गया है। पुलिस जांच में हमले के पीछे की वास्तविक वजह सामने आएगी।

“महानदी ओवरब्रिज पर मौत की टक्कर… ट्रक चालक का तेजी-लापरवाही भरा सफर बना युवक का आखिरी रास्ता!”

“महानदी ओवरब्रिज पर मौत की टक्कर… ट्रक चालक का तेजी-लापरवाही भरा सफर बना युवक का आखिरी रास्ता!”

महासमुंद थाना में पदस्थ म० प्रधान आरक्षक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार थाना सिटी कोतवाली में मर्ग क्रमांक 181/25, धारा 194 BNSS के तहत मृतक खेलन निषाद (27 वर्ष) पिता स्व. यादराम निषाद, निवासी लाफिनखुर्द, की मर्ग जांच की गई।

जांच में सामने आया कि दिनांक 16/11/2025 को खेलन निषाद अपने साथी मोतीराम निषाद की मोटरसाइकिल क्र. CG 04 QA 4834 लेकर आरंग गया था। आरंग से महासमुंद लौटते समय वह महानदी ओवरब्रिज पर लगभग 18:30 बजे पहुंचा। उसी दौरान सामने से आ रहे ट्रक क्रमांक CG 04 PN 4829 के चालक ने अपने वाहन को तेजी और लापरवाहीपूर्वक चलाते हुए खेलन की बाइक को सीधी टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी भीषण थी कि खेलन निषाद को सिर, माथे, सीने और दाहिने पैर में गंभीर चोटें आईं। तत्काल 108 एम्बुलेंस से उन्हें जिला अस्पताल महासमुंद ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

अस्पताल से प्राप्त अस्पताली मेमो को सूचक नूतन देवांगन (वार्ड बॉय) द्वारा थाना में प्रस्तुत किया गया। डॉ. आकांक्षा क्षत्रीय, जूनियर रेजिडेंट (सर्जरी), ने खेलन निषाद को मृत घोषित किया और शव को पोस्टमार्टम हेतु चीरघर भेजा गया।

जांच में तथ्य पाए जाने पर ट्रक चालक के विरुद्ध धारा 106(1) BNS के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।कायमी की सूचना एसडीएम महासमुंद को भी भेजी गई है।

बसना/ग्राम देवलगढ़ में खेत पर कब्जे की कोशिश या पारिवारिक साज़िश? हंसिया लेकर हमला, जान से मारने की धमकी

बसना/ग्राम देवलगढ़ में खेत पर कब्जे की कोशिश या पारिवारिक साज़िश? हंसिया लेकर हमला, जान से मारने की धमकी

बसना/ ग्राम देवलगढ़ में पारिवारिक विवाद एक बार फिर हिंसा में बदल गया। जानकारी के अनुसार, खजुरडोली स्थित उस खेत में, जिसे शरद कुमार साहू का हिस्सा बताया गया है और परिवार विगत 28 वर्षों से जिसका उपयोग करता आ रहा है, 10 दिसंबर 2025 की दोपहर करीब 2:30 बजे गंभीर विवाद खड़ा हो गया।

पीड़िता के अनुसार, जब वह अपने पति शरद कुमार साहू के साथ खेत पहुंची तो देखा कि उनकी देवरानी बसंती साहू हंसिया से धान की फसल काट रही थी और सास गुलाबाई साहू वहीं मेड पार बैठी हुई थी। आपत्ति जताने पर बसंती साहू ने गाली-गलौज करते हुए विवाद बढ़ा दिया।

बताया गया कि बसंती साहू ने हाथ में रखे हंसिया से पीड़िता पर हमला करने की कोशिश की, बीच बचाव के दौरान उसके दाहिने हाथ की कलाई के पास चोट भी लगी। आरोप है कि बसंती साहू ने पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी और यहां तक कहा कि “तुम्हारे पति को झूठे केस में फंसा दूंगी।”

पीड़िता ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है। मामला 118(1)-BNS, 296-BNS, 351(2)-BNS के तहत दर्ज किया गया है। पीड़िता का कहना है कि रिपोर्ट उसके बताए अनुसार सही लिखी गई है और वह उचित कार्रवाई की मांग करती है।

सरायपाली ओम हॉस्पिटल में नि:शुल्क निसंतानता शिविर 18 दिसंबर (गुरुवार) – डॉ. प्रवीणा तिवारी व डॉ. दीपिका अग्रवाल देंगी विशेषज्ञ परामर्श

सरायपाली ओम हॉस्पिटल में नि:शुल्क निसंतानता शिविर 18 दिसंबर (गुरुवार) – डॉ. पप्रतिभा तिवारी व डॉ. दीपिका अग्रवाल देंगी विशेषज्ञ परामर्श

सरायपाली। ओम हॉस्पिटल में 18 दिसंबर (गुरुवार) को नि:शुल्क निसंतानता परामर्श शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर ओएसिस IVF & Fertility के सहयोग से रखा गया है, जिसमें निःशुल्क रजिस्ट्रेशन और निःशुल्क परामर्श की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

शिविर में डॉ. प्रतिभा तिवारी (MBBS, MS-OBG, DNB-OBG) एवं डॉ. दीपिका अग्रवाल (MBBS, DNB, OBS & GYN) मरीजों को बांझपन एवं प्रजनन संबंधी समस्याओं पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन देंगी।

शिविर का समय सुबह 11:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक तय किया गया है। आयोजन स्थल ओम हॉस्पिटल, स्व. राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह शासकीय महाविद्यालय के पास, नेशनल हाइवे, सरायपाली (छ.ग.) रहेगा।

ओएसिस IVF केंद्र अब तक 1,15,000 से अधिक सफल जन्म तथा उच्च सफलता दर के लिए जाना जाता है। यहां पारदर्शी एवं नैतिक उपचार प्रक्रिया अपनाई जाती है।

शिविर में महिला व पुरुष दोनों प्रकार की निसंतानता से जुड़े उपचारों की जानकारी दी जाएगी, जिनमें—

IVF, ICSI, IUI, IVM, PGT

स्पर्म रिकवरी, माइक्रो TESE, सीमन फ्रीजिंग, DNA fragmentation आदि शामिल हैं।

अधिक जानकारी व बुकिंग के लिए संपर्क: 8978656328, 83700 08558

पिथौरा/कागजों में जांच पूरी, ज़मीनी स्तर पर शून्य कार्रवाई — आत्मानंद विद्यालय पिरदा मामला

पिथौरा/कागजों में जांच पूरी, ज़मीनी स्तर पर शून्य कार्रवाई — आत्मानंद विद्यालय पिरदा मामला

पिथौरा/स्वामी आत्मानंद हिंदी अंग्रेज़ी माध्यामिक विद्यालय पिरदा के प्राचार्य की गंभीर लापरवाही के मामले में जांच पूरी होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। जांच किए लगभग 15 दिन होने वाले हैं, लेकिन जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग इस मामले में ढील दिखाते नजर आ रहे हैं।

*जांच रिपोर्ट सौंप दी गई, कार्रवाई अटकी*

सूत्रों के अनुसार, शिकायत के बाद एक जांच टीम गठित की गई थी। टीम ने रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारी को सौंप दी है। जांच में प्राचार्य के द्वारा स्वयं के नाम से राशि का आहरण किया गया है एवं भिन्नता पाई गई है तथा पुरानी कुर्सी टेबल की ना ही स्टॉक पंजी है ना ही पुरानी कुर्सी टेबल है। इसके बावजूद जिला शिक्षाधिकारी की तरफ से कार्रवाई में देरी की जा रही है, जिससे संदेह गहराता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कहीं प्राचार्य को बचाने की कोशिश तो नहीं चल रही।

*10 नवंबर को शाला विकास समिति अध्यक्ष ने की थी शिकायत* आवेदन में प्राचार्य तरुण पटेल के द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की थी।

*प्रशासन की निष्क्रियता से जनता में नाराजगी*

लोगों का कहना है कि इतनी स्पष्ट लापरवाही के बाद भी कार्रवाई न होना शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता है। यदि यही स्थिति बनी रही तो मामले की शिकायत शिक्षा मंत्री से की जायेगी।

*राजनीतिक हस्तक्षेप की भी चर्चा*

स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि कुछ राजनीतिक व्यक्तियों द्वारा प्राचार्य को बचाने की कोशिश की जा रही है। पहले इसे अफवाह माना जा रहा था, लेकिन घटनाक्रम को देखते हुए लोगों को शक पक्का होता दिख रहा है।

*जनता का भरोसा दांव पर*

यदि समय पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो विभाग के उच्च अधिकारियों पर लोगों का विश्वास कमजोर होगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाना मुश्किल हो जाएगा। स्थानीय लोग चाहते हैं कि इस मामले में स्पष्ट और निर्णायक कदम उठाया जाए ताकि अन्य स्कूलों को भी सीख मिल सके।