बसना-सलखंड में पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय: मां महालक्ष्मी की आराधना, विकसित छत्तीसगढ़ को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने के संकल्प और मोदी की गारंटी को पूरा करने संकल्पित

बसना-सलखंड में पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय: मां महालक्ष्मी की आराधना, विकसित छत्तीसगढ़ को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने के संकल्प और मोदी की गारंटी को पूरा करने संकल्पित

महासमुंद/ बसना प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज बसना तहसील अंतर्गत ग्राम सलखण्ड के दौरे पर रहे। इस दौरान ग्राम वासियों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने यहां ग्रामीणों द्वारा आयोजित महालक्ष्मी देवी पूजन कार्यक्रम में पहुंचकर विधि-विधान से दर्शन किया तथा विशेष पूजा-अर्चना में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने मां लक्ष्मी से प्रार्थना करते हुए राज्य सहित क्षेत्रवासियों के सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। पूजन कार्यक्रम के दौरान पुजारियों द्वारा पारंपरिक मंत्रोच्चार किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया। इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात कर उनकी समस्याओं और स्थानीय विकास कार्यों की जानकारी ली। इस अवसर पर कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की धर्म पत्नी श्रीमती कौशल्या साय एवं रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्र भी साथ थे। कार्यक्रम में बसना विधायक श्री सम्पत अग्रवाल, महिला आयोग की सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, जिला स्काउट एवं गाइड के जिलाध्यक्ष श्री येतराम साहू, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष सिंह एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम सलखंड में महतारी सदन की बनाने की घोषणा की। साथ ही यहां एनीकेट बनाने के लिए जल संसाधन विभाग को आवश्यक जानकारी जुटाकर प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा कि आज पवित्र अगहन मास के अवसर पर मां महालक्ष्मी की पूजा में शामिल होकर हृदय से अत्यंत आनंद और सौभाग्य की अनुभूति हो रही है। बसना और सलखंड के ग्रामवासियों ने वर्षों से जिस भक्ति और परंपरा को जीवित रखा है, वह छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का गौरवपूर्ण उदाहरण है। अगहन मास हमारे अंचल के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। यह मास अन्न, धन और समृद्धि का प्रतीक है। इसी समय नई फसल खेतों में लहलहाती है, और घर-परिवार में सम्पन्नता के द्वार खुलते हैं। मां महालक्ष्मी जीवन में केवल धन ही नहीं, बल्कि सुख, शांति, उत्तम स्वास्थ्य और सदभाव का आशीर्वाद भी प्रदान करती हैं। इसी भावना के साथ हम सभी इस पूजन में शामिल होते हैं। मैं मां लक्ष्मी से राज्य के प्रत्येक नागरिक के लिए सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, सुरक्षित वातावरण और उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ। हमारी सरकार गांव, गरीब, किसान, महिला और युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। हम जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए संकल्पित हैं। सलखंड गांव की यह 25 वर्षों से चल रही परंपरा न केवल श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारे और सामुदायिक जागरूकता का भी उदाहरण है। यहां आयोजित मेला ग्रामीण संस्कृति, लोकाचार और पारंपरिक विरासत को आगे बढ़ाने का माध्यम बन चुका है। मैं इस आयोजन समिति और सभी ग्रामवासियों को इस अनुकरणीय परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए हृदय से बधाई देता हूं। आप सभी का यह स्नेह और विश्वास हमारी शक्ति है। आपके सहयोग से हम एक बेहतर, समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में निरंतर आगे बढ़ते रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने संविधान की गरिमा, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रनिर्माण में जनभागीदारी के महत्व को बताते हुए कहा कि संविधान हमारे अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की भी याद दिलाता है और यही दस्तावेज भारत को एक सशक्त, एकजुट और प्रगतिशील राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ने की दिशा देता है। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ निर्माण समिति के सदस्यों के ऐतिहासिक योगदान का सम्मानपूर्वक उल्लेख किया और कहा कि समिति की दूरदृष्टि एवं प्रयासों ने आज के मजबूत और विकसित होते छत्तीसगढ़ की नींव रखी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत के अग्रसर लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। जिससे छत्तीसगढ़ को नई दिशा और गति दी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और आवास निर्माण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को 18 लाख आवासों की स्वीकृति इसी संकल्प की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत राज्य की 70 लाख महिलाओं को लाभ प्रदान किया गया है, जो महिलाओं के सम्मान और आर्थिक मजबूती की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री ने संविधान के प्रति निष्ठा, समरसता, समानता और राष्ट्रीय विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की अपील की और कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की संयुक्त प्रतिबद्धता से छत्तीसगढ़ भी विकसित भारत के निर्माण में प्रमुख भूमिका निभाएगा। इस अवसर पर पूर्व विधायक श्री त्रिलोचन पटेल, हरिदास भारद्वाज, महालक्ष्मी समिति के अध्यक्ष प्राण नाथ साहू, सरपंच श्रीमती अंजू साहू मौजूद थे।

उल्लेखनीय है कि अगहन मास अंचल में पवित्र एवं शुभ माना जाता है। इस मास में ग्रामीण परिवार मां महालक्ष्मी प्रतीक स्वरूप बिठाकर श्रद्धापूर्वक पूजन करते हैं। ऐसी मान्यता है कि अगहन मास कृषि सम्पन्नता, अन्न उत्पादन और परिवार की समृद्धि का प्रतीक है। इस अवसर पर की गई लक्ष्मी पूजा से घर-परिवार में धन-धान्य की वृद्धि, सुख-शांति और रोगों से रक्षा होती है। ग्राम सलखंड में पिछले 25 वर्षों से महालक्ष्मी समिति एवं समस्त ग्रामवासियों द्वारा निरंतर सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपराओं का संरक्षण करते हुए महालक्ष्मी पूजन किया जा रहा है। गांव में प्रतिवर्ष 5 दिवसीय मेला भी आयोजित होता है, जिसमें आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं आगंतुक शामिल होते हैं।

महासमुंद/26 नवंबर संविधान दिवस संविधान दिवस के अवसर पर साइबर सुरक्षा जागरूकता पर आधारित कार्यशाला संपन्न संविधान के उद्देशिका का किया गया सामूहिक वाचन

महासमुंद/26 नवंबर संविधान दिवस संविधान दिवस के अवसर पर साइबर सुरक्षा जागरूकता पर आधारित कार्यशाला संपन्न संविधान के उद्देशिका का किया गया सामूहिक वाचन

महासमुंद/ छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार एवं स्टेट प्लान आफ एक्शन के तहत विशेष दिवस पर किए जाने वाले कार्यक्रम के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महासमुंद की अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती अनिता डहरिया के मार्गदर्शन पर आज ’’संविधान दिवस’’ 26 नवंबर के अवसर पर जिला न्यायालय महासमुंद के सभाकक्ष विधिक जागरूकता पर अधारित साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महासमुंद की सचिव श्रीमती आफरीन बानो ने बताया कि संविधान दिवस के अवसर पर जिला न्यायालय महासमुंद के सभाकक्ष में एक विशेष साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय गान तथा भारतीय संविधान की प्रस्तावना के सामूहिक वाचन से हुई।

कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में गुप्तेश आचार्य ने साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौतियों और डिजिटल सुरक्षा के उपायों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आधुनिक डिजिटल युग में फिशिंग, न्च्प् धोखाधड़ी, व्ज्च् फ्रॉड, सोशल मीडिया खाते हैक होना, बैंकिंग जानकारी की चोरी, ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग जैसे साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, जिनसे बचने के लिए जागरूकता ही सर्वोत्तम रक्षा है। अनजान कॉल, लिंक या मैसेज पर तुरंत प्रतिक्रिया न दें। ओटीपी एवं पिन या पासवर्ड और बैंक विवरण किसी के साथ साझा न करें। केवल सत्यापित और आधिकारिक ऐप एवं वेबसाइट का प्रयोग करें। किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या बलइमतबतपउमण्हवअण्पद पर शिकायत दर्ज करें। इस प्रकार भारतीय स्टेट बैंक महासमुंद ब्रॉच के हेड मैनेजर श्री प्रवीण जैन द्वारा बैंकिंग क्षेत्र में साइबर सुरक्षा के लिए अपनाए जा रहे उपायों तथा ग्राहकों को सुरक्षित लेन-देन के लिए जागरूक करने के बैंक के प्रयासों के बारे में बताया गया। उक्त अवसर पर कार्यक्रम का मंच संचालन लीगल एड डिफेंस कौसिल सिस्टम के डिप्टी श्री सलीम कुरैशी द्वारा किया गया।

इसी प्रकार कार्यक्रम अवसर पर प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती अनिता डहरिया द्वारा अपने उद्बोधन में संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों एवं कर्तव्यों के बारे में जानकारी देते हुए संविधान की महत्ता को बताते हुए कहा कि 26 नवंबर 1949 का दिन बेहद यादगार और ऐतिहासिक था। यह वह दिन था जब भारत का संविधान बनकर तैयार हुआ था और भारत ने संविधान को अपनाया था। यह देश का सर्वोच्च कानून है जो एक लोकतांत्रिक ढ़ांचा स्थापित करता है, नागरिकों को मौलिक अधिकार प्रदान करता है और सरकार के अंगो के बीच शक्तियों का संतुलन सुनिश्चित करता है तथा सामाजिक न्याय को बढ़ावा देता है एवं राष्ट्रीय एकता बनाए रखता है।

नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा, समाज में न्याय, स्वतंत्रता और समानता सुनिश्चित करता है। इस अवसर पर प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सुश्री संघपुष्पा भतपहरी, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) श्रीमती मोनिका जायसवाल, द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश श्री आनंद बोरकर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री चेतना ठाकुर, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री अनिल शर्मा, लीगल एड डिफेंस कौसिल सिस्टम के चीफ श्री अरूण पटेल, सहित अन्य न्यायिक अधिकारीगण, अधिवक्ता संघ के पदाधिकारीगण, एलएडीसीएस के अधिवक्तागण, न्यायिक कर्मचारी गण एवं विभिन्न आरक्षी केन्द्रों में पदस्थ अधिकार मित्र उपस्थित रहे।

 

महासमुंद/एकीकृत किसान पोर्टल में कैरीफ़ारवर्ड एवं डूबान, वन पट्टाधारी कृषकों के पंजीयन हेतु अतिरिक्त समयावधि का निर्देश

महासमुंद/एकीकृत किसान पोर्टल में कैरीफ़ारवर्ड एवं डूबान, वन पट्टाधारी कृषकों के पंजीयन हेतु अतिरिक्त समयावधि का निर्देश

महासमुंद/ खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से प्राप्त निर्देशानुसार कृषकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एकीकृत किसान पोर्टल में कैरीफ़ारवर्ड, डूबान एवं वन पट्टाधारी कृषकों के पंजीयन कार्य के लिए अतिरिक्त समय उपलब्ध कराया गया है। पूर्व में यह प्रावधान तहसील लॉगिन में 18 नवंबर 2025 से 25 नवंबर 2025 तक प्रभावी था।

अब कृषि विभाग द्वारा निर्देशित किया गया है कि इस अतिरिक्त समयावधि के प्रावधान को दिनांक 30 नवम्बर 2025 तक समस्त समितियों के समिति लॉगिन में भी उपलब्ध कराया जाए ताकि किसी भी पात्र कृषक का पंजीयन शेष न रहे। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों एवं समितियों से अपेक्षा की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी लंबित प्रकरणों का पंजीयन पूर्ण कर किसानों को आवश्यक सहायता प्रदान करें।

महासमुंद*अब तक 51 हजार 555 टन से अधिक धान की खरीदी, सभी केंद्रों में सुचारु व्यवस्था*

महासमुंद अब तक 51 हजार 555 टन से अधिक धान की खरीदी, सभी केंद्रों में सुचारु व्यवस्था

महासमुंद/ राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप जिले में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य सुचारु गति से जारी है। आज खरीदी का 10वां दिन है और कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में जिले के सभी उपार्जन केंद्रों में निर्बाध एवं पारदर्शी तरीके से धान खरीदी की जा रही है।

जिला खाद्य शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में कुल 130 समितियों के अंतर्गत 182 उपार्जन केंद्र संचालित हैं। आज दिनांक तक सभी उपार्जन केंद्रों के माध्यम से किसानों से 50,502.96 टन धान की खरीदी की जा चुकी है तथा आज 26 नवम्बर को 1052.08 टन की खरीदी की जाएगी। खरीदी केंद्रों में किसानों की सुविधाओं, तौल व्यवस्था एवं सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता में रखते हुए, सुगम प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है।

कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने धान खरीदी कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने हेतु सभी नोडल अधिकारियों को सघन निगरानी के निर्देश दिए हैं। नोडल अधिकारी प्रतिदिन आबंटित अपने-अपने उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर रहे हैं। किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या न हो इसके लिए, राज्य सरकार की धान खरीदी नीति के 29 बिंदुओं की चेकलिस्ट के अनुसार सभी आवश्यक तैयारियों तौल-कांटा व्यवस्था, बारदाना एवं गोदाम सुविधा, पेयजल और बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा और अनुशासन, धान की गुणवत्ता जांच को सख्ती से सुनिश्चित किया जा रहा है।

जिले के सभी उपार्जन केंद्रों से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, किसानों को बिना किसी बाधा के टोकन के अनुसार समय पर तुलाई के लिए बुलाया जा रहा है। साथ ही, परिवहन, भंडारण और तुलाई की प्रत्येक प्रक्रिया की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है। कलेक्टर ने कहा है कि धान खरीदी कार्य राज्य सरकार की प्राथमिकता है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सरायपाली बागबाहारा : अलग अलग प्रकरण में 720 कट्टा अवैध धान व 315 क्विंटल चावल जप्त

सरायपाली बागबाहारा : अलग अलग प्रकरण में 720 कट्टा अवैध धान व 315 क्विंटल चावल जप्त

महासमुंद, 25 नवंबर 2025/ खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार अवैध धान संग्रहण और परिवहन पर रोक लगाने सतत निगरानी और सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में आज जिले के विभिन्न क्षेत्रों में राजस्व, वन, मंडी एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा 720 कट्टा अवैध धान और 315 क्विंटल चावल जप्त कर संबंधित थानों एवं संस्थानों को सुपुर्द किया है।

बागबाहरा विकासखण्ड अंतर्गत मंगलवार को टेमरी अंतर्राज्यीय जांच चौकी में जांच के दौरान कुल 315 क्विंटल चावल बिना वैध दस्तावेजों के परिवहन करते हुए पाया गया। वन विभाग एवं जांच चौकी कर्मियों द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए इसे थाना बागबाहरा को सुपुर्द किया गया। इसी तरह ग्राम बागबहरा कला में आज संयुक्त टीम द्वारा कार्रवाई करते हुए 150 कट्टा धान जप्त किया गया। धान को नियम अनुसार मंडी/थाना के सुपुर्द किया गया है और संबंधित व्यक्तियों पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

इसी तरह आज तहसील सरायपाली के ग्राम मलदामाल में टीम ने छापेमारी के दौरान 365 कट्टा अवैध धान ग्राम चारभाठा में संतोष गुप्ता के गोदाम से 105 कट्टा अवैध धान जप्त किया। धान को मौके से उठाकर थाना सिंघोड़ा में विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत जमा कराया गया है। बताया गया कि धान बिना किसी वैध दस्तावेज के निजी गोदाम में छिपाकर रखा गया था। ग्राम पिपरौद में जांच के दौरान 100 कट्टा धान अवैध रूप से संग्रहित पाया गया। संयुक्त टीम ने धान को जब्त कर मंडी प्रबंधन को सुपुर्द किया।

कलेक्टर ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान अवैध धान और चावल के परिवहन, संग्रहण या विक्रय को रोकने सभी उपार्जन केंद्रों और अंतर्राज्यीय जांच चौकियों को निर्देश दिए हैं कि संदिग्ध वाहनों एवं भंडारण स्थलों की नियमित जांच सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि संयुक्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

बसना : संविधान दिवस पर बसना नगर पंचायत में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन

बसना : संविधान दिवस पर बसना नगर पंचायत में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन

बसना, 26 नवम्बर।
भारत के संविधान दिवस के अवसर पर बसना नगर पंचायत में सोमवार को विभिन्न जागरूकता और जनहित कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राज्य शहरी विकास अभिकरण एवं राष्ट्रीय आजीविका मिशन के निर्देश पर आयोजित किए गए, जिसमें स्व सहायता समूह (SHG) की महिलाओं, अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत संविधान की प्रस्तावना के सामूहिक वाचन से हुई, जिसमें उपस्थित सभी लोगों ने समानता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुत्व के मूल्यों को आत्मसात करते हुए शपथ ली। महिलाओं ने संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों पर चर्चा की और समाज में समानता एवं न्याय की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया।

इसके तहत ‘हमारा संविधान’ पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान, संविधान निर्माण और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित प्रश्न पूछे गए। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए संविधान के बारे में अपनी समझ को और मजबूत किया।

कार्यक्रम के अगले चरण में सामुदायिक आउटरीच गतिविधियाँ आयोजित की गईं, संविधान आधारित नारों का प्रदर्शन शामिल था। इन गतिविधियों के माध्यम से जनता को संवैधानिक अधिकारों एवं कर्तव्यों की जानकारी दी गई।

नगर पंचायत अधिकारी ने बताया कि संविधान दिवस सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण अवसर है जो नागरिकों को अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम भविष्य में भी आयोजित कर जागरूकता बढ़ाई जाएगी।

कार्यक्रम का समापन “हम सब संविधान के आदर्शों पर चलने और जिम्मेदार नागरिक बनने” की सामूहिक प्रतिज्ञा के साथ किया गया।

पिथौरा/घर के आंगन में चल रहा था शराबखोरी का अड्डा, पुलिस की दबिश में आरोपी गिरफ्तार

पिथौरा/घर के आंगन में चल रहा था शराबखोरी का अड्डा, पुलिस की दबिश में आरोपी गिरफ्तार

पिथौरा। थाना पिथौरा पुलिस ने अवैध शराब पिलाने की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए ग्राम बिंधनखोल में दबिश दी, जहां एक व्यक्ति अपने घर के आंगन में लोगों को शराब पीने की सुविधा उपलब्ध करा रहा था। पुलिस की कार्रवाई के दौरान एक आरोपी गिरफ्तार किया गया, जबकि अन्य मौके से भागने में सफल रहे।

मिली जानकारी के अनुसार दिनांक 25 नवंबर 2025 को थाना पिथौरा में पदस्थ प्रधान आरक्षक हमराह स्टाफ के साथ जुर्म-जरायम पतासाजी हेतु गांव में पेट्रोलिंग पर निकले थे। इस दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम बिंधनखोल निवासी एक व्यक्ति घर के आंगन में शराब पिलाने की व्यवस्था कर रहा है। सूचना की तस्दीक हेतु पुलिस टीम ने गवाहों सुरेश नंद और सेतकुमार नंद को साथ लेकर मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक व्यक्ति को पकड़ लिया, जबकि शराब पीने वाले अन्य लोग भाग गए।पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम निवास नंद पिता बाबूलाल नंद उम्र 27 वर्ष निवासी ग्राम बिंधनखोल थाना पिथौरा जिला महासमुंद बताया। पुलिस ने आरोपी को धारा 94 बीएनएसएस के तहत वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने की नोटिस दी, लेकिन आरोपी किसी भी वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका।

मौके से पुलिस ने गवाहों के समक्ष निम्न सामग्री जप्त की—

02 नग खाली देशी प्लेन शराब पौवा

50-50 एमएल शराब भरी दो खाली शीशियां (जुमला 100 एमएल)

02 नग प्लास्टिक डिस्पोजल ग्लास

02 नग पानी पाउच

कुल जप्त मूल्य: ₹50

आरोपी का कृत्य धारा 36(C) आबकारी एक्ट के तहत दंडनीय पाए जाने पर उसे पुलिस ने 12:20 बजे गिरफ्तार कर लिया। बाद में विधि अनुसार उसे जमानत मुचलका पर रिहा कर दिया गया।

पुलिस ने अवैध शराब बिक्री और सेवन करने वालों पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।

महासमुंद/कलेक्टर ने टेमरी अंतर्राज्यीय जांच चौकी के कर्मचारी साजिद मोहम्मद को लापरवाही बरतने किया निलंबित  एस्मा के तहत की गई कार्रवाई

महासमुंद/कलेक्टर ने टेमरी अंतर्राज्यीय जांच चौकी के कर्मचारी साजिद मोहम्मद को लापरवाही बरतने किया निलंबित  एस्मा के तहत की गई कार्रवाई

महासमुंद/ खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान धान खरीदी प्रक्रिया में अवैध धान परिवहन एवं भंडारण पर रोक लगाने राज्य शासन द्वारा सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में टेमरी अंतर्राज्यीय जांच चौकी वन विभाग, तहसील बागबाहरा में पदस्थ कर्मचारी श्री साजिद मोहम्मद को लापरवाही और अनुशासनहीनता बरतने पर कलेक्टर श्री विनय लंगेह द्वारा निलंबित कर दिया गया है।।एवं विभागीय जांच हेतु संस्थित किया गया है।एस्मा के तहत यह कार्रवाई की गई है।

अनुविभागीय अधिकारी बागबाहरा द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार, जांच चौकी में स्थापित वाहन पंजी में आयातित वाहनों की प्रविष्टियाँ अव्यवस्थित पाई गईं। पंजी में वाहनों के संबंध में बिल/बिजक, मोबाइल नंबर तथा अन्य आवश्यक विवरण दर्ज नहीं किए गए थे। इस संबंध में दिए गए कारण बताओ नोटिस पर कर्मचारी साजिद मोहम्मद द्वारा प्रस्तुत जवाब भी अस्पष्ट एवं असंतोषजनक पाया गया। साथ ही संबंधित कर्मचारी ने धान के अवैध परिवहन को रोकने हेतु कलेक्टर (खाद्य शाखा) द्वारा जारी निर्देशों का पालन नहीं किया। इससे यह स्पष्ट हुआ कि कर्मचारी अपने कर्तव्य एवं दायित्वों के प्रति लापरवाह तथा अनुशासनहीन है।

उल्लेखनीय है कि राज्य शासन ने धान खरीदी अवधि 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक सभी संलग्न कर्मचारियों पर छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम ( ESMA ACT) 1979 लागू किया है, जिसके तहत कर्तव्यहीनता को अपराध माना गया है। साजिद मोहम्मद द्वारा इस अधिनियम का भी उल्लंघन पाया गया।

इन्हीं तथ्यों को आधार मानते हुए कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने कर्मचारी साजिद मोहम्मद भृत्य/चौकीदार, कृ.उ.म.स. बागबाहरा, टेमरी जांच चौकी को तात्कालिक प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश जारी किए हैं। निलंबन अवधि में उन्हें शासन नियमों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा।

दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला: छत्तीसगढ़ दिवस समारोह में मुख्यमंत्री के साथ बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने की शिरकत, बताई गौरव की बात*

*दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला: छत्तीसगढ़ दिवस समारोह में मुख्यमंत्री के साथ बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने की शिरकत, बताई गौरव की बात*

*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ विधायक डॉ संपत अग्रवाल ने IITF में की शिरकत, कहा- छत्तीसगढ़ आज ‘विकास की नई लकीरें’ खींचते हुए नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर दिल्ली में ‘आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़’ की गूंज, विधायक डॉ संपत अग्रवाल बोले- हमारे उत्पादों की वैश्विक मांग कारीगरों के सम्मान को दे रही नई दिशा*

देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला (IITF) में, जब छत्तीसगढ़ राज्य दिवस का भव्य समारोह पूरी गरिमा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ, तो बसना विधानसभा क्षेत्र के ऊर्जावान विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने अपनी ओजस्वी उपस्थिति से इस पल को और भी प्रभावशाली बना दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ मंच साझा करते हुए, ‘गौरवशाली छत्तीसगढ़’ की गाथा को मुखरता से प्रस्तुत किया।

*संस्कृति और स्वाभिमान का पर्व: ‘यह क्षण गौरव का विषय है’*

मीडिया से मुखातिब होते हुए डॉ. संपत अग्रवाल ने इस महत्वपूर्ण अवसर पर अपने उद्गार व्यक्त किए। उनकी वाणी में राज्य के प्रति गहरा समर्पण झलक रहा था। उन्होंने कहा यह सुखद क्षण, जो आज हम सब यहाँ अनुभव कर रहे हैं, हम सभी छत्तीसगढ़ वासियों के लिए सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि गौरव का विषय है! यह अंतर्राष्ट्रीय मंच हमारे राज्य की समृद्ध संस्कृति, अद्वितीय परंपरा, अटूट स्वाभिमान और तीव्र प्रगति को राष्ट्रीय पटल पर प्रदर्शित करने का अत्यंत महत्वपूर्ण और निर्णायक मंच है।

*नया छत्तीसगढ़’ – विकास, अवसर और जनकल्याण का संकल्प*

विधायक डॉ. अग्रवाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य किस दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने दृढ़ता से घोषणा की कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सशक्त मार्गदर्शन में, हमारा छत्तीसगढ़ राज्य तेजी से नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर है। यह नेतृत्व विकास की नई लकीरें खींच रहा है, अवसरों का सृजन कर रहा है और जनकल्याण की दिशा को और अधिक सुदृढ़ बना रहा है। हम एक ऐसे ‘नया छत्तीसगढ़’ के निर्माण की ओर बढ़ रहे हैं, जहाँ हर नागरिक को सम्मान और समृद्धि प्राप्त होगी।

*छत्तीसगढ़ पवेलियन बना आकर्षण का केंद्र: वैश्विक बाज़ार में ‘आत्मनिर्भरता’ की झलक*

दिल्ली के प्रतिष्ठित भारत मंडपम में आयोजित इस अंतर्राष्ट्रीय मेले में छत्तीसगढ़ पवेलियन आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रहा। मुख्यमंत्री के साथ विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने पवेलियन का भ्रमण किया और विभिन्न स्टॉलों का गहन अवलोकन किया।

इस दौरान उन्होंने ओजस्वी भाषा में छत्तीसगढ़ी उत्पादों की महत्ता को रेखांकित किया, विधायक डॉ अग्रवाल बोले आज यहाँ छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, अद्भुत हस्तशिल्प, वनोपज आधारित उत्पाद और अनूठी कलाकृतियाँ वैश्विक बाज़ार में अपनी विशेष पहचान बना रही हैं। देश-विदेश के खरीदारों के बीच हमारे छत्तीसगढ़ी उत्पादों की बढ़ती मांग न केवल हमारी स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रही है, बल्कि हमारे मेहनतकश कारीगरों और शिल्पकारों के सम्मान को भी नई दिशा दे रही है। यह हमारे ‘आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़’ के संकल्प की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और शक्तिशाली कदम है।

विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने राजधानी दिल्ली में छत्तीसगढ़ की पहचान और सम्मान को मिली इस नई प्रतिष्ठा पर राज्य के समस्त नागरिकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं अर्पित कीं। उन्होंने जोरदार ‘जय छत्तीसगढ़’ के नारे के साथ अपने वक्तव्य का समापन किया, जो राज्य की अस्मिता और गौरव का प्रतीक बन गया।

इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल,सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े , विधायक प्रमोद मिंज एवं अन्य जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी उपस्थित थे।

महासमुंद/संविधान दिवस पर जिला पंचायत सभाकक्ष में हुआ गरिमामय आयोजन

महासमुंद/संविधान दिवस पर जिला पंचायत सभाकक्ष में हुआ गरिमामय आयोजन

महासमुंद/ जिला पंचायत के सभा कक्ष में आज संविधान दिवस समारोह गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोगरा पटेल, उपाध्यक्ष श्री भीखम ठाकुर, जिला पंचायत सदस्य श्रीमति जगमोती भोई, कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी और नागरिक उपस्थित थे।

कार्यक्रम की शुरुआत संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं भारत माता के छाया चित्र में माल्यार्पण और पूजन कर किया गया। संविधान दिवस में प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया गया। सभा कक्ष में उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में प्रस्तावना का पाठ कर संकल्प दोहराया कि वे संविधान में निहित मूल्यों, न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व को सामाजिक जीवन में धारण करेंगे। इस अवसर पर संविधान दिवस पर आधारित एक विशेष वीडियो का भी प्रदर्शन किया गया, जिसमें संविधान निर्माण की ऐतिहासिक यात्रा, डॉ. भीमराव अम्बेडकर एवं संविधान से जुड़े महान विभूतियों की भूमिका और भारत की लोकतांत्रिक प्रणाली की विशेषताओं को दर्शाया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री चंद्रहास चंद्राकर ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है। यह देश की सामाजिक विविधता को एक सूत्र में पिरोता है और हर नागरिक को अधिकारों के साथ कर्तव्यों की भी याद दिलाता है। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोगरा पटेल ने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को समान अवसर प्रदान करता है। हम सबकी ज़िम्मेदारी है कि संविधान के मूल्यों को अपने व्यवहार और कार्यों में उतारें।

कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने संविधान दिवस की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोकतंत्र का वास्तविक सशक्तिकरण तभी संभव है जब नागरिक अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी पालन करें। उन्होंने प्रशासनिक पारदर्शिता, संवेदनशीलता और नागरिक सेवा को संविधान की भावना बताया। जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार ने कहा कि संविधान भारतीय लोकतंत्र की रीढ़ है और यह सभी के लिए समान न्याय की गारंटी देता है। उन्होंने युवाओं को संविधान के अध्ययन और उसके अनुकरण के लिए प्रेरित किया। समारोह के अंत में सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों ने संविधान के प्रति निष्ठा, राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का सामूहिक संकल्प लिया। इसके अलावा आज जिले के सभी ग्राम पंचायतों, शैक्षणिक संस्थानो, महाविद्यालयों और शासकीय कार्यालयों में संविधान का पालन करने का संकल्प लिया गया।