सरायपाली भाजपा मंडल अध्यक्ष गुंजन अग्रवाल ने लगाया कांग्रेस पर आरोप
दिनांक 7 मार्च को दैनिक अखबार के संदर्भ में यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि जिन विकास कार्यों की स्वीकृति का उल्लेख किया गया है, उनका श्रेय सरायपाली विधायक श्रीमती चातुरी नंद द्वारा लिया जा रहा है, जबकि वास्तविकता इससे भिन्न है।
वास्तव में उक्त विकास कार्यों की स्वीकृति सरायपाली जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी हरिश्चन्द्र पटेल द्वारा अपने आधिकारिक लेटरहेड के माध्यम से छत्तीसगढ़ शासन के वित्त मंत्री माननीय ओ.पी. चौधरी को भेजी गई अनुशंसा के आधार पर प्राप्त हुई है। इन कार्यों को स्वीकृति दिलाने की प्रक्रिया में आवश्यक पत्राचार, अनुशंसा तथा निरंतर प्रयास जनपद अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी हरिश्चन्द्र पटेल द्वारा किए गए थे।
साथ ही, इन विकास कार्यों की स्वीकृति सुनिश्चित कराने में महासमुंद जिले की सांसद श्रीमति रूपकुमारी चौधरी जी एवं अन्य वरिष्ठ भा ज पा के नेताओं पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ साथ श्रीमती लक्ष्मी हरिश्चन्द्र पटेल के सुपुत्र एवं भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिला सह-संयोजक डॉ. प्रकाश पटेल का विशेष योगदान एवं अथक प्रयास रहा है। उन्होंने संबंधित विभागों एवं शासन स्तर पर लगातार संपर्क कर क्षेत्र की आवश्यकताओं को प्रमुखता से रखते हुए इन कार्यों को स्वीकृति दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
दुर्भाग्यवश, उक्त कार्यों की स्वीकृति के बाद कुछ लोगों द्वारा इसका श्रेय लेने का प्रयास किया जा रहा है, जो कि तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है। बिना किसी प्रत्यक्ष प्रयास या पहल के इस प्रकार का श्रेय लेना न केवल वास्तविकता से परे है, बल्कि क्षेत्र की जनता के बीच भ्रामक स्थिति उत्पन्न करने वाला भी है।
सरायपाली क्षेत्र की जनता भली-भांति जानती है कि विकास कार्यों के लिए किसके द्वारा निरंतर प्रयास किए गए हैं और किसने शासन स्तर पर पहल कर क्षेत्र के हित में कार्यों की स्वीकृति दिलाने में भूमिका निभाई है। जनपद अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी हरिश्चन्द्र पटेल की पहल तथा डॉ. प्रकाश चन्द्र पटेल के सतत प्रयासों के फलस्वरूप ही ये विकास कार्य संभव हो पाए हैं।
अतः संबंधित समाचार के संदर्भ में यह स्पष्ट किया जाता है कि इन विकास कार्यों का वास्तविक श्रेय जनपद अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी हरिश्चन्द्र पटेल की पहल और डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल के अथक प्रयासों को ही जाता है। साथ ही यह अपेक्षा की जाती है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की जानकारी प्रकाशित करते समय तथ्यों की सत्यता की पुष्टि कर ही प्रस्तुत किया जाए, ताकि क्षेत्र की जनता के समक्ष सही और पारदर्शी जानकारी पहुंच सके तथा किसी प्रकार का भ्रम उत्पन्न न हो।



