महासमुंद/जिला सीईओ श्री नंदनवन ने ली जनपद पंचायत पिथौरा में योजनाओं की समीक्षा बैठक

महासमुंद/जिला सीईओ श्री नंदनवन ने ली जनपद पंचायत पिथौरा में योजनाओं की समीक्षा बैठक

 

महासमुंद/ मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री हेमंत नंदनवार की अध्यक्षता में शुक्रवार को जनपद पंचायत पिथौरा में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक एवं आवास मित्र शामिल हुए। इसके अलावा सीईओ श्री नंदनवार ने ग्राम पंचायत, स्कूल आदि का निरीक्षण किया।

बैठक में मोर गांव-मोर पानी महाअभियान और युक्त धारा पोर्टल के माध्यम से प्रस्तावित कार्यों की योजना तैयार करने तथा प्राथमिकता क्रम तय कर 2 अक्टूबर को होने वाली ग्राम सभाओं में अनुमोदन के लिए प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

सीईओ श्री नंदनवार ने स्पष्ट किया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में लिए जाने वाले कार्यों में प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने समस्त तकनीकी सहायकों को पांच दिवस के भीतर विस्तृत प्राक्कलन तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, कार्यक्रम अधिकारी एवं तकनीकी सहायकों को जिम्मेदारी सौंपी गई। इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि योजनाओं की समयबद्ध क्रियान्वयन से ग्रामीण अंचल में विकास की गति और तेज होगी।

महासमुंद पोषण माह में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर ग्राम अमोरी में शिविर

महासमुंद पोषण माह में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर ग्राम अमोरी में शिविर

 

महासमुंद/ पोषण माह के अंतर्गत सेक्टर झलप के ग्राम अमोरी में मोटापे की रोकथाम एवं कुपोषण उन्मूलन विषय पर विशेष शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किशोरी बालिकाओं को गुड टच बैड टच की जानकारी दी गई तथा उपस्थित महिलाओं को पॉक्सो एक्ट, घरेलू हिंसा अधिनियम एवं सहायता हेतु 1098 टोल फ्री नंबर की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

शिविर में आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों का वजन एवं ऊँचाई मापी गई। विशेषज्ञों ने उपस्थित महिला एवं पुरुषों को बताया कि कम वजन व कम ऊँचाई कुपोषण के संकेत हैं, जिससे बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। वहीं अधिक वजन और मोटापे से भी स्वास्थ्य पर गंभीर समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। इस अवसर पर मोटापे को नियंत्रित करने के उपाय एवं संतुलित आहार संबंधी सुझाव दिए गए।

कार्यक्रम में पौष्टिक पोषण प्रदर्शनी भी लगाई गई। ग्राम अमोरी की आंगनबाड़ी में प्रतिदिन 90 प्रतिशत से अधिक बच्चों की उपस्थिति को देखते हुए कलेक्टर द्वारा केंद्र को उपहारस्वरूप अनौपचारिक शिक्षा का बड़ा किट प्रदान किया गया। किट में बच्चों के लिए गिटार, सिंथेसाइजर, जोड़ी मिलाने का खेल, सिल्वर कलर की तलवार एवं जोड़ने वाले बॉक्स जैसी सामग्री सम्मिलित रही।

शिविर में महिला एवं बाल विकास विभाग से पहुंचे अधिकारियों ने भी जानकारी दी। कार्यक्रम में परियोजना अधिकारी सुश्री अपर्णा श्रीवास्तव, पर्यवेक्षक श्रीमती लक्ष्मी चंद्राकर, ग्राम के सरपंच श्री नरेंद्र ध्रुव, जनपद प्रतिनिधि योगेश कुमार ठाकुर, पंच दामिनी चंद्राकर, भोजराम पटेल सहित बड़ी संख्या में महिलाएँ और किशोरियाँ उपस्थित रहीं।

महासमुंद खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए खसरों का सत्यापन हेतु प्रशिक्षण कलेक्टर ने 31 अक्टूबर तक सत्यापन करने के दिए निर्देश

महासमुंद खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए खसरों का सत्यापन हेतु प्रशिक्षण कलेक्टर ने 31 अक्टूबर तक सत्यापन करने के दिए निर्देश

 

महासमुंद/ खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान उपार्जन कार्य को सुचारू एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से आज कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को डिजिटल क्रॉप सर्वे एवं गिरदावरी सत्यापन प्रशिक्षण प्रदान किया।

कलेक्टर ने बताया कि एकीकृत किसान पोर्टल में खरीफ वर्ष 2025-26 हेतु किसान पंजीयन तथा पंजीकृत किसान द्वारा अपनी भूमि पर ली गई फसल का नाम एवं रकबा अद्यतन करने की कार्यवाही 31 अक्टूबर 2025 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करना होगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष खरीफ विपणन में धान खरीदी हेतु एग्रीस्टैक फार्मर आईडी को अनिवार्य किया गया है। खाद्य विभाग के पोर्टल पर धान खरीदी केवल फार्मर आईडी से लिंक समस्त फार्मर आईडी एवं खसरा आधारित पंजीयन उपरांत ही की जाएगी। इसलिए फसल गिरदावरी एवं डिजिटल क्रॉप सर्वे में दर्ज रकबा में किसी प्रकार की त्रुटि न हो।

कलेक्टर श्री लंगेह ने निर्देश दिए कि गिरदावरी सत्यापन का कार्य पूर्ण पारदर्शिता एवं गंभीरता से किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि गिरदावरी में संशोधन करना हो, तो भी उसका सत्यापन आवश्यक है। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारी पीवी मोबाइल ऐप डाउनलोड कर प्रक्रिया को समझें। उन्होंने बताया कि गिरदावरी सत्यापन हेतु जिले में 817 कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है तथा अभी तक दर्ज खसरों का कम से कम 5 प्रतिशत सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाएगा। विशेष रूप से उन्होंने कहा कि वन अधिकार पट्टा, डुबान क्षेत्र एवं नगरीय क्षेत्र में भी किसान ऐप के माध्यम से सत्यापन कार्य किया जाना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि धान फसल के रकबे की गलत प्रविष्टि अथवा बढ़ाकर प्रविष्टि करने की स्थिति में न केवल धान उपार्जन प्रक्रिया प्रभावित होगी, बल्कि संबंधित पर जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। साथ ही गलत फसल प्रविष्टि से भी धान खरीदी प्रभावित हो सकती है। इसलिए सभी गम्भीरता के साथ प्रशिक्षण में बताई गई बातों का पालन करें एवं प्रक्रिया के तहत ही सत्यापन का कार्य समय-सीमा में पूर्ण करें।

कलेक्टर ने उपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों से प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने और निर्देशों का पालन करने को कहा। इस अवसर पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री हरिशंकर पैकरा, तहसीलदार श्री जुगल किशोर पटेल, नायब तहसीलदार श्री मोहित अमिला एवं खाद्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। साथ ही विभिन्न अनुभागों से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी भी वीसी के माध्यम से शामिल हुए।

महासमुंद सेवा पर्व एवं आदि कर्मयोगी अभियान अंतर्गत ग्रामों में विविध गतिविधियों का आयोजन पशुपालन विभाग द्वारा टीकाकरण एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा पौध वितरण किया गया

महासमुंद सेवा पर्व एवं आदि कर्मयोगी अभियान अंतर्गत ग्रामों में विविध गतिविधियों का आयोजन पशुपालन विभाग द्वारा टीकाकरण एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा पौध वितरण किया गया

महासमुंद/ जिला महासमुंद में सेवा पर्व एवं आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। ग्राम पंचायत सचिवों, पंचायत प्रतिनिधियों को उन्मुखीकरण के माध्यम से ग्राम विकास योजना बनाने तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इसके अलावा अन्य विभागों द्वारा अपने योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है। आज जिले के समस्त विकासखण्डों के चयनित ग्रामों में पशुपालन विभाग द्वारा विभिन्न विभागीय कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनमें पशु उपचार, टीकाकरण, बधियाकरण, कृमिनाशक दवा पान कृत्रिम गर्भाधान कार्य संपादित किये गये। पशुपालकों को दुधारू पशुओं को अधिक उत्पादन हेतु संतुलित पशु आहार एवं हरा चारा खिलाने के संबंध में जानकारी दी गई। गौवंशीय एवं भैंस वंशी पशुओं में मादा वत्स प्राप्त करने हेतु कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से सेक्स सॉर्टेड सीमेन का उपयोग अपने पशुओं को गर्भधारण हेतु करने की सलाह दी गई। अन्य विभागीय योजनाओं की जानकारी के साथ पशुपालकों को योजनाओं से लाभान्वित किया गया।

इसी तरह उद्यानिकी विभाग द्वारा महासमुंद विकासखण्ड के ग्राम बोड़रा, कुर्राभाठा, सलिहाभाठा, पथर्री, डूमरपाली, बागबाहरा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम भदरसी, बीके बाहरा, भीमखोज, बसना विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम बनडबरी, ग्राम कुसमुर, पतेरापाली, पिथौरा अंतर्गत डूमरपाली, धनोरा, सरायपाली अंतर्गत गाम खैरमाल में आंवला, अमरूद, कटहल, जामुन, करौंदा, अशोक, नींबू, बेल, आम, तेजपत्ता, खम्हार एवं सीरिश के 2500 फलदार पौध का वितरण किया गया।

महासमुंद/स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान जिला स्तरीय स्वास्थ्य संगोष्ठी का हुआ आयोजन  

महासमुंद/स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान जिला स्तरीय स्वास्थ्य संगोष्ठी का हुआ आयोजन

महासमुंद/ रजत जयंती वर्ष एवं सेवा पखवाड़ा 2025 अंतर्गत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ एवं पोषण को सुदृढ़ बनाने के उद्ेश्य से स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान की शुरूआत 17 सितम्बर से किया गया है। यह अभियान जिले में 02 अक्टूबर 2025 तक लगातार संचालित होगा। इसी क्रम में आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में जिला स्तरीय स्वास्थ्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित समस्त प्रतिभागियों को विषय विशेषज्ञों द्वारा स्वास्थ्य एवं पोषण से संबंधित जानकारी प्रदान की गई। स्वस्थ नारी सशक्त परिवार सम्मेलन में टीबी के मरीजों को निक्षय मित्रों के द्वारा पोषण आहार प्रदान किया गया साथ ही इस अभियान के माध्यम से टीबी बीमारी संबंधी समस्याओं की पहचान कर उसके जांच एवं समय पर उपचार सुनिश्चित किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री भीखम सिंह ठाकुर, जिला पंचायत सदस्य श्री जागेश्वर सिन्हा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. आई.एन. राव, एवं जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी डाॅ. विकास चंद्राकर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (एन.एच.एम.) श्रीमति नीलू धृतलहरे, स्वास्थ्य मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।

महासमुंद:पिथौरा में जिला सीईओ ने फटकारा अधिकारियों को– “जांच पूरी हुई तो रिपोर्ट क्यों अटकी है?”/ करोड़ों के फर्जी मामले में डोंगरीपाली, ग्रामीणों ने उठाया जांच प्रतिवेदन में देरी का मुद्दा

महासमुंद:  जिला सीईओ ने फटकारा अधिकारियों को– “जांच पूरी हुई तो रिपोर्ट क्यों अटकी है?”/ करोड़ों के फर्जी मामले में डोंगरीपाली, ग्रामीणों ने उठाया जांच प्रतिवेदन में देरी का मुद्दा महासमुंद जिला सीईओ आज पिथोरा ब्लॉक के डोंगरीपाली में जिला सीईओ का आगमन हुआ, और स्कूलों में जाकर किस तरह से बच्चों को पढ़ाया जा रहा है जायजा लिया गया,

ग्रामीणों से मिली प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इस बीच पंचायत के शिकायत को लेकर शिकायतकर्ता एम.डी. सागर, खिरोद पटेल, अमितेष बरिहा, और ग्रामीणों के द्वारा जिला सीईओ सर् से पंचायत में हुए जांच के, जांचप्रतिवेदन के लिए मांग किये, और बताए कि किस तरह से जनपद पंचायत पिथौरा और अधिकारियों द्वारा घुमाया जा रहा है, जिला सीईओ ने अधिकारियों को कहा कि जांच अगर पूर्ण हो गया है तो क्यों इतने दिन तक घूम रहे हो, आश्वासन दिया गया है कि जल्द ही जांच प्रतिवेदन मिल जाएगा,

आपको बता दे कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पिथौरा के आदेश द्वारा जांच टीम दिनांक 09/09/2025 को पंचायत भवन डोंगरीपाली पहुँचे थे और लगातार तीन दिन तक जांच चलने पर पता चला कि लगभग 2 करोड़ 50 लाख रुपए सरकार द्वारा डोंगरीपाली पंचायत के विकास कार्य के लिए दिया गया था, जिसमें से पंचायत सचिव हजारीलाल केवर्त और पूर्व सरपंच अहिल्या बरिहा के द्वारा 50 से 60 लाख रुपए तक का ही बिल पेश किया गया, बाकी सारा पैसा साहू इंटरप्राइजेज को भुगतान कर दिया गया है और बिल एक भी नहीं, और ना ही एक भी कार्य कार्यस्थल पर दिखा पाए,

*अब सवाल यह उठता हैं कि जांच प्रतिवेदन के लिए इतना विलंब क्यों..* बता दे आपको जांच अधिकारी, श्री रामनारायण पटेल आ.वि.अ. ग्रा. यां. से. उपसंभाग पिथौरा, गुलाब प्रसाद सामल स.आ.ले.प.क.अ. जनपद पंचायत पिथौरा, डी.एल. बरिहा वि.वि.अधिकारी, जसवंत सिंह पैकरा उपअभियंता,

इनके द्वारा कहा गया था कि, 3 दिवस के भीतर जांच प्रतिवेदन मिल जाएगा, लेकिन आज 15 दिवस पूर्ण हो चुका अभी तक कोई जांच प्रतिवेदन शिकायत कर्ता को नही दिया गया है, आर. एन. पटेल जी को पूछे जाने पर कहा जाता है की, सचिव हमे कुछ कुछ दस्तावेज नहीं दे रहा है,

*सचिव* वहीं ग्राम पंचायत डोंगरीपाली में जांच अधिकारियों और ग्रामीणों की उपस्थिति में सचिव स्वयं बोला है कि मेरे पास सिर्फ ये 50 से 60 लाख रुपए का दस्तावेज ही है, बाकी सब साहू इंटरप्राइजेज को जो भुगतान हुआ है उसका एक भी बिल नही है,

बसना : श्री श्याम हॉस्पिटल भंवरपुर में 28 सितम्बर को हृदय रोग परामर्श शिविर

लेकिन अधिकारियों द्वारा जानबूझकर सरपंच सचिव और साहू इंटरप्राइजेज के मालिक को बचाने का प्रयास किया जा रहा है, और शिकायतकर्ता एंव ग्रामीणों को इधर-उधर की बाते करके गुमराह किया जा रहा है,

*जनपद पंचायत सीईओ* जनपद सीईओ का कहना है कि जो जांच अधिकारी बनकर गए थे, वही लोग देंगे मैं भी उनको बोल चुका हूं, जितना जल्दी हो सके जांच प्रतिवेदन दे दो, और जांचकर्ता अधिकारी कहते है सीईओ सर् आदेश करेंगे तभी दे पाएंगे, लेकिन पता नहीं इन जांच अधिकारियों पर किसका इतना दबाव है कि वह प्रतिवेदन नहीं दे पा रहे हैं…?

CG बसना : छात्रावास कांड: गंभीर आरोपों पर भी महज़ अधिक्षिका का स्थानांतरण—क्या यह बाल सुरक्षा कानून की खुली अनदेखी नहीं? मामले मे विधायक से लेकर अधिकारियो ने कहा कहा पढ़े पुरी खबर

*शिकायतकर्ता एंव ग्रामीणों,-* शिकायतकर्ता और ग्रामीणों का जनपद पंचायत पिथौरा के अधिकारियों से कहना है कि, हमें जनपद पंचायत पिथौरा कार्यालय का घेराव या फिर अनशन में बैठने के लिए मजबूर ना करें, अगर जांच प्रतिवेदन शीघ्र नहीं दिया जाता, तो जनपद पंचायत पिथौरा का घेराव के लिए हम मजबूर हो जाएंगे,

CG सरायपाली : एशिया कप कराते चैम्पियनशिप में छत्तीसगढ़ का परचम, खिलाड़ियों ने जीते 3 गोल्ड और 5 सिल्वर / विधायक और जनप्रतिनिधियों ने खिलाड़ियों को दी शुभकामनाएं, उज्जवल भविष्य की कामना

CG सरायपाली : एशिया कप कराते चैम्पियनशिप में छत्तीसगढ़ का परचम, खिलाड़ियों ने जीते 3 गोल्ड और 5 सिल्वर / विधायक और जनप्रतिनिधियों ने खिलाड़ियों को दी शुभकामनाएं, उज्जवल भविष्य की कामना

सरायपाली :- एशियन सितोरियो स्पोर्ट कराते डू एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित एशिया कप में भारत की टीम में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने उत्क्रष्ट खेल का प्रदर्शन किया शहाजी राजे भोसले क्रीड़ा प्रशिक्षण सेंटर अंधेरी मुंबई में आयोजित एशिया कप इंटरनेशनल कराते चैम्पियनशिप में बेहतर प्रदर्शन कर इंटरनेशनल सोतोकान कराते डू आर्गनाइजेशन छत्तीसगढ़ व बाराडोली कराते संगठन के मुख्य प्रशिक्षक भोजराज साहू के निर्देशन में तीन गोल्ड पांच सिल्वर मेडल प्राप्त किए

टीम के मुख्य प्रशिक्षक भोजराज साहू जी ने बताया कि इंटरनेशनल सोतोकान कराते डू आर्गनाइजेशन छत्तीसगढ़ के प्रदेश टीम के महिला कोच टिंकु बाई राठिया, सहायक महिला कोच लता साहू कोच त्रिलोचन पटेल के निर्देशन में मुंबई में आयोजित एशिया कप इंटरनेशनल कराते चैम्पियनशिप में शिवा सारथी सारंगढ़ गोल्ड मेडल त्रिलोचन पटेल, टिंकु राठिया गोल्ड मेडल, लता साहू तोषराम चौधरी सिल्वर मेडल , हेमलता साहू, सिल्वर मेडल, मुस्कान अजय, साधना साहू ने सिल्वर मेडल प्राप्त कर देश और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया

इनकी उपलब्धि पर स्थानीय विधायक चातुरी नंद ने गुलदस्ता भेंट कर सभी खिलाड़ियों के उज्जवल भविष्य की कामना की और साथ संतलाल बारीक व दीपा बारीक जी ने भी सभी खिलाड़ियों को मिठाई भेंट कर शुभकामनाएं दिये विधायक महोदया जी ने सभी खिलाड़ियों कि उज्वल भविष्य की कामना की और उन्हें हर संभव मदद करने का वादा किया।

छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश, 15 दिनों के भीतर मिले 3,141 करोड़ रुपये के प्रस्ताव

छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश, 15 दिनों के भीतर मिले 3,141 करोड़ रुपये के प्रस्ताव

 

छत्तीसगढ़: प्रदेश में 15 बड़े स्वास्थ्य संस्थान खुलेंगे। सरकार की अनुदान नीति से स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में निवेश को लेकर निजी संस्थानों की रुचि तेजी से बढ़ रही है। बीते 15 दिनों के भीतर राज्य सरकार को 3,141.27 करोड़ रुपये के 15 प्रस्ताव मिले हैं, जो रायपुर, जगदलपुर, बिलासपुर व अन्य जिलों में नये स्वास्थ्य संस्थान स्थापित करने से संबंधित हैं।

इन प्रस्तावों में मल्टी स्पेशियलिटी व सुपरस्पेशियलिटी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और वेलनेस सेंटर की स्थापना के शामिल हैं। इससे 7,313 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार की ‘नई औद्योगिक विकास नीति’ के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को उद्योग की श्रेणी में शामिल किया गया है, जिससे इस क्षेत्र में निवेश को गति मिली है। विगत 11 सितंबर को आयोजित ‘बस्तर कनेक्ट’ कार्यक्रम में चार निजी अस्पतालों के प्रस्ताव सामने आए थे।

वहीं, बुधवार को आयोजित छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम में देश के 11 प्रमुख अस्पताल समूहों ने राज्य में स्वास्थ्य संस्थान खोलने में रुचि जताई। इनकी स्थापना से न केवल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में और सुधार होगा, बल्कि ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में भी चिकित्सा सुविधाएं सुलभ हो सकेंगी। विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ रोजगार के नये अवसर भी सृजित कर रही है।

नई औद्योगिक विकास नीति में यह प्रविधान

नई औद्योगिक विकास नीति में सभी प्रकार के अस्पतालों को शामिल किया गया है। एलोपैथिक, आयुष, नेचुरोपैथी अथवा एकीकृत हास्पिटल या सेंटर (न्यूनतम 50 बेड और पांच करोड़ के निवेश) को विशेष अनुदान का प्रविधान किया गया है। 50 करोड़ से अधिक व 200 करोड़ से कम के स्थाई पूंजी निवेश (भूमि की कीमत छोड़कर) को अनुदान का अधिकतम 30 प्रतिशत और अधिकतम राशि 50 करोड़ रुपये 10 वर्ष समान वार्षिक किस्तों में दी जाएगी।

200 करोड़ से अधिक और 500 करोड़ से कम स्थाई पूंजी निवेश को अनुदान का 30 प्रतिशत और अधिकतम 140 करोड रुपये 10 वर्ष समान वार्षिक किस्तों में अनुदान के तौर पर देने का प्रविधान किया गया है। इसके पहले अस्पतालों को इस प्रकार की कोई छूट नहीं मिलती थी।

प्रदेश की ओर नई उद्योग नीति से उद्योगपतियों का आकर्षण बढ़ा है। विगत 10 महीनों में विभिन्न सेक्टरों में साढ़े सात लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिल चुके है। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए बड़े अस्पताल समूहों से निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे रोजगार भी सृजित होगा।

लखन लाल देवांगन, वाणिज्य व उद्योग मंत्री

CG बसना : छात्रावास कांड: गंभीर आरोपों पर भी महज़ अधिक्षिका का स्थानांतरण—क्या यह बाल सुरक्षा कानून की खुली अनदेखी नहीं? मामले मे विधायक से लेकर अधिकारियो ने क्या कहा पढ़े पुरी खबर

बसना ब्लॉक छात्रावास विवाद: छात्राओं से अश्लील वीडियो दिखाने व टॉर्चर का आरोप, विभागीय जांच पूरी पर कानूनी कार्रवाई अब भी लंबित

महासमुंद।
जिले के बसना ब्लॉक स्थित आदिवासी छात्रावास में पदस्थ शिक्षिका एवं छात्रावास अधीक्षक गीता पटेल पर गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगे हैं। जिला शिक्षा अधिकारी के पास शिकायत और मीडिया छपी रिपोर्ट में अधीक्षक पर अश्लील वीडियो दिखाने, जबरन मालिश कराने, कपड़ों से साफ-सफाई करवाने और मानसिक व शारीरिक टॉर्चर करने जैसे गंभीर कृत्यों का आरोप लगाया गया है खबर प्रकाशन के बाद जांच के आदेश हुआ उसके बाद एक टीम ने जांच की जिसमें खण्ड प्रभारी रोहित पटेल भी थे

यह शिकायत सीधे जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को सौंपी गई, जिसके बाद मामला मीडिया में आने पर विभागीय हलकों में हलचल मच गई। शिकायत के बाद जिला छात्रावास विभाग की प्रभारी अधिकारी शिल्पा साय को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई।

विभागीय जांच और कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक, शिल्पा साय के नेतृत्व में गठित टीम ने छात्रावास का दौरा किया और छात्राओं से पूछताछ की। जांच रिपोर्ट में गीता पटेल पर लगे आरोपों को गंभीर माना गया। इसके बाद उन्हें बसना ब्लॉक के खोखसा छात्रावास से हटाकर मूल शाला में पदस्थ कर दिया गया है चुकी वे प्रभार थे अधीक्षिका नहीं

हालांकि यह कार्रवाई केवल स्थानांतरण तक सीमित रही। ट्रायबल विभाग की प्रभारी शिल्पा साय ने मीडिया को बताया कि “जांच हो चुकी है और आरोपी अधीक्षक को छात्रावास से हटा दिया गया है।” कार्यवाही को लेकर पूछने पर उन्होंने इस पर चुप्पी साध ली कि कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही।

शिकायत पर शिक्षा विभाग का रुख
जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि “शिकायत हमारे पास आई थी। लेकिन चूंकि घटना छात्रावास से संबंधित है, इसलिए जांच और कार्रवाई का अधिकार ट्रायबल विभाग का है। हमने उन्हें पत्र लिखकर निर्देशित किया है।”

वहीं, जब मीडिया ने शिल्पा साय से इस मुद्दे पर फोन से चर्चा करने की कोशिश की, तो उनका फोन लगातार बजता रहा लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।

मामले सरायपाली विधायक चातुरी नंद ने कहा की जीस तरह से आरोप लगाए गए है आरोप अगर सही है तो सिर्फ तबादला कर देना उचित नहीं है नियमानुसार पास्को एक्ट के तहत अधिक्षिका के ऊपर कार्यवाही होनी चाहिए!

कानूनी कार्रवाई पर उठे सवाल

जांच रिपोर्ट आने के बाद गीता पटेल को केवल छात्रावास से हटाना और किसी दूसरे स्कूल में पदस्थ करना स्थानीय लोगों को “मामले को दबाने का प्रयास” प्रतीत हो रहा है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं, समाज के बुद्धिजीवियों और कई वकीलों ने इसे गंभीर अपराध बताया है। उनका कहना है कि –

आरोप केवल विभागीय जांच तक सीमित नहीं किए जा सकते।

यह मामला यौन उत्पीड़न, बाल संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) और आईटी एक्ट के तहत दर्ज हो सकता है।

 

कांग्रेस कार्यकर्ताओं और वकीलों ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कहा कि “सरकारी विभाग केवल स्थानांतरण कर मामले को रफा-दफा कर रहा है, जबकि ऐसे मामलों में निष्पक्ष कार्यवाही होना चाहिए

अधिकारियों की चुप्पी बढ़ा रही शंका

मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब आरोप अश्लील वीडियो दिखाने और टॉर्चर जैसे गंभीर अपराधों से जुड़े हैं, तब भी क्यों विभाग ने अब तक जाँच कार्यवाही कर मामला FIR दर्ज नहीं की और ना ही जांच कि मांग

जिला शिक्षा विभाग विजय लहरे अधिकारी कहते है कि जिम्मेदारी आदिम जाती कल्याण विभाग की है, घटना छात्रावास में हुआ है जबकि आदिम जाती कल्याण विभाग विभाग इस पर बोलने से बच रहा है। अधिकारियों की यह चुप्पी मामले को और संदिग्ध बना रही है।

शिकायत पर कार्रवाई के नाम पर केवल स्थानांतरण कर देना न तो समाधान है और न ही न्याय। यह मामला केवल प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि कानूनी अपराध है
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और आदिम जाती कल्याण विभाग इस मामले में आगे क्या कदम उठाते हैं। क्या आरोपित अधीक्षक पर कानूनी कार्रवाई होगी या यह मामला विभागीय जांच और तबादले तक ही सीमित रह जाएगा?

बागबाहरा अनुविभाग अंतर्गत शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों एवं संस्थानों को किया गया सम्मानित

बागबाहरा अनुविभाग अंतर्गत शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों एवं संस्थानों को किया गया सम्मानित

महासमुंद 26 सितंबर 2025/ विकासखण्ड बागबाहरा अंतर्गत गुरूवार को अनुविभाग स्तरीय शिक्षक सम्मान 2025 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं मार्गदर्शन एसडीएम श्री उमेश कुमार साहू ने किया। इस समारोह में शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों एवं संस्थानों को सम्मानित किया गया।

इस दौरान एसडीएम श्री साहू ने सभी चयनित शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया। साथ ही मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण से सम्मानित शिक्षकों को विशेष मंच पर आमंत्रित कर उनके कार्यों को प्रेरणादायी बताया। इस अवसर उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षक समाज की आत्मा होते हैं। विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि प्रत्येक शिक्षक पूरे समर्पण से कार्य करें, तो शिक्षा की गुणवत्ता निश्चित ही नई ऊँचाइयों तक पहुँच सकती है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की निष्ठा, लगन और सेवा भाव ही विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की नींव को मजबूत करते हैं। उन्होंने उपस्थित सभी शिक्षकों को निरंतर नवाचार, अनुशासन और उत्कृष्टता की दिशा में कार्य करने हेतु प्रेरित किया।

इस अवसर पर जाति प्रमाण पत्र, अपार पोर्टल एवं विभिन्न विभागीय योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में योगदान देने वाले संकुल समन्वयकों को भी सम्मानित किया गया। वहीं विगत शैक्षणिक सत्र में बोर्ड परीक्षाओं में 100 प्रतिशत परिणाम देने वाले विद्यालयों को विशेष सम्मान प्रदान कर उनकी उपलब्धि की सराहना की गई। कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि यह रही कि विकासखण्ड में पहली बार अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस की श्रेणी में निजी विद्यालयों को भी शामिल किया गया। इसके अंतर्गत कार्मल कान्वेंट स्कूल बागबाहरा, सशिम बागबाहरा एवं न्यू विजन पब्लिक स्कूल बागबाहरा को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया। समारोह में बीईओ बागबाहरा श्री के.के. वर्मा, तहसीलदार हरीशकान्त ध्रुव, एबीईओ रामता डे, प्राचार्य हीरा नायक, भोपाल बंजारा, सोनसिंग दीवान, कुश साहू, लालजी साहू, पंकज शर्मा, सुषमा बड़ा, संकुल समन्वयक गण सहित बड़ी संख्या में शिक्षक गण उपस्थित रहे।