महासमुंद तेन्दूपत्ता संग्राहकों को बोनस की सौगात, महासमुंद के 76,650 परिवारों को मिलेंगे 12.40 करोड़ रुपये
महासमुंद, 15 जुलाई। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने तेन्दूपत्ता संग्राहकों के लंबे समय से प्रतीक्षित प्रोत्साहन पारिश्रमिक (बोनस) वितरण का शुभारंभ कर प्रदेशभर के संग्राहकों को बड़ी सौगात दी है। रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में वर्ष 2023 के तेन्दूपत्ता संग्राहकों के लिए बोनस वितरण की शुरुआत की गई।
महासमुंद जिले में वर्ष 2023 के 65 प्राथमिक लघु वनोपज समितियों के 680 फड़ों से जुड़े 76,650 संग्राहक परिवारों को 12.40 करोड़ रुपये की बोनस राशि सीधे उनके बैंक खातों में ऑनलाइन माध्यम से भेजी जाएगी। जिला लघु वनोपज सहकारी संघ के अनुसार 14 जुलाई 2026 तक 3.28 करोड़ रुपये की राशि संग्राहकों के खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है, जबकि शेष पात्र हितग्राहियों के खातों में राशि भेजने की प्रक्रिया जारी है।
कार्यक्रम में वर्ष 2023 में सर्वाधिक बोनस प्राप्त करने वाले दो संग्राहकों तथा वर्ष 2026 में सर्वाधिक तेन्दूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक प्राप्त करने वाले दो संग्राहकों को सम्मानित किया गया। उन्हें बैंक खाते में राशि भुगतान का प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया।
प्रबंध संचालक ने बताया कि जिन संग्राहकों का नाम ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में दर्ज नहीं है, उनके नाम, बैंक खाते और आधार की जानकारी जोड़ने का कार्य तेजी से किया जा रहा है, ताकि वर्ष 2023 के सभी पात्र संग्राहकों को बोनस का लाभ मिल सके। सभी प्राथमिक समितियों को पात्र हितग्राहियों की सूची का पुनः सत्यापन कर आवश्यक सुधार शीघ्र करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि तेन्दूपत्ता संग्रहण सीजन 2026 के 81,597 संग्राहक परिवारों को 41.52 करोड़ रुपये का संग्रहण पारिश्रमिक तथा सीजन 2023 के 76,650 परिवारों को 12.40 करोड़ रुपये का बोनस दिया जा रहा है। इस प्रकार महासमुंद जिले में कुल 53.92 करोड़ रुपये का भुगतान संग्राहकों के बैंक खातों में किया जाएगा। इससे हजारों वन आश्रित परिवारों को आजीविका, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक जरूरतों में आर्थिक संबल मिलेगा।



