बसना : मनमानी जिस वाहन में बैठना है 10 वहां 30 बच्चो को भेड बकरियों की तरह ढोया जा रहा है । बसना विधानसभा अंतर्गत भंवरपुर झारबन्द स्थित एक इवास नामक निजी स्कूल ने नियमो का धज्जिया उड़ा रहा है सीटर वाहनों में 25 से 30 बच्चो को ढोया जा रहा है ऐसा करना खतरे से कम नही निजी स्कूल पालकों से वाहन का किराया तो सही सही लेता है पर स्कूल प्रंन्धको के दिलो में सायद दया नही की बच्चों को कैसे 10 सीटर वाले वाहनों में 30 बच्चो को भेड़ बकरियों की तरह भर भर कर ढोया जाए इतना कि स्कूल की बुद्धिमानी कहे क्या
स्कूल की एक शिक्षिका बाहर निकलकर कहती है कि इसमें 25 बच्चो को बैठने बन जाता है बीच मे एक और ब्रेंच को बेल्डिंग कर 10 बच्चो के लिए बनाए गए वाहन को 25 सवारी का वाहन बना दिया गया क्या ये सही क्या वाहन निर्माण करने वालो के पास इतना दिमाग नही है
कि बीच मे एक ब्रेंच को बेल्डिंग कर 10 सीटर को 25 सीटर बनाया जा सके वाह क्या दिमाग है स्कूल के प्रबंधक का ऐसे स्कूल प्रबन्धको को तो वाहन निर्माण करने वाले कम्पनियों को इनाम देना
चाहिए एक ही झटके में 10 सीटर को 25 सीटर बना दिया गया उसके बाद 25 सीटर के बाद भी लगभग जब हमने गिना तो लगभग 32 से 33 बच्चे दिखाई दिए ऐसे स्कूल बस पालकों का फीस के माध्यम से खून चूसने की काम करते है बच्चों का परवाह बिल्कुल भी नही है मामले में वाहन ड्राइवर ने बताया कि गाड़ी इवास ewas स्कूल झारबन्द भंवरपुर का है ।मामले में बसना शिक्षा अधिकारी जेआर डहरिया को संपर्क करने पर कहा कि मै देखवा रहा हु कार्यवाही की जाएगी ।

संचालित योजनाओं तथा विधिक जागरूकता पर अधारित विषयों पर सामूहिक चर्चा की तथा छात्राओं के उत्सुक विचारों पर प्रष्न जवाब माध्यम से सरल व सहजता पूर्ण भाषाओं के माध्यम से विधिक जागरूकता पर अधारित षिविर का आयोजन किया गया।
के लिए एक तंत्र की स्थापना करने के लिए वर्ष 1987 में विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियत पास किया गया। इसी के तहत राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) का गठन किया गया है, जो कानूनी सहायता कार्यक्रम लागू करने और उसका मूल्यांकन एवं उनके सतत निगरानी का कार्य कर लोगों को कानूनी सहायता एवं सलाह उपलब्ध कराती है। इसी प्रकार प्रत्येक राज्य में एक राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जिसके अंतर्गत उस राज्य के पूरे सभी जिलों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा तहसील क्षेत्रों में तालुका विधिक सेवा समिति का गठन किया गया है। इसका कार्य नालसा की नीतियों और निर्देषो को कार्य रूप देना और लोंगो को निःषुल्क कानूनी सेवाए प्रदान कराना होता है।
एनएसएस के छात्र-छात्राओं के साथ सिविल न्यायाधीष सुश्री योगिता जांगड़े तथा प्रषिषु सिविल न्यायाधीष सुश्री खुषबु जैन द्वारा उपस्थित छात्र-छात्राओं को भारत के संविधान तथा उनके महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। इसके अलावा जिला न्यायालय परिसर महासमुंद में भी न्यायालयीन अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा संविधान के उद्देषिका का सामुहिक वाचन किया गया। समाचार