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महासमुंद/आकांक्षी जिला कार्यक्रम के केन्द्रीय प्रभारी अधिकारी श्रीमती अलरमेलमंगई डी ने किया ग्राम गोड़बहाल का दौरा

महासमुंद/आकांक्षी जिला कार्यक्रम के केन्द्रीय प्रभारी अधिकारी श्रीमती अलरमेलमंगई डी ने किया ग्राम गोड़बहाल का दौरा

महासमुंद/सभी संकेतकों को पूर्ण कर ऑनलाइन एंट्री करने के दिए निर्देश महिला समूहों द्वारा बनाए जा रहे फ्लाई ऐश, मिट्टीकला, दूध उत्पादन के पैकेजिंग एवं ब्रांडिंग पर विशेष जोर संयुक्त सचिव भारत सरकार नई दिल्ली एवं जिले के केन्द्रीय प्रभारी अधिकारी, आकांक्षी जिला कार्यक्रम श्रीमती अलरमेलमंगई डी ने आज पिथौरा के गोड़बहाल में जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर जिला कार्यक्रम एवं पिथौरा में आकांक्षी विकासखंड के अंतर्गत चल रहे विकास कार्यों, शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कृषि, कौशल विकास, वित्तीय समावेश एवं बुनियादी ढांचे में सुधार को लेकर विभागीय प्रदर्शन की विस्तृत समीक्षा की।

पिथौरा रेस्ट हाउस में जिला अधिकारियों की बैठक में उन्होंने कहा कि महासमुंद में सभी विभागों के समन्वित प्रयास से नीति आयोग द्वारा दिए गए लक्ष्यों को पूर्ण करने में बेहतर कार्य किया गया है। इसे और तेजी से पूर्ण करने की आवश्यकता है। बता दें कि विकासखण्ड स्तर पर 6 संकेतांक में से 5 संकेतांक को शत प्रतिशत पूर्ण किया जा चुका है। जबकि जिला स्तर पर 3 संकेतांक को पूर्ण किया गया है। श्रीमती अलरमेलमंगई डी ने सभी संकेतांको को पूर्ण करते हुए अनिवार्य रूप से पोर्टल में एंट्री करने के निर्देश दिए हैं।

इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, अनुविभागीय अधिकारी श्री बजरंग वर्मा, जनपद सीईओ श्री चंद्रप्रकाश मनहर सहित जिला स्तरीय अधिकारी एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

इसके पूर्व केन्द्रीय प्रभारी अधिकारी श्रीमती अलरमेलमंगई डी ने ग्राम गोड़बहाल में महिला स्व सहायता समूहों से चर्चा करते हुए उनके कार्यों की सराहना की तथा समूहों की आर्थिक गतिविधियों का और विस्तार किया जाने निर्देशित किया गया। उन्होंने बैंकिंग सुविधाओं को सुदृढ़ और सुगम बनाने पर विशेष जोर दिया ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को मजबूती मिले।

केन्द्रीय प्रभारी अधिकारी ने ग्रामीण औद्योगिक पार्क में महिला समूह द्वारा दुग्ध उत्पादन, फ्लाई एश ब्रिक्श और मिट्टीकला के निर्माण की सराहना करते हुए कहा कि इसकी पैकेजिंग, ब्रांडंग और मार्केटिंग पर विशेष जोर दिया जाए। उन्होंने कहा कि अपने उत्पादों की प्रचार प्रसार भी सुनिश्चित करें। बाजार में मांग को देखते हुए इसके स्थानीय एवं राजधानी स्तर पर आउटलेट भी खोला जा सकता है।

स्वास्थ्य और पोषण को लेकर उन्होंने कुपोषित बच्चों की पहचान एवं सघन मॉनिटरिंग करने, न्यू बॉर्न केयर यूनिट में भर्ती और पोषण ट्रैकर से निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने मितानिन, महिला एवं बाल विकास और स्वास्थ्य विभाग के बीच समन्वय से डाटा संकलन करने कहा। उन्होंने सभी विभागों से आपसी समन्वय और सूचकांकों के सतत सुधार की रणनीति पर कार्य करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को योजनाओं की जमीनी स्तर पर जांच के लिए फील्ड विजिट करने और लाभार्थियों से फीडबैक लेने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार ने जिले की प्रगति और लक्ष्यों की पूर्ति को प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि जिले में आकांक्षी जिला कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षा, स्वच्छता, जल प्रबंधन, महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में निरंतर विकास के लिए प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 55 ग्राम पंचायतों को ओडीएफ प्लस मॉडल का दर्जा प्राप्त हुआ है और 98 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया गया है।

ब्लॉक में 84 प्रतिशत परिवारों को फंक्शनल नल जल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है। सभी गांव खुले में शौच से मुक्त घोषित हो चुके हैं। 100 पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत घोषित किया गया है 112 सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। 400 से अधिक एनीमिया पीड़ित किशोरियाँ अब स्वस्थ हो चुकी हैं। 51 बच्चे गंभीर कुपोषण श्रेणी से बाहर आ चुके हैं।

महिला सशक्तिकरण और आर्थिक समृद्धि की दिशा में 6 स्वयं सहायता समूहों ने अपने उत्पादों के लिए ट्रेडमार्क प्राप्त किया है। अधिकांश स्वयं सहायता समूह आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से संलग्न हैं। कृषि के क्षेत्र में पिथौरा ब्लॉक के 27461 किसानों को केसीसी के माध्यम से 176.35 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया है। 23000 किसान पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी हैं। 1160 मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनाए गए हैं। ब्लॉक में सभी पशुओं को एफएमडी टीका लगाया जा चुका है। डिजिटल और वित्तीय समावेशन के लिए 614 बैंकिंग टच पॉइंट (बैंक शाखा, बीसी केंद्र) ब्लॉक में कार्यरत हैं।

पीएम डिजिटल साक्षरता अभियान के अंतर्गत 250 नागरिकों को डिजिटल प्रमाणन प्रदान किया गया है। 86 प्रतिशत से अधिक नागरिकों के आयुष्मान भारत कार्ड बनाए गए हैं। बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, महिला एवं बाल विकास, और अन्य विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि हाल ही में पिथौरा विकासखण्ड को उल्लेखनीय प्रदर्शन के लिए राज्य स्तर पर सिल्वर मेडल एवं जिला स्तर पर ताम्र पदक से सम्मानित किया गया है

महासमुंद/विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने बच्चों को विटामिन ए की दवा पिलाकर किया शिशु संरक्षण माह का शुभारम्भ शिशु संरक्षण माह 29 अगस्त से 30 सितम्बर तक होगा आयोजित

महासमुंद/विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने बच्चों को विटामिन ए की दवा पिलाकर किया शिशु संरक्षण माह का शुभारम्भ शिशु संरक्षण माह 29 अगस्त से 30 सितम्बर तक होगा आयोजित

 

महासमुंद/ जिला स्तरीय शिशु संरक्षण माह अगस्त-सितम्बर 2025 का शुभारम्भ विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा द्वारा बच्चों को विटामिन ए की दवा पिलाकर किया गया। जिला स्तरीय शिशु संरक्षण माह का आयोजन आज शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नयापारा महासमुंद में किया गया। शुभारम्भ अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री निखिलकांत साहू, विधायक प्रतिनिधि श्री अग्रज शर्मा, पूर्व पार्षद श्री संदीप घोष द्वारा भी बच्चों को विटामिन ए की दवा पिलाई गई।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव एवं टीकाकरण अधिकारी डॉ. अरविन्द गुप्ता द्वारा उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों को शिशु संरक्षण माह के गतिविधियों के संबंध में जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि 29 अगस्त से 30 सितम्बर 2025 तक शिशु संरक्षण माह का आयोजन प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को किया जाएगा। जिसमें 9 माह से 5 वर्ष तक के सभी हितग्राही बच्चों को विटामिन ए की खुराक दी जाएगी। इसी तरह 6 माह से 5 वर्ष तक के सभी हितग्राही बच्चों को आयरन फॉलिक एसिड सिरप दिया जाएगा। साथ ही नियमित टीकाकरण अंतर्गत सभी पात्र बच्चे एवं गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण एवं सभी गर्भवती महिलाओं का ए.एन.सी. चेकअप किया जाएगा। इस अवसर पर मेडिकल स्टाफ तथा बच्चे और पालकगण मौजूद थे।

CG News: इच्छा मृत्यु मांगने वाले दिव्यांग भाजपा नेता का AIIMS में शुरू हुआ इलाज, पार्टी ने उठाई जिम्मेदारी

CG News: इच्छा मृत्यु मांगने वाले दिव्यांग भाजपा नेता का AIIMS में शुरू हुआ इलाज, पार्टी ने उठाई जिम्मेदारी

 

छत्तीसगढ़/ बिश्रामपुर सड़क हादसे में दिव्यांग भाजपा नेता बिशंभर यादव द्वारा मुख्यमंत्री से इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगे जाने को लेकर नईदुनिया में प्रकाशित खबर के बाद इंटरनेट मीडिया में भाजपा की हुई जमकर किरकिरी हुई। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा इलाज के लिए उन्हें रायपुर बुलावे के बाद भाजपा के मंत्री, विधायक अपनी पार्टी नेता के उपचार के लिए जोरशोर से सक्रिय हो गए हैं।

बुधवार देर शाम दिव्यांग भाजपा नेता के घर पहुंची कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े व प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह को भी भाजपा नेता ने खरीखोटी सुनाते हुए इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी। उसके बाद मंत्री, विधायक ने तत्काल एंबुलेंस से समुचित उपचार के लिए एम्स हास्पिटल रायपुर के लिए रवाना किया। इधर गुरुवार को दोपहर में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने एम्स अस्पताल पहुंचकर आईसीयू में भर्ती पीड़ित भाजपा नेता से मुलाकात कर उन्हे समुचित उपचार का आश्वासन दिया।

बता दें कि दो वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में शामिल होने बस से रायपुर जाते समय बेमेतरा के समीप सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल भाजपा के तत्कालीन मंडल महामंत्री बिशंभर यादव स्थायी विकलांगता के शिकार हो गए थे। उसके बाद भाजपा संगठन की उपेक्षा से व्यथित होकर उन्होंने मुख्यमंत्री से इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी थी। भाजपा नेता सड़क हादसे की वजह से आर्थिक रूप से बर्बादी की कगार पर पहुंच चुका है।

एंबुलेंस के साथ पहुंची मंत्री, विधायक व भाजपा जिलाध्यक्ष

कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी समेत भाजपा जिलाध्यक्ष मुरली मनोहर सोनी व अन्य पदाधिकारी बुधवार की देर शाम तीन सदस्यीय टीम के साथ एंबुलेंस लेकर पीड़ित बिशंभर के घर ग्राम तेलईकछार पहुंचे। उन्हें समुचित इलाज के साथ ही उनकी समस्याओं का निराकरण का भरोसा दिया गया। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भी मोबाइल के जरिए उनसे बात कर भरोसा दिया कि उनका समुचित उपचार होगा। चिकित्सीय टीम ने मेडिकल रिपोर्ट देखने के बाद उन्हें तत्काल एंबुलेंस में रायपुर के लिए रवाना किया।

एम्स में उपचार शुरू, स्वास्थ्य मंत्री मिलने पहुंचे

गुरुवार सुबह से ही एम्स हॉस्पिटल रायपुर में पीड़ित भाजपा नेता बिशंभर का इलाज शुरू हो गया है। फिलहाल उन्हें आईसीयू में भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है। इधर दोपहर में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने एम्स हॉस्पिटल पहुंचकर उनसे मुलाकात कर उन्हें समुचित उपचार का भरोसा दिया। उन्होंने उनकी हालत के संबंध में डॉक्टरों से जानकारी लेकर समुचित उपचार के निर्देश भी दिए।

CG Coal Scam में आरोपी IAS रानू साहू की बढ़ीं मुश्किलें, PWD करेगी संपत्तियों की जांच

CG Coal Scam में आरोपी IAS रानू साहू की बढ़ीं मुश्किलें, PWD करेगी संपत्तियों की जांच

 

छत्तीसगढ़/ निलंबित आइएएस अधिकारी रानू साहू की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। कोयला घोटाले में अंतरिम जमानत पर रिहा रानू साहू के खिलाफ अब लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने मोर्चा संभाल लिया है। गरियाबंद जिले के तुलसी गांव स्थित उनके मकान, फार्म हाउस और दुकानों की जांच पीडब्ल्यूडी की टीम करेगी। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) और एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने पीडब्ल्यूडी मुख्यालय से इन संपत्तियों की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

पीडब्ल्यूडी ने रायपुर संभाग क्रमांक-दो को जांच की जिम्मेदारी दी है। विभागीय टीम यह पता लगाएगी कि इन भवनों का निर्माण कब हुआ, इसमें कितना खर्च आया और निर्माण में उपयोग की गई सामग्री की मौजूदा कीमत कितनी है। मकान, फार्म हाउस में लगे झूमर, फॉल सीलिंग, मॉड्यूलर किचन, महंगे इलेक्ट्रानिक्स, इंटीरियर डेकोरेशन, फर्नीचर और सबमर्सिबल पंप आदि की भी जांच की जाएगी।

बिना अनुमति के करवाया निर्माण

खास बात यह है कि ये संपत्तियां कृषि भूमि पर स्थित हैं और बिना पंचायत की अनुमति (एनओसी) के निर्माण किया गया है। पंचायत के प्रतिनिधियों के अनुसार यह निर्माण नियमों के विरुद्ध हुआ है और पूर्व में राजस्व विभाग ने जमीन को सील भी किया था। वर्तमान में यहां धूम कैलिफोर्निया नामक रेस्टोरेंट संचालित हो रहा है। तुलसी गांव की कुल करीब 0.622 हेक्टेयर भूमि पर यह निर्माण किया गया है, जो अरुण कुमार साहू और लक्ष्मी साहू के नाम पर दर्ज है।

कोयला घोटाला मामले में निलंबित

गौरतलब है कि 22 जुलाई 2023 को ईडी ने रानू साहू को कोयला और डीएमएफ घोटाले में गिरफ्तार किया था। सुप्रीम कोर्ट से तीन मार्च 2025 को उन्हें सशर्त जमानत मिली, जिसमें कहा गया है कि वह राज्य से बाहर रहेंगी और केवल जांच या सुनवाई के लिए छत्तीसगढ़ आ सकेंगी। ईओडब्ल्यू अब इन संपत्तियों के निर्माण खर्च, अनुमति और वास्तविक आय के बीच अंतर की गहन जांच की जा रही है।

CG Digital Arrest: ED अफसर बनकर महिला से 25 लाख की साइबर ठगी, आरोपी ऐसे निकालता था फर्जी Sim, गिरफ्तार

CG Digital Arrest: ED अफसर बनकर महिला से 25 लाख की साइबर ठगी, आरोपी ऐसे निकालता था फर्जी Sim, गिरफ्तार

 

राजनांदगांव डिजिटल युग में साइबर ठगी का तरीका भी तेजी से बदल रहा है। फर्जी सिम एक्टिव कर कंबोडिया और दुबई के साइबर फ्राड सेंटरों को उपलब्ध कराने और डिजिटल अरेस्ट के इंटरनेशनल गिरोह में शामिल शातिर ठग को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। साइबर ठग आरोपी 34 वर्षीय गुणवंत राम रावमते को बसंतपुर थाना पुलिस ने नागपुर से गिरफ्तार कर लिया है।

एक से 12 अगस्त 2025 के बीच आरोपी गुणवंत राम रावमते ने इंटरनेशनल ठग गिरोह के साथ मिलकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों ने फर्जी सिम के मोबाइल नंबर से स्वयं को ईडी का अधिकारी बताकर पीड़िता को मनी लांड्रिंग केश में फंसने का झांसा दिया। जिसके बाद आरोपियों ने पीड़िता से 25 लाख की साइबर ठगी को अंजाम दिया है।

इस तरह दिया झांसा

आरोपी ने मोबाईल नंबर वाट्सएप यूजर द्वारा स्वयं को फर्जी तरीके से ईडी का अधिकारी बताते हुए पीडिता के बैंक खाता का उपयोग मनी लांड्रिंग के लिए होना बताया। साइबर गिरोह ने पीड़िता को गिरफ्तारी व हिरासत से बचने के लिए डिजिटल अरेस्ट करते हुए वीडियो कॉल पर बने रहने का दवाब बनाया। आरोपियों के अन्य साथियों द्वारा भी वीडियो कॉल के दौरान पीड़िता को प्रभावित करने लिए फर्जी तरीके से ईडी के डायरेक्टर तथा ईडी के जज बनकर बात किया गया।

आरोपियों ने महिला को कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए उसके यूनियन बैंक के खाता क्रमांक में उपलब्ध 25 लाख रुपये को एचडीएफसी बैंक खाता में जमा करने करने कहा। पीड़िता डर के कारण आरोपियों के झांसे में आकर 25 लाख रुपये चेक के माध्यम से उनके खाते में पैसे जमा करवा दिए।

फ्री में रिचार्ज करने के बहाने नए सिम को किया एक्टिव

पुलिस टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्य के आधार पर नागपुर पहुंचकर जिसके नाम से सिम जारी हुई है उस महिला से पूछताछ की गई। पूछताछ में महिला ने पुलिस को बताया कि जनवरी 2025 में उसके मोहल्ले के पास कुछ लोग एयरटेल कंपनी का एजेंट बनकर मुफ्त में सिम पोर्ट फ्री रिचार्ज कर रहे थे। महिला उनके झांसे में आ गई। आरोपियों ने उसके फोटो और आधार कार्ड की मदद से नया सिम कार्ड एक्टिवेट कर लिया। जिसकी उसे जानकारी नहीं हुई। जांच के दौरान एयरटेल पीओएस एजेंट गुणवंत रामराव मते की संलिप्तता पाई गई।

प्रति सिम डेढ़ हजार कमीशन

आरोपी ने फ्राड साइबर सेंटरों को सिम उपलब्ध कराना स्वीकार किया। पुलिस ने बताया कि फर्जी तरीके से एक्टिवेट कर आरोपी द्वारा बेचे गए सिम का दुरूपयोग साइबर धोखाधड़ी के लिए किया गया। इन सिमों का उपयोग कबोडिया और दुबई स्थित कल सेंटर में किया जाता था। आरोपी अपने अन्य साथियों को 1500 रुपये प्रति सीम कमीशन में बेचा था। आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

महासमुंद/खल्लारी में सड़क हादसा: दंपत्ति घायल

महासमुंद/खल्लारी में सड़क हादसा: दंपत्ति घायल, सोहम अस्पताल में भर्ती

 

महासमुंद ग्राम कोल्दा निवासी गणराज साहू एवं उनकी पत्नी राधाबाई साहू 26 अगस्त को मोटरसाइकिल से उपचार के लिए महासमुंद आए थे। इलाज के बाद दोनों अपने घर लौट रहे थे। शाम लगभग 4 बजे जब वे अग्रवाल धर्मकांटा, राष्ट्रीय राजमार्ग 353 खल्लारी के पास पहुँचे, तभी खल्लारी की ओर से तेज रफ्तार और लापरवाहीपूर्वक चल रही पल्सर मोटरसाइकिल (क्रमांक CG 06 GR 2766) ने उनकी बाइक (क्रमांक CG 06 GV 0763) को ओवरटेक करते हुए सामने से जोरदार टक्कर मार दी।

इस दुर्घटना में गणराज साहू गंभीर रूप से घायल हो गए। डॉक्टरों ने उनके कंधे और पसली की हड्डी में फ्रैक्चर बताया है। सिर और हाथ में भी चोटें आई हैं। उनकी पत्नी राधाबाई को भी सिर, चेहरे और कमर पर गंभीर चोटें लगीं। दोनों घायलों को उपचार हेतु सोहम अस्पताल महासमुंद में भर्ती किया गया है।

पुलिस ने प्रार्थी की रिपोर्ट पर आरोपी वाहन चालक के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला 125(a)-BNS, 125(b)-BNS एवं 281-BNS के तहत पंजीबद्ध किया गया है।

महासमुंद/ग्राम शिकारीपाली पुलिया के पास सड़क हादसा, ट्रैक्टर की चपेट में आने से युवक की मौत

महासमुंद/ग्राम शिकारीपाली पुलिया के पास सड़क हादसा, ट्रैक्टर की चपेट में आने से युवक की मौत

 

महासमुंद/थाना तेन्दुकोना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम शिकारीपाली पुलिया के पास गुरुवार 28 अगस्त को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। हादसे में भुरकोनी निवासी 28 वर्षीय धर्मेन्द्र ठाकुर की मौके पर ही मौत हो गई।

मर्ग जांच में सामने आया कि मृतक धर्मेन्द्र ठाकुर सुबह करीब 11 बजे बिना नंबर के लाल रंग के ट्रैक्टर-ट्रॉली में बैठकर भुरकोनी से तेन्दुकोना की ओर जा रहा था। इसी दौरान ट्रैक्टर चालक ने तेज और लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए मुख्य सड़क पर गड्ढे में ट्रैक्टर को उछालकर अचानक ब्रेक मारा। जिससे ट्रैक्टर के बायीं ओर बैठे धर्मेन्द्र नीचे गिर गए और ट्रैक्टर के बड़े पहिये के नीचे दब गए। हादसे में उन्हें पेट, गुप्तांग, जांघ और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की सूचना पर प्रधान आरक्षक गिरधर राम पटेल ने मौके पर पहुंचकर शव पंचनामा कार्यवाही की। परिजनों व गवाहों के कथन एवं घटनास्थल निरीक्षण के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सीएचसी बागबाहरा भेजा गया।

प्रकरण में प्रथम दृष्टया ट्रैक्टर चालक की लापरवाही सामने आने पर पुलिस ने बिना नंबर के ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक के विरुद्ध अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया है।

बागबाहरा पुलिस की कार्रवाई : युवक से 230 ग्राम गांजा जब्त, गिरफ्तार

बागबाहरा पुलिस की कार्रवाई : युवक से 230 ग्राम गांजा जब्त, गिरफ्तार

 

बागबाहरा/महासमुंद। थाना बागबाहरा पुलिस ने नशे के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक युवक को 230 ग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत लगभग 12 हजार रुपये बताई गई है। आरोपी के पास से नगदी 500 रुपये तथा एनडीपीएस एक्ट से संबंधित नोटिस भी जब्त किए गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 28 अगस्त की रात करीब 11:10 बजे मुखबिर से सूचना मिली कि बागबाहरा वार्ड नंबर 15 रावणभाठा निवासी रवि मांझी पिता प्रेम मांझी (उम्र 27 वर्ष) अपने घर के सामने हरे रंग की झिल्ली में गांजा रखकर बिक्री कर रहा है। सूचना पर थाना बागबाहरा के उप निरीक्षक शिवकुमार प्रसाद स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे और स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में आरोपी को पकड़ लिया।

तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से हरे रंग की झिल्ली में 230 ग्राम गांजा, नगदी 500 रुपये और एनडीपीएस एक्ट से संबंधित नोटिस मिले। मौके पर ही तराजू बुलाकर गवाहों की उपस्थिति में गांजे का वजन कराया गया, जो 230 ग्राम निकला।

आरोपी से पूछताछ में उसने गांजे के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया। इसके बाद पुलिस ने गांजे और नगदी रकम को जप्त कर पंचनामा तैयार किया तथा आरोपी को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 (B) II (A) के तहत गिरफ्तार किया।

गिरफ्तारी की सूचना आरोपी के परिजनों को दी गई है। पुलिस ने बताया कि जब्त गांजे का सेम्पल सील कर सुरक्षित रखा गया है और आरोपी के खिलाफ असल अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

CG Electricity Bill: छत्तीसगढ़ में सितंबर से लोगों को लगेगा ‘बिजली का झटका’, 400 यूनिट तक की छूट खत्म

CG Electricity Bill: छत्तीसगढ़ में सितंबर से लोगों को लगेगा ‘बिजली का झटका’, 400 यूनिट तक की छूट खत्म

 

छत्तीसगढ़/रायपुर प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को इस सितंबर से बड़ा झटका लगने वाला है। बीते 6 साल से मिल रही 400 यूनिट तक की बिजली पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी अब खत्म हो चुकी है। राज्य सरकार ने एक अगस्त से ”बिजली बिल हाफ” योजना में बदलाव कर दिया है, जिसका सीधा असर सितंबर में आने वाले बिल पर दिखेगा। अब केवल 100 यूनिट या उससे कम खपत वाले उपभोक्ताओं को ही 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी।

यह बदलाव उन घरेलू उपभोक्ताओं के लिए मासिक बजट बिगाड़ सकता है, जो पहले 400 यूनिट तक की खपत पर 558 रुपये से 1223 रुपये तक की बचत कर रहे थे। एक अगस्त से योजना बंद होने के बाद उन्हें पहले से दोगुना बिल चुकाना पड़ सकता है, जिसका सबसे ज्यादा असर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ेगा।

बढ़ी हुई खपत: अगस्त की उमस भरी गर्मी से राहत पाने के लिए लोगों ने जमकर कूलर और एसी का इस्तेमाल किया, जिससे बिजली की खपत बढ़ गई।

बढ़ी हुई दरें: राज्य सरकार ने एक जुलाई से बिजली की दरों में भी वृद्धि कर दी है, जिससे उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट पहले से अधिक पैसे चुकाने पड़ेंगे।

सब्सिडी में कटौती: सबसे बड़ा झटका ”बिजली बिल हाफ” योजना का दायरा कम होना है। अब 400 यूनिट की बजाय सिर्फ 100 यूनिट तक ही छूट मिलेगी।

गौरतलब है कि राज्य की पिछली भूपेश बघेल सरकार बिजली उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने के लिए बिजली बिल हाफ योजना लेकर आयी थी। जिसके तहत राज्य में 400 युनिट तक उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं के बिल को आधा किया कर दिया था। लेकिन साय सरकार में इस योजना में बदलाव कर दिया गया। बिजली कंपनियों का कहना है कि इस योजना के कारण उन्हें नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

महासमुंद/सीएससी केंद्रों पर श्रमिक पंजीयन शुल्क से अधिक वसूली पर होगी कार्रवाई

महासमुंद/सीएससी केंद्रों पर श्रमिक पंजीयन शुल्क से अधिक वसूली पर होगी कार्रवाई

 

महासमुंद / श्रमायुक्त छत्तीसगढ़ से प्राप्त जानकारी अनुसार कुछ सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) संचालक श्रम विभाग के अधीन संचालित मंडलों में श्रमिकों के पंजीयन व योजना आवेदन के लिए विभाग द्वारा अनुमोदित शुल्क से अधिक राशि वसूल किया जा रहा हैं।

निर्धारित शुल्क के अनुसार श्रमिक पंजीयन हेतु 30 रुपए तथा योजना आवेदन हेतु 20 रुपए निर्धारित है। इसके बावजूद कुछ सीएससी संचालकों द्वारा पंजीयन/आवेदन योजना करने के लिए श्रमिकों से 1000 से 1500 रुपए तक लिया जा रहा है।

श्रम पदाधिकारी ने निर्देशानुसार जिले के सभी सीएससी केंद्रों पर शुल्क संबंधी सूचना अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने और श्रमिकों से केवल निर्धारित राशि लिए जाने निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित राशि से अधिक वसूली की शिकायत मिलने पर संबंधित संचालक के विरुद्ध यथोचित जांच कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।