Friday, March 20, 2026
छत्तीसगढ़इस साल होगी झमाझम बारिश, ला नीना के प्रभाव से बेहतर रहेगा...

इस साल होगी झमाझम बारिश, ला नीना के प्रभाव से बेहतर रहेगा मानसून, IMD ने दी जानकारी!

IMD की तरफ से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक इस साल मॉनसून की आवक से पहले अल नीनो न्‍यूट्रल हो जाएगा. इसके साथ ही जुलाई से La Nina के एक्‍टिव होने की संभावना है. इस वजह से मॉनसून में सामान्‍य से अधिक बारिश देश के अधिकांश राज्‍यों में दर्ज की जा सकती है.
L Nino का असर बीते साल देश ने देखा. जून 2023 से एक्‍टिव हुए अल नीनो की वजह से मॉनसून में भी कई राज्‍य सूखे रहे. 100 सालों में अगस्‍त का महीना सबसे सूखा दर्ज किया गया. मसलन, अल नीनो की वजह से मॉनसून में हुई कम बारिश के चलते देश के 25 फीसदी भाग में सूखा, 40 फीसदी भाग में कम बारिश दर्ज की गई है, इस वजह से देश के कई राज्‍यों में नदियों और भूजल स्‍तर में गिरावट देखी गई. अब फिर से दक्षिण-पश्‍चिम मॉनसून के सक्रिय होने का समय आ रहा है. इसको लेकर भी IMD पूर्वानुमान जारी कर चुका है.

IMG-20250916-WA0012(2)
IMG-20250910-WA0001(2)
IMG-20250901-WA0011
IMG-20250908-WA0014(1)
WhatsApp-Image-2025-08-01-at-09.59.00_bcc6eb55 (1)
IMG-20250923-WA0011 (2)
WhatsApp-Image-2025-09-21-at-15.05.31_f88b8d4c
IMG-20251008-WA0036(1)
GridArt_20251009_232600188
IMG-20251014-WA0016(1)
IMG_20251014_223411
GridArt_20251014_224215691
GridArt_20251014_225846989
GridArt_20251014_230348033
GridArt_20251211_151829804
IMG-20260127-WA0008
GridArt_20260131_111915253

IMD की तरफ से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक इस साल मॉनसून की आवक से पहले अल नीनो न्‍यूट्रल हो जाएगा. इसके साथ ही जुलाई से La Nina के एक्‍टिव होने की संभावना है. इस वजह से मॉनसून में सामान्‍य से अधिक बारिश देश के अधिकांश राज्‍यों में दर्ज की जा सकती है. आइए इसी कड़ी में समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर क्‍यों La Nina को मॉनसून में बेहतर बारिश की गांरटी माना जा रहा है.

WhatsApp Image 2025-09-21 at 15.05.29_0f650f3a
IMG-20250901-WA0010(1)
IMG-20250923-WA0011(1)
IMG-20250923-WA0012(1)
IMG-20250925-WA0012
IMG-20250930-WA0008(1)
IMG-20250928-WA0004
IMG-20251008-WA0035(1)
GridArt_20251014_224656444
GridArt_20251014_225226326
GridArt_20251014_230804378
GridArt_20251211_151017347
GridArt_20260131_112311586

La Nina क्‍या है
ला नीना को अल नीनो को विरोधी भी कहा जाता है. स्‍पेनिश में अल नीनो का मतलब छोटा लड़का है तो वहीं ला नीना का मतलब छोटी लड़की है. अल नीनो को जहां सूखे या तापमान में बढ़ोतरी के लिए जाना चाहता है तो वहीं ला नीना को तापमान में गिरावट यानी ठंड में बढ़ोतरी के लिए जाना जाता है. असल में ट्रेड विंंड के अधिक तेज होने की वजह से ला नीना एक्‍टिव होता है. इन हवाएं के तेज होने से गर्म पानी पश्‍चिमी प्रशांत महासागर की ओर जमा हो जाता है तो वहीं ठंडा पानी मध्‍य और पूर्वी प्रशांत महासागर की ओर जमा हो जाता है. इस कारण प्रशांत महासागर का पानी सामान्य तापमान से कम हो जाता है,जो जेट स्‍ट्रीम को उत्‍तर की ओर धकेलता है. इससे दुनिया के कई देशों के मौसम में व्‍यापक बदलाव होता है. ला नीना अक्सर अल नीनो के बाद सक्रिय होता है.

IMG-20250913-WA0022
IMG-20250816-WA0034
IMG_20251004_021325
IMG_20251004_020844
IMG-20250923-WA00131
IMG-20251014-WA0015

La Nina और मॉनसून में बारिश का कनेक्‍शन
ला नीना से भारत समेत एशिया के मौसम में भी बदलाव होता है. असल में प्रशांत महासागर के पानी के ठंड होने से यानी ला नीना के प्रभाव के भारत के संदर्भ की बात करें तो ला नीना पूरे भारत और दक्षिण पूर्व एशिया में भारी मानसून पैदा करता है.

IMG-20251203-WA0002
IMG-20251203-WA0005
IMG-20251203-WA0006

असल में ला नीना पश्चिमी प्रशांत, हिंद महासागर और सोमालिया के तट पर उच्च तापमान पैदा करता है. इसके कारण पूरे भारत में भारी माॅनसूनी वर्षा होती है. इसी तरह इससे पेरू और इक्वाडोर में सूखे जैसी स्थिति पैदा हो जाती है. तो वहीं दक्षिणपूर्वी अफ्रीका में ठंडी सर्दियां और दक्षिणी संयुक्त राज्य अमेरिका में ठंड बढ़ती है. इसके कारण ऑस्ट्रेलिया में भारी बाढ़ आती है.

IMG-20251203-WA0004
GridArt_20251211_151829804
GridArt_20251211_152241225
IMG-20251211-WA0029

La Nina काे लेकर पुराना अनुभव क्‍या है
ला नीना और मॉनसून का पुराना कनेक्‍शन रहा है. असल में प्रत्‍येक 2 से 7 साल के बीच अल नीनो और ला नीना की परिस्‍थतियां बनती हैं. ऐसे में इससे पहले भी अल नीनो और ला नीना मॉनसून को प्रभावित कर चुके हैं. भारतीय मौसम विभाग यानी IMD के आंकड़ों के साल 1953 से 2023 के बीच कुल 22 ला नीना साल दर्ज किए गए हैं, जिसमें से सिर्फ दो बार यानी साल 1974 और 2000 के मॉनसून सीजन में सामान्‍य से कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि बाकी सालों के मॉनसून में सामान्‍य से अधिक, अधिक बारिश दर्ज की गई है.

WhatsApp Image 2025-08-01 at 09.58.59_16c64a20
WhatsApp Image 2025-08-01 at 09.58.59_3be423df
WhatsApp Image 2025-08-01 at 09.59.01_6e96dcfe
IMG-20250916-WA0013(1)
IMG-20250916-WA0008(1)
IMG-20250923-WA0013(1)
IMG-20251009-WA0005(1)
spot_img

ADV.

spot_img
RECENT POSTS

छत्तीसगढ़ : आबकारी आरक्षक के 200 पदों पर भर्ती हेतु अंतिम चयन परिणाम जारी 

छत्तीसगढ़ : आबकारी आरक्षक के 200 पदों पर भर्ती हेतु अंतिम चयन परिणाम जारी आबकारी विभाग के अंतर्गत आबकारी आरक्षक के रिक्त 200 पदों की...

हेल्थ प्लस

बसना: अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल बसना में विशेषज्ञ डॉक्टरों के विशेष शिविर, तीन दिनों तक मिलेगी सुपर स्पेशलिटी सेवाएं

अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल बसना में विशेषज्ञ डॉक्टरों के विशेष शिविर, तीन दिनों तक मिलेगी सुपर स्पेशलिटी सेवाएं बसना। क्षेत्रवासियों को बेहतर एवं आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध...