महासमुंद/आकांक्षी जिला कार्यक्रम के केन्द्रीय प्रभारी अधिकारी श्रीमती अलरमेलमंगई डी ने किया ग्राम गोड़बहाल का दौरा
महासमुंद/सभी संकेतकों को पूर्ण कर ऑनलाइन एंट्री करने के दिए निर्देश महिला समूहों द्वारा बनाए जा रहे फ्लाई ऐश, मिट्टीकला, दूध उत्पादन के पैकेजिंग एवं ब्रांडिंग पर विशेष जोर संयुक्त सचिव भारत सरकार नई दिल्ली एवं जिले के केन्द्रीय प्रभारी अधिकारी, आकांक्षी जिला कार्यक्रम श्रीमती अलरमेलमंगई डी ने आज पिथौरा के गोड़बहाल में जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर जिला कार्यक्रम एवं पिथौरा में आकांक्षी विकासखंड के अंतर्गत चल रहे विकास कार्यों, शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कृषि, कौशल विकास, वित्तीय समावेश एवं बुनियादी ढांचे में सुधार को लेकर विभागीय प्रदर्शन की विस्तृत समीक्षा की।
पिथौरा रेस्ट हाउस में जिला अधिकारियों की बैठक में उन्होंने कहा कि महासमुंद में सभी विभागों के समन्वित प्रयास से नीति आयोग द्वारा दिए गए लक्ष्यों को पूर्ण करने में बेहतर कार्य किया गया है। इसे और तेजी से पूर्ण करने की आवश्यकता है। बता दें कि विकासखण्ड स्तर पर 6 संकेतांक में से 5 संकेतांक को शत प्रतिशत पूर्ण किया जा चुका है। जबकि जिला स्तर पर 3 संकेतांक को पूर्ण किया गया है। श्रीमती अलरमेलमंगई डी ने सभी संकेतांको को पूर्ण करते हुए अनिवार्य रूप से पोर्टल में एंट्री करने के निर्देश दिए हैं।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, अनुविभागीय अधिकारी श्री बजरंग वर्मा, जनपद सीईओ श्री चंद्रप्रकाश मनहर सहित जिला स्तरीय अधिकारी एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
इसके पूर्व केन्द्रीय प्रभारी अधिकारी श्रीमती अलरमेलमंगई डी ने ग्राम गोड़बहाल में महिला स्व सहायता समूहों से चर्चा करते हुए उनके कार्यों की सराहना की तथा समूहों की आर्थिक गतिविधियों का और विस्तार किया जाने निर्देशित किया गया। उन्होंने बैंकिंग सुविधाओं को सुदृढ़ और सुगम बनाने पर विशेष जोर दिया ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को मजबूती मिले।
केन्द्रीय प्रभारी अधिकारी ने ग्रामीण औद्योगिक पार्क में महिला समूह द्वारा दुग्ध उत्पादन, फ्लाई एश ब्रिक्श और मिट्टीकला के निर्माण की सराहना करते हुए कहा कि इसकी पैकेजिंग, ब्रांडंग और मार्केटिंग पर विशेष जोर दिया जाए। उन्होंने कहा कि अपने उत्पादों की प्रचार प्रसार भी सुनिश्चित करें। बाजार में मांग को देखते हुए इसके स्थानीय एवं राजधानी स्तर पर आउटलेट भी खोला जा सकता है।
स्वास्थ्य और पोषण को लेकर उन्होंने कुपोषित बच्चों की पहचान एवं सघन मॉनिटरिंग करने, न्यू बॉर्न केयर यूनिट में भर्ती और पोषण ट्रैकर से निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने मितानिन, महिला एवं बाल विकास और स्वास्थ्य विभाग के बीच समन्वय से डाटा संकलन करने कहा। उन्होंने सभी विभागों से आपसी समन्वय और सूचकांकों के सतत सुधार की रणनीति पर कार्य करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को योजनाओं की जमीनी स्तर पर जांच के लिए फील्ड विजिट करने और लाभार्थियों से फीडबैक लेने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार ने जिले की प्रगति और लक्ष्यों की पूर्ति को प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि जिले में आकांक्षी जिला कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षा, स्वच्छता, जल प्रबंधन, महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में निरंतर विकास के लिए प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 55 ग्राम पंचायतों को ओडीएफ प्लस मॉडल का दर्जा प्राप्त हुआ है और 98 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया गया है।
ब्लॉक में 84 प्रतिशत परिवारों को फंक्शनल नल जल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है। सभी गांव खुले में शौच से मुक्त घोषित हो चुके हैं। 100 पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत घोषित किया गया है 112 सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। 400 से अधिक एनीमिया पीड़ित किशोरियाँ अब स्वस्थ हो चुकी हैं। 51 बच्चे गंभीर कुपोषण श्रेणी से बाहर आ चुके हैं।
महिला सशक्तिकरण और आर्थिक समृद्धि की दिशा में 6 स्वयं सहायता समूहों ने अपने उत्पादों के लिए ट्रेडमार्क प्राप्त किया है। अधिकांश स्वयं सहायता समूह आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से संलग्न हैं। कृषि के क्षेत्र में पिथौरा ब्लॉक के 27461 किसानों को केसीसी के माध्यम से 176.35 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया है। 23000 किसान पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी हैं। 1160 मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनाए गए हैं। ब्लॉक में सभी पशुओं को एफएमडी टीका लगाया जा चुका है। डिजिटल और वित्तीय समावेशन के लिए 614 बैंकिंग टच पॉइंट (बैंक शाखा, बीसी केंद्र) ब्लॉक में कार्यरत हैं।
पीएम डिजिटल साक्षरता अभियान के अंतर्गत 250 नागरिकों को डिजिटल प्रमाणन प्रदान किया गया है। 86 प्रतिशत से अधिक नागरिकों के आयुष्मान भारत कार्ड बनाए गए हैं। बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, महिला एवं बाल विकास, और अन्य विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि हाल ही में पिथौरा विकासखण्ड को उल्लेखनीय प्रदर्शन के लिए राज्य स्तर पर सिल्वर मेडल एवं जिला स्तर पर ताम्र पदक से सम्मानित किया गया है