पिथौरा/ सदमे में तालाब मालिक की हालत बिगड़ी अस्पताल में भर्ती तालाब में जहर डालने से हजारों मछलियों की मौत, लाखों का नुकसान, थाना कर रही है जांच
महाजनपद न्यूज रिपोर्ट हेमन्त वैष्णव सांकरा/महासमुंद, 8 जून। ग्राम पंचायत नवागांव के आश्रित ग्राम केसरीपुर में स्थित एक निजी तालाब में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा जहरीला पदार्थ डालने का मामला सामने आया है। घटना के बाद तालाब में पाली गई हजारों मछलियां मर गईं, जिससे तालाब मालिकों को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है। मामले की शिकायत सांकरा थाना में की गई है तथा पुलिस जांच में जुटी हुई है।
जानकारी के अनुसार ग्राम केसरीपुर स्थित लगभग 12 से 13 एकड़ क्षेत्रफल वाले तालाब में मोहन पटेल, चंद्रमणि पटेल एवं परमानंद पटेल द्वारा मछली पालन किया जा रहा था। सोमवार सुबह ग्रामीणों ने तालाब में बड़ी संख्या में मछलियों को मृत एवं तड़पती हुई अवस्था में देखा। मृत मछलियों में करीब 2 किलो तक वजन वाली बड़ी मछलियां भी शामिल हैं। ग्रामीणों के अनुसार सुबह तक लगभग 5 क्विंटल मछलियां तालाब से बाहर निकल चुकी थीं, जबकि तालाब में अभी भी बड़ी संख्या में मृत एवं अर्धमृत मछलियां मौजूद हैं।
घटनास्थल के आसपास संदिग्ध जहरीले पदार्थ की एक बोतल मिलने की जानकारी भी सामने आई है। इसके बाद ग्रामीणों ने तालाब में जानबूझकर जहर डाले जाने की आशंका व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
जलीय जीवों का भी भारी नुकसान
ग्रामीणों के अनुसार घटना में केवल मछलियां ही नहीं बल्कि तालाब में रहने वाले मेंढक, केकड़े, घोंघे, झींगा प्रजातियां तथा अन्य जलीय जीव भी प्रभावित हुए हैं। बड़ी संख्या में जलीय जीव मृत अवस्था में पानी की सतह पर दिखाई दे रहे हैं। इससे तालाब के जलीय पर्यावरण को भी गंभीर क्षति पहुंची है।
ग्रामीणों और पशुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता
गर्मी के मौसम में तालाब का जलस्तर कम होने के बावजूद 3 गांव के कई लोग इसी तालाब के पानी का उपयोग नहाने-धोने सहित अन्य कार्यों के लिए करते थे। ग्रामीणों का कहना है कि बीती रात कई मवेशियों ने भी इसी तालाब का पानी पिया होगा। ऐसे में पशुओं के स्वास्थ्य पर भी खतरा उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पशु चिकित्सा विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर स्थिति का परीक्षण कराने की मांग की है।
सदमे से बिगड़ी तालाब मालिक की तबीयत
परिजनों के अनुसार जब तालाब में मालिक मोहन पटेल ने पाली गई हजारों मछलियों को मृत अवस्था में देखा तो उन्हें गहरा सदमा लगा। घटना के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिवार ने बताया कि उन्हें उपचार के लिए रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
पुलिस जांच में जुटी
तालाब मालिक मोहन पटेल, चंद्रमणि पटेल एवं परमानंद पटेल द्वारा सांकरा थाना में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते दोषियों का पता नहीं लगाया गया तो ऐसी घटनाएं भविष्य में भी दोहराई जा सकती हैं।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
ग्रामीणों ने प्रशासन से तालाब के पानी की वैज्ञानिक जांच, मृत मछलियों एवं अन्य जलीय जीवों का परीक्षण, घटनास्थल से मिली संदिग्ध बोतल की फोरेंसिक जांच तथा दोषियों की शीघ्र पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही प्रभावित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग भी की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह घटना केवल मछलियों की मौत तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे एक परिवार की आजीविका, ग्रामीणों की सुरक्षा तथा स्थानीय पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। अब पूरे क्षेत्र की नजर प्रशासनिक जांच और दोषियों पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई



