महासमुंद/स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान अंतर्गत 528 उच्च जोखिम गर्भवती चिन्हांकित
महासमुंद/ प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान भारत सरकार की एक पहल है, जिसके तहत प्रत्येक माह की निश्चित 9 एवं 24 तारीख को सभी गर्भवती महिलाओं को व्यापक और गुणवत्ता युक्त प्रसव पूर्व देखभाल प्रदान करना सुनिश्चित किया गया है। इस अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर उनकी गर्भावस्था के दूसरी और तीसरी तिमाही की अवधि (गर्भावस्था के 3 महीने के बाद) के दौरान व्यापक और गुणवत्ता पूर्व प्रसव पूर्व देखभाल सेवाएं प्रदान किया जाता है। इसके तहत उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की शीघ्र पहचान और उपचार को प्राथमिकता दी जाती है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत इस बार विशेष कर उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच, उपचार एवं परामर्श दिया गया, जिस हेतु जिले में पूर्व से स्वास्थ्य संस्थाओं का चिन्हांकन, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की नाम वार सूची तैयार कर पूर्व आवश्यक तैयारियां की गई थी।
जिले के मेडिकल कॉलेज अस्पताल, समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं चिन्हाकित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच किया गया। साथ ही सोनोग्राफी की सुविधा मेडिकल कॉलेज अस्पताल एवं समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध कराई गई। गर्भवती महिलाओं में प्रसूति चिकित्सा के इतिहास और मौजूदा नैदानिक स्थिति के आधार पर उच्च जोखिम गर्भधारण की पहचान एवं हर गर्भवती महिला को विशेष रूप से जिनकी पहचान किसी भी जोखिम कारक या सहरुग्णता स्थिति में की गयी हैं, उनके लिए उचित जन्म योजना बनाई गई।
इस माह प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का आयोजन स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के तहत 24 से 26 सितम्बर 2025 तक तीन दिवसीय किया गया। जिसमें कुल पंजीकृत गर्भवती 9060 में से 1712 गर्भवती जांच हेतु चिन्हांकित स्वास्थ्य केन्द्रों में पहुंची। जिसमें से 528 गर्भवती को उच्च जोखिम गर्भावस्था चिन्हांकित किया गया। साथ ही सोनोग्राफी हेतु द्वितीय तिमाही एवं तृतीय तिमाही की गर्भवती को प्राथमिकता देते हुए सोनोग्राफी के लिए चिन्हांकित स्वास्थ्य केन्द्रों में 321 गर्भवतियों की सोनोग्राफी की गई। स्वास्थ्य संस्थाओं का जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा टीम बनाकर निरीक्षण किया गया।
जिसके तहत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. आई. नागेश्वर राव एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती नीलू घृतलहरे द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिथौरा और तुमगांव का निरीक्षण किया एवं प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के क्रियान्वयन की स्थिति को जांचा तथा आवश्यक सुझाव एवं दिशा निर्देश प्रदान किया। इसी प्रकार जिला टीकाकरण अधिकारी, जिला नोडल अधिकारी, समस्त खंड चिकित्सा अधिकारी एवं जिला सलाहकारों की टीम ने विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया।

महासमुंद/ राज्य शासन के निर्देश एवं परिवहन मंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेशभर में आयोजित सेवा पखवाड़ा 2025 के अंतर्गत जिला परिवहन विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा आज बस स्टैंड महासमुंद में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बस एवं ऑटो चालकों, परिचालकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें लगभग 120 लोगों की शुगर, बीपी एवं आंखों की जांच की गई।
महासमुंद/ जिला जेल महासमुंद में आज अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी द्वारा आकस्मिक निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती अनिता डहरिया, कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चेतना ठाकुर, अतिरिक्त कलेक्टर सुश्री अक्षा गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती प्रतिभा पाण्डेय, तहसीलदार श्री जुगल किशोर, सहायक जेल अधीक्षक श्री मुकेश प्रसाद कुशवाहा, जेल चिकित्साधिकारी श्री महेन्द्र चैधरी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान कमेटी के सदस्यों ने सभी बैरकों का दौरा कर बंदियों की समस्याओं की जानकारी ली, जिनमें विधिक सहायता, खान-पान, स्वास्थ्य सुविधाएं एवं जेल सुरक्षा जैसी व्यवस्थाएं शामिल थीं। कमेटी ने समग्र व्यवस्था को संतोषजनक पाया।
इस कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम प्रभारी श्रीमती पद्मिनी भोई ने किया। युवा कार्यकर्ता वेदव्यास साव ने युवाओं को प्रेरित करने में अग्रणी भूमिका निभाई। संगम सेवा समिति के संस्थापक प्रखर बालोदिया जी का विशेष योगदान रहा।

महासमुंद/सरायपाली आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत विकसित भारत अभियान की भावना को जन-जन तक पहुँचाने और जनजातीय समुदाय को सशक्त बनाने के उद्देश्य से सरायपाली विकासखंड के 16 ग्रामों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।