महासमुंद/अवैध रेत जब्ती की नीलामी की जाएगी बोली की प्रक्रिया 7 अगस्त से प्रारंभ

महासमुंद/अवैध रेत जब्ती की नीलामी की जाएगी बोली की प्रक्रिया 7 अगस्त से प्रारंभ

महासमुंद, कलेक्टर कार्यालय (खनिज शाखा) महासमुंद द्वारा तहसील महासमुंद अंतर्गत ग्राम बरबसपुर, घोड़ारी, बड़गांव एवं बिरकोनी स्थित शासकीय एवं निजी भूमि पर अवैध रूप से भंडारित रेत को जप्त किया गया है। जप्तशुदा रेत को बोली के माध्यम से नीलामी की जाएगी।

इस संबंध में खनिज अधिकारी श्री योगेन्द्र सिंह ने बताया कि प्रक्रिया में पात्र एवं इच्छुक बोलीदार भाग ले सकते हैं। नीलामी के लिए बोली जमा करने की प्रारंभिक तिथि 07 अगस्त 2025 है तथा अंतिम तिथि 11 अगस्त 2025 निर्धारित की गई है। प्राप्त निविदाओं को खोलने की कार्यवाही 13 अगस्त 2025 को प्रातः 11ः00 बजे जिला पंचायत महासमुंद के सभा कक्ष में की जाएगी। नीलामी से संबंधित नियम व शर्तों की विस्तृत जानकारी जिले की वेबसाइट www.mahasamund.gov.in अथवा कार्यालय कलेक्टर (खनिज शाखा) महासमुंद, संबंधित ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत तथा जिला पंचायत महासमुंद के सूचना पटल से प्राप्त की जा सकती है।

महासमुंद/बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान महासमुंद से निःशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने सपने पूरे कर रहे है रत्ना और आकाश

महासमुंद/बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान महासमुंद से निःशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने सपने पूरे कर रहे है रत्ना और आकाश

महासमुंद, बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान से निःशुल्क प्रशिक्षण कर श्रीमती रत्ना यादव और श्री आकाश यादव स्वरोजगार से अपने सपने पूरे कर रहे हैं। रत्ना और आकाश ने अपनी मर्जी से विवाह किया है। शादी के बाद जब जीवन की असल चुनौतियों ने दस्तक दी, तो दोनों की राह आसान नहीं थी। जीवन के संघर्षों से जूझते हुए उन्होंने अपने लिए एक नई राह बनाई।

एक दिन अखबार में उन्होंने बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) महासमुंद द्वारा संचालित निःशुल्क फास्ट फूड स्टॉल उद्यमी प्रशिक्षण की जानकारी पढ़ी। बिना देर किए उन्होंने संस्थान में जाकर पंजीयन करवाया और प्रशिक्षण लेना शुरू किया। इस प्रशिक्षण के माध्यम से उन्होंने न केवल व्यावहारिक फास्ट फूड निर्माण जैसे दही पुरी, भेल पूरी, पाव भाजी, समोसा, कचौड़ी, मंचूरियन, पकौड़ा, फ्राइड राइस, बेबी कॉर्न, नूडल्स, मोमोज इत्यादि बनाना सीखा, बल्कि साथ में फूड पैकेजिंग, ग्राहक सेवा, स्टॉल नियम, साफ-सफाई, और विपणन (मार्केटिंग) की बारीकियाँ भी जानी। इसके अलावा आरसेटी द्वारा व्यक्तित्व विकास, समय प्रबंधन, आत्मविश्वास वृद्धि, बैंकिंग एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी से उन्हें अपने व्यवसाय के प्रति एक नई सोच मिली।

आकाश यादव बताते है कि घर की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। उनके पिता का पहले ही निधन हो चुका था और माँ जिला अस्पताल में आया का कार्य कर किसी तरह परिवार को संभाल रही थीं। आकाश को पेट्रोल पंप में काम से सिर्फ 6000 प्रति माह की आमदनी होती थी और उनकी पत्नी रत्ना के पास भी कोई विशेष योग्यता नहीं थी, जिससे अच्छी नौकरी मिल सके। परिस्थितियाँ कठिन थीं, लेकिन रत्ना और आकाश ने हार मानने के बजाय स्वरोजगार का रास्ता अपनाने का फैसला किया। वे ऐसे काम की तलाश में थे जहाँ दोनों पति-पत्नी मिलकर कुछ कर सकें।

प्रशिक्षण पूरा करने के बाद दोनों ने घर-परिवार से थोड़ी-थोड़ी राशि जोड़कर अपने छोटे से व्यवसाय की शुरुआत की। उन्होंने अपने स्टॉल का नाम रखा चाय बैठक, जिसे नदी मोड़, महासमुंद में शुरूआत किया। मेहनत, लगन और सीखी हुई बातों को अपने व्यवसाय में उतारते हुए आज वे हर माह 20 हजार से 25 हजार रुपए तक की आमदनी अर्जित कर रहे हैं। आकाश और रत्ना ने बताया कि वे अब अपने व्यवसाय को और बड़ा करने का सपना देख रहे हैं। वे बैंक से सहयोग प्राप्त कर स्टॉल को एक रेस्टोरेंट या चाय कैफे के रूप में विस्तार देना चाहते हैं। आकाश और रत्ना दोनों ने अपने जीवन की दिशा बदलने का श्रेय बड़ौदा आरसेटी महासमुंद को देते हुए संस्थान का आभार व्यक्त किया और कहा कि अगर हमें यह प्रशिक्षण न मिला होता, तो शायद आज भी हम संघर्ष में उलझे रहते। आरसेटी ने हमारे आत्मविश्वास को एक नया पंख दिया है।

छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अगुवाई में धान खरीदी को मिल रहा नया आयाम

छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अगुवाई में धान खरीदी को मिल रहा नया आयाम

भंडारण की समस्या का समाधान : 21 उपार्जन केन्द्रों में होंगे 200 आधुनिक गोदाम

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अगुवाई में धान खरीदी को राज्य में नया आयाम मिल रहा है। इसी तारतम्य में किसानों की सुविधा एवं उपज की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए धमतरी जिले के 21 धान उपार्जन केन्द्रों में 200 मीट्रिक टन क्षमता के गोदामों का निर्माण उपार्जन केंद्रों में किया जाएगा। यह कार्य मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व और कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा के विशेष प्रयासों का परिणाम है, जिनके मार्गदर्शन में 8 जुलाई को मंडी बोर्ड को प्रस्ताव भेजा गया था। मंडी बोर्ड ने प्रस्ताव को सहमति प्रदान करते हुए 30 जुलाई को कुल 268.38 लाख रुपए की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

गौरतलब है कि धान खरीदी के दौरान किसानों की उपज को सुरक्षित रखने हेतु भंडारण की सुविधा अत्यंत आवश्यक होती है। अभी तक कई उपार्जन केन्द्रों में पक्के गोदाम नहीं थे, जिससे किसानों की उपज बारिश या अन्य कारणों से खराब होने की आशंका बनी रहती थी। इस आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर श्री मिश्रा द्वारा स्थायी गोदाम निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर मंडी बोर्ड को भेजा गया।प्रस्ताव को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकार करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड ने राज्य विपणन विकास निधि के अंतर्गत संशोधित वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। प्रति गोदाम निर्माण की अनुमानित लागत 12.41 लाख रुपए तय की गई है, जिससे कुल 21 गोदामों के लिए 2 करोड़ 68 लाख 38 हजार रुपए व्यय होंगे।

उपज की सुरक्षा, व्यवस्था में पारदर्शिता

कलेक्टर श्री मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि इन गोदामों के निर्माण से जिले में कुल 4200 मीट्रिक टन धान भंडारण को सुरक्षित रखने की व्यवस्था सुनिश्चित होगी। इससे न केवल किसानों की उपज को नुकसान से बचाया जा सकेगा, बल्कि खरीदी व्यवस्था में भी पारदर्शिता एवं सुगमता आएगी।

इन 21 स्थानों पर होंगे निर्माण

इन गोदामों का निर्माण जिले के 21 धान खरीदी केंद्र मोंगरागहन, तरसीवा, कुर्री, खरोंगा, लिमतरा, जखी अंगारा, लोहरसी, अछोटा, ढोलर, अकलाडोंगरी, पीपरछेड़ी, कंडेल, कसहीरास, डोमा, बुरानवापारा, बारगी (मोटाबर्रा), बोडा (कसही), समरलडू, कसाहीबाह, सनौरा और मंज़रा में किया जाएगा।

 

CG / गांव ‘कुडाल’ में पास्टर-पादरी के प्रवेश पर प्रतिबंध, चारों दिशाओं में लगाए गए सूचना बोर्ड

CG / गांव ‘कुडाल’ में पास्टर-पादरी के प्रवेश पर प्रतिबंध, चारों दिशाओं में लगाए गए सूचना बोर्ड

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम कुडाल में धर्मांतरण को लेकर उभरे असंतोष के बाद ग्रामीणों ने बड़ा कदम उठाया है। गांव की चारों दिशाओं में बोर्ड लगाकर पास्टर, पादरी और ईसाई धर्म में धर्मांतरित व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगाने की घोषणा की गई है।

ग्राम पंचायत की ओर से लगाए गए इन बोर्डों में साफ तौर पर लिखा है कि गांव में ईसाई धर्म प्रचारकों का प्रवेश निषिद्ध है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि कोई ईसाई धर्मावलंबी किसी के घर जाता है, तो उसे ‘शैतान’ माना जाएगा।

धार्मिक परंपरा की रक्षा का दावा

ग्राम सरपंच बिनेश गोटी ने बताया कि गांव में बीते 7–8 वर्षों से धीरे-धीरे कई लोग ईसाई धर्म अपना रहे हैं। यह सिलसिला रुकने की बजाय बढ़ता ही जा रहा है। “हमारी संस्कृति, देवी-देवताओं और परंपरा को बचाने के लिए यह निर्णय लेना जरूरी था,” सरपंच ने कहा।

पिछले विवाद की पृष्ठभूमि

यह वही गांव है जहां कुछ दिन पहले एक ईसाई महिला के निधन के बाद उसके अंतिम संस्कार को लेकर विवाद हुआ था। स्थानीय लोगों ने गांव में दफनाने से मना कर दिया, जिसके चलते शव को भानुप्रतापपुर में दफनाया गया। इससे पहले कांकेर के जामगांव में भी इसी तरह की घटना सामने आई थी।

विवाद और राजनीति की आंच

छत्तीसगढ़ में हाल ही में दुर्ग में दो ननों की गिरफ्तारी और रायपुर में बजरंग दल की कार्रवाई के बाद, धर्मांतरण का मुद्दा राज्य की राजनीति में गरमाया हुआ है। ग्राम कुडाल की यह घटना उसी राजनीतिक-सामाजिक उबाल का हिस्सा मानी जा रही है।

CG/ सरायपाली को लूटने मे लगे थे सीखा पटेल और अरविन्द किशोर देवांगन खबर है की विधायक के शिकायत के बाद दोनों को निलंबित कर दिया गया है!

CG/ सरायपाली को लूटने मे लगे थे सीखा पटेल और अरविन्द किशोर देवांगन खबर है की विधायक के शिकायत के बाद दोनों को निलंबित कर दिया गया है!

सरायपाली में मरम्मत कार्यों में बड़ा भ्रष्टाचार उजागर: दो अधिकारियों को किया गया निलंबित

नवा रायपुर, 30 जुलाई 2025 – छत्तीसगढ़ के लोक निर्माण विभाग (PWD) महासमुंद संभाग अंतर्गत सरायपाली उपसंभाग में साधारण मरम्मत एवं रंगाई-पुताई कार्यों में भारी अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है। महानदी भवन से जारी आदेश के अनुसार, विभागीय जांच में यह पाया गया कि जिन स्थानों पर कार्य दिखाकर लाखों रुपये की सरकारी राशि खर्च कर दी गई, वहां वास्तव में कोई कार्य हुआ ही नहीं।

मुख्य अभियंता, लोक निर्माण परिक्षेत्र रायपुर द्वारा गठित उच्च स्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि:

शासकीय हाई स्कूल, सरायपाली और मंदिर में प्लास्टर व पुट्टी का कार्य नहीं हुआ।

ब्लॉक कॉलोनी स्थित एच टाइप क्वार्टर, एसडीओ एग्रीकल्चर क्वार्टर भवन, तहसील कार्यालय, कन्या हाईस्कूल सरायपाली तथा अन्य क्वार्टरों में भी कार्य नहीं मिला।

इसके बावजूद तत्कालीन उपसंभागीय अधिकारी श्रीमती शिखा पटेल द्वारा ₹1.51 लाख और प्रभारी अधिकारी श्री अरविंद किशोर देवांगन द्वारा ₹12.77 लाख के कार्य का माप दर्शाया गया।

जांच में कुल ₹14.28 लाख की राशि का गबन स्पष्ट रूप से पाया गया है। मामले को गंभीर मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

दोनों अधिकारियों का मुख्यालय अब नवा रायपुर स्थित प्रमुख अभियंता कार्यालय में निर्धारित किया गया है। यह मामला शासन के स्तर पर सख्त कार्रवाई की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है!

महासमुंद में कल होगा जिला स्तरीय संपूर्णता अभियान सम्मान समारोह का आयोजन

महासमुंद में कल होगा जिला स्तरीय संपूर्णता अभियान सम्मान समारोह का आयोजन

महिला स्व-सहायता समूह लगाएंगे स्टॉल, एक सप्ताह तक चलेगा “आकांक्षा हाट“

महासमुंद, केंद्रीय नीति आयोग द्वारा आकांक्षी जिले महासमुंद में जिला स्तरीय संपूर्णता अभियान सम्मान समारोह का आयोजन कल 1 अगस्त 2025 को जिला पंचायत महासमुंद के सभा कक्ष में किया जाएगा। जिला पंचायत परिसर में महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों और सामग्रियों को प्रदर्शित किया जाएगा।

समारोह में सांसद, विधायक गण, जिला एवं जनपद के जनप्रतिनिधियों सहित शासन प्रशासन के अधिकारी भी सम्मिलित होंगे। कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से प्रारंभ होगा। इस अवसर पर जिले की सक्रिय महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादों की प्रदर्शनी एवं विक्रय हेतु “आकांक्षा हाट“ का आयोजन भी किया जा रहा है, जो एक सप्ताह तक चलेगा। इस हाट में स्थानीय उत्पाद, हस्तशिल्प, फूड प्रोडक्ट, सजावटी वस्तुएं और विभिन्न पारंपरिक सामग्रियां बिक्री हेतु उपलब्ध रहेंगी। आकांक्षा हाट के माध्यम से 29 स्टाल लगेंगे, जो एक सप्ताह तक चलेगा। इससे स्थानीय महिला समूहों को आर्थिक प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि आमजन को जिले की सांस्कृतिक और आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर भी प्राप्त होगा।

छत्तीसगढ़: भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 तत्काल प्रभावशील सड़कों में पशुओं को खुला छोड़ने पर पशु मालिकों को होगी सजा और जुर्माना

छत्तीसगढ़: भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 तत्काल प्रभावशील सड़कों में पशुओं को खुला छोड़ने पर पशु मालिकों को होगी सजा और जुर्माना

हादसों के लिए मवेशी मालिक होंगे जिम्मेदार

छत्तीसगढ़/बिलासपुर जिला प्रशासन के निर्देश पर जिले के सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारियों द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 प्रभावशील कर दी गई है। इसके तहत कोई भी पशुपालक अपनी पशुओं को खुले में नहीं छोड़ सकेगा। उन्हें अपने सभी पशुओं को बांधकर रखना होगा। अधिनियम का उल्लंघन करने पर कठोर सजा या जुर्माने से दण्डित किया जाएगा। पशु क्रूरता अधिनियम के तहत भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

बिलासपुर जिले के सभी एसडीएम द्वारा जारी अलग-अलग आदेश के अनुसार जिले में राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्यीय राजमार्गों एवं स्थानीय मार्गों में लगातार सड़क दुर्घटना घटित हो रही है जिसका एक प्रमुख कारण स्थानीय पशु मालिकों द्वारा लापरवाही व गैरजिम्मेदारीपूर्वक पशुओं को सड़कों एवं सार्वजनिक स्थलों पर स्वतंत्र रूप से छोड़ देना है। इन पशुओं के कारण न केवल आवागमन बाधित होता है, अपितु जनहानि, पशुहानि एवं मालहानि जैसी गंभीर घटना घटित होती है जिससे कानून व लोक शांति व्यवस्था भंग की स्थिति निर्मित होती है। पशुओं के मार्गों में एकत्रित होने से अत्यावश्यक एवं आपातकालीन सेवा देने वाले वाहनों का आवागमन भी गंभीर रूप से प्रभावित होता है।

पशु पालकों द्वारा अपने मवेशियों को सड़कों या सार्वजनिक स्थलों में न छोड़कर उचित प्रबंधन एवं रखरखाव किए जाने से सड़कों पर होने वाली मानव जीवन की क्षति, पशु क्षति, संपत्ति की क्षति से बचाव के साथ ही कानून एवं शांति व्यवस्था की स्थिति निर्मित होने से बचा जा सकता है। सड़क पर एकत्रित पशु न केवल आमजनों के आवागमन में बाधक या सड़क दुर्घटना का कारण है, अपितु प्रशासनिक समस्या भी बन चुका है। मवेशियों को सड़कों या सार्वजनिक स्थलों में छोड़ देने वाले लापरवाह पशु मालिक इसके लिए जिम्मेदार हैं। पशु मालिकों का इस प्रकार का गैर जिम्मेदाराना एवं लापरवाहीपूर्वक आचरण भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 291 के अंतर्गत तथा पशु क्रूरता अधिनियम, 1960 के अध्याय 3 धारा 11(1) के अंतर्गत दण्डनीय अपराध की श्रेणी में भी आता है।

बिलासपुर जिले के सभी अनुविभागों के विभिन्न मार्गों एवं सार्वजनिक स्थानों में पशु मालिकों द्वारा अपने पालतू पशुओं को स्वतंत्र रूप से छोड़े जाने से रोकने आदेश पारित किए गए हैं। इसके अनुसार पशु पालकों द्वारा छोड़े गए पशुओं से मार्ग अवरूद्ध न हो एवं जन सामान्य/पशुओं की सुरक्षा तथा सुविधा के साथ-साथ आपातकालीन एवं अत्यावश्यक सेवा के निर्बाध व शांतिपूर्ण ढंग से संचालन तथा कानून-व्यवस्था की दृष्टि से इन क्षेत्रों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के अंतर्गत प्रतिबंधित किया गया है। आमजन/पशुओं के जीवन की सुरक्षा हेतु तथा जनहित में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के अंतर्गत अनुविभागीय दंडाधिकारियों द्वारा आदेश पारित किए गए हैं कि सभी पशु मालिक अपने पशुओं को बांधकर रखेंगे। पशुओं को मार्गों एवं सार्वजनिक स्थलों पर स्वतंत्र रूप से न छोड़ेंगे, न एकत्रित होने देंगे, अन्यथा भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 291 के अंतर्गत सजा एवं जुर्माने से दण्डित किया जाएगा। साथ ही पशु क्रूरता अधिनियम, 1960 के अध्याय 3 धारा 11 (1) तथा अन्य सुसंगत प्रावधानों के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

 

छत्तीसगढ़ : बस्तर प्रवास पर दंतेवाड़ा पहुंची मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, मां दंतेश्वरी के किए दर्शन

छत्तीसगढ़ : बस्तर प्रवास पर दंतेवाड़ा पहुंची मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, मां दंतेश्वरी के किए दर्शन

प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और प्रगति की कामना की

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज बस्तर प्रवास के दौरान दंतेवाड़ा स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने मां के चरणों में प्रदेश की जनता के सुख, समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की।

मां दंतेश्वरी मंदिर बस्तर अंचल की जनआस्था का प्रमुख केन्द्र है और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार महिला और बाल कल्याण के लिए संकल्पबद्ध है और मां के आशीर्वाद से यह कार्य और मजबूती से आगे बढ़ेगा।

 

ओड़िशा निवासी का बसना बैंक से व्हाट्सएप के जरिए ₹83,600 की साइबर ठगी

 

ओड़िशा निवासी का बसना बैंक से व्हाट्सएप के जरिए ₹83,600 की साइबर ठगी

कोतना (ओड़िशा)/बसना (छत्तीसगढ़), 31 जुलाई 2025
व्हाट्सएप पर आए एक पीडीएफ फाइल ने ओड़िशा के एक दुकानदार को हजारों की चपत लगा दी। कोतना गांव (जिला बरगढ़, ओड़िशा) के किराना व्यवसायी धनपति अग्रवाल के खाते से साइबर ठगों ने ₹83,600 निकाल लिए। पीड़ित का खाता छत्तीसगढ़ के पंजाब नेशनल बैंक, बसना शाखा में है।

घटना की शुरुआत 6 अगस्त 2024 को हुई, जब व्हाट्सएप पर “कस्टमर सपोर्ट” नाम से एक पीडीएफ भेजी गई, जिसे पीड़ित ने डाउनलोड कर लिया। इसके बाद अज्ञात नंबरों से कई कॉल्स आए, जिन्हें धनपति ने रिसीव नहीं किया।

25 सितंबर को खाते में बैलेंस चेक करने पर मात्र ₹7.85 होना पाया गया। अगली सुबह बैंक जाकर जब स्टेटमेंट निकाला गया, तो पता चला कि 19 सितंबर को IMPS के जरिए ₹80,000 और ₹3,600, तथा 20 सितंबर को ₹1 की ट्रांजेक्शन विराट कुमार नामक व्यक्ति के उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक खाते में की गई।

धनपति अग्रवाल ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज की (शिकायत क्रमांक – 3241**********) और थाना बसना में भी लिखित आवेदन दिया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बीएनएस की धारा 318(4) के तहत विराट कुमार के विरुद्ध अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

यह मामला दो राज्यों – ओड़िशा और छत्तीसगढ़ – से जुड़ा होने के कारण अब अंतरराज्यीय साइबर अपराध की श्रेणी में आ गया है।

सावधानी बरतें:
पुलिस और साइबर विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनजान नंबरों से आए लिंक, फाइल या कॉल को नजरअंदाज करें और किसी भी ऐप या पीडीएफ को बिना पुष्टि डाउनलोड न करें।

 

 

बलौदा बाजार/ बड़ी कार्रवाई:ग्राम भदरा नदी किनारे जुए के फड़ पर छापा, 7 जुआरी गिरफ्तार

बलौदा बाजार/ बड़ी कार्रवाई:ग्राम भदरा नदी किनारे जुए के फड़ पर छापा, 7 जुआरी गिरफ्तार

बलौदाबाजार, 31 जुलाई 2025 – छत्तीसगढ़ पुलिस की समाधान सेल को मिली एक महत्वपूर्ण सूचना के आधार पर, ग्राम भदरा नदी किनारे जुए के फड़ पर दबिश दी गई। इस कार्रवाई में 7 जुआरियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से ₹8500 नगद व 52 पत्तियों की ताश जब्त की गई है।

समाधान सेल द्वारा प्राप्त सूचना को गंभीरता से लेते हुए हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से त्वरित कार्रवाई की गई। यह सफलता अपराधियों की धरपकड़ में समाधान सेल की निरंतर सक्रियता और आम जनता से मिल रहे सहयोग का परिणाम है।

गिरफ्तार आरोपी जुआरियों के नाम:

1. मुकेश कुमार कर्ष – निवासी शिवरीनारायण, जिला जांजगीर चांपा

2. सोनसाय केवट – निवासी ग्राम सोनाईडीह, थाना कसडोल

3. दिनेश महिपाल – निवासी ग्राम सरवानी, थाना कसडोल

4. परदेसी राम श्रीवास – निवासी ग्राम खरवे, थाना कसडोल

5. राकेश कुमार कुर्रे – निवासी ग्राम सर्वा, थाना कसडोल

6. श्याम कुमार पटेल – निवासी ग्राम झबडी, थाना कसडोल

7. देवनारायण साहू – निवासी ग्राम पिसीद, थाना कसडोल

छत्तीसगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना हो रही है। आमजन से अपील की गई है कि किसी भी आपराधिक गतिविधि की जानकारी तुरंत समाधान सेल हेल्पलाइन नंबर पर साझा करें।