रायगढ़। भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार जिले में जनभागीदारी – सबसे दूर-सबसे पहले- थीम पर जनजातीय गरिमा उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह विशेष अभियान 25 मई तक जिले के 315 चयनित जनजातीय बहुल ग्रामों में संचालित होगा। अभियान का उद्देश्य दूरस्थ एवं विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समुदायों तक शासन की योजनाओं और मूलभूत सुविधाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना है।
अभियान के तहत ग्रामीणों को एक ही स्थान पर स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, सामाजिक सुरक्षा, बैंकिंग, दस्तावेजीकरण, हितलाभ वितरण, शिकायत निवारण और जन जागरूकता जैसी विभिन्न शासकीय सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए जिले के सभी आदि सेवा केंद्रों को सक्रिय कर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय उन्मुखी कार्यक्रम में कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रत्येक ग्राम में चयनित आदि कर्मयोगियों का पंजीयन, प्रशिक्षण एवं सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को सप्ताह में एक दिन मैदानी अमले की उपस्थिति आदि सेवा केंद्रों में सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने कहा कि यह अभियान शासन और जनजातीय समुदायों के बीच विश्वास निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।
आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त श्रीकांत दुबे ने बताया कि 19 से 25 मई तक संतृप्तिकरण कार्यक्रम, स्वास्थ्य जांच शिविर, वृक्षारोपण अभियान एवं जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएंगी। वहीं 21 से 23 मई तक जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित कर शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाएगा। जिले में स्थापित 315 आदि सेवा केंद्र ग्रामीणों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के रूप में कार्य करेंगे। इन केंद्रों के माध्यम से आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, पीएम किसान, उज्ज्वला योजना, पेंशन, मनरेगा और बैंकिंग सेवाओं सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जाएगा।



