रायपुर। भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. (सुश्री) सरोज पाण्डेय ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार का गठन तुष्टीकरण की राजनीति के अंत और विकासवाद की शुरुआत है। यह जीत उन लाखों कार्यकर्ताओं के संघर्ष का परिणाम है जिन्होंने बंगाल के लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया।
पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी के चुनाव परिणामों में भाजपा और एनडीए को मिली शानदार बढ़त और जीत पर हर्ष व्यक्त करते हुए सुश्री पाण्डेय ने इसे विकास और राष्ट्रवाद की जीत बताया है। पश्चिम बंगाल में पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बनना एक ऐतिहासिक युग परिवर्तन है। डॉ. (सुश्री) पाण्डेय ने असम में भाजपा की लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी को सुशासन की जीत बताया। उत्तर-पूर्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अटूट विश्वास ने असम को विकास के नए सोपान पर खड़ा कर दिया है। इसी प्रकार पुडुचेरी में पार्टी का शानदार प्रदर्शन दक्षिण भारत में भाजपा के बढ़ते प्रभाव का प्रतीक है।
यह जीत उन लाखों कार्यकर्ताओं के संघर्ष का परिणाम है : डॉ. पाण्डेय
प्रधानमंत्री मोदी के विकासवाद और सुशासन की जीत – भाजपा
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री त्रय यशवन्त जैन, अखिलेश सोनी व डॉ. नवीन मार्कण्डेय ने पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों के नतीजों में भाजपा एवं राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की शानदार बढ़त व ऐतिहासिक प्रदर्शन पर हर्ष व्यक्त किया है।
महामंत्री त्रय ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व, सबका साथ-सबका विकास के मंत्र और पार्टी कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम की जीत बताया और इस अभूतपूर्व और ऐतिहासिक सफलता के लिए इन राज्यों की देवतुल्य जनता का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज के परिणाम स्पष्ट करते हैं कि देश की जनता ने तुष्टीकरण और अराजकता की राजनीति को नकारते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकासÓ के संकल्प और सुशासन के प्रति अपना पूर्ण विश्वास प्रकट किया है। भाजपा प्रदेश महामंत्री त्रय श्री जैन, डॉ. मार्कण्डेय व श्री सोनी ने कहा कि यह परिणाम प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की जन-कल्याणकारी नीतियों और हमारे करोड़ों कार्यकर्ताओं के अनथक परिश्रम की जीत है। इन राज्यों में विकास की नई ऊँचाइयों को छूने के लिए भाजपा सरकारें पूरी निष्ठा से कार्य करेंगी।
निर्माणाधीन पंचायत भवन के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री को श्रमिकों ने दिया भोजन का न्यौता : साथ बैठकर खाया बोरे बासी और आमा चटनी
00 भोजन के साथ साथ मुख्यमंत्री लेते रहे योजनाओं के क्रियान्वयन का फीडबैक
00 जमीन पर भोजन, ज़मीन पर फैसला: पेयजल योजना को जल्द शुरू करने के निर्देश
00 पहाड़ी इलाके में पेयजल की दिक्कत पर कहा – प्रोजेक्ट तत्काल स्वीकृत कर धरातल पर शुरू करवाएं काम
रायपुर। सुशासन तिहार के अंतर्गत आज कबीरधाम जिले के ग्राम लोखान में एक बेहद आत्मीय और संवेदनशील दृश्य देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय निर्माणाधीन पंचायत भवन के औचक निरीक्षण के दौरान सीधे श्रमिकों के बीच पहुंच गए। निरीक्षण के दौरान उनका यह दौरा केवल कार्यों की समीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आमजन के साथ उनके सहज जुड़ाव और संवेदनशील नेतृत्व का जीवंत उदाहरण बन गया। मुख्यमंत्री के अचानक पहुंचने से वहां कार्यरत श्रमिकों में उत्साह का माहौल बन गया और सभी ने उनका आत्मीय स्वागत किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव सायनिरीक्षण के दौरान वहां काम कर रही महिला श्रमिकों ने मुख्यमंत्री को बड़े स्नेह और आग्रह के साथ दोपहर के भोजन के लिए आमंत्रित किया। इस सादगी भरे निमंत्रण को मुख्यमंत्री ने तुरंत स्वीकार किया और मुस्कुराते हुए उनसे पूछा कि वे खाने में क्या लेकर आई हैं। महिलाओं ने बताया कि वे अपने घर से पारंपरिक भोजन—बोरे बासी, पान पुरवा रोटी, चना भाजी, चरोटा भाजी, मुनगा बड़ी और आमा (आम) की चटनी लेकर आई हैं। यह सुनकर मुख्यमंत्री ने उसी सहजता से उनके साथ भोजन करने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री साय श्रमिकों के बीच जमीन पर बैठ गए और उनके टिफिन से ही भोजन ग्रहण किया। बोरे बासी और आमा चटनी का स्वाद लेते हुए उन्होंने कहा कि यह भोजन उनकी अपनी जीवनशैली और संस्कृति से जुड़ा हुआ है।
भोजन के दौरान श्रमिक बहनों से बात करते हुए मुख्यमंत्री साय ने शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत को भी समझने का प्रयास किया। उन्होंने श्रमिक महिलाओं से महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी ली। महिलाओं ने भी खुले मन से अपने अनुभव साझा किए, जिससे मुख्यमंत्री को योजनाओं की वास्तविक स्थिति का सीधा फीडबैक मिला। जब मुख्यमंत्री ने गांव की प्रमुख समस्याओं के बारे में पूछा, तो महिलाओं ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण पेयजल की समस्या लगातार बनी रहती है। बोरवेल और हैंडपंप लंबे समय तक कारगर नहीं रह पाते, जिससे गर्मी के दिनों में पानी की दिक्कत और अधिक बढ़ जाती है। इस समस्या को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया और तत्काल समाधान की दिशा में पहल करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने मौके पर ही कलेक्टर से पेयजल व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने बताया कि क्षेत्र के 26 गांवों के लिए एक विशेष पेयजल योजना तैयार की गई है, जिसके अंतर्गत दूरस्थ जल स्रोतों से पाइपलाइन के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने की योजना है। यह योजना तकनीकी रूप से तैयार है और इसे जल्द ही क्रियान्वित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश देते हुए कहा कि इस योजना को यथाशीघ्र स्वीकृति प्रदान कर धरातल पर कार्य शुरू किया जाए, ताकि ग्रामीणों को पेयजल की समस्या से राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ यही है कि शासन की योजनाएं समय पर और प्रभावी रूप से आमजन तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि हमारी सुशासन सरकार जनसमस्याओं के समाधान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
ब्रेकिंग : कृषि अधिकारी को मिली आजीवन कारावास की सजा, इस मामले में हुई कार्रवाई, जाने पूरा मामला…!!
रायपुर। छत्तीसगढ़ बालोद निवासी कृषि विस्तार अधिकारी देवनारायण साहू को रेप केस में कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोपी ने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के दौरान कॉलेज फ्रेंड से दोस्ती की थी, कई सालों के अफेयर के बाद उसे शादी का झांसा दिया और शारीरिक संबंध बनाए।
2024 में जब देवनारायण की सरकारी नौकरी लगी तो उसने युवती को ‘नीची जाति’ की कहकर शादी से साफ मना कर दिया। 2 मई को इस केस में रायपुर की स्पेशल कोर्ट ने आरोपी को SC,ST एक्ट समेत कई धाराओं में दोषी माना और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
पढ़िए क्या है मामला ?
पीड़िता बिलासपुर जिले की रहने वाली है। देवनारायण साहू के साथ जगदलपुर के एग्रीकल्चर कॉलेज में साथ पढ़ती थी। बाद में दोनों रायपुर में एग्रीकल्चर कोचिंग करने लगे। इसी दौरान आरोपी ने युवती को प्रपोज किया।
पीड़िता ने कोर्ट में बताया, उसने शुरुआत में रिलेशनशिप से मना कर दिया था, क्योंकि दोनों की जाति अलग थी और उसे शादी होने की उम्मीद नहीं थी। लेकिन आरोपी ने भरोसा दिलाया, नौकरी लगने के बाद शादी करेगा।
कोर्ट रिकॉर्ड के मुताबिक, फरवरी 2021 में आरोपी ने युवती को रायपुर के धरमपुरा स्थित अपने किराए के मकान में बुलाया। वहां शादी का भरोसा देकर उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता ने बयान में कहा, 2023-24 के दौरान भी आरोपी लगातार शादी का वादा कर संबंध बनाता रहा।
2024 में आरोपी की नौकरी ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के पद पर लग गई। इसके बाद उसका व्यवहार बदलने लगा। कोर्ट में पीड़िता ने कहा, आरोपी उसे ‘नीची जाति की लड़की’ कहकर अपमानित करने लगा। इसके बावजूद नवंबर 2025 में आरोपी ने उसे मानपुर बुलाया और फिर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया।
पीड़िता के मुताबिक, 4 दिसंबर 2025 को आरोपी ने उसे रायपुर बुलाया और साफ कहा, वह उससे शादी नहीं करेगा, वह दूसरी जाति की है। आरोपी ने यह भी कहा, वह किसी दूसरी लड़की से शादी करना चाहता है।
आरोपी ने युवती को फोन, व्हाट्सऐप समेत हर जगह से ब्लॉक कर दिया। पीड़िता की मां और भाई ने अदालत में बयान दिया। दोनों ने कहा, युवती ने उन्हें आरोपी की तरफ से शादी का झांसा देकर संबंध बनाने और बाद में जाति के नाम पर शादी से इंकार करने की जानकारी दी थी।
पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करने वाली डॉक्टर ने कोर्ट को बताया, युवती का हाइमन फटा हुआ था। डॉक्टर ने यह भी कहा, परीक्षण के दौरान पीड़िता ने आरोपी द्वारा लंबे समय तक शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने की बात बताई थी।
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है, आरोपी शुरू से पीड़िता की जाति जानता था, फिर भी उसने धोखे से उसका शोषण किया। कोर्ट ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए उम्रकैद के साथ अन्य धाराओं में सजा और 6 हजार जुर्माना ठोका है। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा की अदालत में हुई। कोर्ट ने आरोपी को BNS की धारा 64(2)(M) में 10 साल कठोर कारावास, BNS की धारा 69 में 10 साल कठोर कारावास और SC/ST एक्ट की धारा 3(2)(5) में उम्रकैद की सजा सुनाई है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
CG – मातम में बदली शादी की खुशियां, नदी में गिरी बेकाबू कार, शादी से लौट रहे 4 युवकों की मौत
कवर्धा। छत्तीसगढ़ कवर्धा में तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला। जहां कार अनियंत्रित होकर नदी में जा गिरी। हादसे में कार सवार 4 युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, 2 गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना पांडातराई थाना क्षेत्र अंतर्गत गड़ाई गांव के पास फोक नदी के पुल पर हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, रायपुर के बिरगांव क्षेत्र के निवासी कुछ युवक पंडरिया में एक शादी समारोह में शामिल होने आए थे। शादी की रस्में पूरी होने के बाद वे अपनी कार से रायपुर लौट रहे थे। इस दौरान उनकी कार तेज रफ्तार में होने के कार गड़ई गांव के पास स्थित फोक नदी के पुल में अनियंत्रित होकर नीचे गिर गई। कार में उस वक्त 6 लोग सवार थे, जिनमें से 4 की मौके पर ही मौत और 2 घायल हो गए हैं। मृतकों की पहचान अरमान खान, सौंफ, अनस और कौनेन के रूप में हुई है, जबकि घायल युवकों के नाम जुनैद रज़ा और आरज़ू खान बताए जा रहे हैं।
घटना के बाद आस आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों के साथ तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद घायलों को कार से बाहर निकालाकर तत्काल जिला अस्पताल रवाना किया गया। दोनों युवक को बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के बाद पंडरिया स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है। पुलिस के प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण तेज रफ्तार और वाहन का नियंत्रण खोना बताया जा रहा है। फिलहाल मामले की जांच में जुटी हुई है।
CG – नग्न हालत में मिली महिला की लाश, इलाके में मचा हड़कंप, जताई जा रही ये आशंका
कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले एक महिला की नग्न हालत में लाश मिली है। आशंका जताई जा रही है कि दुष्कर्म के बाद महिला की हत्या की गई है। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरु कर दी है। यह घटना लोहारा थाना क्षेत्र की है।
नग्न हालत में मिली लाश
पुलिस को सूचना मिली थी कि एक महिला की नग्न हालत में लाश सिंगारपुर गांव के पास पड़ी है। सूचना मिलते ही फॉरेंसिक और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। महिला के सिर पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि दुष्कर्म के बाद महिला की हत्या की गई है।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
हालांकि महिला कौन और कहां की रहने वाली है अभी इसका खुलासा नहीं हुआ है। फिलहाल पुलिस ने महिला के शव को अपने कब्जे में ले लिया है और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही पूरे मामले की जांच पड़ताल शुरु कर दी है।
इस जिले में अचानक उतरा CM साय का हेलिकॉप्टर, पेड़ की छांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की सुनेंगे समस्याएं…
कवर्धा। छत्तीसगढ़ में 1 मई से सुशासन तिहार शुरु हो गया है। इसके तहत सीएम से लेकर मंत्री व विधायक तक गांव-गांव में जाकर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं तथा उसका मौके पर ही निदान कर रहे हैं। इसी कड़ी में आज सीएम का हेलिकॉप्टर अचानक कवर्धा जिले के पंडरिया तहसील के कुई-कुकदूर में उतरा।
सीएम साय के आगमन पर स्थानीय विधायक भावना बोहरा समेत भाजपा नेताओं ने गमछा भेंटकर स्वागत किया। भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। कलेक्टर, एसपी, डीएफओ सहित आला अधिकारी मौजूद है।
मुख्यमंत्री सबसे पहले प्रधानमंत्री आवास योजना के एक हितग्राही के घर पहुंचकर उनसे सीधा संवाद करेंगे और योजनाओं की जमीनी स्थिति का फीडबैक लेंगे। इसके बाद वे कमराखोल गांव में आम के पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधे चर्चा करेंगे।
इस दौरान सीएम ग्रामीणों की समस्याएं सुनेंगे और प्रदेश व केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देंगे। साथ ही अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जा सकते हैं कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
सुशासन तिहार के तहत 1 मई से 10 जून 2026 तक प्रदेशभर में जन समस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह और शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर के आधार पर शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में न केवल जन समस्याओं का समाधान किया जाएगा, बल्कि शासन की योजनाओं के प्रति जन-जागरूकता भी बढ़ाई जाएगी। पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ प्रदान करने की व्यवस्था की जाएगी। शिविरों में प्राप्त आवेदनों का अधिकतम एक माह के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक आवेदक को उसके आवेदन की स्थिति से अवगत कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।
निर्माणाधीन पंचायत भवन के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री को श्रमिकों ने दिया भोजन का न्यौता : साथ बैठकर खाया बोरे बासी और आमा चटनी
भोजन के साथ साथ मुख्यमंत्री लेते रहे योजनाओं के क्रियान्वयन का फीडबैक
00 जमीन पर भोजन, ज़मीन पर फैसला: पेयजल योजना को जल्द शुरू करने के निर्देश
00 पहाड़ी इलाके में पेयजल की दिक्कत पर कहा – प्रोजेक्ट तत्काल स्वीकृत कर धरातल पर शुरू करवाएं
रायपुर। सुशासन तिहार के अंतर्गत आज कबीरधाम जिले के ग्राम लोखान में एक बेहद आत्मीय और संवेदनशील दृश्य देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय निर्माणाधीन पंचायत भवन के औचक निरीक्षण के दौरान सीधे श्रमिकों के बीच पहुंच गए। निरीक्षण के दौरान उनका यह दौरा केवल कार्यों की समीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आमजन के साथ उनके सहज जुड़ाव और संवेदनशील नेतृत्व का जीवंत उदाहरण बन गया। मुख्यमंत्री के अचानक पहुंचने से वहां कार्यरत श्रमिकों में उत्साह का माहौल बन गया और सभी ने उनका आत्मीय स्वागत किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव सायनिरीक्षण के दौरान वहां काम कर रही महिला श्रमिकों ने मुख्यमंत्री को बड़े स्नेह और आग्रह के साथ दोपहर के भोजन के लिए आमंत्रित किया। इस सादगी भरे निमंत्रण को मुख्यमंत्री ने तुरंत स्वीकार किया और मुस्कुराते हुए उनसे पूछा कि वे खाने में क्या लेकर आई हैं। महिलाओं ने बताया कि वे अपने घर से पारंपरिक भोजन—बोरे बासी, पान पुरवा रोटी, चना भाजी, चरोटा भाजी, मुनगा बड़ी और आमा (आम) की चटनी लेकर आई हैं। यह सुनकर मुख्यमंत्री ने उसी सहजता से उनके साथ भोजन करने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री साय श्रमिकों के बीच जमीन पर बैठ गए और उनके टिफिन से ही भोजन ग्रहण किया। बोरे बासी और आमा चटनी का स्वाद लेते हुए उन्होंने कहा कि यह भोजन उनकी अपनी जीवनशैली और संस्कृति से जुड़ा हुआ है।
भोजन के दौरान श्रमिक बहनों से बात करते हुए मुख्यमंत्री साय ने शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत को भी समझने का प्रयास किया। उन्होंने श्रमिक महिलाओं से महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी ली। महिलाओं ने भी खुले मन से अपने अनुभव साझा किए, जिससे मुख्यमंत्री को योजनाओं की वास्तविक स्थिति का सीधा फीडबैक मिला। जब मुख्यमंत्री ने गांव की प्रमुख समस्याओं के बारे में पूछा, तो महिलाओं ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण पेयजल की समस्या लगातार बनी रहती है। बोरवेल और हैंडपंप लंबे समय तक कारगर नहीं रह पाते, जिससे गर्मी के दिनों में पानी की दिक्कत और अधिक बढ़ जाती है। इस समस्या को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया और तत्काल समाधान की दिशा में पहल करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने मौके पर ही कलेक्टर से पेयजल व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने बताया कि क्षेत्र के 26 गांवों के लिए एक विशेष पेयजल योजना तैयार की गई है, जिसके अंतर्गत दूरस्थ जल स्रोतों से पाइपलाइन के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने की योजना है। यह योजना तकनीकी रूप से तैयार है और इसे जल्द ही क्रियान्वित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश देते हुए कहा कि इस योजना को यथाशीघ्र स्वीकृति प्रदान कर धरातल पर कार्य शुरू किया जाए, ताकि ग्रामीणों को पेयजल की समस्या से राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ यही है कि शासन की योजनाएं समय पर और प्रभावी रूप से आमजन तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि हमारी सुशासन सरकार जनसमस्याओं के समाधान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
CG Accident : शादी की खुशियां मातम में बदली, बेकाबू कार नदी में गिरी, 4 युवकों की मौत, 2 की हालत नाजुक
कवर्धा। जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया। शादी समारोह से लौट रहे युवकों की कार अनियंत्रित होकर फोक नदी में जा गिरी, जिसमें 4 युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 2 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।
यह हादसा पांडातराई थाना क्षेत्र के गड़ाई गांव के पास फोक नदी पुल पर हुआ। जानकारी के मुताबिक, रायपुर के बिरगांव इलाके के रहने वाले 6 युवक पंडरिया में शादी समारोह में शामिल होकर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार कार अचानक नियंत्रण से बाहर होकर पुल से नीचे नदी में गिर गई।
हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर पुलिस को सूचना दी और राहत कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद सभी को कार से बाहर निकाला गया।
हादसे में अरमान खान, सौंफ, अनस और कौनेन की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं जुनैद रज़ा और आरज़ू खान गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें पहले जिला अस्पताल और फिर बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पताल रेफर किया गया है। उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार और वाहन का संतुलन बिगड़ना बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
CRPF ने दंतेवाड़ा जंगल से नक्सलियों का विस्फोटक डंप किया बरामद
जगदलपुर। दक्षिण बस्तर के दंतेवाड़ा जिले में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। बारसूर थाना क्षेत्र के तोडमा गांव के घने जंगलों में सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों का छिपाया गया भारी विस्फोटक डंप बरामद किया गया। यह कार्रवाई CRPF की 195वीं वाहिनी और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने खुफिया सूचना के आधार पर की। सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन के दौरान जंगल में छिपाकर रखी गई विस्फोटक सामग्री और हथियारों का जखीरा बरामद हुआ, जिसमें इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, INSAS और SLR राउंड, ग्रेनेड से जुड़ा सामान, जिलेटिन, सेफ्टी फ्यूज वायर और संचार उपकरण शामिल हैं। इसके अलावा एक भरमार राइफल, वायरलेस सेट, बैटरियां और नक्सली साहित्य भी जब्त किया गया है। यह कार्रवाई संकेत देती है कि समर्पण के बाद नक्सलियों के छिपे नेटवर्क और हथियार अब धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं। ऑपरेशन के बाद सभी जवान सुरक्षित लौटे, वहीं बरामद सामग्री को लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
