छत्तीसगढ़ में दिखने लगा मानसून का असर: सभी 33 जिलों में येलो अलर्ट जारी,

छत्तीसगढ़ में दिखने लगा मानसून का असर: सभी 33 जिलों में येलो अलर्ट जारी, राजधानी में भी गरज- चमक के साथ होगी बारिश
छत्तीसगढ़ में तीन मौसम प्रणालिया एक्टिव होने के कारण अब प्रदेशभर में मानसून का असर दिखने लगा है। मौसम विभाग ने सभी 33 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है।;

 

छत्तीसगढ़ अब मानसून का असर दिखने लगा है। राज्य में अभी तीन मौसम प्रणालिया एक्टिव हो चुकी है। जिसके कारण रायपुर और सरगुजा संभाग के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं राजधानीरायपुर और सरगुजा संभाग में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही गरज- चमक के साथ तेज बारिश होने की संभावना है।

वहीं सरगुजा में लगातार बारिश से नदी नाले उफान पर है। यहां के बतौली के माननदी में उफान के चलते नदीपारा मंगारी पुलिया पूरी तरह से डूब गया। जिसके चलते आवागमन बाधित हो गया है। नदीपारा माननदी में उफान से राष्ट्रीय राजमार्ग 43 से 5 गांवों का संपर्क टूट गया जिसके कारण लोग अन्य रास्ते से आवागमन कर रहे हैं।

माननदी में आई बाढ़बतौली के एक मात्र जीवनदायनी माननदी पूरे उफान पर है क्षेत्र में पहले ही बरसात में लगातार मूसलाधार बारिश से माननदी पूरे शबाब पर है। नदीपारा मंगारी पुलिया के ऊपर 3 फिट बह रहा हैं। पानी के तेज बहाव से पुलिया पूरी तरह से डूब चुकी है बारिश खुलने पर ही पानी कम होने बाद ही आवागमन करना सही होगा।

पांच गांवों का संपर्क टूट जाता हैसुवारपारा से होते हुए नदीपारा माननदी स्थित पुलिया को पार कर वीरिमकेला,महेशपुर, नकना, बटईकेला,सरमना पहुंचते है। जबकि बतौली ब्लॉक मुख्यालय सहित एनएच- 43 को जोड़ने वाली नदीपारा पुलिया में हर वर्ष बारिश में आवागमन बाधित होता है। जिससे लोगों के कामकाज रुक जाते है ग्रामीण जनों द्वारा वर्षों से बड़े पुल की मांग की जा रही है जो अब तक पूरी नहीं हो सकी है। बरसात के पूरे तीन महीने इस पुल में खतरा मंडराते रहता है।

रायपुर : छत्तीसगढ़ में बन रहा उद्योग-धंधों के लिए अनुकूल माहौल – मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर : छत्तीसगढ़ में बन रहा उद्योग-धंधों के लिए अनुकूल माहौल – मुख्यमंत्री श्री साय

एससी-एसटी के नव उद्यमियों को आगे बढ़ने के लिए डिक्की बना सशक्त माध्यम

मुख्यमंत्री श्री साय डॉ. आंबेडकर बिजनेस कॉन्क्लेव एवं एक्सिलेंस अवॉर्ड्स समारोह में हुए शामिल

छत्तीसगढ़ में सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों  के फलस्वरूप कृषि के साथ-साथ उद्योग-धंधों के लिए भी एससी-एसटी सहित सभी वर्गों के लिए अनुकूल वातावरण पूरे प्रदेश में बना हुआ है। यही वजह है कि अब तक प्रदेश में लगभग साढ़े पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री साय ने रायपुर में आयोजित डॉ. आंबेडकर बिजनेस कॉन्क्लेव एवं एक्सिलेंस अवॉर्ड्स समारोह में कही। उन्होंने दलित चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) द्वारा आयोजित इस कॉन्क्लेव को नव उद्यमियों को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया एवं छत्तीसगढ़ में आयोजन के लिए बधाई दी।

इस दौरान श्री साय ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के नव उद्यमियों को सम्मानित कर प्रोत्साहित किया। कॉन्क्लेव में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लगभग 800 से अधिक नव उद्यमियों ने हिस्सा लिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने यहां नई औद्योगिक नीति को अपनाया है, जिसे बहुत परिश्रम से हमारी सरकार ने तैयार कर प्रदेश में उद्योग के क्षेत्र में नई संभावनाओं को पंख देने का कार्य किया है। इसके तहत देश के बड़े मेट्रो शहरों में इंडस्ट्रियल समिट का आयोजन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत इतने कम समय में ही 5.50 लाख करोड़ रुपये का निवेश विभिन्न क्षेत्रों में प्राप्त हुआ है। अकेले पावर सेक्टर में ही 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ है। हमारी औद्योगिक नीति का ही परिणाम है कि आज रायपुर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डेटा सेंटर सहित सेमीकंडक्टर निर्माण इकाइयों की स्थापना हो रही है।

श्री साय ने कहा कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समाज के लोगों को उद्यमिता के क्षेत्र में बढ़ावा देने से ही देश विकसित राष्ट्र की ओर अग्रसर होगा। हमें आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करना है, जिसके लिए हमें उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ना ही होगा।

इस अवसर पर दलित चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) के फाउंडर चेयरमैन पद्मश्री डॉ. मिलिंद कांबले ने वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ राज्य के लिए 360 डिग्री अप्रोच वाली योजना की आवश्यकता बताई, जिससे उद्यमिता के क्षेत्र में बढ़ रहे अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के हितग्राहियों को उद्योग से संबंधित उच्चस्तरीय प्रबंधन, टेक्नोलॉजी, वित्तीय प्रबंधन, सब्सिडी, मार्केट लिंकेज तथा मार्केटिंग जैसे अन्य महत्वपूर्ण विषयों की त्वरित जानकारी उपलब्ध कराई जा सके। इस दौरान उन्होंने डिक्की के उद्देश्यों के बारे में भी विस्तार से जानकारी साझा की।

कार्यक्रम में डिक्की के नेशनल प्रेसिडेंट श्री रवि कुमार नर्रा ने कार्यक्रम की भूमिका संबंधी जानकारी प्रस्तुत की।इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, डिक्की पश्चिमी क्षेत्र प्रमुख श्री संतोष कांबले, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री संजीव डांगी, स्टेट प्रेसिडेंट श्री अभिनव सत्यवंशी सहित बड़ी संख्या में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उद्यमी उपस्थित थे।

 

सरायपाली बसना / बिक्री के लिए उपलब्ध मारुति suzuki ऑल्टो एक पुरानी कार है। इस कार का इस्तेमाल किया हुआ मॉडल और डीलरों और ग्राहकों के बिक्री के लिए उपलब्ध है

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महासमुंद/अवैध रेत उत्खनन पर कड़ी कार्रवाई, 1 चैन माउंटेन वाहन जप्त

महासमुंद/अवैध रेत उत्खनन पर कड़ी कार्रवाई, 1 चैन माउंटेन वाहन जप्त

कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर रोक लगाने हेतु खनिज विभाग द्वारा सतत कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में 27 जून को संयुक्त टीम द्वारा महासमुंद विकासखंड अंतर्गत ग्राम कर्राडीह महानदी क्षेत्र में रेत का अवैध उत्खनन करते हुए एक चैन माउंटेन वाहन को जप्त किया गया। वाहन को जब्त कर सुरक्षार्थ तुमगांव थाना में खड़ा किया गया है।

खनिज अधिकारी श्री योगेन्द्र सिंह ने बताया कि उक्त वाहनों पर खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के अंतर्गत कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। इस प्रकरण में 2 से 5 वर्षों की सजा का प्रावधान है और संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध एफ आई आर दर्ज कर न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया जाएगा। पूर्व में भी खनिज पट्टेदारों एवं खनिज परिवहनकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं कि बिना वैध अभिवहन पास के खनिज का उत्खनन, परिवहन या भंडारण करना कानूनन अपराध है। कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में अवैध खनिज गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु खनिज विभाग का विशेष अभियान सतत जारी रहेगा और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

महासमुंद/निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमितताएं,करणी कृपा पावर प्लांट को तत्काल बंद करो : अशवंत तुषार साहू

महासमुंद/निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमितताएं,करणी कृपा पावर प्लांट को तत्काल बंद करो : अशवंत तुषार साहू

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री विनय कुमार लंगेह के गठित जिला स्तरीय संयुक्त जांच टीम द्वारा मेसर्स करणी कृपा पॉवर प्रा०लि० ग्राम खैरझिटी निरीक्षण के दौरान बहुत सारे विभागों के द्वारा पाई गई अनेको अनियमितताएं, ऐसे अवैध करणी कृपा पावर प्लांट को भाजपा के सक्रिय सदस्य व किसान नेता अशवंत तुषार साहू तत्काल बंद करने का मांग कलेक्टर महोदय से किया और अपने प्रेस विज्ञप्ति में कहा निरीक्षण के दौरान औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा बलौदाबाजार द्वारा जांच में सुरक्षा उपकरण के बगैर कर्मचारी कार्यरत मिले। जिसके कारण लगातार वहां मौत का खेल खेला जा रहा है, इस पर प्रबंधन को नोटिस जारी किया जा रहा है। श्रम विभाग द्वारा जांच में ओवर टाईम कार्य लिया जाना पाया गया। ठेकेदारों को नोटिस जारी किया जा रहा है। अन्तर्राज्यीय प्रवासी कर्मकार अधिनियम अंतर्गत अनुज्ञप्ति लिया जाना नहीं पाया गया। इस पर भी ठेकेदारों को नोटिस जारी किया जा रहा है। कई अनियमितता पाई गई। डम्प रेत का रायल्टी पर्ची उपलब्ध नहीं कराया गया। प्रबंधन को 03 दिवस के भीतर रायल्टी पर्ची प्रस्तुत करने हेतु निर्देश दिया गया। परिवहन विभाग द्वारा जांच में प्लांट के अन्दर पाई गई समस्त गाड़ियां अंडरलोड पाई गई। विगत दिनों का वे-ब्रीज का विवरण प्रस्तुत किया गया। उनमें भी समस्त गाड़ियां अंडरलोड पाई गई। पर्यावरण विभाग द्वारा जांच में पाई गई कमियों के संबंध में प्रबंधन को पृथक से नोटिस जारी किया जा रहा है। शासन प्रशासन नोटिस – नोटिस का खेल खेलना बंद करें, जब एक अवैध करणी कृपा पावर प्लांट मे इतने सारे विभागों के द्वारा जांच में निरीक्षण के दौरान पाई गई अनेको अनियमितताएं तो तत्काल अवैध प्लांट को बंद कर देना चाहिए आखिर किसके संरक्षण पर यह अवैध कृपा पावर प्लांट चल रहा है इतने सारे कमी होने के बाद भी जनहित को देखते हुए तत्काल बंद कर देना चाहिए

सरायपाली / सुन्दर लाल डडसेना को मिला मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण(शिक्षादूत) का पुरस्कार

सरायपाली / सुन्दर लाल डडसेना को मिला मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण(शिक्षादूत) का पुरस्कार

सरायपाली======शासकीय आदिवासी कन्या आश्रम डुडूमचुवाँ सरायपाली में पदस्थ,छत्तीसगढ़ का पहला मैथ्स गार्डन(शास प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक शाला अनसुला)बनाने वाले नवाचारी शिक्षक,साहित्यकार सुंदर लाल डडसेना को मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण 2024 का शिक्षादूत पुरस्कार मुख्य अतिथि रूपकुमारी चौधरी सांसद महासमुंद,अतिविशिष्ट अतिथि मोंगरा किशन पटेल जिला पंचायत अध्यक्ष, विशिष्ट अतिथियों चंद्रहास चंद्राकर अध्यक्ष बीज निगम,ऐतराम साहू जिला अध्यक्ष भाजपा,भीखम सिंह ठाकुर जिला पंचायत उपाध्यक्ष,बलरामकांत साहू अध्यक्ष नगर पंचायत तुमगांव,विनय कुमार लंगेह कलेक्टर महासमुंद
एस आलोक सीईओ जिला पंचायत महासमुंद अतिथियों के कर कमलों से श्रीफल,शाल,गुलदस्ता,उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान पत्र एवं आकर्षक प्रतीक चिन्ह के साथ 5000 का चेक प्रदान किया गया।उन्हें यह अलंकरण सम्मान शिक्षण कार्य कुशलता,उत्कृष्ट सेवा,नवाचारी गतिविधियों और शासन की विभिन्न योजनाओं को सराहनीय ढंग से संचालित करने पर मिला है।

सुंदर लाल डडसेना स्कूली बच्चों को अनवरत शैक्षिक गतिविधियों के माध्यम से अध्ययन-अध्यापन कार्य नवाचार द्वारा सृजित करते रहते है।इनके शैक्षिक व सह शैक्षिक क्रियाकलापों से बच्चे उत्साहित भाव से अपनी छुपी हुई प्रतिभाओं को उकेरते एवं आभाएं बिखेरते रहते हैं।इनके सतत एवं अनवरत प्रयास से बच्चे आदर्श एकलव्य विद्यालय,जवाहर नवोदय विद्यालय,सैनिक स्कूल,प्रयास आवासीय विद्यालय,राष्ट्रीय साधन सह छात्रवृति योजना में कई बच्चे चयनित हुए हैं।बच्चों को कबाड़ से जुगाड़ एवं विभिन्न सहायक शिक्षण सामग्रियों के निर्माण से प्रतिभा को निखारने का कार्य करते आ रहे हैं।वे बच्चों को नवाचार शिक्षा गीत,स्वरचित कविताओं से जोड़कर पढ़ाई को सुगम और सहज बनाने का कार्य करते हैं।

यह पुरस्कार पाने पर जिला शिक्षा अधिकारी विजय लहरे,विकासखंड शिक्षा अधिकारी प्रकाशचंद्र माँझी,सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी देवनारायण दीवान,बीआरसी सतीश स्वरूप पटेल,महासमुंद बीआरसी जागेश्वर सिन्हा,संकुल समन्वयक गण देवानंद नायक,ऋषि कुमार प्रधान,छबिलाल पटेल,प्रभात माँझी,डॉ अनिल प्रधान,लवकुमार पटेल,योगेश साहू,शीला विश्वास,दूर्वादल दीप, तृप्ति कुमार जायसवाल,ऊदल सिंह निषाद,योगेश डनसेना,टेकलाल जायसवाल, वर्षा जैन,इंद्रजीत साव,उजल सिंह सिदार,ओमप्रकाश साव,अंजनी चौहान,डिंगर दास वैष्णव,सोहन यादव,रामेश्वर पटेल,सुभाष प्रधान, भूपेंद्र नेताम,कंवल साहू,योगेश त्रिपाठी, खीरसिंधु साहू, वर्षा नंद,बसंत साहू,डिग्रीलाल,निर्मल बारीक,कामिनी जोशी,मानक दास,महेंद्र चौधरी,विनोद डडसेना,प्रेमचंद साव,वीरेंद्र साहू के साथ डुडूमचुवाँ और केंदूढार के समस्त शिक्षक शिक्षिकाओं ने शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

सरायपाली / हॉस्पिटल को सील कर करने की खबर है मरीज को अमानवीय तरीके से इलाज का आरोप था

महासमुंद जिले के सरायपाली क्षेत्र मे एक निजी अस्पताल पर
बगैर महिला डॉक्टर और गलत इलाज जैसी लापरवाही के मामले में शहर के एक अस्पताल पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। महिला के गुदा द्वार को सोल्डिंग मशीन से छत विक्षत करने का आरोप, जिला कलेक्टर पुलिस से पीड़ित ने की शिकायत पर अब बड़ी कार्यवाही की खबर है!

सरायपाली स्थित मातृ केयर हॉस्पिटल एंड फर्टिलिटी सेंटर को सील किया है। जानकारी के मुताबिक, परिजन ने आरोप लगाया था कि मातृ केयर हॉस्पिटल एंड
फर्टिलिटी सेंटर के डॉ. शिवांशीश बेहरा की लापरवाही की वजह से महिला मरीज को परेशानी का सामना करना पड़ा।
अस्पताल में बगैर महिला डॉक्टर के मरीज के इलाज का
प्रयास किया गया। वहीं गलत इलाज के कारण महिला की हालत नाजुक होने पर पीड़ित परिवार ने रायपुर में इलाज कराया। वहां पता लगा कि पाइल्स बीमारी का इलाज
गलत तरीके से किया गया है।

मलद्वार को काटने की वजह से
महिला की हालत नाजुक हो गई है। इधर यह मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन की टीम ने जांच में पाया कि अस्पताल में भारी अनियमितता है। साथ ही अस्पताल में नर्सिंग होम एक्ट का खुला उल्लंघन किया जा रहा था।
डॉक्टर स्टाफ की भी कमी थी, मिडिया रिपोर्ट के अनुसार   टीम ने मातृ केयर
हॉस्पिटल एंड फर्टिलिटी सेंटर को सील किया है। एसडीएम नम्रता चौबे ने बताया, कलेक्टर के निर्देश पर मामले की गंभीरता को देखते हुए सूक्ष्म जांच करने पर अस्पताल
को सील किया गया है। दोषियों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।

रायपुर : शाला प्रवेश उत्सव में शामिल हुए श्री दयाल दास बघेल

रायपुर : शाला प्रवेश उत्सव में शामिल हुए श्री दयाल दास बघेल

खाद्य मंत्री ने किया अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण बच्चों की शिक्षा में अभिभावकों की भागीदारी जरूरी: खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल

खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल आज बेमेतरा जिले के नवागढ़ विकासखंड के ग्राम बदनारा में आयोजित विकासखंड स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने नव प्रवेशी विद्यार्थियों को शिक्षा की नई यात्रा के लिए शुभकामनाएँ दीं और अपने प्रेरणादायक उद्बोधन से बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों का उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री बघेल ने बच्चों को पाठ्यपुस्तकें एवं गणवेश वितरित किए और मुंह मीठा कराकर उनका स्वागत किया। गुलाल और तिलक से बच्चों का पारंपरिक रूप से स्वागत कर शिक्षा की इस नई यात्रा की शुरुआत को उत्सव में बदला गया। उन्होंने विद्यालय में निर्मित एक अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण भी किया। बच्चों ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।

अपने संबोधन में मंत्री श्री बघेल ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की रीढ़ होती है। विद्यालय एक ऐसा मंदिर है जहाँ से बच्चों का संपूर्ण विकास आरंभ होता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने हेतु निरंतर प्रयासरत है। गणवेश, पाठ्यपुस्तक, मध्यान्ह भोजन, छात्रवृत्ति जैसी योजनाएँ इसी दिशा में मजबूत कड़ी हैं।

मंत्री श्री बघेल ने कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह बच्चों के सोचने-समझने और व्यवहार में बदलाव लाने वाली होनी चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचान कर उन्हें प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा, “हमारा प्रयास होना चाहिए कि गांव का हर बच्चा स्कूल आए, शिक्षा पाए और आत्मनिर्भर बने।

उन्होंने अभिभावकों से विशेष अपील करते हुए कहा कि वे बच्चों की पढ़ाई में सक्रिय रुचि लें। आप अपने बच्चों से रोज पूछें कि आज स्कूल में क्या सीखा? इससे बच्चे न केवल उत्साहित होंगे, बल्कि शिक्षक भी बेहतर शिक्षण के लिए प्रेरित होंगे। उन्होंने कहा कि शाला प्रवेश उत्सव केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि शिक्षा के महत्व को समाज तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम है। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष श्री खोर बाहरा साहू, श्री अजय साहू, जिला शिक्षा अधिकारी सरपंच-पंचगण, शिक्षकगण, ग्रामीणजन और छात्र-छात्राएँ बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

 

रायपुर : रासायनिक खादों की कालाबाजारी बर्दास्त नहीं, समितियों में खाद का हो पर्याप्त भण्डारण: मंत्री श्री केदार कश्यप 

रायपुर : रासायनिक खादों की कालाबाजारी बर्दास्त नहीं, समितियों में खाद का हो पर्याप्त भण्डारण: मंत्री श्री केदार कश्यप

उपलब्धता के हिसाब से किसानों को मांग के अनुरूप मिले रासायनिक खाद

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में डीएपी की कमी को देखते हुए किसानों को वैकल्पिक खाद के लिए करें जागरूक

बैठक में उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधि हुए शामिल

सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में डीएपी खाद की कमी को देखते हुए प्रदेश में डीएपी खाद की पर्याप्त सप्लाई नहीं हो पा रही है तो डीएपी के वैकल्पिक खादों के प्रति किसानों को जागरूक करें और जो वैकल्पिक खाद उपलब्ध है किसानों को दिया जाए। उन्होंने बैठक में कहा कि किसानों को सहुलियतें प्रदान करना हमारी सरकार की पहली प्राथमिकता है। मंत्री श्री केदार कश्यप आज अपने नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में सहकारिता और उर्वरक कंपनियों के अधिकारियों की बैठक में किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित बनाए रखने के संबंध में समीक्षा कर रहे थे।

सहकारिता मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि रासायनिक खाद की कालाबाजारी बर्दास्त नहीं की जाएगी। ऐसे गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों व केन्द्र संचालकों के ऊपर कड़ी कार्यवाही की जाए। उन्होंने सहकारिता विभाग के अधिकारियों से कहा कि प्रदेश में 2058 सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में रासायनिक खाद का भण्डारण हो और किसानों की मांग के अनुरूप खाद मिले यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने नैनो यूरिया, नैनी डीएपी के छिड़काव के प्रति भी किसानों को जागरूक करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

बैठक में सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने बताया कि डीएपी खाद की आपूर्ति के संबंध में कंपनी के प्रतिनिधियों से समन्वय कर खाद सप्लाई के लिए विभागीय स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। आने वाले समय में डीएपी खाद सप्लाई की संभावना है। अधिकारियों ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025 के लिए किसानों के मांग के अनुरूप विभाग 10.73 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद का लक्ष्य निर्धारित किया है। लक्ष्य के विरूद्ध 5.85 लाख मीट्रिक टन का भण्डारण किया जा चुका है तथा किसानों को 4.37 लाख मीट्रिक टन खाद वितरित किए जा चुके हैं। वर्तमान में समितियों में 1.18 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है।

अधिकारियों ने बताया कि डीएपी का लक्ष्य 78 हजार 331 मीट्रिक टन है। इसके विरूद्ध अब तक 75 हजार 428 मीट्रिक टन डीएपी का भण्डारण किया जाकर किसानों को 61 हजार 137 मीट्रिक टन खाद वितरण किया जा चुका है। समितियों में 14 हजार 291 मीट्रिक टन डीएपी खाद शेष है। डीएपी खाद की कमी के कारण एनपीके का लक्ष्य बढ़कर 3 लाख 16 हजार मीट्रिक टन हो गया है। लक्ष्य के विरूद्ध 93 हजार 467 मीट्रिक टन एनपीके का भण्डारण किया जाकर किसानों को 74 हजार 545 मीट्रिक टन एनपीके खाद का वितरण किया जा चुका है। समितियों में 18 हजार 922 मीट्रिक टन एनपीके शेष है। ज्यादा से ज्यादा एनपीके के सप्लाई के लिए कंपनियों के साथ निरंतर समन्वय किया जा रहा है।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि खरीफ सीजन 2025 के लिए मांग के अनुरूप यूरिया का लक्ष्य 4.54 लाख मीट्रिक टन है। लक्ष्य के विरूद्ध 2.88 लाख मीट्रिक टन का भण्डारण कर 1.91 लाख मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किसानों को किया जा चुका है, इसी प्रकार एमओपी का लक्ष्य 46 हजार 360 मीट्रिक टन है। लक्ष्य के विरूद्ध 55 हजार 611 मीट्रिक टन एमओपी का भण्डारण कर किसानों को 29 हजार 851 मीट्रिक टन एमओपी का वितरण किया जा चुका है। इसी प्रकार एसएसपी (समस्त) का लक्ष्य 1.76 लाख मीट्रिक टन निर्धारित है। लक्ष्य के विरूद्ध 1.28 लाख मीट्रिक भण्डारण कर किसानों को 65 हजार 878 मीट्रिक टन एसएसपी का वितरण किए जा चुके हैं।

बैठक में अपेक्स बैंक के चेयरमेन श्री केदारनाथ गुप्ता सहित रासायनिक खाद कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने सुझाव दिए। इस अवसर पर आयुक्त सहकारिता व पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री कुलदीप शर्मा मार्कफेड की एमडी श्रीमती किरण कौशल, संचालक कृषि श्री राहुल देव, अपेक्स बैंक के एमडी श्री के.एन. काण्डे सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं खाद कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

 

रायपुर : वाणिज्यिक कर विभाग में पारदर्शिता और सुधार की नई पहल : वर्षों बाद हुए व्यापक तबादले

रायपुर : वाणिज्यिक कर विभाग में पारदर्शिता और सुधार की नई पहल : वर्षों बाद हुए व्यापक तबादले

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की गुड गवर्नेंस नीति के अनुरूप सभी विभागों में शासकीय कार्यप्रणाली को पारदर्शी, निष्पक्ष और जनहितकारी बनाने की दिशा में अनेक पहल की जा रही है। इसी क्रम में वाणिज्यिक कर (जीएसटी) विभाग में वर्षों बाद बड़े पैमाने पर तबादले किये गये हैं। इससे पहले विगत दो-तीन वर्षों में विभाग में एकाध बार ही सीमित संख्या में (केवल 10-15 अधिकारियों के) ही तबादले हुए थे। जीएसटी विभाग के अधिकांश अधिकारी-कर्मचारी एक ही पदस्थापना स्थल पर लंबे समय से कार्यरत थे। कुछ अधिकारी तो लगातार 18 वर्षों तक एक ही स्थान पर पदस्थ थे। यह स्थिति विभाग के कार्य निष्पादन और कर संग्रहण में पारदर्शिता तथा निष्पक्षता की भावना को बाधित करती है।

विभाग में स्वीकृत 35 राज्य कर उपायुक्त पदों में से 17 अधिकारियों को पदोन्नति उपरांत नवीन पदस्थापना प्रदान की गई। शेष 8 उपायुक्तों में 3 अधिकारी पिछले 10 वर्षों से, 2 अधिकारी 8 वर्षों से तथा 3 अधिकारी 4-5 वर्षों से रायपुर में पदस्थ थे। इसके अतिरिक्त 8 उपायुक्त तथा 4 सहायक आयुक्त 5 वर्षों से अपने गृह जिले में ही कार्यरत थे।

178 राज्य कर अधिकारी/राज्य कर निरीक्षक भी पिछले 4-5 वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ थे, जिनमें से 34 राज्य कर  अधिकारी एवं 45 राज्य कर निरीक्षक लगातार 5 वर्षों से अपने गृह जिले में ही नियुक्त थे। टैक्स कलेक्शन विभाग होने के कारण इतनी लंबी अवधि तक एक ही क्षेत्र में पदस्थ रहने से व्यापारिक संस्थाओं से व्यक्तिगत संबंध विकसित होने की संभावना बढ़ती है, जिससे कामकाज पर असर पड़ता है।

वाणिज्यिक कर मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इस स्थिति में आवश्यक सुधार करते हुए राज्य में कर प्रशासन के विकेन्द्रीकरण और सुदृढ़ीकरण की दिशा में प्रभावी कदम उठाये गये हैं। पूर्व में विभाग के वृत्तों की संख्या  30 होते हुए भी विभागीय कार्यालय महज 15 जिलों में ही सीमित थे, जबकि राज्य सरकार के सभी प्रमुख विभागों के कार्यालय सभी  जिलों में है। इसे कमी को दूर करते हुए  पहली बार दंतेवाड़ा, कोंडागांव, जशपुर और नवगठित जिले सक्ती एवं सारंगढ़ में वृत्त स्थापित कर वहां अधिकारियों की पदस्थापना सुनिश्चित की गई है।

राजस्व संग्रहण को सशक्त बनाने के लिये विभाग में बीआईयू एवं ऑडिट यूनिट का गठन कर उनमें अधिकारियों की तैनाती की गई है। इतने बड़े पैमाने पर तबादलों के बावजूद मानवीय संवेदनाओं का पूरा ध्यान रखा गया है। विशेषकर पति-पत्नी दोनों अधिकारियों की पदस्थापना एक ही जिले में सुनिश्चित की गई है तथा महिला अधिकारियों को यथासंभव निकटवर्ती जिलों में ही स्थानांतरित किया गया है।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा की राज्य सरकार आगामी समय में भी सभी विभागों में ईमानदार, पारदर्शी और निष्ठावान कार्य संस्कृति को सुदृढ़ करने के लिये निरंतर कदम उठाती रहेगी।