CG News: आबकारी विभाग ने सुरक्षा और मैनपावर सप्लाई एजेंसियों पर ठोंका डेढ़ करोड़ से अधिक का जुर्माना

CG News: आबकारी विभाग ने सुरक्षा और मैनपावर सप्लाई एजेंसियों पर ठोंका डेढ़ करोड़ से अधिक का जुर्माना

 

छत्तीसगढ़ में आबकारी विभाग ने मैनपावर सप्लाई और सुरक्षा एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई की है। विभागीय जांच में गंभीर लापरवाही और अनियमितता सामने आने के बाद सात एजेंसियों पर जुर्माना ठोका गया है। कार्रवाई में रायपुर, दंतेवाड़ा, बलौदाबाजार और बालोद जिलों की नामी कंपनियां शामिल हैं। सबसे बड़ी कार्रवाई रायपुर की बीआईएस लिमिटेड पर की गई है।

विभाग ने इस कंपनी पर एक करोड़ 55 लाख 65 हजार 480 रुपए का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है। आरोप है कि कंपनी ने आबकारी विभाग से संबंधित संविदा कार्यों में निर्धारित शर्तों का पालन नहीं किया। वहीं दंतेवाड़ा की रक्षक सिक्योरिटी पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। जांच में पाया गया कि सुरक्षा प्रबंधन और नियुक्त कर्मचारियों की तैनाती में अनियमितता बरती गई।

बलौदाबाजार की एसआइएस लिमिटेड पर साढ़े चार लाख रुपए का जुर्माना ठोका गया है। विभाग ने पाया कि कंपनी ने श्रम कानून और संविदा नियमों का पालन नहीं किया। इसी तरह बालोद जिले की कैप्टन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।

आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कंपनी ने सेवा अनुबंध के तहत तय प्राविधानों का पालन करने में चूक की। विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि संविदा एजेंसियों की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभागीय सूत्रों के मुताबिक बाकी जिलों की एजेंसियों की भी जांच चल रही है और दोषी पाए जाने पर उन पर भी सख्त कार्रवाई होगी।

इस कार्रवाई को लेकर विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मैनपावर सप्लाई और सुरक्षा सेवाओं से जुड़ी कंपनियां सरकारी कार्यों में लापरवाही बरतेंगी तो उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। जुर्माने की रकम संबंधित कंपनियों से वसूली जाएगी। भविष्य में ब्लैकलिस्ट करने पर भी विचार किया जा सकता है।

बसना अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में मिल रहा है अनुभवी चिकित्सकों का मार्गदर्शन

बसना अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में मिल रहा है अनुभवी चिकित्सकों का मार्गदर्शन

बसना, जिला महासमुंद क्षेत्र के मरीजों के लिए खुशखबरी है। अब अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में विभिन्न बीमारियों का इलाज अनुभवी चिकित्सकों द्वारा किया जा रहा है।

👉 आँखों की सभी समस्याओं की जाँच, इलाज एवं सर्जरी –

अनुभवी नेत्र रोग विशेषज्ञ एवं सर्जन डॉ. देवेन्द्र अग्रवाल (MBBS, DO, FCO, FOO) नियमित रूप से उपलब्ध रहेंगे।

👉 त्वचा एवं बालों से जुड़ी सभी समस्याओं का परामर्श एवं इलाज –

चर्म एवं गुप्त रोग विशेषज्ञ डॉ. एन. एस. पटानी (MBBS, MD – Skin) द्वारा परामर्श एवं उपचार उपलब्ध है।

👉 नाक, कान एवं गला संबंधी सभी समस्याओं की जाँच, इलाज एवं सर्जरी –

अनुभवी ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. महेन्द्र धवने (MBBS, MS – ENT) सेवाएं देंगे।

हॉस्पिटल में आयुष्मान एवं बीजू कार्ड की सुविधा उपलब्ध है।

35 वर्षों से मरीजों की सेवा में अग्रणी।

स्थान – अग्रवाल नर्सिंग होम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, बसना, जिला महासमुंद (छ.ग.)

📞 संपर्क – 84618-11000, 77708-68473, 77730-86100

छत्तीसगढ़/पति को खोने का गम तो है, लेकिन…’ IED ब्लास्ट में शहीद जवान की गर्भवती पत्नी के शब्द सुनकर जवानों की आंखें हुईं नम

छत्तीसगढ़/पति को खोने का गम तो है, लेकिन…’ IED ब्लास्ट में शहीद जवान की गर्भवती पत्नी के शब्द सुनकर जवानों की आंखें हुईं नम

छत्तीसगढ़/बीजापुर जिले के भोपालपटनम अनुभाग के उल्लूर घाटी के चिल्लामरका जंगल में हुए आइईडी ब्लास्ट में बलिदान हुए डीआरजी जवान दिनेश नाग को सोमवार को उनके गृहग्राम बीजापुर नयापारा में गमगीन माहौल के बीच अंतिम विदाई दी गई। भारी बारिश के बावजूद सैकड़ों ग्रामीण, गणमान्य नागरिक, पुलिस अधिकारी, जवान और भाजपा पदाधिकारी उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए।

शहीद का शव देख परिजनों का बुरा हाल

बलिदानी दिनेश नाग का पार्थिव शरीर जब अंतिम संस्कार स्थल पहुंचा, तो स्वजन और ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। उनकी गर्भवती पत्नी पूजा नाग और नौ वर्षीय पुत्र प्रियांश नाग का रो-रो कर बुरा हाल था। वहीं बड़े भाई उमेश नाग, जो स्वयं पुलिस विभाग में प्रधान आरक्षक के पद पर कार्यरत हैं, अपने छोटे भाई को खोने के गम में टूट गए।

जांबाज जवानों में होती थी दिनेश की गिनती

दिनेश नाग ने 2016-17 में आरक्षक पद पर नौकरी ज्वाइन की थी। उनकी कर्तव्यनिष्ठा और बहादुरी को देखते हुए उन्हें DRG (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व ग्रुप) में तैनात किया गया। उन्होंने कई बार माओवादियों से लोहा लिया और अनेक मुठभेड़ों में अपनी वीरता दिखाई। साथियों के मुताबिक, दिनेश हमेशा सबसे आगे रहकर दुश्मनों का सामना करते थे और उनकी गिनती जांबाज जवानों में होती थी। बताया जाता है कि हाल ही में उन्हें प्रधान आरक्षक पद पर पदोन्नति के लिए चयनित भी किया गया था।

‘मुझे अपने पति पर गर्व है’

शहीद की पत्नी पूजा नाग ने अश्रुपूरित आंखों से कहा ‘पति को खोने का गम अवश्य है, लेकिन वे देश सेवा करते हुए बलिदान हुए, इस पर मुझे गर्व है। वे हमेशा बहादुर और निडर इंसान रहे।’

नौकरी लगी तो परिवार का सहारा बने

दिनेश नाग और उनके भाई ने कम उम्र में माता-पिता को खोने के बाद कठिनाइयों का सामना करते हुए पढ़ाई पूरी की और पुलिस विभाग में भर्ती होकर परिवार का सहारा बने। अंतिम संस्कार के दौरान जब गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया तो मौजूद जवानों की आंखें भर आईं। बीजापुर ने आज एक सच्चे वीर सपूत को खो दिया, लेकिन दिनेश नाग की शहादत हमेशा माओवाद विरोधी संघर्ष को नई ऊर्जा देती रहेगी।

CG: पति की गैरमौजूदगी में दुष्कर्म: शादी का झांसा देकर पड़ोसी ने महिला से बनाए संबंध, गर्भवती होने पर किया ये काम…बिगड़ी तबीयत

CG: पति की गैरमौजूदगी में दुष्कर्म: शादी का झांसा देकर पड़ोसी ने महिला से बनाए संबंध, गर्भवती होने पर किया ये काम…बिगड़ी तबीयत

 

छत्तीसगढ़/बलरामपुर जिले में महिला के साथ हुए दुष्कर्म का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बलरामपुर जिले के एक गांव में महिला के साथ उसके पड़ोसी द्वारा दुष्कर्म करने का गंभीर मामला उजागर हुआ है। पुलिस के अनुसार पीड़िता का पति तमिलनाडु में काम करता था और कई-कई महीनों बाद ही घर लौटता था। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले युवक ने महिला को शादी का झांसा देकर विश्वास में लिया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।

गर्भपात कराने की दवा से बिगड़ी तबीयत

लगातार संबंध बनाने के बाद महिला गर्भवती हो गई। जब आरोपी को इसकी जानकारी हुई तो उसने महिला को गर्भपात कराने की दवा दे दी। दवा के सेवन से महिला की तबीयत बिगड़ने लगी और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस घटना के बाद महिला का पति भी तमिलनाडु से तुरंत घर लौटा। पीड़िता ने अपने पति को पूरी घटना बताई, जिसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

आरोपी गिरफ्तार

शिकायत मिलने पर पुलिस ने आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने पीड़िता की मजबूरी और अकेलेपन का फायदा उठाया। महिला की हालत फिलहाल स्थिर है और उसका इलाज जारी है।

CG Crime: प्रेमिका की गला घोंटकर हत्या, पुलिस को बताई सांप काटने की झूठी कहानी, ऐसे हुआ मौत का खुलासा

CG Crime: प्रेमिका की गला घोंटकर हत्या, पुलिस को बताई सांप काटने की झूठी कहानी, ऐसे हुआ मौत का खुलासा

 

छत्तीसगढ़ के कोरबा में एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां शादी के लिए दबाव बनाए जाने पर मारपीट कर मुंह दबाकर प्रेमी ने प्रेमिका की हत्या कर दी। घटना छिपाने के लिए सर्पदंश की वजह से मौत बता पुलिस को सूचना दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा होने पर पुलिस ने फरार प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया। घटना बालकोनगर थाना अंतर्गत नेपालीपारा चेकपोस्ट क्षेत्र की है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ खुलासा

शांति चौहान पति संजय चौहान 32 वर्ष निवासी नेपालीपारा चेकपोस्ट बालकोनगर की 22 जुलाई को मृत्यु सर्पदंश से होना बता कर रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामले की विवेचना की। घटनास्थल, शव निरीक्षण व परीक्षण के बाद पोस्टमार्टम कराया गया। डाक्टर स्पष्ट रिपोर्ट नहीं दे सके, तब पुलिस ने बिसरा आदि प्रिजार्ब किया गया था, FSL रिपोर्ट पश्चात राय देने की बात कही गई।

मृतिका के ब्लड सैंपल को FSL बिलासपुर भेजा गया, जहां से मिली रिपोर्ट में रासायनिक विष नहीं पाया गया। इसके पश्चात डाक्टर ने अपनी अंतिम राय में बताया कि शांति चौहान की मृत्यु गला दबाने से दम घुटने के कारण हुई। उसके शरीर पर चोट के निशान मृत्यु के पहले की है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की, तब जांच में यह तथ्य सामने आया कि घटना दिनांक की रात शांति चौहान परिचित सौरभ यादव के साथ रह रही थी और अगले दिन सुबह मृत अवस्था में पाई गई।

आरोपी गिरफ्तार

घटना के बाद से सौरभ यादव फरार हो गया। इसके साथ ही पुलिस ने सौरभ पर संदेह जताते हुए उसकी खोज करना आरंभ किया। सूचना मिलने पर पुलिस ने आरोपित को सौरभ यादव 32 वर्ष निवासी खैरुददीनपुर, थाना पवई, जिला आजमगढ़ उत्तर-प्रदेश, हाल मुकाम कोसाबाड़ी, थाना सिविल लाइन रामपुर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। तब सौरभ ने बताया कि घटना दिनांक को शांति की ओर से शादी करने का दबाव बनाया गया। पुलिस ने धारा 103(1) BNS के तहत आरोपित सौरभ यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।

बसना थाना क्षेत्र में युवक से 4 लीटर हाथ भट्ठी महुआ शराब जब्त

बसना थाना क्षेत्र में युवक से 4 लीटर हाथ भट्ठी महुआ शराब जब्त

 

महासमुंद। बसना पुलिस ने अवैध शराब कारोबार पर कार्रवाई करते हुए ग्राम इंदरपुर निवासी चुड़ामणी ओगरे (पिता पुनितराम ओगरे, उम्र 22 वर्ष) को 4 लीटर हाथ भट्ठी महुआ शराब के साथ गिरफ्तार किया है।

प्र0आर0 हमराह स्टाफ आरक्षक 685 एवं मआर 676 के साथ विवेचना व आबकारी कार्यवाही हेतु निकले थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम इंदरपुर में चुड़ामणी ओगरे अपने घर बाड़ी में अवैध शराब छिपाकर ग्राहकों की तलाश कर रहा है। सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा।

आरोपी के घर बाड़ी की तलाशी लेने पर पीले रंग के प्लास्टिक जरीकन में लगभग 4 लीटर हाथ भट्ठी महुआ शराब (कीमत लगभग 800 रुपये) बरामद की गई। मौके पर गवाहों की उपस्थिति में शराब जब्त कर सीलबंद किया गया।

पुलिस ने आरोपी से वैध दस्तावेज मांगे, लेकिन कोई लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका। कार्रवाई के बाद आरोपी का कृत्य आबकारी एक्ट की धारा 34(1) के तहत अपराध पाए जाने पर उसे गिरफ्तार किया गया।

चूंकि मामला जमानतीय था, इसलिए सक्षम जमानतदार पेश करने पर आरोपी को मुचलका जमानत पर रिहा कर दिया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ देहाती नालसी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

महासमुंद/आरोपी पुलिस अभिरक्षा से फरार, थाना पटेवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई

महासमुंद/आरोपी पुलिस अभिरक्षा से फरार, थाना पटेवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई

 

महासमुंद/ थाना पटेवा के प्रकरण क्रमांक 83/2025 धारा 137(2), 69 बीएनएस एवं 6 पाक्सो एक्ट में गिरफ्तार आरोपी टिकेश्वर निषाद पिता भगत राम निषाद उम्र 20 वर्ष निवासी समोदा थाना आरंग जिला रायपुर सोमवार को पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया।

मिली जानकारी के अनुसार, दिनांक 18/08/2025 को थाना पटेवा में पदस्थ आरक्षक आरोपी को न्यायालय रिमांड पेश करने हेतु लेकर जा रहा था। इससे पूर्व आरोपी का स्वास्थ्य परीक्षण सीएचसी तुमगांव में कराया गया। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद जब आरक्षक आरोपी को लेकर बाहर निकला, तभी मौका पाकर आरोपी अस्पताल परिसर से भाग निकला और पास लगे जंगल की ओर फरार हो गया।

घटना की सूचना तत्काल थाना प्रभारी पटेवा को दी गई। इसके बाद थाना स्टाफ मौके पर पहुंचकर आरोपी की तलाश में जुटा, लेकिन काफी खोजबीन के बाद भी आरोपी का सुराग नहीं मिल सका।

आरोपी के अभिरक्षा से फरार होने पर थाना तुमगांव में धारा 262 बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

सरायपाली पाटसेन्द्री मार्ग पर दर्दनाक सड़क हादसा, दंपत्ति घायल

सरायपाली पाटसेन्द्री मार्ग पर दर्दनाक सड़क हादसा, दंपत्ति घायल

 

महासमुंद। थाना पिथौरा क्षेत्र के ग्राम खपराखोल निवासी दंपत्ति सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना 18 अगस्त 2025 की सुबह करीब 7:19 बजे पाटसेन्द्री स्थित सागर आटो पार्ट्स के पास हुई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घायल विद्याधर पटेल अपनी पत्नी प्रेमिका पटेल के साथ मोटरसायकल क्रमांक CG06 GQ 8898 से ग्राम खुटेरी से चन्द्रपुर की ओर आ रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही बुलेट मोटरसायकल क्रमांक CG04 PU 1014 के चालक ने तेज एवं लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।

हादसे में दंपत्ति सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। विद्याधर पटेल को दाहिने जांघ और हाथ में चोटें आईं, जबकि उनकी पत्नी प्रेमिका पटेल को दाहिने हाथ, जांघ और कमर में गंभीर चोट पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को सरायपाली के ओम हास्पिटल में भर्ती कराया गया।

पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी वाहन चालक के खिलाफ धारा 125(ए), 281 BNS के तहत प्रकरण कायम कर विवेचना शुरू की गई है।

CG News: हिस्ट्रीशीटर की पत्नी पेट्रोल लेकर पहुंची थाने, बोली-पति को छोड़ दो नहीं तो…पुलिस के छूटे पसीने; जमकर हुआ हंगामा

CG News: हिस्ट्रीशीटर की पत्नी पेट्रोल लेकर पहुंची थाने, बोली-पति को छोड़ दो नहीं तो…पुलिस के छूटे पसीने; जमकर हुआ हंगामा

 

CG: बिलासपुर के सिविल लाइन पुलिस ने रविवार की रात हिस्ट्रीशीटर संजू टंडन को चाकू के साथ गिरफ्तार किया था। आरोपित को न्यायालय में पेश कर पुलिसकर्मी दस्तावेज तैयार कर रहे थें. इस दौरान पति से बात करने के बाद महिला ने खुद पर पेट्रोल डालना शुरू कर दिया, और पति को न छोड़ने पर आत्मदाह की धमकी देने लगी। महिला ने थाने के अंदर जम कर हंगामा किया। किसी तरह से पुलिस ने महिला को पकड़ कर पानी डाला और प्रतिबंधात्म कार्रवाई कर पति को जेल दाखिल कराया है।

हिस्ट्री शीटर पति के लिए खाना लेकर आई थी थाने

पुलिस के अनुसार दोपहर लगभग 1.30 बजे मंजू टंडन अपने पति हिस्ट्रीशिटर संजू टंडन के लिए खाना लेकर पहुंची। दोनों के बीच कुछ देर बातचित होती रहीं, पति से बात करने के बाद जब मंजू उठी तो उसने अपने उपर पेट्रोल डालना शुरू कर दिया। पेट्रोल की बदबू आने पुलिस का ध्यान उस ओर गया तो सभी की आंखे फटी की फटी रह गई।

हिस्ट्रीशीटर पति संजू को न छोड़ने पर मंजू आत्मदाह की धमकी देने लगी। मंजू खुद को आग लगाने के लिए जैसे ही लाइटर निकाला पुलिस कर्मियों ने बाटल से उस पर पानी डाल दिया। लाइटर में आन लगने पर महिला पुलिस कर्मियों ने मंजू के हाथ से लाइटर को छीना और उस पर पानी डालने लगे। जिसे दौरान यह घटना हो रही थीं, उस दौरान महिला ने जम कर हंगामा किया। मोजूद पुलिसकर्मियों से भी अपशब्दों का प्रयोग करते हुए धमका रही थी। पुलिस जवानों ने किसी तरह मामले का शांत कर महिला के उपर प्रतिबंधात्मक धारा 170 के तहत कार्रवाई की है।

पति गया जेल पत्नी को मिली जमानत

हिस्ट्रीशीटर संजू व उसकी पत्नी मंजू टंडन को सिविल लाइन पुलिस ने न्यायालय में पेश किया। न्यायालय में पुलिस की दलील सुनने के बाद न्यायालय ने पति संजू टंडन को जेल दाखिल करवा दिया। वही पत्नी मंजू टंडन को समझाइस देकर छोड़ दिया।

चाकू के साथ किशोर पकड़ाया

सिविल लाइन पुलिस गस्त के दौरान मगरपारा के पास एक किशोर को धूमते देखा, उसकी संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए जब पूछताछ कर तलाशी ली गई तो किशोर के पास से चाकू मिला। सिविल लाइन पुलिस ने किशोर को अभिरक्षा में लिया है। पुलिस मामले में आम्स एक्ट की कार्रवाई भी कर रही है।

क्या कहते हैं अधिकारी

सिविल लाइन थाना प्रभारी एसआर साहू ने बताया कि थाने में स्टाफ हिस्ट्रीशीटर को न्यायालय में पेश करने चालान तैयार कर रहा था। इस दौरान हिस्ट्रीशीटर की पत्नी वहां पहुंची और पेट्रोल डाल कर आत्मदाह की चेतावनी देने लगी। थाने में मौजूद महिला स्टाप ने किसी तरह महिला के हाथ से पेट्रोल की सीसी को छीना व उसे समझाकर शांत कराया। महिला पर भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है।

इंदिरा गांधी को ज़ब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चुनाव में सरकारी साधनों के दुरुपयोग का दोषी पाया था इसके बाद देश भर मे लगा आपातकाल?

इंदिरा गांधी को ज़ब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चुनाव में सरकारी साधनों के दुरुपयोग का दोषी पाया था इसके बाद देश भर मे लगा आपातकाल?

12 जून 1975 वो तारीख थी, जब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इंदिरा गांधी के चुनाव को लेकर फैसला सुनाया. अदालत ने इंदिरा के चुनाव मे गलत तौरतरीके अपनाने का दोषी माना. उन्हें चुनाव लड़ने के लिए छह साल तक अयोग्य ठहरा दिया गया. इसके बाद इंदिरा ने देशभर में आपातकाल लगा दिया

 

12 जून वो तारीख है, जिसने भारतीय राजनीति की दिशा ही काफी हद तक बदल दी. ये वही दिन है जब 1975 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इंदिरा गांधी के खिलाफ फैसला सुनाते हुए उन्हें चुनावों में धांधली का दोषी पाया और उनका चुनाव रद्द कर दिया.

12 जून 1975, वो तारीख जब इंदिरा दोषी करार दी गईं फिर बदल गई देश की राजनीति
इंदिरा गांधी को 12 जुन 1975 के दिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चुनाव में सरकारी साधनों के दुरुपयोग का दोषी पाया था

दरअसल ये कहानी 1971 में रायबरेली के लोकसभा चुनाव से शुरू होती है. तब इंदिरा गांधी ने वहां से जीत हासिल की थी. उनकी जीत को प्रतिद्वंद्वी राजनारायण ने कोर्ट में चुनौती दी.इस मुक़दमे को इंदिरा गांधी बनाम राजनारायण के नाम से जाना जाता है.

12 जून, 1975 को जब फैसला होने वाला था तब सुबह 10 बजे से पहले ही इलाहाबाद हाईकोर्ट का कोर्टरूम नंबर 24 खचाखच भर चुका था. जस्टिस जगमोहन लाल सिन्हा पर पूरे देश की नज़रें थीं, क्योंकि वो राजनारायण बनाम इंदिरा गांधी के मामले में फ़ैसला सुनाने जा रहे थे.

 

इंदिरा को रायबरेली में जीत हासिल हुई थी

हालांकि 1971 के रायबरेली चुनावों में इंदिरा गांधी को जबरदस्त जीत मिली थी. उन्होंने संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के उम्मीदवार राजनारायण को भारी अंतर से हराया था. हालांकि राजनारायण ना केवल लगातार अपनी जीत के दावे कर रहे थे बल्कि उन्होंने चुनाव परिणाम आने से पहले ही अपना विजय जुलूस भी निकाल दिया था. जब परिणाम घोषित हुआ तो राजनारायण हार चुके थे.

 

राजनारायण हारे और कोर्ट की शरण में गए

नतीजों के बाद राजनारायण शांत नहीं बैठे, वो अदालत गए. वहां उन्होंने करीब सात ऐसे मामलों की सूची अदालत को सौंपी, जिसके जरिए उन्होंने दावा किया कि इंदिरा ने चुनावों में धांधली की और चुनाव जीतने के लिए सरकारी मशीनरी और संसाधनों का दुरुपयोग किया. लिहाजा उनका चुनाव निरस्त कर दिया जाए.

 

अदालत ने उनके आरोप पत्र में ज्यादातर मामलों को खारिज कर दिया था लेकिन कुछ मामले ऐसे थे, जिसे अदालत ने सही पाया, क्योंकि प्रधानमंत्री हाउस के वाहन उनके चुनाव क्षेत्र में देखे गए थे.

 

अदालत ने राजनारायण के कुछ आरोपों को सही पाया

12 जून 1975 के दिन जब जस्टिस जगमोहन लाल सिन्हा ठीक दस बजे अपने चेंबर से कोर्टरूम में आए. सभी लोग उठकर खड़े हुए. शुरुआत में ही उन्होंने साफ़ कर दिया कि राजनारायण की याचिका में उठाए गए कुछ मुद्दों को उन्होंने सही पाया है.

दो मामलों में इंदिरा दोषी पाई गईं

राजनारायण की याचिका में जो सात मुद्दे इंदिरा गांधी के ख़िलाफ़ गिनाए गए थे, उनमें से पांच में तो जस्टिस सिन्हा ने इंदिरा गांधी को राहत दे दी थी, लेकिन दो मुद्दों पर उन्होंने इंदिरा गांधी को दोषी पाया था.

06 साल के लिए चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हो गईं

फ़ैसले में अदालत ने पाया कि जन प्रतिनिधित्व कानून के तहत इंदिरा गांधी ने सरकारी साधनों का दुरुपयोग किया है, लिहाजा उन्हें अगले छह सालों तक लोकसभा या विधानसभा का चुनाव लड़ने के अयोग्य ठहराया जाता है.

अदालत में पांच घंटे खड़ी रहीं इंदिरा

इस मुकदमे में पहली भारतीय प्रधानमंत्री अदालत में पेश हुईं. सवाल ये भी था कि जज के सामने प्रधानमंत्री और बाकी लोगों का शिष्टाचार कैसा हो, क्योंकि अदालत में सिर्फ और सिर्फ़ जज के प्रवेश करने पर ही उपस्थित लोगों के खड़े होने की परंपरा है, पर जब प्रधानमंत्री सामने हो तो. जस्टिस सिन्हा ने कहा, अदालत में लोग तभी खड़े होते हैं जब जज आते हैं, इसलिए इंदिरा गाँधी के आने पर किसी को खड़ा नहीं होना चाहिए. लोगों को प्रवेश के लिए पास बांटे गए थे.”

 

अदालत में इंदिरा गांधी को करीब पांच घंटे तक सवालों के जवाब देने पड़े. इंदिरा गांधी और उनके समर्थकों को अंदाज़ा लगने लगा था कि इलाहाबाद हाईकोर्ट का फ़ैसला उनके ख़िलाफ़ जा सकता है. ऐसे में जज को मनाने की कोशिश भी हुई लेकिन जस्टिस सिन्हा किसी दबाव में नहीं आए.

 

सुप्रीम कोर्ट ने भी आंशिक राहत दी

हालांकि इस फैसले के बाद इंदिरा गांधी सुप्रीम कोर्ट गईं. लेकिन इस बीच सुप्रीम कोर्ट के वैकेशन जज जस्टिस वीआर कृष्ण अय्यर ने भी कहा कि उनपर भी इस केस को लेकर दवाब बनाने की कोशिश हुई. जस्टिस कृष्ण अय्यर ने स्वीकार किया था कि देश के कानून मंत्री गोखले ने उनसे मिलने के लिए फ़ोन किया था.

 

24 जून, 1975 को जस्टिस अय्यर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फ़ैसले पर स्थगन आदेश तो दे दिया, लेकिन ये पूर्ण नहीं आंशिक स्थगन आदेश था. जस्टिस अय्यर ने फ़ैसला दिया था कि इंदिरा गांधी संसद की कार्यवाही में भाग तो ले सकती हैं लेकिन वोट नहीं कर सकतीं.

 

तब देश में लग गया आपातकाल

यानी सुप्रीम कोर्ट के इस फ़ैसले के मुताबिक, इंदिरा गांधी की लोकसभा सदस्यता चालू रह सकती थी. विपक्ष ने इंदिरा गांधी पर अपने हमले तेज़ कर दिए.इसके बाद जिस तरह के हालात पैदा होने लगे. उसमें इंदिरा गांधी ने 25 जून 1975 को पूरे देश में आपातकाल लागू कर दिया.