सरायपाली को मुख्यमंत्री ने दी करोड़ो की स्वीकृति-सरला कोसरिया

सरायपाली को मुख्यमंत्री ने दी करोड़ो की स्वीकृति-सरला कोसरिया

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ शासन में महिला आयोग के सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया के अनुशंसा पर छत्तीसगढ़ के सरल,सहज एवं यसस्वी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरायपाली विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न ग्राम पंचायतों में विकास कार्य हेतु करोड़ो की स्वीकृति प्रदान की है। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती सरला कोसरिया ने बताया कि जब से छत्तीसगढ़ में भाजपा की विष्णुदेव साय सरकार सत्ता की बागडोर संभाली है तब से चहु ओर विकास साय साय हो रही है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन और छत्तीसगढ़ के संवेदनशील मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का संकल्प पूर्ण हो रहा है।

माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी ने सरायपाली विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्य के लिए 1.20 करोड़ की स्वीकृति दी है। जो इस तरह से है ग्राम केंदूढार में प्रेमसागर साहू घर आंगनबाड़ी तक सीसी रोड़ निर्माण हेतु 10 लाख रुपये , मोहदा में राम मंदिर से नागिनबर घर तक सीसी रोड़ निर्माण हेतु 10 लाख रुपये, मोहनमुंडा में सीसी रोड़ निर्माण हेतु 10 लाख रुपये, काकेनचुवा में सीसी रोड़ निर्माण हेतु 10 लाख रुपये, सलखण्ड के नरेश घर से फिरतु घर तक सीसी रोड़ निर्माण हेतु 10 लाख रुपये, सलखण्ड के बाजार पड़ाव से टिकेलाल घर तक सीसी रोड़ निर्माण हेतु 10 लाख रुपये, कुर्मीपाली के मकरध्वज घर से नाला तक सीसी रोड़ निर्माण हेतु 10 लाख रुपये, पोटापारा में सीसी रोड़ निर्माण हेतु 5 लाख रुपये, आंवलाचक्का में सीसी रोड़ निर्माण हेतु 5 लाख रुपये, बिरकोल के अशोक घर से देवलास घर तक सीसी रोड़ निर्माण हेतु 10 लाख रुपये, बिरकोल के विजय घर से सामुदायिक भवन तक सीसी रोड़ निर्माण हेतु 10 लाख रुपये, गिरसा के आंगनबाड़ी से शिवमंदिर तक सीसी रोड़ निर्माण हेतु 10 लाख रुपये, डूमरपाली के मोहित घर से महाराज घर तक सीसी रोड़ निर्माण हेतु 10 लाख रुपये।

श्रीमती सरला कोसरिया से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि मैं राष्ट्र प्रथम की भावना को लेकर सरायपाली क्षेत्र के विकास के लिए सदैव तत्पर रहती हूं इस भावना को साकार करने में कोई पद में बने रहना,नही रहना इससे कोई फर्क नही पड़ता है। मुख्यमंत्री जी से मिलकर क्षेत्र के विकास के लिए अनेक मांगों को समय-समय रखती आई हूं और उन्होंने हर संभव सहायता करने के लिए आस्वासन दिया है।

सरायपाली के साथ-साथ पूरे छत्तीसगढ़ को कांग्रेस ने अपने शासनकाल में पीछे धकेलने का काम किया है, विकास का एक ईंट भी नही रख पायी सिर्फ भ्रष्टाचार की बुलंदियों को छूकर कीर्तिमान स्थापित की है। सरायपाली विधानसभा में विभिन्न निर्माण कार्य पुल, पुलिया, सड़क,एनीकट,बांध, जैसे अनेक छोटे बड़े कार्यों की स्वीकृति दी है। जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों में उत्साह का मौहाल है। सरायपाली विधानसभा को मिली अनेक विकास कार्यों की स्वीकृति के लिए यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी का हृदय से धन्यवाद आभार करती हूं।

महासमुंद/प्रयास बालक/कन्या आवासीय विद्यालया सत्र 2025-26 कक्षा 9वीं में प्रवेश हेतु वर्गवार द्वितीय प्रतीक्षा सूची जारी, काउंसलिंग 28 जुलाई को

महासमुंद/प्रयास बालक/कन्या आवासीय विद्यालया सत्र 2025-26 कक्षा 9वीं में प्रवेश हेतु वर्गवार द्वितीय प्रतीक्षा सूची जारी, काउंसलिंग 28 जुलाई को

महासमुंद,  प्रयास बालक/कन्या आवासीय विद्यालयों के सत्र 2025-26 की कक्षा 9वीं में प्रवेश हेतु परीक्षार्थियों की वर्गवार द्वितीय प्रतीक्षा सूची एवं काउंसिलिंग की तिथि व समय का विवरण विभाग की वेबसाइट http://eklavya.cg.nic.in पर अपलोड की गई है।

सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्रीमती शिल्पा साय ने जिले के विद्यार्थियों को काउंसिलिंग फार्म भर कर अनिवार्य दस्तावेजों सहित 28 जुलाई 2025 को समय प्रातः 10ः00 बजे से सायं 05ः00 बजे तक प्रयास कन्या आवासीय विद्यालय गुढ़ियारी जिला रायपुर, छ0ग0 में उपस्थित होने कहा है।

महासमुंद/बिना अनुज्ञा कृषि उत्पाद विक्रय पर छापामार कार्रवाई, उर्वरक एवं कीटनाशक जप्त

महासमुंद/बिना अनुज्ञा कृषि उत्पाद विक्रय पर छापामार कार्रवाई, उर्वरक एवं कीटनाशक जप्त

महासमुंद, कलेक्टर श्री विनय लंगेह के निर्देश पर कृषकों की शिकायत प्राप्त होने पर आज कृषि विभाग द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई। उप संचालक कृषि श्री एफ. आर. कश्यप के मार्गदर्शन में सरायपाली स्थित फर्म ए.एस.आर. ऑनलाइन मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड, आकाशवाणी रोड के गोदाम में छापा मारा गया।

उक्त कार्रवाई कृषि उर्वरक/कीटनाशी निरीक्षक श्री बी. एल. मिर्धा द्वारा की गई, जिसमें फर्म द्वारा बिना वैध अनुज्ञा पत्र के कृषि उत्पादों का विक्रय करते पाए जाने की पुष्टि हुई। निरीक्षण के दौरान गोदाम से निम्न सामग्री जप्त की गई। जिसमें मैजिक ड्रॉप 91.5 लीटर, प्लांटों पावर 554 लीटर, रूट बूस्ट अज्ञात मात्रा, नीम गोल्ड यूरिया 3 बैग, बायो काप डीएपी 5 बैग, एक्टिव प्लस 3 नग शामिल है। जप्तशुदा सामग्री को उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 एवं कीटनाशी अधिनियम 1968 तथा नियम 1971 के प्रावधानों के तहत सुरक्षित रखा गया है एवं नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

जिला प्रशासन द्वारा कृषकों के हित में ऐसी अनियमित गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखते हुए लगातार कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर श्री लंगेह ने स्पष्ट किया है कि जिले में बिना अनुज्ञा कृषि इनपुट का क्रय-विक्रय कदापि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

महासमुंद/सफलता की कहानी: पुष्पा के जीवन में महतारी वंदन योजना ने लाई रौनक

महासमुंद/सफलता की कहानी: पुष्पा के जीवन में महतारी वंदन योजना ने लाई रौनक

महासमुंद,छत्तीसगढ़ सरकार की महती योजना महतारी वंदन योजना ने महासमुंद नयापारा की पुष्पा प्रजापति के जीवन में खुशियों की नई किरण लाई है। इस योजना के तहत हर महीने एक हजार रुपये उनके खाते में जमा हो रहे हैं, जिससे उनके जीवन में आत्मनिर्भरता और खुशहाली आई है।

पुष्पा ने बताया कि पहले परिवार के लिए रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए बेटे और पति से पैसे मांगना पड़ता था। लेकिन अब इस योजना की मदद से न सिर्फ बच्चों के लिए ये चीजें खरीद पा रही हूं, बल्कि अपने लिए श्रृंगार सामग्री भी ले रही हूं।

उन्होंने यह भी बताया कि अब बच्चों की पढ़ाई के लिए कुछ पैसे इस योजना से मिल रही राशि से जमा हो जाता है। पुष्पा ने कहा यह योजना हर विवाहित महिला के जीवन में रौनक लाने का काम कर रही है। सरकार ने हमारी तकलीफों और जरूरतों को समझकर यह योजना लागू की है, जिसके लिए मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का दिल से आभार व्यक्त करती हूं।

निश्चित ही यह योजना गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाना और उनके परिवार की खुशहाली सुनिश्चित करना है। छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल से न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है, बल्कि उनके परिवारों में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है

महासमुंद/ऑयल पॉम की खेती को प्रोत्साहन देने जिले में किसानों को मिलेगा अनुदान का लाभ नेशनल मिशन ऑन एडीबल ऑयल-ऑयल पॉम योजना के तहत विविध सहायता प्रावधान

महासमुंद/ऑयल पॉम की खेती को प्रोत्साहन देने जिले में किसानों को मिलेगा अनुदान का लाभ नेशनल मिशन ऑन एडीबल ऑयल-ऑयल पॉम योजना के तहत विविध सहायता प्रावधान

महासमुंद, केन्द्र सरकार द्वारा तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नेशनल मिशन ऑन एडीबल ऑयल-ऑयल पॉम योजना संचालित की जा रही है। राज्य में ऑयल पॉम की व्यावसायिक खेती की संभावनाओं को देखते हुए इसे प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस दिशा में महासमुंद जिले में विशेष पहल की गई है, जिससे कृषकों को आर्थिक सहायता के साथ तकनीकी मार्गदर्शन भी प्राप्त हो रहा है।

सहायक संचालक उद्यान श्रीमती पायल साव ने बताया कि ऑयल पॉम पौध रोपण के चतुर्थ वर्ष में फलन प्रारंभ हो जाता है तथा इसके फलों की खरीदी संबंधित कंपनी द्वारा की जाती है। जिले में वर्ष 2025-26 हेतु योजना अंतर्गत किसानों को विविध लाभ प्रदान किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें 143 पौध प्रति हेक्टेयर पर 100 प्रतिशत विभागीय अनुदान पर प्रदाय किए जाने का प्रावधान है, इस सत्र में कुल 600 हेक्टेयर लक्ष्य है। बाग का रखरखाव के लिए प्रथम से चतुर्थ वर्ष तक प्रति हेक्टेयर 5250 रुपए का अनुदान खाद, दवा एवं उर्वरक, गैप फिलिंग, सिंचाई कार्य हेतु दिए जाएंगे। अंतरवर्ती फसल जैसे तिल/अन्य तिलहन हेतु अनुदान 5250/हेक्टेयर प्रत्येक वर्ष, ड्रिप इरिगेशन हेतु 31,399 रुपए/हेक्टेयर का अनुदान दिया जाएगा।

इसी तरह 2 हेक्टेयर या उससे अधिक ऑयल पॉम रोपित करने वाले कृषकों को प्रति बोरवेल 50 हजार या 50 प्रतिशत (जो कम हो) अनुदान दिया जाएगा, कुल 124 बोरवेल का लक्ष्य है। पम्पसेट हेतु सामान्य कृषकों को 22,500 प्रति पम्प व अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सीमांत, महिला कृषकों को 27 हजार रुपए तक अनुदान अधिकतम 15 एचपी तक का डीजल, इलेक्ट्रिक पम्प पर दिया जाएगा। कुल 124 पम्प सेट का लक्ष्य है। वॉटर हार्वेस्टिंग यूनिट पर 1 लाख 50 हजार/यूनिट अनुदान का प्रावधान, 1 यूनिट लक्ष्य है। वर्मी कम्पोस्ट के लिए निर्माण लागत का 50 प्रतिशत अथवा 15 हजार रुपए प्रति यूनिट अनुदान का प्रावधान व कुल 3 यूनिट लक्ष्य रखा गया है।

इसके अलावा हाई रीच ऑयल पॉम कटर पर 2500 रुपए प्रति यूनिट अनुदान, लक्ष्य 2 पॉम कटर का है, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सीमांत, महिला कृषकों को चाप कटर पर 5000 रुपए प्रति यूनिट अनुदान, 2 यूनिट का लक्ष्य है। मोटराइज्ड चिस्ल के लिए किसानों को प्रति यूनिट 15 हजार रुपए अनुदान, एक यूनिट का लक्ष्य है, वायर मेश के लिए प्रति यूनिट 20 हजार रुपए अनुदान, 85 वायर मेश का लक्ष्य है। 3 हेक्टेयर अथवा उससे अधिक ऑयल पॉम उत्पादक कृषकों को प्रति ट्रैक्टर 20 एचपी तक ट्रॉली सहित 2 लाख अनुदान देय है, लक्ष्य एक है। कृषकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु 30 कृषकों के दो दिवसीय प्रशिक्षण हेतु 30 हजार रुपए प्रति प्रशिक्षण व्यय का प्रावधान है। उपरोक्त अनुदानों के अतिरिक्त राज्य शासन द्वारा रखरखाव, अंतरवर्तीय फसल, बोरवेल, पम्प सेट, फेंसिंग एवं ड्रिप स्थापना पर टॉप अप अनुदान भी दिया जाएगा।

सहायक संचालक उद्यान ने कृषकों से अपील की है कि वे इस योजना का अधिकतम लाभ लेने हेतु अपने विकासखंड के ग्रामीण उद्यान/उद्यान विकास अधिकारियों से संपर्क कर सकते है। महासमुंद विकासखण्ड अंतर्गत श्री नोहर सिंह निषाद (7067155003) एवं श्री रेवतीरमन पटेल (8815880337), बागबाहरा अंतर्गत श्री साखुराम प्रियपाल (9617232320) एवं सुश्री धनिता पटेल (6265427233), पिथौरा अंतर्गत श्री कैलाश नायक (8839031173), बसना अंतर्गत श्री दिलीप कुमार राठिया (7694095884) एवं श्री उपेन्द्र कुमार नाग (9131833408) तथा विकासखण्ड सरायपाली अंतर्गत श्री गुरुदत्त यदु (9131833408) एवं श्री लाभेन्द्र सिंह (7999800645) के मोबाईल नम्बर पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त ऑयल पॉम कंपनी प्रतिनिधि श्री आशीष (मो. 7489096992) से भी संपर्क किया जा सकता है।

छत्तीसगढ़ सरायपाली: / लापरवाहीपूर्ण इलाज के आरोप में SDM ने किया था हॉस्पिटल सील, हाईकोर्ट ने दिए तत्काल सील खोलने के आदेश, जवाब भी माँगा

छत्तीसगढ़ सरायपाली: / लापरवाहीपूर्ण इलाज के आरोप में SDM ने किया था हॉस्पिटल सील, हाईकोर्ट ने दिए तत्काल सील खोलने के आदेश, जवाब भी माँगा

बिलासपुर। लापरवाहीपूर्ण इलाज के आरोप में एसडीएम द्वारा सरायपाली स्थित मातृ केयर हॉस्पिटल को सील कर दिया गया था। नर्सिंग होम संचालक द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए बिलासपुर हाईकोर्ट ने अस्पताल का सील तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश दिया है। साथ ही स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सहित संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब किया गया है।

शिकायतकर्ता प्रशांत कुमार साहू, निवासी ग्राम छिंदपाली, ने आरोप लगाया था कि अस्पताल के डॉक्टर शिबाशीष बेहरा द्वारा 10 अक्टूबर 2024 को उसकी पत्नी का ऑपरेशन लापरवाही से किया गया, जिसके चलते वह विकलांग हो गई। इस मामले की जांच के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग ने टीम गठित की थी, लेकिन इसी बीच 28 जून 2024 को एसडीएम सरायपाली ने अस्पताल को बिना पूर्व सूचना के सील कर दिया।

डॉ. बेहरा ने अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी और अभ्युदय त्रिपाठी के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में कहा गया कि छत्तीसगढ़ राज्य नर्सिंग होम एवं क्लीनिकल स्थापना अधिनियम 2010 के तहत बिना पूर्व सूचना नर्सिंग होम को सील करने का अधिकार नहीं है।

जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए अस्पताल का सील खोलने का आदेश दिया और स्वास्थ्य विभाग, कलेक्टर महासमुंद, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, एसडीएम सरायपाली एवं शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

सारंगढ़ बिलाईगढ़ : स्वच्छ वातावरण में स्थित सारंगढ़ का स्वयंभू तालेश्वर महादेव मंदिर

सारंगढ़ बिलाईगढ़ : स्वच्छ वातावरण में स्थित सारंगढ़ का स्वयंभू तालेश्वर महादेव मंदिर

स्वच्छ वातावरण में स्थित सारंगढ़ का स्वयंभू तालेश्वर महादेव मंदिर

सारंगढ़ बिलाईगढ़,सारंगढ़ के समीप  सरायपाली रोड में स्थित तालेश्वर महादेव मंदिर में भगवान भोलेनाथ का स्वयंभू शिवलिंग है।   भक्त लोग प्रतिदिन अपने दैनिक दिनचर्या में समय निकालकर भोलेनाथ का श्रृंगार करते हैं। मंदिर के बाजू स्थित ताला तालाब का पानी बेहद स्वच्छ है, जिसमें कमल के फूल पूरे तालाब में फैला हुआ है। इसी प्रकार कनेर का असंख्य पेड़ मंदिर के चारों ओर हैं। ऐसा लगता है जैसे तालाब, कमल के फूल और कनेर पेड़ मंदिर को अपने आप सजाए हुए हैं।

 

छत्तीसगढ़ : ग्रामोद्योग बोर्ड अध्यक्ष श्री राकेश पाण्डेय ने किया ग्रामोद्योग इकाइयों का निरीक्षण ग्रामोद्योग में बढ़ेगे रोजगर के अवसर – श्री पाण्डेय

छत्तीसगढ़ : ग्रामोद्योग बोर्ड अध्यक्ष श्री राकेश पाण्डेय ने किया ग्रामोद्योग इकाइयों का निरीक्षण ग्रामोद्योग में बढ़ेगे रोजगर के अवसर – श्री पाण्डेय

छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश पांडेय ने बीते बुधवार को विकासखंड कुरूद अंतर्गत ग्राम पंचायत नारी और कोकड़ी का भ्रमण कर वहां संचालित ग्रामोद्योग द्वारा संचालित गतिविधियों का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान श्री पांडेय ने हथकरघा, माटीकला, रेशम धागाकरण सहित विभिन्न पारंपरिक एवं लघु उद्योगों के संचालन को देखा और सराहना की। उन्होंने महिला सशक्तिकरण, नवाचार और स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में ग्रामोद्योग द्वारा किए जा रहे कार्यो को महत्वपूर्ण बताया।

श्री पांडेय ने कहा कि ग्रामोद्योग से न केवल ग्रामीणों की आय में वृद्धि होती है, बल्कि यह स्थानीय संसाधनों के समुचित उपयोग और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का सशक्त माध्यम है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि हर ग्राम पंचायत में कम से कम एक ग्रामोद्योग इकाई स्थापित हो, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ें और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूती मिलेगी।

निरीक्षण के दौरान ग्रामोद्योग विभाग रायपुर के उप संचालक श्री पंकज अग्रवाल, पंचायत विभाग धमतरी के उप संचालक, जनपद पंचायत कुरूद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बोर्ड अध्यक्ष को ग्राम स्तर पर चल रही गतिविधियों, समूहों की भागीदारी, प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा उत्पाद विपणन की जानकारी दी।

श्री पांडेय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के अन्य ग्रामों में भी इसी तर्ज पर इकाइयां विकसित की जाएं और स्व-सहायता समूहों को तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और विपणन के लिए बेहतर प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने आने वाले समय में धमतरी जिले में कई नई ग्रामोद्योग इकाइयों की स्थापना की संभावना जताई, जिससे विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त किया जा सकेगा।

यह निरीक्षण न केवल वर्तमान कार्यों की समीक्षा का अवसर रहा, बल्कि भविष्य की योजनाओं को आकार देने की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

 

महासमुंद/जिले में अब तक 439.9 मिलीमीटर औसत वर्षा सर्वाधिक वर्षा पिथौरा तहसील में 575.0 मिलीमीटरआज 18.5 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज

महासमुंद/जिले में अब तक 439.9 मिलीमीटर औसत वर्षा सर्वाधिक वर्षा पिथौरा तहसील में 575.0 मिलीमीटरआज 18.5 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज

महासमुंद 25 जुलाई 2025/ महासमुंद जिले में चालू मानसून के दौरान 01 जून 2025 से अब तक 439.3 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। भू-अभिलेख से मिली जानकारी के अनुसार जिले में सर्वाधिक औसत वर्षा पिथौरा तहसील में 575.0 मिलीमीटर, सरायपाली में 504.8 मिलीमीटर, बसना में 484.2 मिलीमीटर, बागबाहरा में 373.3 मिलीमीटर, महासमुंद में 372.5 मिलीमीटर और सबसे कम वर्षा 326.0 मिलीमीटर कोमाखान तहसील में दर्ज की गई। आज 25 जुलाई को 18.5 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। जिले के तहसीलवार वर्षा में बसना तहसील में 49.1 मिलीमीटर, सरायपाली में 34.6 मिलीमीटर, पिथौरा में 25.1 मिलीमीटर, महासमुंद में 2.2 मिलीमीटर एवं बागबाहरा तहसील में 0.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई

रायपुर : अटल डिजिटल सुविधा केन्द्रों से सशक्तिकरण की राह पर मुंगेली

रायपुर : अटल डिजिटल सुविधा केन्द्रों से सशक्तिकरण की राह पर मुंगेली

आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र सहित विभिन्न सुविधाओं का स्थानीय स्तर पर मिल रहा लाभ

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा की अनुरूप मुंगेली जिला डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुंगेली जिले के तीनों विकासखण्डों की 30 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र की स्थापना की गई है। अटल डिजिटल सुविधा केंद्र की स्थापना होने से ग्रामीणों को काफी सुविधा मिल रही हैं। पहले आय, जाति, निवास आदि कार्यों के लिए च्वाईस सें लोक सेवा केन्द्र के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब ग्रामीणों को उनके घर के पास ही सभी सुविधाएं मिलने लगी है। इससे समय और धन दोनों की बचत हुई है।

भटगॉव के युवा लेखराम साहू ने बताया कि पहले पैसे जमा या निकासी के लिए 20 किलोमीटर दूर मुंगेली जाना पड़ता था, लेकिन अब ये सुविधा केन्द्र खुलने से यह प्रक्रिया बहुत आसान हो गई है। इससे ग्रामीणों को समय, मेहनत और यात्रा खर्च की बचत हो रही है। इसी तरह डिजिटल सेवा का लाभ लेने पहुंची गंगा साहू ने भी शासन की इस पहल की सराहना की। गंगा साहू ने कहा कि यह पहल ग्रामीण स्वावलंबन और पंचायत सशक्तिकरण की दिशा में मददगार कदम है। इस पहल ने न सिर्फ आर्थिक रूप से गाँवों को मज़बूत किया, बल्कि युवाओं को स्वरोज़गार के अवसर भी दिए। डिजिटल सेवाओं के जरिये शासन की मुख्यधारा अब अंतिम छोर तक पहुँच रही है, जिससे स्थानीय जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद बढ़ी है।

राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर शुरू हुए थे एडीएसके

इस वर्ष 24 अपै्रल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर शासन द्वारा जिले के तीनों विकासखण्डों में पहले चरण मे 10-10 ग्राम पंचायतों में अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केन्द्र का शुभारंभ किया गया है। इन केन्द्रों में आमजनों को बैंकिंग, बीमा, पेंशन, बिजली बिल भुगतान, रेलवे टिकट, छात्रवृत्ति, और जन्म-मृत्यु सहित जाति, निवास, आय प्रमाण पत्र आदि दस्तावेज़ों सहित खाता खोलने की सुविधा दी जा रही है। इससे गाँव के लोग पंचायत स्तर पर ही ज़रूरी सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं।