सरायपाली -/ विकासखंड स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन शासकीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक शाला मोखापुटका में आयोजन किया गया

*विकासखंड स्तरीय प्रवेश उत्सव का अद्वितीय आयोजन*
आज दिनांक 28 जून 2025 को विकासखंड स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन शासकीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक शाला मोखापुटका में आयोजन किया गया ।उक्त कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में सांसद महासमुंद लोकसभा रूप कुमारी चौधरी,कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा सरायपाली के विधायक चातुरी नंद, अध्यक्ष जिला पंचायत महासमुंद मोंगरा किशन पटेल, सदस्य जिला पंचायत महासमुंद कुमारी भास्कर, अध्यक्ष जनपद पंचायत सरायपाली लक्ष्मी हरिश्चंद्र पटेल, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत सरायपाली मुकेश धर्मेंद्र चौधरी, सदस्य जनपद पंचायत सरायपाली अनीता जी, सरपंच ग्राम पंचायत मोखापुटका लोचन भावना पटेल, प्रदेश भाजपा प्रतिनिधि संजय शर्मा,जिला उपाध्यक्ष भाजपा विपिन उबोवेजा,डॉ. प्रकाश पटेल जनपद सदस्य उद्धव नंद,

एसडीएम(आईएएस) नम्रता चौबे,अतिरिक्त तहसीलदार मनीषा देवांगन, तहसीलदार श्रीधर पंडा़, नायब तहसीलदार हरि भोय, विकासखंड शिक्षा अधिकारी प्रकाश चंद्र मांझी, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी डीएन दीवान, विकासखंड स्त्रोत समन्वयक सतीश स्वरूप पटेल एवं पंच गण उपस्थित थे। अतिथियों का आत्मीय स्वागत रोवर कलर पार्टी के द्वारा किया गया।

विकासखंड स्तरीय प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में प्राथमिक शाला में 9 नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर मुंह मीठा करने के बाद बैग एवं पाठ्यपुस्तक वितरण कर भव्य स्वागत किया गया। साथ ही कक्षा नवमीं में नवप्रवेशी छात्र- छात्राओं को भी मीठा खिलाकर तिलक लगाकर स्वागत किया गया एवं साथ ही सरस्वती साइकिल योजना के तहत साइकिल प्रदान किया गया। कार्यक्रम में बहुत अधिक संख्या में पालक ,ग्रामीण एवं गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। साथी एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायत मोखापुटका के सरपंच,पंच गणों के विशेष सहयोग से 1000 पेड़ का रोपण किया गया। कार्यक्रम के पश्चात सभी ग्रामीण अतिथियों एवं छात्र-छात्राओं के लिए भोजन की व्यवस्था नेवता भोज की तहत किया गया।
उक्त कार्यक्रम में शिक्षा विभाग का प्रतिवेदन वाचन विकासखंड शिक्षा अधिकारी प्रकाश चन्द्र मांझी द्वारा किया गया।उन्होंने बताया कि विकासखंड सरायपाली प्रतियोगी एवं बोर्ड परीक्षा दसवीं में कु. आरती भोई 6वां, कु.सिमरन कश्यप 7 वां स्थानटाप टेन में बनाया।प्रयास विद्यालय में 51 छात्रों ने अपना नाम दर्ज कराया है साथ ही नवोदय विद्यालय में 25 छात्रों का चयन हुआ, राष्ट्रीय साधन सह प्रवीण्य परीक्षा में 27 छात्र ,इस्पायर अवार्ड में 30    छात्र,सैनिक स्कूल में 16 बच्चों का एकलव्य आवासीय विद्यालय में विकासखंड से 68 बच्चों का चयन हुआ है। सात बालिकाओं को निशुल्क साइकिल वितरण किया गया वर्तमान में विकास खंड सरायपाली का कोई भी स्कूल शिक्षक विहीन एवं एकल शिक्षकीय नहीं है । शासन के योजना के तहत निःशुल्क पाठ्यपुस्तक,निःशुल्क मध्यान

भोजन, निःशुल्क सरस्वती साइकिल योजना, राज्य छात्रवृति योजनाओं का लाभ बच्चों को मिल रहा है एवं बलवाड़ी का संचालन हो रहा है जिसमें 5 से 6 वर्ष के बच्चे खेल-खेल में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। मुख्य अतिथि चौधरी ने उद्बोधन में बच्चों का स्वागत करते हुए बच्चों की प्रथम पाठशाला घर और प्रथम शिक्षिका मां को बताया, गुरु की महिमा का बखान करते हुए गुरु को श्रेष्ठ बताया। साथ ही सभी गणमान्य नागरिकों को प्रवेश उत्सव की बधाई दी। विधायक नंद ने छत्तीसगढ़ी भाषा अपने अंदाज़ मे स्वागत करते हुए। बेटियों को शिक्षा के प्रति विशेष ध्यान देने एवं अधिक से अधिक पढ़ाने के लिए प्रेरित किया। मोखापुटका नाला से कौहाकुडा़ पहुंच मार्ग में जमीन दान दाताओं का भी सम्मान किया गया जिसमें चंदराम चौधरी, नवरतन साहू, मुरलीधर चौधरी, रूप सिंग सिदार, जनक राम सिदार, गंगाधर सिदार,लक्षमन सिदार, रूपधर चौधरी,चैतराम चौधरी,नवरतन चौधरी, दिलचंद चौधरी, दुखी लाल सिदार, भरत दास, जमुना प्रसाद का अंग वस्त्र एवं मोमेंटो देकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में जादुई पिटारा, चिट उठाओ,जोड़ी बनाओ, टीएलएम प्रदर्शनी एवं नई शिक्षा नीति पर कठपुतली नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा। सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्वागत नृत्य,छत्तीसगढ़ी नृत्य, देश भक्ति नृत्यों ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम कार्यक्रम में संकुल प्राचार्य खीरसागर कनकेवा,प्राचार्य टीकाराम चौधरी बांझापाली, संकुल समन्वयक किशोर पटेल,प्रधान पाठक उच्च प्राथमिक प्रधान पाठक घनश्याम पटेल प्राथमिक शाला अंजू पटेल मोखापुटका, अध्यक्ष शाला प्रबंधन एवं विकास समिति चैन कुमार चौहान, शिवकुमार पटेल मोखापुटका, संकुल समन्वयक रविशंकर आचार्य,किशोर पटेल गिरधारी पटेल,लाल भूषण पाढ़ी, पुरुषोत्तम पटेल, सुशील चौधरी, नरेश नायक,जयनारायण पटेल, कौशल प्रधान, पाल सिंह बंजारे, श्रवण प्रधान, कामता पटेल, मुकेश बारीक, छबिलाल पटेल, राजेश पटेल,बिंदु प्रकाश चौधरी,हारून

गार्डियां, प्रभात मांझी, घनश्याम दास, दुष्यंत पटेल,खिरोद सोनी,किशोर पंडा,अरुण विशाल, भिखारी चरण साहू,तुलसी वर्गे, सच्चिदानंद भोई,गिरधारी पटल,हेमचंद पटेल, शिक्षा विभाग के अधिकारी कर्मचारी, सरपंच कनकेवा,सरपंच लुकापारा एवं संकुल के समस्त शिक्षक,शिक्षिका उपस्थित थे। कार्यक्रम में 1500 से 2000 पालक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता शैलेंद्र कुमार नायक ने किया। आभार प्रदर्शन विकासखंड स्त्रोत समन्वयक( समग्र शिक्षा) सतीश स्वरूप पटेल ने किया।

रायपुर : “मोर गांव मोर पानी” अभियान से दंतेवाड़ा में जल संरक्षण की अनोखी मिसाल 

रायपुर : “मोर गांव मोर पानी” अभियान से दंतेवाड़ा में जल संरक्षण की अनोखी मिसाल

पर्यावरण संरक्षण एवं जल प्रबंधन को मिला सशक्त आधार

जल संकट से जूझ रहे ग्रामीण इलाकों में राहत पहुंचाने की दिशा में दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) जिले ने “मोर गांव मोर पानी महा अभियान” के तहत उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। यह राज्य शासन की एक महत्वाकांक्षी पहल है जिसका उद्देश्य जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना है। इस क्रम में कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत के मार्गदर्शन में इस अभियान में आधुनिक जीआईएस आधारित रिज टू वैली अप्रोच अपनाते हुए 2,965 जल संरचनाओं का चयन किया गया है, जो जल प्रबंधन के क्षेत्र में जिले की दूरदर्शी सोच को दर्शाता है। इस अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण के प्रति समुदाय को जागरूक एवं सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित करना है। लोगों को पानी का महत्व को समझाते हुए भूजल संवर्धन में सहभागी बनने हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस क्रम में नरेगा के तहत गैबियन स्ट्रक्चर, कंटूर ट्रेंच स्टोन चेक डेम वृक्षारोपण आदि कार्याे का क्रियान्वयन किया जा रहा है। जिसे जिले में पर्यावरण संरक्षण एवं जल प्रबंधन को सशक्त आधार मिलेगा।

सैकड़ों जल संरचनाएं और त्वरित कार्यान्वयन

जिले में अब तक 1,751 कम लागत वाली तथा 71 उच्च लागत की जल संरचनाएं सफलतापूर्वक मनरेगा के अंतर्गत निर्मित की जा चुकी हैं, जिन पर कुल 450.04 लाख का व्यय हुआ है। इसके अतिरिक्त, जिले द्वारा 402 नई जल संरचनाओं का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और इनका निर्माण कार्य जोरों पर है, जिन्हें अगले 15 दिनों के भीतर पूर्ण कर लेने का लक्ष्य रखा गया है। यह सभी प्रयास वर्षा ऋतु से पहले पूरे किए जा रहे हैं ताकि अधिकतम वर्षा जल का संचयन किया जा सके और ग्रामीण क्षेत्रों को दीर्घकालीन लाभ मिल सके। जल संरचनाओं पर निर्माण कार्य के तहत लूज बोल्डर चेक डेम, मिट्टी के बांध, गैबियन स्ट्रक्चर, फेरोसिमेंट टेंक, आरसीसी संरचनाएं, जल निकासी उपचार के विविध उपाय शामिल किए गये है। ये संरचनाएं न केवल जल संरक्षण में सहायक हैं, बल्कि मृदा अपरदन रोकने और कृषि उत्पादकता बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध हो रही हैं।

जनभागीदारी से जन आंदोलन की ओर

जन सहभागिता इस अभियान की सफलता का मूल मंत्र है। इसके अंतर्गत जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए रैलियों, प्रशिक्षणों, दीवार लेखन, जल शपथ जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। युवाओं को “जल सेना” के रूप में संगठित किया गया जो निर्माण कार्यों में सहयोग कर रहे हैं। साथ ही, मनरेगा के तहत स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार देकर निर्माण कार्यों को तेजी से अंजाम दिया जा रहा है।

सतत आजीविका और समग्र विकास यह अभियान केवल संरचनाओं के निर्माण तक सीमित नहीं है। इसके बहुउद्देश्यीय लक्ष्य जैसे मृदा स्वास्थ्य में सुधार, मछली पालन, कृषि और बागवानी को बढ़ावा, प्रवासन की रोकथाम, रसोई बागवानी एवं बहुफसली खेती को प्रोत्साहन देना तय किए गए है। इन प्रयासों से ग्रामीणों की आजीविका में स्थायित्व आएगा और जल संकट की समस्या पर दीर्घकालीन समाधान मिलेगा। कुल मिलाकर तकनीक, सुशासन, समुदाय और निर्माण का संगम बनकर दंतेवाड़ा एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत कर रहा है।

 

बसना/ बरसात मे 5 दिनों से बिजली गोल बरोली के गाँव वाले परेशान

बसना/ बरसात मे 5 दिनों से बिजली गोल बरोली के गाँव वाले परेशान

बसना अंतर्गत गढ़फुलझर सब स्टेशन म आने वाले ग्राम बरोली मे 5 दिनों से अंधेरा छाया हुवा है ग्रामीणों का आरोप है की ट्रांसफरमर 5 दिनों से खराब है लेकिन विभाग ध्यान नहीं दे रहा है
पिछले 5 दिनों से बरोली ग्राम का आधा बस्ती अंधेरे में डूबा हुआ है वहीं बिजली गुल होने से लोगों को पीने के पानी एवं निस्तार के लिए पानी की भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है ।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है की ऐसा इसकी जानकारी अधिकारियों को दी गई है बल्कि बिजली विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी होने के बावजूद उन्होंने 5 दिनों में कोई प्रयास नहीं किया जिससे ग्राम वासी एवं खासकर महिलाओं में विशेष रोष है और शीघ्र नहीं लगने पर विद्युत कार्यालय घेराव का मन बना चुके है।

आपको बता दें कि इस समय गर्मी और बरसात दोनों है जिससे उमस का माहौल है ऐसे माहौल में ग्राम बरोली के आधा बस्ती बिजली से वंचित है और घरों में पीने के लिए पानी उपलब्ध नहीं है साथ ही साथ टॉयलेट बाथरूम जाने के लिए पानी की व्यवस्था नहीं हो पा रही इसके साथ ही ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण विद्युत सप्लाई अप डाउन हो रहा है और जिसके कारण से सैकड़ो बिजली उपकरण जल गए हैं जिससे लाखों की क्षति ग्रामीणों को हुई है जिसमें घरों के बल्ब पंख घरेलू समरसेबल पंप टीवी फ्रिज कूलर बल्ब डीटीएच जैसे विद्युत उपकरण जल गई हैं और लोगों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है ।

ग्रामीणों ने बताया की सूचना देने के बावजूद भी विद्युत विभाग द्वारा किसी भी प्रकार का कोई अभी तक कार्रवाई ट्रांसफार्मर बदलने के लिए नहीं किया गया है जिससे लोगों में भारी रोष देखा जा रहा है विशेष कर महिलाएं इससे ज्यादा चिंतित हैं साथ ही साथ बच्चों की पढ़ाई और गर्मी से स्वास्थ्य भी बहुत खराब हो रहा है मच्छरों का प्रकोप भी बहुत ज्यादा हो रहा है ।यदि सोमवार तक नहीं लगाया जाता है तो ग्राम की महिलाएं एवं पुरुष विद्युत कार्यालय का घेराव करने के मन बना चुके हैं!

रायपुर : दंतेवाड़ा में PMKSYके तहत कोल्ड चेन और विकिरण सुविधा होगी शुरू

रायपुर : दंतेवाड़ा में PMKSYके तहत कोल्ड चेन और विकिरण सुविधा होगी शुरू

बस्तर अंचल की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में आएगा क्रांतिकारी बदलाव

लघु वनोपजों, उद्यानिकी फसलों, मिलेट्स के परिरक्षण, मूल्य संवर्धन और बाजारों तक पहुंच होगी आसान

आदिवासी बहुल दंतेवाड़ा जिले में इमली, महुआ जैसी लघु वनोपजों, जैविक सब्जियों, फलों और मिलेट्स के परिरक्षण और उनकी ताजगी बनाए रखने के लिए 25 करोड़ रूपए की लागत से प्रसंस्करण और कोल्ड स्टोरेज इकाई की स्थापना की जाएगी। राज्य सरकार के प्रस्ताव को केन्द्र सरकार ने मंजूरी प्रदान कर दी है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्री चिराग पासवान से चर्चा कर इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया था।

जनजातीय परिवारों की आय को बढ़ावा देने और उपजों के संग्रहण के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, दंतेवाड़ा जिला प्रशासन पातररास गांव में एक एकीकृत कोल्ड चेन और बहु-उत्पाद खाद्य विकिरण सुविधा स्थापित किया जा रहा है। यह अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा-प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) 2024 के तहत भारत में अपनी तरह की पहली सरकारी नेतृत्व वाली सुविधा-बस्तर क्षेत्र में वन और बागवानी उत्पादों के भंडारण, प्रसंस्करण और विपणन के तरीके को बदलने के लिए तैयार है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि “यह परियोजा देश में PMKSY 2024 के तहत पहली ऐसी सरकारी पहल है, जो उपजों के परिरक्षण और उनकी बाजार तक पहुंच को आसान बनाएगी। परियोजना के तहत विकसित किया जा रहा बुनियादी ढांचा आदिवासी आजीविका के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। यह हमारे वन उपज संग्राहकों और किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त करने, उपज की बर्बादी को कम करने और बड़े बाजारों तक उपजों को पहुंचाने में मदद करेगी। समय के साथ, यह उपजों का मूल्य संवर्धन कर बस्तर की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करेगी और जो वास्तव में यहाँ के लोगों की अपनी परियोजना होगी।”

बस्तर अंचल के लिए यह एक युगांतकारी कदम साबित होगा। इस इकाई की स्थापना से इमली सहित अन्य उपजों के प्रसंस्करण, संरक्षण और निर्यात को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही स्थानीय किसानों और लघु वनोपज संग्राहकों को उपज का उचित मूल्य मिलेगा, रोजगार के नए अवसर निर्मित होंगे और आर्थिक समृद्धि व सतत विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।

24.98 करोड़ रूपए की लागत वाली यह परियोजना जिला परियोजना आजीविका महाविद्यालय सोसायटी (DPLCS) दंतेवाड़ा द्वारा कार्यान्वित की जा रही है, जो जनजातीय क्षेत्रों में आजीविका सृजन के लिए प्रतिबद्ध एक सरकारी पंजीकृत निकाय है।

उपजों के संग्रहण के बाद की कमी को पूरा करेगी परियोजना

दंतेवाड़ा और आस-पास के जिलों में प्रचुर मात्रा में लघु वन उपज (एमएफपी) जैसे इमली, महुआ, जंगली आम, बाजरा और देशी मसाले पाए जाते हैं। हालांकि, उचित भंडारण, संरक्षण और मूल्य-संवर्धन बुनियादी ढांचे की कमी के कारण इस उपज का 7-20 प्रतिशत हिस्सा हर साल नष्ट हो जाता है।

नई सुविधा कोल्ड स्टोरेज, गामा विकिरण, प्रसंस्करण और लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे को मिलाकर उपजों की शेल्फ लाइफ बढ़ाने, खराब होने को कम करने और स्थानीय उत्पादों की बाजार पहुंच क्षमता में सुधार करके इस महत्वपूर्ण आवश्यकता को पूरा करती है।

परियोजना की मुख्य विशेषताएं

राज्य द्वारा आवंटित भूमि पर पातररास गांव में स्थित इस परियोजना में शामिल हैं-

1500 मीट्रिक टन कोल्ड स्टोरेज,1000 मीट्रिक टन फ्रोजन स्टोरेज,5 स्टेजिंग कोल्ड रूम (प्रत्येक 30 मीट्रिक टन)

ब्लास्ट फ्रीजर और पकने वाले चैम्बर  गामा विकिरण इकाई (कोबाल्ट-60 स्रोत के साथ 1000 केसीआई)

3 रेफ्रिजरेटेड परिवहन वाहन (क्षमता प्रत्येक 9 मीट्रिक टन)

सौर ऊर्जा प्रणाली (70 किलोवाट) वार्षिक रूप से 10,000 मीट्रिक टन से अधिक उपजों की प्रसंस्करण क्षमता के साथ, यह परियोजना दंतेवाड़ा, बस्तर, बीजापुर, सुकमा, कोंडागांव और नारायणपुर में किसानों और लघु वनोपज संग्राहकों के लिए लाभप्रद होगी।

पीएमकेएसवाई के तहत वित्त पोषित-सरकार के नेतृत्व में क्रियान्वयन में पहली बार

इस परियोजना को निम्नलिखित माध्यम से वित्तपोषित किया गया है-

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (एमओएफपीआई) द्वारा प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (पीएमकेएसवाई) के तहत 10 करोड़ रूपए का सहायता अनुदान सहायता।

जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) से 14.98 करोड़ रूपए की सहायता।

यह पहली बार है जब किसी सरकारी संगठन या  कि किसी निजी संस्था ने – पीएमकेएसवाई के तहत कोल्ड चेन और विकिरण सुविधा स्थापित की है, जो ग्रामीण भारत में सार्वजनिक क्षेत्र के नेतृत्व वाले बुनियादी ढांचे के लिए एक खाका तैयार कर रही है।

आर्थिक और सामाजिक प्रभाव इस परियोजना से किराये के संचालन और मूल्य वर्धित सेवाओं से 8.5 करोड़ रूपए का वार्षिक राजस्व उत्पन्न होने की उम्मीद है, जिसमें अनुमानित आंतरिक दर प्रतिफल (रिटर्न) (आईआरआर) 29.35 प्रतिशत है। घाटे को कम करने और लाभप्रदता को बढ़ाने से, यह परियोजना सीधे आदिवासी उत्पादकों की आय में वृद्धि करेगी और आपूर्ति श्रृंखला में स्थानीय रोजगार पैदा करेगी। यह पहल स्थायी आजीविका तक पहुँच का विस्तार करके वामपंथी उग्रवाद (LWE) को कम करने के लिए क्षेत्रीय विकास रणनीतियों के साथ भी जुड़ी हुई है।

समय-सीमा और बाजार एकीकरण भूमि अधिग्रहण पूरा होने और विकिरण प्रौद्योगिकी के लिए  BRIT (विकिरण और आइसोटोप प्रौद्योगिकी बोर्ड) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाने के साथ, यह सुविधा 24 महीनों के भीतर चालू होने वाली है। प्रशासन ने पहले ही रायपुर और विशाखापत्तनम में बाजारों की पहचान कर ली है और व्यापक बाजार अपील के लिए निर्यात के अवसरों का पता लगाने और बस्तर-ब्रांडेड मूल्यवर्धित उत्पादों को विकसित करने की योजनाएँ चल रही हैं।

जनजातीय विकास के लिए एक राष्ट्रीय मॉडल

यह सुविधा इस बात का उदाहरण है कि कैसे नीति, सार्वजनिक अवसंरचना और स्थानीय उद्यमिता मिलकर लचीली ग्रामीण अर्थव्यवस्था का निर्माण कर सकते हैं। क्षेत्र के भीतर मूल्य संवर्धन को बनाए रखते हुए, यह परियोजना सुनिश्चित करती है कि अधिक आय उन लोगों के पास रहे जो इसे उत्पादित करते हैं-बस्तर के आदिवासी समुदाय।

 

रायपुर : छत्तीसगढ़ में शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता : बिलासपुर में 100 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी आधुनिक एजुकेशन सिटी – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर : छत्तीसगढ़ में शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता : बिलासपुर में 100 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी आधुनिक एजुकेशन सिटी – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और छात्रों के सर्वांगीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में बिलासपुर शहर को एक आधुनिक एजुकेशनल हब के रूप में विकसित करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दिशानिर्देश पर बिलासपुर में एजुकेशनल सिटी की अवधारणा विकसित की गई है। इस परियोजना के लिए बिलासपुर नगर पालिक निगम की लगभग 13 एकड़ भूमि का उपयोग प्रस्तावित है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बिलासपुर एजुकेशनल सिटी में नालंदा परिसर की स्थापना की जाएगी, जहां 500 छात्र-छात्राएं एक साथ बैठकर फिजिकल एवं डिजिटल लाइब्रेरी का लाभ ले सकेंगे। इसके साथ ही तीन बहुमंजिला इमारतों का निर्माण किया जाएगा, जिनमें कुल 48 हॉल सेटअप ( 1 सेटअप में 1 हॉल, 2 कक्ष और 1 टॉयलेट) तैयार किए जाएंगे। इस व्यवस्था में एक साथ 4,800 विद्यार्थियों के कोचिंग क्लास अटेंड करने की सुविधा रहेगी।

छात्रों के शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास के लिए 700 सीटों वाले आधुनिक ऑडिटोरियम का निर्माण भी किया जाएगा। वहीं, बाहर से आने वाले लगभग 1000 विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल फैसिलिटी भी निर्मित की जाएगी।

खेलकूद और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए एजुकेशनल सिटी में एस्ट्रोटर्फ खेल मैदान तथा सुंदर गार्डन भी विकसित किए जाएंगे। साथ ही, वाहनों के लिए मल्टी लेवल पार्किंग की व्यवस्था होगी ताकि आने-जाने में कोई असुविधा न हो।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत करीब 100 करोड़ रुपये होगी और इसके निर्माण कार्य की कार्य योजना नगर पालिक निगम बिलासपुर द्वारा तैयार कर ली गई है। शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा, जिससे बिलासपुर एजुकेशनल सिटी प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम करेगी।

उल्लेखनीय है कि राज्य गठन के पश्चात बिलासपुर शहर ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। बिलासपुर में एसईसीएल का मुख्यालय और रेलवे का डीआरएम कार्यालय भी स्थित है, जिससे यह शहर न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। यहां एक केंद्रीय विश्वविद्यालय, दो विश्वविद्यालय, आठ महाविद्यालय, लोक सेवा आयोग, व्यापम और आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं की तैयारी करवाने वाले करीब 100 से अधिक कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं, जिनमें प्रदेश के 50,000 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।

“छत्तीसगढ़ सरकार शिक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में स्थान देती है। हमारी यह अटल प्रतिबद्धता है कि प्रदेश का प्रत्येक विद्यार्थी आधुनिक संसाधनों, उन्नत अधोसंरचना और प्रेरक वातावरण में अपनी क्षमताओं को संवार सके और आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार कर सके।

बिलासपुर एजुकेशन सिटी का निर्माण इसी दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। यह न सिर्फ बिलासपुर को छत्तीसगढ़ का एजुकेशनल हब बनाएगा, बल्कि प्रदेश के हजारों युवाओं को उच्चस्तरीय सुविधाओं में अध्ययन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर देगा।

नालंदा परिसर, बहुमंजिला कोचिंग भवन, डिजिटल और फिजिकल लाइब्रेरी, हॉस्टल, ऑडिटोरियम, खेल मैदान और ग्रीन जोन – ये सभी सुविधाएं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को समर्पित होंगी।

मुझे विश्वास है कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के शैक्षणिक परिदृश्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी और हमारे युवाओं को उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर करेगी।”

 

 

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रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सम्पर्क स्मार्ट स्कूल और स्मार्ट ब्लॉक कार्यक्रम का किया शुभारंभ

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सम्पर्क स्मार्ट स्कूल और स्मार्ट ब्लॉक कार्यक्रम का किया शुभारंभ

  जशपुर के 50 स्कूलों को स्मार्ट किट, मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्रांति को बताया मील का पत्थर

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर जिले के कांसाबेल विकासखंड के बगिया हाई स्कूल में सम्पर्क स्मार्ट स्कूल और स्मार्ट ब्लॉक कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जशपुर के 50 प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों के लिए सम्पर्क स्मार्ट किट और टीवी का भी वितरण किया गया।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कांसाबेल जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय, श्री भरत सिंह, श्री उपेंद्र यादव, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह, सम्पर्क फाउंडेशन के नेशनल मैनेजर श्री प्रदीप राणा, डिप्टी कलेक्टर श्री प्रशांत कुशवाहा, जनप्रतिनिधिगण, स्कूली बच्चे और शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम बगिया में नवाचार के तहत सम्पर्क स्मार्ट स्कूल की शुरुआत की गई है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन में बचपन के दिनों को याद करते हुए इस बात पर प्रसन्नता जाहिर की कि उनके गृह ग्राम बगिया में नवाचार के तहत सम्पर्क स्मार्ट स्कूल प्रारंभ किया गया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा पहली से पांचवीं कक्षा तक बगिया प्राथमिक स्कूल में प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि 50 वर्ष पूर्व बगिया स्कूल खपरैल का होता था, जिसमें बरसात के दिनों में पानी टपकता था और पानी टपकने के कारण जगह बदलनी पड़ती थी। लेकिन आज 50 वर्षों बाद बगिया स्कूल का संपूर्ण कायाकल्प हो गया है और वर्तमान में यहाँ हाई स्कूल संचालित हो रहा है।

उन्होंने कहा कि पहले जमाने में प्राथमिक स्कूल के बाद हाई स्कूल की पढ़ाई के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी लेकिन वर्तमान में छत्तीसगढ़ में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज और राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा की सुविधाएं सुलभ  हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा ही एकमात्र मूलमंत्र है जिससे व्यक्ति का समग्र विकास संभव है। शिक्षक हमारे राष्ट्र के निर्माता होते हैं, जो हमें अच्छा डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, वैज्ञानिक और प्रोफेसर बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि सम्पर्क फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष श्री विनीत नायर एचसीएल टेक्नोलॉजिस  के सीईओ रहे हैं। उन्होंने अपनी माता, जो सरकारी स्कूल में शिक्षिका थीं, से प्रेरणा लेकर सम्पर्क कार्यक्रम की शुरुआत की। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में बच्चों के सीखने-सिखाने में बहुमूल्य योगदान दे रहा है। सम्पर्क फाउंडेशन खेल-खेल में शिक्षा को सरल बनाने के लिए सम्पर्क टीवी डिवाइस एवं गणित व अंग्रेज़ी किट प्रदान कर रहा है, जिनका वितरण आज हमारे जिले के 50 विद्यालयों में किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने मुझे पूरी उम्मीद है कि विद्यालयों में इन किटों का भरपूर उपयोग किया जाएगा। इससे न केवल बच्चों की झिझक दूर होगी बल्कि सीखने-सिखाने की प्रक्रिया भी आसान हो जाएगी। अतः सभी प्रधान पाठक इन संसाधनों के उपयोग की पद्धति को भली-भांति समझें और बच्चों को आगे बढ़ने के अवसर दें।

उल्लेखनीय है कि विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी जशपुर जिले के 15 विद्यार्थियों ने 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में टॉप 10 मेरिट सूची में स्थान प्राप्त कर संपूर्ण राज्य में जिले का गौरव बढ़ाया है। कक्षा 10वीं के 94 प्रतिशत एवं कक्षा 12वीं के 94 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं, जिससे जशपुर राज्य का सर्वाधिक उत्तीर्णता प्रतिशत वाला जिला बना है। उच्च शिक्षा के साथ-साथ प्राथमिक स्तर पर भी जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। कक्षा 5वीं में 99.5 प्रतिशत एवं कक्षा 8वीं में 97.3 प्रतिशत परिणाम दर्ज कर जिले ने राज्य स्तर पर विशेष छाप छोड़ी है।जिले में शैक्षणिक गतिविधियों के सुचारू संचालन हेतु मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशन में विभाग द्वारा जिला स्तर पर सभी प्रधान पाठकों एवं प्राचार्यों के उन्मुखीकरण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए इसरो, आईआईटी एवं अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों से टाईअप कर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। प्रतिदिन शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति ऐप के माध्यम से दर्ज की जा रही है। दैनंदिनी की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है एवं जिले के समस्त विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था सुधार हेतु युक्तियुक्तकरण की कार्यवाही पूर्ण की गई है। इसी क्रम में जिले के 50 प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों के आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता (एफ.एल.एन.) हेतु सम्पर्क फाउंडेशन के माध्यम से एफ.एल.एन. किट का वितरण किया जा रहा है, जो जिले की शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार में मील का पत्थर सिद्ध होगा।

बलौदाबाजार: कदाचरण पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, रोजगार सहायक बर्खास्त

बलौदाबाजार: कदाचरण पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, रोजगार सहायक बर्खास्त

कदाचरण और कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध बलौदाबाजार जिला प्रशासन द्वारा कठोर करवाई की जा रही है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना  के हितग्राहियो से जिओ टैगिंग व मस्टऱ रोल प्रस्तुत करने के एवज में राशि लेने की शिकायत जांच में पुष्टि होने पर रोजगार सहायक क़ो बर्खास्त कर दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार विकासखंड कसडोल अंतर्गत ग्राम पंचायत बिलारी (क) में पदस्थ ग्राम रोजगार सहायक गौरीशंकर पैकरा के विरुद्ध प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से जिओ टैगिंग व मस्टऱ रोल प्रस्तुत करने के एवज में राशि लेने एवं अभद्र व्यवहार करने की शिकायत प्राप्त हुई थी। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कसडोल द्वारा शिकायत जांच कराई गई।  जांच में रोजगार सहायक गौरीशंकर पैकरा के विरुद्ध शिकायत सही पाए जाने तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत के अनुमोदन उपरांत मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कसडोल द्वारा ग्राम पंचायत बिलारी (क ) के रोजगार सहायक गौरीशंकर पैकरा को संविदा पद से पृथक कर दिया गया है।

 

रायपुर : विकास के हर मोर्चे पर ‘मोदी की गारंटी’ को पूरा कर रहा छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर : विकास के हर मोर्चे पर ‘मोदी की गारंटी’ को पूरा कर रहा छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

तपकरा को मिली नई पहचान: मुख्यमंत्री श्री साय ने तहसील कार्यालय का किया शुभारंभ, नगर पंचायत का दर्जा देने की घोषणा

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के तपकरा में तहसीलदार एवं कार्यपालिक दंडाधिकारी कार्यालय का शुभारंभ किया। विदित हो कि 14 जनवरी को जशपुर जिले के प्रवास पर मुख्यमंत्री ने तपकरा को पूर्ण तहसील बनाने की घोषणा की थी। तहसील बनने से इसका लाभ 33 ग्रामों के किसानों, छात्रों और नागरिकों को मिलेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने तपकरा को नगर पंचायत बनाने, तपकरा स्थित खेल स्टेडियम के सौंदर्यीकरण के लिए 50 लाख रुपए स्वीकृत करने और फरसाबहार में विश्राम गृह निर्माण करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  हमारी सरकार विकास के हर मोर्चे पर मोदी की गारंटी को तेजी से लागू कर रही है। सरकार बनते ही पहली कैबिनेट में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए। महिलाओं को सशक्त बनाने महतारी वंदन योजना के माध्यम से 70 लाख महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपए दिए जा रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों की आय में वृद्धि के लिए तेंदूपत्ता का समर्थन मूल्य प्रति मानक बोरा 5,500 रुपए किया गया है। गांव में ही बैंकिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अटल डिजिटल सेवा केंद्र खोले जा रहे हैं।आगामी पंचायत दिवस पर सभी ग्राम पंचायतों में इसे शुरू करने की योजना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आम नागरिकों की सुविधा के लिए रजिस्ट्री में 10 नई क्रांतियों के तहत नवाचारों का बेहतर उपयोग कर पंजीयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल, डिजिटल और नागरिक केंद्रित बनाया गया है।

कार्यक्रम में कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने बताया कि यहां तहसील कार्यालय खुलने से किसानों, भूस्वामियों, छात्रों और नागरिकों को विशेष सुविधा होगी। उन्होंने बताया कि एसडीएम फरसाबहार का लिंक कोर्ट भी आगामी सोमवार से प्रारंभ हो जाएगा।

विधायक श्रीमती गोमती साय ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। आम नागरिकों की सुविधा के लिए राज्य सरकार पूर्ण समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, श्री भरत साय, श्री रोहित साय, आईजी श्री दीपक कुमार झा, पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह, तपकरा सरपंच श्रीमती सविता जायसवाल सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

 

रायपुर : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने किया आंगनबाड़ी और प्राथमिक शाला का औचक निरीक्षण

रायपुर : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने किया आंगनबाड़ी और प्राथमिक शाला का औचक निरीक्षण

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सूरजपुर के पंच मंदिर वार्ड में आंगनबाड़ी केंद्र और शासकीय प्राथमिक शाला का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों की शिक्षा, पोषण, स्वच्छता और शैक्षणिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। आंगनबाड़ी में बच्चों की उपस्थिति, पोषण आहार की गुणवत्ता, टीकाकरण और पोषण ट्रैकर ऐप के उपयोग की जांच की गई। मंत्री ने कुपोषण से जूझ रहे बच्चों की नियमित निगरानी और गुणवत्तापूर्ण आहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्राथमिक शाला में उन्होंने शिक्षकों से पाठ्यक्रम, मध्याह्न भोजन और पुस्तक वितरण की जानकारी ली। बच्चों से संवाद कर उनकी पढ़ाई और सपनों को जाना। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि मजबूत बचपन ही सशक्त भविष्य की नींव है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार बाल विकास को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण में जिला कार्यक्रम अधिकारी, बीईओ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

 

रायपुर : कृषकों की समृद्धि हमारा संकल्प: नवाचार और तकनीक से सशक्त होंगे छत्तीसगढ़ के अन्नदाता – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

रायपुर : कृषकों की समृद्धि हमारा संकल्प: नवाचार और तकनीक से सशक्त होंगे छत्तीसगढ़ के अन्नदाता – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया एग्री-हॉर्टी एक्सपो एवं क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का वर्चुअल शुभारंभ

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले में बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से कृषि क्रांति अभियान के अंतर्गत एग्री-हॉर्टी एक्सपो एवं क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का वर्चुअल शुभारंभ किया। जिला पंचायत परिसर में दो दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में देश की कई प्रमुख कृषि कंपनियां जैसे-जियो मार्ट रिटेल, देहात, हॉनेस्ट फॉर्म, आत्माकुर, धरागरी, अवनी आयुर्वेदा इत्यादि उपस्थित रहेंगी। इन कंपनियों के माध्यम से जिले के किसान एफपीओ के जरिए अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने हेतु फसल विक्रय अनुबंध कर सकेंगे। बिचौलिया प्रथा समाप्त होने से किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य प्राप्त होगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि  कृषकों की समृद्धि के लिए छत्तीसगढ़ सरकार दृढ़ संकल्पित है । नवीनतम तकनीक को अपनाकर छत्तीसगढ़ के अन्नदाता आर्थिक रूप से अधिक सशक्त होंगे। उन्होंने कहा कि जशपुर के कृषि विकास के इतिहास में आज का दिन मील का पत्थर सिद्ध होने वाला है। जिला प्रशासन के अभिनव प्रयास से ‘कृषि क्रांति’ अभियान की शुरुआत हो रही है। हमारा देश कृषि प्रधान है और छत्तीसगढ़ में लगभग 80 प्रतिशत लोग कृषि तथा इससे संबंधित कार्यों से जुड़े हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा किसानों की आय बढ़ाने हेतु फसल बीमा योजना, पीएम किसान सम्मान निधि सहित कई महत्वपूर्ण योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। चाहे वह समर्थन मूल्य पर 3100 रुपये प्रति क्विंटल के मान से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी हो, समर्थन मूल्य पर वनोपज का संग्रहण हो या प्रोसेसिंग और निर्यात से जुड़ी योजनाएं हों, हमारी सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए बहुस्तरीय प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जशपुर में कटहल, आम, लीची, नाशपाती की बहुतायत में पैदावार होती है। यहां सेब की भी खेती शुरू हो गई है। इस सम्मेलन के माध्यम से किसानों और खरीदार कंपनियों के बीच सीधा संवाद स्थापित होगा। यह एक ऐसा मंच है जहां एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) के माध्यम से किसानों की उपज को सीधा बाजार उपलब्ध होगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सॉइल हेल्थ कार्ड के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि इससे यह जानकारी मिलती है कि किस जमीन पर कौन-सी फसल का उत्पादन अधिक होगा और कितनी मात्रा में खाद की आवश्यकता होगी। इसके लिए केंद्र से आए कृषि वैज्ञानिक पूरे राज्य में जाकर सॉइल हेल्थ के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे हैं। राज्य में कृषि के साथ पशुपालन, मछली पालन और डेयरी विकास को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। डेयरी विकास योजना के पायलट प्रोजेक्ट के तहत चयनित छह जिलों में जशपुर भी शामिल है।

रायगढ़ से वर्चुअली जुड़े सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने कहा कि जशपुर जिले का प्राकृतिक वातावरण अत्यंत आकर्षक है। जल संरक्षण और संवर्धन के महत्व पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि जल का संरक्षण अनिवार्य है, जिससे किसानों को लाभ होगा और उनकी आमदनी में वृद्धि होगी। जिला पंचायत से वर्चुअली जुड़ी विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने कहा कि जशपुर जिला नवाचार को तेजी से अपना रहा है। इस सम्मेलन के माध्यम से किसानों और कंपनियों के बीच सीधा अनुबंध होगा, जिससे उन्हें निश्चित रूप से लाभ मिलेगा।

जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय ने अपने संबोधन में कहा कि यदि जिले में व्यवस्थित ढंग से खेती और प्रबंधन किया जाए तो किसानों को निश्चय ही लाभ प्राप्त होगा। जशपुर आम, मिर्च और नाशपाती के उत्पादन में अग्रणी है। उन्होंने धान के साथ दलहन और तिलहन की खेती को प्रोत्साहित करने पर बल दिया।

कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने एग्री-हॉर्टी एक्सपो एवं क्रेता-विक्रेता सम्मेलन के महत्व तथा इससे किसानों को होने वाले लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जिला पंचायत से वर्चुअली जुड़े जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार ने एक वीडियो प्रेजेंटेशन के माध्यम से सम्मेलन के तहत होने वाले नवाचार एवं विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। इस अवसर पर आईजी श्री दीपक कुमार झा, पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह,  नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री गंगा राम भगत सहित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

एग्री-हॉर्टी एक्सपो एवं क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में मिलेगी उन्नत तकनीकों की जानकारी

सम्मेलन के माध्यम से किसानों को उन्नत तकनीकों की जानकारी देने के उद्देश्य से नाबार्ड एवं एपेडा जैसी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित होकर एग्रीकल्चर मार्केटिंग, जैव उत्पादों के प्रमाणीकरण आदि विषयों पर किसानों को जानकारी देंगे। राज्य के वरिष्ठ वैज्ञानिक फसल किस्मों का जीआई टैग, कृषि एवं उद्यानिकी फसलों की वैज्ञानिक पद्धति से खेती तथा रेशम विशेषज्ञ रेशम पालन की जानकारी देंगे। साथ ही कंपनी एवं किसानों के मध्य अनुबंध खेती (कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग) पर चर्चा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें कंपनी और कृषकों के मध्य अनुबंध हस्ताक्षर भी किए जाएंगे।

कार्यक्रम में फसल प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया है, जिसमें जिले के एफपीओ से जुड़े किसान एवं प्रगतिशील किसान अपनी फसल जैसे-जैविक धान, कुटकी, रागी, नाशपाती, लीची, रामतिल, टाऊ, मिर्च, सुगंधित धान आदि का किस्मवार गुणवत्ता के आधार पर प्रदर्शन करेंगे। कार्यक्रम के अंतर्गत आम एवं नाशपाती तथा नवाचार प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया है। विजेता किसानों को पुरस्कार राशि भेंट कर आगामी समय में नवाचार एवं उन्नतशील खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।