24 घंटे में किडनैपर्स के चंगुल से युवक को छुड़ाया, झारखंड से 3 आरोपी गिरफ्तार।

रायगढ़। रायगढ़ जिले के लैलूंगा थाना क्षेत्र में हुए सनसनीखेज अपहरण मामले का पुलिस ने मात्र 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए अपहृत युवक को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने झारखंड से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त दो स्कॉर्पियो वाहन भी जब्त किए हैं।जानकारी के अनुसार, मुड़ागांव रामनाथपुर निवासी 55 वर्षीय शिवप्रसाद बंजारा ने थाना लैलूंगा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनका 26 वर्षीय पुत्र रवि नारायण बंजारा का झारखंड से आए तीन युवकों ने घर में घुसकर अपहरण कर लिया। प्रार्थी के मुताबिक, रवि पहले धान खरीदी-बिक्री के व्यवसाय में झारखंड निवासी पवन साहू के साथ काम करता था।

बताया गया कि 11 मई 2026 की दोपहर करीब 3:30 बजे आरोपी पवन साहू, विष्णु साहू और नरेश उर्फ नरेंद्र साहू दो स्कॉर्पियो वाहनों में रवि के घर पहुंचे। आरोपियों ने 12 लाख रुपये के लेन-देन का विवाद बताते हुए रवि के साथ मारपीट की और उसे जबरन वाहन में बैठाकर फरार हो गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए लैलूंगा पुलिस ने तत्काल अपहरण का मामला दर्ज कर विशेष टीम गठित की और रांची में दबिश दी।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रवि को सकुशल छुड़ाया तथा तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर रायगढ़ लाया। पूछताछ में आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया। फिलहाल तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

बंद केमिकल फैक्ट्री की जमीन उगल रही अंगारे, खेल रहे मासूम झुलसे।

जगदलपुर। बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर शहर के बलिराम कश्यप वार्ड में स्थित वर्षों से बंद पड़ी एक केमिकल फैक्ट्री अब स्थानीय लोगों के लिए खतरा बन गई है। फैक्ट्री परिसर में पड़े केमिकल वेस्ट मटेरियल में लगातार आग धधक रही है, जिसकी चपेट में आकर बच्चे झुलस रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार चार बच्चे इस धधकती जमीन की चपेट में आ चुके हैं। इनमें से दो बच्चों को इलाज के लिए महारानी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। बच्चों के अलावा मवेशी और बड़े लोग भी इस खतरनाक क्षेत्र की चपेट में आ रहे हैं। वार्डवासियों ने बताया कि यह केमिकल फैक्ट्री करीब 30 वर्षों से बंद पड़ी हुई है। फैक्ट्री में पहले दवाइयों का निर्माण किया जाता था। लंबे समय से बंद होने के कारण भवन अब खंडहर में तब्दील हो चुके हैं और परिसर की चारदीवारी भी कई जगहों से टूट चुकी है।

फैक्ट्री परिसर में वर्षों से केमिकल वेस्ट का बड़ा ढेर पड़ा हुआ है। अब इस वेस्ट मटेरियल के भीतर लगातार आग धधक रही है। स्थानीय लोगों का दावा है कि करीब 4 हजार वर्ग फीट क्षेत्र इसकी चपेट में है। जमीन के भीतर अंगारे जैसे हालात दिखाई दे रहे हैं और कई जगहों से गर्म धुआं व भाप निकलती रहती है। खेलते समय हादसे का शिकार हो रहे बच्चे क्षेत्र में खुले पड़े परिसर के कारण आसपास के बच्चे वहां खेलने पहुंच जाते हैं। खेलते-खेलते बच्चे जमीन के भीतर धधक रही आग पर पहुंच जाते हैं, जिससे उनके पैर बुरी तरह झुलस रहे हैं।

वार्डवासियों के मुताबिक अब तक चार बच्चों के पैर गंभीर रूप से जल चुके हैं। घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, तो बड़ा हादसा हो सकता है।वहीं घटना की जानकारी मिलते ही घटनास्थल पर महापौर संजय पांडे और निगम आयुक्त प्रवीण वर्मा पहुंचे दमकल वाहन के साथ पहुंचे और जमीन के नीचे धधक रही आग पर पानी डाला , हालांकि सतही तौर पर आग ठंडी हो गई लेकिन जमीन के नीचे इसके धधकते रहने की आशंका है।

इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए महापौर संजय पांडे ने कहा कि ये स्थान एक बंद पड़ी कैमिकल फैक्ट्री है ,जो कि निजी संपति है ,इस स्थान पर साल के पेड़ के छिलके से ओलियानोलिक एसिड बनाया जाता था। यह 40 से 50 वर्ष पूर्व की बात है उसके बाद यह फैक्ट्री बंद कर दी गई थी। संजय पांडे ने बताया कि वार्ड पार्षद के द्वारा उन्हें सूचना प्राप्त हुई कि इस स्थान पर जमीन के नीचे आग धधक रही और कोई व्यक्ति इस स्थान पर जाता है तो जमीन धंस जाती है और व्यक्ति जल जाता है। उन्होंने कहा कि इस बंद फैक्ट्री नवजीवन एंड संस के मालिक को यहां मौजूद है। संजय पांडे ने कहा कि फायर ब्रिगेड की सहायता से प्रारंभिक तौर पर आग पर काबू पाया गया है , इसकी जांच की जाएगी कि आग जमीन के कितने नीचे तक है ।तब तक इस स्थान पर प्रवेश निषेध का बोर्ड भी लगाया जायेगा।

वहीं नगर निगम आयुक्त प्रवीण कुमार वर्मा ने बताया कि पार्षद के द्वारा इस घटना की सूचना मिली जिसके बाद नगर निगम का अमला SDRF की टीम के साथ पहुंचा है । उन्होंने बताया कि यहां पर पूर्व में साल के छिलके से ओलियानोलिक एसिड बनाया जाता था ।उसी के बायप्रोडक्ट पर आग लगी है जो जमीन के बहुत नीचे तक है । उन्होंने कहा कि संबंधित कंपनी के मैनेजर को बुलाया गया है और जानकारी ली जा रही । आयुक्त ने कहा कि इस स्थान पर झुलसे लोगों के द्वारा पुलिस में मामला दर्ज करवाया गया है । नगर निगम द्वारा सुरक्षात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।

सरायपाली: धड़ल्ले से ग्रामीण क्षेत्र में बिना पैकिंग और एक्सपायरी डेट के बिक रहे पानी पाउच, बॉटल और कोलड्रिंक जीरा,कलेक्टर के निर्देशन के जांच कार्यवाही के बाद भी नहीं सुधरे हालात , क्या कहा अधिकारी ने पढ़े पूरी खबर 

सरायपाली: धड़ल्ले से ग्रामीण क्षेत्र में बिना पैकिंग और एक्सपायरी डेट के बिक रहे पानी पाउच, बॉटल और कोलड्रिंक जीरा,कलेक्टर के निर्देशन के जांच कार्यवाही के बाद भी नहीं सुधरे हालात , क्या कहा अधिकारी ने पढ़े पूरी खबर

सरायपाली mahajanpad news.com / महासमुंद जिले के सरायपाली ब्लॉक में बिना स्पष्ट पैकिंग डेट और एक्सपायरी जानकारी वाले पानी पाउच खुलेआम बाजार में बिक रहे हैं। हाल ही में सामने आए कई अलग-अलग पानी पाउच में “Best Before Within 30 Days/1 Month From The Date of Packing” तो लिखा मिला, लेकिन सबसे जरूरी “Packed On” यानी पैकिंग तारीख स्पष्ट रूप से अंकित नहीं थी।

 

इन कम्पनी का पानी देखे मामले में सामने आए पानी पाउच में Chhaya Industries, मोखा पुटखा ।Ganesh Enterprises, मुड़पहार तथा । सरोवर Industries ओड़िया पारा सरायपाली नाम की कंपनियों के पाउच शामिल हैं। कई पाउच में पैकिंग और एक्सपायरी से जुड़ी जानकारी अधूरी या अस्पष्ट दिखाई दी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सरायपाली क्षेत्र में ऐसे कई पानी पाउच, पानी बॉटल, कोल्ड्रिंक और जलजीरा पैकेज देखने को मिल जाते हैं, जिनमें पैकेजिंग डेट, एक्सपायरी डेट या अन्य जरूरी जानकारी सही तरीके से अंकित नहीं रहती।
गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार के निर्देश पर जिलेभर में फूड सेफ्टी विभाग द्वारा जांच अभियान चलाया गया था। इसके बावजूद सरायपाली क्षेत्र में नियमों की अनदेखी जारी रहने के आरोप लग रहे हैं।
मामले में सरायपाली के फूड सेफ्टी अधिकारी श्री भोई ने बताया कि कलेक्टर के निर्देशन में पहले भी जांच कर कई जगहों को सुधार के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके यदि सुधार नहीं हो रहा है तो संबंधित संस्थानों पर कार्रवाई की जाएगी।

वहीं मुड़पहार स्थित गणेश इंटरप्राइजेस के संचालक ने सफाई देते हुए कहा कि कई बार इंक खत्म हो जाने के कारण पानी पाउच में पैकिंग और एक्सपायरी डेट छूट जाती है। वहीं दूसरे कंपनी संचालक ने भी कहा कि “ऐसे तो नहीं होता, किसी-किसी पाउच में छूट जाता है।”
हालांकि उपभोक्ताओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि एक-दो पाउच में गलती होती तो बात अलग थी, लेकिन दुकानों में एक पूरी बोरी तक ऐसे पानी पाउच मिलने से सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि सिर्फ पैकिंग और एक्सपायरी वाली जानकारी में ही इंक खत्म हो जाना समझ से परे है, जबकि बाकी प्रिंट स्पष्ट दिखाई देते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार बिना पैकिंग डेट और एक्सपायरी जानकारी वाले पानी पाउच लोगों की सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। लंबे समय तक रखा गया पैक्ड पानी दूषित होने, बैक्टीरिया पनपने या प्लास्टिक के रासायनिक तत्व घुलने का खतरा बढ़ा सकता है। गर्मी के मौसम में ऐसे पानी के सेवन से उल्टी, दस्त, पेट संक्रमण और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। पैकिंग तारीख नहीं होने से उपभोक्ता यह तय ही नहीं कर पाते कि पानी ताजा है या पुराना।

खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुसार पैक्ड खाद्य एवं पेय पदार्थों में पैकिंग डेट, बैच नंबर, एक्सपायरी/बेस्ट बिफोर जानकारी, निर्माता का नाम और FSSAI लाइसेंस नंबर स्पष्ट रूप से अंकित होना जरूरी माना जाता है, ताकि उपभोक्ता सुरक्षित उत्पाद की पहचान कर सकें।

बस्तर शर्मसार: शादी का प्रस्ताव ठुकराया तो 11वीं की छात्रा पर जानलेवा हमला, इलाके में दहशत।

बस्तर। बस्तर में एकतरफा प्यार का जुनून खौफनाक वारदात में बदल गया. बकावंड थाना क्षेत्र में 11वीं की छात्रा पर जानलेवा हमला हुआ. आरोपी ने शादी का प्रस्ताव ठुकराए जाने पर रंजिश पाल ली थी. रात में फोन कर युवती को घर से बाहर बुलाया गया. इसके बाद सिर, गर्दन और सीने पर ताबड़तोड़ हमला किया गया. चीख सुनकर परिजन पहुंचे, लेकिन आरोपी फरार हो गया. गंभीर हालत में छात्रा का इलाज जारी है. घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है. परिजन कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है. यह घटना कानून व्यवस्था के साथ सामाजिक मानसिकता पर भी सवाल खड़े करती है. प्यार के नाम पर हिंसा आखिर कब रुकेगी?  नक्सलियों की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए शुरू हुई तेंदूपत्ता खरीदी अब सुकमा में खुद ही दम तोड़ती नजर आ रही है. महज 3-4 दिन बाद फड़ों पर ताले लटक गए और सिस्टम की सुस्ती ने पूरा खेल बिगाड़ दिया. सरकारी खरीदी ठप होते ही बिचौलिए सक्रिय हो गए हैं. सीमावर्ती इलाकों से तेंदूपत्ता ओडिशा तस्करी हो रहा है. शबरी नदी पार कर नावों से दिनदहाड़े पत्ता भेजा जा रहा है. जहां ओडिशा में 220 रुपए किलो तक कीमत है, वहीं यहां ग्रामीण 3.50 में बेचने को मजबूर हैं. ग्रामीणों के घरों में पत्ता डंप पड़ा है, लेकिन खरीदी नहीं हो रही. बाइक से जंगल रास्तों के जरिए तस्करी का नेटवर्क फैल चुका है. प्रशासन ने सिर्फ पुल पर नाका लगाया, बाकी रास्ते खुले हैं. सरकारी रिकॉर्ड में पत्ता नहीं चढ़ने से बोनस भी खत्म हो गया.

महासमुंद:भंवरपुर परीक्षा केंद्र में बड़ी कार्रवाई, 5 कर्मचारी निलंबित भंवरपुर में वायरल वीडियो के बाद शिक्षा विभाग का बड़ा एक्शन

महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में बोर्ड परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्र का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। मामला भंवरपुर स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी/हिंदी माध्यम विद्यालय परीक्षा केंद्र का है, जहां एक छात्रा डिजिटल कैमरा लेकर परीक्षा हॉल में पहुंच गई और वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

जांच में परीक्षा केंद्र पर तैनात कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने केंद्र अध्यक्ष, सहायक केंद्र अध्यक्ष और पर्यवेक्षक समेत कुल 5 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
परीक्षा हॉल में पहुंचा डिजिटल कैमरा
जानकारी के अनुसार परीक्षा केंद्र क्रमांक 171031, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी/हिंदी माध्यम विद्यालय भंवरपुर में बोर्ड परीक्षा चल रही थी। इसी दौरान एक छात्रा नियमों को तोड़ते हुए डिजिटल कैमरा लेकर परीक्षा कक्ष में पहुंच गई।

हैरानी की बात यह रही कि परीक्षा केंद्र में मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों द्वारा छात्रा की जांच के दौरान कैमरे को नहीं पकड़ा गया। छात्रा ने परीक्षा हॉल के अंदर वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग की, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
जांच में सामने आई गंभीर लापरवाही
वीडियो वायरल होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) महासमुंद द्वारा मामले की जांच कराई गई। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी में गंभीर लापरवाही सामने आई।
लोक शिक्षण संचालनालय ने मामले को गंभीर मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के तहत कार्रवाई की। विभाग का कहना है कि परीक्षा जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में इस प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।

इन कर्मचारियों पर हुई कार्रवाई
कार्रवाई के तहत केंद्र अध्यक्ष गंगा प्रसाद पटेल, सहायक केंद्र अध्यक्ष अनिरूद्ध भोई और दिनेश कुमार दास, पर्यवेक्षक दुर्गाप्रसाद पटेल तथा नियमित भृत्य विजिया बुड़ेक को निलंबित किया गया है।
जारी आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान सभी कर्मचारियों का मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय महासमुंद निर्धारित किया गया है। साथ ही उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

7 दिनों में मांगा आरोप पत्र
शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि सात दिनों के भीतर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ आरोप पत्र तैयार कर संचालनालय को भेजा जाए।
इस घटना के बाद परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि परीक्षा हॉल में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस आसानी से पहुंच सकते हैं, तो इससे परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।

रायगढ़ में सनसनी: डैम किनारे जंगल में मिली युवती की अर्धनग्न लाश, पत्थर से कुचलकर की गई बेरहमी से हत्या

रायगढ़। जिले में एक युवती की अर्धनग्न हालत में लाश मिली है। युवती का शव डैम किनारे जंगल में पड़ा मिला। पुलिस ने शुरुआती जांच में मामला हत्या का पाया गया। मृतका की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। मामला पूंजीपथरा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार शाम तुमीडीह डैम के पास जंगल में लोगों ने एक युवती का शव देखा। इसके बाद मामले की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची तो युवती की डेडबॉडी औंधे मुंह जमीन पर पड़ी थी। शव के पास ही उसके कपड़े भी बिखरे मिले।  पुलिस जांच में सामने आया कि युवती की हत्या के बाद उसकी पहचान छिपाने के लिए चेहरे को पत्थर से कुचल दिया गया था। मृतका के गले और गर्दन के पीछे धारदार हथियार से वार किए जाने के निशान भी मिले हैं। इससे पुलिस हत्या की आशंका मानकर जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, मृतका की उम्र करीब 20 से 22 साल के बीच बताई जा रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ के बाद भी युवती की शिनाख्त नहीं हो सकी। इसके बाद पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए घरघोड़ा अस्पताल भेज दिया।

बलौदाबाजार में फिर आस्था को चोट: मंदिर में तोड़फोड़ के बाद धार्मिक संगठनों में आक्रोश, पुलिस जांच शुरू

बलौदाबाजार। जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, यहां एक हनुमान मंदिर में तोड़फोड़ की घटना सामने आई है। बताया जा रहा है कि मंदिर में रखी भगवान शंकर और माता पार्वती की तस्वीरों को बाहर फेंक दिया गया। वहीं हनुमान जी को पहनाए गए वस्त्र भी निकालकर बाहर फेंके गए। मिली जानकारी के अनुसार, मामला भाटापारा शहर थाना क्षेत्र की है। जहां एक महिला मंदिर में तोड़फोड़ करते दिख रही है। घटना के बाद अब धार्मिक संगठन के लोगों में आक्रोश फैल गया है। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। वहीं इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। जिसमें देखा जा सकता है कि एक विक्षिप्त महिला मंदिर परिसर में तोड़फोड़ करती नजर आई है। बताया जा रहा है कि घटना देर रात 10:30 बजे की है। घटना को लेकर अब धार्मिक संगठनों में नाराजगी देखने को मिल रही है। आपको बता दें कि बलोदाबाजार जिले में पिछले कुछ दिनों से मंदिरों और मूर्तियों में तोड़फोड़ के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसी घटनाओं को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और धार्मिक संगठनों ने भी चिंता जताई है। वहीं प्रशासन और पुलिस इन मामलों की जांच में जुटी हुई है।

सांसद भोजराज नाग का अधिकारियों पर फूटा गुस्सा: सुशासन तिहार में मंच से ही लगाई क्लास, कहा—”खानापूर्ति बंद करें”

बालोद। जिले के गुंडरदेही विकासखंड अंतर्गत ग्राम मटिया में आयोजित सुशासन तिहार के जनसमस्या निवारण शिविर में मंगलवार को उस समय माहौल पूरी तरह गरमा गया, जब कांकेर लोकसभा सांसद भोजराज नाग अधिकारियों की कार्यशैली और लंबित मामलों के निराकरण को लेकर मंच से ही भड़क उठे। ग्रामीणों की शिकायतें सुनने के बाद सांसद ने पीएचई विभाग, राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग और पुलिस प्रशासन सहित कई अधिकारियों की खुले मंच से जमकर क्लास लगाई। शिविर में मौजूद ग्रामीणों ने पेयजल, अधूरे निर्माण कार्य, जल जीवन मिशन, राजस्व प्रकरण और प्रशासनिक लापरवाही से जुड़ी शिकायतों की झड़ी लगा दी।शिकायतों और विभागीय आंकड़ों में भारी अंतर सामने आने पर सांसद भोजराज नाग का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है, लेकिन कुछ अधिकारी इसे केवल खानापूर्ति बनाकर सरकार की छवि खराब कर रहे हैं। इस दौरान गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद, जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी चन्द्राकर, कलेक्टर दिव्या मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ सुनील चंद्रवंशी सहित क्षेत्र के तमाम जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

साथ जिए-मरने की कसमें, 4 माह में ही टूटा संसार: पति की खुदकुशी के बाद नवविवाहिता ने भी फंदा चुना

बलौदाबाजार-भाटापारा। पलारी थाना क्षेत्र के ग्राम पठारीडीह में दो दिनों के भीतर हुई दर्दनाक घटनाओं ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। सोमवार को एक युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने के बाद मंगलवार को उसकी नवविवाहिता पत्नी ने भी आत्महत्या का प्रयास किया, जिससे परिवार और गांव में शोक और दहशत का माहौल फैल गया। जानकारी के अनुसार हितेश जायसवाल (24 वर्ष), निवासी पठारीडीह, रायपुर में जेसीबी मशीन चलाने का कार्य करता था। उसकी शादी करीब चार महीने पहले तुलसी जायसवाल से हुई थी। विवाह के बाद दोनों रायपुर में रह रहे थे। सोमवार को हितेश अचानक गांव पहुंचा और एक नर्सरी में नीम के पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मंगलवार को हितेश का अंतिम संस्कार किया जा रहा था। इसी दौरान घर में उसकी पत्नी तुलसी की मानसिक स्थिति बिगड़ गई। वह रोते-रोते बाथरूम में चली गई और गमछे से फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। उस समय उसकी मां भी पास ही मौजूद थी। काफी देर तक बाहर न आने पर जब दरवाजा खोला गया तो तुलसी फंदे पर लटकी हुई मिली। स्वजन ने तत्काल उसे नीचे उतारा और अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।

सरायपाली स्कूल कांड: सालभर तक बाहरी युवक लेता रहा क्लास, अब तत्कालीन बीईओ और प्राचार्य समेत 7 दोषी करार

सरायपाली। शासकीय मिडिल स्कूल लिमगांव में बाहरी युवक से सालभर अध्यापन कराने के चर्चित मामले में अब शिक्षा विभाग की गर्दन फंसती नजर आ रही है। जांचकर्ताओं ने 10 मार्च को रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में सौंप दी थी, जिसके बाद डीईओ ने 01 अप्रैल को कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए प्रकरण संभागीय संयुक्त संचालक रायपुर भेज दिया। मामला गंभीर पाए जाने पर 13 अप्रैल को संबंधित अधिकारियों और शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।

यह वही मामला है, जिसमें राजनीतिक दबाव के चलते जांच अधिकारियों ने शुरुआत में जांच से ही हाथ खड़े कर दिए थे।

मिडिल स्कूल के प्रधानपाठक धनीराम चौधरी लकवाग्रस्त थे, लेकिन विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था करने के बजाय बाहरी युवक जितेन्द्र साहू को 6500 रुपये मासिक देकर अध्यापन कार्य में लगा दिया। जो नियम विपरीत है। इसकी लिखित जानकारी तत्कालीन बीईओ प्रकाश चन्द्र मांझी को पहले ही दी जा चुकी थी, फिर भी पूरे मामले पर मिलीभगत करके पर्दा डाले रखा।

मामले का खुलासा तब हुआ, जब तत्कालीन एसडीएम सरायपाली हेमंत रमेश नंदनवार आइएएस ने औचक निरीक्षण किया। जांच में शिक्षकों ने खुद बयान देकर स्वीकार किया कि पिछले एक वर्ष से धनीराम चौधरी की जगह बाहरी युवक जितेन्द्र साहू ही बच्चों को पढ़ा

जांच में तत्कालीन बीईओ प्रकाश चन्द्र मांझी, एबीईओ देवनारायण दीवान व जितेन्द्र रावल, प्राचार्य ठण्डाराम टिकूलिया, संकुल समन्वयक गिरधारी लाल पटेल तथा शिक्षक दिनेश पटेल व मनीष साहू दोषी पाए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक अब भी राजनीतिक संरक्षण के दम पर पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डालने की ।