रायपुर : प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति की बैठक सम्पन्न

रायपुर : प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति की बैठक सम्पन्न

रायपुर/एक ही दिन में 22 प्रकरणों पर की गई सुनवाई एवं समीक्षा पहली बार विडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से दिया गया सुनवाई का अवसर आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में आज उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के सभाकक्ष, नवा रायपुर में संपन्न हुई। आज बैठक की विशेषता यह रही कि एक ही दिन में कुल 22 प्रकरणों की सुनवाई एवं समीक्षा की गई। इसके साथ ही समिति द्वारा पहली बार पक्षकार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई का अवसर प्रदान किया गया। समिति की इस पहल से प्रक्रिया को और अधिक सुगम, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने में मदद मिलेगी।

बैठक में 12 प्रकरणों की सुनवाई की गई। इनमें जाति जांच प्रकरण से संबंधित 10 प्रकरणों में पक्षकार समिति के समक्ष उपस्थित हुए। एक प्रकरण में पक्षकार अंबिकापुर, सरगुजा से वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से शामिल हुआ एवं अपना पक्ष रखा, वहीं एक प्रकरण में पक्षकार अनुपस्थित रहा।    इसके अतिरिक्त समिति के समक्ष 10 प्रकरण विचारार्थ प्रस्तुत किए गए। इस प्रकार एक ही दिन में समिति ने कुल 22 प्रकरणों की सुनवाई एवं समीक्षा करते हुए 05 प्रकरणों की सुनवाई पूर्ण कर आदेश जारी करने के निर्देश दिए, जबकि 17 प्रकरणों में जाति प्रमाण पत्र धारकों को सुनवाई का एक और अंतिम अवसर प्रदान करते हुए आगामी बैठक में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए।

विदित हो समिति द्वारा लगातार बैठक आयोजित कर जाति प्रमाण पत्र एवं सामाजिक प्रस्थिति से संबंधी प्रकरणों की सुनवाई की जा रही है। माननीय सर्वाेच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालय से संबद्ध प्रकरणों पर भी नियमानुसारं पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से सुनवाई कर प्रकरणों का शीघ्र निपटारा किया जा रहा है। आज की बैठक में बड़ी संख्या में पक्षकार एवं अधिवक्ता अपना पक्ष प्रस्तुत करने हेतु उपस्थित हुए।

बैठक में आयुक्त, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास डॉ. सारांश मित्तर (सदस्य), संचालक, आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान श्रीमती हिना अनिमेष नेताम (सदस्य सचिव), संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय श्री ऋतुराज रघुवंशी (सदस्य) उपस्थित थे, वहीं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संचालक, भू-अभिलेख श्री विनीत नंदनवार (सदस्य) भी जुड़े हुए थे। इसके अलावा संयुक्त संचालक, टीआरटीआई श्रीमती गायत्री नेताम (प्रभारी अधिकारी, जाति जांच प्रकोष्ठ), श्रीमती रमा उइके (सदस्य), डॉ. अनिल विरूलकर (सदस्य) सहित जाति जाँच प्रकोष्ठ के श्री जितेन्द्र गुप्ता, श्रीमती अंजनी भगत, श्री ईश्वर साहू एवं श्रीमती सुमन बंजारे उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि माननीय सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश में दिये गये मार्गदर्शी निर्देश एवं छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (सामाजिक प्रास्थिति के प्रमाणीकरण का विनियमन) अधिनियम 2013 में विहित प्रावधानों के अंतर्गत कुल 07 सदस्यीय उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति का गठन किया गया है। समिति अर्द्ध न्यायिक स्वरूप में कार्य करते हुए निष्पक्ष एवं समयबद्ध निर्णय सुनिश्चित कर रही है।

छत्तीसगढ़ /माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित किया गया

छत्तीसगढ़ /माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित किया गया

छत्तीसगढ़ /राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रदर्शन एवं मूल्यांकन पर द्वितीय राज्य स्तरीय सम्मेलन का आयोजन 18 दिसम्बर, 2025 को छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सभागार में अत्यंत गरिमामय रूप से आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ के सहयोग से किया गया, जिसका उद्देश्य राज्य में राष्ट्रीय लोक अदालत प्रणाली को सुदृढ बनाने हेतु उपलब्धियो की समीक्षा एवं प्रदर्शन का मूल्यांकन करना था।

इस राज्य स्तरीय सम्मेलन की अध्यक्षता माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधीश, उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ एवं मुख्य संरक्षक, छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा की गई। सम्मेलन की सह-अध्यक्षता माननीय श्री न्यायमूर्ति संजय के अग्रवाल, न्यायाधीश, उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ एवं कार्यपालक अध्यक्ष, छत्तीसगढ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण तथा माननीय श्री न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू न्यायाधीश, उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ एवं अध्यक्ष, उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति द्वारा की गई।

माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधीश, उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ एवं मुख्य संरक्षक, छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने अभिभाषण में इस बात पर विशेष बल दिया कि राष्ट्रीय लोक अदालतें भारतीय संविधान के अनुच्छेद 39-क में निहित समान न्याय की परिकल्पना को साकार करने का एक अत्यंत प्रभावी माध्यम बनकर उभरी हैं। उन्होंने व्यक्त किया कि विगत नौ राष्ट्रीय लोक अदालतों के दौरान कुल 2,27,18,454 मामलों का अभूतपूर्व निपटारा किया गया है तथा कुल प्रकरणों के निस्तारण के संदर्भ में छत्तीसगढ़ निरंतर राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष पाँच राज्यों में स्थान प्राप्त करता रहा है। उन्होंने इन उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों, समस्त न्यायिक अधिकारियों एवं पैरा लीगल वॉलंटियर्स के अथक प्रयासों की सराहना करते हुए उनके प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधीश, उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ एवं मुख्य संरक्षक, छत्तीसगढं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के करकमलों द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालतों की सफलता में उत्कृष्ट योगदान के लिए समस्त जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों, परिवार न्यायालयों के न्यायाधीशों तथा पैरा लीगल वॉलंटियर्स को प्रशंसा प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। साथ ही, राष्ट्रीय लोक अदालत दिनांक 16 दिसम्बर, 2023 तथा वर्ष 2024 की में आयोजित चार राष्ट्रीय लोक अदालत एवं वर्ष 2025 में आयोजित चार राष्ट्रीय लोक अदालत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों एवं सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले परिवार न्यायालयों को स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया।

माननीय श्री न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल, न्यायाधीश, उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ एवं कार्यपालक अध्यक्ष, छत्तीसगढ ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन सदस्य सचिव, छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में माननीय श्री न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार व्यास, माननीय श्री न्यायमूर्ति सचिन सिंह राजपूत, माननीय श्री न्यायमूर्ति राकेश मोहन पांडेय, माननीय श्री न्यायमूर्ति संजय कुमार जायसवाल, माननीय श्री न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल, माननीय श्री न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा, माननीय श्री न्यायमूर्ति बिभु दत्ता गुरु एवं माननीय श्री न्यायमूर्ति अमितेंद्र किशोर प्रसाद की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में रजिस्ट्रार जनरल एवं रजिस्ट्री के अधिकारीगण, छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी के निदेशक एवं अधिकारीगण, छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव एवं अधिकारीगण, समस्त जिलों के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं परिवार न्यायालयों के न्यायाधीश, स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के सचिव तथा समस्त जिलों से नामित पैरा लीगल वॉलंटियर्स भी उपस्थित रहे।

द्वितीय राज्य स्तरीय सम्मेलन का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय लोक अदालत प्रणाली को और अधिक सशक्त किया जाएगा तथा त्वरित, सुलभ एवं किफायती न्याय उपलब्ध कराने हेतु न्यायपालिका एवं विधिक सेवा संस्थाओं की प्रतिबद्धता निरंतर बनी रहेगी।

महासमुंद/ अस्पृश्यता निवारणार्थ सद्भावना शिविर 30 दिसम्बर को ग्राम घोड़ारी में होगा आयोजित

महासमुंद/ अस्पृश्यता निवारणार्थ सद्भावना शिविर 30 दिसम्बर को ग्राम घोड़ारी में होगा आयोजित

महासमुंद/ अनुसूचित जातियों के हित में शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से अस्पृश्यता निवारणार्थ सद्भावना शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्रीमती शिल्पा साय ने बताया कि यह शिविर 30 दिसम्बर 2025 को महासमुंद विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम घोड़ारी में प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगा। शिविर में जिले के विभिन्न विभागों द्वारा सहभागिता करते हुए अपने-अपने विभागीय योजनाओं, सुविधाओं एवं लाभों की विस्तृत जानकारी आम नागरिकों को प्रदान की जाएगी। शिविर के दौरान अनुसूचित जाति वर्ग के लिए संचालित छात्रवृत्ति योजनाएं, आवास, स्वरोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों एवं आवेदन संबंधी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र के नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक संख्या में शिविर में उपस्थित होकर शासन की योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें एवं इसका लाभ उठाएं।

महासमुंद नगर पालिका क्षेत्र में 7 नवीन शासकीय उचित मूल्य दुकानों के लिए 2 जनवरी तक आवेदन आमंत्रित

महासमुंद नगर पालिका क्षेत्र में 7 नवीन शासकीय उचित मूल्य दुकानों के लिए 2 जनवरी तक आवेदन आमंत्रित

महासमुंद/ नगर पालिका क्षेत्र महासमुंद अंतर्गत कुल 30 वार्ड हैं, जिनमें वर्तमान में 23 शासकीय उचित मूल्य की दुकानें संचालित हो रही हैं। मुख्य नगर पालिका अधिकारी, महासमुंद से प्राप्त संयुक्त प्रस्ताव के अनुसार शहर के 7 वार्डों में नवीन शासकीय उचित मूल्य दुकानें खोले जाने की आवश्यकता बताई गई है। इस संबंध में शासकीय उचित मूल्य दुकानों के युक्तियुक्तकरण की कार्यवाही प्रारंभ की जा रही है।

खाद्य अधिकारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 की कंडिका 9.(7) के अंतर्गत नगर पालिका क्षेत्र महासमुंद के वार्ड क्रमांक 02 यतियतन लाल वार्ड, वार्ड क्रमांक 08 ठाकुर प्यारे लाल वार्ड, वार्ड क्रमांक 09 विश्वकर्मा वार्ड, वार्ड क्रमांक 10 डॉ. सुशील सेमुएल वार्ड, वार्ड क्रमांक 12 सरदार वल्लभ भाई पटेल वार्ड, वार्ड क्रमांक 22 पं. जयलाल प्रसाद वार्ड तथा वार्ड क्रमांक 29 पं. जवाहर लाल नेहरू वार्ड में नवीन शासकीय उचित मूल्य दुकान के संचालन हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

इन वार्डों में दुकान संचालन के लिए स्थानीय नगरीय निकाय, महिला स्व-सहायता समूह, प्राथमिक कृषि साख समितियां, छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 अथवा छत्तीसगढ़ स्वायत्त सहकारिता अधिनियम 1999 के अंतर्गत पंजीकृत अन्य सहकारी समितियां, राज्य शासन द्वारा विनिर्दिष्ट उपक्रम तथा पात्र वन सुरक्षा समितियां आवेदन कर सकती हैं। वन सुरक्षा समितियों का आवेदन की तिथि से कम से कम तीन माह पूर्व पंजीकृत एवं कार्यरत होना तथा सामाजिक-आर्थिक क्षेत्र में कार्य का अनुभव होना अनिवार्य होगा।

उक्त वार्डों में नवीन शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालन हेतु इच्छुक पात्र संस्थाएं विहित प्रारूप-1 में आवश्यक दस्तावेजों सहित अपना आवेदन पत्र 02 जनवरी 2026 तक कार्यालय कलेक्टर, खाद्य शाखा, महासमुंद में कार्यालयीन समय में प्रस्तुत कर सकते हैं। नगर पालिका क्षेत्र महासमुंद अंतर्गत उपरोक्त वार्डों में नवीन शासकीय उचित मूल्य दुकानों के युक्तियुक्तकरण तथा नई संचालन एजेंसियों की नियुक्ति की कार्यवाही छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 के प्रावधानों के तहत की जाएगी।

महासमुंद/ जिले में अवैध धान परिवहन, भंडारण एवं विक्रय पर बड़ी कार्रवाई अब तक 258 प्रकरणों से 30,126.24 क्विंटल धान जप्त

महासमुंद/ जिले में अवैध धान परिवहन, भंडारण एवं विक्रय पर बड़ी कार्रवाई अब तक 258 प्रकरणों से 30,126.24 क्विंटल धान जप्त

महासमुंद/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशन में जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था को पूरी पारदर्शिता एवं सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से अवैध धान परिवहन, भंडारण एवं विक्रय पर लगातार कड़ी कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन द्वारा गठित संयुक्त टीमों के माध्यम से जिलेभर में व्यापक जांच एवं निगरानी अभियान चलाया जा रहा है।

इस अभियान के तहत अब तक जिले में कुल 258 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनसे 30,126.24 क्विंटल धान जप्त किया गया है। जो कि राज्य में सर्वाधिक है। इनमें अवैध धान परिवहन, अवैध भंडारण एवं नियमों के विरुद्ध विक्रय से जुड़े 240 प्रकरण शामिल हैं। इसके अलावा जिले की 18 राइस मिलों का भौतिक सत्यापन कर अनियमितताएं पाए जाने पर उनके विरुद्ध भी प्रकरण दर्ज किए गए हैं। संयुक्त टीम में राजस्व, मंडी, सहकारिता एवं पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं, जो जिले के प्रमुख मार्गों, अंतर्राज्यीय जांच चौकियों, राइस मिलों एवं धान उपार्जन केंद्रों पर लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। धान खरीदी अवधि के दौरान विशेष सतर्कता बरती जा रही है ताकि किसानों के हितों की रक्षा हो सके।

कलेक्टर श्री लंगेह ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि निगरानी अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा नियमित रूप से जांच कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

प्लास्टिक से सड़क, पर्यावरण की सुरक्षा और विकास की नई डगर महासमुंद जिले में अभिनव पहल, पीएमजीएसवाय सड़कों में प्लास्टिक का उपयोग

प्लास्टिक से सड़क, पर्यावरण की सुरक्षा और विकास की नई डगर महासमुंद जिले में अभिनव पहल, पीएमजीएसवाय सड़कों में प्लास्टिक का उपयोग

महासमुंद/ महासमुंद जिला पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास की दिशा में एक अभिनव उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। जिले में अब प्लास्टिक कचरे को सड़क निर्माण में उपयोग समुचित ढंग से उपयोग किया जा रहा है। इससे सड़कों की गुणवत्ता बढ़ाई जा रही है, और पर्यावरण के लिए गंभीर समस्या बन चुके प्लास्टिक कचरे का भी सार्थक समाधान निकाला जा रहा है।

कलेक्टर श्री विनय लंगेह के मार्गदर्शन में जिले में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन का अभिनव प्रयोग करते हुए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। इस प्रयोग से सड़कों की टिकाऊ क्षमता में औसतन दो से तीन वर्षों की अतिरिक्त वृद्धि होगी ,आमतौर पर डामर से बनी सड़कों का औसत 4 से 5 साल टिकाऊ अवधि होती है, लेकिन प्लास्टिक मिश्रण से यह 6 से 7 साल तक चलेगी। इसके साथ ही प्रति किलोमीटर निर्माण लागत में भी उल्लेखनीय बचत होती है और लागत अपेक्षाकृत कम आती है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता श्री आशीष कुलदीप ने बताया कि वर्ष 2024-25 में जिले की 14 सड़कों, जिनकी कुल लंबाई लगभग 21 किलोमीटर है, में प्लास्टिक का मिश्रण उपयोग किया गया है। इसके सकारात्मक परिणामों को देखते हुए आने वाले समय में जिले की 44 सड़कों (लगभग 100 किलोमीटर) का निर्माण भी इसी तकनीक से किया जाएगा। इस प्रक्रिया के अंतर्गत जिले के अपशिष्ट प्रबंधन तंत्र एवं मनीकंचन केंद्र बागबाहरा से एकत्रित प्लास्टिक कचरे को मशीन से छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा जाता है। इस कार्य में दो महिला समूहों को भी रोजगार मिला है। इसके पश्चात पूरी सावधानी के साथ इसे गर्म डामर के मिश्रण में मिलाकर सड़क निर्माण में उपयोग किया जाता है। इस तकनीक से बनी सड़कें सामान्य सड़कों की तुलना में अधिक मजबूत, टिकाऊ और मौसम प्रतिरोधी होती है। पर्यावरण के लिए सबसे बड़ी चुनौती बने प्लास्टिक का इस तरह का उपयोग करना स्वच्छता, संरक्षण और विकासकृतीनों का संतुलित उदाहरण है। जिले के ग्राम झालखमरिया से कमार डेरा तक निर्मित सड़क तथा ग्राम जोरातराई से कमार डेरा तक निर्माणाधीन सड़क में भी प्लास्टिक मिश्रण का सफलतापूर्वक उपयोग किया गया है।

बसना/ महासमुंद जिला स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय मद्य निषेध दिवस सेजेस भंवरपुर में संपन्न

बसना/ महासमुंद जिला स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय मद्य निषेध दिवस सेजेस भंवरपुर में संपन्न

महासमुंद/ छत्तीसगढ़ रजत जयंती 2025 अंतर्गत बाबा गुरु घासीदास जयंती के अवसर पर आज 18 दिसंबर को जिला प्रशासन एवं श्रीमती संगीता सिंग उपसंचालक समाज कल्याण विभाग महासमुंद के तत्वाधान में अंतर्राष्ट्रीय मद्य निषेध दिवस का आयोजन स्वामी आत्मानंद शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल भंवरपुर में किया गया |

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अध्यक्ष जिला पंचायत महासमुंद श्रीमती मोंगरा किशन पटेल, अध्यक्षता कृष्ण कुमार सिदार सरपंच ग्राम पंचायत भंवरपुर, विशिष्ट तिथि श्रीमती देवकी पुरुषोत्तम दीवान सभापति जिला पंचायत महासमुंद, श्री लोकनाथ बारी सदस्य जिला पंचायत महासमुंद, कृष्ण कुमार पटेल सदस्य जनपद पंचायत बसना, तिलकराम पटेल अध्यक्ष आदर्शवादी सेवा समिति बरडीह, मिलाप निराला प्रतिनिधि अध्यक्ष जनपद पंचायत बसना, श्रीमती संतोषी मोहरसाय ओगरे सरपंच ग्राम पंचायत नौगढ़ी, मनोज नंद प्राचार्य स्वामी आत्मानंद शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल भंवरपुर, अध्यक्ष भारत माता वाहिनी धनापाली श्रीमती भागवती पटेल, विजय कुमार सिंहा, ए पी द्विवेदी कार्यालय समाज कल्याण विभाग महासमुंद, राज नारायण शर्मा, गिरधारी पटेल, रूप सिंह सिदार, जयराम सिदार, प्रेमचंद बंजारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बसना आदि मंचासीन रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ बाबा गुरु घासीदास एवं मां भारती के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर पूजा अर्चना के साथ किया गया।

मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित आदर्शवादी सेवा समिति बरडीह के संस्थापक/ संचालक दुखनाशन प्रधान ने समाज में आपसी सौहार्दव समरसता का संदेश देकर मानव जाति के कल्याण हेतु संघर्ष करने वाले सतनाम पंथ के प्रवर्तक संत शिरोमणि पूज्य बाबा गुरु घासीदास जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा मनखे मनखे एक समान का प्रेरक संदेश देने वाले बाबा गुरु घासीदास जी ने अपने जीवन के प्रमुख सिद्धांतों में नशाखोरी जैसे बुराइयों से दूर रहने का उपदेश दिया। गुरु घासीदास जानते थे सभ्य समाज की परिकल्पना नशापन से दूर रहकर ही किया जा सकता है।

गुरु बाबा घासीदास के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने तथा मन वचन और कर्म से अहिंसा करने तथा सभी प्राणियों के प्रति दया और करुणा रखने के लिए प्रेरित किया। कम उम्र की बच्चों द्वारा नशापन खासकर शराब सेवन की ओर अग्रसर को वर्तमान समय के लिए दुर्भाग्य जनक बताया। प्रधान द्वारा आगे कहा यदि आपको कोई दोस्ती की कसम देकर शराब पिलाने की कोशिश करें, तो आप उसे अपनी दोस्ती की कसम देकर शराब न पीने की सलाह देने की बात कही।

मुख्य अतिथि श्रीमती मोगरा किशन पटेल द्वारा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा गया जब तक हम स्वयं अपने घर से नशा से दूर रहने का प्रयास न करें तब तक नशामुक्ति का यह कार्यक्रम सफल नहीं हो सकता , बाबा गुरु घासीदास जी ने जीवन पर्यंत समाज सुधार का कार्य क्या आज हमारा भी कर्तव्य बनता है कि उनके बताए मार्ग में चलकर अन्य को भी प्रेरित करें।

कार्यक्रम को जिला पंचायत सभापति श्रीमती देवकी पुरुषोत्तम दीवान द्वारा गांव-गांव में कम उम्र के बच्चों द्वारा शराब सेवन की प्रवृत्ति जो बढ़ रही है उस पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा गया सर्वप्रथम बच्चों को नशा से दूर रखने के लिए विशेष प्रयास करने होंगे , उन्होंने उदाहरण स्वरूप बताया कि घर से निकलते वक्त अपने बच्चों को हम सावधानी पूर्वक आने जाने की बात इसलिए करते हैं क्योंकि राह में अनेक शराब सेवन करने वाले व्यक्तियों द्वारा कहीं दुर्घटना न कर दे। उपस्थित लोगों को नशा से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया।

जनपद सदस्य जनपद पंचायत बसना कृष्ण कुमार पटेल द्वारा संबोधित करते हुए कहा नशापान , शराब सेवन की पुरातन प्रथा को जब तक हम मूल रूप से समाप्त नहीं कर देते तब तक विकास संभव नहीं है |मंच के माध्यम से सरकार को अवगत कराना चाहा की सरकार द्वारा ऐसी कोई ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है जिससे शराब रूपी अभिशाप से लोग वंचित रह कर और अपनी जीवन यापन शांतिपूर्वक कर सकें। कार्यक्रम को जिला पंचायत सदस्य लोकनाथ बारी,जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि मिलाप निराला, प्राचार्य स्वामी आत्मानंद शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भंवरपुर ने भी संबोधित किया। मुख्य अतिथि द्वारा उपस्थित लोगों को नशा मुक्ति का संकल्प दिलाया गया।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सरपंच ग्राम पंचायत भंवरपुर श्री कृष्ण कुमार सिदार, पंचगण, विजय कुमार सिंहा, ए पी द्विवेदी कार्यालय समाज कल्याण विभाग महासमुंद, राज नारायण शर्मा, गिरधारी पटेल रूप सिंह सिदार, जयराम सिदार, प्रेमचंद बंजारा, सचिव ग्राम पंचायत भंवरपुर देवधर चौहान, भुवनेश्वर चौधरी सचिव ग्राम पंचायत नौगढ़ी, ललित भोई सचिव ग्राम पंचायत उमरिया, पुरुषोत्तम दीवान, भारत माता वाहिनी के अध्यक्ष मोली बाई भोई बिछिया, भागवती पटेल धनापाली, रथबाई ओगरे नौगढ़ी, बसंती चौहान लंबर, शुभलता शर्मा भंवरपुर, पंचगण ग्राम पंचायत भंवरपुर एवं ग्रामवासी भंवरपुर का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम संचालन पुरुषोत्तम दीवान द्वारा किया गया।

आज का राशिफल: जानिए राशियों का हाल सफलता या सावधानी—क्या है आपके लिए?

आज का राशिफल: जानिए राशियों का हाल सफलता या सावधानी—क्या है आपके लिए?

मेष(अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो): रोजगार मिलेगा। अप्रत्याशित लाभ होगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। विवाद न करें। नौकरी करने वालों को ऐच्छिक स्थानांतरण एवं पदोन्नति मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें।

राशि फलादेश

वृषभ(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो): फालतू खर्च होगा। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। वाणी पर नियंत्रण रखें। चिंता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। नवीन मुलाकातों से लाभ होगा। आमदनी बढ़ेगी। रुका धन मिलने से निवेश में वृद्धि होने के योग हैं। उदर संबंधी विकार हो सकते हैं।

राशि फलादेश

मिथुन(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह): विवाद से क्लेश होगा। शारीरिक कष्ट संभव है। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा सफल रहेगी। आपसी मतभेद, मनमुटाव बढ़ेगा। किसी से मदद की उम्मीद नहीं रहेगी। आर्थिक समस्या बनी रहेगी। व्यसनाधीनता से बचें। व्यापार, रोजगार मध्यम रहेगा।

राशि फलादेश

कर्क(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो): घर-बाहर तनाव रहेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। जल्दबाजी न करें। नई योजना बनेगी। नए अनुबंध होंगे। किसी मामले में कटु अनुभव मिल सकते हैं। सरकारी, कानूनी विवाद सुलझेंगे। जोखिम, लोभ, लालच से बचें। नया काम, व्यवसाय आदि की बात बनेगी।

राशि फलादेश

सिंह(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे): धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। यात्रा सफल रहेगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। कानूनी बाधा दूर होकर लाभ होगा। पूँजी निवेश बढ़ेगा। पहले किए गए कार्यों का लाभदायी फल आज मिल सकेगा। संतान के कामों से खुशी होगी। व्यापार-व्यवसाय में तरक्की होगी।

राशि फलादेश

कन्या(ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो): चोट, चोरी व विवाद आदि से हानि संभव है। पुराना रोग उभर सकता है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। परिवार की स्थिति अच्छी रहेगी। रचनात्मक काम करेंगे। कर्मचारियों पर निगाह रखें। परिवार की समस्या का उचित समाधान होगा।

राशि फलादेश

तुला(रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते): शारीरिक कष्‍ट से बाधा संभव है। भागदौड़ रहेगी। घर-परिवार का सहयोग प्राप्त होगा। राजकीय सहयोग मिलेगा। कार्यकुशलता सहयोग से लाभान्वित होंगे। काम में मन लगेगा। स्वयं का सोच अनुकूल रहेगा। रिश्तेदारों से संबंधों की मर्यादा बनाए रखें।

राशि फलादेश

वृश्चिक(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू): चोट व रोग से बाधा संभव है। बेचैनी रहेगी। भूमि व भवन संबंधी बाधा दूर होगी। रोजगार मिलेगा। संतान के स्वास्थ्य में सुधार होगा। सोचे कामों में मनचाही सफलता मिलेगी। व्यापारिक निर्णय समय पर लेना होंगे। पुरानी बीमारी उभर सकती है।

राशि फलादेश

धनु(ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे): पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। विद्यार्थी वर्ग को सफलता मिलेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रमाद न करें। नए कार्यों, योजनाओं की चर्चा होगी। लाभदायी समाचार आएँगे। समाज में आपके कार्यों की प्रशंसा होगी। साहस, पराक्रम बढ़ेगा। विश्वासप्रद माहौल रहेगा।

राशि फलादेश

मकर(भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी): पुराना रोग उभर सकता है। भागदौड़ रहेगी। दु:खद समाचार मिल सकता है। धैर्य रखें। अस्वस्थता बनी रहेगी। खुद के प्रयत्नों से ही जनप्रियता एवं सम्मान मिलेगा। रोजगार के क्षेत्र में संभावनाएँ बढ़ेंगी। स्थायी संपत्ति संबंधी खटपट हो सकती है।

राशि फलादेश

कुंभ(गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा): प्रयास सफल रहेंगे। प्रशंसा प्राप्त होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। वाणी पर नियंत्रण रखें। लाभ होगा। व्यवसाय अच्छा चलेगा। कार्य क्षेत्र में नई योजनाओं से लाभ होगा। लगन, मेहनत का उचित फल मिल सकेगा। क्रोध एवं उत्तेजना पर संयम रखें। विवाद सुलझेंगे।

राशि फलादेश

मीन(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची): पुराने संगी-साथियों से मुलाकात होगी। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। लाभ होगा। परिश्रम का पूरा परिणाम मिलेगा। अच्छी व सुखद स्थितियाँ निर्मित होंगी। विरोधी आपकी छवि खराब करने का प्रयास कर सकते हैं। व्यावसायिक सफलता से मनोबल बढ़ेगा।

 

सरायपाली : भारी मात्रा मे बस्तर आर्ट मशीनों-औजारों सहित लाखों का फर्नीचर जब्त, मार्ट को सील सील कर दिया गया है

सरायपाली : बस्तर आर्ट मशीनों-औजारों सहित लाखों का फर्नीचर जब्त, मार्ट को सील सील कर दिया गया है

महासमुंद 18 दिसंबर 2025/ सरायपाली वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम बंसुला स्थित जगदम्बा फर्नीचर मार्ट में वन विभाग द्वारा अवैध काष्ठ के विरुद्ध कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई वनमंडलाधिकारी श्री मयंक पाण्डे एवं संयुक्त वनमंडलाधिकारी सरायपाली श्री यू.आर. बंसत के निर्देशन में की गई।

मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर वन परिक्षेत्र अधिकारी सरायपाली श्री प्रत्युष टाण्डेय द्वारा कर्मचारियों की टीम गठित कर योजनाबद्ध तरीके से फर्नीचर मार्ट में तलाशी वारंट के माध्यम से नियमानुसार जांच की गई।

तलाशी के दौरान अवैध सागौन चिरान 334 नग एवं साल चिरान 140 नग (लगभग 1.540 घन मीटर) बरामद किया गया। इसके अतिरिक्त फर्नीचर मार्ट के पीछे लगभग 700 मीटर क्षेत्र में अवैध सागौन लट्ठा 84 नग (4.000 घन मीटर) एवं अवैध साल लट्ठा 31 नग (2.350 घन मीटर) जब्त किया गया। कुल अवैध काष्ठ की मात्रा लगभग 7.890 घन मीटर पाई गई।

कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में तैयार फर्नीचर भी जब्त किया गया, जिसमें डायनिंग चेयर, सोफा, मंदिर, दरवाजा, खिड़की फ्रेम, टी-टेबल, झूला, दिवान फ्रेम एवं बस्तर आर्ट से निर्मित फर्नीचर शामिल हैं। साथ ही बढ़ईगिरी के विभिन्न औजार एवं विद्युत चलित मशीनें भी जब्त की गईं। जब्त काष्ठ एवं फर्नीचर की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 7

से 8 लाख रुपये बताई गई है। प्रकरण में संबंधित मशीनों सहित फर्नीचर मार्ट को सील कर भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 72(1)(ग) एवं छत्तीसगढ़ वनोपज (व्यापार विनियमन) अधिनियम 1969 की धारा 15(1) के अंतर्गत वन अपराध प्रकरण के तहत पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। इस कार्रवाई में वनपाल एवं वनरक्षकों सहित सुरक्षा श्रमिकों का सराहनीय योगदान रहा।

महासमुंद/सरायपाली विकासखंड के आँगनबाड़ी केंद्रो मे सुपोषण चौपाल का आयोजन, बच्चो, महिलाओं को सुपोषण चौपाल मे बताया जा रहा पौष्टिक आहार का महत्व, बच्चे के जीवन के पहले 1000 दिन बाल विकास के लिए एक महत्वपूर्ण अवधि

महासमुंद/सरायपाली विकासखंड के आँगनबाड़ी केंद्रो मे सुपोषण चौपाल का आयोजन, बच्चो, महिलाओं को सुपोषण चौपाल मे बताया जा रहा पौष्टिक आहार का महत्व, बच्चे के जीवन के पहले 1000 दिन बाल विकास के लिए एक महत्वपूर्ण अवधि

महासमुंद/सरायपाली :- महासमुंद जिले के सरायपाली विकासखंड के आँगनबाड़ी केंद्रो मे महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वाधान में समुदाय आधारित गतिविधि सुपोषण चौपाल के माध्यम से गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं को उचित स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधित सकारात्मक व्यवहारों में सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने सुपोषण चौपाल का आयोजन किया गया, महिला बाल विकास की पर्यवेक्षक श्रीमती दीक्षा बारीक (प्रशासनिक प्रभारी सरायपाली) द्वारा महिलाओं को पोषण आहार से जुड़ी जानकारी दिया गया । आहार के बारे में बताते हुए कहा कि गर्भावस्था और प्रसव के बाद महिलाओं को ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है, क्योंकि इस समय शरीर को उचित मात्रा में पोषक तत्व नहीं मिलते और माता व नवजात शिशु कुपोषण का शिकार हो सकते हैं। बच्चे के जीवन के पहले 1,000 दिनों पर केंद्रित यह बाल विकास के लिए एक महत्वपूर्ण अवधि है। पोषण पखवाड़ा स्वास्थ्यवर्धक भोजन विकल्पों को बढ़ावा देकर हर बच्चे को स्वस्थ शुरुआत का हक है, हर माँ को उचित पोषण का हक है और हर परिवार को पौष्टिक भोजन मिलना चाहिए। फिर भी, भारत में लाखों लोगों के लिए कुपोषण एक खामोश संकट बना हुआ है – जो न केवल व्यक्तियों को बल्कि पूरे देश के भविष्य को प्रभावित करता है। परिवर्तनकारी कार्रवाई की आवश्यकता को पहचानते हुए, एक प्रमुख कार्यक्रम जिसका उद्देश्य समग्र दृष्टिकोण के माध्यम से महिलाओं और बच्चों के लिए पोषण परिणामों में सुधार करना है। इसकी प्रमुख पहलों में एक सुपोषण चौपाल कुपोषण को दूर करने में जागरूकता बढ़ाने और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए एक शक्तिशाली मंच के रूप में है।

इस समय के दौरान अच्छा पोषण, प्यार, देखभाल और शुरुआती सीखने के अनुभव उन्हें एक स्वस्थ, स्मार्ट और खुशहाल व्यक्ति बनने में मदद कर सकते हैं। जीवन के पहले 1000 दिनों पर विशेष जोर दिया है, जो वास्तव में किसी भी बच्चे के लिए जादुई खिड़की है।