रायपुर : छत्तीसगढ़ में बढ़ते तापमान को देखते हुए स्कूलों के समय में हुआ परिवर्तन

रायपुर : छत्तीसगढ़ में बढ़ते तापमान को देखते हुए स्कूलों के समय में हुआ परिवर्तन

राज्य में लगातार बढ़ते तापमान और उमस के प्रकोप को देखते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव की आशंका को मद्देनज़र बड़ा निर्णय लिया है। शासकीय, अनुदान प्राप्त, गैर अनुदान प्राप्त एवं अशासकीय सभी शालाएं जो 16 जून 2025 से प्रारंभ हो चुकी हैं,                                         अब 17 जून से 21 जून 2025 तक प्रातः 7: 00 बजे से 11: 00 बजे तक संचालित की जाएंगी। यह भी शासन ने स्पष्ट किया है कि दिनांक 23 जून 2025 से सभी स्कूलों का संचालन सामान्य समयानुसार किया जाएगा।

 

रायपुर : रेत खनन मामलों में लापरवाही पर खनिज अधिकारी निलंबित

रायपुर : रेत खनन मामलों में लापरवाही पर खनि अधिकारी निलंबित

खनिज रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण न करने और संबंधित प्रकरणों में समुचित कार्यवाही नहीं किए जाने के कारण खनिज साधन विभाग द्वारा जिला राजनांदगांव में पदस्थ खनि अधिकारी श्री प्रवीण चन्द्राकर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।  निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संचालनालय, भौमिकी तथा खनिकर्म, रायपुर नियत किया गया है।

 

रायपुर : मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग की विजेता टीमों को सौंपा विनर्स कप

रायपुर : मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग की विजेता टीमों को सौंपा विनर्स कप

सीसीपीएल के फाइनल में रायपुर राइनोस और राजनांदगांव पैंथर्स टीम संयुक्त विजेता घोषित मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग सीजन 2 के समापन समारोह में हुए शामिल

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज यहां नवा रायपुर के शहीद वीरनारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग सीजन 2 के समापन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग की विजेता टीमों को विनर्स कप सौंपा। बारिश की वजह से सीसीपीएल का फाइनल मैच नहीं खेला जा सका। फाइनल में पहुंची दोनों टीमों रायपुर राइनोस और राजनांदगांव पैंथर्स को संयुक्त विजेता घोषित किया गया।

छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग सीजन 2 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए सौभाग्य की बात है कि सीसीपीएल जैसे क्रिकेट टूर्नामेंट का यहां शानदार आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ में हम सभी खेलों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग के माध्यम से राज्य के प्रतिभावान क्रिकेट खिलाड़ियों को खेलने का बेहतरीन मौका मिला है। इस आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ बधाई का पात्र है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बारिश की वजह फाइनल मैच नहीं खेला जा सका। रायपुर राइनोस और राजनांदगांव पैंथर्स टीमों को संयुक्त विजेता घोषित किया है। मैं दोनों टीमों को बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूँ और सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ। यह बहुत खुशी की बात है कि मौसम खराब होने के बाद भी बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी स्टेडियम में मौजूद हैं। मैं आशा करता हूँ कि छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ इसी तरह आगे भी छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग का आयोजन करता रहेगा।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग सीजन 2 का आयोजन 6 जून से 15 जून तक किया गया। इसमें रायपुर राइनोस, राजनांदगांव पैंथर्स, रायगढ़ लायन्स, बस्तर बाइसन्स, बिलासपुर बुल्स और सरगुजा टाईगर्स टीमों ने हिस्सा लिया।

मुख्यमंत्री के हाथों से रायपुर राइनोस और राजनांदगांव पैंथर्स टीम के कप्तान श्री अमनदीप खरे और श्री अजय मंडल ने विनर्स कप ग्रहण किया।

इस अवसर पर खेल मंत्री श्री टंकराम वर्मा, राज्यसभा सांसद और बीसीसीआई के उपाध्यक्ष श्री राजीव शुक्ला, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, श्री बलदेव सिंह भाटिया, श्री प्रभतेज सिंह भाटिया सहित छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी उपस्थित थे।

 

रायपुर : राज्य खेल अलंकरण वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 हेतु आवेदन 26 जून तक आमंत्रित

रायपुर : राज्य खेल अलंकरण वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 हेतु आवेदन 26 जून तक आमंत्रित

खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं निर्णायकों को मिलेगा राज्य स्तरीय सम्मान

खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राज्य खेल अलंकरण वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। छत्तीसगढ़ शासन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा प्रतिवर्ष खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को खेल पुरस्कार प्रदान कर राज्य खेल अलंकरण से सम्मानित किया जाता है। राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं निर्णायकों को शहीद राजीव पाण्डे पुरस्कार, शहीद कौशल यादव पुरस्कार, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार, शहीद पंकज विक्रम सम्मान, शहीद विनोद चौबे सम्मान सहित मुख्यमंत्री ट्रॉफी, नगद राशि, प्रेरणा निधि एवं डाइट मनी से सम्मानित किया जाएगा।

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि पुरस्कार के नियम छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित किए गए हैं, नियमों के अंतर्गत पात्रता रखने वाले आवेदकों को पुरस्कार के लिए प्रावीण्यता के आधार पर चयन किया जाएगा। चयन प्रक्रिया में भाग लेने हेतु योग्य आवेदकों से 26 जून 2025 तक कार्यालयीन समय में आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

विभागीय अधिकारियों ने यह भी बताया कि खिलाड़ियों को यदि एक से अधिक पुरस्कार हेतु आवेदन करना है, तो उन्हें प्रत्येक के लिए पृथक-पृथक आवेदन प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। आवेदन पत्र का प्रारूप एवं विस्तृत जानकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट   पर उपलब्ध है

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री साय से बीसीसीआई उपाध्यक्ष श्री राजीव शुक्ला ने की सौजन्य मुलाकात

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री साय से बीसीसीआई उपाध्यक्ष श्री राजीव शुक्ला ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सांसद एवं भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के उपाध्यक्ष श्री राजीव शुक्ला ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री राजीव शुक्ला का कोसा वस्त्र एवं बेल मेटल से निर्मित स्मृति चिन्ह भेंटकर आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में क्रिकेट सहित अन्य खेलों को बढ़ावा देने से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ में खेल अधोसंरचना के विस्तार एवं खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अवसर दिलाने की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

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रायपुर : केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने 39 करोड़ रुपए से अधिक के कार्यों का किया भूमिपूजन

रायपुर : केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने 39 करोड़ रुपए से अधिक के कार्यों का किया भूमिपूजन

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने अतिरिक्त 10 करोड़ रुपए देने की घोषणा की बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए मिली बड़ी सौगात

डबल इंजन की सरकार में लोगों का हो रहा सर्वांगीण विकास : केंद्रीय राज्यमंत्री सभी वर्ग का हो रहा विकास, यही है विष्णु का सुशासन : उप मुख्यमंत्री

केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास राज्यमंत्री श्री तोखन साहू और उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने आज सरकंडा खेल परिसर में  आयोजित समारोह में बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए 39 करोड़ 04 लाख रुपए से अधिक लागत के 20 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने इन कार्यों के लिए 10 करोड़ रुपए की राशि अतिरिक्त देने की भी घोषणा की। इनमें इन प्रमुख रूप से कोनी मंगला में 24 करोड़ 27 लाख की लागत से लोधीपारा सरकंडा कोनी मार्ग के अरपा नदी पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण कार्य और पौंसरा में पांच करोड़ 18 लाख की लागत से सेलर पौंसरा मार्ग में खारुन नदी पर उच्च स्तरीय पुल, सामुदायिक भवन सहित अन्य  निर्माण कार्य शामिल है। समारोह की अध्यक्षता स्थानीय विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने की।

केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि  राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र  मोदी की हर एक गारंटी को पूरा करने के लिए वचनबद्ध है। हमारी सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरी उतरी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में लोगों की बेहतरी के लिए लगातार योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिससे लोगों का जीवन स्तर तेजी से सुधर रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लोगों को मुफ्त अनाज मिल रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने हर गरीब के मकान का सपना साकार किया है। किसानों को सम्मान दिया। आयुष्मान कार्ड के जरिए लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिली है। ऑपरेशन सिंदूर से आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब दिया है।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हर काम साय साय गति से पूर्ण हो रहे हैं । यह विष्णु का ही सुशासन है कि जनता को लगातार विकास कार्यों की सौगात दी जा रही है। सबका विकास हो रहा है यही तो विष्णु का सुशासन है।  महतारी वंदन योजना के तहत एक हजार रुपए हर महीना दे रहे हैं।  महिलाएं सोची भी नहीं थी की राशि मिलेगी , लेकिन उनका सपना हमारी सरकार ने पूरा किया। एक तरफ जहां मोदी जी मुफ्त में चावल लोगों को दे रहे हैं वहीं विष्णु देव साय की सरकार महिलाओं को नगद सहायता कर रही हैं।  ऑपरेशन सिंदूर के तहत हमारी सेना ने महिलाओं का सम्मान बढ़ाया है। डबल इंजन की सरकार में विकास कार्यो ने रफ्तार पकड़ी है। उन्होंने कहा कि अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य बनाया और विष्णु देव साय की सरकार इसे विकसित स्वरूप में गढ़ने का काम कर रही है। राज्य में गांव गरीबों किसानों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो रहा है। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र तेज गति से विकास कर रहा है। यह ऐतिहासिक अवसर है जब करोड़ों के विकास कार्यों की सौगात क्षेत्रवासियों को मिली है।

विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने अपने संबोधन में कहा कि सुशासन के संकल्प की प्रतिपूर्ति कैसी होती है यह राज्य में हुए विकास कार्यों को देखकर पता चलता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में बिना किसी भेदभाव के हर वर्ग का समान विकास हो रहा है। बेलतरा विधान सभा क्षेत्र में भी विकास की धारा बह रही है। यह श्रृंखला निरंतर जारी रहेगी। हमारी सरकार की कथनी और करनी एक है। मोदी की गारंटी के रूप में हमने जो वादा किया था उसे पूरा किया है। उन्होंने सहयोग के लिए केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास राज्यमंत्री श्री तोखन साहू और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के प्रति आभार व्यक्त किया। समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, नगर निगम के सभापति श्री विनोद सोनी, जनपद पंचायत बिल्हा के अध्यक्ष श्री राम कुमार कौशिक, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, नगर निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल, श्री दीपक सिंह ठाकुर सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी, बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन श्री सौरभ सक्सेना और मीडिया प्रभारी श्री प्रणव शर्मा ने किया।

 

रायपुर : छत्तीसगढ़ की शिक्षा में एक साहसिक छलांग

रायपुर : छत्तीसगढ़ की शिक्षा में एक साहसिक छलांग

कोई भी स्कूल अब शिक्षक विहीन  एकल शिक्षकीय स्कूलों में 80 फीसद की गिरावट

10,372 स्कूलों का एकीकरण, शिक्षकों का व्यापक युक्तियुक्तकरण छात्रों को मिलेगी बेहतर शैक्षणिक सुविधा

राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने स्कूलों और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की एक व्यापक और सार्थक पहल की है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के प्रावधानों के अनुरूप मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में यह दूरगामी सुधार, वास्तव में राज्य की शिक्षा व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने और लंबे समय से चली आ रही शैक्षिक विसंगतियों के समाधान का कारगर प्रयास है।

युक्तियुक्तकरण से पहले, छत्तीसगढ़ राज्य के ग्रामीण अंचल की शालाओं में शिक्षकों की कमी, नगरीय इलाकों और उसके समीप की शालाओं में जरूरत से ज्यादा शिक्षकों की पदस्थपना के कारण शिक्षा प्रभावित हो रही थी और इसका असर बच्चों के परीक्षा परिणाम पर भी पड़ रहा था।

राज्य के लगभग 212 प्राथमिक शालाएं और 48 पूर्व माध्यमिक शालाएं पूरी तरह से शिक्षक विहीन थीं, जबकि 6,872 प्राथमिक शालाएं और 255 पूर्व माध्यमिक शालाएं केवल एक शिक्षक के साथ संचालित हो रही थीं। इसके अतिरिक्त 211 शालाएं ऐसी थीं जहाँ छात्र संख्या शून्य थी, लेकिन शिक्षक पदस्थ थे। इसके अलावा, 166 शालाओं को समायोजित किया गया, इसमें ग्रामीण क्षेत्रों की 133 शालाएं शामिल थीं, जिनकी दर्ज संख्या 10 से कम थी और दूरी 1 किमी से कम थी, तथा शहरी क्षेत्रों की 33 शालाएं थीं, जिनकी दर्ज संख्या 30 से कम थी और दूरी 500 मीटर से कम थी।

इन चुनौतियों के बावजूद, छत्तीसगढ़ का छात्र-अध्यापक अनुपात (पीटीआर) राष्ट्रीय औसत से उल्लेखनीय रूप से बेहतर था, प्राथमिक शालाओं के लिए पीटीआर-20 था, जबकि राष्ट्रीय औसत 29 है और पूर्व माध्यमिक शालाओं के लिए पीटीआर-18 था, जबकि राष्ट्रीय औसत 38 है। हालांकि, वितरण असमान था। राज्य में लगभग 17,000 प्राथमिक शालाएं और लगभग 4,479 पूर्व माध्यमिक शालाएं थीं, जिनका पीटीआर-20 से कम था। अकेले शहरी क्षेत्रों में 527 ऐसे विद्यालय थे, जिनका पीटीआर-10 से कम था, जिनमें 15 या उससे अधिक शिक्षकों वाली 08 प्राथमिक शालाएं, 10-15 शिक्षकों वाली 61 शालाएं और 6-9 शिक्षकों वाली 749 प्राथमिक शालाएं थीं, ये आंकड़े बेहतर संसाधन आवंटन की जरूरत को दर्शाते हैं।

इस पहल का मुख्य बिंदु एक ही परिसर में संचालित लगभग 10 हजार 372 शालाओं का एकीकरण था, जिनमें प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल शामिल थे। इस विलय से कई लाभ मिलने की उम्मीद है, जिनमें शाला त्यागी छात्रों की संख्या में कमी और छात्रों को बार-बार स्थानांतरण प्रमाण पत्र लेने की आवश्यकता का समाप्त होना शामिल है। यह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने, छोटी कक्षाओं के छात्रों को बड़ी कक्षाओं के छात्रों का सहयोग प्राप्त होने, और कंप्यूटर, विज्ञान प्रयोगशाला, खेल-कूद तथा सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से शैक्षणिक समझ और अभिरुचि में वृद्धि के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास में भी सहायक होगा। इस दृष्टिकोण से प्रशासनिक व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी।

विद्यालयों के समायोजन के साथ-साथ, जिला, संभाग और राज्य स्तर पर काउंसलिंग के माध्यम से एक महत्वपूर्ण शिक्षक युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया भी की गई। इस प्रक्रिया के तहत जिला स्तर पर लगभग 13 हजार 793 शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया गया। संभाग स्तर पर 863 का और राज्य स्तर पर 105 शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया गया।

युक्तियुक्तकरण अभियान के प्रारंभिक परिणाम अत्यधिक आशाजनक हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शिक्षा विभाग का कहना है कि कोई भी विद्यालय बंद नहीं किया जा रहा है और कोई भी शिक्षक पद समाप्त नहीं हो रहा है। इसके बजाय ध्यान बेहतर अधोसंरचना वाले विद्यालयों का संचालन सुनिश्चित करने पर है।

युक्तियुक्तकरण के पश्चात राज्य में शिक्षक विहीन विद्यालयों की संख्या शून्य हो गई है। एकल शिक्षकीय शालाओं की संख्या में प्रभावशाली 80 प्रतिशत की कमी आई है अब लगभग 1,200 शालाएं एकल शिक्षकीय हैं। एक ही परिसर में स्थित 10,372 विद्यलायों का एकीकरण और 166 ग्रामीण एवं शहरी विद्यालयों का समायोजन पूरा हो चुका है। इससे लगभग 89 प्रतिशत विद्यार्थियों को बार-बार प्रवेश प्रक्रिया से मुक्ति मिलेगी। छात्रों को अतिरिक्त शिक्षक उपलब्ध होंगे और विद्यालय की समय सारिणी एवं अन्य गतिविधियों में अधिक एकरूपता रहेगी। इस पहल का उद्देश्य उपचारात्मक शिक्षण द्वारा छात्रों की समझ को बेहतर बनाना भी है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करके, छत्तीसगढ़ न केवल वर्तमान कमियों को दूर कर रहा है, बल्कि एक ऐसे भविष्य के लिए एक मजबूत नींव रख रहा है। जहाँ प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच प्राप्त होगी, जिससे समग्र विकास और शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा मिलेगा। युक्तियुक्तकरण का यह कदम एक अधिक कुशल, न्यायसंगत और प्रभावी शैक्षिक वातावरण बनाने के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

 

रायपुर : मोर गांव मोर पानी महाअभियान ‘जल संरक्षण को नई दिशा’ इंजेक्शन वेल तकनीक से भूजल स्तर बढ़ाने की पहल

रायपुर : मोर गांव मोर पानी महाअभियान ‘जल संरक्षण को नई दिशा’ इंजेक्शन वेल तकनीक से भूजल स्तर बढ़ाने की पहल

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार राज्य के सभी जिलों में जल संरक्षण एवं संचयन के विशेष प्रयास किए जा रहे हैं इसी तारतम्य में बिलासपुर जिले में जल संरक्षण एव जल संचय के वृहद प्रयास किये जा रहे है। जिला प्रशासन द्वारा मोर गांव मोर पानी महाअभियान के तहत इस दिशा में कार्ययोजना बनाकर व्यापक कार्य किये जा रहे है। सुशाासन तिहार में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आगमन कोटा ब्लॉक के ग्राम आमागोहन में हुआ था। ग्राम आमागोहन से ही भूजल स्तर बढ़ाने का प्रयास कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले में शुरू किया गया।

मोर गांव मोर पानी महाअभियान के तहत जिले में भूजल रिचार्ज की आधुनिक तकनीक इंजेक्शन वेल को तेजी से अपनाया जा रहा है। यह तकनीक गांव को जल संकट से निजात दिलाने और भविष्य के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

क्या है इंजेक्शन वेल तकनीक -इंजेक्शन वेल एक ऐसी प्रणाली है, जिसमें वर्षा जल को सीधे जमीन के भीतर स्थित जल स्तर तक पहुंचाया जाता है। यह प्रक्रिया पानी के भंडारण से अधिक प्रभावी होती है। क्योंकि यह भूजल को सीधे रिचार्ज करती है। जिससे हैंडपंप, कुएं और तालाब पुनः जलयुक्त हो जाते है। ग्राम अमागोहन, सोनपुरी में इंजेक्शन वेल तकनीक का उपयोग कर वर्तमान में सूखे तालाबों, पार्काेलेशन टैंक, डबरियों में इंजेक्शन वेल का कार्य किया जा रहा है। इस कार्य से सतही जल एवं वर्षा जल को तालाब में जमा कर उसे फिल्टर करते हुए साफ पानी से भूजल स्तर को रिचार्ज किया जा रहा है।

जनभागीदारी से मिल रही सफलता -जिला प्रशासन द्वारा मोर गांव मोर पानी अभियान को जन आंदोलन के रूप में अपनाया जा रहा है। जिले में इसके लिए जनजागरुकता का कार्य मनरेगा और एनआरएलएम के दल द्वारा किया जा रहा है। जिससे भू जल के कम से कम उपयोग और भूजल स्तर को बढ़ाने के प्रयास में जनभागीदारी पर जोर दिया जा रहा है फलस्वरूप अब तक विगत 1 माह में ही 54 बोरी बंधान के कार्य नालों में कर लिए गए है। तेज बहाव को कम करते हुए आसपास के भूजल स्तर को बढ़ाया जा सके। इसके साथ ही विभागीय अधिकारियों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में गर्मी के दिनों में अधिक जल की आवश्यकता वाली फसलों जैसे धान की बुवाई के स्थान पर कम भूजल उपयोग वाले फसलों के विषय में जानकारी दी रही है।

जल संरक्षण हेतु जिले में निष्क्रिय बोरवेल को फिर से चालू करने के लिए 159 स्थानों का चिन्हांकन कर सैंड फिल्टर तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इस अभियान को मोर गांव मोर पानी महाअभियान से जोड़कर क्रियान्वित किया जा रहा है इसके लिए जून माह के पहले सप्ताह में भी अलग अलग क्लस्टर में लगभग 6000 प्रतिभागियों की एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया जिसमें गांव के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक और स्व सहायता समूह की दीदियों ने भाग लिया। प्रशासन के इस अनूठे प्रयास से पानीं बचाने लिए लोगों में जागरूकता आ रही है जिससे भविष्य सुरक्षित हो रहा है

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महासमुंद -/ छात्रावास अधीक्षकों की काउंसलिंग जिला स्तर पर सफलतापूर्वक संपन्न

महासमुंद -/ छात्रावास अधीक्षकों की काउंसलिंग जिला स्तर पर सफलतापूर्वक संपन्न

महासमुंद, 14 जून 2025/ कलेक्टर श्री विनय लंगेह के मार्गदर्शन एवं अध्यक्षता में महासमुंद जिले में आदिम जाति विकास विभाग अंतर्गत छात्रावास अधीक्षक श्रेणी ‘द’ से श्रेणी ‘स’ में पदोन्नत हुए अधीक्षकों की काउंसलिंग 14 जून ,शनिवार को सफलतापूर्वक संपन्न की गई। यह काउंसलिंग राज्य शासन के निर्देशों के तहत जिला स्तरीय समिति द्वारा पारदर्शी एवं नियमानुसार संपादित की गई।

काउंसलिंग कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ श्री एस. आलोक एवं सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्रीमती शिल्पा साय,महिला बाल विकास विभाग,समिति सदस्य के रूप में उपस्थित रहीं। इस अवसर पर सभी श्रेणी द से श्रेणी स में पदोन्नत हुए छात्रावास अधीक्षकगण एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

जिले में कुल 46 पदों में से 34 पदों की काउंसलिंग सफलता पूर्वक की गई, जबकि अतिशेष 12 अधीक्षकों की सूची संभाग स्तरीय समिति को अग्रेषित की जाएगी।काउंसलिंग प्रक्रिया में शासन द्वारा निर्धारित सभी मापदंडों का पालन किया गया, जिसमें अधीक्षक पति-पत्नी की पदस्थापना, चिकित्सा कारणों से स्थानांतरण की आवश्यकता, दिव्यांग, विधवा, परित्यक्ता एवं एकल महिलाओं को प्राथमिकता दी गई। जिला स्तरीय समिति ने यह भी सुनिश्चित किया कि न्यायालयीन प्रकरणों, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रिक्त पदों के संतुलन तथा अनुसूचित एवं गैर-अनुसूचित क्षेत्रों के बीच समुचित समायोजन को ध्यान में रखकर प्रस्ताव तैयार किया जाए।

जिन अधीक्षकों ने स्वेच्छा से अन्य जिलों में पदस्थापना हेतु आवेदन दिया है, उनसे तीन वैकल्पिक जिलों का चयन प्राप्त कर प्रस्ताव संभाग स्तरीय समिति को भेजा गया है। वहीं, जो अधीक्षक संभाग के बाहर पदस्थापना के इच्छुक हैं, उनके प्रस्ताव राज्य स्तरीय समिति को प्रेषित किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने इस अवसर पर कहा कि शासन की मंशा अनुरूप पारदर्शिता, प्राथमिकता और पात्रता के आधार पर पदस्थापना सुनिश्चित की जा रही है, जिससे विभागीय कार्यों में सुगमता एवं सेवा गुणवत्ता में वृद्धि होगी।