महासमुंद। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित 12वीं की बोर्ड परीक्षा के दौरान भंवरपुर स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट स्कूल में हुए नकल प्रकरण में स्कूल शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में दोषी पाए जाने पर केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष, पर्यवेक्षक और भृत्य समेत कुल 5 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।
परीक्षा में शामिल छात्रा नीता जगत ने परीक्षा केंद्र में खुलेआम नकल होने की लिखित शिकायत की थी। स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने पर उसने माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) में शिकायत दर्ज कराई और घटना का वीडियो प्रमाण भी सौंपा।
इस मामले ने माशिमं के साथ-साथ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का भी ध्यान आकर्षित किया, जिसने मामले का संज्ञान लेते हुए शासन से जवाब तलब किया था।
जिला शिक्षा अधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर लोक शिक्षण संचालनालय ने कार्रवाई सुनिश्चित की। जांच में पाया गया कि केंद्र में प्रवेश के समय छात्रों की उचित तलाशी नहीं ली गई, जिससे छात्रा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के साथ परीक्षा कक्ष तक पहुँचने में सफल रही।
निलंबित कर्मचारियों में गंगा प्रसाद पटेल (केंद्राध्यक्ष) – व्याख्याता, हायर सेकेंडरी स्कूल, बिछिया बसना, अनिरुद्ध भोई (सहायक केंद्राध्यक्ष) – व्याख्याता, सेजेस स्कूल, भंवरपुर, दिनेश कुमार दास (व्याख्याता) – सेजेस स्कूल, भंवरपुर, दुर्गा प्रसाद पटेल (पर्यवेक्षक) – सहायक शिक्षक (एलबी), सेजेस स्कूल, भंवरपुर, विजिया बुडेक (भृत्य) सेजेस स्कूल, भंवरपुर हैं।
निलंबन अवधि के दौरान इन सभी कर्मचारियों को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, महासमुंद में अटैच किया गया है।
छात्रा ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया था कि परीक्षा केंद्र में शिक्षकों द्वारा भी मोबाइल का उपयोग किया जा रहा था और विरोध करने पर उसे धमकाया गया था, जिसके चलते उसने सबूत जुटाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का सहारा लिया।



