सरायपाली बागबहारा: दो वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी सस्पेंड कृषि विभाग ने बताया- कार्रवाई नियमों के तहत
महासमुंद | 25 मई 2026
महासमुंद जिले में उर्वरकों की उपलब्धता, जमाखोरी और अनियमित वितरण को लेकर प्रशासनिक निगरानी तेज कर दी गई है। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को समय पर और उचित दर पर खाद उपलब्ध कराने के लिए लगातार निरीक्षण और कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में दो वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारियों के निलंबन को लेकर विभाग ने तथ्यात्मक जानकारी जारी की है।
कृषि विभाग के अनुसार, वैश्विक स्तर पर उर्वरक आपूर्ति की स्थिति को देखते हुए जिले में खाद वितरण व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। उप संचालक कृषि एफ.आर. कश्यप ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 और उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत कार्रवाई की जा रही है। शिकायत मिलने पर जांच और सत्यापन के बाद कदम उठाए जा रहे हैं।
विभाग के मुताबिक, हाल ही में शिकायतों की पुष्टि होने पर जिले के दो वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारियों को निलंबित किया गया। इसके बाद कुछ वेब पोर्टलों में प्रकाशित खबरों में इस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए शीर्षक प्रकाशित किए गए, जिन पर कृषि विभाग ने अपना पक्ष रखा है।
जारी जानकारी के अनुसार, 16 मार्च से 29 मार्च 2026 के बीच, जिसे फसल उत्पादन की अक्रियाशील अवधि बताया गया है, जिले के कई उर्वरक विक्रेताओं द्वारा किसानों को अनियमित रूप से अधिक मात्रा में खाद वितरण किए जाने की शिकायतें सामने आईं। जांच के बाद 26 उर्वरक विक्रय केन्द्रों के लाइसेंस निलंबित किए गए।
विभाग ने यह भी बताया कि 4 उर्वरक विक्रय केन्द्रों पर अत्यधिक मात्रा में उर्वरक विक्रय पाए जाने के मामले सामने आए। इनमें से कुछ केन्द्रों पर गत वर्ष भी 15 दिनों के लिए निलंबन की कार्रवाई की जा चुकी थी।
कृषि विभाग के अनुसार, विकासखंड बागबाहरा और सरायपाली के दो वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारियों को समय-सीमा बैठक और विभागीय पत्रों के माध्यम से इन उर्वरक केन्द्रों की जांच एवं सत्यापन रिपोर्ट तथा कार्रवाई संबंधी अनुशंसा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन संबंधित अधिकारियों द्वारा न तो जांच संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई गई और न ही अनुशंसा प्रस्तुत की गई। विभाग ने इसे उदासीन रवैया बताते हुए कहा कि इसी आधार पर कलेक्टर द्वारा नियमानुसार निलंबन की कार्रवाई की गई।
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी या अनियमित वितरण में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।



