पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति पिरदा के धान उपार्जन केंद्र में 17,210.72 क्विंटल धान की हेराफेरी कर शासन को करीब 4 करोड़ 50 लाख रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाई गई थी। मामले में 27 मार्च 2024 को शिकायत दर्ज होने के बाद थाना बसना में अपराध क्रमांक 163/2024 के तहत धारा 420, 409 और 34 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
विवेचना के दौरान पुलिस ने पाया कि धान खरीदी केंद्र में पदस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर धान का गबन किया गया था। मामले में पूर्व में दो आरोपियों की गिरफ्तारी कर उनके विरुद्ध न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया जा चुका है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी थी।
पुलिस की तकनीकी जांच एवं लगातार पतासाजी के बाद सोमवार को मामले के दो मुख्य फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने अपराध को स्वीकार किया तथा जांच में जुटाए गए दस्तावेजी साक्ष्यों से उनकी संलिप्तता भी प्रमाणित हुई।
गिरफ्तार आरोपियों में तत्कालीन व्यवस्थापक एवं खरीदी केंद्र प्रभारी कन्हाई सेठ (59 वर्ष), निवासी रोहिना, थाना सरायपाली तथा तत्कालीन सेल्समैन राजकुमार पटेल (42 वर्ष), निवासी बरेकेल, थाना बसना शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में आर्थिक अपराध, भ्रष्टाचार एवं शासकीय संपत्ति के गबन से जुड़े मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। धान घोटाले के इस मामले में भी सभी दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।



