महासमुंद/समाज के कमजोर वर्गों को कानूनी जानकारी और सहायता प्रदान करना ताकि वे अपने अधिकारों को समझ सकें और न्याय प्राप्त कर सके – सचिव आफरीन बानो

महासमुंद/समाज के कमजोर वर्गों को कानूनी जानकारी और सहायता प्रदान करना ताकि वे अपने अधिकारों को समझ सकें और न्याय प्राप्त कर सके – सचिव आफरीन बानो

महिलाओं को उनके कर्तव्यों व अधिकारों के बारे में दी गई जानकारी

खेतो-खलियानों में पहुंचकर किसानों एवं महिलाओं के बीच किया जा रहा है नालसा के योजनाओं का प्रचार-प्रसार

महासमुंद राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली नालसा के मंशानुरूप जागृति योजना 2025 के तहत जमीनी स्तर पर न्याय जागरूकता एक अभियान के रूप में संचालित किया जा रहा है। जिसका उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों को कानूनी जानकारी और सहायता प्रदान करना है, ताकि वे अपने अधिकारों को समझ सकें और न्याय प्राप्त कर सकें। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महासमुंद की सचिव श्रीमती आफरीन बानो ने बताया कि नालसा के जागृति योजना-2025 के तहत छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महासमुंद के अध्यक्ष व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती अनिता डहरिया के मार्गदर्शन पर जिले में, जिला अथवा तालुका स्तर पर व्यापक रूप से प्रचार प्रसार किया जा रहा है ताकि जागृति योजना 2025 के तहत जमीनी स्तर पर न्याय जागरूकता, सूचना और पारदर्शिता पहल कर समाज के कमजोर वर्गों को कानूनी जानकारी और सहायता प्रदान करना है, ताकि वे अपने अधिकारों को समझ सकें और न्याय प्राप्त कर सकें।

उल्लेखनीय है कि नालसा की जागृति योजना, 2025, जागृति (जमीनी स्तर पर न्याय जागरूकता, सूचना और पारदर्शिता पहल) नामक एक योजना है, जिसका उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों को कानूनी जानकारी और सहायता प्रदान करना है, ताकि वे अपने अधिकारों को समझ सकें और न्याय प्राप्त कर सकें. यह योजना नालसा (राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण) द्वारा चलाई जा रही है और इसका लक्ष्य न्याय को सभी के लिए सुलभ बनाना है। जिसका लक्ष्य कानूनी जागरूकता फैलाना और समाज के वंचित वर्गों को सशक्त बनाना है। यह योजना विशेष रूप से कमजोर समूहों जैसे महिलाओं, मजदूरों, वृद्धों और बच्चों पर केंद्रित है, और उन्हें कानूनी सहायता प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करती है। विशेष रूप से वे जो कानूनी प्रणाली से अपरिचित हैं या जिन्हें कानूनी सहायता की आवश्यकता है। नालसा की जागृति योजना कानूनी जागरूकता और न्याय तक पहुंच बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है, जो समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने और यह सुनिश्चित करने का प्रयास करती है कि हर किसी को न्याय मिल सके। इसी उद्देश्य से प्रबंध कार्यालय के अधिकार मित्र हरिचंद साहू तथा आरक्षी केन्द्रों में पदस्थ सभी अधिकार मित्रों द्वारा वृहद रूप से नालसा की जागृति योजना 2025 का गांव, ग्राम पंचाततो, हाट बाजारो एवं खेतो में काम कर रहे खेतीहर किसानों एवं महिलाओं को उनके कर्तव्यों एवं अधिकारों के बारे में जानकारी दी जा रही है।

कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने सरायपाली के छुईपाली और सिंघोड़ा में छात्रावास, आंगनबाड़ी केन्द्र व स्वास्थ्य केन्द्र का किया औचक निरीक्षण, विभागीय गतिविधियों का लिया जायजा

विभागीय कार्यां की क्रियान्वयन का जायजा लेने लगातार दूरस्थ ग्रामों में दौरा किया जा रहा हैं। इसी क्रम में आज सरायपाली विकासखण्ड का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक कार्यों की जमीनी हकीकत की जांच की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागीय योजनाओं एवं व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्री एस. आलोक, एसडीएम श्रीमती नम्रता चौबे एवं मैदानी अमला मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान सरायपाली एफसीआई गोदाम, कलेण्डा (छिबर्रा) पहुंचकर उन्होंने धान भंडारण केन्द्र का निरीक्षण किया और बारिश के मौसम को देखते हुए तिरपाल की व्यवस्था, ड्रेनेज सिस्टम तथा भंडारण सुरक्षा पर समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सुरक्षा उपायों को समय पर पूर्ण करते हुए धान की गुणवत्ता को सुरक्षित रखा जाए।

इसके पश्चात कलेक्टर ग्राम छुईपाली स्थित बालिका छात्रावास पहुँचे। यहां छात्रावास में रह रही बालिकाओं से बातचीत कर उन्होंने पोषण, शिक्षण सामग्री, स्वास्थ्य सेवाएं एवं सुरक्षा से संबंधित सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने छात्रावास प्रबंधन को इन सुविधाओं की सतत निगरानी एवं गुणवत्ता में सुधार के निर्देश दिए। ग्राम पंचायत सिघोडा में कलेक्टर श्री लंगेह ने आंगनबाड़ी केन्द्र, पीएम श्री स्कूल और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण किया। आंगनबाड़ी केंद्र में उन्होंने बच्चों की उपस्थिति, टीकाकरण की स्थिति, पोषण आहार की उपलब्धता, स्वच्छता आदि की जानकारी ली। उपस्थित सहायिका एवं कार्यकर्ताओं को नियमित रूप से बच्चों के हित में कार्य करने के निर्देश दिए।

ई डी की बघेल पर कार्यवाही से सरसीवा में कांग्रेसियों ने किया ई डी का पुतला दहन

ई डी की बघेल पर कार्यवाही से सरसीवा में कांग्रेसियों ने किया ई डी का पुतला दहन

सारंगढ़ बिलाईगढ़ न्यूज़/ सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के सरसीवा नगर पंचायत चौक में जिला कांग्रेस संगठन ने आज पूर्व मुख्यमंत्री मान. श्री भूपेश बघेल जी के निवास पर ED की छापेमारी जैसी कायराना कार्यवाही के विरोध में केंद्र व राज्य सरकार का पुतला दहन किया।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष ताराचंद देवांगन ने कहा कि यह कार्यवाही लोकतंत्र की आवाज़ को दबाने की कोशिश है। आज विधानसभा सत्र का अंतिम दिन था, जहाँ अडानी जैसे उद्योगपतियों को जंगल काटने की अनुमति देने जैसे जनविरोधी फैसलों के खिलाफ सवाल उठना था।

पूर्व संसदीय सचिव चंद्रदेव राय ने कहा मोदी सरकार का यह जन्मदिन का बड़ा गिफ्ट है पहले पूर्व सीएम भूपेश बघेल और अब उनके सुपुत्र चैतन्य बघेल को फसाने की बड़ी साजिश के तहत आज ई डी ने गिरफ्तार किया है विधानसभा सत्र के दौरान ही ऐसी कार्यवाही क्यों होती है? यह कांग्रेसियों को दबाने का भाजपा सरकार की बड़ी स्कीम है। कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र और जनहित की ऐसी लड़ाई मजबूती से लड़ेगी।

प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि घनश्याम मनहर में उक्त कार्रवाई को निंदनीय और बदले की भावना से ग्रसित बताया कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता भूपेश बघेल और कांग्रेस संगठन के साथ है।

जनपद पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष राजा अग्रवाल ने उक्त घटना की कड़ी निंदा की तो वहीं कांग्रेस नेत्री लता जाटवर ने इसे बदले की भावना बताया कांग्रेस के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पुतला दहन कार्यक्रम में शामिल हुए और ई डी तथा भाजपा सरकार की गंदी राजनीति को लेकर जमकर नारेबाजी की। पंकज चंद्र दिलीप अन्नत परमानंद साहू विकास पांडेय और युवा कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष ने उक्त घटना को लेकर जिला मुख्यालय में बड़े विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी।

सरायपाली/ शिक्षक ने खेत को बना दिया कक्षा: छात्रों ने सीखी धान की निंदाई-रोपाई, जीवन से जुड़ा व्यावहारिक अनुभव

सरायपाली/ शिक्षक ने खेत को बना दिया कक्षा: छात्रों ने सीखी धान की निंदाई-रोपाई, जीवन से जुड़ा व्यावहारिक अनुभव

सिंघोड़ा संकुल अंतर्गत शासकीय उच्च प्राथमिक शाला रिमजी में शनिवार को ‘बैगलेस डे’ के अवसर पर छात्रों को व्यावसायिक शिक्षा के तहत एक अनूठा शैक्षिक भ्रमण कराया गया। इस आयोजन की शुरुआत प्रातः योग सत्र से हुई, जिसके पश्चात विज्ञान शिक्षक ओमप्रकाश साव के नेतृत्व में साथी शिक्षक डोलामणि चौहान, कमल नारायण भोई एवं रामेश्वर प्रसाद पटेल के सहयोग से बच्चों को खेतों में ले जाकर धान की निंदाई एवं रोपाई की विधियों का प्रत्यक्ष अनुभव कराया गया।

छत्तीसगढ़ को “धान का कटोरा” कहा जाता है और यहां की कृषि परंपरा राज्य की संस्कृति और अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है। इसी सोच के साथ विद्यार्थियों को रिमजी ग्राम के कृषक श्री श्वेत कुमार पटेल के खेत में ले जाया गया, जहां परंपरागत और उन्नत विधियों से रोपाई का कार्य चल रहा था। खेत में पहुंचकर शिक्षकों ने छात्रों को खेती की विभिन्न प्रक्रियाएं जैसे — जुताई, बीजों का उपचार, बुआई, खाद डालना, सिंचाई, निंदाई, कटाई और मिजाई की विस्तृत जानकारी दी।

छात्रों ने खेत में जाकर देखा कि कैसे फसल की निंदाई की जाती है, कैसे रोपाई के लिए पौधों को खींचा और पुनः लगाया जाता है। उन्होंने न केवल देखा बल्कि स्वयं भी इन गतिविधियों में भाग लेकर शारीरिक रूप से अनुभव प्राप्त किया। यह शिक्षा उनके लिए किताबी ज्ञान से अलग, जीवन से जुड़ा हुआ और अत्यंत रोचक रहा।

इस मौके पर ग्रामवासियों और समिति के सदस्यों ने भी छात्रों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें खेती से जुड़ी वास्तविक चुनौतियों और समाधानों के बारे में बताया। कृषक श्री श्वेत कुमार पटेल ने अपनी उन्नत कृषि पद्धतियों को साझा करते हुए बच्चों को प्रेरित किया।

यह शैक्षिक भ्रमण छात्रों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव रहा, जिससे उन्हें कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र की जानकारी तो मिली ही, साथ ही स्थानीय संस्कृति और परंपरा से भी जुड़ने का अवसर मिला। रिमजी शाला के इस प्रयास की सभी ने सराहना की और उम्मीद जताई कि आगे भी इस तरह के व्यावहारिक शिक्षा कार्यक्रम जारी रहेंगे।

हाईवा से टक्कर के बाद बस पलटी, 3 यात्री गंभीर सरायपाली से रायपुर आते वक्त जोरा ब्रिज पर हुआ हादसा,बस में 20 यात्री सवार

हाईवा से टक्कर के बाद बस पलटी, 3 यात्री गंभीर सरायपाली से रायपुर आते वक्त जोरा ब्रिज पर हुआ हादसा,बस में 20 यात्री सवार

महासमुंद जिले के सरायपाली से रायपुर की ओर आ रही शाही ट्रैवेल्स की यात्री बस हाईवा से टक्कर के बाद शुक्रवार दोपहर जोरा ब्रिज पर पलट गई। बस में करीब 20 यात्री सवार थे। हादसे में 2-3 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जबकि अन्य यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं। गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी की मौत नहीं हुई है।जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना दोपहर लगभग 2 बजकर 40 मिनट पर हुई, जब रायपुर की ओर आ रही यात्री बस की सामने से आ रहे एक हाईवा से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस पलट गई।

घटना की सूचना मिलते ही एआईटी ट्रैफिक अधिकारी संजय शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि बस सरायपाली से दोपहर 12:30 बजे रवाना हुई थी और रायपुर लौट रही थी, तभी हादसा हुआ। घायलों को फौरन नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

वहीं, दुर्घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। ट्रैफिक को दोनों ओर से डायवर्ट कर यातायात को सुचारू रूप से शुरू किया। पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है।

रायपुर : राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों से गुणवत्ता सुधार करने रोडमैप मांगा कुलपतियों के साथ विचार-विमर्श

रायपुर : राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों से गुणवत्ता सुधार करने रोडमैप मांगा कुलपतियों के साथ विचार-विमर्श

राज्यपाल और विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति श्री रमेन डेका ने शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए कुलपतियों से दो माह के भीतर रोडमैप मांगा है। उन्होंने आज राजभवन में कुलपतियों के साथ विचार-विमर्श कर छात्रों के हित के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया। बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ.एस. भारती दासन विशेष रूप से उपस्थित थे।

राज्यपाल ने कुलपतियों को निर्देशित किया है कि जिस कोर्स में छात्र और शिक्षक नहीं है, उन्हें बंद किया जाएं। उन्होंने निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से कहा कि वे मैनेंजमेंट के साथ बैठक कर गुणवत्ता सुधार की कार्ययोजना बनाकर सितम्बर माह में उपलब्ध कराएं। उन्होंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के मापदंडों एवं नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।

बैठक में निर्णय लिया गया कि शासकीय और निजी विश्वविद्यालयों के लिए पोर्टल बनाया जाएगा जिसमें एडमिशन से लेकर हर गतिविधियों को विश्वविद्यालय अपलोड करेंगे। उन्होंने कहा कि जो विश्वविद्यालय नेक ग्रेडिंग के लिए पात्र हो चुके है वे अनिवार्य रूप से ग्रेडिंग की प्रक्रिया में शामिल हांे। श्री डेका ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के बारे में विद्यार्थी को भी जागरूक किया जाए। इस अवसर पर विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति उपस्थित थे।

 

महासमुंद / छात्रावास अधीक्षकों हेतु एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

महासमुंद / छात्रावास अधीक्षकों हेतु एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

महासमुंद, 18 जुलाई 2025।
जिले के समस्त छात्रावास एवं आश्रमों के अधीक्षकों के लिए शुक्रवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रावासों के कुशल संचालन एवं अधीक्षकों की कार्य दक्षता में वृद्धि करना था।

प्रशिक्षण में जिले में हाल ही में पदस्थ 12 अधीक्षकों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर सहायक आयुक्त श्रीमती शिल्पा साय ने सभी अधीक्षकों को छात्रावासों के नियमानुसार एवं अनुशासित संचालन हेतु आवश्यक निर्देश दिए।

कलेक्टर श्री विनय लंगेह द्वारा दिए गए निर्देशानुसार जिले के छात्रावास आश्रमों के नियमित रखरखाव, छात्र-छात्राओं को समुचित सुविधाएं प्रदान करने तथा स्वच्छता एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी छात्रावासों में भू-जल स्तर बढ़ाने हेतु सोखता गड्ढा निर्माण अनिवार्य करने के निर्देश का पालन करने कहा गया। बताया गया कि सभी छात्रावासों में यह कार्य पूर्ण किया जा चुका है।

प्रशिक्षण में विभागीय मास्टर ट्रेनर निलेश खांडे द्वारा छात्रावास संचालन से संबंधित विभिन्न पहलुओं जैसे आपातकालीन परिस्थितियों में कार्यवाही, भोजन की गुणवत्ता, बागवानी गतिविधियाँ, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समाधान एवं छात्र-छात्राओं की सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में अधीक्षकों को वन अधिकार अधिनियम, सूचना का अधिकार अधिनियम, पीएम जनमन, धरती आबा, विशेष शिक्षण योजना तथा विभाग द्वारा संचालित अन्य शैक्षणिक एवं सामाजिक योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की गई।

ब्रेकिंग न्यूज बसना /भंवरपुर  स्कूली बच्चों से भरी गाड़ी नहर मे पलटी, रोते बिलखते नजर आये बच्चे मौक़े पर पुलिस मौजूद

Breking बसना /भंवरपुर  स्कूली बच्चों से भरी गाड़ी नहर मे पलटी, रोते बिलखते नजर आये बच्चे मौक़े पर पुलिस मौजूद

आज दोपहर बसना ब्लॉक के ग्राम भंवरपुर से परसापाली मार्ग पर अल्फा ओमेगा स्कूल की एक वैन दुर्घटनाग्रस्त हो गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, वैन अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में वैन में सवार कई बच्चे थे।

भंवरपुर पुलिस मौक़े पर मौजूद थे वही सूत्र बता रहे है की सीट से अधिक बच्चों को बैठाया जाता है

स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी बच्चों को बाहर निकाला और उन्हें सुरक्षित स्थान पर भेजा। हालांकि, कुछ बच्चों को हल्की-फुल्की चोटें आई हैं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया है।

वहीं, घटना के बाद ड्राइवर को भंवरपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और घटना की जांच जारी है।

स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया है, और दुर्घटना की विस्तृत जांच की जा रही है।

ब्रेकिंग न्यूज़ | भंवरपुर से परसापाली मार्ग स्कूली बच्चों से भरी गाड़ी पलटी, हड़कंप

ब्रेकिंग न्यूज़ | भंवरपुर से परसापाली मार्ग स्कूली बच्चों से भरी गाड़ी पलटी, हड़कंप

भंवरपुर में संचालित निजी स्कूल अल्फा ओमेगा की एक स्कूल वैन दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह हादसा भंवरपुर से परसापाली मार्ग पर हुआ है।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, स्कूल वाहन अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि वाहन में कितने बच्चे सवार थे और कितनों को चोटें आई हैं।

घटना की जानकारी मिलते ही परिजन व स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए हैं। प्रशासन व पुलिस को भी सूचना दे दी गई है।

हादसे से जुड़ी विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है।

छत्तीसगढ़ बसना / रिश्वत मामले में फंसे थाना प्रभारी को मरणोपरांत मिली बेगुनाही

छत्तीसगढ़ बसना / रिश्वत मामले में फंसे थाना प्रभारी को मरणोपरांत मिली बेगुनाही

केस लड़ते हो गई मौत, 26 साल बाद मिला न्याय:रिश्वत लेने के आरोप पर मिली थी सजा, टीआई पति की मौत के बाद पत्नी ने लड़ा केस

 

ट्रायल कोर्ट फैसले को हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया है।
रिश्वत लेने के आरोप में फंसे एक थानेदार की केस लड़ते-लड़ते मौत हो गई। करीब 26 साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद दिवंगत थाना प्रभारी को अब जाकर हाईकोर्ट से राहत मिली है। हाईकोर्ट के जस्टिस संजय अग्रवाल ने ट्रायल कोर्ट की सजा को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने माना है कि जिस रिश्वत की मांग की बात की गई, उसका कोई औचित्य नहीं बनता, क्योंकि शिकायतकर्ता और उसके परिजन को पहले ही जमानत पर रिहा कर दिया गया था। फिर दो दिन बाद उसी जमानत की एवज में पैसे की मांग करने का आरोप असंभव लगता है। मामला बसना थाने का है।

दरअलस, ग्राम थुरीकोना निवासी जैतराम साहू ने सहनीराम, नकुल और भीमलाल साहू के खिलाफ मारपीट की शिकायत दर्ज कराई गई थी। जिस पर बसना थाना में 8 अप्रैल 1990 में एफआईआर की गई थी। जिसमें तत्कालीन थाना प्रभारी गणेशराम शेंडे ने कार्रवाई की थी। चूंकि, मामला आईपीसी की धारा 324 के तहत जमानती था, इस वजह से तीनों आरोपियों को उसी दिन मुचलके पर रिहा कर दिया गया। लेकिन, इसके दो दिन बाद 10 अप्रैल 1990 को,एक आरोपी भीमलाल साहू ने रायपुर के लोकायुक्त एसपी को शिकायत की, जिसमें उसने बताया कि उसे रिहा करने के बदले में एक हजार रुपए रिश्वत मांगी गई थी। इस शिकायत के आधार पर लोकायुक्त की टीम ने रेड की जिसमें थाना प्रभारी शेंडे को रंगे हाथों पकड़ा गया।

भ्रष्टाचार के केस में ट्रायल कोर्ट ने सुनाई सजा इस कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी पर केस दर्ज किया गया। साथ ही उन्हें गिरफ्तार कोर्ट में पेश किया गया। लोकायुक्त ने साल 1999 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 13(1)(D) के साथ धारा 13(2) के तहत चालान पेश किया, जिस पर कोर्ट ने थाना प्रभारी को दोषी ठहराते हुए तीन साल कैद और दो हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ शेंडे ने हाईकोर्ट में अपील की थी। अपील लंबित रहते ही उनकी मौत हो गई। जिसके बाद उनकी पत्नी ने अपने पति का केस लड़ा।

हाईकोर्ट ने कहा- रिश्वत का औचित्य नहीं बनता हाईकोर्ट ने दस्तावेजों और गवाहों के बयानों के आधार पर पाया कि जिस रिश्वत की मांग की बात की गई, उसका कोई औचित्य नहीं बनता, क्योंकि शिकायतकर्ता और उसके परिजन को पहले ही 8 अप्रैल को शाम 5 बजे जमानत पर रिहा कर दिया गया था। तथ्यों के अनुसार दो दिन बाद 10 अप्रैल को उसी जमानत की एवज में पैसे की मांग करने का आरोप असंभव लगता है।

थाना प्रभारी से नाराज होने पर की थी शिकायत मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की तरफ से कोट को बताया गया कि शिकायत करने वाले भीमलाल साहू ने भी मामले में दूसरे पक्ष के खिलाफ शिकायत की थी, जिस पर कार्रवाई नहीं होने के कारण वो थाना प्रभारी शेंडे से नाराज था। तर्कों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने ऐसे में ट्रैप की परिस्थितियों को संदेहास्पद मानी। कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष रिश्वत की मांग साबित करने में असफल रहा और ट्रैप में जब्त राशि का कोई वैधानिक आधार नहीं था। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने स्पेशल कोर्ट द्वारा वर्ष 1999 में दी गई तीन साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा को निरस्त कर दिया है।