भुनेश्वर/लिंगराज मंदिर पहुँचे बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल, अर्पित किए पवित्र ध्वज, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि के लिए की विशेष प्रार्थना

भुनेश्वर/*लिंगराज मंदिर पहुँचे बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल, अर्पित किए पवित्र ध्वज, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि के लिए की विशेष प्रार्थना*

रथ यात्रा पूर्व विधायक डॉ. संपत अग्रवाल की लिंगराज मंदिर में भावपूर्ण उपस्थित‍ि, शांति, समृद्धि और सौहार्द की प्रार्थना

विधायक डॉ. संपत अग्रवाल का भक्ति भाव: लिंगराज मंदिर में अर्पित किए ध्वज, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि के लिए की प्रार्थना

*लिंगराज मंदिर में विधायक डॉ. संपत अग्रवाल का आध्यात्मिक समर्पण, रथ यात्रा पूर्व अर्पित किए पवित्र ध्वज*

ध्वज के साथ श्रद्धा भी अर्पित: लिंगराज मंदिर में विधायक डॉ. संपत अग्रवाल की जनकल्याण की प्रार्थना

*लिंगराज मंदिर में विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने अर्पित किए पवित्र ध्वज, रथ यात्रा से पूर्व की प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना*

बसना विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक और नीलांचल सेवा समिति के संस्थापक डॉ. संपत अग्रवाल ने आज अपने परिवार सहित उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर स्थित प्राचीन श्री लिंगराज मंदिर में दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की। यह यात्रा आगामी 27 जून को आयोजित होने वाली श्री जगन्नाथ रथ यात्रा में उनकी सहभागिता से पूर्व की गई, जिसमें वे श्रद्धा और आस्था के साथ शामिल होंगे।

अर्पित किए पवित्र ध्वज* इस अवसर पर विधायक डॉ. अग्रवाल ने पवित्र ध्वज अर्पित कर न केवल बसना विधानसभा क्षेत्र बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और सौहार्द की कामना की। उन्होंने कहा, लिंगराज मंदिर की दिव्यता और आध्यात्मिक ऊर्जा से मन को गहन शांति मिलती है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि हमारे क्षेत्र में सदैव विकास, भाईचारा और समृद्धि बनी रहे।

जनसेवा और आध्यात्मिकता का संगम* विधायक डॉ. अग्रवाल की यह यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि एक जनप्रतिनिधि की आध्यात्मिक प्रतिबद्धता और जनकल्याण की भावना का प्रतीक बन गई है। विधायक बनने के पहले से नीलांचल सेवा समिति के माध्यम से वे लगातार सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय रहते हैं, और यह यात्रा उसी श्रृंखला की एक कड़ी है।

लिंगराज मंदिर का महत्व: आपको बता दे कि 12वीं शताब्दी में निर्मित यह मंदिर भगवान हरिहर (शिव और विष्णु के संयुक्त रूप) को समर्पित है और भारत के सबसे प्राचीन और भव्य मंदिरों में गिना जाता है। यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि भुवनेश्वर शहर की सांस्कृतिक पहचान भी है।

रायपुर : नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास की नई रेखा: अंतिम चरण में रेल सर्वे

रायपुर : नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास की नई रेखा: अंतिम चरण में रेल सर्वे

कोठागुडेम–किरंदुल रेललाइन सर्वे को मिली रफ्तार:लिडार तकनीक से हो रहा सर्वे

सुकमा-दंतेवाड़ा-बीजापुर जिलों को मिलेगी रेल कनेक्टिविटी

देश के सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में से एक – बस्तर अंचल – में विकास की गाड़ी अब तेजी पकड़ रही है। कोठागुडेम (तेलंगाना) से किरंदुल (छत्तीसगढ़) तक प्रस्तावित 160.33 किमी लंबी नई रेललाइन के फाइनल लोकेशन सर्वे (FLS) कार्य को केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृति मिलने के बाद सर्वे अब अंतिम चरण में है।इस प्रस्तावित रेललाइन का 138.51 किमी हिस्सा छत्तीसगढ़ के सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जैसे नक्सल प्रभावित जिलों के विभिन्न क्षेत्रों से होकर गुजरेगा, जो अब तक रेल कनेक्टिविटी से वंचित रहे हैं। यह परियोजना न केवल आवागमन को सरल बनाएगी, बल्कि इन जिलों के सामाजिक-आर्थिक विकास में भी क्रांतिकारी बदलाव लाएगी।

रेलवे द्वारा अत्याधुनिक लिडार तकनीक के माध्यम से सर्वे कार्य किया जा रहा है। यह रेललाइन परियोजना गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा विशेष रूप से मॉनिटर की जा रही है, और इसे आंतरिक सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भारतीय रेल विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ सरकार और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया गया है, जिनके निर्देशों और समन्वय से यह सर्वे कार्य पुनः गति पकड़ सका। यह रेलमार्ग भविष्य में बस्तर अंचल के लिए सुरक्षा, समावेशन और समृद्धि का प्रतीक बनने जा रहा है।

 

रायपुर : लोकतंत्र केवल एक शासन प्रणाली नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पद्धति:लोकतंत्र सेनानियों का संघर्ष हम सबके लिए प्रेरणास्रोत – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर : लोकतंत्र केवल एक शासन प्रणाली नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पद्धति:लोकतंत्र सेनानियों का संघर्ष हम सबके लिए प्रेरणास्रोत – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

आपातकाल स्मृति दिवस पर सम्मानित हुए लोकतंत्र सेनानी

लोकतंत्र केवल एक शासन प्रणाली नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पद्धति है। आज हम लोकतंत्र की फिजा में जिस आज़ादी का अनुभव कर रहे हैं, उसकी कीमत आपातकाल के दौरान कुछ लोगों ने यातना, अपमान और जेलों में समय काटकर चुकाई थी। इन लोकतंत्र सेनानियों की पीड़ा और संघर्ष को हर पीढ़ी तक पहुँचाना हमारा कर्तव्य है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित आपातकाल स्मृति दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने लोकतंत्र विरोधी ताकतों से सावधान रहने और लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयत्नशील रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानियों को बेड़ियों में जकड़कर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। यह सब स्वतंत्र भारत में हुआ, लेकिन उस अमानवीयता ने अंग्रेजी हुकूमत की क्रूरता की याद दिला दी। आपातकाल के दौरान असहनीय कष्ट सहने वाले लोकतंत्र सेनानी आज भी हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में उन्होंने श्री सच्चिदानंद उपासने द्वारा लिखित पुस्तक ‘वो 21 महीने: आपातकाल’ का भी विमोचन किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि 25 जून 1975 को भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे काला दिन माना जाता है। आपातकाल में हजारों लोगों को बिना अपराध के जेलों में ठूंस दिया गया, मौलिक अधिकार छीन लिए गए और लोकतंत्र का गला घोंट दिया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उन्होंने इस त्रासदी को बहुत करीब से देखा है। उनके स्वर्गीय बड़े पिताजी श्री नरहरि प्रसाद साय भी उस दौर में 19 महीने तक जेल में बंद रहे थे। उनके द्वारा सुनाए गए किस्से आज भी रोंगटे खड़े कर देते हैं। उन्होंने बताया कि किस प्रकार लोकतंत्र सेनानियों को बेड़ियों में जकड़कर शारीरिक और मानसिक यातनाएं दी गईं। यह सब स्वतंत्र भारत में हुआ, लेकिन उस अमानवीयता ने अंग्रेजी हुकूमत की क्रूरता की पुनः याद दिला दी। उन्होंने कहा कि आपातकाल में कलाकारों की स्वतंत्रता तक छीनी गई। पार्श्व गायक किशोर कुमार द्वारा सरकारी प्रचार गीत गाने से इनकार करने पर उनके गीतों पर आकाशवाणी में प्रतिबंध लगा दिया गया था।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  छत्तीसगढ़ सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों को सम्मान राशि देने की शुरुआत की थी, जिसे पूर्ववर्ती सरकार ने बंद कर दिया। हमारी सरकार ने न केवल यह सम्मान राशि पुनः प्रारंभ की, बल्कि पूर्व सरकार द्वारा रोकी गई पिछले पाँच वर्षों की बकाया राशि का भी भुगतान किया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अब लोकतंत्र सेनानियों की अंत्येष्टि राजकीय सम्मान के साथ की जाएगी और उनके परिजनों को ₹25,000 की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, विधानसभा में एक अधिनियम पारित कर यह सुनिश्चित किया गया है कि भविष्य में कोई भी सरकार इस सम्मान योजना को समाप्त न कर सके।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने उद्बोधन में आपातकाल की भयावहता और लोकतंत्र सेनानियों के बलिदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आपातकाल के 21 महीनों की प्रताड़ना और लोकतंत्र पर हुए आघात को देश के हर नागरिक तक पहुँचाना आज की पीढ़ी की ज़िम्मेदारी है। डॉ. सिंह ने कहा कि यह हम सबका सौभाग्य है कि आज मीसाबंदी आंदोलन के सहभागी और उनके परिजन हमारे बीच हैं। उन्होंने आपातकाल को असंवैधानिक करार देते हुए कहा कि उस समय पूरे देश को एक विशाल जेल में बदल दिया गया था। लोकतंत्र के स्तंभ—न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायिका और मीडिया—को निष्क्रिय कर दिया गया था। प्रेस पर सेंसरशिप थोप दी गई थी और सच्चाई बोलने वालों को जेलों में डाल दिया गया था।उन्होंने बताया कि देश उस समय गहरे आर्थिक और सामाजिक संकट से गुजर रहा था—मंहगाई, बेरोज़गारी और भ्रष्टाचार चरम पर थे। जनता के भीतर आक्रोश पनप रहा था और उसी को कुचलने के लिए आपातकाल थोपा गया। उन्होंने कहा कि यदि आज लोकतंत्र जीवित और मजबूत है, तो इसका श्रेय उन सेनानियों को जाता है जिन्होंने अपार कष्ट सहकर भी संविधान और देश की आत्मा की रक्षा की।

इस अवसर पर श्री पवन साय और लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री सच्चिदानंद उपासने ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

कार्यक्रम में उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, विधायक श्री मोतीलाल साहू, सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री नन्द कुमार साहू, लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री दिवाकर तिवारी सहित बड़ी संख्या में लोकतंत्र सेनानी एवं उनके परिजन उपस्थित थे।

 

रायपुर : मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक में धान के त्वरित निराकरण हेतु लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

रायपुर : मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक में धान के त्वरित निराकरण हेतु लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक महानदी भवन, मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित की गई। बैठक में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल  एवं राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा उपस्थित थे।

बैठक में बताया गया कि खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में किसानों से समर्थन मूल्य पर 149.25 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया है, जो राज्य गठन के पश्चात अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है।उपार्जित धान का कस्टम मिलिंग के माध्यम से त्वरित निराकरण किया जा रहा है। भारत सरकार एवं नागरिक आपूर्ति निगम से प्राप्त चावल उपार्जन लक्ष्य के अतिरिक्त लगभग 35.00 लाख मीट्रिक टन अतिशेष धान के निराकरण हेतु मंत्रिपरिषद द्वारा ई-नीलामी (ई-ऑक्शन) के माध्यम से विक्रय का निर्णय लिया गया है। इस हेतु एम-जंक्शन प्लेटफॉर्म पर नीलामी की प्रक्रिया संपादित की गई। प्रथम चरण की निविदा में प्राप्त दरों को मंत्रिमंडलीय उप समिति द्वारा 29 अप्रैल 2025 को अनुमोदित किया गया था। उक्त दरों पर लगभग 18.91 लाख मीट्रिक टन धान का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया है। शेष स्टेकों के निराकरण हेतु उच्चतम बोली लगाने वाले निविदाकारों (H-1) एवं अन्य निविदाकारों को अनुमोदित दर पर प्राइस मेचिंग का अवसर प्रदान किया गया है, जिससे शासन द्वारा पारदर्शिता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करते हुए अतिशेष धान का निराकरण अविलंब हो सके।

बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश के 78 संग्रहण केन्द्रों में कुल 31.48 लाख मीट्रिक टन धान का भंडारण किया गया है, जिसमें से लगभग 18.91 लाख मीट्रिक टन का निराकरण प्राइस मेचिंग एवं ऑक्शन के माध्यम से किया जा चुका है। वर्तमान में लगभग 12.57 लाख मीट्रिक टन धान का निराकरण शेष है। त्वरित उठाव सुनिश्चित करने हेतु सभी जिला विपणन अधिकारियों एवं संग्रहण केन्द्र प्रभारियों को आवश्यक निर्देश प्रसारित किए गए हैं। संग्रहण केन्द्रों में वाहनों की आवाजाही सुगम करने एवं हमालों की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे धान का उठाव तेजी से हो और  क्रेताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

बैठक में जानकारी दी गई कि निविदाकारों को एम-जंक्शन प्लेटफॉर्म पर पंजीयन उपरांत अमानत राशि जमा करने पर प्राइस मेचिंग करने का विकल्प उपलब्ध है। प्राइस मेचिंग करने की तिथि से 7 दिवस के भीतर निविदाकारों को सुरक्षा निधि के रूप में क्रय किए गए धान के कुल मूल्य की 3 प्रतिशत राशि जमा करनी होती है। तत्पश्चात निर्धारित अवधि के भीतर क्रेता को स्टेक का वास्तविक मूल्य ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म में जमा करना होता है। राशि विपणन संघ को प्राप्त होते ही क्रेता को लिफ्ट ऑर्डर जारी किया जा रहा है। उक्त अनुक्रम में आज आयोजित  मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक में धान के त्वरित निराकरण के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में निर्णय लिया गया कि ऐसे निविदाकार जिनके द्वारा ईआक्शन प्लेटफॉर्म में प्राइस मेचिंग के दौरान निर्धारित समय-सीमा में सुरक्षा निधि जमा नहीं किया जा सका है, अथवा धान का क्रय मूल्य (MVP) समय सीमा में जमा नहीं किया गया है अथवा विलंब से जमा किया गया है, उन्हें अब 15 जुलाई 2025 तक की अंतिम समय-सीमा प्रदान की गई है। खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में चावल जमा हेतु शेष मात्रा के जमा करने हेतु अवधि को बढ़ाकर 5 जुलाई 2025 कर दिया गया है। प्रदेश के राइस मिलरों में शासन द्वारा लिए गए इन निर्णयों के प्रति उत्साह देखा गया है। छत्तीसगढ़ राइस मिलर्स एसोसिएशन ने इस संबंध में खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल को धन्यवाद ज्ञापन भी सौंपा है।

प्राइस मेचिंग के दौरान मिलरों एवं क्रेताओं को आ रही तकनीकी समस्याओं के निराकरण एवं आवश्यक मार्गदर्शन हेतु महाप्रबंधक (विपणन) की अध्यक्षता में एक तकनीकी समिति का गठन भी किया गया है, जिससे समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित हो सके।

बैठक में बताया गया कि इसी अनुक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा केंद्रीय खाद्य मंत्री से भेंट कर खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदी गई धान में से केंद्रीय पूल में चावल जमा करने का लक्ष्य 70 लाख मीट्रिक टन से अधिक बढ़ाने का अनुरोध किया गया है। इस पर भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के हित में सकारात्मक विचार करने का आश्वासन प्रदान किया गया है।

बैठक में खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले, वित्त सचिव श्री मुकेश बंसल, उद्योग सचिव श्री रजत कुमार, संचालक खाद्य, प्रबंध संचालक मार्कफेड तथा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

 

महासमुंद/ कलेक्टर ने की बैंकों के कामकाज की समीक्षा केसीसी ऋण 15 दिन के भीतर स्वीकृत करें

महासमुंद/ कलेक्टर ने की बैंकों के कामकाज की समीक्षा केसीसी ऋण 15 दिन के भीतर स्वीकृत करें

साइबर फ्रॉड और वित्तीय साक्षरता के लिए शिविर लगाकर लोगों का जागरूक करें  श्री विनय कुमार लंगेह ने आज शाम जिला पंचायत के सभाकक्ष में बैंकों के कामकाज से संबंधित जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति की बैठक में कहा कि जरूरतमंद लोगों को आवश्यकता अनुसार आसान और सरलीकृत तरीके से ऋण उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि किसानों को केसीसी लोन, छोटे व्यवसायियों के लिए मुद्रा एवं शासकीय विभागों द्वारा संचालित लोन को अविलंब स्वीकृति दें। समूह से जुड़े हितग्राहियों का लोन भी स्वीकृत करें। कलेक्टर ने जिले के बैंकों की कामकाज के प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री एस. आलोक, आरबीआई के प्रतिनिधि श्री दीपेश तिवारी, नाबार्ड के प्रबंधक श्री प्रियव्रत साहू, जिला अग्रणी बैंक मैनेजर श्री अभय पारे एवं जिले के अन्य बैंकों के प्रतिनिधि एवं शासकीय अधिकारी मौजूद थे।

कलेक्टर श्री लंगेह ने कहा कि बैंकों को नकद जमा अनुपात 60 प्रतिशत तक रखने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि हितग्राहियों को उनके आवश्यकता और जरूरत के अनुसार आसानी से लोन उपलब्ध कराने में बैंकर्स सहयोग करें। उन्होंने कहा कि बैंक आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से वित्तीय साक्षरता शिविर का सतत आयोजन करें तथा उनका प्रचार प्रसार भी सुनिश्चित करें। लोगों को साइबर फ्रॉड से बचने के तरीके भी बताएं ताकि उनकी जमा पूंजी बैंकों में सुरक्षित रहे। कलेक्टर ने कहा कि पीएम जनमन के हितग्राहियों के शत प्रतिशत बैंक खाते खोलें तथा आधार नम्बर से बैंक खातों को लिंक करें। कलेक्टर ने बैंकों के सीएसआर मद से जल संचयन अंतर्गत सोख पिट बनाने के लिए आगे आने कहा। उन्होंने कहा कि जिले को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में भी तेजी से प्रयास हो रहे हैं। बैंक टीबी मरीजों को गोद लेकर भी मदद कर सकते हैं। उन्होंने बैठक में खल्लारी एवं भंवरपुर में बैंकिंग सुविधा खोलने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी कारणवश बैंक लोन प्रकरण को स्वीकृत करने में असक्षम है तो हितग्राहियों को इसकी लिखित जानकारी दिया जाए। जिसमें कारण स्पष्ट उल्लेखित हो। कलेक्टर ने कहा कि बैंक प्रत्येक विकासखण्ड में एक-एक वीडियो कांफ्रेंसिंग कक्ष तैयार करने के निर्देश दिए हैं ताकि बयान एवं गवाही देने की स्थिति में जिला मुख्यालय न आना पड़े। साथ ही कहा कि बैंक किसी भी तरह के फ्रॉड गतिविधियों में संलिप्त न हो और न ही बिना नियमानुसार कोई भी प्रकरण स्वीकृत करें।

इस दौरान शासकीय योजनाओं की समीक्षा में बैठक में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, सुरक्षा योजना के तहत बीमित हितग्राहियों को क्लेम दिलाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन व पशुपालन, मछली पालन, अंत्यावसायी, ग्रामोद्योग विभागों के प्रकरण के त्वरित निराकरण के संबंध में निर्देश दिए गए। बैठक में बैंकों से संबंधित जिला अग्रणी बैंक मैनेजर श्री अभय पारे ने विभिन्न आंकड़ों के माध्यम से बैंकों के प्रगति की जानकारी प्रस्तुत किया।

महासमुंंद / बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान हेतु उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देश पर टोल फ्री हेल्पलाइन नम्बर जारी कृ 24×7 कार्यरत रहेगा 1800-233-1905

महासमुंंद / बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान हेतु उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देश पर टोल फ्री हेल्पलाइन नम्बर जारी कृ 24×7 कार्यरत रहेगा 1800-233-1905

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने नागरिकों से अपील की है कि अवैध बांग्लादेशी संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि अथवा पहचान पर संदेह हो तो वे तुरंत टोल फ्री नम्बर पर संपर्क करें

महासमुंंद 26, जून 2025/ छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में आंतरिक सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान हेतु उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देश पर पुलिस विभाग द्वारा टोल फ्री हेल्पलाइन नम्बर 1800-233-1905 जारी किया गया है, जो 24 घंटे और सप्ताह के सभी दिनों में सक्रिय रहेगा। इस हेल्पलाइन के माध्यम से राज्य का कोई भी नागरिक, अपने क्षेत्र में मौजूद संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों अथवा उनकी गतिविधियों के संबंध में सूचना सीधे पुलिस प्रशासन को दे सकता है। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि लोग बिना किसी भय के राष्ट्रहित में सहयोग कर सकें।

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि देश की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सुशासन की सरकार राज्य को घुसपैठियों और अवैध गतिविधियों से मुक्त रखने के लिए प्रतिबद्ध है। जब तक ऐसी ताकतों को जड़ से नहीं उखाड़ा जाएगा, तब तक हमारे नागरिकों की सुरक्षा और शांति खतरे में रहेगी। यह हेल्पलाइन आम जनता को एक सीधा, सुरक्षित और प्रभावी माध्यम प्रदान करती है जिससे वे देशहित में अपनी भागीदारी निभा सकें। राज्य में अवैध बांग्लादेशी नागरिको की सूचना पर पूरी ताकत के साथ जांच और पहचान कर रही है।

उपमुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए हैं कि वे इस हेल्पलाइन पर प्राप्त हर सूचना को गंभीरता से लें, आवश्यक सतर्कता बरतें और जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई करें। साथ ही इस अभियान को लेकर आम नागरिकों में जागरूकता फैलाने हेतु प्रचार-प्रसार के निर्देश भी दिए गए हैं। पुलिस विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि घुसपैठ के मामलों की पुष्टि के लिए प्राप्त सूचनाओं की सत्यता की पूर्ण जांच की जाएगी, ताकि निर्दोष लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने राज्य के सभी नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें अपने आस-पास किसी संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि अथवा पहचान पर संदेह हो तो वे तुरंत टोल फ्री नम्बर 1800-233-1905 पर संपर्क करें। यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम छत्तीसगढ़ को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सशक्त बनाए रखें।

महासमुंद / निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमितताएं, जारी किए गए नोटिस

महासमुंद / निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमितताएं, जारी किए गए नोटिस

महासमुंद, 26 जून 2025/ कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार गठित जिला स्तरीय संयुक्त जांच टीम द्वारा मेसर्स करणी कृपा पॉवर प्रा०लि० ग्राम खैरझिटी महासमुंद का गहन जांच किया गया। इस अवसर पर श्री मनीष कुमार कुंजाम सहायक संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा बलौदाबाजार, श्री डी०एन० पात्र श्रम पदाधिकारी श्रम विभाग, श्री सिद्धार्थ दुबे निरीक्षक विधिक नापतौल विभाग, श्री शशिकांत प्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र महासमुंद, श्री एस० के० चौधरी उप अभियंता क्षेत्रीय पर्यावरण विभाग रायपुर, श्री सिन्हा आरटीओ इंस्पेक्टर महासमुंद, श्री इन्द्र प्रकाश टेक्निकल सपोर्ट इंजीनियर खनिज विभाग महासमुन्द उपस्थित रहे।

निरीक्षण के दौरान औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा बलौदाबाजार द्वारा जांच में सुरक्षा उपकरण के बगैर कर्मचारी कार्यरत मिले। इस पर प्रबंधन को नोटिस जारी किया जा रहा है। श्रम विभाग द्वारा जांच में ओवर टाईम कार्य लिया जाना पाया गया। ठेकेदारों को नोटिस जारी किया जा रहा है। अन्तर्राज्यीय प्रवासी कर्मकार अधिनियम अंतर्गत अनुज्ञप्ति लिया जाना नहीं पाया गया। इस पर भी ठेकेदारों को नोटिस जारी किया जा रहा है। विधिक माप विज्ञान विभाग द्वारा जांच में सभी तौल उपकरण नियमानुसार सत्यापित पाये गऐ। कोई अनियमितता नहीं पाई गई। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र की जांच में भी कोई कमी नहीं पाई गई। खनिज विभाग द्वारा जांच में डम्प कोयले का रायल्टी स्लिप मौके पर प्रस्तुत किया गया। डम्प रेत का रायल्टी पर्ची उपलब्ध नहीं कराया गया। प्रबंधन को 03 दिवस के भीतर रायल्टी पर्ची प्रस्तुत करने हेतु निर्देश दिया गया। परिवहन विभाग द्वारा जांच में प्लांट के अन्दर पाई गई समस्त गाड़ियां अंडरलोड पाई गई। विगत दिनों का वे-ब्रीज का विवरण प्रस्तुत किया गया। उनमें भी समस्त गाड़ियां अंडरलोड पाई गई। पर्यावरण विभाग द्वारा जांच में पाई गई कमियों के संबंध में प्रबंधन को पृथक से नोटिस जारी किया जा रहा है।

जिला प्रशासन द्वारा औद्योगिक इकाइयों की नियमित मॉनिटरिंग कर श्रमिकों की सुरक्षा, कानूनी अनुपालन तथा नियामक दिशा-निर्देशों के पालन को सुनिश्चित किया जा रहा है। संस्थानों को नियमानुसार सुधारात्मक कदम उठाने हेतु नोटिस जारी कर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

रायपुर समेत उत्तर छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश की संभावना, इन जिलों में अलर्ट जारी

छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मानसून (Monsoon) ने रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश में पिछले 24 घंटों में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा (Moderate rainfall) दर्ज की गई है और मौसम विभाग (IMD Alert) ने आने वाले 5 दिनों के लिए येलो अलर्ट (Yellow Alert) जारी किया है।

राजधानी रायपुर, बिलासपुर, सरगुजा, बस्तर और दुर्ग संभागों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और कई जिलों में तेज बारिश के साथ वज्रपात (thunderstorm with heavy rain) की चेतावनी भी जारी की गई है। इस बार बारिश का यह दौर जून में अब तक की कम बारिश की भरपाई कर सकता है।

राजधानी रायपुर में बादल और बौछारें
रायपुर शहर में पिछले 24 घंटे में बादल छाए रहे और कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश दर्ज की गई। पंडरी, मोवा, दलदल सिवनी, शंकर नगर और तेलीबांधा जैसे इलाकों में भी बौछारें पड़ीं। मौसम वैज्ञानिकों (Meteorologists) के अनुसार राजधानी में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25 डिग्री के आसपास बना रहेगा।

बीजापुर, नारायणपुर, उत्तर बस्तर कांकेर, राजनांदगांव, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला पेंड्रा मरवाही, मुंगेली, सुरगुजा, में मेघगर्जन / आकाशीय बिजली / अचानक तेज हवा (30-40 KMPH) के साथ मध्यम वर्षा की संभावना है।

सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाज़ार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला पेंड्रा मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सुरगुजा, में हलकी वर्षा की संभावना है।

छत्तीसगढ़ में मानसून की स्थिति
प्रदेश में मानसून (Monsoon in Chhattisgarh) 26 मई को ही पहुंच गया था, जो सामान्य तारीख 13 जून से 16 दिन पहले था। यह छत्तीसगढ़ के 64 साल के इतिहास में पहली बार हुआ है जब मई में ही मानसून (Monsoon) ने दस्तक दी।

रायपुर/पद्मश्री हास्य कवि सुरेंद्र दुबे का निधन                                                                                   

रायपुर/पद्मश्री हास्य कवि सुरेंद्र दुबे का निधन                                                                                     छत्तीसगढ़ से दुनिया भर में मशहूर हुए हास्य कवि पद्मश्री सुरेंद्र दुबे का गुरुवार को शाम सवा चार बजे निधन हो गया। खबर है कि हार्ट अटैक की वजह से उनका निधन हुआ । रायपुर के एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट में उनका इलाज चल रहा था। अपनी चिर परिचित अंदाज के लिए वे अलग ही पहचान रखते थे। अपनी कविताओं में कहा करते थे- टाइगर अभी जिंदा है।

वह पेशे से एक आयुर्वेदिक चिकित्सक भी थे। दुबे का जन्म 8 जनवरी 1953 को छत्तीसगढ़ में दुर्ग के बेमेतरा में हुआ था। उन्होंने पांच किताबें भी लिखी थी। उन्हें भारत सरकार द्वारा 2010 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। वे राष्ट्रीय व प्रादेशिक स्तर पर कई पुरस्कार प्राप्त कर चुके थे। वे राजभाषा आयोग के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। स्टेज प्रोग्राम के साथ टीवी चैनलों में लगातार कार्यक्रम देते रहे। उन्हे हंसी का खजाना भी कहा जाता था।

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