सरायपाली/अवैध धान परिवहन एवं भंडारण पर सतत कार्रवाई जारी 860 कट्टा धान जप्त

सरायपाली/अवैध धान परिवहन एवं भंडारण पर सतत कार्रवाई जारी 860 कट्टा धान जप्त

सरायपाली/महासमुंद जिले में अवैध धान परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।
बीती रात एवं आज अलग अलग प्रकरण में कुल 860 कट्टा धान जप्त की गई है।

आज तहसील सरायपाली के ग्राम चिउराकूटा में ओड़िशा से अवैध रूप से परिवहन कर डंप किए गए 70 कट्टा धान को जब्त कर थाना सिंघोड़ा के सुपुर्द किया गया।
इसी क्रम में बीती रात कोमाखान तहसील अंतर्गत ग्राम नर्रा में 200 कट्टा धान जब्त किया गया।
वहीं तहसील पिथौरा अंतर्गत ग्राम बहमनी में गोयल ट्रेडर्स के गोदाम में 600 कट्टा धान का अवैध भंडारण पाया गया। उक्त धान को जब्त कर मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई हेतु मंडी सचिव को निर्देशित किया गया है।
संयुक्त टीम द्वारा अवैध धान परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध आगे भी सतत एवं कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

एसडीएम सरायपाली ने किया विद्यालयों का औचक निरीक्षण

एसडीएम सरायपाली ने किया विद्यालयों का औचक निरीक्षण

सरायपाली:- अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सरायपाली सुश्री अनुपमा आनंद (आईएएस) द्वारा दूरस्थ सुदूर अंचल में स्थित शासकीय उच्च प्राथमिक शाला एवं हायर सेकेंडरी स्कूल टेमरी का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था, विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षकों की उपस्थिति, मध्यान्ह भोजन योजना, विद्यार्थी विकास सूचकांक, दीवार लेखन, विद्यांजलि पोर्टल,स्वच्छता एवं आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया गया।

निरीक्षण के समय एसडीएम सरायपाली ने कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से संवाद किया तथा शिक्षण गुणवत्ता की जानकारी ली। मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता, भोजनालय की साफ-सफाई एवं खाद्य सामग्री के भंडारण की भी जांच की गई।आवश्यक सुधार के लिए संबंधित प्रधानपाठक एवं स्टाफ को निर्देश दिए गए। साथ ही वर्तमान में चल रहे अर्धवार्षिक परीक्षा का भी निरीक्षण किया।

एसडीएम ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। लापरवाही बरतने वाले विद्यालयों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही विद्यालय प्रबंधन को समय-समय पर स्वच्छता एवं अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान साथ में संकुल प्रभारी सरधा राम सिदार एवं संकुल समन्वयक हेमचंद पटेल उपस्थित थे।

महासमुंद/ खल्लारी में 13 वर्षीय नाबालिग किशोरी लापता, बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका — पुलिस ने दर्ज किया अपहरण का मामला

महासमुंद/ खल्लारी में 13 वर्षीय नाबालिग किशोरी लापता, बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका — पुलिस ने दर्ज किया अपहरण का मामला

महासमुंद। थाना खल्लारी क्षेत्र के ग्राम तमोरा से 13 वर्ष 3 माह की नाबालिग किशोरी के लापता होने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार किशोरी दिनांक 18 दिसंबर 2025 की शाम करीब 6 बजे बिना बताए घर से निकल गई थी, जो 19 दिसंबर 2025 तक वापस नहीं लौटी।

सूचक बुधारू दीवान (उम्र 45 वर्ष), निवासी तमोरा, द्वारा थाना खल्लारी में उपस्थित होकर जुबानी रिपोर्ट दर्ज कराई गई। परिजनों द्वारा आसपास, पड़ोसियों व रिश्तेदारों में खोजबीन के बावजूद कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस ने धारा 137(2) BNS के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। पुलिस को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर भगा ले जाने की शंका है। मामले की सूचना DCRB शाखा महासमुंद को भी भेजी गई है।

गुमशुदा का हुलिया

उम्र: 13 वर्ष 03 माह

ऊंचाई: लगभग 4 फीट

रंग: सांवला, चेहरा गोल

बाल: काले, लंबे पहचान: गले में ताबीज, कान में बाजारू खिनवा, नाक में सोने की फुल्ली

पहनावा: हल्के हरे रंग की टी-शर्ट, नीली जींस

भाषा: हिंदी, छत्तीसगढ़ी

शिक्षा: कक्षा 8वीं की छात्रा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी को किशोरी के संबंध में कोई भी जानकारी मिले तो तत्काल थाना खल्लारी या नजदीकी पुलिस थाने को सूचित करें।

सरायपाली में अवैध शराब की बड़ी खेप पकड़ी गई इलेक्ट्रिक स्कूटर से 60 पौवा अंग्रेजी शराब तस्करी, दो आरोपी गिरफ्तार

सरायपाली में अवैध शराब की बड़ी खेप पकड़ी गई इलेक्ट्रिक स्कूटर से 60 पौवा अंग्रेजी शराब तस्करी, दो आरोपी गिरफ्तार

सरायपाली /थाना सरायपाली पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध शराब तस्करी का भंडाफोड़ किया है। प्रधान आरक्षक के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में एक बिना नंबर ODYSSE कंपनी का इलेक्ट्रिक स्कूटर रोककर तलाशी ली गई, जिसमें भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब बरामद हुई।

पुलिस ने संतराम साहू (55) और कन्हैया साहू (46)—दोनों निवासी लोहरीनडीपा, थाना सरायपाली—को मौके से गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान स्कूटर के सामने पैरदान के पास रखे दो प्लास्टिक थैलों से

30 पौवा शोले प्लेन देशी मदिरा (180-180 ML)

30 पौवा गोवा स्पेशल व्हिस्की (180-180 ML)

कुल 60 पौवा (10,800 ML) शराब बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत ₹6,000 बताई गई है।

आरोपियों के पास शराब परिवहन/रखने का कोई वैध दस्तावेज नहीं पाया गया। पुलिस ने शराब के साथ-साथ इलेक्ट्रिक स्कूटर (कीमत लगभग ₹52,000) को भी जब्त कर मौके पर सीलबंद किया। कुल जप्ती ₹58,000 आंकी गई है।

मामले में आरोपियों के विरुद्ध धारा 34(2) आबकारी अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें 17:35 एवं 17:45 बजे विधिवत गिरफ्तार किया गया। प्रकरण अजमानतीय होने से परिजनों को गिरफ्तारी की सूचना दी गई है। पुलिस ने मामले को विवेचना में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

👉 पुलिस का संदेश: अवैध शराब तस्करी के खिलाफ सख्ती जारी रहेगी, सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

रायपुर : प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति की बैठक सम्पन्न

रायपुर : प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति की बैठक सम्पन्न

रायपुर/एक ही दिन में 22 प्रकरणों पर की गई सुनवाई एवं समीक्षा पहली बार विडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से दिया गया सुनवाई का अवसर आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में आज उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के सभाकक्ष, नवा रायपुर में संपन्न हुई। आज बैठक की विशेषता यह रही कि एक ही दिन में कुल 22 प्रकरणों की सुनवाई एवं समीक्षा की गई। इसके साथ ही समिति द्वारा पहली बार पक्षकार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई का अवसर प्रदान किया गया। समिति की इस पहल से प्रक्रिया को और अधिक सुगम, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने में मदद मिलेगी।

बैठक में 12 प्रकरणों की सुनवाई की गई। इनमें जाति जांच प्रकरण से संबंधित 10 प्रकरणों में पक्षकार समिति के समक्ष उपस्थित हुए। एक प्रकरण में पक्षकार अंबिकापुर, सरगुजा से वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से शामिल हुआ एवं अपना पक्ष रखा, वहीं एक प्रकरण में पक्षकार अनुपस्थित रहा।    इसके अतिरिक्त समिति के समक्ष 10 प्रकरण विचारार्थ प्रस्तुत किए गए। इस प्रकार एक ही दिन में समिति ने कुल 22 प्रकरणों की सुनवाई एवं समीक्षा करते हुए 05 प्रकरणों की सुनवाई पूर्ण कर आदेश जारी करने के निर्देश दिए, जबकि 17 प्रकरणों में जाति प्रमाण पत्र धारकों को सुनवाई का एक और अंतिम अवसर प्रदान करते हुए आगामी बैठक में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए।

विदित हो समिति द्वारा लगातार बैठक आयोजित कर जाति प्रमाण पत्र एवं सामाजिक प्रस्थिति से संबंधी प्रकरणों की सुनवाई की जा रही है। माननीय सर्वाेच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालय से संबद्ध प्रकरणों पर भी नियमानुसारं पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से सुनवाई कर प्रकरणों का शीघ्र निपटारा किया जा रहा है। आज की बैठक में बड़ी संख्या में पक्षकार एवं अधिवक्ता अपना पक्ष प्रस्तुत करने हेतु उपस्थित हुए।

बैठक में आयुक्त, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास डॉ. सारांश मित्तर (सदस्य), संचालक, आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान श्रीमती हिना अनिमेष नेताम (सदस्य सचिव), संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय श्री ऋतुराज रघुवंशी (सदस्य) उपस्थित थे, वहीं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संचालक, भू-अभिलेख श्री विनीत नंदनवार (सदस्य) भी जुड़े हुए थे। इसके अलावा संयुक्त संचालक, टीआरटीआई श्रीमती गायत्री नेताम (प्रभारी अधिकारी, जाति जांच प्रकोष्ठ), श्रीमती रमा उइके (सदस्य), डॉ. अनिल विरूलकर (सदस्य) सहित जाति जाँच प्रकोष्ठ के श्री जितेन्द्र गुप्ता, श्रीमती अंजनी भगत, श्री ईश्वर साहू एवं श्रीमती सुमन बंजारे उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि माननीय सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश में दिये गये मार्गदर्शी निर्देश एवं छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (सामाजिक प्रास्थिति के प्रमाणीकरण का विनियमन) अधिनियम 2013 में विहित प्रावधानों के अंतर्गत कुल 07 सदस्यीय उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति का गठन किया गया है। समिति अर्द्ध न्यायिक स्वरूप में कार्य करते हुए निष्पक्ष एवं समयबद्ध निर्णय सुनिश्चित कर रही है।

छत्तीसगढ़ /माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित किया गया

छत्तीसगढ़ /माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित किया गया

छत्तीसगढ़ /राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रदर्शन एवं मूल्यांकन पर द्वितीय राज्य स्तरीय सम्मेलन का आयोजन 18 दिसम्बर, 2025 को छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सभागार में अत्यंत गरिमामय रूप से आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ के सहयोग से किया गया, जिसका उद्देश्य राज्य में राष्ट्रीय लोक अदालत प्रणाली को सुदृढ बनाने हेतु उपलब्धियो की समीक्षा एवं प्रदर्शन का मूल्यांकन करना था।

इस राज्य स्तरीय सम्मेलन की अध्यक्षता माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधीश, उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ एवं मुख्य संरक्षक, छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा की गई। सम्मेलन की सह-अध्यक्षता माननीय श्री न्यायमूर्ति संजय के अग्रवाल, न्यायाधीश, उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ एवं कार्यपालक अध्यक्ष, छत्तीसगढ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण तथा माननीय श्री न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू न्यायाधीश, उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ एवं अध्यक्ष, उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति द्वारा की गई।

माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधीश, उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ एवं मुख्य संरक्षक, छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने अभिभाषण में इस बात पर विशेष बल दिया कि राष्ट्रीय लोक अदालतें भारतीय संविधान के अनुच्छेद 39-क में निहित समान न्याय की परिकल्पना को साकार करने का एक अत्यंत प्रभावी माध्यम बनकर उभरी हैं। उन्होंने व्यक्त किया कि विगत नौ राष्ट्रीय लोक अदालतों के दौरान कुल 2,27,18,454 मामलों का अभूतपूर्व निपटारा किया गया है तथा कुल प्रकरणों के निस्तारण के संदर्भ में छत्तीसगढ़ निरंतर राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष पाँच राज्यों में स्थान प्राप्त करता रहा है। उन्होंने इन उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों, समस्त न्यायिक अधिकारियों एवं पैरा लीगल वॉलंटियर्स के अथक प्रयासों की सराहना करते हुए उनके प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधीश, उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ एवं मुख्य संरक्षक, छत्तीसगढं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के करकमलों द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालतों की सफलता में उत्कृष्ट योगदान के लिए समस्त जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों, परिवार न्यायालयों के न्यायाधीशों तथा पैरा लीगल वॉलंटियर्स को प्रशंसा प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। साथ ही, राष्ट्रीय लोक अदालत दिनांक 16 दिसम्बर, 2023 तथा वर्ष 2024 की में आयोजित चार राष्ट्रीय लोक अदालत एवं वर्ष 2025 में आयोजित चार राष्ट्रीय लोक अदालत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों एवं सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले परिवार न्यायालयों को स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया।

माननीय श्री न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल, न्यायाधीश, उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ एवं कार्यपालक अध्यक्ष, छत्तीसगढ ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन सदस्य सचिव, छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में माननीय श्री न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार व्यास, माननीय श्री न्यायमूर्ति सचिन सिंह राजपूत, माननीय श्री न्यायमूर्ति राकेश मोहन पांडेय, माननीय श्री न्यायमूर्ति संजय कुमार जायसवाल, माननीय श्री न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल, माननीय श्री न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा, माननीय श्री न्यायमूर्ति बिभु दत्ता गुरु एवं माननीय श्री न्यायमूर्ति अमितेंद्र किशोर प्रसाद की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में रजिस्ट्रार जनरल एवं रजिस्ट्री के अधिकारीगण, छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी के निदेशक एवं अधिकारीगण, छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव एवं अधिकारीगण, समस्त जिलों के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं परिवार न्यायालयों के न्यायाधीश, स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के सचिव तथा समस्त जिलों से नामित पैरा लीगल वॉलंटियर्स भी उपस्थित रहे।

द्वितीय राज्य स्तरीय सम्मेलन का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय लोक अदालत प्रणाली को और अधिक सशक्त किया जाएगा तथा त्वरित, सुलभ एवं किफायती न्याय उपलब्ध कराने हेतु न्यायपालिका एवं विधिक सेवा संस्थाओं की प्रतिबद्धता निरंतर बनी रहेगी।

महासमुंद/ अस्पृश्यता निवारणार्थ सद्भावना शिविर 30 दिसम्बर को ग्राम घोड़ारी में होगा आयोजित

महासमुंद/ अस्पृश्यता निवारणार्थ सद्भावना शिविर 30 दिसम्बर को ग्राम घोड़ारी में होगा आयोजित

महासमुंद/ अनुसूचित जातियों के हित में शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से अस्पृश्यता निवारणार्थ सद्भावना शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्रीमती शिल्पा साय ने बताया कि यह शिविर 30 दिसम्बर 2025 को महासमुंद विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम घोड़ारी में प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगा। शिविर में जिले के विभिन्न विभागों द्वारा सहभागिता करते हुए अपने-अपने विभागीय योजनाओं, सुविधाओं एवं लाभों की विस्तृत जानकारी आम नागरिकों को प्रदान की जाएगी। शिविर के दौरान अनुसूचित जाति वर्ग के लिए संचालित छात्रवृत्ति योजनाएं, आवास, स्वरोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों एवं आवेदन संबंधी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र के नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक संख्या में शिविर में उपस्थित होकर शासन की योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें एवं इसका लाभ उठाएं।

महासमुंद नगर पालिका क्षेत्र में 7 नवीन शासकीय उचित मूल्य दुकानों के लिए 2 जनवरी तक आवेदन आमंत्रित

महासमुंद नगर पालिका क्षेत्र में 7 नवीन शासकीय उचित मूल्य दुकानों के लिए 2 जनवरी तक आवेदन आमंत्रित

महासमुंद/ नगर पालिका क्षेत्र महासमुंद अंतर्गत कुल 30 वार्ड हैं, जिनमें वर्तमान में 23 शासकीय उचित मूल्य की दुकानें संचालित हो रही हैं। मुख्य नगर पालिका अधिकारी, महासमुंद से प्राप्त संयुक्त प्रस्ताव के अनुसार शहर के 7 वार्डों में नवीन शासकीय उचित मूल्य दुकानें खोले जाने की आवश्यकता बताई गई है। इस संबंध में शासकीय उचित मूल्य दुकानों के युक्तियुक्तकरण की कार्यवाही प्रारंभ की जा रही है।

खाद्य अधिकारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 की कंडिका 9.(7) के अंतर्गत नगर पालिका क्षेत्र महासमुंद के वार्ड क्रमांक 02 यतियतन लाल वार्ड, वार्ड क्रमांक 08 ठाकुर प्यारे लाल वार्ड, वार्ड क्रमांक 09 विश्वकर्मा वार्ड, वार्ड क्रमांक 10 डॉ. सुशील सेमुएल वार्ड, वार्ड क्रमांक 12 सरदार वल्लभ भाई पटेल वार्ड, वार्ड क्रमांक 22 पं. जयलाल प्रसाद वार्ड तथा वार्ड क्रमांक 29 पं. जवाहर लाल नेहरू वार्ड में नवीन शासकीय उचित मूल्य दुकान के संचालन हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

इन वार्डों में दुकान संचालन के लिए स्थानीय नगरीय निकाय, महिला स्व-सहायता समूह, प्राथमिक कृषि साख समितियां, छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 अथवा छत्तीसगढ़ स्वायत्त सहकारिता अधिनियम 1999 के अंतर्गत पंजीकृत अन्य सहकारी समितियां, राज्य शासन द्वारा विनिर्दिष्ट उपक्रम तथा पात्र वन सुरक्षा समितियां आवेदन कर सकती हैं। वन सुरक्षा समितियों का आवेदन की तिथि से कम से कम तीन माह पूर्व पंजीकृत एवं कार्यरत होना तथा सामाजिक-आर्थिक क्षेत्र में कार्य का अनुभव होना अनिवार्य होगा।

उक्त वार्डों में नवीन शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालन हेतु इच्छुक पात्र संस्थाएं विहित प्रारूप-1 में आवश्यक दस्तावेजों सहित अपना आवेदन पत्र 02 जनवरी 2026 तक कार्यालय कलेक्टर, खाद्य शाखा, महासमुंद में कार्यालयीन समय में प्रस्तुत कर सकते हैं। नगर पालिका क्षेत्र महासमुंद अंतर्गत उपरोक्त वार्डों में नवीन शासकीय उचित मूल्य दुकानों के युक्तियुक्तकरण तथा नई संचालन एजेंसियों की नियुक्ति की कार्यवाही छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 के प्रावधानों के तहत की जाएगी।

महासमुंद/ जिले में अवैध धान परिवहन, भंडारण एवं विक्रय पर बड़ी कार्रवाई अब तक 258 प्रकरणों से 30,126.24 क्विंटल धान जप्त

महासमुंद/ जिले में अवैध धान परिवहन, भंडारण एवं विक्रय पर बड़ी कार्रवाई अब तक 258 प्रकरणों से 30,126.24 क्विंटल धान जप्त

महासमुंद/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशन में जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था को पूरी पारदर्शिता एवं सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से अवैध धान परिवहन, भंडारण एवं विक्रय पर लगातार कड़ी कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन द्वारा गठित संयुक्त टीमों के माध्यम से जिलेभर में व्यापक जांच एवं निगरानी अभियान चलाया जा रहा है।

इस अभियान के तहत अब तक जिले में कुल 258 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनसे 30,126.24 क्विंटल धान जप्त किया गया है। जो कि राज्य में सर्वाधिक है। इनमें अवैध धान परिवहन, अवैध भंडारण एवं नियमों के विरुद्ध विक्रय से जुड़े 240 प्रकरण शामिल हैं। इसके अलावा जिले की 18 राइस मिलों का भौतिक सत्यापन कर अनियमितताएं पाए जाने पर उनके विरुद्ध भी प्रकरण दर्ज किए गए हैं। संयुक्त टीम में राजस्व, मंडी, सहकारिता एवं पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं, जो जिले के प्रमुख मार्गों, अंतर्राज्यीय जांच चौकियों, राइस मिलों एवं धान उपार्जन केंद्रों पर लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। धान खरीदी अवधि के दौरान विशेष सतर्कता बरती जा रही है ताकि किसानों के हितों की रक्षा हो सके।

कलेक्टर श्री लंगेह ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि निगरानी अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा नियमित रूप से जांच कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

प्लास्टिक से सड़क, पर्यावरण की सुरक्षा और विकास की नई डगर महासमुंद जिले में अभिनव पहल, पीएमजीएसवाय सड़कों में प्लास्टिक का उपयोग

प्लास्टिक से सड़क, पर्यावरण की सुरक्षा और विकास की नई डगर महासमुंद जिले में अभिनव पहल, पीएमजीएसवाय सड़कों में प्लास्टिक का उपयोग

महासमुंद/ महासमुंद जिला पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास की दिशा में एक अभिनव उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। जिले में अब प्लास्टिक कचरे को सड़क निर्माण में उपयोग समुचित ढंग से उपयोग किया जा रहा है। इससे सड़कों की गुणवत्ता बढ़ाई जा रही है, और पर्यावरण के लिए गंभीर समस्या बन चुके प्लास्टिक कचरे का भी सार्थक समाधान निकाला जा रहा है।

कलेक्टर श्री विनय लंगेह के मार्गदर्शन में जिले में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन का अभिनव प्रयोग करते हुए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। इस प्रयोग से सड़कों की टिकाऊ क्षमता में औसतन दो से तीन वर्षों की अतिरिक्त वृद्धि होगी ,आमतौर पर डामर से बनी सड़कों का औसत 4 से 5 साल टिकाऊ अवधि होती है, लेकिन प्लास्टिक मिश्रण से यह 6 से 7 साल तक चलेगी। इसके साथ ही प्रति किलोमीटर निर्माण लागत में भी उल्लेखनीय बचत होती है और लागत अपेक्षाकृत कम आती है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता श्री आशीष कुलदीप ने बताया कि वर्ष 2024-25 में जिले की 14 सड़कों, जिनकी कुल लंबाई लगभग 21 किलोमीटर है, में प्लास्टिक का मिश्रण उपयोग किया गया है। इसके सकारात्मक परिणामों को देखते हुए आने वाले समय में जिले की 44 सड़कों (लगभग 100 किलोमीटर) का निर्माण भी इसी तकनीक से किया जाएगा। इस प्रक्रिया के अंतर्गत जिले के अपशिष्ट प्रबंधन तंत्र एवं मनीकंचन केंद्र बागबाहरा से एकत्रित प्लास्टिक कचरे को मशीन से छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा जाता है। इस कार्य में दो महिला समूहों को भी रोजगार मिला है। इसके पश्चात पूरी सावधानी के साथ इसे गर्म डामर के मिश्रण में मिलाकर सड़क निर्माण में उपयोग किया जाता है। इस तकनीक से बनी सड़कें सामान्य सड़कों की तुलना में अधिक मजबूत, टिकाऊ और मौसम प्रतिरोधी होती है। पर्यावरण के लिए सबसे बड़ी चुनौती बने प्लास्टिक का इस तरह का उपयोग करना स्वच्छता, संरक्षण और विकासकृतीनों का संतुलित उदाहरण है। जिले के ग्राम झालखमरिया से कमार डेरा तक निर्मित सड़क तथा ग्राम जोरातराई से कमार डेरा तक निर्माणाधीन सड़क में भी प्लास्टिक मिश्रण का सफलतापूर्वक उपयोग किया गया है।