अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना डॉ. योगेश बारापात्रे की देखरेख में आयोजित होगा विशेष यूरोलॉजी कैंप शुक्रवार 23 जनवरी शाम 5 बजे से

अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना डॉ. योगेश बारापात्रे की देखरेख में आयोजित होगा विशेष यूरोलॉजी कैंप शुक्रवार 23 जनवरी शाम 5 बजे से

बसना, महासमुंद।अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना में शुक्रवार 23 जनवरी 2026 को विशेष यूरोलॉजी कैंप का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर प्रसिद्ध यूरो सर्जन डॉ. योगेश बारापात्रे (MBBS, MS, MCh) की देखरेख में आयोजित होगा। कैंप का समय शाम 5 बजे से निर्धारित है।

इस शिविर में किडनी, मूत्र एवं प्रोस्टेट से संबंधित रोगों की जांच, परामर्श एवं ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। मरीजों की जांच शुल्क मात्र ₹700 रखा गया है।

शिविर में उपलब्ध सेवाएं:

किडनी की पथरी का उपचार एवं सर्जरी

प्रोस्टेट रोग का इलाज

किडनी में सूजन व सिकुड़न का उपचार

पुरुषों में बांझपन एवं नपुंसकता का इलाज

मूत्राशय संक्रमण एवं मूत्र नली सिकुड़न का उपचार

किडनी, प्रोस्टेट एवं टेस्टिस कैंसर का इलाज

पेशाब में जलन, रुकावट, रिसाव एवं खून आने का उपचार

पीडियाट्रिक एवं इमरजेंसी यूरोलॉजी सेवाएं

शिविर के अंतर्गत सीटी स्कैन एवं एक्स-रे जांच में 50 प्रतिशत की छूट भी दी जाएगी। बीपीएल कार्ड एवं आयुष्मान कार्ड धारकों को विशेष सुविधा प्रदान की जाएगी।

ऑपरेशन के इच्छुक मरीजों को 22 जनवरी तक अपनी सभी जांच रिपोर्ट के साथ पंजीयन कराने की अपील की गई है। शिविर में भाग लेने के लिए अग्रिम पंजीयन अनिवार्य रहेगा।

अधिक जानकारी एवं पंजीयन हेतु संपर्क करें:84618-11000, 77708-68473, 77730-86100

महासमुंद/ रायपुर संभागायुक्त ने बिरकोनी में पैरा आर्ट प्रशिक्षण का किया समापन महिला समूहों को मार्केटिंग और आत्मनिर्भरता के दिए मंत्र

महासमुंद/ रायपुर संभागायुक्त ने बिरकोनी में पैरा आर्ट प्रशिक्षण का किया समापन महिला समूहों को मार्केटिंग और आत्मनिर्भरता के दिए मंत्र

महासमुंद/ राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत महासमुंद जिले के बिरकोनी में आयोजित महिला समूहों के पैरा आर्ट प्रशिक्षण शिविर का आज समापन हुआ। इस अवसर पर रायपुर संभाग के संभागायुक्त श्री महादेव कावरे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने महिला समूहों द्वारा धान के पैरा से बनाई गई कलाकृतियों का अवलोकन किया और उनकी सराहना की। इस अवसर पर जिला पंचायत महासमुंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हेमंत नंदनवार और बिरकोनी के सरपंच उपस्थित थे।

इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 32 महिलाओं ने भाग लिया। सहेली हस्तशिल्प नवागढ़ की टीम द्वारा महिलाओं को धान के पैरा से विभिन्न आकर्षक कलाकृतियाँ और सजावटी सामान बनाने का गहन प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण “वेस्ट टू वेल्थ“ (कचरे से कंचन) की अवधारणा को साकार करने की दिशा में एक कदम है।

समापन अवसर पर संबोधित करते हुए संभागायुक्त श्री कावरे ने कहा कि केवल प्रशिक्षण लेना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि निरंतर अभ्यास और कड़ी मेहनत से इसे आजीविका का साधन बनाना मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि मेहनत के साथ प्राप्त किए गए इस हुनर को भूलना नहीं है। आप सभी को यह लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए कि इस कला के माध्यम से आप प्रति माह कम से कम 6 से 7 हजार रुपये की अतिरिक्त आमदनी अर्जित कर सकें।

उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के संबंध में संभागायुक्त ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि इन कलाकृतियों की बिक्री के लिए आधुनिक तकनीकों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाना चाहिए। साथ ही, राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर इन उत्पादों के स्टॉल लगाने और उन्हें प्रदर्शित करने का सुझाव दिया, ताकि स्थानीय कला को व्यापक पहचान मिल सके और महिलाओं की आय में वृद्धि हो। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा प्रशिक्षित महिलाओं को प्रमाण पत्र प्रदाय किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

महासमुंद/ जिला स्तरीय गठित संयुक्त टीम द्वारा बेलसोंडा में दो औद्योगिक केन्द्रों का किया निरीक्षण अनियमितता पर प्रबंधन एवं ठेकेदारों को नोटिस जारी

महासमुंद/ जिला स्तरीय गठित संयुक्त टीम द्वारा बेलसोंडा में दो औद्योगिक केन्द्रों का किया निरीक्षण अनियमितता पर प्रबंधन एवं ठेकेदारों को नोटिस जारी

महासमुंद/ कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री विनय कुमार लंगेह के आदेश के परिपालन में जिला स्तरीय गठित संयुक्त टीम द्वारा आज महासमुंद विकासखण्ड अंतर्गत भगवती इंडस्ट्रीज एव साबू एल०पी०जी० एक्यूपमेंट प्रा०लि० बेलसोंडा का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिला परिवहन अधिकारी जिला श्री रामकुमार ध्रुव, श्रम पदाधिकारी श्रम विभाग श्री डी०एन० पात्र, श्रम उप निरीक्षक श्री बेलारसन बघेल, उपस्थित रहे।

भगवती इण्डस्ट्रीज में श्रम विभाग द्वारा संविदा श्रमिक अधिनियम, 1970, न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976, वेतन भुगतान अधिनियम 1936, के अन्तर्गत जांच/निरीक्षण किया गया। 03 ठेकेदार कार्यरत पाए गए। जिनके द्वारा लाइसेंस लिया जाना नही पाया गया। उक्त संबंध में ठेकेदारों को लाइसेंस लिये जाने हेतु नोटिस जारी किया जा रहा है। ओवर टाईम का रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया गया। सूचना बोर्ड प्रदर्शित नही पाया गया। जिसके संबंध में प्रबंधन एवं ठेकेदार को नोटिस जारी किया जा रहा है। जिला परिवहन विभाग की जांच में कोई भी अनियमितता नहीं पाई गई। इसी प्रकार साबू एल०पी०जी० एक्यूपमेंट प्रा०लि० बेलसोंडा का निरीक्षण किया गया।

श्रम विभाग की जांच में ठेकेदार नियोजित नहीं पाया गया। फैक्ट्री रोल में कर्मचारी नियोजित पाए गए। जिनका रिकार्ड प्रस्तुत नहीं किया गया। सूचना बोर्ड प्रदर्शित नहीं पाया गया। इस संबंध में प्रबंधन को नोटिस जारी किया जा रहा है।

बसना में पटवारी निलंबित, अवैध धान विक्रय मामले में कार्रवाई

बसना में पटवारी निलंबित, अवैध धान विक्रय मामले में कार्रवाई

महासमुंद/ तहसील बसना अंतर्गत ग्राम ठाकुरपाली में धान विक्रय से जुड़े मामले में लापरवाही सामने आने पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बसना श्री हरिशंकर पैंकरा ने पटवारी को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई नायब तहसीलदार बसना की जांच प्रतिवेदन के आधार पर की गई है।

जांच प्रतिवेदन के अनुसार पटवारी हल्का नंबर 47, राजस्व निरीक्षक मंडल गढ़फुलझर में पदस्थ श्री हरिशंकर नायक द्वारा कृषक श्री गिरधारी डड़सेना पिता राम प्रसाद के नाम पर धान विक्रय हेतु भौतिक सत्यापन किया गया था। मौके पर 108 क्विंटल के स्थान पर 70 क्विंटल (175 बोरी) धान पाया गया, जबकि संबंधित कृषक ने उक्त धान का स्वामित्व स्वीकार नहीं किया। जांच में यह भी सामने आया कि किसी अन्य कृषक के धान को साक्ष्य कृषक बताकर खाते में बेचने का प्रयास किया जा रहा था।

मामले में पटवारी की गंभीर लापरवाही स्पष्ट होने पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन प्राप्त जवाब संतोषप्रद नहीं पाया गया। इसके बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत अनुविभागीय अधिकारी (रा.) बसना द्वारा तत्काल प्रभाव से पटवारी श्री हरिशंकर नायक को निलंबित कर दिया गया।

निलंबन अवधि में पटवारी का मुख्यालय तहसील कार्यालय बसना नियत किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। जिला प्रशासन ने निर्देशित किया है कि धान उपार्जन और विक्रय प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

पिथौरा/बिना सक्षम अनुमति के ग्राम भगत देवरी मेंसंचालित किए जा रह ब्लड डोनेशन कैंप पर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई 07 यूनिट रक्त जब्त

पिथौरा/बिना सक्षम अनुमति के ग्राम भगत देवरी मेंसंचालित किए जा रह ब्लड डोनेशन कैंप पर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई 07 यूनिट रक्त जब्त

महासमुंद/ जिले के पिथौरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम भगत देवरी में बिना अनुमति संचालित किए जा रहे ब्लड डोनेशन कैंप पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा सख्त कार्रवाई की गई। प्राप्त शिकायत के आधार पर 21 जनवरी को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के निर्देशन में संयुक्त टीम द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण दल में बीएमओ पिथौरा डॉ. तारा अग्रवाल, औषधि निरीक्षक श्री अवधेष भारद्वाज, जिला परियोजना समन्वयक श्री ओम प्रकाश धुरंधर एवं लैब टेक्नीशियन श्री खिलेश्वर चंद्राकर शामिल थे।

टीम द्वारा श्री संदीप अग्रवाल के बाड़े में, लाडो किराना के पास आयोजित ब्लड डोनेशन कैंप का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि जिस स्थल पर रक्तदान शिविर आयोजित किया जा रहा था, वह निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं था। शिविर में शासन के निर्देशानुसार आवश्यक चिकित्सक एवं प्रशिक्षित स्टाफ भी उपस्थित नहीं थे। साथ ही, बिना सक्षम अनुमति के अवैधानिक रूप से ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन किया जा रहा था।

जांच में ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 एवं नियम 1945, साथ ही NACO and NBTC के विधिक प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया। गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए शिविर को तत्काल प्रभाव से बंद कराया गया। मौके से 07 यूनिट रक्त जब्त किया गया, जिसे उचित तापमान में संग्रहित नहीं किया गया था। स्वास्थ्य विभाग ने निर्देशित किया है कि बिना अनुमति एवं निर्धारित मानकों के विपरीत किसी भी प्रकार का ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित करना कानूनन अपराध है। ऐसी गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

महासमुंद/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने धान खरीदी केंद्र किशनपुर एवं सिंघनपुर का किया औचक निरीक्षण

महासमुंद/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने धान खरीदी केंद्र किशनपुर एवं सिंघनपुर का किया औचक निरीक्षण

महासमुंद/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह द्वारा जिले में धान खरीदी कार्य को पारदर्शिता एवं सुचारू रूप से जारी रखने के लिए लगातार सघन दौरा किया जा रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने धान खरीदी केंद्र किशनपुर पिथौरा एवं सिंघनपुर बसना का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र पर शेष धान की मात्रा, दैनिक खरीदी लक्ष्य, उठाव की स्थिति एवं लंबित पंजीकृत किसानों की जानकारी ली।

कलेक्टर श्री लंगेह ने निर्देश दिए कि अब धान खरीदी के लिए केवल 5 दिन शेष रह गए है, जिले में धान खरीदी के लिए शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करना प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि शेष दिनों में मिशन मोड में कार्य करते हुए जिन किसानों की अब तक खरीदी नहीं हुई है, उन्हें व्यक्तिगत रूप से सूचना देकर निश्चित तिथि व समय स्लॉट निर्धारित किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त श्रमिक व हमाल की अस्थायी व्यवस्था की जाए। केंद्रों पर जिला स्तरीय एवं सहकारी समिति के अधिकारी सतत निगरानी रखें तथा भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करें।

धान की गुणवत्ता संबंधी आपत्तियों का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया जाए, किसानों को अनावश्यक रूप से प्रतीक्षा न कराई जाए। धान खरीदी से संबंधित ऑनलाइन एंट्री उसी दिन पूर्ण की जाए, किसी भी स्थिति में लंबित न रखी जाए। खरीदी समाप्ति के साथ ही तत्काल समापन रिपोर्ट, भौतिक सत्यापन एवं अभिलेख मिलान सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर कमीशन, अवैध वसूली या अनधिकृत रोक-टोक की शिकायत मिलने पर संबंधित के विरूद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने केंद्र पर उपस्थित किसानों से सीधे चर्चा कर कहा कि यदि किसी किसान को अंतिम दिनों में समस्या आती है तो उसकी तत्काल सुनवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि धान खरीदी का समापन पूरी पारदर्शिता, अनुशासन के साथ किया जाए।

उल्लेखनीय है कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में राज्य शासन के मंशानुरूप जिले में धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से जारी है। महासमुंद जिले में 21 जनवरी की स्थिति में 182 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से कुल 8 लाख 9 हजार 295 मीट्रिक टन धान की खरीदी किया जा चुका है। अब तक कुल 5 लाख 18 हजार 507 मीट्रिक टन धान का डी.ओ. जारी हो चुका है। जिसके विरूद्ध 2 लाख 97 हजार 466 मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है। अब तक एक लाख 28 हजार 68 किसानों द्वारा धान का विक्रय कर लिया गया है, जो पंजीकृत किसानों की संख्या का 80 प्रतिशत हैं।

महासमुंद/ राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम अन्तर्गत राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन

महासमुंद/ राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम अन्तर्गत राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन

महासमुंद/ राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम अन्तर्गत 21 जनवरी को शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर में कोटपा एक्ट 2003 (सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम 2003) विषय पर राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में समस्त जिले के अंतर्विभागीय एक-एक प्रतिभागियों को शामिल किया गया।

प्रशिक्षण में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, परिवहन विभाग व नगरीय प्रशासन के एक-एक प्रतिभागियों को नामांकित किया गया था। राज्य स्तरीय कार्यशाला के उपरांत कोटपा एक्ट 2003 (सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम 2003) विषय पर जिले के संयुक्त प्रवर्तन दल के द्वारा कोटपा एक्ट 2003 के तहत चालानी कार्यवाही कर उत्कृष्ट कार्य करने पर सम्मानित किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर आई. नागेश्वर राव के निर्देशन, डीपीएम श्रीमती नीलू घृतलहरे के मार्गदर्शन व जिला नोडल अधिकारी एन टी सी पी डॉक्टर छत्रपाल चंद्राकर सर के सहयोग से प्रतिमाह संयुक्त प्रवर्तन दल के द्वारा कोटपा एक्ट 2003 के तहत चालानी कार्यवाही की जाती है।

महासमुंद/ बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सख्ती से महासमुंद में बाल क्रूरता मामले के आरोपी गिरफ्तार

महासमुंद/ बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सख्ती से महासमुंद में बाल क्रूरता मामले के आरोपी गिरफ्तार

महासमुंद/ छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा की त्वरित एवं सख्त कार्रवाई के चलते महासमुंद जिले में एक बच्चे के साथ क्रूरता के गंभीर मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित हुई है। यह प्रकरण बाल अधिकारों के संरक्षण की दिशा में आयोग की सक्रिय भूमिका का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, महासमुंद जिले के एक गांव में समाज के एक रसूखदार परिवार द्वारा एक बच्चे को निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटने की सूचना आयोग को मिली थी। बच्चे पर 600 रुपये की चोरी का झूठा आरोप लगाया गया था, जो जांच में पूरी तरह असत्य पाया गया। सूचना मिलते ही आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा स्वयं देर रात गांव पहुंचीं और पीड़ित परिवार से भेंट कर पूरे मामले की विस्तृत जांच की। जांच में यह भी सामने आया कि बच्चे के साथ मारपीट के बाद उसके पिता को भी गंभीर रूप से प्रताड़ित किया गया, जिससे आहत होकर पिता ने आत्महत्या कर ली। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉ. शर्मा ने तत्काल पुलिस महानिदेशक से समन्वय कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके फलस्वरूप आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

आयोग ने प्रकरण में तत्कालीन थाना प्रभारी की गंभीर लापरवाही पर दंडात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की थी। पुलिस अधीक्षक महासमुंद द्वारा थानेदार को निंदा की शास्ति दी गई, जिसे आयोग ने अपर्याप्त मानते हुए पुलिस मुख्यालय से कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया भी प्रारंभ करवाई है।

उल्लेखनीय है कि इस मामले में तीनों आरोपियों के विरुद्ध चालान प्रस्तुत कर दिया गया है तथा प्रमुख आरोपी को जनवरी माह के मध्य तक जेल में रखा गया है। आयोग की अनुशंसा पर आरोपियों के खिलाफ बी.एन.एस. की धारा 108, 127(2), 115(2), 351(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। इसके साथ ही आयोग ने बाल कल्याण समिति एवं जिला बाल संरक्षण दल को निर्देशित किया है कि पीड़ित बच्चे की संपूर्ण देखभाल, शिक्षा एवं पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए तथा पीड़ित क्षतिपूर्ति मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जाए। आयोग ने न्यायालयीन प्रकरण में दोषियों के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 तथा यदि बाल श्रम प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत निषेधित श्रम पाया जाता है, तो उससे संबंधित सुसंगत धाराओं को अभियोग पत्र में शामिल करने के भी निर्देश पुलिस प्रशासन को दिए हैं।

आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने स्पष्ट किया कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न या शोषण को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सरायपाली: 50 लाख का चुना लगाकर धान खरीदी केन्द्र के प्रभारी फरार

सरायपाली: 50 लाख का चुना लगाकर धान खरीदी केन्द्र के प्रभारी फरार

महासमुंद 20 जनवरी 2026/ खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत धान उपार्जन केन्द्र केना में अनियमितता के मामले पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सरायपाली के आदेशानुसार गठित संयुक्त जांच टीम द्वारा 18 जनवरी 2026 को केंद्र का भौतिक सत्यापन किया गया। जिसमें भारी मात्रा में धान एवं बारदाना की कमी पाई गई। जांच प्रतिवेदन के अनुसार ऑनलाइन रिपोर्ट में जहां 29,628 नग बारदाना (11,851.20 क्विंटल धान) दर्ज था, वहीं भौतिक सत्यापन में मात्र 25,615 नग बारदाना (10,246 क्विंटल) धान पाया गया। इस प्रकार 4,013 नग बारदाना (1,605.20 क्विंटल) धान की कमी

सामने आई। कमी की अनुमानित राशि 49,76,120 रुपये है। उक्त कृत्य को देखते हुए कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार धान उपार्जन केन्द्र केना के प्रभारी अधिकारी श्री गोपाल नायक के विरूद्ध एफआईआर दर्ज किया गया है। इसके बाद आरोपी फरार चल रहा है

 

जांच प्रतिवेदन में बताया गया है कि, धान उपार्जन में प्रयुक्त नए एवं पुराने बारदाने में भी अनियमितता पाई गई। जांच में 2007 नग नया बारदाना (कीमत 15,654.60 रुपये) एवं 2006 नग पुराना बारदाना (कीमत 50,150 रुपये) का उपयोग अनियमित रूप से पाया गया। इस प्रकार कुल मिलाकर शासन को 50,41,924.60 रुपये की क्षति होना जांच में सामने आया है। संयुक्त जांच टीम द्वारा मौके पर रखे धान के स्टेकों का रेंडम तौल भी किया गया, जिसमें बोरी का वजन मानक से कम पाया गया। जांच प्रतिवेदन से सहमत होते हुए कलेक्टर को

अनुशासनात्मक एवं दंडात्मक कार्रवाई की अनुशंसा भेजी गई।
तत्पश्चात कार्यालय उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं, जिला महासमुंद के आदेश के आधार पर शाखा प्रबंधक, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित रायपुर, शाखा तोरेसिंहा द्वारा थाना प्रभारी, थाना सरायपाली को लिखित आवेदन प्रस्तुत कर धान उपार्जन केन्द्र केना के प्रभारी श्री गोपाल नायक निवासी ग्राम इच्छापुर के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज किया गया है।

महासमुंद : 600 रुपये की चोरी के झूठा आरोप मे रसूखदार परिवार द्वारा एक बच्चे को निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटने बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सख्ती से महासमुंद में बाल क्रूरता मामले के आरोपी गिरफ्तार

महासमुंद : 600 रुपये की चोरी के झूठा आरोप मे रसूखदार परिवार द्वारा एक बच्चे को निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटने बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सख्ती से महासमुंद में बाल क्रूरता मामले के आरोपी गिरफ्तार

महासमुंद। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा की त्वरित एवं सख्त कार्रवाई के चलते महासमुंद जिले में एक बच्चे के साथ क्रूरता के गंभीर मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित हुई है। यह प्रकरण बाल अधिकारों के संरक्षण की दिशा में आयोग की सक्रिय भूमिका का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, महासमुंद जिले के एक गांव में समाज के एक रसूखदार परिवार द्वारा एक बच्चे को निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटने की सूचना आयोग को मिली थी। बच्चे पर 600 रुपये की चोरी का झूठा आरोप लगाया गया था, जो जांच में पूरी तरह असत्य पाया गया। सूचना मिलते ही आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा स्वयं देर रात गांव पहुंचीं और पीड़ित परिवार से भेंट कर पूरे मामले की विस्तृत जांच की।

जांच में यह भी सामने आया कि बच्चे के साथ मारपीट के बाद उसके पिता को भी गंभीर रूप से प्रताड़ित किया गया, जिससे आहत होकर पिता ने आत्महत्या कर ली। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉ. शर्मा ने तत्काल पुलिस महानिदेशक से समन्वय कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके फलस्वरूप आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

आयोग ने प्रकरण में तत्कालीन थाना प्रभारी की गंभीर लापरवाही पर दंडात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की थी। पुलिस अधीक्षक महासमुंद द्वारा थानेदार को निंदा की शास्ति दी गई, जिसे आयोग ने अपर्याप्त मानते हुए पुलिस मुख्यालय से कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया भी प्रारंभ करवाई है।

उल्लेखनीय है कि इस मामले में तीनों आरोपियों के विरुद्ध चालान प्रस्तुत कर दिया गया है तथा प्रमुख आरोपी को जनवरी माह के मध्य तक जेल में रखा गया है। आयोग की अनुशंसा पर आरोपियों के खिलाफ बी.एन.एस. की धारा 108, 127(2), 115(2), 351(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है।

इसके साथ ही आयोग ने बाल कल्याण समिति एवं जिला बाल संरक्षण दल को निर्देशित किया है कि पीड़ित बच्चे की संपूर्ण देखभाल, शिक्षा एवं पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए तथा पीड़ित क्षतिपूर्ति मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जाए। आयोग ने न्यायालयीन प्रकरण में दोषियों के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 तथा यदि बाल श्रम प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत निषेधित श्रम पाया जाता है, तो उससे संबंधित सुसंगत धाराओं को अभियोग पत्र में शामिल करने के भी निर्देश पुलिस प्रशासन को दिए हैं।

आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने स्पष्ट किया कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न या शोषण को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।