धान छोड़ फूलों की खेती से महकी किस्मत: महासमुंद के गितेश्वर ने गेंदे से कमाया दोगुना मुनाफा

महासमुंद : महासमुंद विकासखंड के ग्राम फूलवारी (बावनकेरा) के प्रगतिशील कृषक गितेश्वर टण्डन ने इस बात को सच साबित कर दिखाया है।

एक समय था जब टण्डन पारंपरिक धान की खेती करते थे। बढ़ती लागत, मौसम की अनिश्चितता और सीमित लाभ के कारण खेती से अपेक्षित आय नहीं मिल पा रही थी। मेहनत अधिक थी, लेकिन आमदनी सीमित। ऐसे समय में उन्होंने हार मानने के बजाय खेती में नवाचार अपनाने का निर्णय लिया।

वर्ष 2025-26 में उन्होंने राष्ट्रीय बागवानी मिशन अंतर्गत पुष्प क्षेत्र विस्तार – गेंदा योजना का लाभ लिया। उद्यानिकी विभाग से पौध सामग्री प्राप्त होने के बाद उन्होंने लगभग 2 एकड़ भूमि में आधुनिक तरीके से गेंदा फूल की खेती शुरू की।

यह निर्णय उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। उन्होंने खेती में ड्रिप सिंचाई संयंत्र और यांत्रिकरण तकनीकों का उपयोग किया। इससे पानी की बचत हुई, मजदूरी लागत कम हुई और सिंचाई कार्य सरल एवं प्रभावी बना। आधुनिक तकनीकों के उपयोग से फसल की गुणवत्ता बेहतर हुई और उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को आज गितेश्वर टण्डन लगभग 50 क्विंटल गेंदा फूल का उत्पादन प्राप्त कर चुके हैं। उनके फूल महासमुंद और रायपुर की मंडियों तक पहुंच रहे हैं, जहां उन्हें बेहतर बाजार मूल्य मिल रहा है। जहां पहले धान की खेती से लगभग 25 हजार रुपये प्रति एकड़ तक लाभ होता था, वहीं अब गेंदा खेती से उन्हें लगभग 64 हजार रुपये प्रति एकड़ तक की आय प्राप्त हो रही है।

टण्डन की सफलता केवल आर्थिक उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह नवाचार, मेहनत और सकारात्मक सोच की प्रेरक कहानी भी है। उन्होंने यह साबित किया है कि यदि किसान आधुनिक तकनीकों और शासकीय योजनाओं का सही उपयोग करें, तो खेती को लाभकारी और आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।

आज उनके गांव और आसपास के क्षेत्र के अनेक किसान भी गेंदा एवं अन्य उद्यानिकी फसलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। गितेश्वर टण्डन अब क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं, जिनकी सफलता की खुशबू दूर-दूर तक फैल रही है।

महासमुंद: धान उठाव में तेजी लाने के निर्देश, खाद की कालाबाजारी पर कलेक्टर ने दी सख्त चेतावनी

महासमुंद : कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने धान उठाव कार्य में तेजी लाते हुए शत-प्रतिशत धान उठाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि अभी लगभग 8500 मीट्रिक टन धान का उठाव शेष है। कलेक्टर ने धान उठाव के लिए शेष 54 समितियों का भौतिक सत्यापन शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, रवि कुमार साहू, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), विभागीय जिलाधिकारी, जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ तथा वीसी के माध्यम से ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर ने कृषि विभाग को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के हितग्राहियों के लिए एग्रीस्टेक पंजीयन कार्य में तेजी लाने को कहा। उन्होंने संयुक्त किसानों एवं शेष पात्र किसानों का भी एग्रीस्टेक पंजीयन कराने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को योजना का लाभ समय पर मिल सके। विकसित कृषि संकल्प यात्रा के दौरान ऐसे किसानों को अधिक से अधिक पंजीयन कराने के निर्देश दिए हैं। बैठक में खाद की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।

कलेक्टर ने कहा कि आगामी खरीफ सीजन में किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराया जाए तथा पीओएस मशीन के माध्यम से ही खाद वितरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने खाद की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में बताया गया कि जिले में वर्तमान में 13 हजार 673 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। विभाग को डीएपी के विकल्पों की जानकारी किसानों तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए।

सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की विभागवार समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि अब तक आयोजित 11 शिविरों में 7 हजार 780 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 2 हजार 215 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है। शेष आवेदनों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने प्रत्येक विभाग को प्राप्त आवेदनों की विस्तृत समीक्

प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत वर्ष 2024, 2025 एवं 2026 के अप्रारंभ आवासों को तत्काल प्रारंभ कराने के निर्देश भी बैठक में दिए गए। जिन हितग्राहियों ने आवास प्रारम्भ नहीं किए हैं, उन्हें पुनः समझाईश देते हुए अंतिम अवसर दिया जाएगा। तत्पश्चात आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा जल संचयन जनभागीदारी कार्यक्रम अंतर्गत अधिक से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण करने के निर्देश दिए है। अभी तक 57 हजार 335 विभिन्न संरचनाओं का निर्माण किया गया है।

इससे संबंधित विभागों को भी अपने लक्ष्य पूर्ण करने कहा गया है। कलेक्टर ने राजस्व विभाग अंतर्गत विवादित एवं अविवादित प्रकरणों तथा स्वामित्व योजना की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में आगामी शिक्षा सत्र में परीक्षा परिणामों में सुधार लाने पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही बैठक में मुख्यमंत्री घोषणाओं, जनशिकायत, कलेक्टर जनदर्शन, पीजी पोर्टल एवं लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्रकरणों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

बसना पुलिस की बड़ी कार्रवाई: फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर युवती को ब्लैकमेल करने वाला आरोपी पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार

बसना पुलिस की बड़ी कार्रवाई: फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर युवती को ब्लैकमेल करने वाला आरोपी पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार ।  ‘मूवर्स एंड पैकर्स’ की आड़ में गांजा तस्करी: 274 किलो गांजा मामले का मास्टरमाइंड गुजरात से गिरफ्तार
महासमुंद पुलिस और एएनटीएफ ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवा
महासमुंद जिले के बसना थाना क्षेत्र में महिला संबंधित साइबर अपराध के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पश्चिम बंगाल निवासी आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर युवती की निजी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर ब्लैकमेल करने का आरोप है।

पुलिस के अनुसार पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी बनाकर उसकी तथा उसके परिवार की अन्य महिलाओं की निजी और आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल की जा रही हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना बसना में धारा 79 बीएनएस तथा आईटी एक्ट की धारा 66(D), 67 और 67(A) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच में सामने आया कि पीड़िता अपने पति के साथ आंध्रप्रदेश के एक मुर्गी फार्म में काम करने गई थी, जहां उसकी पहचान आरोपी रोनोजीत दोलाई से हुई। इसी दौरान आरोपी ने युवती का मोबाइल मांगकर धोखे से उसमें मौजूद निजी तस्वीरें और वीडियो अपने मोबाइल में ट्रांसफर कर लिए। बाद में पीड़िता के वापस लौट आने पर आरोपी लगातार फोन कर परेशान करने लगा। विरोध करने पर उसने फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर तस्वीरें वायरल कर दीं।

पुलिस ने साइबर साक्ष्यों और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसे पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन और आपत्तिजनक डिजिटल डेटा भी जब्त किया गया है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान रोनोजीत दोलाई पिता बुद्धिसबर दोलाई निवासी बेलपुकुरिया, थाना कुलपी, जिला साउथ 24 परगना, पश्चिम बंगाल के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है

‘मूवर्स एंड पैकर्स’ की आड़ में गांजा तस्करी: 274 किलो गांजा मामले का मास्टरमाइंड गुजरात से गिरफ्तार
महासमुंद पुलिस और एएनटीएफ ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 274 किलोग्राम गांजा तस्करी मामले के मुख्य सरगना को गुजरात से गिरफ्तार किया है। आरोपी “विश्वास मूवर्स एंड पैकर्स” की आड़ में घरेलू सामान के बीच गांजा छिपाकर एक राज्य से दूसरे राज्य में सप्लाई करता था।
पुलिस के अनुसार 28 फरवरी 2026 को थाना बसना क्षेत्र के पलसापाली बैरियर पर वाहन चेकिंग के दौरान अशोक लेलैंड “बड़ा दोस्त” वाहन क्रमांक MP15 ZL 4455 से 274 किलो अवैध गांजा बरामद किया गया था। गांजा घरेलू सामान के नीचे छिपाकर ले जाया जा रहा था। मौके से चालक रोशन यादव को गिरफ्तार किया गया था।

प्रकरण की विस्तृत जांच में खुलासा हुआ कि पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड अजीत शर्मा उर्फ दीवाना सेठ है, जो रायपुर के कबीर नगर में “विश्वास मूवर्स एंड पैकर्स” नाम से कारोबार संचालित करता था। पुलिस के मुताबिक यह कारोबार केवल दिखावा था और इसकी आड़ में उड़ीसा से गांजा मंगाकर राजस्थान सहित अन्य राज्यों में सप्लाई की जाती थी।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ग्राहकों के पुराने घरेलू सामान के नीचे गांजा छिपाकर पुलिस की नजरों से बचने की कोशिश करते थे। मामले में उड़ीसा निवासी सप्लायर राजू उर्फ भोलू महानंद को पहले ही 12 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया जा चुका है।
मुख्य आरोपी अजीत शर्मा चालक की गिरफ्तारी के बाद फरार होकर गुजरात में छिपा हुआ था। सूचना मिलने पर बसना पुलिस और एएनटीएफ की टीम ने गुजरात में घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(ख) के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
गिरफ्तार आरोपी अजीत शर्मा उर्फ दीवाना सेठ पिता मांगेराम शर्मा, उम्र 39 वर्ष, मूल निवासी जिला चरखी दादरी (हरियाणा) का रहने वाला है और रायपुर में “विश्वास मूवर्स एंड पैकर्स” का संचालन करता था।

 

सड़क पर मौत बनकर दौड़ रहे ओवरलोड हाइवा, गिरती गिट्टियों से दोपहिया चालकों की जान खतरे में

खैरागढ़।  जिले में ओवरलोड गिट्टियों से भरे हाइवा वाहनों का संचालन आम लोगों की जान पर भारी पड़ता नजर आ रहा है। बिना ढके दौड़ रहे इन भारी वाहनों से लगातार सड़क पर गिट्टियां गिर रही हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। शहर के मुख्य मार्गों सहित कलेक्टर कार्यालय के आसपास से भी ये वाहन बेखौफ गुजर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करते नहीं दिख रहे।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस के सामने से नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कई हाइवा वाहन क्षमता से अधिक गिट्टी भरकर चल रहे हैं और उन्हें ढंकने तक की व्यवस्था नहीं की गई है। सड़क पर गिरती गिट्टियों से दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। लोगों ने खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि विभाग छोटे वाहन चालकों पर कार्रवाई कर खानापूर्ति कर रहा है, जबकि ओवरलोड हाइवा वाहनों पर कोई सख्ती नजर नहीं आती। नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

डीएमएफ शासी परिषद की बैठक में 104 करोड़ के 392 विकास कार्यों को मंजूरी

रायगढ़।  रायगढ़ जिले में जिला खनिज संस्थान न्यास शासी परिषद की महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित हुई। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में वर्ष 2025-26 के लिए खनिज प्रभावित क्षेत्रों के विकास से जुड़े 104 करोड़ 7 लाख रुपए से अधिक लागत के 392 विकास कार्यों को मंजूरी दी गई। बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, अधोसंरचना और वनांचल क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद देवेन्द्र प्रताप सिंह, विधायक लालजीत सिंह राठिया एवं विद्यावती सिदार सहित जनप्रतिनिधियों ने वनांचल क्षेत्रों में जर्जर स्कूल भवनों, आश्रम-छात्रावासों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों की स्थिति पर चिंता जताई। जनप्रतिनिधियों के सुझाव पर नवीन भवन निर्माण और मरम्मत कार्यों को वार्षिक कार्ययोजना में शामिल किया गया। बैठक में लैलूंगा, धरमजयगढ़, घरघोड़ा, तमनार और छाल जैसे प्रत्यक्ष उत्खनन प्रभावित क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए कई प्रस्ताव स्वीकृत किए गए। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने और तकनीकी रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2015-16 से 2025-26 तक डीएमएफ निधि में कुल 643.79 करोड़ रुपए प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 538.22 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जा चुकी है। आगामी वर्ष 2026-27 में लगभग 125 करोड़ रुपए प्राप्त होने की संभावना के आधार पर 254.03 करोड़ रुपए की दीर्घकालिक कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा, केंद्र सरकार के फूड प्रोसेसिंग मंत्रालय से धरमजयगढ़, लैलूंगा और घरघोड़ा क्षेत्रों में एग्री प्रोसेसिंग एवं मेडिसिनल यूनिट स्थापित करने की स्वीकृति मिलने की जानकारी भी बैठक में साझा की गई

आईएएस रोक्तिमा यादव ने संभाली कोरिया की कमान: जिले की 20वीं कलेक्टर के रूप में किया पदभार ग्रहण

कोरिया। वर्ष 2016 बैच की आईएएस अधिकारी रोक्तिमा यादव ने कोरिया जिले की 20वीं कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया है। उनके पदभार ग्रहण करते ही जिला प्रशासन में नई ऊर्जा और प्रशासनिक सक्रियता देखने को मिली। वे कोरिया जिले की पांचवीं महिला कलेक्टर हैं। इससे पहले वर्ष 1999 में जिले में पहली महिला कलेक्टर की नियुक्ति हुई थी।

प्रशासनिक अनुभव और कार्यकुशलता के लिए पहचान रखने वाली यादव इससे पूर्व विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। उन्होंने कई जिलों में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के रूप में कार्य किया है। साथ ही कलेक्टर पद संभालने से पहले वे समाज कल्याण विभाग में संचालक के पद पर कार्यरत थीं। पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने कलेक्ट्रेट एवं जिला पंचायत कार्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न शाखाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों से कार्यप्रणाली की जानकारी ली। उन्होंने कार्यालयों में साफ-सफाई बनाए रखने, फाइलों एवं अभिलेखों को सुव्यवस्थित रखने तथा लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने पारदर्शिता, समयबद्ध कार्य संस्कृति और जनसुनवाई को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया। उल्लेखनीय है कि पूर्व कलेक्टर  चन्दन त्रिपाठी का स्थानांतरण कलेक्टर, बलरामपुर-रामानुजगंज के पद पर किया गया है। कोरिया जिले में उनका लगभग 21 माह का कार्यकाल रहा। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, एडीएम सुरेंद्र प्रसाद वैद्य, अपर कलेक्टर डी.डी. मंडावी, संयुक्त कलेक्टर अमित गुप्ता, डिप्टी कलेक्टर राकेश साहू, एसडीएम बैकुंठपुर उमेश पटेल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

ऑपरेशन ‘निश्चय’ का बड़ा धमाका: कपड़ा फेरीवाले बन कर रहे थे करोड़ों की तस्करी, 12 तस्कर गिरफ्तार

रायपुर/महासमुंद।  छत्तीसगढ़ पुलिस ने नशे के खिलाफ ऑपरेशन “निश्चय” के तहत एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। तस्करों ने इस बार कपड़ा फेरीवाले का नया और शातिर तरीका अपनाया था। मोटरसाइकिल की पिछली सीट पर लोहे का जालीदार विशेष कम्पार्टमेंट बनाकर उसमें गांजा छिपाया जाता था और ऊपर कपड़ों का ढेर लगा दिया जाता था। बाहर से देखने पर वे सामान्य सड़क किनारे कपड़े बेचने वाले फेरीवाले नजर आते थे।

कार्रवाई के प्रमुख आंकड़े
• जब्त गांजा — 378.060 किलोग्राम
• अनुमानित कीमत — 1 करोड़ 89 लाख से 1 करोड़ 98 लाख रुपये
• गिरफ्तार — 12 अंतरराज्यीय तस्कर
• जब्त वाहन — 11 मोटरसाइकिलें
• अन्य — कई मोबाइल फोन सहित कुल 1.98 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त

घटना का विस्तार
रायपुर रेंज पुलिस (महासमुंद, धमतरी और गरियाबंद) की संयुक्त टीम ने उड़ीसा सीमा से लगे इलाकों में नाकेबंदी और वाहन चेकिंग अभियान चलाया।महासमुंद जिले के बसना थाना क्षेत्र में 5 मोटरसाइकिलों को घेरा गया। ये सभी आरोपी उड़ीसा के बालिगुड़ा और तितरी रायगढ़ा इलाके से गांजा लेकर मध्यप्रदेश की ओर जा रहे थे। यहां से 215 किलो गांजा बरामद हुआ और 5 तस्कर गिरफ्तार किए गए। कोमाखान थाना क्षेत्र में भी अलग कार्रवाई की गई। धमतरी जिले में केरेगांव थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली। चेकिंग के दौरान 3 मोटरसाइकिलों पर सवार तस्कर पकड़े गए। यहां 131.005 किलो गांजा जब्त किया गया। इस मामले में 2 मुख्य आरोपी गिरफ्तार हुए, जबकि एक नाबालिग के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।

तस्करी का तरीका

तस्करों ने अपनी बाइक्स की पिछली सीट पर लोहे का जालीदार कम्पार्टमेंट (सीक्रेट बॉक्स) बनवाया रखा था। कपड़ों के ढेर से इसे पूरी तरह छिपा दिया जाता था। पूछताछ में आरोपी बताते हैं कि वे गांजा उड़ीसा से लाकर मध्यप्रदेश में सप्लाई करते थे। पुलिस के मुताबिक यह एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह था। इससे पहले तस्कर एम्बुलेंस, केला ट्रक, मूवर्स-पैकर्स, ऑटो, बस और ट्रेन का इस्तेमाल कर चुके थे, लेकिन कपड़ा फेरीवाले का यह तरीका सबसे नया और चौंकाने वाला रहा।

पुलिस अधिकारियों का बयान
रायपुर रेंज के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि ऑपरेशन निश्चय के तहत नशे की तस्करी पर लगातार नजर रखी जा रही है। बदलते तरीकों के बावजूद पुलिस की नाकेबंदी और मुखबिरों की सूचना से ऐसे गिरोहों का पर्दाफाश हो रहा है। जांच जारी है। गिरोह के अन्य सदस्यों और बड़े सप्लायर्स तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं

 

सरायपाली: “पथरी से पेशाब रुकने तक हर बीमारी का इलाज”: सरायपाली में 16 मई को पहुंचेगे ओम हॉस्पिटल किडनी विशेषज्ञ डॉ. राजेश अग्रवाल

“अब बड़े शहर नहीं जाना पड़ेगा”: सरायपाली में किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश अग्रवाल देंगे सेवाएं 16 मई को विशेष शिविर
सरायपाली। किडनी और मूत्र रोग से परेशान मरीजों के लिए राहत की खबर है। अब इलाज और विशेषज्ञ परामर्श के लिए रायपुर या हैदराबाद जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरायपाली के ओम हॉस्पिटल में 16 मई 2026, शनिवार को प्रसिद्ध यूरोलॉजिस्ट डॉ. राजेश अग्रवाल विशेष चिकित्सा शिविर में मरीजों का परीक्षण एवं उपचार करेंगे।

शिविर सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित होगा, जिसमें गुर्दे की पथरी, पेशाब में जलन, पेशाब में खून आना, पेशाब रुकना, मूत्रनली की पथरी, किडनी संक्रमण एवं मूत्राशय संबंधी बीमारियों का इलाज और परामर्श दिया जाएगा।

डॉ. राजेश अग्रवाल यूरोलॉजी क्षेत्र के अनुभवी विशेषज्ञ हैं और अपोलो हॉस्पिटल हैदराबाद से भी जुड़ चुके हैं। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार बीपीएल कार्डधारकों के लिए निःशुल्क इलाज की सुविधा रहेगी, जबकि आयुष्मान कार्ड एवं अन्य योजनाओं के माध्यम से भी मरीज लाभ ले सकेंगे।
ऑपरेशन कराने वाले मरीजों को अपनी जांच रिपोर्ट के साथ एक दिन पहले भर्ती होने की सलाह दी गई है। अस्पताल प्रबंधन ने अधिक से अधिक मरीजों से शिविर का लाभ लेने की अपील की है।

CG: रायपुर : तरबूज खाने से बच्चे की मौत, 3 अन्य बच्चे अस्पताल में भर्ती मामले में जांजगीर कलेक्टर ने लिया तत्काल संज्ञान

जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम धुरकोट में तरबूज खाने के बाद एक बच्चे की मृत्यु तथा 3 अन्य बच्चों के बीमार होने का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने तत्काल संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम एवं संबंधित एसडीएम को जिला चिकित्सालय जांजगीर भेजा ,

कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम जांजगीर ने मेडिकल टीम को गांव में संबंधित परिवार के सभी लोगों के स्वास्थ्य जांच के लिए रवाना किया तथा तहसीलदार को गांव में इस बाबत पूरे मामले पर लगातार निगरानी रखने हेतु निर्देशित किया गया।

सिविल सर्जन श्री एस. कुजूर ने बताया बच्चों के तरबूज और चिकन खाने बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। एक बच्चे की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत्यु हो गई, जबकि 3 अन्य बीमार बच्चों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है जिनकी हालत अब सामान्य है ।कलेक्टर के निर्देश पर संबंधित तरबूज के सैंपल जांच हेतु भेज दिए गए हैं। साथ ही मृत बच्चे का पोस्टमार्टम कराया गया है और विसरा सुरक्षित रखा गया है ताकि मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

जिला प्रशासन द्वारा पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है तथा जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में अन्य लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर निगरानी भी कर रही है।

नारायणपुर में डीजल का ‘अकाल’: 5 में से 4 पंप सूखे, खेतों में थमी ट्रैक्टरों की रफ्तार।

नारायणपुर। जिले के पांच पेट्रोल पंपों में से चार पर डीजल का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो चुका है, जबकि एकमात्र संचालित पेट्रोल पंप पर लंबी कतारें लग रही हैं। सबसे ज्यादा परेशानी किसानों, ट्रैक्टर संचालकों, माइंस परिवहन और निर्माण कार्यों से जुड़े लोगों को हो रही है। डिब्बों में डीजल नहीं मिलने से नाराज किसान और ट्रैक्टर चालक सोमवार को डिब्बे लेकर कलेक्टर निवास पहुंच गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही डीजल आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। खेती, परिवहन, निर्माण और व्यापार समेत कई क्षेत्रों में इसका व्यापक असर देखने को मिल सकता है।

 

नारायणपुर जिले में अचानक गहराए डीजल संकट ने आम जनजीवन से लेकर कृषि और परिवहन व्यवस्था को प्रभावित कर दिया है। एकमात्र पेट्रोल पंप पर डीजल लेने वालों की लंबी कतारें लगी हुई हैं, सुबह से लेकर देर रात तक वाहन चालक अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित किसान वर्ग हो रहा है। हाल ही में हुई हल्की बूंदाबांदी के बाद खेतों की जुताई का काम शुरू होना था, लेकिन ट्रैक्टरों में डीजल नहीं होने के कारण कृषि कार्य ठप पडऩे की स्थिति में पहुंच गया है।

किसानों का कहना है कि खेती के इस महत्वपूर्ण समय में डीजल की कमी से उनकी पूरी तैयारी प्रभावित हो रही है।ग्रामीण कृषक मानकू राम पोटाई का कहना है कि नारायणपुर जिले में डीजल नहीं दे रहे हैं। एक जगह पेट्रोल पंप में डीजल मिल रहा है, वो भी कहते हैं कि गाड़ी लेकर आओ, गाड़ी में तेल ही नहीं है तो कैसे लाएंगे। कलेक्टर मैडम से मिलने आए है, ट्रैक्टर से जुताई के लिए डीजल चाहिए।