रायपुर एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स की लैंडिंग बंद, बिजली गिरने से बंद हो गई थी नेविगेशन प्रणाली

रायपुर एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स की लैंडिंग बंद, बिजली गिरने से बंद हो गई थी नेविगेशन प्रणाली

 

छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर बुधवार की शाम बिजली गिरने से उपकरणों में आई खराबी के कारण उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ है। बुधवार की शाम को पांच फ्लाइट्स डाइवर्ट की गई थीं। गुरुवार दोपहर बाद तक खबर लिखे जाने तक चार फ्लाइट्स कैंसिल की गई हैं। एयरपोर्ट अथॉरिटी की दिल्ली से आई टीम मरम्मत के काम में लगी हुई है। अब तक उपकरण ठीक नहीं किया जा सका है। एयरपोर्ट पर सैकड़ों यात्री यात्रा शुरू करने का इंतजार कर रहे हैं।

बंद हो गई थी नेविगेशन प्रणाली

एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार बिजली गिरने से नेविगेशन सिस्टम में खराबी आ गई है। भूमि-आधारित रेडियो नेविगेशन सिस्टम, डीवीओआर (डॉपलर वीएचएफ ऑम्निडायरेक्शनल रेंज), विमानों को गंतव्य के सापेक्ष उनकी स्थिति और दिशा निर्धारित करने में मदद करता है। एयरपोर्ट के निदेशक केके लहरे ने बताया कि नेविगेशन सिस्टम में खराबी के कारण कोलकाता, इंदौर, बेंगलुरु और दिल्ली की उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। मरम्मत के प्रयास किए जा रहे हैं।

बुधवार को दो बार मौसम विभाग ने जारी की थी एरोड्रम चेतावनी

इससे पहले मौसम विभाग की ओर से बुधवार को दो बार एयरोड्रम चेतावनी भी जारी की गई थी। इस चेतावनी के अंतर्गत 150 नॉटिकल मील तक का इलाका आता है। इस परिधि में विमानों के संचालन को खतरनाक माना जाता है। इससे पहले बुधवार की शाम को कोलकाता और हैदराबाद से आ रही दो अलग-अलग फ्लाइट्स को भुवनेश्वर, दिल्ली से आ रही फ्लाइट को भोपाल, मुंबई व पुणे से आ रही फ्लाइट को नागपुर में लैंड कराना पड़ा था

अनुविभागीय अधिकारी श्री उमेश साहू ने किया विद्यालयों का औचक निरीक्षण, शैक्षिक गुणवत्ता सुधार पर दिए निर्देश

अनुविभागीय अधिकारी श्री उमेश साहू ने किया विद्यालयों का औचक निरीक्षण, शैक्षिक गुणवत्ता सुधार पर दिए निर्देश

महासमुंद/ कलेक्टर श्री विनय लंगेह द्वारा टी.एल. बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बागबाहरा श्री उमेश साहू द्वारा विकासखण्ड अंतर्गत बाल आश्रम बिहाझर तथा ग्राम खोपली स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र एवं पी.एम.श्री अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला एवं हाई स्कूल का गहन निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की उपस्थिति का परीक्षण करते हुए कक्षा-कक्षों में चल रहे अध्यापन कार्य का अवलोकन किया गया। उन्होंने छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी अधिगम क्षमता, पढ़ने-लिखने की दक्षता तथा गणितीय योग्यता की स्थिति का आकलन किया। इस अवसर पर बच्चों ने पठन-पाठन से संबंधित उत्तर दिए, जिसके आधार पर शैक्षणिक स्तर का मूल्यांकन किया गया। आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों को प्रदत्त पौष्टिक आहार, स्वास्थ्य व स्वच्छता संबंधी गतिविधियों की जांच की गई। वहीं विद्यालयों में संचालित मध्यान्ह भोजन योजना का भी परीक्षण करते हुए भोजन की गुणवत्ता, स्वाद एवं पोषण स्तर की समीक्षा की गई। अनुविभागीय अधिकारी ने कहा कि विद्यालय बच्चों के भविष्य की आधारशिला होते हैं, इसलिए प्रत्येक शिक्षक की यह जिम्मेदारी है कि वे नियमित रूप से उपस्थित रहकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करें।

उन्होंने शिक्षकों को निर्देशित किया कि बच्चों की मूलभूत अधिगम क्षमता में सुधार के लिए विशेष प्रयास किए जाएं और कमजोर बच्चों को अतिरिक्त समय देकर उन्हें सक्षम बनाया जाए। विद्यालय प्रमुखों को मासिक मूल्यांकन, कक्षा-कक्ष में अनुशासन एवं शैक्षणिक वातावरण को सुदृढ़ करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से अपेक्षा की कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रारंभिक शिक्षा की गतिविधियों को और अधिक रचनात्मक व आकर्षक बनाया जाए। साथ ही यह भी निर्देशित किया कि मध्यान्ह भोजन योजना की गुणवत्ता पर सतत निगरानी रखी जाए तथा बच्चों को स्वच्छ एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों की प्रगति तभी संभव है जब अभिभावक-शिक्षक संवाद नियमित रूप से हो और समुदाय की सक्रिय भागीदारी शिक्षा के क्षेत्र में सुनिश्चित की जाए। अंत में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बागबाहरा ने स्पष्ट किया कि बच्चों की शैक्षिक उपलब्धियों में निरंतर वृद्धि, शिक्षकों की जवाबदेही, गुणवत्तापूर्ण मध्यान्ह भोजन एवं अनुशासित वातावरण सुनिश्चित करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रकार के औचक निरीक्षण आगे भी समय-समय पर किए जाते रहेंगे, जिससे शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।

महासमुंद आदि कर्मयोगी अभियान अंतर्गत महासमुंद विकासखंड के ग्राम पंचायत डूमरपाली में प्रशिक्षण का आयोजन

महासमुंद आदि कर्मयोगी अभियान अंतर्गत महासमुंद विकासखंड के ग्राम पंचायत डूमरपाली में प्रशिक्षण का आयोजन

 

महासमुंद/ जनजातीय समुदायों के उत्कर्ष एवं सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से संचालित आदि कर्मयोगी अभियान के तहत जिला स्तर एवं ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण के पश्चात अब ग्राम स्तर पर आदि कर्मयोगी सहयोगियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी क्रम में महासमुंद विकासखंड की 25 पंचायतों के लिए 10 से 16 सितंबर तक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

जनपद पंचायत महासमुंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बी.एस. मंडावी ने बताया कि 10 सितंबर को झलप में आयोजित हुआ। 11 सितंबर को डूमरपाली, 12 सितंबर को रूमकेल, 15 सितंबर को जनपद पंचायत मुख्यालय तथा 16 सितंबर को सिरपुर में प्रशिक्षण कार्यक्रम होंगे। इस क्रम में आज ग्राम पंचायत डूमरपाली में प्रशिक्षण का सफल आयोजन किया गया।

इस प्रशिक्षण में ग्राम पंचायत डूमरपाली, कुरूभाठा, तेलीबांधा और सिंगूरपाली के आदि कर्मयोगी सहयोगियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। प्रशिक्षण में विलेज लेबर मास्टर ट्रेनर्स को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, ग्राम स्तर पर श्रम प्रबंधन, आजीविका संवर्धन एवं सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने संबंधी बिंदुओं पर मार्गदर्शन दिया गया।

कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर ग्रीस ध्रुव के मार्गदर्शन में ब्लॉक स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स – शीला प्रधान, मोनिका गुप्ता, आलोक शुक्ला, बाबूलाल ध्रुव, योगेश निर्मलकर, कुलदीप सर्वा, रितु चंद्राकर, मोहनीश वैष्णव एवं लखिया मंडले ने प्रशिक्षण प्रदान किया।

इस अवसर पर ग्राम पंचायत डूमरपाली की सरपंच श्रीमती यमुना ठाकुर एवं उपसरपंच देवानंद नायक सहित पंचायत प्रतिनिधि, सचिव राकेश साहू, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक, मितानिन एवं रोजगार सहायक भी उपस्थित रहे।प्रशिक्षण के अंत में सभी प्रतिभागियों को विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प दिलाया गया।

उल्लेखनीय है कि आदि कर्मयोगी अभियान का मुख्य उद्देश्य जनजातीय समुदायों को संगठित कर उन्हें योजनाओं से जोड़ना, आजीविका के अवसर बढ़ाना तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत बनाना है। ग्राम स्तर पर इस प्रकार के प्रशिक्षण से समुदाय को जागरूकता के साथ योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन भी सुनिश्चित हो सकेगा।

महासमुंद में मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से होगा श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण 12 को शिव चौक नयापारा एवं 13 सितंबर को बिरकोनी में होगा आयोजन

महासमुंद में मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से होगा श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण 12 को शिव चौक नयापारा एवं 13 सितंबर को बिरकोनी में होगा आयोजन

 

महासमुंद/ श्रमिकों एवं आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने हेतु श्रम पदाधिकारी कार्यालय, महासमुंद द्वारा शुक्रवार को स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) के माध्यम से स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

श्रम पदाधिकारी श्री डी एन पात्र ने बताया कि महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा के मुख्य आतिथ्य में शुक्रवार 12 सितंबर को शिव चौक नयापारा वार्ड क्रमांक 06 महासमुंद में आयोजित होगा जिसमें अनुमानित लाभार्थी 200 शामिल होंगे। इसी तरह शनिवार 13 सितंबर को औद्योगिक विकास निगम क्षेत्र परिसर बिरकोनी में आयोजित होगा जिसमें अनुमानित लाभार्थी 200 शामिल होंगे।

इन शिविरों में श्रमिकों एवं आम नागरिकों की स्वास्थ्य जांच, आवश्यक परामर्श, दवाई वितरण सहित अन्य बुनियादी चिकित्सीय सेवाएं प्रदान की जाएंगी।

श्रम पदाधिकारी श्री पात्र ने बताया कि स्वास्थ्य शिविरों का मुख्य उद्देश्य मजदूर वर्ग एवं श्रमिक परिवारों को सुलभ स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि किसी भी प्रकार की बीमारी का समय रहते निदान और उपचार सुनिश्चित हो सके। इस संबंध में नगर पालिका परिषद महासमुंद एवं स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक सहयोग के निर्देश दिए गए हैं।

महासमुंद सफलता की कहानी :मातृत्व को संबल देती प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना

महासमुंद सफलता की कहानी :मातृत्व को संबल देती प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना

 

महासमुंद/ मां बनना हर स्त्री के जीवन का सबसे बड़ा सुख है। परंतु इस सुख के साथ कई जिम्मेदारियाँ और चुनौतियाँ भी आती हैं। गर्भावस्था के दौरान शारीरिक कमजोरी, कामकाज का बोझ और आर्थिक अभाव अक्सर माताओं और शिशुओं के स्वास्थ्य पर असर डालते हैं। इन्हीं कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की शुरुआत की जो गर्भवती माताओं के लिए संबल और वरदान बनकर सामने आई।

महासमुंद जिले की हजारों माताओं ने इस योजना का लाभ उठाया है। महासमुंद निवासी श्रीमती अंशुनी साय, रेखा देवांगन, राजकुमारी निषाद और तबस्सुम खातून जैसी हितग्राही महिलाओं का कहना है कि इस योजना से उन्हें न सिर्फ आर्थिक सहयोग मिला, बल्कि अपने और अपने बच्चे के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की हिम्मत और अवसर भी मिला। योजना से प्राप्त राशि से उन्होंने पौष्टिक आहार लिया और आज मां और शिशु दोनों स्वस्थ हैं। यही अनुभव वे अब अन्य गर्भवती माताओं के साथ भी साझा कर उन्हें इस योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग श्री टीकवेंद्र जटवार ने बताया कि इस योजना का मूल उद्देश्य यही है कि गर्भवती माताओं को पर्याप्त विश्राम और अच्छा पोषण मिले ताकि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ रहें और आने वाली पीढ़ी मजबूत हो।

वर्ष 2017 से शुरू हुई इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत पिछले तीन वर्षों में ही महासमुंद जिले की 19,036 गर्भवती माताओं को 6 करोड़ 32 लाख 84 हजार रुपये का लाभ दिया गया है। पंजीयन के बाद गर्भावस्था के सातवें माह में 3,000 रुपये और प्रसव के साढ़े तीन माह बाद बच्चे को टीका लगने के पश्चात 2,000 रुपये प्रदान किए जाते हैं। यही नहीं, दूसरी डिलीवरी में यदि बालिका जन्म लेती है तो माताओं को 6,000 रुपये की विशेष प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है, एक पहल जो बेटियों के जन्म को सम्मान और सुरक्षा देती है।

यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक ही सीमित नहीं है, बल्कि मातृत्व का सम्मान है। यह एक ऐसा स्पर्श है, जो गर्भवती माताओं के चेहरे पर संतोष की मुस्कान और शिशुओं के भविष्य में स्वास्थ्य की नींव रखता है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना ने वास्तव में माताओं के जीवन में उम्मीद, पोषण और सुरक्षा का उजियारा भरा है।

बलौदा बाजार  : प्लांट के लिए बनाई जा रही रेल लाइन को लेकर बढ़ा विवाद, 13 गांव के ग्रामीणों में आक्रोश

बलौदा बाजार  : प्लांट के लिए बनाई जा रही रेल लाइन को लेकर बढ़ा विवाद, 13 गांव के ग्रामीणों में आक्रोश

बलौदा बाजार। जिले के खपराडीह में स्थित श्री सीमेंट प्लांट के लिए बनाई जा रही रेलवे लाइन को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया राजपत्र में प्रकाशित होने के बाद 13 गांव के किसान और ग्रामीण एकजुट होकर इसका विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार और कंपनी मिलकर किसानों की ज़मीन जबरन छीनने का प्रयास कर रहे हैं।

ग्रामीणों का आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी उपजाऊ ज़मीन किसी भी कीमत पर रेलवे लाइन के लिए नहीं देंगे। उनका कहना है कि सरकार ने किसानों से राय लिए बिना ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है। इसी को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों ने एसडीएम कार्यालय सिमगा का घेराव किया और बुधवार को कलेक्टर के जनदर्शन में पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई।

कंपनी पर साठगांठ का आरोप

जानकारी के अनुसार श्री रायपुर सीमेंट कंपनी को लंबे समय से प्लांट से सीमेंट और क्लिंकर परिवहन के लिए रेलवे लाइन की आवश्यकता थी। कंपनी ने इसके लिए कई प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में उसने अपनी प्रतिद्वंद्वी कंपनी के खिलाफ कोर्ट केस भी किया, जिसमें उसे हार का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि इसके बाद कंपनी ने सरकार से साठगांठ कर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया राजपत्र में प्रकाशित करवा दी।

आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी जमीन नहीं देंगे और यदि सरकार जबरन अधिग्रहण करती है तो उग्र आंदोलन करेंगे। किसानों का आरोप है कि इससे उनकी आजीविका पर गहरा असर पड़ेगा और कई परिवार उजड़ जाएंगे।

प्रशासन की स्थिति

वहीं प्रशासन का कहना है कि इस मामले में सभी पक्षों से चर्चा की जाएगी और किसानों की आपत्तियों को दर्ज कर समाधान तलाशा जाएगा।

भाटापारा/महिला बाल विकास गए थे झगड़ा सुलझाने बैठक में हंगामा, मारपीट व जान से मारने की धमकी पर एफआईआर

भाटापारा/महिला बाल विकास गए थे झगड़ा सुलझाने बैठक में हंगामा, मारपीट व जान से मारने की धमकी पर एफआईआर दर्ज

 

भाटापारा/हथबंद। ग्राम धोधा में आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-03 के विवाद को सुलझाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की बैठक बुलाई गई थी, लेकिन यह बैठक मारपीट और धमकी में बदल गई। ग्राम धोधा निवासी एवं उपसरपंच पति भुनेश्वर बंजारे पिता पुनऊ बंजारे ने थाना हथबंद में रिपोर्ट दर्ज कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुलेखा रात्रे, उसके पिता कृपाराम रात्रे, भाई सुजित रात्रे और भाटापारा निवासी माखन महिलांगे पर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।

भुनेश्वर बंजारे ने बताया कि वे कक्षा 12वीं तक शिक्षित हैं और खेती-किसानी का कार्य करते हैं। 11 जुलाई 2025 को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के बीच हुए विवाद को लेकर 9 सितंबर 2025 की सुबह 10:30 बजे आंगनबाड़ी केंद्र में बैठक रखी गई थी। बैठक में महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी सिमगा, सुपरवाइजर, पालकगण, ग्राम प्रमुख, सरपंच और अन्य ग्रामीण मौजूद थे।

शिकायत के अनुसार, बैठक के दौरान अचानक सुलेखा रात्रे आवेश में आकर भुनेश्वर बंजारे के पास पहुँची और थप्पड़ मारते हुए मां-बहन की अश्लील गालियां देने लगी। मौके पर मौजूद सुपरवाइजर लक्ष्मीनायक व ग्रामीणों ने बीच-बचाव किया। इसके बाद सुलेखा रात्रे ने अपने पिता और भाई को बुला लिया। तीनों ने मिलकर शिकायतकर्ता व सरपंच विश्वनाथ साहू को गालियां दीं और धमकी दी कि उन्हें झूठे केस में फंसाया जाएगा।

आरोप है कि इसके बाद माखन महिलांगे भी मौके पर आया और कहा – “तुम्हें गांव से उठवाकर जान से मरवा दूंगा, SC/ST एक्ट में फंसाना मेरे लिए बड़ी बात नहीं है।” इस धमकी से वहां मौजूद लोग भी भयभीत हो गए।

आवेदन में उल्लेख किया गया है कि यदि शिकायतकर्ता या उसके परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी कृपाराम रात्रे, सुजित रात्रे और माखन महिलांगे की होगी।

घटना के प्रत्यक्षदर्शियों में गौतमबाई साहू, ओंकारमती, दुर्गेश्वरी साहू (पंच, वार्ड-11), शबाना, गोमती, अलीमून बंजारे (उपसरपंच), नारायणी देवदास, फातमाबी, अमृतलाल, ललित कुमार, गजेन्द्र, राजेश साहू, साहिल साहू, हिटेश, इरफान खान, मेलाराम, कृष्णा कोशले, दिलेश्वर प्रसाद, पार्वती यदु, दुलकुवर, शिववती बाई, श्यामवती, टेकराम, चन्द्रशेखर, अमीज खां (पंच), देवकी साहू (पंच) सहित कई ग्रामीणों ने हस्ताक्षर कर शिकायत का समर्थन किया है।

17 साल की आदिवासी नाबालिग युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म कर बनाया वीडियो, 3 आरोपी गिरफ्तार, 1 फरार

17 साल की आदिवासी नाबालिग युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म कर बनाया वीडियो, 3 आरोपी गिरफ्तार, 1 फरार

 

जांजगीर चांपा: जिले के शिवरीनारायण थाना क्षेत्र में 17 साल की आदिवासी नाबालिग युवती से सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आई है। पुलिस ने तीन आरोपी युवकों को गिरफ्तार का लिया है वहीं एक आरोपी युवक फरार है जिसकी खोजबीन की जा रही है।

जानकारी के अनुसार नाबालिग लड़की अपने परिचित के दोस्त के साथ बाइक पर घूमने गई थी। इसी दौरान बाइक में सवार चार युवकों ने उन्हें देख लिया और डरा धमकाकर नाबालिग से चारों युवकों ने जंगल में अनाचार किया। इतना ही नहीं मौके का वीडियो भी बनाया और उन्हें ब्लैकमें कर उनसे पैसे की मांग करने लगे। जब पैसे की डिमांड पूरी नहीं तो वीडियो प्रसारित करने की धमकी देने लगे।

नाबालिग युवती के स्वजन ने थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई है। मामले में पुलिस ने चार में से तीन आरोपी युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं एक आरोपी युवक फरार बताया जा रहा है।

वीडियो बनाकर किया ब्लैकमेल

शिवरीनारायण थाना प्रभारी प्रवीण द्विवेदी ने बताया कि नाबालिग प्रेमी जोड़े 9 सितंबर की दोपहर बाइक से सैर पर निकले थे। प्रेमी जोड़े जंगल की ओर जा रहे थे तभी बाइक सवार चार युवकों ने उन्हें देख लिया। चारों युवकों ने उनका पीछा किया और प्रेमी जोड़े को पकड़ लिया। चारों ने नाबालिग लड़की से बारी बारी से अनाचार किया।

इस दौरान उसका वीडियो भी बना लिया। घटना की जानकारी किसी को न बताने की शर्त रखी और जान से मारने और वीडियो को प्रसारित करने की धमकी दी। डरी सहमी नाबालिग लड़की किसी तरह अपने घर पहुंची और घटना की जानकारी स्वजन को दी। मामले में पुलिस के द्वारा अपराध दर्ज कर फरार आरोपी युवक की पतासाजी के साथ साथ घटना के सभी बिंदु पर जांच की जा रही है।

ये आरोपी वारदात में शामिल

पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी उत्तम खूंटे, सोम निर्मलकर, दुर्गेश सहिस और सोम गोड़ के खिलाफ पाक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस ने इनमें से तीन आरोपी युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं एक युवक फरार है। बताया जा रहा है कि सभी आरोपी युवक पामगढ़ थाना क्षेत्र के हैं।

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में बड़ा हत्याकांड, परिवार के 4 लोगों को मारकर लाशों को खाद के गड्ढे में गाड़ा

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में बड़ा हत्याकांड, परिवार के 4 लोगों को मारकर लाशों को खाद के गड्ढे में गाड़ा

 

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के खरसिया तहसील समीपस्थ ठुसेकेला गांव से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां घर में घुसकर एक ही परिवार के 4 लोगों की हत्या कर दी गई है। वारदात का खुलासा 4 दिन बाद घर से बदबू आने पर हुआ। वहीं परिवार की एक बेटी बाहर पढ़ाई करती थी, जो सुरक्षित है।

जानकारी के अनुसार घटना गांव के राजीव नगर मोहल्ले की है। जहां एक बंद घर से आने वाले बदबू ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया। इससे कई तरह की कयास लगाए जा रहे हैं। मोहल्ले वासियों ने असहनीय बदबू के बाद पुलिस को सूचित कर खुलवाया गया है। कमरे के भीतर जगह-जगह खून के छीटे देखने को मिले। खून के छींटे और मौके पर मौजूद सबूतों के मद्देनजर पुलिस इसे हत्या से जोड़कर देख रही है।

5 लोगों का था परिवार

बता दें कि 5 लोगों के परिवार में बुधराम उरांव, पत्नी और तीन बच्चे थे। जिसमें से सबसे बड़ी बेटी घर से बाहर रहकर पढ़ाई करती थी। वहीं बाकी परिवार के सभी लोग उसी घर में रहते थे। जिनकी अज्ञात ने हत्या कर दी है। सभी शवों को घर में ही दफना दिया था।

खाद के गड्ढे से मिली लाशें

रायगढ़ मुख्यालय से फारेंसिक विशेषज्ञों की टीम घटनास्थल पहुंची और छानबीन की। टीम ने घर से कुछ दूर खाद के गड्ढे में मां-बाप दो बच्चों के लाश बरामद की है। इसमें बुधराम उरांव, उनकी पत्नी सहोदरा उरांव, 12 वर्षीय बेटा अरविंद उरांव और 3 वर्षीय बेटी शिवांगी का शव है। ये चारों पिछले 2 दिनों से लापता थे।

वहीं, बुधराम की बड़ी बेटी शिवानी उरांव (15 वर्ष) घर से बाहर पढ़ाई करती है। फिलहाल गांव में मौजूद है और सुरक्षित है।

मौके पर पहुंचे आला अधिकारी

इधर जमीन में लाश दफनाए जाने की चर्चा से आसपास से बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति ने कौतूहल का माहौल बना दिया है। वहीं, जिला मुख्यालय से पुलिस बल आलाधिकारियों की टीम घटनास्थल पर उपस्थित है। घर के अलावा आसपास परिसर को सील कर दिया है।

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में IED की चपेट में आए CRPF के 2 जवान, एक का पैर कट गया

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में IED की चपेट में आए CRPF के 2 जवान, एक का पैर कट गया

दंतेवाड़ा: इंद्रावती नदी पार स्थित मालेवाही थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह माओवादियों की प्रेशर आईडी की चपेट में आकर सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर समेत 2 जवान घायल हो गए।

मिली जानकारी के अनुसार ये जवान सीआरपीएफ 195 वीं वाहिनी मुख्यालय से सातधार एवं मालेवाही के मध्य माओवादी विरोधी अभियान अंतर्गत एरिया डोमिनेशन व डिमाइनिंग के लिए रवाना हुए थे। इसी दौरान लगभग सुबह 10:30 बजे सातधार पुल से 800 मीटर आगे माओवादियों के द्वारा लगाए प्रेशर आईईडी के चपेट में आ गए। घायल जवानों को तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए जिला अस्पताल दंतेवाड़ा में भर्ती किया गया है।

जानकारी के अनुसार घायलों में इंस्पेक्टर दीवान सिंह गुर्जर और आरक्षक आलम मुनेश जवानों को बेहतर उपचार हेतु एयरलिफ्ट कर रायपुर उच्च सेंटर शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है।

मिली जानकारी के अनुसार, गस्त के दौरान जवानों में से एक पैर प्रेशर आईईडी के ऊपर पड़ गया। जिसके बाद हुए जोरदार धमाके में जवान का पैर कट गया है। वहीं पास ही खड़े दूसरे जवान को भी गंभीर चोटें आयी हैं।