महासमुंद/हेलीकॉप्टर से मतदान दल हो रहे है रवाना।

महासमुंद/हेलीकॉप्टर से मतदान दल हो रहे है रवाना।
लोकसभा निर्वाचन 2024 के द्वितीय चरण में महासमुंद लोकसभा सीट पर होंगे मतदान के गरियाबंद अंतर्गत जिला के दूरस्थ एवं संवेदनशील मतदान केंद्रों में मतदान कराने हेतु हेलीकॉप्टर से मतदान दल हो रहे है रवाना।

बसना / विशाल ऑपरेशन शिविर जिसमे विभिन्न प्रकार के हर्निया, गॉलब्लैडर पथरी अपेंडिक्स,बच्चेदानी संबंधित सहित विभिन्न प्रकार के इलाज प्रदेश का ख्याति प्राप्त हॉस्पिटल रामकृष्णकेअर की टीम अग्रवाल नर्सिंग होम बसना में.

बसना / विशाल ऑपरेशन शिविर जिसमे विभिन्न प्रकार के हर्निया, गॉलब्लैडर पथरी अपेंडिक्स,बच्चेदानी संबंधित, किडनी स्टोन,प्रोस्टेट, हाइड्रोसील,अंडाशय गठान, ओवेरियन सिस्ट,पॉलिप, परफोरेशन,पाइल्स, फिशर ,दूरबीन द्वारा पेट की जांच, स्तन की गठान, कैंसर संबंधित ऑपरेशन का दूरबीन एवं लेजर पद्धति से भारत के प्रसिद्ध सर्जन की टीम द्वारा किया जायेगा

27 अप्रैल 2024 को देश के प्रख्यात सर्जन डॉक्टर संदीप दवे एवं प्रदेश का ख्याति प्राप्त हॉस्पिटल रामकृष्णकेअर की टीम अग्रवाल नर्सिंग होम बसना में.
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इस विशाल ऑपरेशन शिविर जिसमे विभिन्न प्रकार के हर्निया, गॉलब्लैडर पथरी अपेंडिक्स,बच्चेदानी संबंधित, किडनी स्टोन,प्रोस्टेट, हाइड्रोसील,अंडाशय गठान, ओवेरियन सिस्ट,पॉलिप, परफोरेशन,पाइल्स, फिशर ,दूरबीन द्वारा पेट की जांच, स्तन की गठान, कैंसर संबंधित ऑपरेशन का दूरबीन एवं लेजर पद्धति से भारत के प्रसिद्ध सर्जन की टीम द्वारा किया जायेगा |अग्रवाल नर्सिंग होम बसना के संचालक डॉक्टर एन के अग्रवाल ने बताया की 27 अप्रैल को हमने विशाल आपरेशन शिविर रखा है जिसमें भारत के प्रख्यात डॉक्टरों की टीम *डॉ. संदीप दवे* – दूरबीन पद्धति शल्य चिकित्सक (रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल, रायपुर),डॉ. सिद्धार्थ तामस्कर – जनरल एवं लैप्रोस्कोपिक सर्जन (रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल, रायपुर), (अग्रवाल नर्सिंग होम बसना) से डॉक्टर भारती अग्रवाल स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ शिविर का संचालन करेंगे |

राशन कार्ड,आयुष्मान कार्ड एवम बीजू कार्ड के अंतर्गत उपलब्ध आपरेशन निःशुल्क किया जायेगा एवं कुछ आपरेशन आयुष्मान के अंतर्गत नहीं है जैसे बच्चे दानी सम्बंधित ,हाइड्रोसिल, पाईल्स ,फिशर इत्यादि का आपरेशन बहुत कम दरों में किया जायेगा।

साथ ही साथ रहना, खाना, दवाइयां सभी पॅकेज में सम्मलित है |
ऑपरेशन के इच्छुक मरीज दिनांक 25/04/24को अपनी पुरानी रिपोर्ट के साथ अग्रवाल नर्सिंग होम बसना में पंजीयन कराये। एवं इस शिविर का अधिक से अधिक लाभ उठायें |

ज्ञात रहे डॉक्टर संदीप दबे एवं टीम भारत के प्रख्य्स्त लेप्रोस्कोपिक एवं रोबोटिक सर्जरी में विशेष ख्याति प्राप्त है, जो की 50000 से अधिक सफल सर्जरी का अपना कीर्तिमान रचा है |
संपर्क: 7773086100=9303623130=9039645760

छत्तीसगढ़ / दिल्ली के तत्कालीन शासक सिकंदर लोधी व आदिलशाह के अत्याचार से प्रताडि़त थे अघरिया समाज,  ओड़िसा और छत्तीसगढ़ के महासमुंद रायगढ़ सहित जिलों मे कैसे बढ़ा वरचस्व! लोक कथाओं के अनुसार –

पारंपरिक लोक कथाओं के अनुसार – अघरिया राजपूत हैं, जो आगरा के निकट निवासरत थे जो लगभग 1550 ई0 में उड़ीसा व वर्तमान छत्तीसगढ़ में आए । तब वे दिल्ली के तत्कालीन शासक सिकंदर लोधी व आदिलशाह के अत्याचार से प्रताडि़त थे। अघरिया सोमवंशी राजपूत थे जो स्वभाव से स्वाभिमानी थे। वे राजा को भी बिना सिर झुकाए सलाम करते थे। जिससे राजा ने सबक सिखाने के लिए तीन तरीका चुना पहला – उन्हें कांधार युद्ध में झोंक दिया जाए, दूसरा –

आदिल साह का मकबरा

उन्हें धर्मातंरित कर मुस्लिम बना दिया जावे, तीसरा – उनका सर कलम दिया जावे। इस आशय की पूर्ति के लिए मुगल शासक ने दरवाजा में गर्दन की ऊंचाई तलवार को आढ़े लटका कर बांध दिया ताकि सिर नहीं झुकाने पर गर्दन कट जावे और उनका वंश समाप्त हो जावे। परन्तु बुद्धिमान अघरिया ने राजा के चाल को भांप लिया और राजा के बुलावे में खुद न जाकर अपने दलित जाति के नौकर को अपने बदले राजा के दरबाज में भेजा, जहाॅं पर राजा ने नौकर के सिर को कलम कर दिया। राजा की अपने प्रति खराब मंशा को भाप कर अपने व उस दलित नौकर के परिवार को साथ लेकर अघरिया परिवार तत्कालीन उड़ीसा रियासत (वर्तमान छत्तीसगढ़ राज्य के रायगढ़ व बिलासपुर जिले) के पश्चिमी क्षेत्र में आ गये। तब से अघरिया अपने रक्षा के लिये बलिदान देने वाले दलित परिवार के वंशजों को समर्पण व सहानुभूति के साथ उनका भरण पोषण व देखभाल करते आ रहे है।

अघरिया उसी समय से वर्तमान छत्तीसगढ़ व पश्चिमी उड़ीसा के सीमांत क्षेत्रों में निवासरत है। अघरिया का 84 परिवार वहां पर निवासरत थे जिन्हें 84 घर अघरिया कहा गया जिनके वंशजों में 6 परिवार ने चैधरी, 60 परिवार ने पटेल तथा 18 ने नायक का उपनाम धारण किया। इसमें 44 परिवारों ने पश्चिमी उड़ीसा तथा शेष परिवारों ने छत्तीसगढ़ के तत्कालीन बिलासपुर तथा रायगढ़ के सीमांत अंचलों में बस गए। उस समय उड़ीसा में हिंदू शासक राज्य करते थे। तत्कालीन शासक गजपती राजा मुकुंददेव के पास अघरिया परिवार के मुखिया ने यहां बसने व जीवकोपार्जन को लेकर जगह की मांग की । तब राजा ने उसके सामने दो विकल्प रखा, प्रथम रजत जडि़त तलवार व दूसरा – स्वर्णजडि़त लकड़ी का डंडा रखकर एक चुनने को कहा। तब अघरिया परिवार के मुखिया ने स्वर्णजडि़त लकड़ी के डंडे को चुना जिसके कारण राजा ने लकड़ी के हल के विकल्प के रूप में कृषि कार्य अर्थात हल चलाने का आदेश दिया। जब से अघरिया समाज ने जीवनयावन के लिए खेती को चुना जिसका परिणाम स्वरूप मेहनती अघरिया को वर्तमान में श्रेष्ठ किसान की ख्याति प्राप्त है।

 

अघरिया परिवारों को राजा मुकुंददेव ने सर्व प्रथम वर्तमान झारसोगड़ा जिले के ग्राम लैदा की जमीनदारी सौंप दिया। कालान्तर में उनके उधमी एवं परिश्रमी स्वभाव के कारण विभिन्न गांवों की मालगुजारी (पटेल, नायक और चैधरी उपनाम) मिलती गई। अघरिया गुजरते समय के साथ उड़ीसा के साथ ही वर्तमान छत्तीसगढ़ के पूर्व अंचल में अपना विस्तार करते गए, परिणामस्वरूप आज वर्तमान छत्तीसगढ़ के रायगढ़, महासमुन्द, जांजगीर-चाम्पा, बिलासपुर जिलों के अतिरिक्त जशपुर, रायपुर आदि जिलों प्रभावशाली समाज के रूप में विद्यमान है। जो अखिल भारतीय अघरिया समाज नामक संगठन के तहत अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा व मान-सम्मान के साथ सामाजिक मान्यताओं के रक्षण पोषण करती हुई विशाल समाज का परिचय दे रही है। उड़ीसा के कई जिलों में निवासरत अघरिया बंधु भी इसी सामाजिक संगठन से जुड़कर नियम परंपराओं का पालन कर रहे है। अघरिया वेश भूषा-संस्कार, विसौंधी परंपरा-अघरिया तन ढ़कने के लिए शुरूआती तौर पर ब्राम्हणों की तरह पोतिया तथा कंधे पर गमछा रखते थे, साथ ही जनेऊ धारण करते रहे थे । जिसे कालांतर में खेती के कार्य में संलग्न होने से आ रही कठिनाइयों के मद्दे नजर अपने ही एक परिवार को अघरिया परंपरा व संस्कृति को अक्षुण्य बनाए रखने के आशय से यह कह कर – कटार व जनेउ को सौंप दिया कि वे वह अघरिया सभ्यता व संस्कृति के अनुरूप संस्कारों का पालन करते हुए उनका रक्षण करे जिसके एवज में प्रत्येक अघरिया परिवार अपने आय के 20 अंश में से 01 अंश उसे देकर उसके व परिवार के जीवन यापन की व्यवस्था करेगा। फलस्वरूप उस परिवार को विसौंधी उपनाम दे दिया गया। जिनके वंशज आज भी रायगढ़ जिले में निवास कर रहे हैं । जो पूर्व में अघरिया परिवार के बीच शादी विवाह के रस्मों को संपादित कराते रहे हैं । यद्यपि वर्तमान में यह व्यवस्था गुजरते समय के साथ समाज में कमतर दिखाई दे रहा है। फिर भी हमें उन्हें समाज के मुख्य धारा में लाकर अपने वर्तमान पीढ़ी से परिचय कराना हमारे संगठन का सामाजिक दायित्व है।

 

अघरिया स्वभाव-अघरिया प्रारंभ से ही स्वाभिमानी होने के साथ ही ईमानदार, निष्ठावार व्यक्ति रहा है, जिसके मन में हमेशा अपने सहयोगियों व निष्ठावान व्यक्ति रहा है, जिसके मन में हमेशा अपने सहयोगियों व मातहतों के लिए आदर के साथ सहानुभूति कूट-कूट भरी रही है परिणाम स्वरूप वह हमेशा अपनों की बीच मुखिया बना रहा है जो कि उनके द्वारा धारित उपनाम चैधरी, पटेल, नायक के विश्लेषण से दर्षित होता है जिसका अर्थ है नेतृत्व करने वाला याने मुखिया । जिससे कालांतर में गांव के गौंटिया के नाम से आज भी संबोधित किया जाता है। अघरिया ने अपने 84 परिवारों में से 6 ने चैधरी, 60 ने पटेल व 18 ने नायक का उपनाम स्वीकार कर अपने गोत्र को धारण किया जो आज भी सामाजिक संस्कारों में मान्यता के साथ ही उसके वंशज अपनाए हुए हैं।

 

अघरिया के आराध्य देव व पितृ पुरूष:- अघरिया महाभारत के विदुर के दो पुत्र बैरानु एवं पुरामने के वंशज माने जाते है जिसके कारण अघरिया अपने आप के विदुर बंशीय क्षत्री भी कहते हैं । कहीं कहीं पर सोमवश्ंाी   क्षत्रीय भी कहा जाता है। यह बात स्पष्ट रूप से स्थापित है कि अघरिया जाति स्पष्ट रूप से स्थापित है कि अघरिया जाति स्वभाव से क्षत्रीय हैं जो किसी के समक्ष सिर झुकाना स्वीकार नहीं करते थे तथा अपने स्वभाव व प्रकृति के अनुरूप कटार रखते थे।

 

विदुर वशीय होने के कारण भगवार श्री कृष्ण ही अघरिया के आराध्य देव के रूप में आज भी स्वीकार कर पूजनीय है । अघरिया शुरू से ही धर्म, वेद-पुराण के साथ आस्थावान है तथा तीर्थाटन, धर्म गुरूओं के प्रति समर्पण के साथ हिन्दु धर्मावलम्बी रहा है।

अघरिया का व्यवसाय – अघरिया मूलतः उन्नत कृषक के रूप में प्रतिष्ठित है । परन्तु अब खेती में आ रही कठिनाई को देखते हुए भावी पीढ़ी ने शिक्षा की ओर अग्रसर होकर शासकीय सेवाओं के साथा व्यवसायिक जगत में भी अपनी शानदार उपस्थिति दर्ज कराया है। वर्तमान में उच्च प्रशासनिक सेवा, न्यायिक सेवा, विदेश सेवा के साथ ही अघरिया चिकित्सा, वकालत, यांत्रिकी व विभिन्न निजी व्यवसाय में भी सफल है।

 

अघरिया में विवाह – अघरिया में बहुत से परिवारों के बीच जागरूकता के अभाव में वास्तविक गोत्र, जो कि मूलतः परिवार के रक्त समूह पर आधारित रहा है, का ज्ञान नहीं होने के कारण रक्त प्रतिकूलता की वजह से समाज में अघरिया समाज में सिकल सेल एनीमिया नामक घातक बिमारी के लक्षण पाए जा रहे है। फलस्वरूप वर्तमान समय में सभी अघरिया जनों से आग्रह है कि गोत्र के साथ ही विवाह तय करने के पूर्व वर-वधु के रक्त समूह का परीक्षण अनिवार्य रूप से कराएं ताकि घातक रोग के प्रकोप से भावी पीढ़ी को बचाया जा सके । वर्तमान में अघरिया समाज में सगोत्रीय व विजातीय विवाह पूर्णत प्रतिबंधित है जिसके उल्लंघन पर सामाजिक दंड का प्रावधान है।

विवाह संस्कार – अघरिया में शादी वैदिक रीति रिवाज से ब्राम्हण के द्वारा मंत्रों एवं सप्तपदी संस्कार से संपन्न कराया जाता है। जिसमें पारंपरिक देव वृक्ष महुआ के डाल से मंडपाच्छादन, मातृका पूजन, ग्रामदेव पूजन, पाणिग्रहण के बेला पर कन्यादान की जाती है। विवाह में कन्या के परिजनों के द्वारा वर-वधु को नव जीवन प्रवेश पर भावी जीवन-यापन की मंगल कामनाओं के साथ पारंपरिक रूप से वस्त्र, आभूषण, फर्नीचर, बर्तन, वाहन आदि वस्तुएं भेंट स्वरूप प्रदान की जाती है।

दहेज एक अभिशाप – अघरिया समाज में दहेज को कभी भी सामाजिक मान्यता नहीं दी गई, परंतु आज तथाकथित सभ्य व शिक्षित वर्ग के बीच इसके विकृत स्वरूप का प्रदर्शन चिंतनीय है, जिसका समाज का आमजन अनुशरण करते हैं, अतः हर स्तर इसका पूर-जोर विरोध अपरिहार्य है। तभी दहेज रूपी अभिशाप के चंगुल से भावी पीढ़ी को बचा पायेंगे।
अघरिया-प्रकृति व व्यक्तिगत सजावट – अघरिया समुदाय के लोग शुरू से ही सुंदर, आकर्षक व मजबूत व्यक्ति के धनी रहे हैं। इनकी महिलाएं अपनी सुंदरता को निखारने के लिए नाक-कर्ण छेदन कर सोने-चांदी के गहनों से सुसज्जित हो, सर से पांव तक विभीन्न प्रकार के आभूषण् पहनती हैं वे साड़ी चोली पहनती रही हैं। जबकि पुरूष धोती व साफा धारण करते रहे हैं। वर्तमान में समाज के लोग पारंपरिक वेश-भूषा के अतिरिक्त सभी प्रकार के नवीन शैली के वस्त्र पहनते हैं। महिलाएं अपने से रिश्ते बड़े पुरूष के सामने आंचल से घूंघट करती है।
अघरिया की मातृ भाषा व बोल चाल शैली-अघरिया परिवारों के बीच उडि़या हिंदी छत्तीसगढ़ी हिंदी मिश्रित छत्तीसगढ़ी बोली जाती है तथा बोल चाल में अपने से बड़ों के प्रति आदर सूचक शब्दों का प्रयोग संस्कारित माना जाता है। वर्तमान परिवेष में शिक्षा प्रसार से प्रायः राष्ट्र भाषा हिंदी का प्रचलन अधिक होने के साथ यदा कदा परिवारों में अंग्रेजी का चलन भी है। इन परिस्थितियों में हमारी पहचान मूल भाषा छत्तीसगढ़ी विलुप्त हो रही है, जिसके प्रति चिंतन के साथ इसके संवर्धन व संरक्षण की अपेक्षा सामाजिक जन खासकर युवा पीढ़ी से है।

अखिल भारतीय अघरिया समाज-प्रतिनिधि संगठन-इस संगठन की नीवं सन् 1926 में चंद्रपुर – डभरा क्षेत्र के ग्राम रेडा में पड़ी, जहां पर सर्वप्रथम अघरिया महासभा का आयोजन कर पूर्वजों ने समाज को संगठित करने के लिए अखिल भारतीय अघरिया समाज का गठन कर सामाजिक एकता मशाल जलाया। यह संगठन सन् 1977 में पंजीकृत होकर अपने वर्तमान वैधानिक स्वरूप को प्राप्त किया! पूरी जानकारी https://aghariasamaj.in
अखिल भारतीय अघरिया समाज
अखिल भारतीय अघरिया समाज: से लिया गया है!

CG / स्कूलों में गर्मी की छुट्टी आज से, जानिए- कब से खुलेंगे विद्यालय लेकिन शिक्षकों के लिए क्या आदेश है,!

CG / स्कूलों में गर्मी की छुट्टी आज से, जानिए- कब से खुलेंगे विद्यालय लेकिन शिक्षकों के लिए क्या आदेश है,!

छत्तीसगढ़ में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए राज्य शासन ने ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर दिया है। यह अवकाश 15 जून तक रहेगा। 22 अप्रैल से 15 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा। प्रदेश में लगातार तापमान बढ़ रहा है। इसको देखते हुए शासकीय, अनुदान प्राप्त और निजी स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया गया है। इससे पहले एक मई से 15 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया गया था, जिसमें आंशिक संशोधन किया गया है।

पहले एक मई से होनी थी छुट्टी
दरअसल, छत्तीसगढ़ में शासकीय और गैर शासकीय स्कूलों में एक मई से गर्मी की छुट्टी होनी थी। सरकार ने भीषण गर्मी को देखते हुए इसमें बदलाव का निर्णय लिया है। अब सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में 22 अप्रैल से गर्मी की छुट्टी हो गई है। सभी स्कूल 15 जून तक बंद रहेंगे। वहीं, सरकारी आदेश में कहा गया है कि यह आदेश शिक्षकों के लिए नहीं है। शिक्षक सरकारी कार्यों में लगे रहेंगे। आदेश की कॉपी सभी जिलों में कलेक्टर्स को भेज दी गई है।

छत्तीसगढ़ में अब सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूल अब 16 जून से खुलेंगे। सरकार के निर्देशों के बाद स्कूलों ने बच्चों को होम वर्क भेजने शुरू कर दिए हैं। वहीं, सरकार के फैसले से बच्चों को बड़ी राहत मिली है। अभी बच्चे को स्कूल से लौटने में काफी दिक्कत हो रही थी। भीषण गर्मी की वजह से बच्चे बीमार भी हो रहे थे। बड़े शहरों में सूर्य का प्रचंड रूप था।

छत्तीसगढ़ में रविवार को दुर्ग सबसे गर्म शहर रहा है। वहां अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस रेकॉर्ड किया गया है। वहीं, रायपुर में 41.2 और बिलासपुर 41.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रेकॉर्ड किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार अभी छत्तीसगढ़ में तपिश और बढ़ेगी। हालांकि रविवार को कुछ हिस्सों में मौसम में बदलाव आया है। कुछ जगहों पर बारिश हुई है, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिली है।

CG Weather Update : प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, राजधानी रायपुर समेत इन जिलों में होगी बारिश

CG Weather Update : प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, राजधानी रायपुर समेत इन जिलों में होगी बारिश

प्रदेश में गर्मी से लोग बेहाल हो रहे हैं। इस बीच मौसम विभाग ने राहत भरी खबर दी है कि अब अगले चार दिनों तक पारा नहीं बढ़ेगा। बारिश और अंधड़ से लोगों को राहत मिल सकती है। अभी मौसम का नया सिस्टम बना हुआ है, उसके मुताबिक राजधानी समेत कई इलाकों में शाम होते ही हवाएं तेज चलना शुरू हो जा रही हैं। बदले सिस्टम के असर से राजधानी समेत कुछ जिलों का पारा 1 से दो डिग्री तक कम हो गया है। बीते 10 साल में ऐसा पहली बार देखने को मिल रहा है कि अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह में पारा कम हो रहा है। बीते वर्षेां में अंतिम सप्ताह में पारा तेजी बढ़ जाता है। मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों मे बारिश का प्रभाव ज्यादा देखने को मिल सकता है।

बना हुआ है यह सिस्टम
पश्चिमी विक्षोभ ईरान के ऊपर स्थित है। एक उत्तर दक्षिण द्रोणिका/हवा की अनियमित गति दक्षिण छत्तीसगढ़ से दक्षिण तमिलनाडु तक स्थित है। 22 अप्रैल को एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ सकते हैं। प्रदेश में एक दो स्थानों पर गरज चमक के साथ अंधड़ चलने तथा वज्रपात होने के आसार हैं। वर्षा का क्षेत्र मुख्यतः मध्य छत्तीसगढ़ रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान में मामूली गिरावट संभव है।

: मौसम विभाग ने राजधानी रायपुर, दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव , भाटापारा-बलौदाबाजार, मुंगेली, बिलासपुर, कोरबा, दंतेवाड़ा, सूरजपुर समेत अन्य कई जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश होने और बिजली गिरने की संभावना जताई है। बता दें कि, प्रदेश की जनता इस समय गर्मी का प्रकोप झेल रही है। ऐसे में अगर बारिश होती है तो लोगों को गर्मी से रहत मिलेगी। वहीं बारिश होने के कारण तापमान में भी गिरावट आ सकती है।

सरायपाली / महिला मोर्चा जिला महामंत्री ने अनेक बूथों पर मतदाता पर्ची बांटकर रुपकुमारी चौधरी के लिए घर घर जाकर वोट मांगा

सरायपाली / महिला मोर्चा जिला महामंत्री ने अनेक बूथों पर मतदाता पर्ची बांटकर रुपकुमारी चौधरी के लिए घर घर जाकर वोट मांगा

सरायपाली…… महिला मोर्चा की जिला महामंत्री पुष्पलता चौहान ने सरायपाली विधानसभा के ग्राम बेलमुंडी,खैरझिटकी,जलगढ़ में शक्ति केंद्र जलगढ संयोजक गिरीश साहु सह संयोजक अजीत साहू,बूथ अध्यक्ष रेशमलाल साहु युवा कार्यकर्ता लिंगराज साहु , महेश पटेल सोमनाथ पटेल शशिधर भोई जितेंद्र बरिहा उत्तर बारिक शत्रुघन भोई करुणाकर यादव बिशीकेशन भोई बैजनाथ पटेल आदि अनेक कार्यकर्ताओं के साथ नकली मतपत्र व मतदाता पर्ची बताकर भाजपा प्रत्याशी रूप कुमारी चौधरी के लिए घर-घर जाकर वोट मांगा। मोदी जी के जन कल्याणकारी योजना किसान समृद्धि योजना महतारी बंधन योजना गरीब कल्याणकारी योजना युवाओं के लिए योजना एवं योजनाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।मोदी जी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने हर कार्यकर्ता, जनताऔर महिलाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है

बसना। अग्रवाल नर्सिंग होम में लगातार विशेष स्वाथ्य शिविर के आयोजन से सेकडो लोगो को मिल रही दर्द से राहत। हड्डी रोग जांच परामर्श एवं ऑपरेशन शिविर (आर्थो कैंप)24 अप्रैल को अग्रवाल नर्सिंग होम बसना में ।

बसना। अग्रवाल नर्सिंग होम में लगातार विशेष स्वाथ्य शिविर के आयोजन से सेकडो लोगो को मिल रही दर्द से राहत।
हड्डी रोग जांच परामर्श एवं ऑपरेशन शिविर (आर्थो कैंप)24 अप्रैल को अग्रवाल नर्सिंग होम बसना में ।
हड्डी रोग, फ्रैक्चर जोड़ प्रत्यारोपण एवं स्पाइन सर्जरी हेतु विशेष शिविर का आयोजन किया गया है ,जिसमें विशाखापट्टनम के प्रख्यात हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर संदीप सर्राफ अग्रवाल द्वारा जांच ,परामर्श एवं ऑपरेशन किए जाएंगे।

ज्ञात हो सरायपाली बसना अंचल में अग्रवाल नर्सिंग होम ने पिछले 3 वर्ष पहले हड्डी रोग विभाग (ऑर्थोपेडिक) की शुरुआत की थी, जब एक समय था जहां फ्रैक्चर या चोट लगने पर प्लास्टर तक की सुविधा नहीं हुआ करती थी, छोटे से फ्रेक्चर के इलाज हेतु बड़े शहर जाना होता था,आज वही जटिल से जटिल हड्डी के ऑपरेशन,फ्रैक्चर, जोड़ों के प्रत्यारोपण एवं स्पाइन सर्जरी प्रतिदिन बसना में होते आ रही है।जिससे अंचल वासियों को समय रहते उचित इलाज मिल रहा है।
बीतते समय के साथ अग्रवाल नर्सिंग होम एक ट्रॉमा सेंटर के रूप में विकसित होता आ रहा है, और हड्डी रोग विभाग के डॉक्टर्स दिन प्रतिदिन आधुनिक पद्धति से हड्डियों के फ्रैक्चर, एक्सीडेंट ,ट्रॉमा ,रीड की हड्डी की चोट, सर की चोट ,जटिल फ्रैक्चर, स्पोर्ट्स इंजरी, टियर लिगामेंट ,दूरबीन द्वारा जोड़ी की जांच (आर्थोस्कोपी) स्पाइन सर्जरी प्रतिदिन करते आ रहे हैं ।
ज्ञात हो अब तक अग्रवाल नर्सिंग होम बसना में 100 से अधिक जोड़ों के प्रत्यारोपण ऑपरेशन हो चुके है,जिसमे कूल्हा का प्रत्यारोपण टोटल हिप रिप्लेसमेंट एवं टोटल नी रिप्लेसमेंट घुटनों का प्रत्यारोपण अत्याधुनिक पद्धति एवं विशेष इंप्लांट के साथ जिसमे की गोल्ड नी रिप्लेसमेंट भी शामिल है।
ऐसे सेकडो मरीज जो चलने में असमर्थ थे , जिनकी गतिशीलता अवरोधित थी , उनके कूल्हे या घुटने किसी कारण खराब हुए जैसे सिकलिन, अर्थराइटिस अत्यधिक उम्र सभी का इलाज एवं जोड़ प्रत्यारोपण ऑपरेशन कर उनके जीवन को नई गतिशीलता प्रदान हुई।

डायरेक्टर डॉक्टर एन के अग्रवाल ने बताया कि बीते 18 अप्रैल को नवजात शिशु में बच्चों का सर्जरी कैंप रखा गया था, जिसमें 13 बच्चों का निशुल्क ऑपरेशन किया गया था ,और इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए 24 अप्रैल को विशेष ऑर्थो कैंप हड्डी रोगों का शिविर रखा गया है, जिसमें 50% छूट के साथ जांच परामर्श एवं विशेष खून जांच जैसे हड्डियों की मजबूती की जांच (BMD)यूरिक एसिड कैल्शियम, विटामिन D3 इत्यादि जांच निशुल्क किए जाएंगे तथा आवश्यकता अनुसार दवाइयां भी निशुल्क दी जाएगी।
आयुष्मान कार्ड एवम बीजू कार्ड के तहत सभी प्रकार के फ्रैक्चर, आर्थ्रोस्कॉपी, स्पोर्ट्स इंजरी, लिगामेंट की चोट का इलाज निशुल्क रहेगा। जोड़ प्रत्यारोपण ज्वाइंट रिप्लेसमेंट आयुष्मान कार्ड में उपलब्ध नहीं है परंतु विशेष छूट के साथ एवम बहोत ही काम दरों रिप्लेसमेंट ऑपरेशन किए जाएंगे। उड़ीसा के मरीज हेतु बीजू स्वास्थ्य योजना में जोड़ प्रत्यारोपण भी पूरी तरह निशुल्क है ।इस कैंप का जरूरतमंद अधिक से अधिक लाभ उठा सकते हैं।
अग्रिम पंजीयन अनिवार्य ।
संपर्क
7773086100,
9303623130
अग्रवाल नर्सिंग होम बसना।

पिथौरा : NH 53 रोड नाला पास ग्राम मुढिपार में अज्ञात वाहन चालक के द्वारा तेजी एवं लापरवाही पर्वूक अपने वाहन को चला कर एक मोटर साइकल वाले को ठोकर मारने से हुई मृत्यू

पिथौरा : NH 53 रोड नाला पास ग्राम मुढिपार में अज्ञात वाहन चालक के द्वारा तेजी एवं लापरवाही पर्वूक अपने वाहन को चला कर एक मोटर साइकल वाले को ठोकर मारने से हुई मृत्यू
थाना पिथौरा में सउनि के अनुसार थाना पिथौरा के मर्ग क्रमांक 19/2024 धारा 174 जाफौ. की कायमी पश्चात प्रार्थी को पूछताछ करने पर मृतक नरेन्द्र साहू को काम से बडगांव गया थाा वापस अपने गांव आते समय करीब 02/00 बजे NH 53 रोड नाला पास ग्राम मुढिपार में पहुंचा था

कि अज्ञात वाहन के चालक द्वारा रायपुर की ओर से तेजी एवं लापरवाही पूर्वक चलाते लाकर ठोकर मारने से मृत्यू होना बताने पर अज्ञात वाहन चालक विरूध्द अपराध धारा 304ए भादवि का घटित करना पाये जाने से अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया

मर्ग इंटिमेशन नकल जैल है- अकाल एवं आकस्मिक मृत्यु की सूचना पंजी, धारा 174 द.प्र.सं, थाना पिथौरा, जिला महासमुंद, मर्ग क्र. 19/24, मृत्यु का कारण- एक्सिडेंट, मृतक का नाम व पता- नरेन्द्र साहू पिता सेवकराम साहू उम्र 35 वर्ष साकिन ग्राम पथर्रीरी थाना पटेवा दिनांक घटना समय 19.04.24 के 14/00बजे, घटनास्थल- NH 53 रोड नाला पास ग्राम मुढिपार , दिनांक समय सूचना- 19.04.24 के 16/30बजे,

सूचनाकर्ता का नाम- खेमराज साहू पिता नरेन्द्र साहू उम्र 17 वर्ष साकिन ग्राम पथर्री थाना पटेवा जिला महासमुन्द, विवरण- सूचक हमराह चरण साहू के साथ थाना उपस्थित आकर जबानी रिपोर्ट दर्ज कराया की आज दिनांक 1904.2024 को मेरे पिता जी बढगांव गये थे, दोपहर लगभग 02/00 बजे मोबाईल से सूचना मिला की तुम्हारे पिताजी का एक्सिीडेंट मुढीपार चौक के पास मेन रोड NH 53 नाला के पास होने से मृत्यू हो गया है

तब मैं आकर मेरे पिताजी को CHC पिथौरा में देखा जहां मेरे पिताजी के सिर एवं बांये पैर में चोट लगने के कारण मृत्यू हुई है, किसी अज्ञात वाहन चालक के द्वारा तेजी एवं लापरवाही पर्वूक अपने वाहन को चला कर मेरे पिताजी के मोटर सायकल क्रमांक CG06GP5327 को ठोकर मारकर एक्सिडेंट करने से मृतयू हुई है। प्रार्थी का रिपोर्ट पर मर्ग सदर चाक कर जांच पंचनामा में लिया गया। सूचना एसडीएम महोदय को भेजी जाती है

पिथौरा : ग्राम डुमरपाली में टी0वी0एस सुपर एक्सल को तेज एवं लापरवाही पूर्वक चला कर एक व्यक्ति को ठोकर मारी जिस पर मामला दर्ज

पिथौरा : ग्राम डुमरपाली में टी0वी0एस सुपर एक्सल को तेज एवं लापरवाही पूर्वक चला कर एक व्यक्ति को ठोकर मारी जिस पर मामला दर्ज
मैं कृष्णा ठाकुर ग्राम डुमरपाली का रहने वाला हूं, खेती किसानी का काम करता हूं। दिनांक 15.04.2024 को शाम लगभग 07/00 बजे मैं अपने घर में था कि घर के पास से मेरे पिताजी मुझे आवाज देकर चिल्लाये तब मैं अपने घर से बाहर जाकर देखा कि मेरे पिताजी घर पास रास्ते में बैठे थे,

पूछने पर बताये की गांव का नरेश यादव अपने टी0वी0एस सुपर एक्सल को तेज एवं लापरवाही पूर्वक चला कर मुझे ठोकर मारकर एक्सिडेंट कर दिया है जिससे मेरे बांये पैर, बांये आंख के पास चोट लगा है। वहीं पर गांव का कुबेर ध्रुव था

जिसके सहयोग से मेरे मोटर सायकल में पिताजी को बिठाये फिर मेरे भतीजा लखेश्वर ठाकुर के साथ ईलाज हेतु ओम हस्पिटल झलप लेकर गया । घटना को कुबेर ध्रुव देखा है। ईलाज कराने के बाद थाना आकर एक्सिडेंट की रिपोर्ट दर्ज करा रहा हूं, रिपोर्ट पढकर देखा मेरे बताये अनुसार लिखी गयी है, कार्यवाही चाहता हूं। थाना में धारा 279-IPC, 337-IPC पर मामला दर्ज किया गया।

पिथौरा : ग्राम सिंघुपाली में शादी के प्रीतभोज कार्यक्रम में गली गलौच कर मर पीट पर मामला दर्ज

पिथौरा : ग्राम सिंघुपाली में शादी के प्रीतभोज कार्यक्रम में गली गलौच कर मर पीट पर मामला दर्ज
मैं विनोद साहू ग्राम सिंघुपाली में रहता हूं बीए फाईनल तक पढा लिखा हूं दुकानदारी का काम करता हूं कि दिनांक 20.04.2024 को रात करीबन 09-10 बजे मेरे बडे की शादी के प्रीतभोज कार्यक्रम में गांव के 1. चंद्रशेखर बरिहा , 2. कृष्ण कुमार साहू 3. रेखराम बरिहा, 4. चंद्रमणी निषाद के द्वारा डीजे में बार बार गाना बदलवाने के नाम से मना करने पर

मुझे एवं मेरे परिवारवालो को अश्लील गाली गलौच कर जान से मारने की धमकी देने के संबंध में एक लिखित आवेदन पेश करता हूं आवेदक के आवेदन पर अपराध धारा 294, 323, 506, 34 भादवि का पाये जाने से अपराध पंजीबद्ध किया गया आवेदन नकल जैल है- प्रति श्रीमान थाना प्रभारी थाना पिथौरा जिला महासमुंद छ.ग., विषय- मारपीट एवं गाली गलौच करने बाबत।

महोदय, मैं विनोद साहू पिता श्री राजेन्द्र साहू ग्राम सिंघुपाली थाना पिथौरा तह. व जिला महासमुंद छ.ग. का निवासी हूं। जो कि मेरा बडा भाई की शादी की प्रीति भोज कार्यक्रम में चंद्रशेखर बरिहा पिताश्री गोविंद राम, कृष्ण कुमार साहू पिता रामकृष्ण साहू, रेखराम बरिहा पिता जोगीराम, चंद्रमणी निषाद पिता जीवन निषाद व उनके साथी इन सभी ने डीजे में डांस करते हुये बार बार डीजे वाले को परेशान कर गाना बदलवा रहे थे

साथ ही साथ उपस्थित घर वालों को परेशान कर रहे थे एवं शादी में खलल डालने की इरादा से आये थे इनके बाद परिवार वालों के मना करने के बाद सभी नशे की हालत में ईट, पत्थर और लाठी से प्राणघातक हमला कर दिये जिससे मुझे और मेरे बडे भैया पुरूषोत्तम साहू चोटिल हो गये उसके बाद जैसे ही हम लोग अस्पताल जाने के लिये निकले।

उन लोगों ने लाठी पत्थर लेकर रास्ता रोकने की कोशिश की मैने तत्काल परिवार वालों को इनकी जानकारी दी परिवार वालों ने सुरक्षा की दृष्टि से 112 वालो को तत्काल बुलाया जिस तरह से इन सभी ने वारदात को अंजाम (नशे की हालत में) दिया नशे की हालत में इन सभी ने गाली गलौच करते हुये जान से मारने की धमकी देते हुये अपने अपने घर चले गये

अभी भी मुझे डर है कि मेरे एवं मेरे परिवार के ऊपर उनके द्वारा बडी घटना को अंजाम दी जा सकती है ये मुझे उन लोगों के ऊपर शक है घटना को चंद्रभान कैवर्त, युवराज साहू, राहुल साहू, तुषार पटेल देखे एवं सुने है अत: आपसे निवेदन है कि उपरोक्त सभी लोगों के ऊपर कार्यवाही कर मुझे न्याय दिलाने की कृपा करें।