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महासमुंद राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जागरूकता कार्यशाला आयोजित विद्यार्थियों को तंबाकू के दुष्प्रभावों की दी जानकारी

महासमुंद राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जागरूकता कार्यशाला आयोजित विद्यार्थियों को तंबाकू के दुष्प्रभावों की दी जानकारी

महासमुंद, 07 अगस्त 2026/ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के निर्देशन में सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महासमुंद में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जागरूकता कार्यशाला एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती नीलू घृतलहरे के मार्गदर्शन एवं राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) के जिला नोडल अधिकारी डॉ. छत्रपाल चंद्राकर के सहयोग से आयोजित हुआ।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से तंबाकू एवं धूम्रपान के दुष्प्रभाव, तंबाकू सेवन से होने वाले गंभीर रोग, नशा मुक्ति केंद्र में उपलब्ध सेवाओं तथा कोटपा अधिनियम, 2003 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही विद्यालय को तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान बनाने के निर्धारित मानकों से अवगत कराते हुए टीओएफईआई की प्रक्रिया पूर्ण कराई गई। इस अवसर पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही विद्यालय के 5 विद्यार्थियों को एंटी टोबैको वॉलंटियर नामित कर तंबाकू नियंत्रण अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने की जिम्मेदारी सौंपी गई।

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विद्यालय परिवार ने तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने तथा तंबाकू मुक्त विद्यालय एवं स्वस्थ समाज के निर्माण का संकल्प लिया। जिला स्वास्थ्य समिति महासमुंद द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि वे तंबाकू उत्पादों का सेवन न करें तथा युवाओं और बच्चों को भी तंबाकू की लत से बचाने में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।

महासमुंद खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा पिथौरा एवं बागबाहरा में किया औचक निरीक्षण खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं स्वच्छता को लेकर आवश्यक सावधानियां बरतने के दिए निर्देश

महासमुंद खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा पिथौरा एवं बागबाहरा में किया औचक निरीक्षण खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं स्वच्छता को लेकर आवश्यक सावधानियां बरतने के दिए निर्देश

महासमुंद, 7 अगस्त 2026/ आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं कलेक्टर महासमुंद के निर्देशानुसार बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा होटल, ढाबों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच के लिए सतत निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में अभिहित अधिकारी महासमुंद के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा जिले के पिथौरा एवं बागबाहरा विकासखंड में खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण एवं जांच किया गया।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा मेसर्स कोस्तुभ रेस्टोरेंट, मेसर्स विश्वा फैमिली ढाबा, मेसर्स छत्तीसगढ़ फैमिली ढाबा, मेसर्स तिवारी स्वीट्स, मेसर्स प्रतीक रेस्टोरेंट, मेसर्स पराग स्वीट्स, मेसर्स Gen-2 रेस्टोरेंट एवं मेसर्स यश फैमिली ढाबा का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मेसर्स यश फैमिली ढाबा में स्वच्छता का अभाव पाए जाने पर सुधार के लिए इंप्रूवमेंट नोटिस जारी करने की अनुशंसा की गई। साथ ही पनीर का एक प्रवर्तन नमूना जांच के लिए लिया गया।

निरीक्षण के दौरान सभी खाद्य प्रतिष्ठान संचालकों को बरसात के मौसम में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं स्वच्छता को लेकर आवश्यक सावधानियां बरतने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने एनालॉग पनीर के प्रतिबंध का कड़ाई से पालन करने तथा पनीर की खरीदी एवं उपयोग से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों का उचित संधारण करने की जानकारी दी। इसके अलावा ईसी एक्टिविटी के अंतर्गत सभी प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता से संबंधित पाम्पलेट एवं पोस्टर वितरित कर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं सुरक्षित खाद्य व्यवहार के प्रति जागरूक किया गया। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच एवं कार्रवाई आगे भी जारी रहेगा।

सरायपाली/ ओम हॉस्पिटल सामान्य बीमारियों से लेकर डायबिटीज व बीपी तक का इलाज, 9 अगस्त को मिलेगा विशेषज्ञ ईलाज परामर्श

9 अगस्त को सरायपाली के ओम हॉस्पिटल में जनरल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. एस. कुमार देंगे सेवाएं

सरायपाली। ओम हॉस्पिटल, सरायपाली में रविवार, 9 अगस्त 2026 को जनरल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. एस. कुमार (MBBS, DNB Medicine) मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार करेंगे। चिकित्सक सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक उपलब्ध रहेंगे। अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों से अग्रिम पंजीयन कराने की अपील की है।

शिविर में सर्दी, खांसी, बुखार, हाई ब्लड प्रेशर, थायराइड, अस्थमा, सीओपीडी, निमोनिया, मधुमेह (डायबिटीज), एनीमिया, गठिया, जोड़ों का दर्द, हाथ-पैरों में सूजन, किडनी एवं हृदय संबंधी बीमारियों सहित विभिन्न सामान्य रोगों का परामर्श एवं उपचार उपलब्ध रहेगा।

अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना, राशन कार्ड, बीमा सुविधा तथा बीज कार्ड के माध्यम से पात्र मरीजों के लिए उपचार की सुविधा भी उपलब्ध है। साथ ही प्रत्येक गुरुवार को निःशुल्क परामर्श की सुविधा भी दी जा रही है।

संपर्क:
📞 07725-299360
📱 83700-08558

स्थान:
ओम हॉस्पिटल, स्व. राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह शासकीय महाविद्यालय के पास, नेशनल हाईवे, सरायपाली (छत्तीसगढ़)।

महासमुंद कलेक्टर ने सुनी आमजनों की समस्याएं, संबंधित विभागों को त्वरित निराकरण के दिए निर्देश

महासमुंद कलेक्टर ने सुनी आमजनों की समस्याएं, संबंधित विभागों को त्वरित निराकरण के दिए निर्देश

जनदर्शन में दिव्यांग अशोक साहू को मिला ट्राइसिकल

महासमुंद, 04 अगस्त 2026/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में जिलेभर से आए नागरिकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। जनदर्शन में कुल 66 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से कई का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया तथा शेष प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

जनदर्शन के दौरान ग्राम मोंगरा के दिव्यांग श्री अशोक साहू भी अपनी समस्या लेकर पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर को बताया कि उनकी पुरानी ट्राइसिकल क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण उन्हें आवागमन एवं दैनिक कार्यों में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। दिव्यांग अशोक की समस्या को संवेदनशीलता से लेते हुए कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने तत्काल समाज कल्याण विभाग को नई ट्राइसिकल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। निर्देश के अनुरूप अशोक साहू को नई ट्राइसिकल प्रदान की गई। ट्राइसिकल के मिलने पर उन्होंने जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

जनदर्शन में ग्राम पंचायत लोहारडीह के ग्रामीणों ने गांव तक पहुंच मार्ग तथा ग्राम के भीतर की सड़कों के डामरीकरण की मांग की। इस पर कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता को आवश्यक एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार ग्राम कछारडीह के ग्रामीणों ने कछारडीह बांध की नहर एवं गेट की मरम्मत कराने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया। वहीं बसना विकासखंड के ग्राम बड़ेटेमरी निवासी श्री प्रेम कुमार साव ने कच्चे मकान के लिए आबादी पट्टा प्रदान करने की मांग की। ग्राम बिछिया के सरपंच ने गांव के पात्र परिवारों को आबादी पट्टा उपलब्ध कराने का आवेदन दिया। कोमाखान तहसील के ग्राम भिलाईदादर के श्री नोहर लाल साहू ने शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई, जबकि सरायपाली तहसील के ग्राम मौहाडीपा के ग्रामीणों ने गांव को नवीन ग्राम पंचायत घोषित करने की मांग के लिए आवेदन प्रस्तुत किया।

कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने सभी आवेदनों पर गंभीरता से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए अधिकारियों से कहा कि जनदर्शन में प्राप्त शिकायतों एवं मांगों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाए। इस अवसर पर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री अनुपमा आनंद, अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, श्री रवि साहू एवं जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

महासमुंद मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित

महासमुंद मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित

महासमुंद, 03 अगस्त 2026/ जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने तथा गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के सभागार में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया।

बैठक कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिले में संचालित मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधारात्मक रणनीतियों पर चर्चा की गई।

समीक्षा बैठक में हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान एवं प्रबंधन, गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व जांच, अगस्त एवं सितंबर माह के ऑपरेशन थिएटर की कार्ययोजना, स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं एवं जांच सुविधाओं, आवश्यक उपकरणों एवं सामग्रियों की उपलब्धता, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की स्थिति, सामान्य एवं सिजेरियन प्रसव सेवाओं की उपलब्धता, स्वास्थ्य संस्थानों के पर्यवेक्षण, रिपोर्ट, जननी सुरक्षा योजना, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान तथा पीएमएसएमए एंड डीबीटी की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। साथ ही मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपायों एवं आगामी कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई।

बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने सभी विकासखंडों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक गर्भवती महिला का समय पर पंजीयन एवं नियमित एएनसी जांच सुनिश्चित की जाए। हाई रिस्क गर्भावस्था वाले मामलों की शीघ्र पहचान कर उनका समुचित उपचार किया जाए तथा आवश्यकता होने पर समय पर उच्च स्वास्थ्य संस्थान में रेफर किया जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने के लिए सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाइयों, उपकरणों, मानव संसाधनों एवं प्रसव संबंधी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है। साथ ही उन्होंने सभी अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग एवं प्रभावी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में स्त्री रोग विशेषज्ञ, निश्चेतना विशेषज्ञ, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला मीडिया अधिकारी, विकासखंड चिकित्सा अधिकारी, आरसीएच नोडल अधिकारी, विकासखंड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारी, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक, विकासखंड डाटा प्रबंधक तथा विकासखंड लेखा प्रबंधक, मितानिन समन्वयक उपस्थित रहे।

बसना/ संतान प्राप्ति से जुड़ी समस्याओं का मिलेगा आधुनिक इलाज, 4 अगस्त को विशेष परामर्श शिविर

अब बसना में मिलेगी बांझपन उपचार की विशेषज्ञ सेवा, 4 अगस्त को डॉ. रेशु अग्रवाल देंगी परामर्श

बसना। संतान सुख की चाह रखने वाले दंपत्तियों के लिए अच्छी खबर है। बसना स्थित अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल (Agrawal Nursing Home) में 4 अगस्त 2026 (मंगलवार) को बांझपन (Infertility) विशेषज्ञ डॉ. रेशु अग्रवाल मरीजों का परामर्श एवं उपचार करेंगी। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार यह विशेष ओपीडी सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक संचालित होगी, जिसमें पूर्व पंजीयन अनिवार्य रहेगा।

डॉ. रेशु अग्रवाल (MBBS, MS – प्रसूति एवं स्त्री रोग, FRM – Infertility Specialist) द्वारा निःसंतान दंपत्तियों को आधुनिक चिकित्सा पद्धति के अनुसार जांच, परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। अस्पताल में महिलाओं की विभिन्न स्त्री रोग संबंधी समस्याओं का भी विशेषज्ञ परामर्श दिया जाएगा।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार इस विशेष परामर्श में Infertility Consultation, Ovulation Induction, अनियमित मासिक धर्म, PCOS/PCOD, Endometriosis, IUI (Intrauterine Insemination), IVF (टेस्ट ट्यूब बेबी) तथा ICSI जैसी उन्नत प्रजनन उपचार सेवाओं से संबंधित परामर्श उपलब्ध रहेगा।

अस्पताल ने संतान प्राप्ति में कठिनाई का सामना कर रहे दंपत्तियों से समय रहते विशेषज्ञ से परामर्श लेने की अपील की है। इच्छुक मरीज पूर्व पंजीयन कराकर निर्धारित समय पर अपनी जांच रिपोर्ट के साथ अस्पताल पहुंच सकते हैं।

स्थान: अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, बसना, जिला महासमुंद (छत्तीसगढ़)
तिथि: 4 अगस्त 2026 (मंगलवार)
समय: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक।

 

महासमुंद/प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ 2026 के लिए फसल बीमा की अंतिम तिथि 14 अगस्त तक बढ़ी

Ooमहासमुंद/प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ 2026 के लिए फसल बीमा की अंतिम तिथि 14 अगस्त तक बढ़ी

महासमुंद, 02 अगस्त 2026/ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ वर्ष 2026 के लिए किसानों को बड़ी राहत देते हुए फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 से बढ़ाकर 14 अगस्त 2026 कर दी गई है। इससे ऐसे किसान, जो निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपनी फसलों का बीमा नहीं करा सके थे, अब अतिरिक्त समय का लाभ उठाकर योजना से जुड़ सकेंगे।

उप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप ने बताया कि जिले में ग्राम स्तर पर धान सिंचित, असिंचित, मक्का एवं सोयाबीन तथा राजस्व निरीक्षक मंडल स्तर पर मूंगफली, अरहर, मूंग, उड़द, कोदो, कुटकी एवं रागी फसलों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत अधिसूचित किया गया है। किसानों को इन फसलों का बीमा निर्धारित प्रीमियम पर कराने की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत किसानों को मात्र 2 प्रतिशत प्रीमियम का भुगतान करना होगा। धान (सिंचित) के लिए प्रति हेक्टेयर 66 हजार की बीमित राशि पर 1,320, धान (असिंचित) के लिए 49,500 पर 990, मक्का के लिए 50,600 पर 1,012, सोयाबीन के लिए 48,400 पर 968 तथा मूंगफली के लिए 51,700 की बीमित राशि पर 1,034 प्रति हेक्टेयर प्रीमियम निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार अरहर के लिए 46,200 की बीमित राशि पर 924, मूंग एवं उड़द के लिए 27,500 की बीमित राशि पर 550-550, कोदो के लिए 19,800 पर 396, कुटकी के लिए 20,900 पर 418 तथा रागी के लिए 18,700 की बीमित राशि पर 374 प्रति हेक्टेयर कृषक प्रीमियम निर्धारित किया गया है।

उप संचालक कृषि ने जिले के किसानों से अपील की है कि निर्धारित अंतिम तिथि के पूर्व अपने निकटतम बैंक, सहकारी समिति अथवा लोक सेवा केंद्र (सीएससी)में संपर्क कर फसल बीमा अवश्य कराएं, ताकि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली फसल क्षति की स्थिति में योजना का लाभ प्राप्त किया जा सके।

सरायपाली/ ओम हॉस्पिटल में 4 अगस्त को बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी, आयुष्मान से भी मिलेगा इलाज

सरायपाली/ ओम हॉस्पिटल में 4 अगस्त को बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी, आयुष्मान से भी मिलेगा इलाज
सरायपाली में 4 अगस्त को बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राम प्रकाश साहू देंगे सेवाएं, ओम हॉस्पिटल में होगा परामर्श

सरायपाली। क्षेत्र के बच्चों को विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ओम हॉस्पिटल, सरायपाली में मंगलवार, 4 अगस्त 2026 को शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राम प्रकाश साहू (MBBS, DNB, Paediatrics, PGPN) अपनी सेवाएं देंगे। मरीजों का परामर्श एवं उपचार सुबह 11 बजे से शुरू होगा।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार इस दौरान बच्चों में होने वाले बुखार, सर्दी-जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, भूख कम लगना, दूध पीने में अनिच्छा, रोने के तरीके में बदलाव, सामान्य से अधिक या कम रोना, असामान्य मल त्याग, निमोनिया तथा खून की कमी (एनीमिया) जैसी समस्याओं का विशेषज्ञ परामर्श एवं उपचार उपलब्ध रहेगा।

अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना, राशन कार्ड एवं बीजू कार्ड के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को निःशुल्क उपचार की सुविधा भी उपलब्ध है। साथ ही प्रत्येक गुरुवार को निःशुल्क परामर्श की सुविधा भी दी जा रही है।

अस्पताल प्रबंधन ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों में किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर निर्धारित तिथि पर विशेषज्ञ से परामर्श लेकर समय पर उपचार कराएं।

संपर्क:
☎️ 07725-299360
📱 83700-08558

स्थान:
ओम हॉस्पिटल, स्व. राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह शासकीय महाविद्यालय के पास, नेशनल हाईवे, सरायपाली (छत्तीसगढ़)।

सरायपाली/ बिना दर्द और बिना ऑपरेशन होगी लिवर की जांच, चिवराकुटा में फाइब्रो स्कैन कैंप चिवराकुटा में 2 अगस्त को लगेगा अत्याधुनिक फाइब्रो स्कैन कैंप,

चिवराकुटा में 2 अगस्त को लगेगा अत्याधुनिक फाइब्रो स्कैन कैंप, अब गांव में ही होगी लिवर की आधुनिक जांच

सरायपाली। लिवर से जुड़ी बीमारियों की समय पर पहचान और बेहतर उपचार के उद्देश्य से नवजीवन मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, चिवराकुटा में 2 अगस्त को अत्याधुनिक फाइब्रो स्कैन (FibroScan) कैंप का आयोजन किया जाएगा। शिविर सुबह 11:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक आयोजित होगा, जिसमें मरीज बिना दर्द और बिना ऑपरेशन के आधुनिक तकनीक से अपने लिवर की जांच करा सकेंगे।

अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि फाइब्रो स्कैन जांच के माध्यम से लिवर की स्थिति का सटीक आकलन किया जाता है। यह जांच विशेष रूप से फैटी लिवर, मोटापा, अल्कोहलिक लिवर रोग, हेपेटाइटिस-बी एवं सी तथा डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए बेहद लाभकारी है।

अस्पताल में अनुभवी विशेषज्ञों की टीम द्वारा आधुनिक तकनीक से जांच की जाएगी तथा मरीजों को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श भी दिया जाएगा। फाइब्रो स्कैन एक नॉन-इनवेसिव (बिना चीरा-टांके) और दर्द रहित प्रक्रिया है, जिससे कम समय में सटीक रिपोर्ट प्राप्त होती है।

अस्पताल प्रबंधन ने क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें लिवर संबंधी कोई समस्या है या वे उपरोक्त बीमारियों से ग्रसित हैं, तो इस अवसर का लाभ उठाकर समय रहते अपनी जांच अवश्य कराएं।

पंजीयन एवं अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें: 📞 08331-015859 📞 94241 84383

स्थान: नवजीवन मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, चिवराकुटा, सिंघोड़ा, सरायपाली (छत्तीसगढ़)।

सरायपाली/ 200 गांवों की महिलाओं के लिए राहत, सरायपाली अस्पताल में मिल रही विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं

सरायपाली/ 200 गांवों की महिलाओं के लिए राहत, सरायपाली अस्पताल में मिल रही विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं सरायपाली में स्त्री रोग विशेषज्ञ की पदस्थापना बनी महिलाओं के लिए वरदान, अब स्थानीय स्तर पर मिल रहा बेहतर उपचार

सरायपाली। महासमुंद जिले के सरायपाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्त्री रोग विशेषज्ञ (गायनेकोलॉजिस्ट) डॉ. संजय अग्रवाल की पदस्थापना के बाद क्षेत्र की महिलाओं को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिलने लगी हैं। इसका सकारात्मक असर अस्पताल की ओपीडी में भी दिखाई दे रहा है, जहां उपचार के लिए पहुंचने वाली महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।

जानकारी के अनुसार, सरायपाली सहित आसपास के लगभग 200 गांवों की महिलाएं अब स्त्री रोग संबंधी जांच एवं उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का रुख कर रही हैं। पहले अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं होने के कारण अधिकांश महिलाओं को निजी अस्पतालों में इलाज कराना पड़ता था, जिससे उन्हें आर्थिक बोझ उठाना पड़ता था और दूर-दराज तक जाना पड़ता था।

डॉ. संजय अग्रवाल के कार्यभार संभालने के बाद अब महिलाओं को कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। अस्पताल में नियमित जांच, विशेषज्ञ परामर्श और उपचार के साथ-साथ सोनोग्राफी तथा सीजेरियन (सी-सेक्शन) ऑपरेशन की सुविधा भी उपलब्ध है। इससे गर्भवती महिलाओं सहित अन्य स्त्री रोग से पीड़ित मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल रही है।

बीएमओ डॉ. नारायण साहू ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्त्री रोग विशेषज्ञ की उपलब्धता से क्षेत्र की महिलाओं को काफी लाभ मिल रहा है। वहीं क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह सुविधा सरायपाली और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है। अब महिलाओं को समय पर उपचार मिल रहा है और उन्हें अनावश्यक आर्थिक खर्च तथा बड़े शहरों के अस्पतालों के चक्कर लगाने से भी राहत मिली है।