मादा नीलगाय शिकार प्रकरण में तीन आरोपियों ने किया आत्मसमर्पण, एक अब भी फरार
पिथौरा। वन परिक्षेत्र पिथौरा अंतर्गत मादा नीलगाय के अवैध शिकार मामले में फरार चल रहे तीन आरोपियों ने गुरुवार को वन विभाग के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण के बाद वन विभाग ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं मामले का एक आरोपी अब भी फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश जारी है।
जानकारी के अनुसार, वन परिक्षेत्र पिथौरा के परिवृत्त पूर्व पिथौरा अंतर्गत परिसर सुखीपाली के कक्ष क्रमांक 234 के समीप शांतिनगर (सुखीपाली) में 4 मई 2026 को मादा नीलगाय के अवैध शिकार का मामला सामने आया था। घटना के बाद से वन विभाग लगातार आरोपियों की तलाश में जुटा हुआ था।
गुरुवार को आरोपी ईश्वर राणा पिता मनीराम राणा, टंकधर पिता सीताराम तथा विद्याधर पिता ललित प्रधान निवासी शांतिनगर सुखीपाली, तहसील पिथौरा ने वन परिक्षेत्र कार्यालय पिथौरा पहुंचकर आत्मसमर्पण किया। वन विभाग ने तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर घटना के संबंध में पूछताछ शुरू कर दी है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है तथा उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार मामले में एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी पतासाजी एवं गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
यह कार्रवाई वनमंडलाधिकारी मयंक पाण्डेय के निर्देश, संयुक्त वनमंडलाधिकारी डिम्पी बैस के मार्गदर्शन तथा वन परिक्षेत्र अधिकारी सुखराम निराला के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई में वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों एवं सुरक्षा श्रमिकों का विशेष सहयोग रहा।



