छत्तीसगढ़: घर वाले नहीं माने तो Couple ने नदी में लगाई छलांग, टापू पर मिला युवक, युवती का कोई अता-पता नहीं

छत्तीसगढ़: घर वाले नहीं माने तो Couple ने नदी में लगाई छलांग, टापू पर मिला युवक, युवती का कोई अता-पता नहीं

CG: कोरबा प्रेम विवाह करने की अनुमति स्वजन द्वारा नहीं दिए जाने पर प्रेमी युगल ने आत्महत्या का प्रयास किया। दोनों ने हसदेव नदी में छलांग लगा दी। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस और नगर सेना की टीम ने युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, पर युवती का पता नहीं चल सका।

बता दें कि गुरुवार की सुबह हुई इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी। युवक ने पुलिस को अपना नाम राहुल निवासी काशीनगर बताया। उसने कहा कि अटल आवास में रहने वाली एक युवती के साथ उसका प्रेम संबंध है। दोनों शादी करना चाहते हैं, पर युवती के स्वजन इस रिश्ते के तैयार नहीं, जबकि उसके स्वजन ने शादी की स्वीकृति दे दी थी।

बीती शाम उसने युवती की मां से मिल कर शादी की बात रखी, लेकिन उन्होंने पुन: मना कर दिया। इससे नाराज होकर दोनों आत्मघाती कदम उठाने का निर्णय लिया। गुरूवार की सुबह नौ बजे राहुल और युवती बाइक से गेरवा घाट पुल पहुंचे और पास के सर्वेश्वर एनीकट तक गए। इसके बाद यहां दोनों ने नदी में छलांग लगा दी।

बहते हुए राहुल नदी के बीच बने टापू पर फंस गया, उसे देखकर आसपास के लोगों ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी। नगर सेना की टीम ने तुरंत रेस्क्यू कर युवक को सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं युवती का पता नहीं चल सका। पुलिस युवती की तलाश में जुटी हुई है।

पुलिस ने बताया कि युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, लेकिन युवती का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और युवती की तलाश जारी है।

पुलिसकर्मी भी बाल-बाल बचा

युवक को बचाने के लिए कोतवाली थाने में पदस्थ पुलिसकर्मी चंद्रकांत गुप्ता और उनके दो साथी नदी में कूद पड़े। बचाव अभियान के दौरान चंद्रकांत गुप्ता तेज धारा में बहने लगा और उनकी जान खतरे में पड़ गई। हालांकि मौके पर मौजूद दूसरे पुलिसकर्मी ने सूझबूझ दिखाते हुए उन्हें ट्यूब फेंककर सुरक्षित निकाला।

बसना अग्रवाल में अब रोज उपलब्ध रहेंगे नेत्र रोग विशेषज्ञ अत्यंत कम दरों पर सुरक्षित व सफल ऑपरेशन

बसना अग्रवाल में अब रोज उपलब्ध रहेंगे नेत्र रोग विशेषज्ञ अत्यंत कम दरों पर सुरक्षित व सफल ऑपरेशन

बसना। अग्रवाल नर्सिंग होम परिवार की ओर से नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. देवेश अग्रवाल का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। डॉ. अग्रवाल अत्यंत सरल स्वभाव एवं मृदुभाषी व्यक्तित्व के धनी हैं। वे ऑक्यूलोप्लास्टी एवं मोतियाबिंद फेको सर्जन हैं तथा सत्कुज नेत्रालय चित्रकूट से प्रशिक्षित हैं। 7 से अधिक वर्षों का अनुभव रखने वाले डॉ. अग्रवाल अब बसना के मरीजों को प्रतिदिन अपनी सेवाएं देंगे।

समय – सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक एवं शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक मरीज परामर्श ले सकेंगे।

उपलब्ध इलाज –

मोतियाबिंद

कम दिखाई देना

कांचबिंद

ग्लूकोमा

आंखों में रुकावट

बार-बार संक्रमण

लगातार बदलने वाली चश्मे की संख्या

झुकी पलकें

अंदर मुड़ी या बाहर निकली पलकें

आंखों से आंसू आना

आंखों में खुजली, जलन व लालीपन

ऑपरेशन सुविधा –
मोतियाबिंद एवं अन्य जटिल नेत्र रोगों के ऑपरेशन नवीनतम तकनीक से किए जाएंगे। रोगियों को चिन्हांकित कर ऑपरेशन की तिथि बताई जाएगी। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि लेजर मशीन एवं फेको मशीन के माध्यम से अत्यंत कम दरों पर सुरक्षित व सफल ऑपरेशन उपलब्ध कराया जाएगा।

नेत्र रोगों से जूझ रहे मरीजों के लिए यह बड़ी राहत की खबर है। अब बसना व आसपास क्षेत्र के लोगों को बेहतर नेत्र चिकित्सा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

📍 स्थान – अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, बसना, जिला महासमुंद (छ.ग.)
📞 संपर्क – 93036-23130, 91312-76288, 77730-86100

CG News: ट्रेनों में सिर्फ चेन पुलिंग अपराध नहीं, Chhattisgarh HC ने 15 साल पुराने मामले में दिया बड़ा फैसला

CG News: ट्रेनों में सिर्फ चेन पुलिंग अपराध नहीं, Chhattisgarh HC ने 15 साल पुराने मामले में दिया बड़ा फैसला

 

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने एक महत्वपूर्ण आदेश में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के कर्मचारी (टीटीई) को बड़ी राहत दी है। कर्मचारी पर ट्रेन की अलार्म चेन खींचने के मामले में विभागीय कार्रवाई के तहत वेतन कटौती और पदावनति की सजा दी गई थी। मामले में हाई कोर्ट ने कहा कि आरोप अस्पष्ट और अस्थिर थे तथा यह सिद्ध नहीं किया गया कि उन्होंने बिना उचित कारण के चेन खींची थी।

यह है पूरा मामला

घटना 15 जुलाई 2010 की है, जब बिलासपुर रेलवे स्टेशन से ट्रेन नंबर 2252 क्रबा-यशवंतपुर एक्सप्रेस रवाना हुई। आस्टिन हाइड, जो उस समय रेलवे कर्मचारी (टीटीई) होते हुए भी यात्री के रूप में यात्रा कर रहे थे, उन्होंने कथित तौर पर ट्रेन की अलार्म चेन दो बार खींची। आरोप था कि उन्होंने ऐसा इसलिए किया ताकि उनकी परिवार की महिलाएं और सामान ट्रेन में चढ़ सकें। विभागीय जांच में दो आरपीएफ जवानों (गवाह) ने यह कहा कि कर्मचारी आस्टिन हाइड ने चेन खींची थी और कारण बताया कि उनका परिवार नहीं पहुंचा।

कर्मचारी पर हुई 
विभागीय कार्रवाई 2012 में अनुशासनिक प्राधिकारी ने कर्मचारी को दोषी मानते हुए दो वेतन स्तर नीचे पदावनति और दो साल के लिए वेतन कटौती की सजा दी। अपील (2013) और पुनरीक्षण (2014) में भी यह सजा बरकरार रखी गई। अंततः हाइड ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) जबलपुर बेंच में चुनौती दी, लेकिन वहां भी उनकी याचिका खारिज हो गई।

डीबी ने कहा- आरोपपत्र में नहीं कहा कि बिना उचित कारण चेन खींची

जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल की बेंच ने कहा कि, सिर्फ चेन खींचना अपने आप में अपराध या कदाचार नहीं है, जब तक यह सिद्ध न हो कि यह बिना उचित और पर्याप्त कारण किया गया। रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 141 में भी स्पष्ट है कि यदि कोई यात्री बिना पर्याप्त कारण चेन खींचे तो ही यह अपराध है।

विभागीय आरोपपत्र (चार्जशीट) में कहीं भी यह नहीं कहा गया कि आस्टिन हाइड ने बिना उचित कारण चेन खींची। गवाहों ने भी केवल चेन खींचने की बात कही, लेकिन यह साबित नहीं हुआ कि परिवार ट्रेन में चढ़ा या यह कार्य अनुचित कारण से हुआ। इस तरह आरोपपत्र अस्पष्ट था और कर्मचारी को अपना बचाव करने का सही अवसर नहीं मिला।

अस्पष्ट आरोपों के आधार पर ही सजा को रखा गया था बरकरार

हाई कोर्ट ने कहा कि, अनुशासनिक प्राधिकारी, अपीलीय प्राधिकारी, पुनरीक्षण प्राधिकारी और कैट, सभी ने गंभीर त्रुटि की और अस्पष्ट आरोपों पर ही सजा को बरकरार रखा। नतीजतन, कोर्ट ने सभी आदेशों (2012, 2013, 2014 और 2023) को रद्द कर दिया और आस्टिन हाइड पर लगाई गई सजा समाप्त कर दी।

कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में विभागीय अधिकारियों को यह साबित करना आवश्यक है कि कर्मचारी ने बिना कारण चेन खींची, तभी यह कदाचार माना जाएगा।

महासमुंद दानवीर भामाशाह सम्मान 2025 के लिए 25 सितंबर तक प्रविष्टियां आमंत्रित

महासमुंद दानवीर भामाशाह सम्मान 2025 के लिए 25 सितंबर तक प्रविष्टियां आमंत्रित

 

महासमुंद/ छत्तीसगढ़ शासन समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रतिवर्ष राज्योत्सव के अवसर पर दानशीलता, सौहार्द्र एवं अनुकरणीय सहायता प्रदान करने वाले उत्कृष्ट व्यक्ति अथवा संस्था को दानवीर भामाशाह सम्मान से अलंकृत किया जाता है। इस सम्मान के अंतर्गत चयनित व्यक्ति या संस्था को एक लाख रुपये की सम्मान राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।

उप संचालक समाज कल्याण श्रीमती संगीता सिंह ने बताया कि दानवीर भामाशाह सम्मान 2025 हेतु योग्य व्यक्ति/संस्था की प्रविष्टियां 25 सितम्बर 2025 तक समाज कल्याण विभाग महासमुंद में जमा करनी होंगी। प्रविष्टियों के साथ व्यक्ति/संस्था का पूर्ण परिचय, दानशीलता एवं राष्ट्रीयता के क्षेत्र में किए गए कार्यों का विस्तृत विवरण, उत्कृष्ट कार्यों के संबंध में प्रकाशन, प्रख्यात व्यक्तियों/पत्र-पत्रिकाओं की टिप्पणी, यदि अन्य पुरस्कार प्राप्त किए हों तो उसका विवरण, निरंतर सक्रियता एवं निर्विवाद होने की जिला कलेक्टर से अनुशंसा एवं पुरस्कार ग्रहण करने की लिखित सहमति एवं पासपोर्ट साईज की 03 फोटो अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा। प्रविष्टियां केवल छत्तीसगढ़ में निवासरत, कार्यरत व्यक्ति अथवा संस्था से मान्य प्रस्तुत कर सकेंगे तथा सम्मान हेतु ज्यूरी के सदस्यों की प्रविष्टियां मान्य नहीं होगा।

महासमुंद जवाहर नवोदय विद्यालयों में कक्षा 9वीं और 11वीं में लेटरल एंट्री से प्रवेश हेतु 23 सितम्बर तक आवेदन आमंत्रित

महासमुंद जवाहर नवोदय विद्यालयों में कक्षा 9वीं और 11वीं में लेटरल एंट्री से प्रवेश हेतु 23 सितम्बर तक आवेदन आमंत्रित

 

महासमुंद/ जवाहर नवोदय विद्यालय संगठन द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 9वीं एवं 11वीं में रिक्त सीटों पर लेटरल एंट्री टेस्ट के माध्यम से प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 23 सितम्बर 2025 निर्धारित की गई। चयन परीक्षा का आयोजन 07 फरवरी 2026 को किया जाएगा।

प्राचार्य जवाहर नवोदय विद्यालय सरायपाली ने बताया कि कक्षा 9 में प्रवेश के लिए केवल वही अभ्यर्थी पात्र होंगे जो जिले के मूल निवासी हैं तथा शैक्षणिक सत्र 2025-26 में उस जिले के सरकारी/मान्यता प्राप्त विद्यालय में कक्षा 8 वीं में अध्ययनरत हों। उम्मीदवार की जन्मतिथि 01 मई 2011 से 31 जुलाई 2013 के बीच होनी चाहिए। यह नियम सभी वर्गों पर समान रूप से लागू होगा। इसी प्रकार कक्षा 11 में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी द्वारा शैक्षणिक सत्र 2025-26 अथवा 2025 (जनवरी से दिसंबर 2025) के दौरान किसी सरकारी/मान्यता प्राप्त विद्यालय से कक्षा 10 उत्तीर्ण की हो। जन्मतिथि 01 जून 2009 से 31 जुलाई 2011 के बीच होनी चाहिए। केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को जिला स्तरीय मेरिट में शामिल किया जाएगा, जिसका निवास एवं अध्ययन जिला समान हो।

इच्छुक विद्यार्थी 23 सितम्बर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। कक्षा 9 वीं की प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए लिंक https://cbseitms.nic.in/2025/nvsix_9 के माध्यम से तथा कक्षा 11वीं की प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए लिंक https://cbseitms.nic.in/2025/nvsxi_11 के माध्यम से पंजीयन कर सकते हैं।

छत्तीसगढ़ में रुक सकती है सरकारी कर्मचारियों की सैलरी, 30 सिंतबर से पहले करा लें e-KYC

छत्तीसगढ़ में रुक सकती है सरकारी कर्मचारियों की सैलरी, 30 सिंतबर से पहले करा लें e-KYC

 

छत्तीसगढ़: प्रदेश के विभिन्न शासकीय विभागों में कार्यरत 60 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों ने अब तक केवायसी (नो योर कस्टमर) अपडेट नहीं कराया है। वित्त विभाग ने इस संबंध में सख्त रुख अपनाते हुए अंतिम तिथि 30 सितंबर निर्धारित की है। तय समय-सीमा में अपडेट नहीं कराने पर संबंधित कर्मचारियों की सैलरी रुक सकती है।

वित्त विभाग की ओर से सभी विभाग प्रमुखों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों की केवायसी अपडेट कराकर उसकी जानकारी समय पर संबंधित ट्रेजरी कार्यालय को भेजें। साथ ही सभी कर्मचारियों से समय रहते केवायसी प्रक्रिया पूरी कराने की अपील की गई है, ताकि सैलरी भुगतान में किसी प्रकार की बाधा न आए।

गौरतलब है कि केवायसी अपडेट करने के लिए कर्मचारियों को पहले 24 अप्रैल तक का समय दिया गया था। इसके बाद कोष एवं लेखा संचालनालय ने 15 दिन की अतिरिक्त मोहलत भी दी थी। बावजूद इसके अब तक सिर्फ 35 से 40 प्रतिशत कर्मचारियों ने ही प्रक्रिया पूरी की है।

वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि समय रहते केवायसी नहीं कराए जाने पर संबंधित कर्मियों के वेतन भुगतान में रुकावट आ सकती है। सभी विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे इस कार्य को प्राथमिकता से पूर्ण कराएं।

प्रदेश के सभी जिलों में बनेगा मॉडल स्कूल

प्रदेश के सभी जिलों में माडल स्कूल बनेगा। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने जिला शिक्षा अधिकारियों से 19 दिन के भीतर सूची मंगाई है। गुरुवार को मंत्रालय में मंत्री यादव ने समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी जिलों में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने माडल स्कूल स्थापित किए जाएंगे। माडल स्कूल स्थापित करने योग्य स्कूलों की जानकारी 10 दिन में संचालनालय को प्रस्तुत की जाए।

शिक्षा मंत्री ने कहा डीएवी, इग्नाइट और पीएमश्री विद्यालयों को माडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव रेणु जी पिल्ले, स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, संचालक लोक शिक्षण ऋतुराज रघुवंशी एवं प्रबंध संचालक समग्र शिक्षा संजीव झा प्रमुख रूप से उपस्थित थे

महासमुंद भारतीय बास्केटबॉल टीम एशिया कप 2025 के फाइनल में पहुंची

महासमुंद भारतीय बास्केटबॉल टीम एशिया कप 2025 के फाइनल में पहुंची

महासमुंद/ FIBA अंडर 16 वूमेंस एशिया कप 2025 का आयोजन मलेशिया में 13 से 19 सितम्बर 2025 तक आयोजित किया गया है, जिसमें भारतीय अंडर 16 महिला बास्केटबॉल टीम में छत्तीसगढ़ से महासमुंद जिले की दिव्या रंगारी पिता विनोद रंगारी शामिल है। इसके अलावा भारतीय टीम में तमिलनाडु, कर्नाटका, केरल, महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना के खिलाड़ी शामिल हैं। एशिया कप में इंडिया टीम ने शानदार खेल खेलते हुए पहले मैच में ईरान को हराया, दूसरे मैच में इंडिया ने उज़्बेकिस्तान को हराया, तीसरे मैच में इंडिया ने समोआ को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। पहला सेमीफाइनल मैच इंडिया विरुद्ध इंडोनेशिया के मध्य खेला गया जिसमें पहले क्वार्टर में दोनों टीम का स्कोर 11-11 से बराबर रहा, दूसरे क्वार्टर में दोनों टीम का स्कोर 24-24 रहा, तीसरे क्वार्टर में इंडिया ने 44- 40 अंकों से बढ़त बनाया, अंतिम क्वार्टर में टीम इंडिया ने अपना बेहतरीन प्रदर्शन करने के साथ बढ़त बनाए रखा, अंतिम समय तक इंडिया ने 65 – 53 के स्कोर से मैच जीता एवं फ़ाइनल में प्रवेश किया। एशिया कप में लगातार 4 मैच जीतकर भारतीय टीम फाइनल में पहुंची। मैच में विहा रेड्डी, नेथरा, रेवा अमित कुलकर्णी, वैष्णवी प्रशांत परदेशी, महक शर्मा ने शानदार खेल जारी रखा, इंडिया टीम ने बेहतर प्रदर्शन किया और टीम को लगातार 4 मैच जीतकर फाइनल तक पहुंचाया। प्रदेश व जिले में खुशी की लहर देखी जा रही है।

भारतीय टीम में छत्तीसगढ़ से दिव्या रंगारी, कर्नाटका से श्रवानी शिवन्ना, महक शर्मा एवं अदिति, तेलंगाना से विहा रेड्डी एवं नेथरा, केरला से एदिना मरियम जॉनसन, तमिलनाडु से एंजलीना अरुण जॉर्ज एवं सुमिथरा

देवी कालीमुथु, महाराष्ट्र से रेवा कुलकर्णी एवं वैष्णवी प्रशांत परदेशी, गुजरात से दिनल वित्थानी शामिल है।

भारतीय टीम के सेमीफाइनल मैच जीतने एवं फाइनल में प्रवेश करने पर छत्तीसगढ़ प्रदेश बास्केटबॉल संघ के अध्यक्ष राजीव जैन, चेयरमैन विजय अग्रवाल, नरेश डाकलिया, राजीव चौबे, राजेश गौर, भारतीय टीम के मुख्य प्रशिक्षक अनिथा पॉलदुरई, सहायक प्रशिक्षक रोहित एवं उमा कांत, सांसद रूपकुमारी चौधरी, विधायक महासमुंद योगेश्वर राजू सिंहा, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद निखिल कांत साहू, जिलाध्यक्ष येतराम साहू, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर रवि साहू, सचिन भूतड़ा, जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरें, खेल अधिकारी खेल एवं युवा कल्याण महासमुंद मनोज धृतलहरे, जिला बास्केटबॉल संघ महासमुंद अध्यक्ष नुरेन चंद्राकर, गौरव चंद्राकर, सचिव शुभम तिवारी, मनीष श्रीवास्तव, बादल मक्कड़, पंकज चंद्राकर, संतोष सोनी, किरण महाडीक, अभिषेक अंबिलकर, राहुल रंजन, कुलेश्वर चंद्राकर, पिता विनोद रंगारी, माता सपना रंगारी, योजना रंगारी, सुभाष मंडल खेल संघों एवं सभी खिलाड़ियों ने बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

छत्तीसगढ़ वॉट्सएप ग्रुप ‘BIG BOSS’ बनाकर रची गई छत्तीसगढ़ में घोटालों की साजिश, ED की चार्जशीट में खुलासा

छत्तीसगढ़ वॉट्सएप ग्रुप ‘BIG BOSS’ बनाकर रची गई छत्तीसगढ़ में घोटालों की साजिश, ED की चार्जशीट में खुलासा

 

छत्तीसगढ़: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ताजा चार्जशीट ने प्रदेश की सियासत गरमा दी है। कोर्ट में पेश चार्जशीट में दावा किया गया है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ‘बिग बास ग्रुप’ नामक एक संगठित गिरोह सक्रिय था, जिसमें बड़े अधिकारी, कारोबारी, नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल और उनके करीबी मित्र शामिल थे।

यह नेटवर्क शराब, कोयला और ऑनलाइन सट्टेबाजी जैसे अवैध कारोबार से अरबों रुपये की कमाई के साथ-साथ अधिकारियों के खिलाफ सुनियोजित षड्यंत्र रचता था। चार्जशीट में दर्ज चैट्स और दस्तावेजों से ईडी का कहना है कि यह गैंग फिल्मी स्क्रिप्ट और मनगढ़ंत कहानियों का सहारा लेकर अफसरों की छवि को खराब करने में लगा था। खासकर एक विवादित आइपीएस की ‘कल्पनाओं पर आधारित डायरी’ को हथियार बनाकर ईमानदार अधिकारियों के खिलाफ अफवाहें फैलाकर उन्हें दबाव में लाने की कोशिश की गई। इससे कई अधिकारियों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा और वे मानसिक रूप से प्रताड़ित हुए।

सिंडिकेट में शामिल ये लोग

ईडी ने इस सिंडिकेट में रिटायर्ड आइएएस अधिकारी अनिल टूटेजा, अरुणपति त्रिपाठी, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की डिप्टी उपसचिव रही सौम्या चौरसिया, होटल कारोबारी अनवर धेबर, पूर्व मंत्री कावासी लखमा के साथ ही कई कारोबारी और डिस्टिलरी मालिकों के नाम शामिल किया है। यह गठजोड़ करोड़ों की वसूली और अवैध कारोबार को संचालित करता था।

ईडी के अनुसार इस गिरोह ने न केवल ईमानदार अधिकारियों को प्रताड़ित किया, बल्कि पूरे सरकारी तंत्र को भ्रष्टाचार की दलदल में धकेल दिया। इस कारण राज्य की छवि राष्ट्रीय स्तर पर धूमिल हुई और आम जनता का शासन व्यवस्था पर से विश्वास डगमगा गया। अब मामले की गहराई से जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

चैट्स से खुला सिंडिकेट का राज, चैतन्य का नंबर बिट्टू नाम से सेव था

शराब घोटाले में गिरफ्तार अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा और सौम्या चौरसिया के मोबाइल की जांच में कई चौंकाने वाले राजफाश हुए हैं। अनवर के मोबाइल में चैतन्य बघेल का नंबर ‘बिट्टू’ नाम से सेव था, जिसमें पैसों की डीलिंग से लेकर नकली होलोग्राम बनाने तक की बातचीत सामने आई है।

ईडी की चार्जशीट के अनुसार, ‘बिग बॉस’ नामक व्हाट्सएप ग्रुप में चैतन्य बघेल, अनवर ढेबर, सौम्या चौरसिया, अनिल टुटेजा और पुष्पक जैसे प्रमुख सदस्य जुड़े थे। इस ग्रुप के जरिए शराब घोटाले की प्लानिंग, मनी लाड्रिंग, रकम के वितरण और हेराफेरी की सूचनाएं साझा की जाती थी। चैट्स में कब, किसे कॉल किया गया और कितनी देर बातचीत हुई, इसका पूरा विवरण भी चार्जशीट में शामिल है।

1000 करोड़ का कैश मैनेज किया

भिलाई के शराब कारोबारी पप्पू बंसल ने ईडी की पूछताछ में बताया है कि उसने चैतन्य के साथ मिलकर 1000 करोड़ से अधिक कैश मैनेज किया। यह राशि अनवर ढेबर से दीपेन चावड़ा होते हुए कांग्रेस नेताओं रामगोपाल अग्रवाल और केके श्रीवास्तव तक पहुंचाई गई। बंसल ने यह भी माना कि उसे तीन महीने में 136 करोड़ रुपये मिले थे।

केंद्र सरकार के निर्देश पर ईडी कांग्रेस शासित राज्यों में लगातार कार्रवाई कर रही है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को बदनाम करने की कोशिश हो रही है। ईडी की ताजा चार्जशीट इसी का हिस्सा है।

-सुशील आनंद शुक्ला,प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस संचार विभाग

CGPSC Exam Scam: आरती वासनिक समेत पांच आरोपी CBI की गिरफ्त में, आज होगी कोर्ट में पेशी

CGPSC Exam Scam: आरती वासनिक समेत पांच आरोपी CBI की गिरफ्त में, आज होगी कोर्ट में पेशी

 

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग(सीजीपीएसस) भर्ती परीक्षा घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो(सीबीआई) की टीम ने गुरूवार को सीजीपीएससी की पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक समेत पांच लोगों को हिरासत में लिया है।

मिली जानकारी के मुताबिक आरती वासनिक के साथ ही डिप्टी कलेक्टर के रुप में चयनित सुमित ध्रुव समेत तीन अन्य से सीबीआई की टीम ने लंबी पूछताछ की। इसके बाद हिरासत में ले लिया। सुमित सीजीपीएससी के पूर्व सचिव का पुत्र बताए जा रहे हैं। पांचों आरोपितों को शुक्रवार विशेष कोर्ट में पेशकर मामले में विस्तृत पूछताछ करने पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी है। इससे पहले भी दिसंबर 2024 को सीबीआई ने आरती वासनिक से पूछताछ की थी।

बता दें कि पिछले वर्ष जुलाई में सीबीआई ने 2020-2022 परीक्षा के दौरान सीजीपीएससी के माध्यम से डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य सीनियर सरकारी पदों के लिए चयन में पक्षपात के आरोप में छत्तीसगढ़ में दर्ज दो मामलों की जांच अपने हाथ में लिया था। इस मामले में आधा दर्ज से अधिक आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

इनमें सीजीपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, उनके भतीजे नितेश सोनवानी और साहिल सोनवानी, तत्कालीन उप नियंत्रक परीक्षा (सीजीपीएससी) ललित गणवीर, श्री बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड के निदेशक श्रवण कुमार गोयल, उनके बेटे शशांक गोयल और बहू भूमिका कटियार शामिल हैं।

जानकारी के अनुसार, शशांक गोयल, उनकी पत्नी भूमिका कटियार और नितेश को तब डिप्टी कलेक्टर के पद पर चुना गया था। जबकि साहिल को उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) के रूप में चुना गया था। वहीं यह भी जानकारी सामने आई है कि सीबीआई ने महादेव एप सट्टेबाजी केस में भी तीन लोगों को हिरासत में लिया है। हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि सीबीआई की ओर से नहीं की गई है।

CG News: गुजरात के बिजनेसमैन को 89 करोड़ का चूना लगाने वाले दो आरोपी भिलाई से गिरफ्तार, BJP नेता के घर ली थी शरण

CG News: गुजरात के बिजनेसमैन को 89 करोड़ का चूना लगाने वाले दो आरोपी भिलाई से गिरफ्तार, BJP नेता के घर ली थी शरण

 

धमतरी। कोक एक्सपोर्ट के नाम पर गांधीधाम गुजरात के एक कोक व्यवसायी से 89 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाले नेहरू नगर भिलाई निवासी दो आरोपितों को गुजरात पुलिस ने नगर पंचायत कुरूद से गिरफ्तार कर लिया है। जबकि इस मामले के दो अन्य आरोपित अभी भी फरार है। गुजरात के कोक व्यवसायी के अलावा इन आरोपितों पर अहमदाबाद, मुंबई और कलकत्ता में भी करीब 200 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी करने का आरोप है। सभी आरोपितों को अलग-अलग जगहों की पुलिस तलाश कर रही है।

भिलाई के गिरफ्तार दोनों आरोपित कुरूद में अपने रिश्तेदार एक भाजपा नेता के घर में लंबे समय से शरण लिया था। पीड़ित व्यवसायी का आरोप है कि कुरूद में आरोपितों को राजनीतिक संरक्षण के चलते दोनों आरोपितों की गिरफ्तार में लेटलतीफी हुई है। गुजरात पुलिस व प्रार्थी गांधीधाम गुजरात निवासी पवन मोर से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपित नेहरू नगर भिलाई निवासी संजय अग्रवाल, सचिन अग्रवाल, संदीप अग्रवाल और राखी अग्रवाल ने मिलकर कोक एक्सपोर्ट के नाम पर उनसे 89 करोड़ रुपये की ठगी की है।

आठ फरवरी 2025 में इन सभी आरोपितों के खिलाफ प्रार्थी पवन मोर की शिकायत पर गांधीधाम बी डिवीजन पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी की जुर्म दर्ज की गई है, इसके बाद से सभी आरोपित फरार है। गुजरात पुलिस ने आरोपितों को लंबे समय से ढूंढ रही थी। गुजरात पुलिस को आरोपितों के नेहरू नगर भिलाई स्थित मकान में छिपे होने की जानकारी मिली, तो पुलिस यहां पहुंचकर खोजबीन किया, लेकिन भिलाई में नहीं मिली। पुलिस को पता चला कि आरोपित संजय अग्रवाल और सचिन अग्रवाल धमतरी जिले के नगर पंचायत कुरूद में अपने रिश्तेदार के घर शरण लिया है।

17 सितंबर 2025 को गुजरात पुलिस टीम कुरूद पहुंचकर उनके रिश्तेदार के ठिकाने पर दबिश दी, यहां से पुलिस ने दोनों आरोपित संजय अग्रवाल और सचिन अग्रवाल को गिरफ्तार किए है। इस बीच देर रात तक कुरूद में आरोपितों को नहीं पकड़ने राजनीतिक संरक्षण के चलते गिरफ्तारी में लेटलतीफी होता रहा। आखिरकार गुजरात पुलिस ने देर रात में दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। 18 सितंबर की सुबह पुलिस ने आरोपित संजय अग्रवाल और सचिन अग्रवाल को सिविल कोर्ट कुरूद में ट्रांजिट रिमांड के लिए पेश किया गया, जहां से अनुमति लेकर दोनों आरोपितों को पुलिस गुजरात ले गई।

दो आरोपित अभी भी फरार

गुजरात पुलिस व प्रार्थी पवन मोर ने बताया कि इस मामले के दो आरोपित संदीप अग्रवाल और राखी अग्रवाल अभी भी फरार है। पुलिस इन दोनों की सरगर्मी से तलाश कर रही है। क्योंकि चारों आरोपितों ने मिलकर उनके साथ 89 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है।

एक माह से कुरूद में शरण लेने का आरोप

गुजरात पुलिस ने आरोप लगाते हुए बताया कि 200 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी के दोनों आरोपित संजय अग्रवाल और सचिन अग्रवाल कुरूद में पिछले एक माह से अपने रिश्तेदार एक भाजपा नेता के घर शरण लिया हुआ था। दोनों की गिरफ्तारी के समय राजनीतिक अडंगा जमकर सामने आई। बमुश्किल दोनों आरोपित गिरफ्तार किए गए है। करोड़ों रुपये के धोखाधड़ी करने वाले आरोपितों को एक भाजपा नेता द्वारा पनाह देकर रखने और दोनों के गिरफ्तारी में राजनीतिक संरक्षण देने की बात को लेकर कुरूद नगर व आसपास क्षेत्रों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है।