महासमुंद/ पिथौरा योग माया हत्याकांड किशनपुर पती पत्नी दो मासूम बच्चो की हुई थी गला रेत कर वीभत्स हत्या
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के पिथौरा थाना अंतर्गत किशनपुर में 30-31 मई 2018 में हुए योगमाया हत्याकांड मामले (Kishanpur Murder Case) में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सभी 5 दोषियों की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा दिनांक: 30-31 मई 2018 की दरमियानी रात |पीड़ित: उप स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ एएनएम (ANM) योगमाया साहू, उनके पति चेतन साहू और उनके दो मासूम बेटे (तन्मय और कुणाल) |वारदात: अज्ञात हमलावरों ने घर में घुसकर धारदार हथियार और फावड़े से बेरहमी से चारों लोगों की हत्या कर दी थी |जांच और कानूनी कार्यवाहीगिरफ्तारी: पहले पुलिस ने धर्मेंद्र बरिहा को गिरफ्तार किया था | उसके नार्को टेस्ट के आधार पर गांव के तत्कालीन सरपंच सुरेश खुंटे, फूलसिंग यादव, गौरीशंकर कैवर्त और अखंडल प्रधान को भी आरोपी बनाया गया |सीबीआई जांच: परिजनों द्वारा पुलिस जांच पर असंतोष जताने पर 2022 में बिलासपुर हाईकोर्ट ने इस मामले की जांच सीबीआई (CBI) को सौंप दी थी |फैसला: दिसंबर 2023 में महासमुंद की अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने सभी 5 आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई |वर्तमान अपडेट: फरवरी 2025 में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए आरोपियों की अपील खारिज कर दी और आजीवन कारावास की सजा पर मुहर लगा दी |
*लेटेस्ट अपडेट*
12 मई को सुप्रीम कोर्ट ने गौरीशंकर एव फुल सिंग की जमानत मंजूर की है आरोपियो ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट मे सभी ने अर्जी लगाई है एक दो माह मे फैसले आने वाले है



